Saturday, 29 Aug 2026 | 06:56 AM

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जरीन खान के सपोर्ट में आए एजाज खान:पैपराजी को लगाई फटकार, माफी मांगने को कहा; एक्ट्रेस बोलीं- मेरे साथ भी बुलिंग हुई

जरीन खान के सपोर्ट में आए एजाज खान:पैपराजी को लगाई फटकार, माफी मांगने को कहा; एक्ट्रेस बोलीं- मेरे साथ भी बुलिंग हुई

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान ने सोमवार को एक इवेंट में पैपराजी को जमकर फटकार लगाई। इवेंट के दौरान उन्होंने बुलिंग और बॉडी शेमिंग पर खुलकर अपनी राय रखी। वहीं, जरीन का वीडियो सामने आने के बाद एक्टर एजाज खान भी पैपराजी पर जमकर भड़क गए। मीडिया से बातचीत में जरीन ने कहा, ‘मेरे साथ भी बुलिंग हुई है, लेकिन किसी की इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह मुझे पहले बुली कर सके या अब कर सके। पता नहीं कैसे, लेकिन मेरे अंदर हमेशा आत्मविश्वास रहा है। मेरे शरीर का आकार, मेरा वजन या मेरी बॉडी कभी मेरी पहचान पर हावी नहीं हुआ।’ एक्ट्रेस ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है। आपको अपनी ताकत किसी और को नहीं देनी चाहिए। क्योंकि अगर आपने ऐसा किया, तो लोग आपको दबाने लगेंगे और बुली करेंगे। इसलिए सबसे जरूरी बात है कि आप जैसे भी हैं, वैसे ही खुद पर पूरा भरोसा रखें। खुद को स्वीकार करें और सबसे बढ़कर, खुद से प्यार करें।’ दरअसल, हाल ही में मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट के दौरान जरीन खान पैपराजी पर भड़क गई थीं। वह मीडिया के सामने कपड़ों को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद एक पैपराजी ने उनसे कहा, ‘ड्रेस ट्राई करके दिखाओ।’ यह बात सुनते ही जरीन ने सख्त लहजे में जवाब दिया, ‘फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ। मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना।’ इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जरीन खान के समर्थन में आए एजाज खान एक्टर एजाज खान भी जरीन के समर्थन में सामने आए। उन्होंने एक वीडियो जारी कर पैपराजी के एक वर्ग की जमकर क्लास लगाई। एजाज ने कहा कि कुछ लोगों की वजह से पूरे पैपराजी समुदाय की इमेज खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए और सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स के लिए किसी भी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार करना गलत है। एजाज ने कहा कि हर महिला किसी की मां, बहन, बेटी या पत्नी होती है। उन्होंने ऐसे लोगों से जरीन खान और उन सभी महिलाओं से माफी मांगने की अपील की, जिनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया है। उनका कहना था कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए किसी की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में नेहा धूपिया भी दे चुकीं हिदायत इससे पहले गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।’ ये एक्टर्स भी पैपराजी पर हाल ही में भड़के मलाइका अरोड़ा ने लगाई थी पैपराजी की क्लास कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो पैपराजी पर गुस्सा करती दिखी थीं। दरअसल, एक इवेंट के बाद मलाइका एक शख्स से बात कर रही थीं, लेकिन पैपराजी प्राइवेसी देने के बजाए लगातार उनका वीडियो ले रहे थे। ये देख एक्ट्रेस भड़क गईं और कहा- इधर ही आ जाओ। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, मई में सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, ‘सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी’, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी।

सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 476 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 849 रुपए बढ़कर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। चांदी ऑल टाइम हाई से 1.66 लाख रुपए नीचे इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 166 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है।

सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 476 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 849 रुपए बढ़कर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। चांदी ऑल टाइम हाई से 1.66 लाख रुपए नीचे इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 166 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है।

Wholesale Inflation WPI Hits Peak

Wholesale Inflation WPI Hits Peak

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक जून में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई है। इससे पहले मई में यह 9.68% पर थी। जून में महंगाई 44 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 14 जुलाई को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई बढ़ने की वजह रोजमर्रा की जरूरत के सामान और खाने-पीने की चीजें जैसे अनाज, सब्जियां भी महंगा हुआ है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी महीने से तनाव है। स्थितियां सामान्य नहीं हुईं तो महंगाई और बढ़ सकती है। रोजाना जरूरत के सामान के दाम बढ़े रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 4.99% से बढ़कर 7.00% हो गई। खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई 4.49% से बढ़कर 6.14% पर पहुंच गई है। फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर 30.33% से घटकर 27.41% हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर बिना बदलाव के 7.48% रही है। 2026 में ऐसे बढ़ी थोक थोक महंगाई महीना थोक महंगाई जनवरी 1.81% फरवरी 2.13% मार्च 3.88% अप्रैल 8.26% मई 9.68% जून 9.87% होलसेल महंगाई के 4 हिस्से प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं। फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, सब्जियां नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं मिनरल्स क्रूड पेट्रोलियम होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है। जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है। महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है। महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है। —————————————- ये खबर भी पढ़े… जून में लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ी:4.38% पर पहुंची, RBI के मिड टारगेट के पार निकली; आलू-अदरक महंगे हुए, सोना-चांदी सस्ते आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढ़ी है। जून में यह 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74% थी। वहीं एक महीने पहले मई में 3.93% थी। यानी, यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढ़ी है। पूरी खबर पढ़े… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

'तारक मेहता' में क्या जेठालाल का किरदार खत्म होगा?:मेकर्स ने अफवाहों का खंडन किया, दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे

'तारक मेहता' में क्या जेठालाल का किरदार खत्म होगा?:मेकर्स ने अफवाहों का खंडन किया, दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल का किरदार खत्म किए जाने की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का मेकर्स ने खंडन किया। मेकर्स ने आजतक के साथ बातचीत में मंगलवार को साफ किया कि दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे और कहानी अब भी उनके किरदार के इर्द-गिर्द ही आगे बढ़ रही है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि शो में जेठालाल का किरदार खत्म कर दिया जाएगा। इन दावों के बाद दर्शकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या दिलीप जोशी शो छोड़ने वाले हैं। हालांकि, शो के मेकर्स ने इन दावों को गलत बताया। मेकर्स के मुताबिक, शो की कहानी अभी भी जेठालाल के किरदार पर केंद्रित है और उन्हें ऑफ ट्रैक नहीं किया जाएगा। मेकर्स ने बताया कि 28 जुलाई को ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ अपने 18 साल पूरे करेगा। इस मौके पर भी जेठालाल का किरदार पहले की तरह शो का अहम हिस्सा बना रहेगा। जेठालाल के रोल के लिए दिलीप जोशी पहली पसंद नहीं थे शुरुआत में दिलीप जोशी को ‘चंपकलाल’ (बापूजी) का किरदार निभाने का ऑफर मिला था। उन्होंने इसे मना कर दिया और ‘जेठालाल’ का किरदार चुना। दिलीप जोशी शो की शुरुआत से पिछले 18 सालों से इससे जुड़े हुए हैं। जेठालाल का किरदार दर्शकों के बीच सबसे लोकप्रिय किरदारों में गिना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह शो के सबसे अधिक फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। उन्हें एक एपिसोड के लिए लगभग 1.5 लाख से 2 लाख रुपए की फीस मिलती है। प्रोड्यूसर असित मोदी के साथ उनकी अच्छी प्रोफेशनल और पर्सनल अंडरस्टैंडिंग भी है। गौरतलब है कि शो के कई मुख्य कलाकार पिछले कुछ सालों में शो छोड़ चुके हैं। इनमें शैलेश लोढ़ा (पुराने तारक मेहता), भव्य गांधी और राज अनादकट (पुराने टप्पू), नेहा मेहता (पुरानी अंजलि भाभी) और गुरुचरण सिंह (पुराने सोढ़ी) शामिल हैं। वहीं, शो की मुख्य अभिनेत्री दिशा वकानी (दयाबेन) साल 2017 में मैटरनिटी लीव पर गई थीं। उनके जाने के बाद से आज तक मेकर्स उनका रिप्लेसमेंट नहीं ला पाए हैं।

'तारक मेहता' में क्या जेठालाल का किरदार खत्म होगा?:मेकर्स ने अफवाहों का खंडन किया, दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे

'तारक मेहता' में क्या जेठालाल का किरदार खत्म होगा?:मेकर्स ने अफवाहों का खंडन किया, दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल का किरदार खत्म किए जाने की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का मेकर्स ने खंडन किया। मेकर्स ने आजतक के साथ बातचीत में मंगलवार को साफ किया कि दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे और कहानी अब भी उनके किरदार के इर्द-गिर्द ही आगे बढ़ रही है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि शो में जेठालाल का किरदार खत्म कर दिया जाएगा। इन दावों के बाद दर्शकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या दिलीप जोशी शो छोड़ने वाले हैं। हालांकि, शो के मेकर्स ने इन दावों को गलत बताया। मेकर्स के मुताबिक, शो की कहानी अभी भी जेठालाल के किरदार पर केंद्रित है और उन्हें ऑफ ट्रैक नहीं किया जाएगा। मेकर्स ने बताया कि 28 जुलाई को ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ अपने 18 साल पूरे करेगा। इस मौके पर भी जेठालाल का किरदार पहले की तरह शो का अहम हिस्सा बना रहेगा। जेठालाल के रोल के लिए दिलीप जोशी पहली पसंद नहीं थे शुरुआत में दिलीप जोशी को ‘चंपकलाल’ (बापूजी) का किरदार निभाने का ऑफर मिला था। उन्होंने इसे मना कर दिया और ‘जेठालाल’ का किरदार चुना। दिलीप जोशी शो की शुरुआत से पिछले 18 सालों से इससे जुड़े हुए हैं। जेठालाल का किरदार दर्शकों के बीच सबसे लोकप्रिय किरदारों में गिना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह शो के सबसे अधिक फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। उन्हें एक एपिसोड के लिए लगभग 1.5 लाख से 2 लाख रुपए की फीस मिलती है। प्रोड्यूसर असित मोदी के साथ उनकी अच्छी प्रोफेशनल और पर्सनल अंडरस्टैंडिंग भी है। गौरतलब है कि शो के कई मुख्य कलाकार पिछले कुछ सालों में शो छोड़ चुके हैं। इनमें शैलेश लोढ़ा (पुराने तारक मेहता), भव्य गांधी और राज अनादकट (पुराने टप्पू), नेहा मेहता (पुरानी अंजलि भाभी) और गुरुचरण सिंह (पुराने सोढ़ी) शामिल हैं। वहीं, शो की मुख्य अभिनेत्री दिशा वकानी (दयाबेन) साल 2017 में मैटरनिटी लीव पर गई थीं। उनके जाने के बाद से आज तक मेकर्स उनका रिप्लेसमेंट नहीं ला पाए हैं।

वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने 'हिटलर' जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने 'हिटलर' जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर समन्वित हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। हाल के महीनों में इस मुद्दे पर पोलैंड और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। विवाद उस समय और गहरा गया जब राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मई में यूक्रेन की एक सैन्य इकाई को ‘हीरोज ऑफ द यूपीए’ की मानद उपाधि प्रदान की। पोलैंड ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि जब तक यूक्रेन स्टेपान बांदेरा और ओयूएन-यूपीए जैसे विवादित संगठनों का सम्मान करना बंद नहीं करता, तब तक उसके यूरोपीय संघ की सदस्यता को लेकर आपत्तियां बनी रहेंगी।

वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने 'हिटलर' जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने 'हिटलर' जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

3 इडियट्स के 'चतुर' सोनम वांगचुक के समर्थन में आए:एक्टर ओमी वैद्य बोले- मैं नहीं चाहता कि फुंसुख वांगडू मर जाए, वह जिंदा रहें

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फिल्म 3 इडियट्स में ‘चतुर रामलिंगम’ का किरदार निभाने वाले एक्टर ओमी वैद्य ने सोनम वांगचुक के समर्थन में लोगों से आगे आने की अपील की। ओमी वैद्य ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा कि आज मैं आपसे एक जरूरी बात करना चाहता हूं। मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? ओमी ने आगे कहा, मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है। मुझे नहीं पता कि आपने इसके बारे में सुना है या नहीं, या मीडिया इस पर कितनी खबर दिखा रहा है, लेकिन यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें। एक्टर ने लोगों से अपील करते हुए कहा, हम सब आम लोग हैं और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत व्यस्त रहते हैं। कई बार हमारे पास ऐसे मुद्दों पर ध्यान देने का समय नहीं होता, लेकिन अगर आप थोड़ा समय निकालकर इस मामले को समझेंगे, तो हो सकता है कि आपको भी उनकी कुछ बातें सही लगें। शायद आप, आपके परिवार या आपके दोस्तों ने भी ऐसी समस्याओं का सामना किया हो। इसलिए मैं आपसे बस इतना कहना चाहता हूं कि कुछ मिनट रुकिए। अपने काम या घर की जिम्मेदारियों से थोड़ा समय निकालिए और देखिए कि इस समय क्या हो रहा है। मुझे लगता है कि यह जानना बहुत जरूरी है। क्योंकि मैं नहीं चाहता कि फुंसुख वांगडू मर जाए, और मुझे लगता है कि आप भी ऐसा नहीं चाहेंगे। जनप्रतिनिधियों तक बात पहुंचाने को कहा ओमी ने आगे कहा कि आइए, हम सब मिलकर जो कर सकते हैं, वह करें। इस मैसेज को सोशल मीडिया पर शेयर करें, रीपोस्ट करें और इंस्टाग्राम पर भी लोगों तक पहुंचाएं। अगर आपको सच में इस मुद्दे की चिंता है, तो अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों या सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों तक भी अपनी बात पहुंचाइए और उनसे इस मामले में कार्रवाई की मांग कीजिए। सोनम वांगचुक और उनसे जुड़े ये मुद्दे बहुत महत्वपूर्ण हैं। मुझे लगता है कि इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए और उम्मीद है कि आप भी ऐसा ही सोचेंगे। मैंने जो यह मैसेज आपको दिया है, उसे दिल से स्वीकार कीजिए। बहुत-बहुत धन्यवाद। 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून 2026 से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आज उनकी भूख हड़ताल का 17वां दिन है। वह देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में कथित धांधली (जैसे NEET परीक्षा विवाद) और पेपर लीक मामलों के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पूरी जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने देश के नागरिकों से इस मुद्दे पर एकजुट होने और आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ में शामिल होने की अपील की है।

3 इडियट्स के 'चतुर' सोनम वांगचुक के समर्थन में आए:एक्टर ओमी वैद्य बोले- मैं नहीं चाहता कि फुंसुख वांगडू मर जाए, वह जिंदा रहें

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