AICTE Shuts 58 Colleges; UP & Maharashtra Most Affected

3 मिनट पहले कॉपी लिंक ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग और टेक्निकल कॉलेज बंद करने का आदेश जारी किया है। हालांकि जिन छात्रों का एडमिशन पहले से इन कॉलेजों में है, उन्हें बीच में नहीं छोड़ा जाएगा। सबसे अधिक प्राइवेट कॉलेज बंद इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा नुकसान प्राइवेट कॉलेजों को हुआ है। बंद होने वाले कुल 58 संस्थानों में से 55 कॉलेज प्राइवेट यानी निजी फंड से चलने वाले हैं। सिर्फ 3 कॉलेज सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) हैं। AICTE के अनुसार कॉलेज में जिन कोर्स की पढ़ाई फिलहाल चल रही है, उनके लिए जब अंतिम बैच भी पास हो जाएगा, तब कॉलेज का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यदि किसी मामले में कंप्लीट क्लोजर की जरूरत होती है तो छात्रों को AICTE के नियमों के अनुसार दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर किया जा सकता है। 950 से ज्यादा कोर्सेस बंद एआईसीटीई के अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ कॉलेज बंद करने तक सीमित नहीं है। इसी दौरान देशभर के अलग-अलग तकनीकी संस्थानों में चल रहे 950 से ज्यादा कोर्सेज (Technical and Engineering Courses) को भी हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। जिन कोर्सेज में स्टूडेंट्स की रुचि नहीं थी या जिन्हें चलाने के लिए कॉलेज के पास सही रिसोर्स नहीं थे, उन्हें लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। 58 Engineering & Technical Colleges Shut Down Across India in 2025–26According to AICTE data, 58 engineering and technical colleges closed during the 2025–26 academic year. Most of these closures were “progressive closures,” meaning the institutions stopped admitting new…— Ashok Dadhwal (@ashokdadhwal196) July 5, 2026 AICTE क्या है : यह भारत में तकनीकी शिक्षा के लिए वैधानिक सलाहकार संस्था और नियामक हैं। यह इंजीनियर, आर्किटेक्चर, मैनेजमेंट और फार्मेसी के कार्यक्रमों की देखरेख करता है। AICTE कम छात्रों का एडमिशन, जरूरी संख्या में शिक्षकों को बनाए रखने में असमर्थता, बुनियादी ढांचे और परिचायन मानदंडों का अनुपालन नहीं आदि कई कारणों से संस्थानों को बंद करने का आदेश देता है। ये खबर भी पढ़ें 50 साल पुराना कोएड स्कूल बॉयज स्कूल निकला:प्रशासन ने बिना बताए किया बदलाव, 120 लड़कियों का एडमिशन कैंसिल हुआ पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Entertainment Bollywood Celebs Support Diljiet Dosanjh Film Satluj After Ott Platform Zee 5 Suddenly Removes It, Actor Appeals To Share Movie After Download 1 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंसरशिप विवाद से रुकी हुई फिल्म सतलज (पहले पंजाब 95) को ओटीटी रिलीज के 3 दिन बाद ही जी 5 से भी हटा दिया गया है। बिना कोई पुख्ता कारण दिए, अचानक फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से बढ़-चढ़कर पायरेसी करने और फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद फिल्म को यूट्यूब पर प्राइवेट चैनल पर रिलीज किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में फैंस फिल्म देख रहे हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी ये फिल्म देखी और जमकर तारीफ की है। इसी बीच कई सेलेब्स फिल्म हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। एक्टर रणवीर शोरे ने फिल्म हटाए जाने पर लिखा है, ‘सतलज’ को हटाए जाने की खबर सुनकर बेहद निराशा हूं। मैं लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहा था। जिस देश की प्राचीन परंपरा और विरासत कहानियों से सीखने की रही हो, वहां यह समझ से परे है कि हम बार-बार कहानियों को दबाने और छिपाने की संस्कृति को ही बढ़ावा क्यों दे रहे हैं। इन सेलेब्स ने भी किया विरोध रणवीर शोरे के अलावा सोनी राजदान और फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखकर की तारीफ हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ में लिखा है- जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे भयावह नरसंहारों में से एक है। इसे एक औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है, वह कुछ और है। बाहरी शासक के अत्याचार से भी ज्यादा पीड़ादायक क्या होता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग, उन्हीं के लिए सबसे बड़े डर की वजह बनने के आरोपों में घिर जाएं।एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना। खालड़ा ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाने का साहस दिखाया। उनकी कहानी याद दिलाती है कि राज्य की शक्ति का दुरुपयोग ऐसी चोटें दे सकता है, जिनके निशान पीढ़ियों तक बने रहते हैं।पंजाब की कई माताएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। अनेक परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं। सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता। इस कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। जसवंत सिंह खालड़ा का साहस हमेशा याद रखा जाना चाहिए। दिलजीत दोसांझ बोले- फिल्म डाउनलोड कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम पर लाइव आए और कहा कि उन्हें कोई फिक्र नहीं हैं। उन्हें लगा था कि फिल्म 3 दिन से पहले ही हटा दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कर शेयर किया जाए और सबको दिखाया जाए। दिलजीत दोसांझ ने ये भी कहा- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है। दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलज फिल्म सतलज पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म 2023 में बनकर तैयार हुई, तब इसका टाइटल पंजाब 95 था। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई सीन में बदलाव की मांग की। सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद फिल्म का नाम पंजाब 95 से सतलज किया गया। 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर स्ट्रीम किया गया। 5 जुलाई को जी 5 ने फिल्म हटा दी और आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Entertainment Bollywood Celebs Support Diljiet Dosanjh Film Satluj After Ott Platform Zee 5 Suddenly Removes It, Actor Appeals To Share Movie After Download 20 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंसरशिप विवाद से रुकी हुई फिल्म सतलज (पहले पंजाब 95) को ओटीटी रिलीज के 3 दिन बाद ही जी 5 से भी हटा दिया गया है। बिना कोई पुख्ता कारण दिए, अचानक फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से बढ़-चढ़कर पायरेसी करने और फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद फिल्म को यूट्यूब पर प्राइवेट चैनल पर रिलीज किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में फैंस फिल्म देख रहे हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी ये फिल्म देखी और जमकर तारीफ की है। इसी बीच कई सेलेब्स फिल्म हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। एक्टर रणवीर शोरे ने फिल्म हटाए जाने पर लिखा है, ‘सतलज’ को हटाए जाने की खबर सुनकर बेहद निराशा हूं। मैं लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहा था। जिस देश की प्राचीन परंपरा और विरासत कहानियों से सीखने की रही हो, वहां यह समझ से परे है कि हम बार-बार कहानियों को दबाने और छिपाने की संस्कृति को ही बढ़ावा क्यों दे रहे हैं। इन सेलेब्स ने भी किया विरोध रणवीर शोरे के अलावा सोनी राजदान और फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखकर की तारीफ हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ में लिखा है- जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे भयावह नरसंहारों में से एक है। इसे एक औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है, वह कुछ और है। बाहरी शासक के अत्याचार से भी ज्यादा पीड़ादायक क्या होता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग, उन्हीं के लिए सबसे बड़े डर की वजह बनने के आरोपों में घिर जाएं।एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना। खालड़ा ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाने का साहस दिखाया। उनकी कहानी याद दिलाती है कि राज्य की शक्ति का दुरुपयोग ऐसी चोटें दे सकता है, जिनके निशान पीढ़ियों तक बने रहते हैं।पंजाब की कई माताएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। अनेक परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं। सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता। इस कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। जसवंत सिंह खालड़ा का साहस हमेशा याद रखा जाना चाहिए। दिलजीत दोसांझ बोले- फिल्म डाउनलोड कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम पर लाइव आए और कहा कि उन्हें कोई फिक्र नहीं हैं। उन्हें लगा था कि फिल्म 3 दिन से पहले ही हटा दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कर शेयर किया जाए और सबको दिखाया जाए। दिलजीत दोसांझ ने ये भी कहा- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है। दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलज फिल्म सतलज पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। फिल्म 2023 में बनकर तैयार हुई, तब इसका टाइटल पंजाब 95 था। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई सीन में बदलाव की मांग की। सेंसर बोर्ड की आपत्ति के बाद फिल्म का नाम पंजाब 95 से सतलज किया गया। 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर स्ट्रीम किया गया। 5 जुलाई को जी 5 ने फिल्म हटा दी और आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर कहा कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-तोड़ हीटवेव:गर्मी से 11 लाख करोड़ का नुकसान, अगले साल 34% आबादी पानी को तरसेगी

यूरोप में इस साल गर्मी का लोगों की जिंदगी व अर्थव्यवस्था, दोनों पर सीधा असर पड़ा। यूरोप के 23 देशों में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हीटवेव दर्ज की गई। कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा और कई शहरों में अस्पतालों, बिजली ग्रिड, परिवहन और खेती पर दबाव बढ़ गया। अलग-अलग अनुमानों में इस गर्मी से 20 हजार से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है। भीषण गर्मी का यूरोप की जीडीपी पर भी असर हुआ है। एलियांज रिसर्च मॉडल के आधार पर की गई गणनाओं के अनुसार, गर्मी यूरोपीय अर्थव्यवस्था को ₹11 लाख करोड़ तक का झटका दे सकती हैं। वहीं, 2030 तक यूरोप को 61 लाख करोड़ रु. तक का आर्थिक नुकसान सहना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उत्पादकता में गिरावट, बिजली की मांग में उछाल, फसल नुकसान, पर्यटन पर असर और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। विशेषज्ञों के मुताबिक संकट यहीं नहीं रुकेगा। यूरोपीय पर्यावरण एजेंसी का अनुमान है कि अगले साल तक यूरोप की करीब 34% आबादी जल संकट की चपेट में आ सकती है। दक्षिणी यूरोप में यह संकट और गहरा होगा, जहां गर्मियों में पानी की मांग और बढ़गी। भारत में 45 डिग्री झेल लेते हैं फिर यूरोप में 36 आफत क्यों? भारत में 45 डिग्री तापमान सूखी गर्मी में होता है, इसलिए पसीना जल्दी सूखकर शरीर को ठंडा करता है। यूरोप में 36° डिग्री गर्मी भी उमस के साथ आती है, तो पसीना सूख नहीं पाता और शरीर गर्म रहता है। इसे वेट-बल्ब खतरा कहते हैं। वेट-बल्ब तापमान लंबे समय तक रहे तो स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जानलेवा हो सकता है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है और किडनी और लिवर फेल हो सकते हैं। उछाल… ब्रिटेन में एसी बिक्री 330%, फ्रांस में 1000% बढ़ी भीषण गर्मी ने एसी को लग्जरी से जरूरत बना दिया है। ब्रिटेन में एसी की बिक्री 330% तक तो फ्रांस में 1000% तक बढ़ी। तापमान बढ़ते ही कई बाजार में स्टॉक घटने लगा। पंखों व पोर्टेबल कूलर की मांग भी कई गुना तेजी से बढ़ी। 23 देशों में गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, स्पेन में पारा 45 डिग्री पार हुआ यूरोप की हीटवेव ने तापमान के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कम से कम 23 देशों में जून की गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पेन में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा, जबकि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स व ब्रिटेन में भी रिकॉर्ड गर्मी दर्ज हुई। भास्कर एनालिसिस भीषण हीटवेव के पीछे ओमेगा ब्लॉक; इसमें गर्म हवा फंसकर बढ़ा रही तबाही ओमेगा ब्लॉक क्या पैटर्न होता है? यह मौसम का ऐसा पैटर्न है, जिसमें हाई-प्रेशर सिस्टम दो लो-प्रेशर सिस्टम के बीच फंस जाता है। इसका आकार ग्रीक अक्षर ओमेगा जैसा दिखता है। इस पैटर्न से गर्मी क्यों बढ़ने लगती है? हाई-प्रेशर सिस्टम गर्म हवा को एक जगह रोक देता है। बादल कम बनते हैं, बारिश रुकती है और जमीन लगातार गर्म होती रहती है। इससे यह संकट होता है। यूरोप की हीटवेव इस पैटर्न से कैसे जुड़ी है? ओमेगा ब्लॉक ने उत्तरी अफ्रीका और भूमध्यसागर की गर्म हवा को यूरोप के ऊपर रोक दिया। इसलिए कई देशों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहा। इस पैटर्न से और क्या असर पैदा होता है? जहां हाई-प्रेशर रहता है, वहां गर्मी और सूखा बढ़ता है। लो-प्रेशर में भारी बारिश-बाढ़ का खतरा बढ़ता है। जलवायु बदलाव से खतरा क्यों बढ़ गया है? ओमेगा ब्लॉक पहले भी बनते थे, लेकिन अब धरती ज्यादा गर्म है। इसलिए ऐसे पैटर्न में फंसी हवा पहले से ज्यादा गर्म और जानलेवा होने लगी हैं। यूरोप दुनिया में सबसे तेजी से गर्म हो रहा है। इसलिए ओमेगा ब्लॉक यहां ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं। यूरोप के 20% घरों में ही एसी; इसलिए भी संकट ज्यादा यूरोप में हीटवेव इसलिए भी ज्यादा घातक साबित हो रही है, क्योंकि वहां सिर्फ 20% घरों में ही एसी है। अमेरिका में एसी 90% से भी ज्यादा घरों में है। यूरोप की ज्यादातर इमारतें ठंडे मौसम के हिसाब से बनी हैं। इसलिए तापमान ज्यादा होने पर घर, अस्पताल व नर्सिंग होम तक गर्म हो जाते हैं। बुजुर्गों, बच्चों व बीमार लोगों पर खतरा और बढ़ जाता है।
Brother Arjun Kapoor Hugs, Kalira Falls!

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बोनी कपूर की बेटी अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी के प्री-वेडिंग फंक्शंस की इनसाइड तस्वीरें भाई अर्जुन कपूर ने शेयर की हैं। चूड़ा और कलीरा सेरेमनी के दौरान अंशुला अपने भाई अर्जुन कपूर को गले लगाकर भावुक हो गईं और रो पड़ीं। वहीं, एक अन्य पारंपरिक रस्म के दौरान जब अंशुला ने कलीरा पीछे की तरफ फेंका, तो वह सीधे अर्जुन कपूर के सिर पर जा गिरा। कलीरा गिरते ही अर्जुन कपूर मुस्कुराने लगे, जिसके बाद वहां मौजूद परिवार के लोगों ने उन्हें चिढ़ाना शुरू कर दिया। इस शादी समारोह में पूरा कपूर परिवार शामिल हुआ है। देखें मेहंदी की इनसाइड तस्वीरें.. कलीरा गिरते ही अर्जुन के चेहरे पर आई मुस्कान अंशुला कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कलीरा सेरेमनी का एक वीडियो शेयर किया है। पंजाबी शादियों की परंपरा के मुताबिक, दुल्हन अपनी सहेलियों और बहनों के सिर पर कलीरा गिराने की रस्म निभाती है। अंशुला ने जब कलीरा पीछे की तरफ उछाला, तो वह किसी लड़की के बजाय सीधे उनके भाई अर्जुन कपूर पर जाकर गिरा। कलीरा गिरते ही वहां मौजूद जान्हवी कपूर, खुशी कपूर और बाकी रिश्तेदार हंसने लगे। अर्जुन कपूर भी कलीरा गिरने के बाद अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए। उनके इस रिएक्शन का वीडियो इंटरनेट पर काफी देखा जा रहा है। अंशुला ने लिखा- इस कलीरे पर स्माइल लिखा था इस वीडियो को पोस्ट करते हुए अंशुला ने भाई अर्जुन कपूर की खिंचाई भी की। उन्होंने लिखा कि उन्होंने आज तक किसी को कलीरा से चुने जाने के लिए इतना एक्साइटेड नहीं देखा है। अंशुला ने यह भी बताया कि अर्जुन पर जो कलीरा गिरा, उस पर अंग्रेजी में ‘स्माइल’ लिखा हुआ था और कलीरा गिरते ही अर्जुन पूरे समय मुस्कुराते रहे। पंजाबी रस्मों में माना जाता है कि दुल्हन का कलीरा जिस अविवाहित व्यक्ति पर गिरता है, अगली शादी उसी की होती है। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोग अर्जुन को बधाई दे रहे हैं। भाई को गले लगाकर भावुक हो गईं अंशुला मजाक और मस्ती के बीच चूड़ा सेरेमनी के दौरान एक बेहद भावुक पल भी देखने को मिला। अंशुला कपूर अपनी रस्मों के दौरान भाई अर्जुन कपूर को गले लगाकर रो पड़ीं। मां मोना शौरी के निधन के बाद अर्जुन कपूर ने ही अपनी बहन अंशुला की देखभाल की है, इसलिए दोनों के बीच बेहद मजबूत बॉन्डिंग है। भाई-बहन की इस इमोशनल तस्वीर को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। फैंस दोनों के इस जुड़ाव की तारीफ कर रहे हैं। बोनी, जान्हवी और ओरी समेत पूरा कपूर परिवार पहुंचा अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की इस शादी में पूरा कपूर परिवार एक साथ नजर आया। मुंबई में हुए इस फंक्शन में पिता बोनी कपूर, बहन जान्हवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर और संजय कपूर शामिल हुए। इनके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी (ओरहान अवत्रामणि) भी इस सेलिब्रेशन का हिस्सा बने। ओरी ने भी कपूर बहनों के साथ इंस्टाग्राम पर कई इनसाइड तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें पूरा परिवार डांस और म्यूजिक का आनंद लेता दिख रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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26 मिनट पहले कॉपी लिंक बोनी कपूर की बेटी अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी के प्री-वेडिंग फंक्शंस की इनसाइड तस्वीरें भाई अर्जुन कपूर ने शेयर की हैं। चूड़ा और कलीरा सेरेमनी के दौरान अंशुला अपने भाई अर्जुन कपूर को गले लगाकर भावुक हो गईं और रो पड़ीं। वहीं, एक अन्य पारंपरिक रस्म के दौरान जब अंशुला ने कलीरा पीछे की तरफ फेंका, तो वह सीधे अर्जुन कपूर के सिर पर जा गिरा। कलीरा गिरते ही अर्जुन कपूर मुस्कुराने लगे, जिसके बाद वहां मौजूद परिवार के लोगों ने उन्हें चिढ़ाना शुरू कर दिया। इस शादी समारोह में पूरा कपूर परिवार शामिल हुआ है। देखें मेहंदी की इनसाइड तस्वीरें.. कलीरा गिरते ही अर्जुन के चेहरे पर आई मुस्कान अंशुला कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कलीरा सेरेमनी का एक वीडियो शेयर किया है। पंजाबी शादियों की परंपरा के मुताबिक, दुल्हन अपनी सहेलियों और बहनों के सिर पर कलीरा गिराने की रस्म निभाती है। अंशुला ने जब कलीरा पीछे की तरफ उछाला, तो वह किसी लड़की के बजाय सीधे उनके भाई अर्जुन कपूर पर जाकर गिरा। कलीरा गिरते ही वहां मौजूद जान्हवी कपूर, खुशी कपूर और बाकी रिश्तेदार हंसने लगे। अर्जुन कपूर भी कलीरा गिरने के बाद अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए। उनके इस रिएक्शन का वीडियो इंटरनेट पर काफी देखा जा रहा है। अंशुला ने लिखा- इस कलीरे पर स्माइल लिखा था इस वीडियो को पोस्ट करते हुए अंशुला ने भाई अर्जुन कपूर की खिंचाई भी की। उन्होंने लिखा कि उन्होंने आज तक किसी को कलीरा से चुने जाने के लिए इतना एक्साइटेड नहीं देखा है। अंशुला ने यह भी बताया कि अर्जुन पर जो कलीरा गिरा, उस पर अंग्रेजी में ‘स्माइल’ लिखा हुआ था और कलीरा गिरते ही अर्जुन पूरे समय मुस्कुराते रहे। पंजाबी रस्मों में माना जाता है कि दुल्हन का कलीरा जिस अविवाहित व्यक्ति पर गिरता है, अगली शादी उसी की होती है। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोग अर्जुन को बधाई दे रहे हैं। भाई को गले लगाकर भावुक हो गईं अंशुला मजाक और मस्ती के बीच चूड़ा सेरेमनी के दौरान एक बेहद भावुक पल भी देखने को मिला। अंशुला कपूर अपनी रस्मों के दौरान भाई अर्जुन कपूर को गले लगाकर रो पड़ीं। मां मोना शौरी के निधन के बाद अर्जुन कपूर ने ही अपनी बहन अंशुला की देखभाल की है, इसलिए दोनों के बीच बेहद मजबूत बॉन्डिंग है। भाई-बहन की इस इमोशनल तस्वीर को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। फैंस दोनों के इस जुड़ाव की तारीफ कर रहे हैं। बोनी, जान्हवी और ओरी समेत पूरा कपूर परिवार पहुंचा अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की इस शादी में पूरा कपूर परिवार एक साथ नजर आया। मुंबई में हुए इस फंक्शन में पिता बोनी कपूर, बहन जान्हवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर और संजय कपूर शामिल हुए। इनके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी (ओरहान अवत्रामणि) भी इस सेलिब्रेशन का हिस्सा बने। ओरी ने भी कपूर बहनों के साथ इंस्टाग्राम पर कई इनसाइड तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें पूरा परिवार डांस और म्यूजिक का आनंद लेता दिख रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
देश में ‘बाहर खाने’ के बजाय ‘घर मंगाने’ का क्रेज:8.5 लाख करोड़ के फूड मार्केट में क्लाउड किचन बने मुनाफे की मशीन

भारत में ‘बाहर खाने’ से ज्यादा अब ‘घर पर मंगाकर खाने’ का क्रेज बढ़ रहा है। रेडसीर स्ट्रैटजी कंसल्टेंट्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश का फूड सर्विसेज बाजार अभी 8.5 लाख करोड़ रुपए का है, जो 2030 तक बढ़कर करीब ₹14.3 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा। इस पूरी ग्रोथ की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब मुनाफा कमाने के लिए आलीशान रेस्टोरेंट खोलने की जरूरत नहीं रह गई है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी की रफ्तार ऑफलाइन के मुकाबले करीब ढाई गुना तेज है। क्लाउड किचन मॉडल (बिना बैठने की व्यवस्था वाला सिर्फ ऑनलाइन डिलीवरी आधारित किचन) इस समय फूड इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ और मुनाफे की मशीन साबित हो रहा है। फूड डिलीवरी: छोटे शहरों में 3 गुना बढ़े ऑर्डर्स; क्लाउड किचन की 90% कमाई ऑनलाइन से कुल मार्केट में ऑनलाइन डिलीवरी की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2021 के 4% से बढ़कर 2026 में 11% हो गई। 2031 तक 18% होने का अनुमान है। नए क्लाउड किचन ब्रांड्स 90% रेवेन्यू ऑनलाइन चैनलों से कमाते हैं, वहीं रेस्टोरेंट 50% पर ही हैं। यह ट्रेंड छोटे शहरों तक पहुंच चुका है। 2021-26 के बीच मेट्रो शहरों में ऑर्डर्स 30 करोड़ से बढ़कर 106 करोड़ हुए, तो वहीं टियर-2, छोटे शहरों में 6 करोड़ से 3 गुना बढ़कर 18 करोड़ पहुंच गए हैं। कम लागत का खेल: रेबेल फूड्स और बेकिंगो जैसे ब्रांड्स की 3 कड़ियों वाली सीक्रेट प्लेबुक 1. शेयर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर: महंगे शोरूम की जगह पीछे गलियों में शेयर्ड किचन खोलना, जिससे फिक्स्ड कॉस्ट घटती है। जैसे रेबेल फूड्स, बेकिंगो। 2. फोकस्ड मेन्यू: मेन्यू में 50 चीजें रखने के बजाय सिर्फ चुनिंदा आइटम रखना। इससे कच्चे माल की बर्बादी रुकती है और किचन की स्पीड बढ़ती है। जैसे द बेल्जियन वेफल। 3. प्रीमियम पोजिशनिंग: हेल्दी या प्रीमियम कैटेगरीज में खुद को ढालना, जिससे ग्राहक ऊंची कीमत देने को तैयार हो जाए। चाय, कॉफी और स्नैक्स: क्लाउड किचन के लिए 4.2 लाख करोड़ रु. के नए हॉटस्पॉट बन रहे लंच-डिनर के अलावा अब शाम के स्नैक्स और बेवरेजेज सेगमेंट में क्लाउड किचन के लिए भारी संभावनाएं हैं। स्नैक्स-डेजर्ट स्नैक्स का बाजार 1.9 लाख करोड़, डेजर्ट/बेवरेजेज का 2.3 लाख करोड़ का हो चुका है। शेक्स, जूस डिलीवरी के लिहाज से शाम के लोकप्रिय नाश्ते बन रहे हैं। कॉफी में प्रीमियमाइजेशन आउट-ऑफ-होम कॉफी मार्केट 2030 तक ~38 हजार करोड़ का होगा। इसमें मिड-सेगमेंट (₹~100-~200) की ग्रोथ सबसे तेज 35-40% सालाना है। प्रीमियम चाय भले ही चाय में 97% बाजार ₹~20 से कम वाली टपरी का हो, लेकिन ₹100 से ऊपर वाली प्रीमियम चाय का सेगमेंट 20-25% सालाना की रफ्तार से बढ़ रहा है। चैलेंज कहां है? बड़े चाय-कॉफी ब्रांड्स का ग्रॉस मार्जिन तो 62-67% है, लेकिन बड़े स्टोर साइज और ऊंचे किराए के कारण उनका मुनाफा (एबिटा) 5-9% पर सिमट जाता है। यहीं पर क्लाउड किचन मॉडल बाजी मार सकता है, अगर यही प्रीमियम चाय-कॉफी क्लाउड किचन मॉडल से बेची जाए, तो रेंट कॉस्ट घटते ही मुनाफा दोगुना हो सकता है।
ब्लड शुगर से लेकर वजन तक…सेहत के लिए रामबाण है अमरूद के औषधि की चाय, जानिए कैसे और कैसे पीएं

आज हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है। रक्तचाप, उच्च वजन और पाचन तंत्र आज के समय की सबसे आम बीमारियाँ बन गई हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके घर में आसानी से मिलने वाले अमरूद के पेड़ में ही इन सभी समस्याओं का समाधान छिपा है? अमरूद का फल तो सेहत के लिए जादुई होता है, लेकिन इसके पत्ते औषधीय गुणों का खजाना हैं। आयुर्वेद में अमरूद की चाय को एक बेहतरीन ‘हेल्थ टॉनिक’ माना जाता है। आइए जानते हैं इसके फायदे और इसे पीने के सही तरीके के बारे में। अमरूद के व्यापारी की चाय के फायदे क्या-क्या हैं? अमरूद के दुकानदारों के चाय भोजन के बाद रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ने से रोका जाता है। यह बॉडी में रिव्यू के लेवल को स्टोरी करता है, जिससे टाइप-2 के मरीजों को बहुत फायदा होता है।अगर आपका पेट खराब और बढ़ते वजन से संबंधित है, तो यह आपकी मदद कर सकता है। यह कार्बोहाइड्रेट कॉम्प्लेक्स को शुगर में बदलने से रोकता है, जिससे शरीर में फैट जमा नहीं होता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है।अमरूद के दुकानदारों में विरोधी-साम्राज्य गुण होते हैं। इसके चाय पीने से पेट के निरपेक्ष बाज़ार ख़त्म हो जाते हैं। इससे गैस, अपच, कंजेशन और दस्त जैसे मुद्दों में तत्काल राहत मिलती है।यह चाय खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करती है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बेहतर होता है और दिल की हालत खतरे में पड़ जाती है। अमरूद के आर्किटेक्ट की चाय कैसे खरीदें? 4-5 अमरूद के समुद्री डाकू और साफा पत्ते, एक गिलास पानी, और स्वाद वाला छोटा सा शहद या नींबू का रस। सबसे पहले शिक्षक को पानी से अच्छी तरह धो लें। अब एक पैन में पानी के शौकीन और मसाले इन दुकानदारों को डाल दिए जाते हैं। पानी को 8-10 मिनट तक धीमा झटका तब तक जब तक पानी का रंग हरा या पीला न हो जाए। इसके बाद गैस बंद करें, चाय को अच्छा लें। स्वाद के लिए आप शहद या लेस्बियन में मिल सकते हैं। मुख्य लाभ पाने के लिए इस चाय को सुबह खाली पेट की खुराक सबसे सही माना जाता है। वजन और शुगर को नियंत्रित करने के लिए आप इसे दोपहर या रात के भोजन के बाद एक घंटे बाद भी ले सकते हैं। 1 से 2 कप चाय का सेवन गोदाम में है। (टैग्सटूट्रांसलेट)स्वास्थ्य(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ(टी)जीवनशैली(टी)अमरूद की पत्ती की चाय(टी)रक्त शर्करा(टी)वजन कम करना
RPSC APP Recruitment 371 Posts

सहायक अभियोजन अधिकारी-एपीपी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट कल (7 जुलाई) है। . इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारम्भिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका शेड्यूल तय समय पर जारी कर दिया जाएगा। ……… पढें ये खबर भी…. राजस्थान बोर्ड-10वीं-12वीं एग्जाम के लिए आज से भरे फार्म:इस साल से 200 रुपए फीस बढ़ाई, जानिए-कब से कब तक क्या रहेगी फीस राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं-12वीं एग्जाम के लिए आवेदन फार्म आज से भरे जा सकते हैं। इस बार 200 रुपए की फीस बढ़ा दी गई है। 6 अगस्त तक 850 रुपए फीस होगी। बिना लेटफीस एक माह का समय दिया गया है। पूरी खबर पढें
31 जुलाई तक भर सकते हैं आयकर रिटर्न:ये 4 बातें सीनियर सिटीजन को टैक्स में राहत देंगी, मदद करेगी यह गाइड

पेंशनर्स व गैर व्यावसायिक आय वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2025-26 का आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किसे आईटीआर भरना है, किसे नहीं और कौन-सी टैक्स व्यवस्था आपके लिए फायदेमंद है। 1. 75 वर्ष से अधिक आयु वालों को आईटीआर भरने से छूट है – यदि उम्र 75 वर्ष या अधिक है तो धारा 194P के तहत आईटीआर दाखिल करने से छूट मिल सकती है। – आय सिर्फ पेंशन से है। ब्याज आय केवल उसी बैंक में है, जहां पेंशन आती है। बैंक में फॉर्म-125 जमा किया है तो बैंक स्वयं टैक्स की गणना कर टीडीएस काट लेगा। इसके बाद रिटर्न भरने से छूट मिल जाएगी। चेतावनी: यदि अन्य आय जैसे- शेयर, म्यूचुअल फंड, किराया या लाभ की स्थिति में यह छूट लागू नहीं होगी। 2. टैक्स गणना में जो रिजीम फायदे में, उसे चुन सकते हैं – वित्त वर्ष 2025-26 से नई कर व्यवस्था (धारा 115BAC) डिफॉल्ट व्यवस्था है। पुरानी व्यवस्था चुनने के लिए आईटीआर दाखिल करते समय स्पष्ट रूप से विकल्प चुनना होगा। – पुरानी व्यवस्था लाभदायक हो सकती है- यदि धारा 80C में निवेश, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80D), होम लोन ब्याज या अन्य कटौतियां अधिक हों। – नई व्यवस्था लाभदायक हो सकती है यदि कटौतियां कम हों, सामान्य आय ₹12 लाख तक हो। आईटीआर भरने से पहले दोनों रिजीम में टैक्स गणना अवश्य करें। 3. पुरानी टैक्स रिजीम में अभी भी आप ले सकते हैं ये छूट – धारा 80C: एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी, एससीएसएस, एफडी निवेश पर डेढ़ लाख ₹की कटौती। – धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा पर ₹50 हजार तक कटौती। यदि स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो वास्तविक चिकित्सा खर्च पर भी 50 हजार रुपए तक की कटौती है। – धारा 80TTB: बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर की जमा राशि पर ब्याज आय में ₹50 हजार तक की कटौती, लेकिन एनआरआई को यह लाभ नहीं मिलता है। – धारा 80DDB: कैंसर, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर 1 लाख रु. ₹तक की कटौती। 4. यदि टीडीएस कट गया है तो रिफंड के लिए आईटीआर भरें – वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बैंक में ब्याज आय ₹50 हजार से अधिक होने पर बैंक 10% टीडीएस काटता है। – यदि आपकी कुल आय कर योग्य नहीं है तो हर वित्त वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म-15H जमा करने के बाद टीडीएस नहीं कटने की राहत मिलती है। – यदि वित्तीय वर्ष के शुरुआत में आपने फॉर्म-15H नहीं भरा है और बैंक ने टीडीएस काट लिया है तो रिफंड पाने के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। – आईटीआर भरने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना भी जरूरी है, अन्यथा रिटर्न अधूरा माना जाएगा। जानिए कहां कितनी आय पर छूट मिल रही है ओल्ड रिजीम में छूट: 60-80 वर्ष वालों को ₹3 लाख तक की आय और 80+वर्ष वालों को ₹5 लाख की आय पर छूट है। न्यू रिजीम में छूट- इसमें सभी वर्ग के लिए सीमा 4 लाख है। धारा 87A-छूट- ओल्ड में ₹5 लाख आय पर ₹12,500 रु.। न्यू रिजीम में छूट- ₹ 12 लाख की आय पर ₹60 हजार रु. तक। (नोट: पूंजीगत लाभ जैसे- इक्विटी शेयरों आदि से होने वाली आय पर धारा 87A की छूट लागू नहीं होती।)








