Friday, 09 Oct 2026 | 07:55 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

3 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘फन्ने खां’ में इंद्रेश मलिक ने अनिल कपूर के साथ एक सीन शूट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था।

‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की।

सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है?

जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं।

‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है।

‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है।

सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था?

जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था।

सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है?

जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला।

सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था?

जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया।

इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है।

इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है।

सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है?

जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई।

सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ?

जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं।

सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था?

जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला।

इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं।

इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं।

सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है?

जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा।

सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद?

जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था।

सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं।

सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया?

जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है।

सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है?

जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं।

सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं?

जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा।

इंद्रेश मलिक 'मधुबाला: एक इश्क एक जुनून', 'यम हैं हम', 'नागिन', 'गुमराह' और 'रात्रि के यात्री' जैसे शोज में काम कर चुके हैं।

इंद्रेश मलिक ‘मधुबाला: एक इश्क एक जुनून’, ‘यम हैं हम’, ‘नागिन’, ‘गुमराह’ और ‘रात्रि के यात्री’ जैसे शोज में काम कर चुके हैं।

सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा?

जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं।

सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है?

जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती है।

सवाल: सफलता मिलने के बाद आपके अंदर कितना बदलाव आया?

जवाब: मेरे अंदर बिल्कुल बदलाव नहीं आया। मैं आज भी वही दिल्ली वाला लड़का हूं। पुराने दोस्त भी कहते हैं कि मैं नहीं बदला। यह सुनकर अच्छा लगता है। रिश्ते निभाना मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है।

सवाल: एक्टिंग के अलावा खाली समय में क्या करना पसंद करते हैं?

जवाब: मैं दूसरे बिजनेस भी देखता हूं। शेर-ओ-शायरी और छोटी कहानियां लिखता हूं, खाना बनाता हूं, कपड़े, बैग और जूते डिजाइन करता हूं। मुझे कुछ नया करना पसंद है। मन नहीं होता तो आराम कर लेता हूं।

सवाल: खाना बनाने का भी शौक है?

जवाब: जी, बहुत। मुझे नई रेसिपी पर प्रयोग करना अच्छा लगता है। दादी-नानी के समय की कई पारंपरिक रेसिपी धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। मैं उन्हें सीखने और संभालने की कोशिश करता हूं। मसाले अलग-अलग जगहों से लाकर खुद तैयार करता हूं। खाना बनाना मेरे लिए थेरेपी है।

सवाल: कभी रेस्टोरेंट खोलने का विचार आया?

जवाब: नहीं। मैं सिर्फ शौक के लिए खाना बनाता हूं। परिवार और खास दोस्तों के लिए बनाता हूं। फिलहाल इसे बिजनेस बनाने का इरादा नहीं है।

सवाल: जो कहानियां और शायरी लिखते हैं, क्या उन्हें पर्दे पर लाने का इरादा है?

जवाब: बिल्कुल। मैं लिखता हूं ताकि एक दिन उन्हें पर्दे पर ला सकूं। यह मेरी मंजिल है और भरोसा है कि सही समय पर ऐसा जरूर होगा।

इंद्रेश मलिक को कहानियां और शायरी लिखने का शौक है।

इंद्रेश मलिक को कहानियां और शायरी लिखने का शौक है।

सवाल: किस तरह की शायरी लिखते हैं?

जवाब: मुझे उर्दू और हिंदी के शब्दों से खेलना पसंद है। मैं शेर-ओ-शायरी लिखता हूं। कविता के नियमों का बड़ा जानकार नहीं हूं, लेकिन दिल से लिखता हूं।

सवाल: हाल ही में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ कैसी लगी?

जवाब: मुझे पसंद आई। खासकर बेदी साहब का किरदार शानदार लगा। रणवीर सिंह सहित टीम ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म का हर छोटा-बड़ा किरदार अच्छे से लिखा और निभाया गया है।

सवाल: अगर ‘धुरंधर’ में काम करने का मौका मिलता, तो कौन-सा किरदार करना पसंद करते?

जवाब: मैं किसी नए किरदार में खुद को देखना पसंद करता। निर्देशक जैसा कहते, उसी हिसाब से मेहनत करता। अगर दूसरा हिस्सा बनता है और मौका मिलता है, तो खुशी होगी।

सवाल: आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स कौन-कौन से हैं?

जवाब: अभी ज्यादा खुलकर नहीं बता सकता। दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने की कोशिश कर रहा हूं। ऐसे किरदार तलाशता हूं, जिनमें कुछ नया करने का मौका मिले।

सवाल: क्या आज भी ऑडिशन देते हैं?

जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन देने में कोई बुराई नहीं है। इससे किरदार समझने का मौका मिलता है। बस शिकायत है कि कई बार ऑडिशन लेने वाले खुद किरदार को ठीक से नहीं समझा पाते।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सोना ₹112 घटकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹416 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

July 15, 2026/
12:35 pm

सोने के दाम में आज यानी 15 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10...

E20 Fuel Engine Performance & LTCG Tax Update

July 21, 2026/
5:00 am

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एथेनॉल से जुड़ी रही। सरकार ने कहा कि देश में...

बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान सस्ते होंगे:ट्राई ने मसौदा पेश किया, सुझाव मांगे; 70% तक घट सकती है कीमत

July 11, 2026/
9:15 am

दूरसंचार नियामक ट्राई ने ग्राहकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का नया मसौदा...

Pakistan vs Australia 1st ODI Live Score: Follow scorecard and live updates from Rawalpindi. (Picture Credit: cricket.com.au)

May 30, 2026/
5:19 pm

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 17:17 IST ऐसा तब हुआ जब कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार...

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जारी की जारी की पहली लिस्ट, भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनौती देंगे शुभेंदु अधिकारी

March 16, 2026/
4:54 pm

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने 144 जनवरी की पहली लिस्ट जारी कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)...

तस्वीर का विवरण

July 2, 2026/
11:11 pm

अगर इंकलाब बंद कमरे में रखा गया है या उसके पीछे से हवा का रास्ता बंद है, तो वह सही...

तस्वीर का विवरण

May 20, 2026/
6:31 pm

सामग्री: 2 कप ठंडा दही, 4 बड़े मोयनी गुलाब, 2 बड़े मोयनी चीनी, 1/2 कप ठंडा दूध, 6 बर्फ के...

IPL का क्वालिफायर-1 आज, बेंगलुरु-गुजरात में मुकाबला:जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी, धर्मशाला में 80% बारिश के आसार

May 26, 2026/
4:03 am

IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

Indresh Malik Heeramandi Star | Pyramid Scheme Fraud

3 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘फन्ने खां’ में इंद्रेश मलिक ने अनिल कपूर के साथ एक सीन शूट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था।

‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की।

सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है?

जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं।

‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है।

‘द पिरामिड स्कीम’ में इंद्रेश मलिक ने दिव्या ज्योति की भूमिका निभाई है।

सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था?

जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था।

सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है?

जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला।

सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था?

जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया।

इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है।

इंद्रेश मलिक ने ‘हीरामंडी’ में उस्ताद का किरदार निभाया था, जो मल्लिकाजान की तवायफों के साथ रहता है।

सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है?

जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई।

सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ?

जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं।

सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था?

जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला।

इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं।

इंद्रेश मलिक संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और सीरीज ‘हीरामंडी’ में काम कर चुके हैं।

सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है?

जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा।

सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद?

जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था।

सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं।

सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया?

जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है।

सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है?

जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं।

सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं?

जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा।

इंद्रेश मलिक 'मधुबाला: एक इश्क एक जुनून', 'यम हैं हम', 'नागिन', 'गुमराह' और 'रात्रि के यात्री' जैसे शोज में काम कर चुके हैं।

इंद्रेश मलिक ‘मधुबाला: एक इश्क एक जुनून’, ‘यम हैं हम’, ‘नागिन’, ‘गुमराह’ और ‘रात्रि के यात्री’ जैसे शोज में काम कर चुके हैं।

सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा?

जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं।

सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है?

जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती है।

सवाल: सफलता मिलने के बाद आपके अंदर कितना बदलाव आया?

जवाब: मेरे अंदर बिल्कुल बदलाव नहीं आया। मैं आज भी वही दिल्ली वाला लड़का हूं। पुराने दोस्त भी कहते हैं कि मैं नहीं बदला। यह सुनकर अच्छा लगता है। रिश्ते निभाना मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है।

सवाल: एक्टिंग के अलावा खाली समय में क्या करना पसंद करते हैं?

जवाब: मैं दूसरे बिजनेस भी देखता हूं। शेर-ओ-शायरी और छोटी कहानियां लिखता हूं, खाना बनाता हूं, कपड़े, बैग और जूते डिजाइन करता हूं। मुझे कुछ नया करना पसंद है। मन नहीं होता तो आराम कर लेता हूं।

सवाल: खाना बनाने का भी शौक है?

जवाब: जी, बहुत। मुझे नई रेसिपी पर प्रयोग करना अच्छा लगता है। दादी-नानी के समय की कई पारंपरिक रेसिपी धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। मैं उन्हें सीखने और संभालने की कोशिश करता हूं। मसाले अलग-अलग जगहों से लाकर खुद तैयार करता हूं। खाना बनाना मेरे लिए थेरेपी है।

सवाल: कभी रेस्टोरेंट खोलने का विचार आया?

जवाब: नहीं। मैं सिर्फ शौक के लिए खाना बनाता हूं। परिवार और खास दोस्तों के लिए बनाता हूं। फिलहाल इसे बिजनेस बनाने का इरादा नहीं है।

सवाल: जो कहानियां और शायरी लिखते हैं, क्या उन्हें पर्दे पर लाने का इरादा है?

जवाब: बिल्कुल। मैं लिखता हूं ताकि एक दिन उन्हें पर्दे पर ला सकूं। यह मेरी मंजिल है और भरोसा है कि सही समय पर ऐसा जरूर होगा।

इंद्रेश मलिक को कहानियां और शायरी लिखने का शौक है।

इंद्रेश मलिक को कहानियां और शायरी लिखने का शौक है।

सवाल: किस तरह की शायरी लिखते हैं?

जवाब: मुझे उर्दू और हिंदी के शब्दों से खेलना पसंद है। मैं शेर-ओ-शायरी लिखता हूं। कविता के नियमों का बड़ा जानकार नहीं हूं, लेकिन दिल से लिखता हूं।

सवाल: हाल ही में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ कैसी लगी?

जवाब: मुझे पसंद आई। खासकर बेदी साहब का किरदार शानदार लगा। रणवीर सिंह सहित टीम ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म का हर छोटा-बड़ा किरदार अच्छे से लिखा और निभाया गया है।

सवाल: अगर ‘धुरंधर’ में काम करने का मौका मिलता, तो कौन-सा किरदार करना पसंद करते?

जवाब: मैं किसी नए किरदार में खुद को देखना पसंद करता। निर्देशक जैसा कहते, उसी हिसाब से मेहनत करता। अगर दूसरा हिस्सा बनता है और मौका मिलता है, तो खुशी होगी।

सवाल: आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स कौन-कौन से हैं?

जवाब: अभी ज्यादा खुलकर नहीं बता सकता। दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने की कोशिश कर रहा हूं। ऐसे किरदार तलाशता हूं, जिनमें कुछ नया करने का मौका मिले।

सवाल: क्या आज भी ऑडिशन देते हैं?

जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन देने में कोई बुराई नहीं है। इससे किरदार समझने का मौका मिलता है। बस शिकायत है कि कई बार ऑडिशन लेने वाले खुद किरदार को ठीक से नहीं समझा पाते।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.