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Vikram Bhatt Success Story Facts; Aamir Khan Ghulam – Movies List

Vikram Bhatt Success Story Facts; Aamir Khan Ghulam - Movies List

27 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक विक्रम भट्ट का मानना है कि कई बार निर्देशक के काम को वह पहचान नहीं मिलती, जिसका वह हकदार होता है। हिट फिल्म हो तो तालियां स्टार्स के हिस्से आती हैं, लेकिन फ्लॉप होते ही सबसे पहले कटघरे में डायरेक्टर खड़ा होता है। विक्रम भट्ट इसे फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सच मानते हैं। वह कहते हैं, “हमें फ्लॉप फिल्मों की लाश उठाने के पैसे दिए जाते हैं।” यह उनके चार दशक लंबे करियर का अनुभव है। हॉरर फिल्मों को हिंदी सिनेमा में नई पहचान दिलाने वाले विक्रम भट्ट ने सुपरहिट फिल्मों के साथ फ्लॉप दौर भी देखा। उन्होंने बड़े सितारों के साथ काम किया, नए कलाकारों को लॉन्च किया, निजी विवादों का सामना किया और जेल तक का सफर भी तय किया। इसके बावजूद उनका मानना है कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सफलता नहीं, बल्कि अपने सिद्धांतों पर कायम रहना सबसे जरूरी है। यही वजह है कि उन्होंने स्टार सिस्टम, फिल्मों के क्रेडिट, आमिर खान के साथ दोबारा काम न करने की वजह, अपने संघर्ष और विवादों पर बेबाकी से बात की। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं विक्रम भट्ट के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। शुरुआती मौके से लेकर अलग पहचान बनाने तक विक्रम भट्ट फिल्मी माहौल में बड़े हुए और कम उम्र में ही फिल्म निर्माण से जुड़ गए। शुरुआती दौर में उन्होंने निर्देशन की बारीकियां सीखीं और अपनी फिल्मों के जरिए अलग पहचान बनाई। रोमांटिक और थ्रिलर फिल्मों के बाद उन्होंने हॉरर जॉनर में ऐसा प्रयोग किया, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में अलग मुकाम दिलाया। ‘राज’, ‘1920’, ‘शापित’ और ‘हॉन्टेड 3डी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हॉरर फिल्मों का बड़ा चेहरा बना दिया। उनकी फिल्मों ने साबित किया कि दमदार कहानी और ट्रीटमेंट के दम पर हॉरर भी बॉक्स ऑफिस पर सफल हो सकता है। डायरेक्टर के तौर पर नए और बड़े स्टार्स के साथ काम करने का फर्क अपने लंबे करियर में विक्रम भट्ट ने अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, आमिर खान, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी जैसे बड़े सितारों के साथ-साथ नए कलाकारों के साथ भी काम किया है। उनके मुताबिक दोनों की अपनी-अपनी खूबियां होती हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर के तौर पर नए और बड़े स्टार्स के साथ काम करने में क्या फर्क होता है। विक्रम भट्ट कहते हैं कि नए कलाकार उतने ट्रेंड या मंझे हुए नहीं होते, जितने अनुभवी कलाकार होते हैं। लेकिन उनमें सीखने की इच्छा होती है, जो कई बार स्टार्स में नहीं होती। स्टार्स अपनी तय शैली में काम करना पसंद करते हैं, जबकि डायरेक्टर कई बार कुछ अलग करना चाहता है। इसलिए दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। स्टार्स के साथ काम करने पर फिल्म को अच्छी ओपनिंग और अनुभवी अभिनेता मिलता है। वहीं, नए कलाकारों के साथ एक उत्साही और कुछ कर दिखाने का जज्बा रखने वाला इंसान मिलता है। इसलिए दोनों के अपने-अपने एडवांटेज हैं। विक्रम भट्ट का मानना है कि फिल्म की जिम्मेदारी आखिरकार निर्देशक की होती है। हालांकि सफलता और असफलता का श्रेय बराबर नहीं बंटता। फिल्म की जिम्मेदारी हमेशा डायरेक्टर की होती है विक्रम भट्ट का मानना है कि स्टार हो या न हो, फिल्म की जिम्मेदारी आखिरकार डायरेक्टर की ही होती है। हालांकि बदकिस्मती यह है कि जब किसी स्टार की फिल्म हिट होती है, तो डायरेक्टर को उतना श्रेय नहीं मिलता। काम वह उतना ही करता है, लेकिन फिल्म स्टार की हिट कहलाती है। वह कहते हैं कि उन्हें खुशी है कि फिल्म ‘धुरंधर’ के मामले में उसके डायरेक्टर आदित्य धर का भी नाम लिया जा रहा है। सिर्फ कलाकारों की ही नहीं, बल्कि डायरेक्टर की भी चर्चा हो रही है। वरना अक्सर लोग कहते हैं कि यह फलां स्टार की हिट फिल्म है। यही सबसे बड़ी दिक्कत है। उनके मुताबिक मेहनत सभी बराबर करते हैं। लेकिन जब स्टार की फिल्म नहीं चलती, तब सबसे पहले डायरेक्टर का नाम आता है कि इतने बड़े स्टार के साथ भी फ्लॉप फिल्म बना दी। इसलिए वह मजाक में कहते हैं कि डायरेक्टर को पैसे फ्लॉप फिल्म की लाश उठाने के लिए दिए जाते हैं। हिट सबकी होती है, लेकिन फ्लॉप सिर्फ डायरेक्टर की मानी जाती है। हिट का क्रेडिट स्टार को, फ्लॉप का ठीकरा डायरेक्टर पर विक्रम भट्ट कहते हैं कि यह कोई नई बात नहीं, बल्कि हमेशा से ऐसा ही होता आया है। स्टार एक साथ कई फिल्में करते हैं। अगर उनकी चार फिल्मों में से तीन हिट हो जाएं और आपकी फिल्म फ्लॉप हो जाए, तो लोग यही मानते हैं कि कमी डायरेक्टर में रही होगी। वह कहते हैं कि लोग यह नहीं समझते कि किसी फिल्म को सफल बनाने में सिर्फ स्टार नहीं होता। कोई राइटर कहानी लिखता है, कोई अच्छे डायलॉग देता है, कोई बेहतरीन सीन बनाता है, अच्छे गाने बनते हैं और सही पब्लिसिटी होती है। तब जाकर एक स्टार बनता है। लेकिन जब फिल्म हिट होती है, तो लोग मान लेते हैं कि सिर्फ स्टार ने ही सब कुछ किया है। उनके मुताबिक यह बरसों से चला आ रहा सच है और इसे बदला नहीं जा सकता। यही इंडस्ट्री की हकीकत है, इसलिए इससे लड़ने का कोई मतलब नहीं है। मुझे हमेशा मेरा क्रेडिट मिला विक्रम भट्ट कहते हैं कि खुशकिस्मती से उनके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ कि उनका श्रेय किसी और को मिल गया हो। आमिर खान के साथ काम करने के दौरान भी लोग कहते थे कि हमेशा आमिर को ही क्रेडिट मिलता है, लेकिन ‘गुलाम’ ने उन्हें भी पूरा सम्मान दिया। वह बताते हैं कि किसी ने कभी यह नहीं कहा कि फिल्म आमिर खान ने डायरेक्ट की थी। उन्हें जितना क्रेडिट मिलना चाहिए था, उतना मिला। ‘ आवारा पागल दीवाना’ के लिए भी उन्हें पूरा श्रेय मिला। इसलिए वह मानते हैं कि इस मामले में उनकी किस्मत अच्छी रही। आमिर खान के साथ दोबारा काम क्यों नहीं हुआ? विक्रम भट्ट बताते हैं कि ‘गुलाम’ के समय मुकेश भट्ट और आमिर खान के रिश्ते अच्छे नहीं थे। आमिर शायद उनके साथ आगे काम नहीं करना चाहते थे। यह कोई निजी दुश्मनी नहीं थी, बल्कि दोनों का स्वभाव मेल नहीं खा रहा था। वह कहते हैं कि वह मुकेश भट्ट

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Round Of 16 Starts; Canada Vs Morocco, France Vs Paraguay स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले आज रात से शुरु हो रहे हैं। पहले मैच में मेजबान कनाडा का मुकाबला मोरक्को से होगा। यह मैच रात 10:30 बजे से ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद किलियन एम्बापे की फ्रांस टीम की भिड़ंत पैराग्वे से होगी। एम्बापे इस टूर्नामेंट में 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे है। टीम को उनसे फिर गोल की उम्मीद होगी। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में रात 2:30 बजे से शुरु होगा। मैच 89: कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती कनाडा और मोरक्को के बीच अब तक कुल 2 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार और दोनों में मोरक्को का दबदबा रहा है। मोरक्को ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। मोरक्को पेनाल्टी शूटआउट में जीता, कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराया कनाडा ने राउंड ऑफ 32 में साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया था। बोस्निया से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। वहीं स्विट्जरलैंड से उसे 2-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में रोमांचक जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में उसने 3-2 जीत हासिल की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं ब्राजील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से अच्छे खेल की उम्मीद होगी। वहीं मोरक्को स्टार विंगर हाकिम जियेच और डिफेंडर अचराफ हकीमी के अनुभव पर भरोसा करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल। मैच 90: फ्रांस और पैराग्वे की वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पैराग्वे और फ्रांस के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से हराया था। वहीं 1998 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में ही फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस अब तक नहीं हारी, पैराग्वे ने जर्मनी को हराया फ्रांस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में टीम ने शानदार जीत हासिल की। उसने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। फुल टाइम तक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया। ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वहीं अमेरिका के खिलाफ 4-1 से हार मिली। पैराग्वे को स्टार खिलाड़ी जूलियो एनसिसो और जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी बचाने वाले गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं फ्रांस एम्बापे के आक्रामक खेल के दम पर मैच को डोमिनेट कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पैराग्वे : ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो, एवलोस। फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भारत-इंग्लैंड दूसरे टी-20 में भी बारिश के आसार:मैनचेस्टर में आज 55% चांस; आर्चर की वापसी, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत-इंग्लैंड दूसरे टी-20 में भी बारिश के आसार:मैनचेस्टर में आज 55% चांस; आर्चर की वापसी, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार शाम 7 बजे मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले मैच की तरह इस मुकाबले में भी बारिश खेल बिगाड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 55% तक बारिश की संभावना है। सीरीज का पहला मुकाबला भी बारिश के कारण बेनतीजा रहा था। वैभव पर सस्पेंस बरकरार इस मुकाबले में एक बार फिर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि, भारत के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल ने संकेत दिए हैं कि युवा बल्लेबाज को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। मॉर्कल ने कहा- दूसरे मुकाबले से टीम ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती। अभिषेक शर्मा टी-20 के नंबर-1 बल्लेबाज हैं। संजू सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। कोचिंग स्टाफ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना जरूरी है। भारत ने 31 में से 18 मुकाबले जीते भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 31 टी-20 इंटरनेशनल खेले गए हैं। इनमें भारत ने 18 और इंग्लैंड ने 12 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। इंग्लैंड में दोनों टीमों के बीच 10 मुकाबले हुए हैं। यहां इंग्लैंड ने 5, भारत ने 4 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ा। दोनों देशों के बीच अब तक 9 टी-20 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारत ने 5, इंग्लैंड ने 3 सीरीज जीती हैं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही। भारत ने पिछली लगातार पांच टी-20 सीरीज में इंग्लैंड को हराया है। पहले मैच में अभिषेक-श्रेयस ने संभाली थी पारी चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी-20 में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने सिर्फ 6 रन पर 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अभिषेक शर्मा (59 रन, 24 गेंद) और कप्तान श्रेयस अय्यर (68 रन, 47 गेंद) ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर भारत को 189/7 तक पहुंचाया। हालांकि बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी। अभिषेक ने इंग्लैंड के खिलाफ 7 टी-20 पारियों में 347 रन 219.62 की स्ट्राइक रेट से बनाए हैं। ईशान और अर्शदीप भारत के टॉप परफॉर्मर भारत के लिए इस साल ईशान किशन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 16 टी-20 मैचों में 545 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 199.63 रहा है। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 15 मैचों में 21 विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज का स्थान हासिल किया है। बेथेल ने इस साल 305 रन बनाए इंग्लैंड के लिए जैकब बेथेल ने 2026 में 12 टी-20 मैचों में 305 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 143.19 का है और वह एक शतक भी लगा चुके हैं। गेंदबाजी में आदिल रशीद ने सबसे ज्यादा 18 विकेट लिए हैं। वह इस मुकाबले में 2 विकेट लेते ही टी-20 इंटरनेशनल में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे। स्पिनर्स को मदद, यहां की पिच स्कोरिंग है ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच तेज और स्पिन दोनों गेंदबाजों की मददगार मानी जाती है। हालांकि, बल्लेबाजों को भी यहां रन बनाने में दिक्कत नहीं होती। पिछले साल इसी मैदान पर इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 304/2 का स्कोर बनाया था। यह फुल मेंबर टीमों के बीच पहला 300+ टी-20 स्कोर था। इन रिकॉर्ड्स पर रहेगी नजर आर्चर की वापसी, टंग का डेब्यू इंग्लैंड ने दूसरे टी-20 के लिए अपनी प्लेइंग-11 का ऐलान कर दिया है। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की टीम में वापसी हुई है, जबकि जोश टंग टी-20 डेब्यू करेंगे। दोनों खिलाड़ियों को साकिब महमूद और ल्यूक वुड की जगह मौका मिला है। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। भारत की पॉसिबल प्लेइंग-11 संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती। ——————————————- भारत के इंग्लैंड टूर की यह खबर भी पढ़िए… वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित; कोल्स को पहली बार मौका, हैरी ब्रूक करेंगे कप्तानी भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड ने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। ससेक्स के ऑलराउंडर जेम्स कोल्स को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। वहीं तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की करीब आठ महीने बाद वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे नवंबर 2025 में खेला था। पढ़ें पूरी खबर

भारत-इंग्लैंड दूसरे टी-20 में भी बारिश के आसार:मैनचेस्टर में आज 55% चांस; आर्चर की वापसी, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत-इंग्लैंड दूसरे टी-20 में भी बारिश के आसार:मैनचेस्टर में आज 55% चांस; आर्चर की वापसी, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सस्पेंस बरकरार

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार शाम 7 बजे मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले मैच की तरह इस मुकाबले में भी बारिश खेल बिगाड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 55% तक बारिश की संभावना है। सीरीज का पहला मुकाबला भी बारिश के कारण बेनतीजा रहा था। वैभव पर सस्पेंस बरकरार इस मुकाबले में एक बार फिर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि, भारत के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल ने संकेत दिए हैं कि युवा बल्लेबाज को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। मॉर्कल ने कहा- दूसरे मुकाबले से टीम ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहती। अभिषेक शर्मा टी-20 के नंबर-1 बल्लेबाज हैं। संजू सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। कोचिंग स्टाफ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना जरूरी है। भारत ने 31 में से 18 मुकाबले जीते भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 31 टी-20 इंटरनेशनल खेले गए हैं। इनमें भारत ने 18 और इंग्लैंड ने 12 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। इंग्लैंड में दोनों टीमों के बीच 10 मुकाबले हुए हैं। यहां इंग्लैंड ने 5, भारत ने 4 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ा। दोनों देशों के बीच अब तक 9 टी-20 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारत ने 5, इंग्लैंड ने 3 सीरीज जीती हैं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही। भारत ने पिछली लगातार पांच टी-20 सीरीज में इंग्लैंड को हराया है। पहले मैच में अभिषेक-श्रेयस ने संभाली थी पारी चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी-20 में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने सिर्फ 6 रन पर 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद अभिषेक शर्मा (59 रन, 24 गेंद) और कप्तान श्रेयस अय्यर (68 रन, 47 गेंद) ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर भारत को 189/7 तक पहुंचाया। हालांकि बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी। अभिषेक ने इंग्लैंड के खिलाफ 7 टी-20 पारियों में 347 रन 219.62 की स्ट्राइक रेट से बनाए हैं। ईशान और अर्शदीप भारत के टॉप परफॉर्मर भारत के लिए इस साल ईशान किशन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 16 टी-20 मैचों में 545 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 199.63 रहा है। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 15 मैचों में 21 विकेट लेकर भारत के सबसे सफल गेंदबाज का स्थान हासिल किया है। बेथेल ने इस साल 305 रन बनाए इंग्लैंड के लिए जैकब बेथेल ने 2026 में 12 टी-20 मैचों में 305 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 143.19 का है और वह एक शतक भी लगा चुके हैं। गेंदबाजी में आदिल रशीद ने सबसे ज्यादा 18 विकेट लिए हैं। वह इस मुकाबले में 2 विकेट लेते ही टी-20 इंटरनेशनल में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन जाएंगे। स्पिनर्स को मदद, यहां की पिच स्कोरिंग है ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच तेज और स्पिन दोनों गेंदबाजों की मददगार मानी जाती है। हालांकि, बल्लेबाजों को भी यहां रन बनाने में दिक्कत नहीं होती। पिछले साल इसी मैदान पर इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 304/2 का स्कोर बनाया था। यह फुल मेंबर टीमों के बीच पहला 300+ टी-20 स्कोर था। इन रिकॉर्ड्स पर रहेगी नजर आर्चर की वापसी, टंग का डेब्यू इंग्लैंड ने दूसरे टी-20 के लिए अपनी प्लेइंग-11 का ऐलान कर दिया है। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की टीम में वापसी हुई है, जबकि जोश टंग टी-20 डेब्यू करेंगे। दोनों खिलाड़ियों को साकिब महमूद और ल्यूक वुड की जगह मौका मिला है। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। भारत की पॉसिबल प्लेइंग-11 संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती। ——————————————- भारत के इंग्लैंड टूर की यह खबर भी पढ़िए… वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड टीम घोषित; कोल्स को पहली बार मौका, हैरी ब्रूक करेंगे कप्तानी भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड ने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। ससेक्स के ऑलराउंडर जेम्स कोल्स को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। वहीं तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की करीब आठ महीने बाद वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे नवंबर 2025 में खेला था। पढ़ें पूरी खबर

Gold Monetization Scheme New Update

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Hindi News Business Gold Monetization Scheme New Update | Jewelers Collection Partners India नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप अपने सोने को बैंक लॉकर की तरह ज्वेलर्स (सर्राफा व्यापारी) के पास भी जमा कर सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले दो हफ्तों के में एक नई और अपडेटेड ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम’ (GMS) का एलान कर सकती है। नई स्कीम में देशभर के सराफा व्यापारियों को ‘कलेक्शन पार्टनर्स’ के रूप में शामिल किया जा सकता है, जिससे वे आम लोगों से सोना जमा कर सकेंगे। इससे पहले सिर्फ बैंकों को ही सोना जमा करने की अनुमति थी। नई स्कीम से 1000 टन सोना जुटाने की उम्मीद ‘ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन’ (AIJGF) ने कहा है कि नए फ्रेमवर्क के तहत ज्वेलर्स को कलेक्शन पार्टनर बनाने से घरों में रखे सोने को इकट्ठा करने में तेजी आएगी। इससे उम्मीद है कि सरकार बाजार से 1000 टन से ज्यादा सोना जुटा सकेगी। भारत के सराफा व्यापारियों और ज्वेलरी एसोसिएशन्स ने सरकार से इस योजना के नियमों में बदलाव करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि देश में सोने की डिमांड और इस सेक्टर से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर कोई असर न पड़े, साथ ही विदेशों से होने वाला सोने का आयात भी कम हो जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने का सिर्फ 5% हिस्सा भी इस नई स्कीम में जमा होता है, तो इससे देश के बाजार में करीब 90 अरब डॉलर (लगभग 8.57 लाख करोड़ रुपए) की नकदी आ जाएगी। सरकार का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की बात कही थी। नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से के फायदे घर बैठे सोने से कमाई: घरों में बेकार पड़ा सोना अब बैंक लॉकर में रखने के बजाय इस स्कीम में जमा करके हर साल 2.25% से 2.5% तक ब्याज कमाया जा सकेगा। सुविधा: पहले सोना जमा करने के लिए सिर्फ चुनिंदा बैंकों में जाना पड़ता था, जो काफी झंझट भरा था। अब लोग अपने आस-पास के भरोसेमंद ज्वेलर्स के पास जाकर आसानी से सोना जमा कर सकेंगे। लॉकर के खर्च से मुक्ति: घर में सोना रखने पर चोरी का डर रहता है और बैंक लॉकर के लिए हर साल किराया देना पड़ता है। इस स्कीम में सोना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और लॉकर का खर्च भी बचेगा। मैच्योरिटी पर विकल्प: जब स्कीम का समय पूरा होगा (मैच्योरिटी पर), तो आम आदमी के पास विकल्प होगा कि वह रुपए या फिर फिजिकल गोल्ड के रूप में अपनी रकम वापस ले सके। टैक्स और कागजी कार्रवाई का डर कम होगा: नई स्कीम का ढांचा इस तरह तैयार किया जा रहा है जिससे आम परिवारों को पुराने सोने पर टैक्स स्क्रूटनी (जांच) और पुराने बिल या दस्तावेज दिखाने का डर कम हो सके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News Business Gold Monetization Scheme New Update | Jewelers Collection Partners India नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक अब आप अपने सोने को बैंक लॉकर की तरह ज्वेलर्स (सर्राफा व्यापारी) के पास भी जमा कर सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले दो हफ्तों के में एक नई और अपडेटेड ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम’ (GMS) का एलान कर सकती है। नई स्कीम में देशभर के सराफा व्यापारियों को ‘कलेक्शन पार्टनर्स’ के रूप में शामिल किया जा सकता है, जिससे वे आम लोगों से सोना जमा कर सकेंगे। इससे पहले सिर्फ बैंकों को ही सोना जमा करने की अनुमति थी। नई स्कीम से 1000 टन सोना जुटाने की उम्मीद ‘ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन’ (AIJGF) ने कहा है कि नए फ्रेमवर्क के तहत ज्वेलर्स को कलेक्शन पार्टनर बनाने से घरों में रखे सोने को इकट्ठा करने में तेजी आएगी। इससे उम्मीद है कि सरकार बाजार से 1000 टन से ज्यादा सोना जुटा सकेगी। भारत के सराफा व्यापारियों और ज्वेलरी एसोसिएशन्स ने सरकार से इस योजना के नियमों में बदलाव करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि देश में सोने की डिमांड और इस सेक्टर से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर कोई असर न पड़े, साथ ही विदेशों से होने वाला सोने का आयात भी कम हो जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने का सिर्फ 5% हिस्सा भी इस नई स्कीम में जमा होता है, तो इससे देश के बाजार में करीब 90 अरब डॉलर (लगभग 8.57 लाख करोड़ रुपए) की नकदी आ जाएगी। सरकार का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की बात कही थी। नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से के फायदे घर बैठे सोने से कमाई: घरों में बेकार पड़ा सोना अब बैंक लॉकर में रखने के बजाय इस स्कीम में जमा करके हर साल 2.25% से 2.5% तक ब्याज कमाया जा सकेगा। सुविधा: पहले सोना जमा करने के लिए सिर्फ चुनिंदा बैंकों में जाना पड़ता था, जो काफी झंझट भरा था। अब लोग अपने आस-पास के भरोसेमंद ज्वेलर्स के पास जाकर आसानी से सोना जमा कर सकेंगे। लॉकर के खर्च से मुक्ति: घर में सोना रखने पर चोरी का डर रहता है और बैंक लॉकर के लिए हर साल किराया देना पड़ता है। इस स्कीम में सोना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और लॉकर का खर्च भी बचेगा। मैच्योरिटी पर विकल्प: जब स्कीम का समय पूरा होगा (मैच्योरिटी पर), तो आम आदमी के पास विकल्प होगा कि वह रुपए या फिर फिजिकल गोल्ड के रूप में अपनी रकम वापस ले सके। टैक्स और कागजी कार्रवाई का डर कम होगा: नई स्कीम का ढांचा इस तरह तैयार किया जा रहा है जिससे आम परिवारों को पुराने सोने पर टैक्स स्क्रूटनी (जांच) और पुराने बिल या दस्तावेज दिखाने का डर कम हो सके। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔