Tuesday, 07 Jul 2026 | 09:57 PM

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AI Spending Cuts Lead to 4,800 Job Losses

AI Spending Cuts Lead to 4,800 Job Losses

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक माइक्रोसॉफ्ट अपनी टोटल वर्कफोर्स में करीब 2.1% की कटौती कर रही है, जिसके तहत लगभग 4,800 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। टेक इंडस्ट्री में चल रही छंटनी के बीच विंडोज बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी ने यह फैसला AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च और बिजनेस में एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए लिया है। AI पर खर्च बढ़ने से टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ा बिग टेक कंपनियों का AI पर खर्च इस साल 700 बिलियन डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसके चलते कंपनियों पर इनवेस्टमेंट का रिटर्न दिखाने और टेक्नोलॉजी को लागू करने में आ रही भारी लागत को कम करने का दबाव बढ़ रहा है। इसी दबाव के कारण इस साल अमेजन और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने भी अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। 6 महीने में माइक्रोसॉफ्ट का शेयर 20% टूटा माइक्रोसॉफ्ट ने छंटनी की यह घोषणा एक मुश्किल छमाही के बाद सोमवार को की है। साल 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में लगभग 20% की गिरावट आई है, जो साल 2022 के बाद से कंपनी का सबसे खराब छमाही प्रदर्शन है। जून के अंत में अक्सर छंटनी करती है कंपनी इससे पहले इसी साल सॉफ्टवेयर दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अमेरिकी वर्कफोर्स के करीब 7% यानी लगभग 9,000 कर्मचारियों को वॉलंटरी बायआउट का ऑफर दिया था। माइक्रोसॉफ्ट अक्सर जून में अपने फाइनेंशियल ईयर के अंत के करीब नौकरियों में कटौती करती है, क्योंकि इसी समय कंपनी नए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी खर्च योजनाओं को अंतिम रूप देती है। डेटा सेंटर्स बनाने की बढ़ती लागत से कैश फ्लो पर असर AI की मजबूत मांग के कारण माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस में अच्छी ग्रोथ देखी गई है, जो अप्रैल तक ओपनएआई के मॉडल्स का एक्सक्लूसिव सेलर था। हालांकि, इन सर्विसेज को सपोर्ट करने के लिए डेटा सेंटर्स बनाने की लगातार बढ़ती लागत ने कंपनी के कैश फ्लो पर भारी दबाव डाल दिया है। 2026 के लिए 190 बिलियन डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर अनुमान कंपनी इस महीने के अंत में अपने तिमाही नतीजे घोषित कर सकती है। इससे पहले अप्रैल में कंपनी ने वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से अधिक तिमाही एज्योर रेवेन्यू का अनुमान जताया था। इसके साथ ही कंपनी ने साल 2026 के लिए 190 बिलियन डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान लगाया है, जो विश्लेषकों की उम्मीदों से काफी ज्यादा है। एक्सबॉक्स कंसोल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हुई कंपनी रूटीन बिजनेस टास्क को ऑटोमेट करने वाले AI टूल्स भी माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर बिजनेस के लिए एक चुनौती बनकर उभरे हैं। इसके साथ ही, डेटा सेंटर की मांग के कारण मेमोरी चिप की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस वजह से कंपनी को अपने एक्सबॉक्स (Xbox) गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जबकि बाजार में इसकी मांग पहले से ही कमजोर चल रही थी। गेमिंग डिवीजन का प्रॉफिट मार्जिन गिरकर 3% पर आया गेमिंग डिवीजन की नई हेड आशा शर्मा ने पिछले महीने कहा था कि इस बिजनेस को एक ‘रीसेट’ की जरूरत है। गेमिंग डिवीजन का प्रॉफिट मार्जिन गिरकर 3 प्रतिशत पर आ गया है, जिससे रीस्ट्रक्चरिंग जरूरी हो गई है। इस रीस्ट्रक्चरिंग में संभावित मर्जर और एक्विजिशन (M&A) भी शामिल हो सकते हैं। कर्मचारियों को भेजे और कंपनी की वेबसाइट पर पब्लिश एक मेमो में आशा शर्मा ने कहा कि एक्टिविजन ब्लिजार्ड किंग को छोड़कर, पिछले पांच वर्षों में हमने अपने कंटेंट, प्लेटफॉर्म और हार्डवेयर सब्सिडी पर चल रहे इनवेस्टमेंट में 20 बिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए हैं। हालांकि, इस दौरान हमारा सालाना रेवेन्यू करीब आधा बिलियन डॉलर घट गया है। आगे चलकर इसे ऐसे ही जारी नहीं रखा जा सकता। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी एक्सबॉक्स गेमिंग यूनिट को एक अलग कंपनी बनाने या इसे पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में रीस्ट्रक्चर करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… भगोड़े नीरव मोदी को जल्द लाया जा सकता है भारत: यूरोपियन-कोर्ट में आखिरी केस भी हारा; पिछले 7 साल से लंदन की जेल में बंद भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता अब साफ हो गया है। नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपना आखिरी केस भी हार गया है। जिसके बाद उसको भारत लाने यानी प्रत्यर्पण के मामले में बची आखिरी कानूनी बाधा भी दूर हो गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Delhi Per Capita Income ₹5.20 Lakh; India States in Upper-Middle Income

Delhi Per Capita Income ₹5.20 Lakh; India States in Upper-Middle Income

Hindi News Business Delhi Per Capita Income ₹5.20 Lakh; India States In Upper Middle Income नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड बैंक के प्रति व्यक्ति आय के मानकों के अनुसार भारत के 5 राज्य अब अपर-मिडिल-इनकम कैटेगरी में शामिल हो गए हैं। हालांकि देश अभी भी लोअर-मिडिल इनकम इकोनॉमी बना हुआ है। मनीकंट्रोल के एक एनालिसिस में वर्ल्ड बैंक के क्लासिफिकेशन और राज्यों के इनकम डेटा के आधार पर यह बात सामने आई है। इस हफ्ते वर्ल्ड बैंक ने लगातार सुधार के बाद श्रीलंका, वियतनाम और फिलीपींस को हायर-इनकम कैटेगरी में प्रमोट किया है। भारत की स्थिति और वर्ल्ड बैंक के मानक भारत वर्तमान में एटलस-मेथड के तहत $2,760 यानी करीब ₹2.63 लाख प्रति व्यक्ति आय के साथ लोअर-मिडिल इनकम देशों में शामिल है। यह लोअर-मिडिल इनकम के औसत $2,488 लगभग ₹2.37 लाख से थोड़ा ही ज्यादा है और अपर-मिडिल इनकम के $4,636 (करीब ₹4.42 लाख) के थ्रेशोल्ड यानी लेवल से काफी नीचे है। वर्ल्ड बैंक के क्लासिफिकेशन के नियम इस प्रकार हैं… लो-इनकम देश: $1,175 यानी करीब ₹1.12 लाख से कम प्रति व्यक्ति आय। लोअर-मिडिल इनकम: $1,175 (₹1.12 लाख) से $4,635 (₹4.42 लाख) के बीच प्रति व्यक्ति आय। हाइअर-इनकम: $14,375 यानी 13.71 लाख रुपए से अधिक प्रति व्यक्ति आय। दिल्ली टॉप पर, इन 5 राज्यों ने पार किया बेंचमार्क देश में $6,217 (करीब ₹5.93 लाख) प्रति व्यक्ति आय के साथ दिल्ली सबसे आगे है। इसके बाद कर्नाटक (₹5.32 लाख), तेलंगाना (₹5.15 लाख), तमिलनाडु (₹5.08 लाख) और गुजरात (₹4.51 लाख) का नंबर आता है। ये पांचों राज्य वर्ल्ड बैंक के अपर-मिडिल इनकम कटऑफ को आसानी से पार कर चुके हैं। दूसरी ओर, तीन प्रमुख राज्य बहुत मामूली अंतर से इस लिस्ट में आने से चूक गए। महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय ₹4,41 लाख है, जो कटऑफ से सिर्फ $8 यानी 763 रुपए कम रह गई। हरियाणा ₹4,40 लाख के साथ $9 यानी 858 रुपए से चूका, जबकि केरल ₹4,39 लाख के साथ बेंचमार्क से सिर्फ $26 यानी 2,480 रुपए पीछे रह गया। बिहार सबसे गरीब राज्य, नेपाल से भी कम कमाई इसके विपरीत, बिहार $984 (करीब ₹93,895) प्रति व्यक्ति आय के साथ देश का सबसे गरीब बड़ा राज्य बना हुआ है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (₹1.33 लाख) और झारखंड (₹1.40 लाख) का स्थान है। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों की औसत कमाई नेपाल और उप-सहारा अफ्रीकी देशों से भी कम है। पिछले तीन दशकों में आया बड़ा बदलाव साल 1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य वर्ल्ड बैंक के मौजूदा मानकों के तहत मिडिल-इनकम इकोनॉमी में आने की स्थिति में नहीं था। आज कई राज्यों की इनकम साउथ अफ्रीका (₹5.98 लाख), फिजी (₹5.94 लाख) और मंगोलिया (₹5.92 लाख) जैसे देशों के बराबर हो चुकी है। कर्नाटक और तेलंगाना तो इंडोनेशिया (₹4.88 लाख) और वियतनाम (₹4.74 लाख) जैसे देशों से भी आगे निकल चुके हैं। राज्यों के बीच बढ़ी आर्थिक असमानता आर्थिक तरक्की के बावजूद राज्यों के बीच आपसी असमानता बढ़ी है। राज्यों के बीच का अंतर साल 1994-95 के 0.230 से बढ़कर 2025-26 में 0.261 हो गया है। वहीं 90वें और 10वें पर्सेंटाइल वाले राज्यों के बीच का अंतर 2.38 गुना से बढ़कर 3.73 गुना हो गया है, जो बढ़ती आर्थिक दूरी को दर्शाता है। डेटा के अनुसार, मिडिल-इनकम वाले राज्यों ने इस अवधि में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की है और वे 1994-95 के मुकाबले 36.7 गुना बढ़े हैं। इसकी तुलना में सबसे अमीर राज्यों का ग्रुप 28.3 गुना और सबसे गरीब राज्यों का ग्रुप 26.6 गुना बढ़ा है। कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु इस ग्रोथ में आगे रहे, जबकि बिहार, यूपी और झारखंड लगातार पीछे बने हुए हैं। किसी को फायदा तो कोई रह गया पीछे तीन दशक पहले उत्तर प्रदेश और ओडिशा की इनकम का स्तर लगभग एक जैसा था, लेकिन आज ओडिशा की प्रति व्यक्ति आय यूपी से 75% ज्यादा है। इसी तरह झारखंड और असम कभी बराबरी पर थे, लेकिन साल 2025-26 में असम की प्रति व्यक्ति आय झारखंड से 48% अधिक दर्ज की गई। वहीं पंजाब के लिए बड़ा उलटफेर हुआ है। साल 1994-95 में सभी बड़े राज्यों के बीच सबसे ज्यादा कमाई करने वाला पंजाब, अब राजस्थान के बराबर आ गया है और देश के सात अन्य राज्यों से पीछे छूट चुका है। क्या होता है एटलस मेथड? वर्ल्ड बैंक देशों की प्रति व्यक्ति आय नापने के लिए एटलस मेथड का इस्तेमाल करता है। इसमें तीन साल के एक्सचेंज रेट का एवरेज निकाला जाता है, ताकि महंगाई और करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर कम से कम हो और सही तुलना की जा सके। ये खबर भी पढ़ें… भगोड़े नीरव मोदी को जल्द लाया जा सकता है भारत: यूरोपियन-कोर्ट में आखिरी केस भी हारा; पिछले 7 साल से लंदन की जेल में बंद भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता अब साफ हो गया है। नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपना आखिरी केस भी हार गया है। जिसके बाद उसको भारत लाने यानी प्रत्यर्पण के मामले में बची आखिरी कानूनी बाधा भी दूर हो गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Mohanlal Declares 10 Elephant Ivories & 13 Statues

Mohanlal Declares 10 Elephant Ivories & 13 Statues

9 मिनट पहले कॉपी लिंक मलयालम एक्टर मोहनलाल ने केरल वन विभाग के सामने 10 हाथी के दांत और हाथी दांत से बनी 13 मूर्तियां घोषित की हैं। यह घोषणा एक्टर ने सरकार की एमनेस्टी (माफी) योजना के तहत की है। मोहनलाल पर हाथी दांत गैर-कानूनी तरीके से रखने का 15 साल पुराना मामला चल रहा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी मूर्तियों का कुल वजन करीब 46 किलोग्राम है, जिनमें भगवान कृष्ण, राम और तिरुपति बालाजी की मूर्तियां शामिल हैं। एक्टर ने कहा कि यह चीजें उन्हें विरासत या तोहफे में मिली थीं। वन अधिकारियों के अनुसार, मोहनलाल ने पहले केवल चार हाथी के दांत होने की जानकारी दी थी। अब उन्होंने छह और हाथी दांत के साथ 13 मूर्तियों की घोषणा की है। वन विभाग इन चीजों की जांच के लिए डीएनए टेस्ट भी करा सकता है। एक्टर ने 10 हाथी के दांत और उनसे बनी 13 मूर्तियां घोषित की हैं। 2011 में रेड के दौरान मिली थीं यह पूरा मामला साल 2011 का है। तब इनकम टैक्स के अधिकारियों ने कोच्चि के थेवारा इलाके में स्थित मोहनलाल के घर पर रेड की थी। टीम वहां वित्तीय दस्तावेज और कैश तलाशने गई थी, लेकिन उन्हें घर में हाथी दांत और उससे बनी कलाकृतियां सजी हुई मिलीं। सरकार की मंजूरी के बिना हाथी दांत रखना वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत गैर-कानूनी है। इसके बाद वन विभाग ने इन चीजों को जब्त कर पेरुम्बावूर कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। मोहनलाल पर हाथी दांत गैर-कानूनी तरीके से रखने का 15 साल पुराना मामला चल रहा है। (फाइल फोटो) एक्टर ने कहा था- कानून की जानकारी नहीं थी डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहनलाल ने तब दावा किया था कि यह हाथी दांत एक ऐसे पालतू हाथी के हैं, जिसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। उन्होंने इसे केवल याद के तौर पर अपने पास रखा था। एक्टर का कहना था कि उन्हें इसे रखने के गैर-कानूनी होने की जानकारी नहीं थी। इसके बाद साल 2015 में सरकार ने उन्हें इन हाथी दांतों की घोषणा करने की अनुमति दे दी और साल 2016 में उन्हें ओनरशिप सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया। मोहनलाल एक प्रोफेशनल रेसलर थे। वह 1977 से 1978 तक स्टेट रेसलिंग चैंपियन रहे। कोर्ट के फैसले के बाद रद्द हुआ सर्टिफिकेट मोहनलाल ने पेरुम्बावूर कोर्ट के आदेश को केरल हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से उन्हें साल 2025 तक अंतरिम रोक मिल गई थी। एक्टर ने साल 2016 और 2019 में सरकार से केस वापस लेने की अपील भी की थी, जिसे साल 2023 में खारिज कर दिया गया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में हाई कोर्ट ने रिटायर्ड फॉरेस्ट अफसरों और वन्यजीव संरक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए मोहनलाल के ओनरशिप सर्टिफिकेट को अवैध घोषित कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने एक्टर पर मुकदमा चलाने का आदेश नहीं दिया। अब वन विभाग इन हाथी दांतों और मूर्तियों की असलियत का पता लगाने के लिए इनका डीएनए टेस्ट करा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

शिमला मिर्च गाजर चिल्ला रेसिपी: खोज में बोले गए लगातार मिर्च और गाजर से बना चीला, स्वाद ऐसा की सब पूछेंगे रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप बेसन, 1 गाजर, 1 छोटा चम्मच काली मिर्च, 1 छोटा प्याज, 2 हरी मिर्च, हरा धनिया, ½ छोटा मोटा आटा, ¼ छोटा मोटा हल्दी, ½ छोटा टुकड़ा लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा टुकड़ा धनिया पाउडर, ½ छोटा मोटा धनिया पाउडर, स्वाद मसाला नमक, तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: बेसन में सबसे पहले एक बड़ा स्थान। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, नमक और नमक मिलाया जाता है। छवि: एआई इसके बाद कद्दूकस की हुई गाजर, स्ट्रॉबेरी कटी मिर्च प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डाले हुए एक ब्लॉग तैयार करें। छवि: फ्रीपिक ध्यान रखें कि नासा न अधिक नमक हो और न ही अधिक नमक हो। इसे 10 मिनट के लिए ठीक करके रख लें। अब गर्म करें और चमकाएं तेल या घी। तैयार नासा को तवे पर नामांकित गोल आकार में फैलाया गया। छवि: एआई मध्यम किनारे पर दोनों तरफ से सोना और कुरकुरा होने तक सेंक लें। जब चीला दोनों तरफ से अच्छी तरह पक जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बाकी नासाल से भी चिली तैयार कर लें। छवि: एआई गरमा-गर्म मिर्च और गाजर का चीला हरी धनिया की चटनी, टमाटर की चटनी, दही या मसाला के साथ मसाले। सुबह के नाश्ते, बच्चों के टिफ़िन या शाम की भूख के लिए यह एक बेहतरीन और उपयोगी विकल्प है। छवि: एआई चिली को सबसे स्वादिष्ट बनाने के लिए चिली में छोटी सा सूजी या चावल का आटा मिला सकते हैं. इससे चीला चित्र कुकुरा गाएगा। छवि: एआई

Rapido Job Hunt: 500 Apps, Still No Gig

Rapido Job Hunt: 500 Apps, Still No Gig

12 मिनट पहले कॉपी लिंक कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई करने के बाद जब नौकरी न मिले तो हारकर बैठ जाने के बजाय नए जॉब के अवसर तलाशने में ही समझदारी है। ये बात इस रैपिडो राइडर की कहानी से समझी जा सकती है। इसकी कहानी एक ट्विटर यूजर ने अपने अकाउंट पर शेयर की। इस यूजर का नाम नीरज है। फर्स्ट डिवीजन की डिग्री, फिर भी नहीं मिली नौकरी नीरज ने बताया कि राइड के दौरान उन्होंने अपने रैपिडो राइडर के हेलमेट पर एक कॉलेज का स्टिकर देखा। ट्रैफिक में इंतजार करते समय दोनों में बातचीत शुरू हुई। पोस्ट के अनुसार, राइडर ने इस साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन की डिग्री के साथ ग्रेजुएट किया था। उसके बाद अलग-अलग कंपनियों में आवेदन भेजने के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिली। बचत खत्म होने पर की रैपिडो राइडर की नौकरी रैपिडो राइडर ने नीरज को बताया कि जब उसकी सारी बचत खत्म हो गई और नौकरी नहीं मिली तो उसने रैपिडो राइडर का काम शुरू किया। वह 2 महीने से हर दिन सुबह 6 बजे से राइड कर रहा है। राइडर ने यह भी बताया कि उसके माता-पिता को लगता था कि वह अभी भी घर पर इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है। उसने उन्हें रैपिडो राइडर के काम के बारे में नहीं बताया क्योंकि उसे अपनी स्थिति समझाने का तरीका नहीं सूझ रहा था। नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी की कमी नीरज से बात करते हुए वह कहने लगा कि ‘बाजार की स्थिति अभी ऐसी है,’ और उसके बाद ऐसे गाड़ी चलाता रहा जैसे सब कुछ बिल्कुल सामान्य हो। नीरज ने पोस्ट खत्म करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता, लेकिन ऐसा लगता है कि यह हमारी सोच से कहीं अधिक लोगों के साथ हो रहा है। शायद अभी नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी का बाजार विशेष रूप से कठिन है।” meet a guy on rapido last week recognized the college sticker on his helmet and ended up talking to him for like 10 mins while we were stuck in trafficturns out he graduated this year first division CS and now two months later he’s doing 6am rides everyday cause savings ran…— Niraj (@nirajxdev) July 3, 2026 सोशल मीडिया पर यूजर ने किए कमेंट्स एक यूजर ने कहा दुर्भाग्य है देश का जो ऐसे काबिल नवजवानों की काबिलियत नहीं रख पा रहा है इसलिए लोग देश छोड़कर विदेश में नौकरी करना, बसने के लिए जा रहे हैं। वहीं दूसरे यूजर के अनुसार, सिर्फ डिग्री होने से नौकरी नहीं मिलती है, साथ मे योग्यता, स्किल, काम करने के प्रति उत्साह, सीखने की इच्छा आदि बहुत सी चीजे देखी जाती है। किसी ने ये भी लिखा कि 100, 200 रुपए हर दिन कमाएगा बेचारा। इसके जवाब में दूसरे यूजर ने कहा – मेरा दोस्त रैपिडो चलाता है। एक दिन में 700 रुपए कमा लेता है। ये खबर भी पढ़ें 50 साल पुराना कोएड स्कूल बॉयज स्कूल निकला:प्रशासन ने बिना बताए किया बदलाव, 120 लड़कियों का एडमिशन कैंसिल हुआ पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Large, Mid & Small Cap Benefits by Rohit Girdhar

Large, Mid & Small Cap Benefits by Rohit Girdhar

Hindi News Business Multicap Fund Advantage: Large, Mid & Small Cap Benefits By Rohit Girdhar 15 मिनट पहले कॉपी लिंक ऐसे मार्केट में जहां लीडरशिप लार्ज, मिड और स्मॉल कैप के बीच बदलती रहती है, सारा पैसा एक ही जगह लगाने से आप मौके चूक सकते हैं। यह वीडियो बताता है कि मल्टीकैप फंड क्या है, यह तीनों मार्केट कैप सेगमेंट में इन्वेस्टमेंट को कैसे फैलाता है, और यह डायवर्सिफाइड तरीका इन्वेस्टर्स को मार्केट के उतार-चढ़ाव वाले दौर से निपटने में कैसे मदद कर सकता है। यह जानने के लिए वीडियो देखें कि किसे इसमें इन्वेस्ट करने के बारे में सोचना चाहिए और इसके लिए सही इन्वेस्टमेंट का समय क्या है। निवेश नाऊ फिनटेक के फाउंडर रोहित गिरधर ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टीकैप फंड के बारे में क्या कहा जानने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Lockup 2 Madhuri Jain Grover Controversial Statement On Rich Poor Kids

Lockup 2 Madhuri Jain Grover Controversial Statement On Rich Poor Kids

19 मिनट पहले कॉपी लिंक नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो ‘लॉकअप 2’ में बिजनेसमैन अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के एक बयान पर विवाद हो गया है। शो में एलिमिनेशन से बचने के लिए माधुरी ने अपनी पर्सनल जिंदगी से जुड़ा एक सीक्रेट शेयर किया। इस दौरान उन्होंने अमीर और गरीब लोगों के बच्चे पैदा करने को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी। माधुरी का यह सीक्रेट उन्हें शो से बाहर होने से तो बचा गया, लेकिन उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें लगातार ट्रोल कर रहे हैं। तीसरा बच्चा चाहते थे अशनीर ग्रोवर माधुरी जैन ग्रोवर ने शो के दौरान अपने परिवार से जुड़ा एक सच सामने रखा। उन्होंने बताया कि वे और अशनीर ग्रोवर एक तीसरा बच्चा चाहते थे। शुरुआत में उनका परिवार इस विचार के खिलाफ था, जिसके कारण उन्होंने अपना फैसला टाल दिया। बाद में जब दोनों ने दोबारा तीसरे बच्चे के लिए मन बनाया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। माधुरी ने कहा कि तीसरा बच्चा आपको जवान रखता है। शाहरुख खान समेत जितने भी अमीर लोग हैं, उनके तीन बच्चे हैं। ‘हम दो हमारे दो’ का यह कॉन्सेप्ट हर किसी पर लागू नहीं होता है। अमीर और गरीब बच्चों पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद अपने सीक्रेट को बताते हुए माधुरी ने आगे कहा कि जितने अमीर लोग बच्चे पैदा करेंगे तो अमीरी बढ़ेगी और गरीब पैदा करेंगे तो गरीबी बढ़ेगी। माधुरी के इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स का कहना है कि यह सोच पूरी तरह से भेदभाव से भरी है। एक यूजर ने लिखा कि यह बयान दिखाता है कि अमीरों का घमंड किस स्तर पर है। इसमें इंसान की गरिमा को उसके बैंक बैलेंस से तौला गया है, जैसे बच्चे पैदा करने का अधिकार सिर्फ अमीर लोगों को ही हो। होस्ट फराह खान और रितेश देशमुख पर भी उठे सवाल सोशल मीडिया पर माधुरी जैन ग्रोवर की आलोचना करने के साथ ही यूजर्स शो के होस्ट पर भी निशाना साध रहे हैं। इस सीजन को फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया कि माधुरी के इतना बड़ा बयान देने के बाद भी शो के होस्ट कुछ नहीं बोल पाए और पूरी तरह चुप रहे। लोगों का कहना है कि भले ही होस्ट इस बात से असहमत रहे हों, लेकिन उन्हें इस तरह के कमेंट पर टोकना चाहिए था। नेटफ्लिक्स के शो से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- राम कपूर ने चीटिंग को किया जस्टिफाई- राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। आकांक्षा चमोला ने बायसेक्शुअल होने की बात कबूली- ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। अब हाल ही में आकांक्षा ने शो में बायसेक्शुअल होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा है कि शादी से पहले उनके लड़कियों से भी रिश्ते रहे हैं और वो लड़कियों की तरफ आकर्षित होती हैं। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है। ये खबर भी पढ़ें नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हो रहे रियलिटी शो लॉक-अप 2 में कंटेस्टेंट्स ने दिए जा रहे खाने की क्वालिटी पर संगीन आरोप लगाए हैं। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, खराब खाना मिलने से रो पड़ीं और दावा किया कि शो में दिया जा रहा सूप, कौए की पेशाब जैसा है। इसके अलावा राम कपूर समेत शो के अन्य कंटेस्टेंट्स भी विरोध में उतर गए और एक रात बिना खाए सोए। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Fugitive Nirav Modi could soon be brought back to India after losing his final case in the European court

Fugitive Nirav Modi could soon be brought back to India after losing his final case in the European court

Hindi News Business Fugitive Nirav Modi Could Soon Be Brought Back To India After Losing His Final Case In The European Court लंदन13 मिनट पहले कॉपी लिंक भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता अब साफ हो गया है। नीरव मोदी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपना आखिरी केस भी हार गए हैं। जिसके बाद उसको भारत लाने यानी प्रत्यर्पण के मामले में बची आखिरी कानूनी बाधा भी दूर हो गई है। न्यूज18 द्वारा एक्सेस किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, यूके की अदालतों में अपील के सभी रास्ते बंद होने के बाद नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का दरवाजा खटखटाया था। यूरोपीय अदालत से भी नीरव मोदी को कोई राहत नहीं मिली है, जिससे अब उसके पास अपने प्रत्यर्पण का विरोध करने के लिए कोई भी कानूनी विकल्प नहीं बचा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त होने के बाद, यूके सरकार ने नीरव मोदी को भारतीय अधिकारियों को सौंपने की प्रोसेस शुरू कर दी है। अब नीरव मोदी को किसी भी समय भारत लाया जा सकता है। नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की एचएमपी वांड्सवर्थ जेल में बंद है। CBI और ED, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के कई हजार करोड़ रुपए के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहे हैं। मानवाधिकार अदालत से भी नहीं मिली राहत नीरव मोदी ने यूके की अदालतों में अपील के सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का रुख किया था। हालांकि, यूरोपीय अदालत ने भी नीरव मोदी को राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद प्रत्यर्पण को चुनौती देने के उसके सारे कानूनी रास्ते अब आधिकारिक रूप से बंद हो गए हैं। यूके सरकार ने शुरू की भारत भेजने की प्रोसेस कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह खत्म होने के बाद अब यूके सरकार एक्शन में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार ने नीरव मोदी को भारतीय जांच एजेंसियों को सौंपने के लिए जरूरी फॉर्मेलिटीज शुरू कर दी हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं और उसे किसी भी समय भारत लाया जा सकता है। मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी पिछले सात सालों से यूके में है और मार्च 2019 से लंदन की एचएमपी वांड्सवर्थ जेल में बंद है। वह जेल में रहते हुए ही भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा था, जिसमें अब उसे पूरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। PNB घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में है तलाश भारत की प्रमुख जांच एजेंसियां, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED), नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं। नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ मिलकर कई हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं, जिनकी जांच के लिए उसे भारत लाना जरूरी है। क्या होती है यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ECHR)? ECHR क्या है: यह एक अंतरराष्ट्रीय अदालत है जो फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में स्थित है। यह यूरोपीय मानवाधिकार कन्वेंशन के उल्लंघन के मामलों की सुनवाई करती है। प्रत्यर्पण में भूमिका: अक्सर यूके की अदालतों से केस हारने के बाद अपराधी मानवाधिकारों का हवाला देकर ECHR में अपील करते हैं। नीरव मोदी के पास यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय कानूनी कवच था, जो अब खत्म हो चुका है। ये खबर भी पढ़ें… नीरव मोदी को बैंक को ₹108 करोड़ चुकाने होंगे: पर्सनल लोन गारंटी मामले में लंदन हाईकोर्ट का फैसला, 7 साल से जेल में बंद है भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया (BOI) को 1.15 करोड़ डॉलर यानी करीब 108 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। लंदन के हाई कोर्ट ने दुबई की एक कंपनी ‘फायरस्टार डायमंड एफजेडई’ के लिए दी गई पर्सनल लोन गारंटी और उस पर लगे ब्याज से जुड़े मामले में ये फैसला सुनाया है। नीरव बीते 7 सालों से लंदन की जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सतलुज:डायरेक्टर हनी त्रेहान बोले- पंजाब की राजनीति में वर्षों से दबे दर्द की कहानी है ये फिल्म

सतलुज:डायरेक्टर हनी त्रेहान बोले- पंजाब की राजनीति में वर्षों से दबे दर्द की कहानी है ये फिल्म

दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘सतलुज’ साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद फाइनली जी5 पर आ रही है। इसके निर्देशक हनी त्रेहान ने खास बातचीत में फिल्म के रिलीज तक के संघर्ष और जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को परदे तक लाने के सफर पर बात की… हनी त्रेहान कहते हैं कि ‘सतलुज’ की सबसे बड़ी चुनौती फिल्म बनाना नहीं, बल्कि उसे दर्शकों तक पहुंचाना रही। शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक किसी तरह की बाधा नहीं आई। पंजाब में जहां-जहां शूटिंग हुई, वहां प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया, लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद थिएट्रिकल रिलीज के लिए सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला और यहीं से संघर्ष शुरू हो गया। करीब साढ़े तीन साल तक फिल्म रिलीज का इंतजार करती रही।’ सिर्फ एक मैसेज किया, 45 सेकेंड में आया जवाब, फिल्म करने को राजी हुए दिलजीत हनी बताते हैं कि ‘कोविड के दौरान मैंने सिर्फ इतना मैसेज किया था कि दिलजीत आप भारत में हैं या अमेरिका? उसी रात उनकी कैलिफोर्निया की फ्लाइट थी, इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि मुलाकात हो पाएगी। कुछ ही सेकेंड में जवाब आया कि समय निकला तो जरूर मिलेंगे। एयरपोर्ट जाते वक्त दिलजीत सीधे मुझसे मिलने पहुंचे। दिलजीत ने एक बार भी पारिश्रमिक या बिजनेस मॉडल के बारे में सवाल नहीं किया। उनकी दिलचस्पी सिर्फ इस बात में थी कि कहानी क्यों कही जा रही है और कितनी ईमानदारी से परदे पर उतारी जाएगी।’ यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान दांव पर लगा दी हनी कहते हैं कि ‘सतलुज’ का उद्देश्य किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन या विरोध करना नहीं है। मेरे लिए यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान तक दांव पर लगा दी। मैं चाहता हूं कि दर्शक फिल्म को खुले मन से देखें और इसके जरिए पंजाब के उस दौर, जसवंत सिंह के संघर्ष और न्याय की अहमियत पर नए सिरे से सोचें। किसी फिल्म की सबसे बड़ी सफलता बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि दर्शकों के मन में उठने वाले सवाल भी होते हैं।’ पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा बकौल हनी…‘सतलुज’ सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं, बल्कि पंजाब के उस दर्द की कहानी है, जो लंबे समय तक इतिहास और राजनीति की परतों में दबा रहा। इतनी संवेदनशील कहानी होने के बावजूद पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस स्टेशन, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर सभी जरूरी अनुमति के साथ काम हुआ और प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया। फिल्म देखने के बाद पंजाब के लोगों ने भी कहा कि पहली बार इस दौर को सनसनी की तरह नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे? जन्म : 2 नवंबर 1952, मृत्यु : 6 सितंबर 1995 घर: तरनतारन, पंजाब अमृतसर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में डायरेक्टर थे। समाजसेवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी थे। शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार विंग से जुड़े थे। जसवंत ने 16 जनवरी 1995 को पंजाब पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए थे। सितंबर 1995 को जसवंत घर के बाहर से गायब हुए। पुलिस पर अपहरण का आरोप लगा। 1995 में ही जसवंत की हत्या भी कर दी गई थी। 2005 में कोर्ट ने जसवंत सिंह केस में पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह समेत 6 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई थी।

बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए:धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय

विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।