टाटा ग्रुप में नई पीढ़ी को कमान सौंपने की रणनीति:नोएल टाटा की बेटी माया संभालेंगी रिटेल चेन ‘वेस्टसाइड’ का ई-कॉमर्स

टाटा ग्रुप की फैशन रिटेल चेन ‘वेस्टसाइड’ के ई-कॉमर्स मार्केटिंग की कमान नोएल टाटा की बेटी माया टाटा (37 साल) संभालेंगी। सोमवार को हुए इस बदलाव का मकसद वेस्टसाइड की ऑनलाइन मौजूदगी बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी इस पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। नोएल टाटा ट्रेंट के चेयरमैन हैं और वे नवंबर 2026 में ये पद छोड़ेंगे। माना जा रहा है कि बेटी के नए रोल में वे उनके मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे। माया के भाई नेविल टाटा पहले से ट्रेंट के ‘स्टार बाजार’ हाइपरमार्केट डिवीजन की कमान संभाल रहे हैं। माया की एंट्री से साफ है कि टाटा ग्रुप अब ई-कॉमर्स और डिजिटल इंटीग्रेशन पर सबसे ज्यादा दांव लगा रहा है, ताकि भारतीय ब्रांड्स को ग्लोबल पहचान दिलाई जा सके। आखिर माया को क्यों मिली यह नई जिम्मेदारी माया टाटा अपने भाई नेविल और बहन लिआ के उलट, एक ही ग्रुप कंपनी से नहीं जुड़ी रहीं। माया ने टाटा कैपिटल से करिअर की शुरुआत की। फिर टाटा डिजिटल से जुड़ीं, जो टाटा नियो, बिगबास्केट, क्रोमा और टाटा 1एमजी जैसे प्लेटफॉर्म्स की पैरेंट कंपनी है। यहां उन्होंने डिजिटल कॉमर्स, कस्टमर एक्विजिशन और ऑनलाइन रिटेल की बारीकियां समझी। इस ‘मल्टी-वर्टिकल एक्सपोजर’ की वजह से ही उन्हें वेस्टसाइड की ओमनीचैनल और ई-कॉमर्स रणनीति को लीड करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। इनके पास 3 लाख करोड़ का बिजनेस नोएल के तीनों बच्चे अब ग्रुप की अलग-अलग बड़ी कंपनियां संभाल रहे हैं। यह नई पीढ़ी को कमान सौंपने की रणनीति का हिस्सा है। तीनों भाई-बहन टाटा ट्रस्ट्स की संस्थाओं के बोर्ड में भी हैं। नेविल टाटा- ट्रेंट के स्टार बाजार हाइपरमार्केट डिवीजन की कमान संभाल रहे। लिआ टाटा- इंडियन होटल्स कंपनी (ताज) में वीपी हैं। इन दो लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब ₹2.82 लाख करोड़ है। ट्रेंट की 40 फीसदी कमाई वेस्टसाइड से – ट्रेंट ने वित्त वर्ष 2026 का अंत करीब ~19,700 करोड़ की रेवेन्यू के साथ किया। कुल कमाई में वेस्टसाइड की हिस्सेदारी 40% रही। – कंपनी हर साल 50 नए स्टोर खोलने की रणनीति पर काम कर रही है। Âदेश के 321 शहरों में कंपनी के स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1,286 हो चुकी है।
सीरिया में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे के बीच धमाका:जिस होटल में ठहरना था उसके पास ब्लास्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई

सीरिया की राजधानी दमिश्क में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मंगलवार को धमाका हुआ है। यह ब्लास्ट उस होटल के पास हुआ है, जहां मैक्रों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने कई धमाकों की आवाज सुनने और इलाके से धुआं उठता देखने की जानकारी दी। धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास की सड़कों को बंद कर दिया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने धमाके के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मैक्रों, बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद दमिश्क का दौरा करने वाले यूरोपीय संघ (EU) के पहले बड़े नेता हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है….
स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी का नैतिक पतन:छात्रों के स्टार्टअप में निवेश से मोटी कमाई कर रहे प्रोफेसर, बिना ठोस आइडिया के करोड़ों की फंडिंग

क्या कोई 21 साल का छात्र किसी ऐसी यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट को इस्तीफा देने पर मजबूर कर सकता है, जिसका सालाना बजट दुनिया के 116 देशों की सरकारों से भी बड़ा हो? स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र और युवा पत्रकार थियो बेकर ने न सिर्फ ऐसा कर दिखाया, बल्कि सिलिकॉन वैली की इस पसंदीदा यूनिवर्सिटी के भीतर चल रहे मुनाफे, धोखाधड़ी और रसूख के खेल को भी बेनकाब कर दिया है। बेकर ने अपनी नई किताब ‘हाउ टू रूल द वर्ल्ड’ में स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी के इसी चमकदार चेहरे के पीछे छिपे नैतिक पतन के काले सच को सामने रखा है। बेकर ने शुरुआत में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, इसके साथ ही उनका रुझान छात्र अखबार ‘द स्टैनफर्ड डेली’ की ओर हो गया। निडर खोजी पत्रकार की तरह काम करते हुए उन्होंने साबित किया कि तत्कालीन प्रेसिडेंट मार्क टेसियर-लवाइन के रिसर्च पेपर्स में डेटा से भारी हेरफेर हुई थी। इस खुलासे से देशव्यापी विवाद हुआ और प्रेसिडेंट को इस्तीफा देना पड़ा। साहसी रिपोर्टिंग के लिए बेकर को प्रतिष्ठित जॉर्ज पोल्क अवार्ड मिला। इसे जीतने वाले वे सबसे युवा पत्रकार बने। किताब के मुताबिक स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी अब सिर्फ ‘फुटबॉल टीम वाला बड़ा टेक इनक्यूबेटर’ बनकर रह गई है। यहां का पूरा माहौल इस बात से संचालित होता है कि कौन कितनी जल्दी करोड़पति बन सकता है। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खुद अपने ही छात्रों के स्टार्टअप्स में शुरुआती निवेशक बनकर मोटी कमाई कर रहे हैं। कैंपस में हर वक्त वेंचर कैपिटलिस्ट कंपनियां घूमती रहती हैं ताकि किसी छात्र के ‘अगले बड़े आइडिया’ पर पैसा लगा सकें। बेकर के मुताबिक मजबूत पहचान वाले छात्रों को बिना ठोस बिजनेस आइडिया के भी सात अंकों की फंडिंग आसानी से मिल जाती है। बेकर के अनुसार कैंपस में छात्रों के बीच अंधी और हिंसक प्रतियोगिता चलती है, जहां वे हर नैतिक सीमा पार करने को तैयार रहते हैं। इतिहास, कला और तार्किक सोच जैसे मूल्य पीछे छूट गए हैं। हालात इतने बिगड़े चुके हैं कि कैंपस में यह मजाक आम हो चुका है यहां का सिस्टम ‘बस थोड़ी सी धोखाधड़ी’ को सहजता से स्वीकार करता है। उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए यह गंभीर चेतावनी: समाजशास्त्री बोस्टन कॉलेज में ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर हायर एजुकेशन’ के संस्थापक और उच्च शिक्षा के प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रोफेसर फिलिप अल्तबाक के अनुसार स्टैनफर्ड की यह स्थिति आधुनिक उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। प्रो. अल्तबाक के अनुसार, ‘जब यूनिवर्सिटी नॉलेज और चरित्र निर्माण के केंद्र न रहकर कॉर्पोरेट फैक्ट्रियां बन जाती हैं, तो वे समाज को बौद्धिक रूप से खोखला कर देती हैं। स्टैनफर्ड में जो हो रहा है, वह इस बात का सबूत है कि कैसे ‘अंधाधुंध पूंजीवाद’ ने शिक्षा के मूल सिद्धांतों को ही निगल लिया है। बेकर की किताब इस व्यवस्था के खिलाफ एक जरूरी कानूनी और नैतिक दस्तावेज है।’
चांदी ₹4,408 गिरकर ₹2.29 लाख पर आई:सोना ₹1,442 सस्ता होकर ₹1.44 लाख का हुआ; जून में सोना 13 हजार, चांदी 34 हजार सस्ती हुई

सोने-चांदी के दाम में इस आज यानी 7 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,442 रुपए गिरकर 1.44 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी का दाम 4,408 रुपए गिरकर 2.29 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले बीते महीने यानी जून में सोना-चांदी में गिरावट रही थी। बीते महीने सोना 13 हजार और चांदी 34 हजार रुपए सस्ती हुई थी। नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 7 जुलाई 2026 चांदी इस साल 1.69 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 36 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 149 दिन में चांदी 1.69 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 159 दिन में ₹32 हजार और चांदी ₹1.59 लाख सस्ती नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह यूएस-ईरान समझौता: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता साइन हुआ है। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया। मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। इससे भी सोने-चांदी के दाम में गिरावट आ रही है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
चांदी ₹4,408 गिरकर ₹2.29 लाख पर आई:सोना ₹1,442 सस्ता होकर ₹1.44 लाख का हुआ; जून में सोना ₹15 हजार, चांदी ₹38 हजार सस्ती हुई

सोने-चांदी के दाम में इस आज यानी 7 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,442 रुपए गिरकर 1.44 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी का दाम 4,408 रुपए गिरकर 2.29 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले बीते महीने यानी जून में सोना-चांदी में गिरावट रही थी। बीते महीने सोना 15 हजार और चांदी 38 हजार रुपए सस्ती हुई थी। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 7 जुलाई 2026 चांदी इस साल 1.57 लाख रुपए गिरी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 32 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 159 दिन में चांदी 1.57 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 159 दिन में ₹32 हजार और चांदी ₹1.57 लाख सस्ती नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह यूएस-ईरान समझौता: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता साइन हुआ है। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया। मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं। मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। इससे भी सोने-चांदी के दाम में गिरावट आ रही है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा-बच्चों के साथ मिलकर रहें हेमा मालिनी:सनी-बॉबी पर कहा- हम पब्लिसिटी नहीं करते, हम परिवार हैं; मौत की फर्जी खबर पर दिया रिएक्शन

लीजेंड्री एक्टर धर्मेंद्र के निधन के कुछ महीनों बाद अब हेमा मालिनी ने उनकी आखिरी इच्छा पर बात की है। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पहले ही धर्मेंद्र ने उन्हें पास बुलाकर कहा था कि बच्चों से मिल जुलकर रहना। हेमा मालिनी ने इस दौरान सौतेले बेटों सनी-बॉबी की तारीफ की और धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर नाराजगी जाहिर की है। हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की कही हुई आखिरी बात पर हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘उन्होंने बिल्कुल यही कहा था कि साथ रहो, परिवार के हमेशा साथ रहो। सबको साथ लेकर चलना। हमेशा साथ रहो। जो भी काम हो, लेकिन साथ रहने को ही तवज्जो देना चाहिए।’ सनी-बॉबी पर बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा है, ‘वो दोनों बहुत अच्छे लड़के हैं। सनी बहुत अच्छा है, बॉबी बहुत अच्छा है। हम सभी हमेशा साथ हैं। हम पब्लिसिटी नहीं करते हैं। हमारा आपस में सब बहुत अच्छा एक जुड़ाव है। हम एक बहुत खुश परिवार हैं।’ धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर थीं नाराज धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 में हुआ। इससे पहले वो नवंबर के शुरुआती दिनों में अस्पताल में भर्ती थे। 10 नवंबर को उनके निधन की फर्जी खबरें आईं। इस समय हेमा मालिनी की बेटी ईशा ने इन खबरों पर नाराजगी जाहिर कर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की थी। अब हेमा मालिनी ने इन खबरों पर कहा है, ‘नेचुरली नाराज तो होंगे न। फेक न्यूज आएगी तो कैसे संभालेंगे। वो पीरियड गुजर गया, निकल गया। वो आज हमारे साथ नहीं हैं, अब क्या बात करेंगे।’ बातचीत में हेमा मालिनी ने बताया है कि धर्मेंद्र हमेशा से ही चाहनेवालों के लिए मौजूद रहे। अगर उन्हें पता चलता कि कोई फैन घर के बाहर उनसे मिलना चाहता है तो झट से उसे घर बुलाकर उसके साथ तस्वीरें क्लिक करवाते थे। हेमा मालिनी ने ये भी बताया है कि धर्मेंद्र अपने ग्रैंड चिल्ड्रन से बहुत प्यार करते थे और उनके जाने के बाद बच्चे उन्हें बहुत याद करते हैं। धर्मेंद्र को मरणोपरांत मिला पद्मभूषण, सम्मान लेते हुए भावुक हुईं हेमा मालिनी मई 2026 में धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। हेमा मालिनी उनकी तरफ से ये सम्मान लेने पहुंचीं, जहां वो बेहद भावुक हो गईं। वहीं सेरेमनी में मौजूद उनकी बेटी अहाना आंसू रोक नहीं सकीं। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था- एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, ‘मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं।
धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा-बच्चों के साथ मिलकर रहें हेमा मालिनी:सनी-बॉबी पर कहा- हम पब्लिसिटी नहीं करते, हम परिवार हैं; मौत की फर्जी खबर पर दिया रिएक्शन

लीजेंड्री एक्टर धर्मेंद्र के निधन के कुछ महीनों बाद अब हेमा मालिनी ने उनकी आखिरी इच्छा पर बात की है। उन्होंने बताया कि निधन से कुछ समय पहले ही धर्मेंद्र ने उन्हें पास बुलाकर कहा था कि बच्चों से मिल-जुलकर रहना। हेमा मालिनी ने इस दौरान सौतेले बेटों सनी-बॉबी की तारीफ की और धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर नाराजगी जाहिर की है। हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की कही हुई आखिरी बात पर हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘उन्होंने बिल्कुल यही कहा था कि साथ रहो, परिवार के हमेशा साथ रहो। सबको साथ लेकर चलना। हमेशा साथ रहो। जो भी काम हो, लेकिन साथ रहने को ही तवज्जो देना चाहिए।’ सनी-बॉबी पर बात करते हुए हेमा मालिनी ने कहा है, ‘वो दोनों बहुत अच्छे लड़के हैं। सनी बहुत अच्छा है, बॉबी बहुत अच्छा है। हम सभी हमेशा साथ हैं। हम पब्लिसिटी नहीं करते हैं। हमारा आपस में सब बहुत अच्छा एक जुड़ाव है। हम एक बहुत खुश परिवार हैं।’ धर्मेंद्र के निधन की फर्जी खबर आने पर थीं नाराज धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 में हुआ। इससे पहले वो नवंबर के शुरुआती दिनों में अस्पताल में भर्ती थे। 10 नवंबर को उनके निधन की फर्जी खबरें आईं। इस समय हेमा मालिनी की बेटी ईशा ने इन खबरों पर नाराजगी जाहिर कर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की थी। अब हेमा मालिनी ने इन खबरों पर कहा है, ‘नेचुरली नाराज तो होंगे न। फेक न्यूज आएगी तो कैसे संभालेंगे। वो पीरियड गुजर गया, निकल गया। वो आज हमारे साथ नहीं हैं, अब क्या बात करेंगे।’ बातचीत में हेमा मालिनी ने बताया है कि धर्मेंद्र हमेशा से ही चाहने वालों के लिए मौजूद रहे। अगर उन्हें पता चलता कि कोई फैन घर के बाहर उनसे मिलना चाहता है तो झट से उसे घर बुलाकर उसके साथ तस्वीरें क्लिक करवाते थे। हेमा मालिनी ने ये भी बताया है कि धर्मेंद्र अपने ग्रैंडचिल्ड्रन से बहुत प्यार करते थे और उनके जाने के बाद बच्चे उन्हें बहुत याद करते हैं। धर्मेंद्र को मरणोपरांत मिला पद्मभूषण, सम्मान लेते हुए भावुक हुईं हेमा मालिनी मई 2026 में धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। हेमा मालिनी उनकी तरफ से ये सम्मान लेने पहुंचीं, जहां वो बेहद भावुक हो गईं। वहीं सेरेमनी में मौजूद उनकी बेटी अहाना आंसू रोक नहीं सकीं। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था- एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, ‘मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं।
E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज:रबर पार्ट भी खराब हो सकते हैं; ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी ARAI की एक स्टडी में सामने आया है कि पुरानी E10 कंप्लायंट गाड़ियों में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने से फ्यूल सिस्टम के रबर पार्ट्स खराब हो सकते हैं। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। 10 सवालों के जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: ARAI की इस रिपोर्ट में सबसे मुख्य बात क्या निकलकर सामने आई है? जवाब: ARAI की इस रिपोर्ट के मुताबिक, E10 गाड़ियों में E20 ईंधन इस्तेमाल करने पर फ्यूल-सिस्टम खराब हो सकता है। इससे गाड़ी के रबर पार्ट्स जैसे पाइप, गैस्केट्स, सील्स और ओ-रिंग्स को नुकसान पहुंचता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन रबर पार्ट्स को बदलने की जरूरत पड़ सकती है। सवाल 2: क्या रिपोर्ट को आम जनता के लिए जारी किया गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: नहीं, इस स्टडी रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, यह रिपोर्ट सरकार और देश के प्रमुख वाहन निर्माताओं (OEMs) के बीच इस पूरे मामले पर नीति बनाने और तकनीकी सुधार करने के लिए एक मुख्य रेफरेंस पॉइंट बनी हुई है। सवाल 3: चार पहिया वाहनों के इंजन पर E20 ईंधन के असर को लेकर क्या टेस्टिंग की गई थी? जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, दो OEMs ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए थे। इसमें एक निर्माता की गाड़ी के इंजन ने 400 घंटे की टेस्टिंग के बाद कोई समस्या नहीं दिखाई और उसका परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ सही पाया गया। लेकिन दूसरे निर्माता के मामले में स्थिति अलग रही। सवाल 4: दूसरे चार पहिया वाहन निर्माता की गाड़ी में क्या तकनीकी समस्या देखी गई? जवाब: दूसरे OEM के इंजन की जब 809 घंटे तक टेस्टिंग की गई, तो उसके एग्जॉस्ट वाल्व में ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ देखा गया। हालांकि, इस मामले के जानकारों का कहना है कि एग्जॉस्ट वाल्व के फेल होने के पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। सवाल 5: यह ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ क्या होता है और इससे इंजन को क्या नुकसान है? जवाब: थर्मोमैकेनिकल फेलियर तब होता है जब अत्यधिक गर्मी और तेज व बार-बार होने वाली हलचल (मैकेनिकल स्ट्रेस) एक साथ मिलती हैं। इन दोनों के संयुक्त दबाव के कारण इंजन का एग्जॉस्ट वाल्व मुड़ सकता है, उसमें दरार आ सकती है या वह पूरी तरह से टूट सकता है। सवाल 6: BS-IV और BS-VI इंजन वाली चार पहिया गाड़ियों की टेस्टिंग में क्या अंतर मिला? जवाब: रिपोर्ट में 4-व्हीलर इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट के तहत बताया गया है कि टेस्टिंग के दौरान एक BS-IV इंजन का परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य रहा। इसके विपरीत, एक BS-VI टर्बो चार्ज्ड इंजन में 265 घंटे की ड्यूरेबिलिटी टेस्टिंग के बाद ही समस्या देखी गई। सवाल 7: दो पहिया वाहनों पर इस टेस्टिंग का क्या परिणाम रहा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, तीन दो पहिया वाहन निर्माताओं ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए गए थे। इन टेस्ट्स में इंजनों में कोई समस्या नहीं पाई गई। इन्हें E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य पाया गया है। सवाल 8: क्या E20 ईंधन से गाड़ियों के मैटेलिक पार्ट्स या उत्सर्जन पर बुरा असर पड़ता है? जवाब: नहीं, सभी टेस्ट किए गए वाहनों पर इस स्टडी में पाया गया कि E20 ईंधन का मैटेलिक कंपोनेंट्स पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा, E10-कंप्लायंट वाहनों में E20 ईंधन डालने पर भी साइलेंसर से होने वाला उत्सर्जन तय कानूनी सीमाओं के भीतर ही पाया गया। सवाल 9: गाड़ियों की माइलेज या ईंधन की खपत पर इससे क्या प्रभाव पड़ा? जवाब: ARAI की स्टडी में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि E10 ईंधन की तुलना में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने पर वाहनों की ईंधन खपत 2% से 6% तक बढ़ जाती है। यानी गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है। हालांकि, ईंधन की खपत में होने वाली यह बढ़ोतरी अलग-अलग गाड़ियों के मॉडल और कैटेगरी के हिसाब से बदलती है। सवाल 10: गाड़ी के स्टार्ट होने, चलने और वाष्पीकरण उत्सर्जन पर क्या असर दिखा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, E20 ईंधन के साथ गाड़ियों का इवैपोरेटिव एमिशन भी पूरी तरह से कानूनी सीमा के भीतर पाया गया। इसके साथ ही, गाड़ियों की स्टार्टेबिलिटी (आसानी से स्टार्ट होना) और ड्राइवैबिलिटी (चलने की परफॉर्मेंस) भी E20 ईंधन के साथ बिल्कुल ठीक पाई गई। सरकार ने कहा था- टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान का सबूत नहीं मिला बीते दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर गाड़ी के परफॉर्मेंस को लेकर चल रहे दावों के बीच एक्सपर्ट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला के अलावा बजाज ऑटो के सर्कल हेड मनप्रीत सिंह, टीवीएस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत कृष्णन मौजूद रहे थे। उनके साथ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती, हुंडई इंडिया के पुनीत आनंद और हीरो मोटो के आशुतोष वर्मा भी शामिल हुए थे। पेट्रोल में 25% एथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला टाल सकती है सरकार E20 फ्यूल के विरोध के बीच सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। सरकार ने शुरुआत में साल 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्लान बनाया था। लेकिन इस टारगेट से बहुत पहले ही E20 फ्यूल (80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल) को पूरे देश में स्टैंडर्ड पेट्रोल के रूप में लागू कर दिया गया है और अब हर जगह यही पेट्रोल मिल रहा है।
E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज:रबर पार्ट भी खराब हो सकते हैं; ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी ARAI की एक स्टडी में सामने आया है कि पुरानी E10 कंप्लायंट गाड़ियों में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने से फ्यूल सिस्टम के रबर पार्ट्स खराब हो सकते हैं। हालांकि इस रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। 10 सवालों के जवाब में पूरा मामला समझें… सवाल 1: ARAI की इस रिपोर्ट में सबसे मुख्य बात क्या निकलकर सामने आई है? जवाब: ARAI की इस रिपोर्ट के मुताबिक, E10 गाड़ियों में E20 ईंधन इस्तेमाल करने पर फ्यूल-सिस्टम खराब हो सकता है। इससे गाड़ी के रबर पार्ट्स जैसे पाइप, गैस्केट्स, सील्स और ओ-रिंग्स को नुकसान पहुंचता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन रबर पार्ट्स को बदलने की जरूरत पड़ सकती है। सवाल 2: क्या रिपोर्ट को आम जनता के लिए जारी किया गया है और इसका क्या महत्व है? जवाब: नहीं, इस स्टडी रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, यह रिपोर्ट सरकार और देश के प्रमुख वाहन निर्माताओं (OEMs) के बीच इस पूरे मामले पर नीति बनाने और तकनीकी सुधार करने के लिए एक मुख्य रेफरेंस पॉइंट बनी हुई है। सवाल 3: चार पहिया वाहनों के इंजन पर E20 ईंधन के असर को लेकर क्या टेस्टिंग की गई थी? जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, दो OEMs ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए थे। इसमें एक निर्माता की गाड़ी के इंजन ने 400 घंटे की टेस्टिंग के बाद कोई समस्या नहीं दिखाई और उसका परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ सही पाया गया। लेकिन दूसरे निर्माता के मामले में स्थिति अलग रही। सवाल 4: दूसरे चार पहिया वाहन निर्माता की गाड़ी में क्या तकनीकी समस्या देखी गई? जवाब: दूसरे OEM के इंजन की जब 809 घंटे तक टेस्टिंग की गई, तो उसके एग्जॉस्ट वाल्व में ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ देखा गया। हालांकि, इस मामले के जानकारों का कहना है कि एग्जॉस्ट वाल्व के फेल होने के पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। सवाल 5: यह ‘थर्मोमैकेनिकल फेलियर’ क्या होता है और इससे इंजन को क्या नुकसान है? जवाब: थर्मोमैकेनिकल फेलियर तब होता है जब अत्यधिक गर्मी और तेज व बार-बार होने वाली हलचल (मैकेनिकल स्ट्रेस) एक साथ मिलती हैं। इन दोनों के संयुक्त दबाव के कारण इंजन का एग्जॉस्ट वाल्व मुड़ सकता है, उसमें दरार आ सकती है या वह पूरी तरह से टूट सकता है। सवाल 6: BS-IV और BS-VI इंजन वाली चार पहिया गाड़ियों की टेस्टिंग में क्या अंतर मिला? जवाब: रिपोर्ट में 4-व्हीलर इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट के तहत बताया गया है कि टेस्टिंग के दौरान एक BS-IV इंजन का परफॉर्मेंस E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य रहा। इसके विपरीत, एक BS-VI टर्बो चार्ज्ड इंजन में 265 घंटे की ड्यूरेबिलिटी टेस्टिंग के बाद ही समस्या देखी गई। सवाल 7: दो पहिया वाहनों पर इस टेस्टिंग का क्या परिणाम रहा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, तीन दो पहिया वाहन निर्माताओं ने इंजन ड्यूरेबिलिटी टेस्ट किए गए थे। इन टेस्ट्स में इंजनों में कोई समस्या नहीं पाई गई। इन्हें E20 ईंधन के साथ स्वीकार्य पाया गया है। सवाल 8: क्या E20 ईंधन से गाड़ियों के मैटेलिक पार्ट्स या उत्सर्जन पर बुरा असर पड़ता है? जवाब: नहीं, सभी टेस्ट किए गए वाहनों पर इस स्टडी में पाया गया कि E20 ईंधन का मैटेलिक कंपोनेंट्स पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा, E10-कंप्लायंट वाहनों में E20 ईंधन डालने पर भी साइलेंसर से होने वाला उत्सर्जन तय कानूनी सीमाओं के भीतर ही पाया गया। सवाल 9: गाड़ियों की माइलेज या ईंधन की खपत पर इससे क्या प्रभाव पड़ा? जवाब: ARAI की स्टडी में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि E10 ईंधन की तुलना में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने पर वाहनों की ईंधन खपत 2% से 6% तक बढ़ जाती है। यानी गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है। हालांकि, ईंधन की खपत में होने वाली यह बढ़ोतरी अलग-अलग गाड़ियों के मॉडल और कैटेगरी के हिसाब से बदलती है। सवाल 10: गाड़ी के स्टार्ट होने, चलने और वाष्पीकरण उत्सर्जन पर क्या असर दिखा? जवाब: रिपोर्ट के अनुसार, E20 ईंधन के साथ गाड़ियों का इवैपोरेटिव एमिशन भी पूरी तरह से कानूनी सीमा के भीतर पाया गया। इसके साथ ही, गाड़ियों की स्टार्टेबिलिटी (आसानी से स्टार्ट होना) और ड्राइवैबिलिटी (चलने की परफॉर्मेंस) भी E20 ईंधन के साथ बिल्कुल ठीक पाई गई। सरकार ने कहा था- टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान का सबूत नहीं मिला बीते दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग में गाड़ियों को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर गाड़ी के परफॉर्मेंस को लेकर चल रहे दावों के बीच एक्सपर्ट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला के अलावा बजाज ऑटो के सर्कल हेड मनप्रीत सिंह, टीवीएस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत कृष्णन मौजूद रहे थे। उनके साथ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी, मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती, हुंडई इंडिया के पुनीत आनंद और हीरो मोटो के आशुतोष वर्मा भी शामिल हुए थे। पेट्रोल में 25% एथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला टाल सकती है सरकार E20 फ्यूल के विरोध के बीच सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। सरकार ने शुरुआत में साल 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्लान बनाया था। लेकिन इस टारगेट से बहुत पहले ही E20 फ्यूल (80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल) को पूरे देश में स्टैंडर्ड पेट्रोल के रूप में लागू कर दिया गया है और अब हर जगह यही पेट्रोल मिल रहा है।
एसआई भर्ती री-एग्जाम: 2021 के सभी कैंडिडेट्स को मिलेगा मौका:8 से 22 जुलाई तक आवेदन अपडेट करने होंगे, ओटीपी से सत्यापन नहीं किया तो आवेदन नहीं होगा स्वीकार

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 की पुनः परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2021 की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल री-एग्जाम में शामिल होने का मौका दिया गया है। इसके लिए कैंडिडेट्स को 8 से 22 जुलाई तक अपने आवेदन में जरूरी जानकारी अपडेट करनी होगी। हालांकि, जिन कैंडिडेट्स ने 8 मई 2026 के प्रेस नोट के अनुसार पहले ही आवेदन अपडेट कर दिया है, उन्हें दोबारा संशोधन करने की जरूरत नहीं होगी। आयोग के अनुसार आवेदन अपडेट करने से पहले कैंडिडेट्स को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद आवेदन में संशोधन कर स्वघोषणा पत्र स्वीकार करते हुए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कैंडिडेट्स एसएसओ आईडी से लॉगिन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर आवेदन अपडेट कर सकते हैं। जिनका ओटीआर नई एसएसओ आईडी में माइग्रेट हो चुका है, वे फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। यदि आवेदन ट्रांसफर में तकनीकी समस्या आती है तो कैंडिडेट्स 15 जुलाई तक आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती की पात्रता शर्तें 3 फरवरी 2021 के मूल विज्ञापन और 7 जून 2021 के शुद्धिपत्र के अनुसार ही लागू रहेंगी। परीक्षा का सिलेबस भी 22 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार रहेगा। आवेदन में केवल मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर ही बदले जा सकेंगे। आयु, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण जैसी मूल जानकारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। आयोग ने कहा है कि 2021 भर्ती के सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल अनंतिम रूप से री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ओटीआर में उपयोग किए गए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के उपयोग की सहमति देकर ओटीपी सत्यापन के साथ आवेदन फाइनल सब्मिट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले कैंडिडेट्स का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।








