Deepika Padukone Flaunts Baby Bump in Latest Ad Shoot

20 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का एक नया विज्ञापन सोशल मीडिया पर चर्चा में है। दीपिका ने एक होटल चेन के लिए यह एड शूट किया है, जिसमें उनका बेबी बंप साफ नजर आ रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, दीपिका ने यह विज्ञापन तब शूट किया था जब वे 4 महीने की प्रेग्नेंट थीं। दीपिका और उनके पति रणवीर सिंह जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। एड में दिखा दीपिका का स्टाइलिश लुक इस नए विज्ञापन में दीपिका पादुकोण काफी स्टाइलिश और अलग लुक में नजर आ रही हैं। उन्होंने एक लग्जरी प्रॉपर्टी के अंदर ब्लू कलर का पैंटसूट पहनकर शूटिंग की है। वीडियो में वे होटल के अलग-अलग हिस्सों में वॉक करती और डांस करती दिख रही हैं। इस पूरे विज्ञापन में उनका प्रेग्नेंसी ग्लो साफ नजर आ रहा है। इंस्टाग्राम पर की थी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने कुछ समय पहले ही इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट पोस्ट शेयर कर दूसरी बार पेरेंट्स बनने की जानकारी दी थी। इस पोस्ट में उनकी बेटी दुआ पादुकोण सिंह एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े नजर आ रही थी, जिस पर दो पिंक लाइनें बनी थीं। दीपिका और रणवीर ने साल 2018 में इटली में शादी की थी। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्होंने अपनी पहली बेटी दुआ का स्वागत किया था। दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर दुआ की यह तस्वीर शेयर की गई थी। ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2’ से हुईं बाहर दीपिका हाल ही में अपनी कुछ फिल्मों को छोड़ने को लेकर भी चर्चा में रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ छोड़ दी है। वे फिल्म के लिए रोज 8 घंटे काम करने की फिक्स शिफ्ट और कुछ अन्य शर्तें चाहती थीं, जिसे टीम ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद डायरेक्टर नाग अश्विन ने भी ‘कल्कि 2’ से दीपिका के बाहर होने की घोषणा की। बताया जा रहा है कि समय की कमी और सीक्वल में उनके किरदार का रोल छोटा किए जाने के कारण उन्होंने यह फिल्म छोड़ दी। दीपिका और रणवीर ने बेटी दुआ का चेहरा दिवाली 2025 के मौके पर पहली बार दुनिया को दिखाया था। शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में आएंगी नजर इन दो बड़े प्रोजेक्ट्स से अलग होने के बाद दीपिका को शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ के लिए फाइनल किया गया है। यह शाहरुख खान के साथ उनकी छठी फिल्म होगी। हाल ही में इस फिल्म के सेट से कुछ तस्वीरें भी लीक हुई थीं, जिससे लोगों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इसके अलावा दीपिका इन दिनों अल्लू अर्जुन के साथ अपनी अगली फिल्म ‘राका’ की तैयारियों में भी व्यस्त हैं। सन पिक्चर्स के बैनर तले बन रही इस फिल्म का निर्देशन एटली कर रहे हैं। यह फिल्म साल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें दीपिका-रणवीर नए घर में दिखे:एक्ट्रेस का बेबी बंप नजर आया; अपार्टमेंट में दूसरे बच्चे के जन्म के बाद शिफ्ट हो सकते हैं दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित अपने नए घर की बालकनी में नजर आए। दोनों घर के इंटीरियर के काम की प्रोग्रेस देखने पहुंचे थे। जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए, उनमें दीपिका सफेद को-ऑर्ड आउटफिट में दिखीं, जबकि रणवीर ने लाल टी-शर्ट, काली पैंट और काली कैप पहनी हुई थी। वहीं प्रेग्नेंट दीपिका का बेबी बंप भी नजर आया। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
India Mandates Health Declaration for All International Travelers via Air Suvidha 2.0

Hindi News Business India Mandates Health Declaration For All International Travelers Via Air Suvidha 2.0 नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयर सुविधा पोर्टल को नए रूप में ‘एयर सुविधा 2.0’ नाम से दोबारा शुरू किया है। अब यूएई सहित दुनिया के किसी भी शहर से भारत आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को उड़ान भरने से पहले यह ऑनलाइन हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। यह नियम सभी यात्रियों पर लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश के नागरिक हों या भारतीय नागरिक हों। यहां तक कि जिन यात्रियों का प्रभावित देशों से कोई पुराना इतिहास नहीं रहा है, उन्हें भी यह फॉर्म भरना जरूरी है। WHO की घोषणा के बाद एविएशन मिनिस्ट्री का फैसला वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने 17 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किया था। इसी के बाद भारत के मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज के साथ मिलकर 25 जून को एयर सुविधा 2.0 लॉन्च किया है। यह प्रोसेस बेहद छोटी है और इसे बोर्डिंग या वेब चेक-इन के समय पूरा किया जा सकता है। विदेशी यात्रियों के लिए यह ई-अराइवल कार्ड के अलावा एक एडिशनल स्टेप है, यह उसका रिप्लेसमेंट नहीं है। एयर सुविधा 2.0 फॉर्म भरने की प्रोसेस स्टेप 1: अपनी जरूरी डिटेल्स पास रखें फॉर्म भरना शुरू करने से पहले अपना पासपोर्ट और फ्लाइट या टिकट की डिटेल्स अपने पास संभालकर रखें। आपको अपना पासपोर्ट नंबर, फ्लाइट नंबर और ट्रेवल डेट दर्ज करनी होगी। स्टेप 2: ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं इसके लिए आपको एयर सुविधा की ऑफिशियल वेबसाइट airsuvidha.civilaviation.gov.in पर जाना होगा। आप चाहें तो एयरलाइन या चेक-इन काउंटर पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके भी सीधे फॉर्म पर पहुंच सकते हैं। स्टेप 3: ट्रैवल डिटेल्स भरें और वेरिफिकेशन करें पोर्टल पर अपनी पर्सनल और फ्लाइट से जुड़ी सारी जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिससे आपको अपना नंबर वेरिफाई करना होगा। स्टेप 4: हेल्थ डिक्लेरेशन से जुड़े सवालों के जवाब दें आपको पिछले 21 दिनों की अपनी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी देनी होगी। इसमें पूछा जाएगा कि क्या आपने डीआरसी, युगांडा या दक्षिण सूडान की यात्रा की है, या आप इबोला के संपर्क में आए हैं या आपमें इसके लक्षण हैं। यदि ऐसा नहीं है, तो ‘none of the above’ चुनें। यह स्टेप हर यात्री के लिए जरूरी है। स्टेप 5: कंफर्मेशन को संभालकर सेव करें फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक कंफर्मेशन नंबर और पावती ईमेल पर मिलेगी। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या डाउनलोड कर लें। भारत लैंड होने पर इमिग्रेशन काउंटर पर इसे दिखाना होगा, जिससे वहां आपको कोई पेपरवर्क नहीं करना पड़ेगा। यदि भारत पहुंचने के 21 दिनों के भीतर आपमें इबोला से जुड़े कोई भी लक्षण विकसित होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य अधिकारियों को अपनी हालिया यात्रा के बारे में पूरी जानकारी दें। अधिक जानकारी या मदद के लिए भारत के स्वास्थ्य अधिकारियों के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल कर सकते हैं या idsp-alert@nic.in पर ईमेल भेज सकते हैं। क्या है इबोला वायरस? यह एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसका हालिया प्रकोप अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में देखा गया है। WHO ने इसे 17 मई 2026 को इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। जिसके बाद भारत सरकार ने सुरक्षा के तौर पर एयर सुविधा 2.0 पोर्टल की दोबारा शुरुआत की है, ताकि संक्रमण को देश में फैलने से रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने का प्लान टल सकता है: अभी 20% मिलाया जा रहा; इससे माइलेज घटने का दावा, पार्ट्स खराब होने की शिकायत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कृति सेनन ने फिल्म 'मिमी' के समय एग्स फ्रीज कराए:बोलीं- शादी या बच्चे अपनी मर्जी से होने चाहिए, मां बनने का कोई दबाव नहीं चाहती

बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपनी फिल्म ‘मिमी’ की तैयारी के दौरान अपने एग्स फ्रीज कराए थे। ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए एक इंटरव्यू में कृति ने बताया कि इस फिल्म के रोल के लिए उन्हें वजन बढ़ाना था। चूंकि एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया में शरीर में भारीपन आता है, इसलिए उन्होंने इस समय का समझदारी से इस्तेमाल किया। 35 साल की कृति ने कहा कि वे बायोलॉजिकल क्लॉक या किसी तरह के सामाजिक दबाव के कारण शादी या बच्चे का फैसला नहीं करना चाहती हैं। वजन बढ़ाने के समय को किया इस्तेमाल कृति सेनन ने बताया कि फिल्म ‘मिमी’ के लिए उन्हें एक बड़ा फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन करना था। उन्हें अपने किरदार के लिए काफी वजन बढ़ाना था। इसी दौरान उन्होंने एग फ्रीजिंग कराने का फैसला किया। कृति के मुताबिक, उन्हें किसी ने सलाह दी थी कि अगर आप ऐसा कर सकती हैं, तो यह खुद को दिया जाने वाला सबसे अच्छा तोहफा है। यह बात उनके दिमाग में बैठ गई थी और जब उन्हें फिल्म के लिए वजन बढ़ाने को कहा गया, तो उन्हें लगा कि यह एग फ्रीजिंग कराने का सबसे सही समय है। शादी और बच्चों के लिए नहीं चाहतीं कोई दबाव एग फ्रीजिंग कराने की वजह बताते हुए कृति ने कहा कि वे भविष्य में मां बनने के समय को लेकर किसी तरह के दबाव में नहीं रहना चाहती हैं। वे कभी भी इस बात से बंधना नहीं चाहतीं कि उन्हें उम्र के कारण अभी शादी करनी है या अभी बच्चे पैदा करने हैं। कृति ने कहा कि शादी या बच्चे का फैसला इंसान को तब करना चाहिए जब वह अंदर से इसके लिए पूरी तरह तैयार महसूस करे। यह फैसला किसी घड़ी की सुई या दबाव को देखकर नहीं होना चाहिए। क्या होती है एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया? एग फ्रीजिंग एक मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें महिला के एग्स को निकालकर उन्हें बिना फर्टिलाइज किए फ्रीज कर दिया जाता है। इसके बाद इन्हें भविष्य में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित स्टोर किया जाता है। यह तकनीक उन महिलाओं की मदद करती है जो किसी वजह से अपनी प्रेग्नेंसी या मदरहुड को कुछ समय के लिए टालना चाहती हैं। कृति ने इस प्रक्रिया के हार्मोनल और इमोशनल असर पर भी बात की और इसे महिलाओं के लिए एक बेहतर विकल्प बताया। हाल ही में हिट रही फिल्म ‘कॉकटेल 2’ वर्कफ्रंट की बात करें तो कृति सेनन को आखिरी बार फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में देखा गया था। इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में थे। होमी अडजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी लव रंजन और तरुण जैन ने लिखी थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई थी और इसने दुनिया भर में 130 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी।
NCERT Class 8 Social Science Book Revised

Hindi News Career NCERT Class 8 Social Science Book Revised | Judiciary Chapter Updated After SC Directive 7 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 8वीं की सोशल साइंस (भाग-2) की संशोधित किताब जारी कर दी है। इस किताब का नाम Exploring Society: India and Beyond है। यह इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थव्यवस्था जैसे सब्जेक्ट को इंटीग्रेटेड रूप में प्रस्तुत करती है। यह वही किताब है जिसे 23 फरवरी को जारी किया गया था। इसे न्यायपालिका से जुड़े विवादित कंटेंट के कारण वापस लिया गया था। अब नए एडिशन में न्यायपालिका पर लिखे गए पूरे चैप्टर को दोबारा तैयार किया गया है। इस किताब की ऑफलाइन बिक्री 24 फरवरी से बंद कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दोबारा तैयार हुई किताब इस किताब से संबंधित सुनवाई के दौरान NCERT ने अदालत से माफी मांगी और स्वीकार किया कि किताब में कुछ गलत कंटेंट शामिल हो गए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने किताब के प्रिंट और डिजिटल दोनों एडिशन के डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी थी। साथ ही संबंधित चैप्टर को दोबारा लिखने का निर्देश दिया था। अब उसी आदेश के बाद संशोधित किताब पब्लिश की गई है। किताब से इन हिस्सों को हटाया नई किताब में “समाज में न्यायपालिका की भूमिका” शीर्षक वाले चैप्टर को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। पहले जहां न्यायपालिका की चुनौतियों, मामलों के लंबित रहने और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का जिक्र था, वहीं अब इन सभी हिस्सों को हटा दिया गया है। इसके स्थान पर अब संविधान की रक्षा में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका, न्याय तक आम लोगों की पहुंच, जनहित याचिका (PIL), ट्रिब्यूनल और वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution) जैसी व्यवस्थाओं को विस्तार से समझाया गया है। उदाहरण से समझाई जनहित याचिका नई किताब में पहली बार जनहित याचिका (Public Interest Litigation) को विस्तार से समझाया गया है। इसमें बताया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 32 और 226 के तहत आम जनता के हित में अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। छात्रों को उदाहरण के तौर पर हुसैनारा खातून केस, जिसमें विचाराधीन कैदियों की रिहाई का रास्ता खुला, एम.सी. मेहता के पर्यावरण से जुड़े मामले और विशाखा निर्णय, जिसने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ दिशा-निर्देश तय किए, के बारे में भी जानकारी दी गई है। एक्सपर्ट कमेटी ने दोबारा लिखा पूरा चैप्टर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए शिक्षा मंत्रालय की ओर से एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई। उसमें न्यायपालिका वाले पूरे चैप्टर को दोबारा लिया गया। 3 एक्सपर्ट्स के नाम हटाए गए पुरानी किताब तैयार करने वाली टीम में 51 एक्सपर्ट्स के नाम शामिल थे, लेकिन संशोधित एडिशन में केवल 48 नाम हैं। इसमें मिशेल डेनिनो, सुपर्णा दिवाकर और आलोक प्रसन्न कुमार के नाम हटा दिए गए हैं। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने यह माना कि पाठ्यपुस्तक तैयार करना सामूहिक प्रक्रिया होती है और किसी एक व्यक्ति को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने पहले दिए गए अपने आदेश में भी संशोधन किया था। विवाद के बाद सरकार ने किए कई बड़े बदलाव इस पूरे विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति बनाई। इसमें पूर्व अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रकाश सिंह को भी शामिल किया गया। साथ ही नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी के प्रमुख को भी न्यायपालिका से जुड़े स्कूली पाठ्यक्रम की समीक्षा प्रक्रिया में जोड़ा गया। दूसरी ओर NCERT ने भी अपनी पाठ्यपुस्तक तैयार करने वाली कमेटी का पुनर्गठन किया। साथ ही किताबों के अप्रूवल, पब्लिकेशन और डिस्ट्रीब्यूशन की प्रक्रिया में बदलाव किए। NCERT की पुरानी सोशल साइंस पार्ट – 2 को क्यों हटाया गया : NCERT ने 23 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्स्टबुक जारी की थी। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ है। इसमें ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ चैप्टर के अंदर ‘करप्शन इन द ज्यूडिशियरी’ का टॉपिक जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। जज आचार संहिता से बंधे होते हैं, जो न केवल कोर्ट में उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है, बल्कि कोर्च के बाहर उनके आचरण को भी तय करती है। किताब के एक सेक्शन का टाइटल ‘Justice delayed is justice denied’ है। इसका मतलब है- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा है। यहां सुप्रीम कोर्ट में 81 हजार, हाईकोर्ट्स में 62 लाख 40 हजार, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है। NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्स को बदलकर नए टॉपिक्स किताबों में जोड़े जा रहे हैं। पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं। ये खबर भी पढ़ें RRB ग्रुप D रिजल्ट के इंतजार में बने मीम्स:रेलवे भर्ती बोर्ड ने रिजल्ट किया जारी, 1 करोड़ उम्मीदवारों ने दी थी परीक्षा रेलवे भर्ती बोर्ड RRB की ओर से RRB Group D रिजल्ट एग्जाम होने के 5 महीने बाद आज जारी कर दिया गया है। रिजल्ट के साथ जोन वाइज ग्रुप डी कटऑफ भी घोषित किया गया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जाकर रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कंगना की क्वीन 2 विवादों में:फैंटम स्टूडियो ने जियो स्टूडियो के खिलाफ 250 करोड़ का मुकदमा किया, आरोप- फिल्म के राइट्स

कंगना रनोट ने हाल ही में 2018 में रिलीज हुई हिट फिल्म क्वीन के सीक्वल क्वीन 2 के शूटिंग पूरी की है। शूटिंग खत्म होते ही फिल्म विवादों में आ गई। फिल्म के 50 प्रतिशत राइट्स रखने वाले प्रोडक्शन हाउस ने ये सीक्वल बना रहे जियो स्टूडियो के खिलाफ 250 करोड़ रुपए का मुकदमा दायर किया है। फैंटम स्टूडियो ने हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट में जियो स्टूडियो के खिलाफ 250 करोड़ का मुकदमा दायर कर आरोप लगाए हैं कि क्वीन 2 बिना परमिशन के बनाई जा रही है। मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार, फैंटम स्टूडियोज के पास फिल्म ‘क्वीन’ के 50% राइट्स हैं, जिनमें फिल्म का सीक्वल बनाने का अधिकार भी शामिल है। कंपनी का दावा है कि उसने अब तक किसी भी सीक्वल, एडेप्शन या डेरिवेटिव वर्क के लिए अपनी सहमति नहीं दी है। मुकदमा दायर करने से पहले मांगा था जवाब रिपोर्ट के अनुसार, फैंटम स्टूडियोज ने इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार जियोस्टार से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से किसी भी अनुरोध का जवाब नहीं दिया गया। इस बीच, साल की शुरुआत में फ्लोर पर गई ‘क्वीन 2’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अब फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है। जब कई बार कोशिश करने के बावजूद हल नहीं निकला तो फैंटम स्टूडियो ने कानूनी कार्रवाई शुरू की। कंगना रनोट ने पूरी की क्वीन 2 की शूटिंग ‘क्वीन 2’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है। शूटिंग इसी साल की शुरुआत में शुरू हुई थी और फिल्म अब पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में पहुंच गई है। फैंटम प्रोडक्शन के बारे में जानिए- फिल्म क्वीन 2018 में रिलीज हुई थी, जिसे फैंटम फिल्म्स ने बनाया था। इस प्रोडक्शन हाउस को डायरेक्टर विकास बहल, अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी और मधु मंटेना ने शुरू किया था। मीटू मूमेंट के बाद विकास बहल और कंपनी के संस्थापकों के बीच मतभेद शुरू हो गए और 2019 में फैंटम प्रोडक्शन बंद कर दिया गया। 2021 में प्रोडक्शन कंपनी दोबारा शुरू की गई। इसी समय रिलायंस ने फिल्म के शेयर खरीदे थे। ये प्रोडक्शन हाउस अब तक क्वीन, हंसी तो फंसी, अगली, हंटर, बॉम्बे वेलवेट, मसान, शानदार, उड़ता पंजाब, मनमर्जियां, सुपर 30 जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुका है।
China Nuclear Submarine Ballistic Missile Launch: Indo-Pacific Tension Escalates

बीजिंग/नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशांत महासागर में परीक्षण कर अपनी रणनीतिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशांत क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है। सितंबर 2024 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की रॉकेट फोर्स ने प्रशांत महासागर से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया (फाइल फोटो)। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षण में संभवतः चीन की नई पीढ़ी की JL-3 पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है और इसकी मारक क्षमता इतनी है कि चीन के समुद्री क्षेत्र से भी हजारों किलोमीटर दूर लक्ष्य साधे जा सकते हैं। चीन इसे नियमित सैन्य अभ्यास बता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय देशों का कहना है कि इससे हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। भारत के लिए चिंता भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन की बढ़ती समुद्री मौजूदगी है। बीते कुछ वर्षों में चीनी नौसेना की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कई बार देखी गई हैं। जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर चीन की सक्रियता पहले से नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चुनौती है। यदि चीन अधिक आधुनिक और कम शोर वाली परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी सैन्य पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही अब तक चीन का फोकस दक्षिण चीन सागर और ताइवान तक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी परमाणु पनडुब्बियां हिंद महासागर में भी नियमित रूप से देखी गई हैं। चीन का जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंच और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर प्रभाव भारत के लिए पहले से रणनीतिक चुनौती हैं। यदि चीन की नई पनडुब्बियां स्टेल्थ और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हो जाती हैं, तो वे हिंद महासागर से भी भारत के अधिकांश हिस्सों को निशाना बना सकती हैं। भारत के परमाणु प्रतिरोधक संतुलन पर असर भारत की परमाणु नीति क्रेडिबल मिनिमम डेटेरेंस और नो फर्स्ट यूज पर आधारित है। चीन यदि समुद्र आधारित परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाता है तो भारत को भी अधिक परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की K-4 और K-5 मिसाइलें और समुद्री निगरानी नेटवर्क तेजी से मजबूत करना होगा। दो मोर्चों पर चुनौती भारत पहले से उत्तरी सीमा पर चीन और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का सामना कर रहा है। यदि चीन समुद्री मोर्चे पर भी अपनी क्षमता बढ़ाता है तो भारत को भूमि, वायु और समुद्र—तीनों मोर्चों पर सैन्य संसाधन बढ़ाने पड़ सकते हैं। अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत बढ़ेगी भारतीय नौसेना के अंडमान एंड निकोबार कमांड का क्रेस्ट। भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड मलक्का स्ट्रेट की निगरानी करता है। चीन की पनडुब्बी गतिविधियां बढ़ने पर भारत को समुद्री निगरानी बढ़ाने के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), ड्रोन एवं P-8I निगरानी विमान की क्षमताओं को और मजबूत करना पड़ेगा। QUAD और इंडो-पैसिफिक साझेदारी मजबूत होगी चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच QUAD सहयोग और मजबूत हो सकता है। समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ सकती है। चीन लगातार क्यों बढ़ा रहा है सैन्य ताकत? विशेषज्ञों के अनुसार चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, अमेरिका को प्रशांत क्षेत्र में चुनौती देना चाहता है, अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर रहा है और हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही चीन भविष्य में समुद्र आधारित परमाणु शक्ति के जरिए वैश्विक रणनीतिक संतुलन बदलना चाहता है। भारत क्या कर रहा है? भारतीय न्यूक्लियर सबमरीन आईएनएस अरिघात (फाइल)। भारत पहले से अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस दिशा में भारत जो कदम उठा रहा है उनमें INS अरिहंत और अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों का विकास, K-15 और K-4 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, P-8I समुद्री निगरानी विमान, अंडमान-निकोबार कमांड का विस्तार और QUAD के तहत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
दिलीप कुमार की 5वीं पुण्यतिथि पर भावुक हुईं सायरा बानो:लिखा- साहब मुझे यादों का खजाना देकर गए, उनके बिना जिंदगी में खालीपन है

दिग्गज अभिनेता दिवंगत दिलीप कुमार की आज पांचवीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनकी पत्नी और पूर्व एक्ट्रेस सायरा बानो ने सोशल मीडिया पर एक भावुक नोट शेयर किया है। 81 साल की सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर दिलीप कुमार के साथ अपनी कई पुरानी तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने लिखा कि दिलीप साहब भले ही उनकी नजरों से दूर हो गए हैं, लेकिन वे उनकी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। सायरा ने दिलीप कुमार के साथ बिताए समय को अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और मुकम्मल हिस्सा बताया। यादों को बताया सबसे वफादार साथी सायरा बानो ने अपने पोस्ट में लिखा कि जिंदगी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह कभी पूरी तरह खत्म नहीं होती, बल्कि यादों में बनी रहती है। समय के उलट, यादें सबसे वफादार साथी होती हैं। वे बिना बुलाए लौट आती हैं और हर मुस्कान, हर नजर और हर शब्द को इस तरह वापस ले आती हैं जैसे कुछ भी नहीं खोया हो। किसी को याद रखना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि उन्हें कभी भुलाया नहीं गया। दिलीप साहब देकर गए यादों का खजाना सायरा ने दिलीप कुमार को याद करते हुए लिखा कि मुझे लगता है कि साहब ने इस दुनिया को छोड़ने से पहले मुझे एक बड़ा खजाना दिया है। यह खजाना उनकी यादों का है, जो इतना समृद्ध है कि मैं अपनी बाकी की जिंदगी इन्हीं यादों के बीच रहकर बिता दूंगी। उन्होंने आगे लिखा कि 7 जुलाई 2021 को दिलीप कुमार सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को छोड़कर चले गए थे जो उनसे प्यार करती थी। उनके जाने से परिवार, दोस्तों और सिनेमा जगत में एक ऐसा खालीपन आया जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। नजरों से दूर हुए, जिंदगी से नहीं सायरा बानो ने दिलीप कुमार के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए लिखा कि वे दुनिया के लिए एक बड़े स्टार थे, लेकिन मेरे लिए वे मेरी जिंदगी का सहारा और मेरी शांत ताकत थे। हमारी जिंदगी सिर्फ साथ रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से सफल थी। साहब के जाने को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन वे मेरी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। ऐसा गहरा प्यार समय के सामने नहीं झुकता। वे हर रोज मेरी यादों में रहते हैं। 12-13 साल की उम्र में ही दिलीप कुमार को दिल दे बैठीं सायरा इससे पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में सायरा जी ने कहा था, ‘12-13 साल की थी, जब पहली बार उन्हें देखा था। पहली बार देखते ही मैंने अपनी मां से कहा कि जब बड़ी हो जाऊंगी तो इसी शख्स से शादी करूंगी। वे जब सफेद कुर्ते पजामे में हाथ फोल्ड करके निकलते थे, तो ऐसा लगता था कि इंसान नहीं फरिश्ता आ रहा है। मैं बहुत लकी हूं कि उनसे शादी कर पाई, वर्ना देश में उस वक्त तमाम खूबसूरत लड़कियां थीं, जो उनके लिए मर-मिटने को तैयार थीं।’ दोनों की जोड़ी को माना जाता है मिसाल दिलीप कुमार और सायरा बानो की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक माना जाता है। दोनों ने साल 1966 में शादी की थी और दिलीप कुमार के आखिरी समय तक सायरा हमेशा उनके साथ रहीं। दिलीप कुमार के बीमार रहने के दौरान भी सायरा ने पूरी तरह उनका ख्याल रखा। जब दिलीप कुमार जीवित थे, तब आमिर खान और शाह रुख खान जैसे बॉलीवुड के बड़े स्टार्स अक्सर उनके घर उनसे मिलने आया करते थे। लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की उम्र में दिलीप कुमार का निधन हो गया था।
दिलीप कुमार की 5वीं पुण्यतिथि पर भावुक हुईं सायरा बानो:लिखा- साहब मुझे यादों का खजाना देकर गए, उनके बिना जिंदगी में खालीपन है

दिग्गज अभिनेता दिवंगत दिलीप कुमार की आज पांचवीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनकी पत्नी और पूर्व एक्ट्रेस सायरा बानो ने सोशल मीडिया पर एक भावुक नोट शेयर किया है। 81 साल की सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर दिलीप कुमार के साथ अपनी कई पुरानी तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने लिखा कि दिलीप साहब भले ही उनकी नजरों से दूर हो गए हैं, लेकिन वे उनकी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। सायरा ने दिलीप कुमार के साथ बिताए समय को अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और मुकम्मल हिस्सा बताया। यादों को बताया सबसे वफादार साथी सायरा बानो ने अपने पोस्ट में लिखा कि जिंदगी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह कभी पूरी तरह खत्म नहीं होती, बल्कि यादों में बनी रहती है। समय के उलट, यादें सबसे वफादार साथी होती हैं। वे बिना बुलाए लौट आती हैं और हर मुस्कान, हर नजर और हर शब्द को इस तरह वापस ले आती हैं जैसे कुछ भी नहीं खोया हो। किसी को याद रखना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि उन्हें कभी भुलाया नहीं गया। दिलीप साहब देकर गए यादों का खजाना सायरा ने दिलीप कुमार को याद करते हुए लिखा कि मुझे लगता है कि साहब ने इस दुनिया को छोड़ने से पहले मुझे एक बड़ा खजाना दिया है। यह खजाना उनकी यादों का है, जो इतना समृद्ध है कि मैं अपनी बाकी की जिंदगी इन्हीं यादों के बीच रहकर बिता दूंगी। उन्होंने आगे लिखा कि 7 जुलाई 2021 को दिलीप कुमार सिर्फ मुझे ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को छोड़कर चले गए थे जो उनसे प्यार करती थी। उनके जाने से परिवार, दोस्तों और सिनेमा जगत में एक ऐसा खालीपन आया जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। नजरों से दूर हुए, जिंदगी से नहीं सायरा बानो ने दिलीप कुमार के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए लिखा कि वे दुनिया के लिए एक बड़े स्टार थे, लेकिन मेरे लिए वे मेरी जिंदगी का सहारा और मेरी शांत ताकत थे। हमारी जिंदगी सिर्फ साथ रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से सफल थी। साहब के जाने को पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन वे मेरी जिंदगी से कभी दूर नहीं हुए। ऐसा गहरा प्यार समय के सामने नहीं झुकता। वे हर रोज मेरी यादों में रहते हैं। 12-13 साल की उम्र में ही दिलीप कुमार को दिल दे बैठीं सायरा इससे पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में सायरा जी ने कहा था, ‘12-13 साल की थी, जब पहली बार उन्हें देखा था। पहली बार देखते ही मैंने अपनी मां से कहा कि जब बड़ी हो जाऊंगी तो इसी शख्स से शादी करूंगी। वे जब सफेद कुर्ते पजामे में हाथ फोल्ड करके निकलते थे, तो ऐसा लगता था कि इंसान नहीं फरिश्ता आ रहा है। मैं बहुत लकी हूं कि उनसे शादी कर पाई, वर्ना देश में उस वक्त तमाम खूबसूरत लड़कियां थीं, जो उनके लिए मर-मिटने को तैयार थीं।’ दोनों की जोड़ी को माना जाता है मिसाल दिलीप कुमार और सायरा बानो की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक माना जाता है। दोनों ने साल 1966 में शादी की थी और दिलीप कुमार के आखिरी समय तक सायरा हमेशा उनके साथ रहीं। दिलीप कुमार के बीमार रहने के दौरान भी सायरा ने पूरी तरह उनका ख्याल रखा। जब दिलीप कुमार जीवित थे, तब आमिर खान और शाह रुख खान जैसे बॉलीवुड के बड़े स्टार्स अक्सर उनके घर उनसे मिलने आया करते थे। लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की उम्र में दिलीप कुमार का निधन हो गया था।
जूनियर NTR की नई फिल्म पर विवाद शुरू:बैन की मांग, भगवान मुरुगन से प्रेरित हो सकती है कहानी

साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की नई फिल्म एक माइथो ड्रामा होगी। यह अभी फ्लोर पर भी नहीं पहुंची है, लेकिन एक पोस्टर और उसकी टैगलाइन ने इसे देशभर में बहस का विषय बना दिया है। भगवान मुरुगन के कथित चित्रण और पोस्टर में किए गए ‘उत्तर में जन्म’ संबंधी दावे पर तमिलनाडु में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई हैं। ‘नाम तमिलर काची’ के प्रमुख सीमान ने फिल्म पर राज्य में प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए मेकर्स को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर पक्ष-विपक्ष की बहस तेज हो गई है, जबकि मेकर्स ने अभी तक विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। 29 जून को इस नए मेगा प्रोजेक्ट का हुआ था ऐलान जूनियर एनटीआर और निर्देशक त्रिविक्रम श्रीनिवास ने 29 जून को अपने इस नए मेगा प्रोजेक्ट का ऐलान किया था। पोस्टर में त्रिशूल और भाले को डीएनए की आकृति में दिखाया गया है और कैप्शन में लिखा गया कि यह कहानी ऐसे देवता की है, जिसका जन्म उत्तर में हुआ, जिसने देश के मध्य में आकार लिया और दक्षिण में जिसकी पूजा होती है। इसी पंक्ति पर विवाद खड़ा हो गया। तमिल समाज के एक वर्ग का कहना है कि भगवान मुरुगन तमिल संस्कृति और पहचान के केंद्र में हैं, इसलिए उन्हें ‘उत्तर भारत में जन्मा’ बताना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ है। हालांकि फिल्म की कहानी और टाइटल का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) से प्रेरित फिल्म हो सकती है। फिल्म के कंटेंट पर भी रोक लगाने की मांग फिल्म को लेकर विवाद उस समय और बढ़ गया जब रविवार को सीमान ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिल इतिहास और धार्मिक परंपराओं को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कला के नाम पर भगवान मुरुगन के बारे में मनगढ़ंत कथाएं न दिखाएं। सीमान ने तमिलनाडु सरकार से भी अपील की कि यदि विवादित पहलुओं में बदलाव नहीं किया जाता है तो फिल्म के तमिल और तेलुगु वर्जन्स पर रोक लगे। ‘ड्रैगन’: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर है बेस्ड वहीं जूनियर एनटीआर, निर्देशक प्रशांत नील की फिल्म ‘ड्रैगन’ में भी नजर आएंगे। यह फिल्म 11 जून 2027 को रिलीज होगी। 1967 की पृष्ठभूमि पर बनी यह पीरियड एक्शन ड्रामा अंतरराष्ट्रीय अफीम तस्करी, गोल्डन ट्रायंगल और अपराध जगत के खूनी सत्ता संघर्ष की कहानी दिखाएगी। निर्देशक प्रशांत के मुताबिक यह उनके करियर की अब तक की सबसे यथार्थवादी फिल्म है।
नौकरी के लिए अब केवल डिग्री और अनुभव काफी नहीं:रेस्तरां में उम्मीदवार के व्यवहार, ड्रिंक ऑर्डर करने के तरीके से भी तय हो रही किस्मत

नौकरी के लिए इंटरव्यू में अब सिर्फ डिग्री या अनुभव काफी नहीं है। रेस्तरां में आपका व्यवहार और ड्रिंक ऑर्डर करने का तरीका भी चयन का पैमाना हो सकता है। करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली हेल्थकेयर कंपनी बूपा के सीईओ इनाकी एरेनियो 45 मिनट के पारंपरिक इंटरव्यू को काफी नहीं मानते। वे बड़े पदों के लिए तीन मुलाकातों में कुल छह घंटे का मूल्यांकन करते हैं। इसमें उम्मीदवार का आत्मविश्वास, पहल करने की क्षमता और दूसरों के प्रति सम्मान परखा जाता है। पहले चरण में दफ्तर में दो घंटे तक उम्मीदवार के सीवी और अनुभव पर विस्तार से चर्चा होती है। दूसरे चरण में रेस्तरां में नाश्ता या लंच किया जाता है। यहां एरेनियो देखते हैं कि उम्मीदवार खुद पहल करता है या दूसरों का अनुसरण करता है। यदि वे केवल पानी मंगाते हैं और उम्मीदवार अपने लिए वाइन ऑर्डर करता है, तो इससे वे उसका आत्मविश्वास और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता आंकते हैं। वे दूसरों की नकल करने वाले उम्मीदवारों को पसंद नहीं करते। एरेनियो ऐसे अकेले सीईओ नहीं हैं। करीब 2.95 लाख करोड़ की कंपनी ट्विलियो के सीईओ खोजेमा शिपचैंडलर वरिष्ठ उम्मीदवारों का 45 मिनट का डिनर इंटरव्यू लेते हैं। वे देखते हैं कि काम के बाद व्यक्ति कैसा व्यवहार करता है। बातचीत में बार-बार ‘मैं’ शब्द का इस्तेमाल टीम भावना की कमी का संकेत माना जाता है। वे उम्मीदवारों को सवाल पूछने के लिए 20 मिनट अलग से देते हैं। इस दौरान कोई सवाल न पूछना अयोग्यता माना जाता है। कुछ सीईओ ऐसे उम्मीदवारों को भी तुरंत खारिज कर देते हैं, जो खाना चखे बिना ही उसमें नमक डाल देते हैं। उनके अनुसार यह बिना सोचे-समझे फैसले करने की आदत दर्शाता है। वेटर से लेकर गार्ड तक से आपके व्यवहार पर गौर कर रहे कंपनियों के सीईओ एक सीईओ इंटरव्यू में वेटर से जानबूझकर गलत खाना सर्व करवाकर उम्मीदवार के गुस्से को परखा गया। एपल के स्टीव जॉब्स का मशहूर ‘बियर टेस्ट’ भी इसी सोच पर आधारित था। वे उम्मीदवार को दफ्तर से बाहर टहलाने ले जाते थे और देखते थे कि क्या उसके साथ सहज होकर समय बिताया जा सकता है। इससे वे समझते थे कि उम्मीदवार टीम में घुलने-मिलने और साथ काम करने के अनुकूल है या नहीं। ‘डायरी ऑफ अ सीईओ’ के फाउंडर स्टीवन बार्टलेट ने बिना अनुभव वाली एक महिला को सिर्फ इसलिए नौकरी दी क्योंकि उसने बिल्डिंग के गार्ड को नाम लेकर धन्यवाद कहा था।