फेडरर को हराने वाला 'कल्ट हीरो' 10 साल बाद लौटा:डिप्रेशन और तंगी झेलने वाले मार्कस विलिस ने पत्नी के कहने पर विम्बलडन में वापसी की

खेल की दुनिया में कुछ कहानियां इतनी फिल्मी होती हैं कि उन पर यकीन करना मुश्किल होता है। ऐसी ही एक कहानी है ब्रिटेन के 35 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी मार्कस विलिस की। 2016 में दुनिया के 772वें नंबर के खिलाड़ी विलिस ने क्वालिफायर से सफर शुरू कर विम्बलडन में रोजर फेडरर के खिलाफ मैच खेला था। हालांकि, वे मैच सीधे सेटों में हार गए थे, लेकिन फेडरर के सिर के ऊपर से लगाए गए उनके एक जादुई ‘लॉब शॉट’ ने उन्हें दुनिया भर में मशहूर कर दिया था। एक दशक बाद, विलिस फिर से विम्बलडन में लौटे हैं, लेकिन बिल्कुल नए रूप और नई भूमिका में। जब अरबपति खिलाड़ी फेडरर से भिड़े थे जंकफूड के शौकीन विलिस 10 साल पहले मुकाबला दो अलग-अलग दुनिया के लोगों के बीच था। एक तरफ दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल फेडरर थे, तो दूसरी तरफ विलिस, जिन्होंने उस पूरे साल टेनिस से सिर्फ 24 हजार रुपए कमाए थे। वे अनफिट थे, जंक फूड के शौकीन थे और खेल छोड़ने वाले थे, लेकिन उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें खेलते रहने के लिए मनाया था। फेडरर से मैच के बाद उन्हें कुछ समय तो खूब शोहरत मिली, टीवी पर इंटरव्यू हुए, लेकिन जल्द ही यह जादू खत्म हो गया। लगातार लगने वाली चोटों और डिप्रेशन के कारण विलिस ने साल 2018 में टेनिस को पूरी तरह अलविदा कह दिया। साल 2020 में कोरोना के दौरान जब पैसों की भारी किल्लत हुई, तो परिवार चलाने के लिए इस खिलाड़ी ने अपने भाई की कंस्ट्रक्शन कंपनी में ईंट बिछाने का काम किया। कुछ समय बाद जब स्थितियां बदलीं, तो एक पारिवारिक मित्र ने उनके पेशेवर कमबैक का खर्च उठाने का फैसला किया। विलिस खुद दोबारा खेलने को लेकर दुविधा में थे, लेकिन पत्नी जेनी ने उनसे कहा, ‘जाओ और खेलो, जिंदगी में ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।’ पत्नी के इसी भरोसे ने उन्हें फिर से कोर्ट पर उतारा। इस बार उन्होंने सिंगल्स के बजाय खुद को डबल्स खिलाड़ी के रूप में ढाला। अब वह दुनिया के 64वें नंबर के डबल्स खिलाड़ी हैं। अब जिंदगी में ड्रामा कम, जिम्मेदारी ज्यादा अब 35 वर्षीय विलिस चार बच्चों के पिता हैं। उनका पूरा दिन बच्चों को स्कूल छोड़ने, उनकी एक्टिविटीज और होमवर्क कराने में बीतता है। टेनिस के साथ-साथ वह अपना एक पॉडकास्ट भी चलाते हैं। विलिस कहते हैं, ‘अब मेरी जिंदगी में ड्रामा कम और गंभीरता ज्यादा है। मैं बस एक बेहतर खिलाड़ी, अच्छा पति और पिता बनने की कोशिश कर रहा हूं। फेडरर के खिलाफ उस मैच के अनुभव ने मुझे आज वो इंसान बनने में मदद की है, जो मैं हूं।’
SL Strong vs WI 1st Test

12 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉर्थ साउंड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन श्रीलंका 5 विकेट पर 338 रन बना लिए हैं। 32 साल के ओपनर लाहिरू उदारा ने अपने डेब्यू टेस्ट में ही 248 गेंदों पर 188 रनों की पारी खेली। हालांकि, वे अपने पहले ही मैच में दोहरा शतक लगाने से सिर्फ 12 रन से चूक गए। उदारा को प्लेइंग इलेवन में पाथुम निसंका की जगह टीम में शामिल किया गया था। पहले दिन का खेल खत्म होने से ठीक आधा घंटा पहले वेस्टइंडीज ने दो विकेट लेकर मैच में थोड़ी वापसी जरूर की, लेकिन इससे पहले श्रीलंका के बल्लेबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। हरी पिच होने के बावजूद श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो चौंकाने वाला था। 25 रन पर गिर गए थे 2 विकेट श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही थी। मैच के पहले ही घंटे में तेज गेंदबाज शमार जोसेफ ने निशान मदुष्का और दिनेश चांदीमल को सस्ते में पवेलियन भेज दिया था। 25 रन पर 2 विकेट गिर जाने के बाद लाहिरू उदारा और कमिंडू मेंडिस (84 रन) ने श्रीलंकाई पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 255 गेंदों पर 215 रनों की पार्टनरशिप की। यह वेस्टइंडीज की धरती पर श्रीलंका की अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट साझेदारी है। उदारा और कमिंडू मेंडिस ने तीसरे विकेट के लिए 255 गेंदों पर 215 रन की साझेदारी की। धनंजय डी सिल्वा के साथ मिलकर वेस्टइंडीज को बैकफुट पर धकेला कमिंडू मेंडिस के आउट होने के बाद कप्तान धनंजय डी सिल्वा क्रीज पर आए। उदारा और धनंजय ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 93 रनों की पार्टनरशिप की। उदारा ने अपनी पारी में 4 छक्के भी लगाए। उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक भी एक छक्के के साथ ही पूरा किया था। आखिरी सेशन में वेस्टइंडीज ने की वापसी, जेडन सील्स के 100 टेस्ट विकेट पूरे दिन के आखिरी सेशन में वेस्टइंडीज ने मैच में वापसी की। टीम ने पहले लाहिरू उदारा का विकेट लिया, फिर धनंजय डी सिल्वा 33 रन बनाकर स्लिप में कैच दे बैठे। धनंजय का विकेट लेते ही वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए। वह गेंदों के हिसाब से 100 टेस्ट विकेट तक पहुंचने वाले वेस्टइंडीज के दूसरे सबसे तेज गेंदबाज बन गए। इस सूची में पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप पहले स्थान पर हैं। उदारा का कैच छूटा, मेंडिस के खिलाफ अपील भी नहीं की वेस्टइंडीज ने दिन के खेल में दो अहम मौके भी गंवाए। लाहिरू उदारा जब 55 रन पर थे, तब जेडन सील्स की गेंद पर स्लिप में जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स के बीच तालमेल की कमी से उनका कैच छूट गया। इसके बाद कमिंडू मेंडिस 41 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी उनके बल्ले का किनारा लगा, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने अपील नहीं की। बाद में रिप्ले में अल्ट्रा-एज से साफ हुआ कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
SL Strong vs WI 1st Test

29 मिनट पहले कॉपी लिंक वेस्टइंडीज के खिलाफ नॉर्थ साउंड में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन श्रीलंका 5 विकेट पर 338 रन बना लिए हैं। 32 साल के ओपनर लाहिरू उदारा ने अपने डेब्यू टेस्ट में ही 248 गेंदों पर 188 रनों की पारी खेली। हालांकि, वे अपने पहले ही मैच में दोहरा शतक लगाने से सिर्फ 12 रन से चूक गए। उदारा को प्लेइंग इलेवन में पाथुम निसंका की जगह टीम में शामिल किया गया था। पहले दिन का खेल खत्म होने से ठीक आधा घंटा पहले वेस्टइंडीज ने दो विकेट लेकर मैच में थोड़ी वापसी जरूर की, लेकिन इससे पहले श्रीलंका के बल्लेबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। हरी पिच होने के बावजूद श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो चौंकाने वाला था। 25 रन पर गिर गए थे 2 विकेट श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही थी। मैच के पहले ही घंटे में तेज गेंदबाज शमार जोसेफ ने निशान मदुष्का और दिनेश चांदीमल को सस्ते में पवेलियन भेज दिया था। 25 रन पर 2 विकेट गिर जाने के बाद लाहिरू उदारा और कमिंडू मेंडिस (84 रन) ने श्रीलंकाई पारी को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 255 गेंदों पर 215 रनों की पार्टनरशिप की। यह वेस्टइंडीज की धरती पर श्रीलंका की अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट साझेदारी है। उदारा और कमिंडू मेंडिस ने तीसरे विकेट के लिए 255 गेंदों पर 215 रन की साझेदारी की। धनंजय डी सिल्वा के साथ मिलकर वेस्टइंडीज को बैकफुट पर धकेला कमिंडू मेंडिस के आउट होने के बाद कप्तान धनंजय डी सिल्वा क्रीज पर आए। उदारा और धनंजय ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 93 रनों की पार्टनरशिप की। उदारा ने अपनी पारी में 4 छक्के भी लगाए। उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक भी एक छक्के के साथ ही पूरा किया था। आखिरी सेशन में वेस्टइंडीज ने की वापसी, जेडन सील्स के 100 टेस्ट विकेट पूरे दिन के आखिरी सेशन में वेस्टइंडीज ने मैच में वापसी की। टीम ने पहले लाहिरू उदारा का विकेट लिया, फिर धनंजय डी सिल्वा 33 रन बनाकर स्लिप में कैच दे बैठे। धनंजय का विकेट लेते ही वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए। वह गेंदों के हिसाब से 100 टेस्ट विकेट तक पहुंचने वाले वेस्टइंडीज के दूसरे सबसे तेज गेंदबाज बन गए। इस सूची में पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप पहले स्थान पर हैं। उदारा का कैच छूटा, मेंडिस के खिलाफ अपील भी नहीं की वेस्टइंडीज ने दिन के खेल में दो अहम मौके भी गंवाए। लाहिरू उदारा जब 55 रन पर थे, तब जेडन सील्स की गेंद पर स्लिप में जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स के बीच तालमेल की कमी से उनका कैच छूट गया। इसके बाद कमिंडू मेंडिस 41 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी उनके बल्ले का किनारा लगा, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने अपील नहीं की। बाद में रिप्ले में अल्ट्रा-एज से साफ हुआ कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US to Bury 408 kg Time Capsule on 250th Independence Anniversary, Opens in 2276

वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकाज टाइम कैप्सूल में 50 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से भेजी गई खास चीजें रखी गई हैं। 4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा। इसकी जानकारी नेशनल पार्क सर्विस के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज की गई है, ताकि 250 साल बाद आने वाली पीढ़ियां इसे ढूंढ़ सकें और इसके बारे में जान सकें। इस कैप्सूल में 50 राज्यों और आम लोगों की ओर से चुनी गई यादगार चीजें रखी गई हैं, जिसमें व्हेल की हड्डी, दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की रेत, राइट बंधुओं के विमान का कपड़ा, AI की भविष्यवाणी और कई ऐतिहासिक दस्तावेज शामिल हैं। टाइम कैप्सूल बंद पेटी या कंटेनर होता है, जिसमें किसी दौर की चीजें सुरक्षित रखी जाती हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियां उस समय के समाज, तकनीक, संस्कृति और जीवन को समझ सकें। फिलाडेल्फिया को अमेरिका की आजादी का जन्मस्थान माना जाता है। 4 जुलाई 1776 को यहीं स्वतंत्रता घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) को मंजूरी दी गई थी। इसी वजह से टाइम कैप्सूल को दफनाने के लिए इस शहर को चुना गया। कैप्सुल सुरक्षित रखने के लिए अपनाई गई खास तकनीकें टाइम कैप्सूल बनाना जितना मुश्किल नहीं था, उससे बड़ी चुनौती उसे 250 साल तक सुरक्षित रखना था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि जमीन के नीचे रखी चीजें ढाई सौ साल बाद भी सुरक्षित कैसे मिले। इस वजह से प्रोजेक्ट से जुड़े कई विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया। कई साल की रिसर्च के बाद ऐसा डिजाइन तैयार किया गया, जो पानी, नमी, जंग और मौसम के असर से कैप्सूल को बचा सके। यह कैप्सूल चौकोर नहीं, बल्कि बेलन (सिलेंडर) के आकार का है। वैज्ञानिकों के अनुसार चौकोर डिब्बों के कोने समय के साथ कमजोर पड़ जाते हैं और वहीं से पानी अंदर जाने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। टाइम कैप्सूल के सिलेंडर को प्रिसिजन-माइल्ड स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल जंग से बचाने वाले वैज्ञानिक उपकरणों में होता है। टाइम कैप्सूल को कैसे सील किया गया? कैप्सूल को कार्यक्रम के दिन सील नहीं किया जाएगा। इसे पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है। 4 जुलाई को इसे सिर्फ फिलाडेल्फिया में जमीन के नीचे स्थापित किया जाएगा। कैप्सूल को सील करने के लिए खास धातु इंडियम का इस्तेमाल किया गया है। यह नरम धातु ढक्कन बंद करते समय छोटी-से-छोटी दरार भर देती है। इससे कैप्सूल पूरी तरह सील रहता है और अंदर रखा सामान लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। अगर कैप्सूल में बहुत ज्यादा नमी होती तो कागज और दूसरी वस्तुएं खराब हो सकती थीं। वहीं नमी पूरी तरह खत्म करने पर कुछ चीजें सूखकर टूट सकती थीं। इसलिए वैज्ञानिकों ने कैप्सूल के अंदर 35% नमी रखी है। कैप्सूल को करीब 10 फीट नीचे दफनाया जाएगा। इस गहराई पर तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है। तेज गर्मी, कड़ाके की ठंड और सतह पर आने वाले तूफानों का असर भी बहुत कम पड़ता है। टाइम कैप्सूल को बनाने वाली टीम। कैप्सूल की तैयारी में 10 साल लगे। 250 साल तक न पानी पहुंचेगा, न जंग लगेगी वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन के नीचे रखे जाने वाले किसी भी टाइम कैप्सूल का सबसे बड़ा दुश्मन पानी होता है। इसीलिए कैप्सूल के ऊपर एक और स्टील का सिलेंडर लगाया जाएगा। दोनों के बीच हवा की एक परत रहेगी, जो बाहर से आने वाले पानी को रोकने में मदद करेगी। यह ठीक उसी सिद्धांत पर काम करेगा, जैसे पानी में उल्टी बाल्टी डुबोने पर उसके अंदर हवा फंसी रहती है। अगर भविष्य में भूजल का स्तर बढ़ जाए या बाढ़ आ जाए, तब भी बेल जार के भीतर मौजूद हवा पानी को कैप्सूल तक पहुंचने से रोकेगी। इसे बनाने वाली टीम के प्रमुख वैज्ञानिक माइकल बेरिला ने कहा, अगर इस टाइम कैप्सूल में पानी पहुंचा, तो इसका मतलब होगा कि फिलाडेल्फिया शहर करीब 6 फीट पानी में डूब चुका है। और अगर ऐसा हुआ तो टाइम कैप्सूल नहीं, बल्कि पूरी दुनिया एक बड़े प्राकृतिक संकट से जूझ रही होगी। दुनिया के सबसे चर्चित टाइम कैप्सूल दुनिया के सबसे प्रसिद्ध टाइम कैप्सूल में सबसे पहला नाम क्रिप्ट ऑफ सिविलाइजेशन का आता है। इसे 6,000 साल तक बंद रखने के लिए बनाया गया है। इसे अमेरिका के अटलांटा राज्य के ओगलेथॉर्प यूनिवर्सिटी के परिसर में जमीन के नीचे बनाया गया था और उसी दिन स्टेनलेस स्टील का दरवाजा वेल्ड करके हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। इसमें उस दौर किताबें, फिल्में, ऑडियो रिकॉर्डिंग, घरेलू सामान, अखबार, वैज्ञानिक उपकरण और रोजमर्रा की वस्तुएं रखी गई हैं। इसे साल 8113 में खोला जाएगा। इसी तरह न्यूयॉर्क में वेस्टिंगहाउस टाइम कैप्सूल को 1939 में दफनाया गया था। इसमें भी उस दौर के रोजमर्रा की चीजें रखी गई हैं। इसे साल 6939 में खोलने की योजना है। भारत में भी टाइम कैप्सूल दफन किए गए हैं। सबसे चर्चित उदाहरण 1973 का है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने दिल्ली के लाल किले के पास एक टाइम कैप्सूल दफन कराया था। इसका नाम ‘कलपात्र’ रखा गया था। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन और आजादी के बाद के भारत से जुड़े दस्तावेज रखे गए थे। हालांकि 1977 में सरकार बदलने के बाद इसे जमीन से निकाल लिया गया। बाद में इसकी सामग्री को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ। ————————————- ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 14 जून को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US to Bury 408 kg Time Capsule on 250th Independence Anniversary, Opens in 2276

वॉशिंगटन डीसी20 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकाज टाइम कैप्सूल में 50 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से भेजी गई खास चीजें रखी गई हैं। 4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा। इसकी जानकारी नेशनल पार्क सर्विस के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज की गई है, ताकि 250 साल बाद आने वाली पीढ़ियां इसे ढूंढ़ सकें और इसके बारे में जान सकें। इस कैप्सूल में 50 राज्यों और आम लोगों की ओर से चुनी गई यादगार चीजें रखी गई हैं, जिसमें व्हेल की हड्डी, दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की रेत, राइट बंधुओं के विमान का कपड़ा, AI की भविष्यवाणी और कई ऐतिहासिक दस्तावेज शामिल हैं। टाइम कैप्सूल बंद पेटी या कंटेनर होता है, जिसमें किसी दौर की चीजें सुरक्षित रखी जाती हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियां उस समय के समाज, तकनीक, संस्कृति और जीवन को समझ सकें। फिलाडेल्फिया को अमेरिका की आजादी का जन्मस्थान माना जाता है। 4 जुलाई 1776 को यहीं स्वतंत्रता घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) को मंजूरी दी गई थी। इसी वजह से टाइम कैप्सूल को दफनाने के लिए इस शहर को चुना गया। कैप्सुल सुरक्षित रखने के लिए अपनाई गई खास तकनीकें टाइम कैप्सूल बनाना जितना मुश्किल नहीं था, उससे बड़ी चुनौती उसे 250 साल तक सुरक्षित रखना था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि जमीन के नीचे रखी चीजें ढाई सौ साल बाद भी सुरक्षित कैसे मिले। इस वजह से प्रोजेक्ट से जुड़े कई विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया। कई साल की रिसर्च के बाद ऐसा डिजाइन तैयार किया गया, जो पानी, नमी, जंग और मौसम के असर से कैप्सूल को बचा सके। यह कैप्सूल चौकोर नहीं, बल्कि बेलन (सिलेंडर) के आकार का है। वैज्ञानिकों के अनुसार चौकोर डिब्बों के कोने समय के साथ कमजोर पड़ जाते हैं और वहीं से पानी अंदर जाने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। टाइम कैप्सूल के सिलेंडर को प्रिसिजन-माइल्ड स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल जंग से बचाने वाले वैज्ञानिक उपकरणों में होता है। टाइम कैप्सूल को कैसे सील किया गया? कैप्सूल को कार्यक्रम के दिन सील नहीं किया जाएगा। इसे पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है। 4 जुलाई को इसे सिर्फ फिलाडेल्फिया में जमीन के नीचे स्थापित किया जाएगा। कैप्सूल को सील करने के लिए खास धातु इंडियम का इस्तेमाल किया गया है। यह नरम धातु ढक्कन बंद करते समय छोटी-से-छोटी दरार भर देती है। इससे कैप्सूल पूरी तरह सील रहता है और अंदर रखा सामान लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। अगर कैप्सूल में बहुत ज्यादा नमी होती तो कागज और दूसरी वस्तुएं खराब हो सकती थीं। वहीं नमी पूरी तरह खत्म करने पर कुछ चीजें सूखकर टूट सकती थीं। इसलिए वैज्ञानिकों ने कैप्सूल के अंदर 35% नमी रखी है। कैप्सूल को करीब 10 फीट नीचे दफनाया जाएगा। इस गहराई पर तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है। तेज गर्मी, कड़ाके की ठंड और सतह पर आने वाले तूफानों का असर भी बहुत कम पड़ता है। टाइम कैप्सूल को बनाने वाली टीम। कैप्सूल की तैयारी में 10 साल लगे। 250 साल तक न पानी पहुंचेगा, न जंग लगेगी वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन के नीचे रखे जाने वाले किसी भी टाइम कैप्सूल का सबसे बड़ा दुश्मन पानी होता है। इसीलिए कैप्सूल के ऊपर एक और स्टील का सिलेंडर लगाया जाएगा। दोनों के बीच हवा की एक परत रहेगी, जो बाहर से आने वाले पानी को रोकने में मदद करेगी। यह ठीक उसी सिद्धांत पर काम करेगा, जैसे पानी में उल्टी बाल्टी डुबोने पर उसके अंदर हवा फंसी रहती है। अगर भविष्य में भूजल का स्तर बढ़ जाए या बाढ़ आ जाए, तब भी बेल जार के भीतर मौजूद हवा पानी को कैप्सूल तक पहुंचने से रोकेगी। इसे बनाने वाली टीम के प्रमुख वैज्ञानिक माइकल बेरिला ने कहा, अगर इस टाइम कैप्सूल में पानी पहुंचा, तो इसका मतलब होगा कि फिलाडेल्फिया शहर करीब 6 फीट पानी में डूब चुका है। और अगर ऐसा हुआ तो टाइम कैप्सूल नहीं, बल्कि पूरी दुनिया एक बड़े प्राकृतिक संकट से जूझ रही होगी। दुनिया के सबसे चर्चित टाइम कैप्सूल दुनिया के सबसे प्रसिद्ध टाइम कैप्सूल में सबसे पहला नाम क्रिप्ट ऑफ सिविलाइजेशन का आता है। इसे 6,000 साल तक बंद रखने के लिए बनाया गया है। इसे अमेरिका के अटलांटा राज्य के ओगलेथॉर्प यूनिवर्सिटी के परिसर में जमीन के नीचे बनाया गया था और उसी दिन स्टेनलेस स्टील का दरवाजा वेल्ड करके हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। इसमें उस दौर किताबें, फिल्में, ऑडियो रिकॉर्डिंग, घरेलू सामान, अखबार, वैज्ञानिक उपकरण और रोजमर्रा की वस्तुएं रखी गई हैं। इसे साल 8113 में खोला जाएगा। इसी तरह न्यूयॉर्क में वेस्टिंगहाउस टाइम कैप्सूल को 1939 में दफनाया गया था। इसमें भी उस दौर के रोजमर्रा की चीजें रखी गई हैं। इसे साल 6939 में खोलने की योजना है। भारत में भी टाइम कैप्सूल दफन किए गए हैं। सबसे चर्चित उदाहरण 1973 का है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने दिल्ली के लाल किले के पास एक टाइम कैप्सूल दफन कराया था। इसका नाम ‘कलपात्र’ रखा गया था। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन और आजादी के बाद के भारत से जुड़े दस्तावेज रखे गए थे। हालांकि 1977 में सरकार बदलने के बाद इसे जमीन से निकाल लिया गया। बाद में इसकी सामग्री को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ। ————————————- ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 14 जून को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
खामेनेई के अंतिम संस्कार में बेटे मुजतबा नहीं पहुंचे:100 से ज्यादा देशों के नेता शामिल; रूस, चीन, भारत ने टॉप लीडर्स नहीं भेजे

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई की रस्में शुरू हो गई हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान समेत देश की टॉप लीडरशिप शुक्रवार को तेहरान में खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पहुंचा था। इस दौरान सुरक्षा वजहों से अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई शामिल नहीं हुए। अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि रूस, चीन, भारत और तुर्किये जैसे देशों के टॉप लीडर्स ने इससे दूरी बरती। ईरान की तरफ से न्योता भेजे जाने के बावजूद इन्होंने अपने निचले स्तर के प्रतिनिधियों को भेजा। हालांकि पाकिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान, जॉर्जिया जैसे देशों के टॉप लीडर्स समारोह में पहुंचे। वहीं, भारत की तरफ से आधिकारिक तौर पर विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन शामिल हुए। खामेनेई की अंतिम यात्रा की 5 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
lionel messi | ARG Vs CUP fifa world cup 2026 match report, Egypt beats australia ; Vozinha | Lisandro MARTINEZ

Hindi News Sports Lionel Messi | ARG Vs CUP Fifa World Cup 2026 Match Report, Egypt Beats Australia ; Vozinha | Lisandro MARTINEZ| RYAN MENDES स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक इजिप्ट ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। शुक्रवार रात को डलास स्टेडियम में तय समय पर स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। एक्स्ट्रा टाइम में भी यही स्कोरलाइन रही, जिसके बाद फैसला शूटआउट से हुआ। मंगलवार को इजिप्ट का सामना मंगलवार को अटलांटा में अर्जेंटीना और केप वर्डे के बीच जारी मैच की विनर टीम से होगा। यह मैच मियामी में खेला जा रहा है। दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर हैं। जीत के बाद इजिप्ट के फैंस का सेलिब्रेशन देखिए। इजिप्ट के फैंस जीत के बाद सड़कों पर उतर आए। शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया से बड़ी चूक, गोलकीपर बदला ऑस्ट्रेलिया के कप्तान हैरी साउटर पहला पेनल्टी शॉट गोलपोस्ट के ऊपर मार बैठे। 18 साल लुकास हैरिंगटन का शॉट भी क्रॉसबार से टकरा गया। इजिप्ट से महमूद साबेर, रामी राबिया, मोहम्मद सलाह और आखिर में होसाम अब्देलमगीद ने पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को जीत दिलाई। ऑस्ट्रेलिया के लिए केवल जैक्सन इरविन और आवर माबिल ही गोल कर सके। मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर रयान निराश होकर मैदान पर ही बैठ गए। ऑस्ट्रेलिया के युवा गोलकीपर पैट्रिक बीच ने रेग्युलर टाइम में कई बचाव किए। उन्होंने रामी राबिया के हेडर और मोहम्मद सलाह के प्रयास को भी रोका। लेकिन, एक्स्ट्रा टाइम के आखिरी फेज में मैदान पर आए अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान शूटआउट में इजिप्ट के चारों पेनल्टी शॉट नहीं रोक सके। अशूर ने दिलाई बढ़त, हनी के आत्मघाती गोल से बराबरी अशूर ने मैच की शुरुआत में गोल करके इजिप्ट को बढ़त दिलाई। इजिप्ट ने 13वें मिनट में इमाम अशूर के हेडर से बढ़त बनाई। हालांकि, 55वें मिनट में डिफेंडर मोहम्मद हनी के आत्मघाती गोल से स्कोर बराबर हो गया। यह इस वर्ल्ड कप में हनी का दूसरा आत्मघाती गोल था। हनी ने ग्रुप स्टेज में बेल्जियम के खिलाफ भी अपनी ही टीम के खिलाफ गोल किया था। वह एक ही वर्ल्ड कप में दो आत्मघाती गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। ऑस्ट्रेलिया अब तक वर्ल्ड कप के तीनों नॉकआउट मुकाबले हार चुका है। टीम नॉकआउट में एक भी गोल नहीं कर सकी है। रेग्युलर टाइम में उसके दोनों गोल विरोधी टीम के आत्मघाती गोल से ही आए थे। मोहम्मद हनी से ग्रुप स्टेज में बेल्जियम के खिलाफ अपनी ही टीम के खिलाफ गोल हुआ था। —————————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Aamir Khan Marries Gori Nagori July 5

आमिर खान के साथ गौरी स्प्रैट, महावीर और गीता फोगाट को उनकी शादी का निमंत्रण नहीं मिला है। बॉलीवुड अभिनेता अमिर खान 5 जुलाई को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस शादी में फोगाट फैमिली को न्योता नहीं मिला है। दंगल मूवी रिलीज होने के बाद ये पहला बड़ा मौका है, जब फोगाट फैमिली आमिर खान के निजी फंक्शन में शामिल नहीं होगी। . आमिर खान खुद भी गीता फोगाट के फैमिली फंक्शन में आ चुके हैं। आमिर ने बेटी इरा खान की शादी में भी फोगाट परिवार को निमंत्रण भेजा था। आमिर की बर्थ-डे पार्टी में भी ये परिवार शामिल हो चुका है। अब आमिर खान 61 साल की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से तीसरी शादी करने जा रहे हैं। द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट और उनकी बेटी गीता फोगाट का कहना है कि इस बार उन्हें कोई निमंत्रण नहीं मिला है। दंगल फिल्म के प्रमोशन के दौरान आमिर खान के साथ मौजूद लेफ्ट में गीता और राइट में बबीता फोगाट। साथ में उनके पिता महावीर फोगाट भी मौजूद थे। (फाइल) गीता फोगाट की शादी में आए थे आमिर खान आमिर खान नवंबर 2016 में भिवानी में गीता फोगाट की शादी में आए थे। वे मुंबई से दिल्ली तक एयर प्लेन और दिल्ली से भिवानी चार्टर्ड प्लेन से आए थे। यहां गीता के फैमिली ने उनकी अगवानी की थी। इसके बाद आमिर सीधे गीता के गांव बलाली पहुंचे थे। शादी में उनके साथ दंगल फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी, गीता की मां दयाकौर का किरदार निभा रही साक्षी तंवर, गीता का किरदार निभा रही फातिमा शेख, बबीता फोगाट का किरदार निभाने वाली सान्या मल्होत्रा भी शादी में शामिल हुई थी। आमिर के बर्थ-डे में शामिल हुई फोगाट फैमिली 2017 में आमिर खान के 52वें जन्मदिन पर फोगाट परिवार शामिल हुआ था। आमिर के जन्मदिन की पार्टी में महावीर सिंह फोगाट और उनके परिवार को खासतौर पर आमंत्रित किया गया था। आमिर खान ने मुंबई स्थित घर पर जन्मदिन की पार्टी आयोजित की थी जिसमें फोगाट परिवार के कई सदस्य शामिल हुए थे। आमिर खान दिसंबर 2016 को चरखी दादरी के गांव बलाली में गीता की शादी में दंगल मूवी की कास्ट के साथ शामिल हुए थे। (फाइल) बेटी की शादी का निमंत्रण मिला था गीता फोगाट ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया- आमिर खान ने उन्हें अपनी बेटी इरा खान की शादी का निमंत्रण भेजा था। मगर वो शादी में व्यक्तिगत कारणों से शामिल नहीं हो पाए थे। 3 जनवरी 2024 को फिटनेस ट्रेनर नूपुर शिखारे के साथ आमिर खान की बेटी की शादी हुई थी। इसके बाद मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में रिसेप्शन हुआ था। गीता और बबीता फोगाट पर बनी दंगल 23 सितंबर 2016 को गीता और बबीता फोगाट की कहानी पर बनी दंगल मूवी रिलीज हुई थी। इसमें मूवी में चरखी दादरी जिले के बलाली गांव के महावीर सिंह फोगाट और फैमिली पर फोकस किया गया था। फिल्म मुख्य रूप से उनकी बेटियों, गीता फोगाट और बबीता फोगाट के संघर्ष और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण व रजत पदक जीतने के सफर को दिखाया गया। इस फिल्म ने करीब 2000 करोड़ रुपए की कमाई की थी। गौरी स्प्रैट के साथ आमिर खान। (फाइल) आमिर की पहली शादी 1986 में हुई आमिर ने पहली शादी साल 1986 में फिल्म प्रोड्यूसर रीना दत्ता से की थी। साल 2002 में रीना से अलग होने के बाद आमिर ने साल 2005 में डायरेक्टर किरण राव से दूसरी शादी की। साल 2021 में किरण और आमिर का तलाक हो गया। गुरुवार को उन्होंने पब्लिकली कन्फर्म किया कि वो तीसरी शादी करेंगे। आमिर 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करेंगे। आमिर खान ने पिछले साल 60वें जन्मदिन के मौके पर मीडिया के सामने गौरी स्प्रैट को इंट्रोड्यूस किया था। इसके बाद से ही दोनों कई मौकों पर साथ स्पॉट होते रहते हैं। गौरी स्प्रैट से आमिर खान तीसरी शादी कर रहे हैं।
China Apps E-Rickshaw Ban | July 4 Current Affairs, CBSE President Lokhande

Hindi News Career China Apps E Rickshaw Ban | July 4 Current Affairs, CBSE President Lokhande 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. मेहली मिस्त्री ने ‘RNT एसोसिएट्स’ के बोर्ड से इस्तीफा दिया 3 जुलाई को मेहली मिस्त्री ने फैमिली इन्वेस्टमेंट ऑफिस ‘RNT एसोसिएट्स’ के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। RNT एसोसिएट्स रतन टाटा की स्थापित की कंपनी थी, जिसे उनके फंडस को मैनेज करने के लिए बनाया गया था। मिस्त्री ने ये लेटर 30 जून को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को लिखा था। मेहली मार्च 2023 में RNT एसोसिएट्स के बोर्ड में शामिल हुए थे। मेहली साल 2000 में रतन टाटा के एड्वाइजर के तौर पर जुड़े थे। अक्टूबर 2022 में मेहली सर दौराबजी टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बोर्ड में शामिल हुए। मेहली अक्टूबर 2022 में ही सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बोर्ड मेंबर में शामिल किए गए थे। अक्टूबर 2022 में ही टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के बोर्ड में भी शामिल हुए थे। RNT एसोसिएट्स से हटने के बाद भी मेहली मिस्त्री फिलहाल ‘टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट’ के बोर्ड मेंबर बने हुए हैं। मिस्त्री नवंबर 2025 में टाटा ट्रस्ट से हटाए गए थे। मिस्त्री ने खुद को ट्रस्ट से हटाए जाने के फैसले को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने चुनौती दी है। टाटा ट्रस्ट्स, टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है और ‘टाटा संस’ में मेजॉरिटी हिस्सेदारी रखती है। RNT एसोसिएट्स RNT एसोसिएट्स की स्थापना मार्च 2009 में की गई थी। RNT एसोसिएट्स रतन टाटा ने शुरू की थी और इसको नए स्टार्टएप्स में निवेश करने के लिए बनाया गया था। वर्तमान में इसके बोर्ड में रतन टाटा की बहनें शिरीन जेजीभॉय और डीना जेजीभॉय शामिल हैं। टाटा संस के सीनियर एग्जीक्यूटिव जमशेद पोंचा और टाटा संस के जनरल काउंसिल सिद्धार्थ शर्मा भी इस बोर्ड का हिस्सा हैं। RNT एसोसिएट्स का मुख्य काम डिविडेंड और कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए कमाई करना है। मार्च 2023 को कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹36 करोड़ रहा था, जिसमें से आधी कमाई डिविडेंड से हुई थी। इस इन्वेस्टमेंट ऑफिस ने पेटीएम , ओला और ऑनलाइन ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन समेत करीब दो दर्जन स्टार्टअप्स में निवेश किया है। टाटा ट्रस्ट्स से बाहर किए जाने के कुछ महीने बाद मिस्त्री का यह इस्तीफा सामने आया है। 2. भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम पूरा हुआ 3 जुलाई को पीएम मोदी ने भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम के दौरान ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में 129 समझौता ज्ञापनों (MoUs) का ऐलान किया। इन समझौतों का मकसद दोनों देशों के बीच निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। इसके साथ ही जापान ने भारत में 2 ट्रिलियन जापानी येन (₹1.18 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा के निवेश की घोषणा की है। ताकाइची की इस भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी और ताकाइची ने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के चौथे व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिए 16-सूत्रीय रोडमैप भी जारी किया है। भारत ने जापान के सहयोग से स्वच्छ ऊर्जा के लिए पावर एशिया और कंप्रेस्ड बायोगैस पहल शुरू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए भी जापान ने 88 हजार करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 2 लाख करोड़ रुपए है। भारत और जापान ने अगले 10 सालों में 10 ट्रिलियन येन के निवेश लक्ष्य को रखा है। 1 जुलाई को जापान की पीएम सनाए ताकाइची भारत की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर आई थीं। पीएम के तौर पर ये ताकाइची की पहली भारत यात्रा रही। अपॉइंटमेंट (APPOINTMENT) 3. प्रशांत सीताराम लोखंडे CBSE के नए अध्यक्ष नियुक्त 3 जुलाई को प्रशांत सीताराम लोखंडे को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन अपॉइंट किया गया। प्रशांत अप्रैल 2026 में गृह मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी बने थे। अप्रैल 2022 में प्रशांत गृह मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। प्रशांत 2001 बैच के AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-और-केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के IAS ऑफिसर हैं। प्रशांत लोखंडे ने राहुल सिंह की जगह ली और राहुल को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। हाल ही में CBSE में OSM ऑनलाइन स्क्रीनिंग सिस्टम को लेकर विवाद हुआ था। प्रशांत अप्रैल 2026 में गृह मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी बने थे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. नेपाल के जेष्ठ वर्ण महाविहार को UNESCO एशिया पेसफिक सम्मान 3 जुलाई को नेपाल के ललितपुर (पाटन) में बने जेष्ठ वर्ण महाविहार को UNESCO एशिया-प्रशांत सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण पुरस्कार 2025से सम्मानित किया गया है। इस अवार्ड की घोषणा फरवरी 2026 में की गई थी। नेपाल के जेष्ठ वर्ण महाविहार को ये सम्मान भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए महाविहार के वैज्ञानिक और पारंपरिक संरक्षण के लिए दिया गया है। नेपाल के जेष्ठ वर्ण महाविहार को लिविंग हैरिटेज साइट के रूप में सुरक्षित किया गया है। 2015 के नेपाल भूकंप में महाविहार का ऊपरी हिस्सा ढह गया था। इस महाविहार को सुरक्षित करने के लिए पारंपरिक आर्किटेक्ट और मॉर्डन इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी का संतुलित उपयोग किया गया है। इस संरक्षण के काम में किसी तरह के धार्मिक अनुष्ठान को नहीं रोका गया था। साथ ही प्रोजेक्ट में रिसर्च, संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, पुरातात्विक अध्ययन तथा दीर्घकालिक संरक्षण योजना का पूरा ध्यान रखा गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने नेपाल को फंड दिया था। इस प्रोजेक्ट के संरक्षण और परियोजना प्रबंधन का कार्य INTACH (इंडियन ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हैरिटेज) ने किया है। 2015 के नेपाल भूकंप में महाविहार का ऊपरी हिस्सा ढह गया था। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. भारत सरकार ने ई-रिक्शा कंट्रोल करने वाले चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया 3 जुलाई को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने ई-रिक्शा को कंट्रोल करने वाले ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है। मुख्य रूप से ‘BAT-BMS’ नामक चीनी ऐप को प्ले स्टोर से हटाया गया है, जो एक रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इसका मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लीथियम
Round of 16 Starts; Canada vs Morocco, France vs Paraguay

Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Round Of 16 Starts; Canada Vs Morocco, France Vs Paraguay स्पोर्ट्स डेस्क7 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ‘राउंड ऑफ 16’ के मुकाबले आज रात से शुरु हो रहे हैं। पहले मैच में मेजबान कनाडा का मुकाबला मोरक्को से होगा। यह मैच रात 10:30 बजे से ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद किलियन एम्बापे की फ्रांस टीम की भिड़ंत पैराग्वे से होगी। एम्बापे इस टूर्नामेंट में 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे है। टीम को उनसे फिर गोल की उम्मीद होगी। यह मुकाबला फिलाडेल्फिया स्टेडियम में रात 2:30 बजे से शुरु होगा। मैच 89: कनाडा के सामने मोरक्को की चुनौती कनाडा और मोरक्को के बीच अब तक कुल 2 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार और दोनों में मोरक्को का दबदबा रहा है। मोरक्को ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। कनाडा को मोरक्को के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने कनाडा को 2-1 से हराया था। मोरक्को पेनाल्टी शूटआउट में जीता, कनाडा ने साउथ अफ्रीका को हराया कनाडा ने राउंड ऑफ 32 में साउथ अफ्रीका को 1-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया था। बोस्निया से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। वहीं स्विट्जरलैंड से उसे 2-1 से हार झेलनी पड़ी। दूसरी ओर मोरक्को ने राउंड ऑफ 32 में रोमांचक जीत दर्ज की थी। नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में उसने 3-2 जीत हासिल की। इससे पहले ग्रुप स्टेज में मोरक्को ने हैती को 4-2 और स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया था। वहीं ब्राजील के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। कनाडा को अपने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से अच्छे खेल की उम्मीद होगी। वहीं मोरक्को स्टार विंगर हाकिम जियेच और डिफेंडर अचराफ हकीमी के अनुभव पर भरोसा करेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11: कनाडा: मैक्सिम क्रेप्यू, एलिस्टेयर जॉनसन, कमल मिलर, डेरेक कॉर्नेलियस, अल्फोंसो डेविस, इस्माइल कोने, स्टीफन यूस्टाक्वियो, ताजोन बुकानन, जोनाथन डेविड, क्यल लारिन, लियाम मिलर। मोरक्को: यासीन बोनो, अचराफ हकीमी, नायेफ अगुएर्ड, रोमन सिस, नुसैर मजरौई, सोफयान अमराबत, अजेदीन औनाही, सेलिम अमल्लाह, हाकिम जियेच, यूसुफ एन-नेसिरी, सोफियान बौफाल। मैच 90: फ्रांस और पैराग्वे की वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पैराग्वे और फ्रांस के बीच अब तक कुल 5 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का पलड़ा भारी रहा है। फ्रांस ने 3 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पैराग्वे को फ्रांस के खिलाफ अपनी पहली जीत का इंतजार है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले 1958 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने पैराग्वे को 7-3 के बड़े अंतर से हराया था। वहीं 1998 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में ही फ्रांस ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस अब तक नहीं हारी, पैराग्वे ने जर्मनी को हराया फ्रांस टूर्नामेंट में अब तक एक भी मैच नहीं हारी है। राउंड ऑफ 32 में फ्रांस ने स्वीडन को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया। इससे पहले ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में टीम ने शानदार जीत हासिल की। उसने नॉर्वे को 4-1, इराक को 3-0 और सेनेगल को 3-1 से हराया। पैराग्वे ने राउंड ऑफ 32 में चार बार की चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। फुल टाइम तक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने तुर्की को 1-0 से हराया। ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। वहीं अमेरिका के खिलाफ 4-1 से हार मिली। पैराग्वे को स्टार खिलाड़ी जूलियो एनसिसो और जर्मनी के खिलाफ पेनाल्टी बचाने वाले गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं फ्रांस एम्बापे के आक्रामक खेल के दम पर मैच को डोमिनेट कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पैराग्वे : ऑरलैंडो गिल, कैसेरेस, अलोंसो, कैनाले, गुस्तावो गोमेज, मिगुएल अल्मिरोन, कुबास, बोबाडिला, गालार्जा, जूलियो एनसिसो, एवलोस। फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, माइकल ओलिस, उस्मान डेमबेले, बार्कोला, किलियन एम्बापे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








