कबाड़ के जरिए फर्जी कैशबैक; साइबर ठगी का नया खेल:पार्सल बॉक्स के लेबल से पर्सनल डेटा चुरा रहे ठग, ऐसे बना रहे आपको शिकार

आपने जो पार्सल अभी-अभी खोला उसका डिब्बा कूड़े में फेंक दिया। लेकिन क्या पता वो डिब्बा आपके बैंक अकाउंट तक पहुंचने का रास्ता बन जाए। यह अजीब जरूर है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो अमेजन और फ्लिपकार्ट के पार्सल पर चिपका वो छोटी-सा स्टीकर, जिसे हम कभी गौर से देखते भी नहीं, जालसाजों के लिए सोने की खान बन गया है। जरा सोचिए, हर बार जब आप ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, डिलीवरी बॉक्स पर लगी चिट्ठी में क्या-क्या छपा होता है। इसमें आपका नाम, फोन नंबर, पूरा पता, ईमेल आईडी, और कई बार तो यह भी होता है कि आपने क्या खरीदा। पैकेट खुलते ही यह जानकारी बेकार लगती है, इसलिए लोग बिना सोचे-समझे बॉक्स को कूड़ेदान में डाल देते हैं। यहीं से शुरू होती है असली कहानी। ठग कूड़े के ढेर या कबाड़ी के पास से पार्सल डिब्बे उठाते हैं और उन पर छपी जानकारियां नोट कर लेते हैं। इसके बाद वे खुद को अमेजन, फ्लिपकार्ट या किसी डिलीवरी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फोन करते हैं। चूंकि उनके पास आपका नाम, पता और हाल में की गई खरीदारी की जानकारी होती है, लिहाजा बातचीत सही लगती है और भरोसा बनते देर नहीं लगती। इसके बाद कैशबैक, लॉयल्टी रिवॉर्ड या अगली खरीदारी पर छूट का लालच देकर एक फीडबैक सर्वे भरने को कहा जाता है। एसएमएस, वाट्सएप या ई-मेल पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करते ही खेल शुरू हो जाता है। यह लिंक किसी फर्जी वेबसाइट पर ले जाता है, जहां बैंक डिटेल्स, कार्ड नंबर या ओटीपी मांगा जाता है। कई बार तो फोन में एक ऐसा मैलिशियस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जो पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स चुराकर सीधे अकाउंट से पैसे उड़ा ले जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा फ्रॉड शुरू होता है एक ऐसी जगह से, जिसे हम कचरा समझकर भूल जाते हैं। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग जितनी बढ़ रही है, ठगों के तरीके भी उतने ही नए और शातिर होते जा रहे हैं। लेकिन एक छोटी-सी आदत- डिब्बा फेंकने से पहले लेबल मिटाना आपको इस नए तरह के फ्रॉड का अगला शिकार बनने से बचा सकती है। तो ऐसी धोखाधड़ी से बचाव का तरीका क्या है? जवाब उतना ही आसान है, जितनी यह समस्या मुश्किल लगती है। बॉक्स फेंकने से पहले शिपिंग लेबल फाड़ें, काटें या खुरच दें, ताकि उस पर लिखी जानकारियां कोई पढ़ न सके। आइडेंटिटी प्रोटेक्शन रोलर स्टैंप से भी संवेदनशील जानकारी छिपाई जा सकती है। साथ ही, अगर कोई कॉल पर खुद को ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर एप इंस्टॉल करने, अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी-बैंक डिटेल्स शेयर करने के लिए कहे, तो सतर्क हो जाएं। अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां अमूमन ऐसी मांग नहीं करतीं। किसी भी ऑफर या कैशबैक मैसेज की सच्चाई जानने के लिए कंपनी की ऑफिशियल एप पर जांच करें।
बालों के लिए फिटकारी: चिपचिपी हीट में स्कैल्प से डैंड्रफ की छुट्टी फिटकारी, जान लें इस्तेमाल का सही तरीका; हेयरफॉल भी कम होगा

फिटकरी में बेहतरीन एंटी-सहायक और एंटी-फंगल गुण होते हैं। यह स्कैल्प की जड़ों को गहराई से साफ करती है, डैंड्रफ को जड़ों से मिटाती है और हेयरफॉल को भी काफी हद तक कम करती है। छवि: एआई प्रयोग का पहला उपाय: संस्थान से पहले एक मग पानी में एक छोटा टुकड़ा फिटकरी का स्थान। जब यह पानी में चमक जाए, तो इस जादुई पानी से अपने बालों और स्कैल्प को अच्छी तरह धो लें। छवि: फ्रीपिक इसके अलावा आप अन्य तरीकों से भी फिटकरी का न्यूट्रिशन पाउडर बना सकते हैं। अब अपने नारियल या सरसों के तेल में एक पिंच फिटकरी पाउडर और इसी तरह के स्कैल्प के हाथ से मसाज करें। छवि: फ्रीपिक तेल और फिटकरी के इस मिश्रण को बालों में 20 से 30 मिनट तक लगा रहा। इसके बाद किसी माइल्ड या प्लांट शैम्पू से बालों को धो लें। इससे पहली बार डैंड्रफ की छुट्टी होगी। छवि: एआई फिटकरी का इस्तेमाल हर हफ्ते सिर्फ 1 या 2 बार ही करें। इसका बहुत ज्यादा उपयोग बालों को रूखा बनाने के लिए किया जा सकता है। यदि स्कैल्प पर कोई घाव या कट है, तो इसका उपयोग न करें। छवि: फ्रीपिक गर्मियों में इस सबसे आसान और सस्ते घरेलू नुस्खे को जरूर अपनाएं। कुछ ही तरीक़े से आपके बाल डैंड्रफ-मुक्त, मजबूत और चमकदार बन जायेंगे। आज ही इसे अपना हेयर केयर रूटीन का भाग जारी करें। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
HDFC Bank Q1 Results: Net Profit Rises 5%

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक HDFC बैंक लिमिटेड ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही (Q1 FY27) में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.98% बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, यह मुनाफा CNBC-TV18 पोल के 19,332 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम ₹33,535 करोड़ के पार बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सालाना आधार पर 6.7% की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़कर 33,535.95 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम भी बाजार के 34,353 करोड़ रुपए के पोल अनुमान को पार करने में चूक गई। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26% रहा पहली तिमाही में HDFC बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स पर 3.26% दर्ज किया गया है। वहीं, अगर ब्याज अर्जित करने वाली संपत्तियों यानी इंटरेस्ट अर्निंग एसेट्स के आधार पर देखें तो यह मार्जिन 3.40% रहा है। एसेट क्वालिटी में मामूली बदलाव, ग्रॉस NPA 1.17% एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) 30 जून, 2026 तक ग्रॉस एडवांस के 1.17% पर रहे। 31 मार्च 2026 को यह आंकड़ा 1.15% था, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 1.40% था। वहीं, 30 जून, 2026 तक बैंक का नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPAs) नेट एडवांस का 0.41% रहा। प्रोविजनिंग और क्रेडिट कॉस्ट का हाल पहली तिमाही में बैंक का कुल प्रोविजंस और कंटिंगेंसीज (प्रॉविजन्स एंड कंटिंगेंसीज) ₹3,060 करोड़ रहा। इसके साथ ही तिमाही के लिए बैंक का कुल क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.40% दर्ज किया गया है। इस साल 17.2% टूट चुका है बैंक का शेयर शुक्रवार को HDFC बैंक का शेयर 1.4% चढ़कर 819.60 रुपए के स्तर पर बंद हुआ था। साल 2026 में अब तक इस स्टॉक में 17.2% की गिरावट आ चुकी है, जबकि इस दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स में 6.9% की कमजोरी देखी गई है। क्या होती है नेट इंटरेस्ट इनकम और नेट इंटरेस्ट मार्जिन? नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): बैंक मुख्य रूप से दो काम करता है- जमा यानी डिपॉजिट स्वीकार करना और लोन देना। लोन देने पर बैंक को जो ब्याज मिलता है, उसमें से जमाकर्ताओं को दिए जाने वाले ब्याज को घटाने के बाद बची रकम को नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) कहते हैं। यह बैंक की मुख्य कमाई होती है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): यह किसी बैंक की वित्तीय सेहत को मापने का एक पैमाना है। बैंक अपनी कुल ब्याज कमाने वाली संपत्तियों (जैसे लोन) पर जितना ब्याज कमाता है और जमा राशि पर जितना ब्याज चुकाता है, उसके अंतर को प्रतिशत में व्यक्त करने पर इसे नेट इंटरेस्ट मार्जिन कहा जाता है। नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA क्या है? जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी बैंक से लोन लेकर उसे वापस नहीं करती, तो उसे बैड लोन या नॉन परफॉर्मिंग एसेट या NPA कहा जाता है। यानी इन लोन्स की रिकवरी की उम्मीद काफी कम होती है। नतीजतन बैंकों का पैसा डूब जाता है और बैंक घाटे में चला जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक लोन की किस्त 90 दिनों तक यानी तीन महीने तक नहीं चुकाई जाती है, तो उस लोन को NPA घोषित कर दिया जाता है। अन्य वित्तीय संस्थाओं के मामले में यह सीमा 120 दिन की होती है। बुक को क्लियर करने के लिए बैंकों को ऐसा करना होता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
तारक मेहता के निर्माता असित मोदी त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचे:पुत्र के विवाह के लिए पौराणिक स्थल देखने आए, शिव-पार्वती विवाह स्थल पर की विशेष पूजा

प्रसिद्ध टीवी सीरियल “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” के निर्माता असित कुमार मोदी शनिवार को त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया सुबह करीब ग्यारह बजे असित मोदी अपने बेटे और बहू के साथ शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण पहुंचे। उन्होंने मंदिर में भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान तीर्थपुरोहितों ने उनका भव्य स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, असित मोदी भविष्य में अपने पुत्र के विवाह के लिए इस पौराणिक स्थल को देखने आए थे। देवभूमि उत्तराखंड पहुंचना सौभाग्य असित मोदी ने इस अवसर पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पहुंचना उनका सौभाग्य है। उन्होंने प्रकृति द्वारा निर्मित इस स्थान की खूबसूरती और दिव्यता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह वह दिव्य स्थान है जहां माता पार्वती और भगवान शिव विवाह के बंधन में बंधे थे और यहां पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की दिव्य आध्यात्मिक परंपरा का अनुभव भी साझा किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण अमित मैंखंडी और अन्य तीर्थपुरोहित मौजूद रहे।
पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।
पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।
Lucknow School Assault | Nursery Student Beaten By Class Monitor

Hindi News Career Lucknow School Assault | Nursery Student Beaten By Class Monitor कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक क्लास में मारपीट की घटनाएं इतनी आम हो गई हैं जो कभी टीचर के साथ तो कभी स्टूडेंट के साथ आए दिन सुनने को मिलती हैं। लखनऊ में 5 साल के नर्सरी क्लास के बच्चे को क्लास की मॉनिटर ने 12 मिनट तक मारा। ये घटना क्लास टीचर की गैर मौजूदगी में हुई। क्लॉस मॉनिटर ने लड़के को लगातार थप्पड़े मारे। उसने सिर पकड़कर लड़के के बाल भी नोंचे। यह घटना लखनऊ के ALS एकेडमी की है। सिर नीचे करके बैठने की दी सजा क्लास में टीचर ने लगभग 18 बच्चों को बेंच पर सिर नीचे करके बैठने की सजा दी थी। टीचर के क्लास से कुछ देर के लिए चले जाने के बाद मॉनिटर ने जब एक बच्चे को सिर ऊपर उठाते हुए देखा तो उसे पीटना शुरू कर दिया। मॉनिटर ने रोका रास्ता बाद में वह लड़का अपनी जगह से उठा और क्लासरूम के दरवाज़ों में से एक से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। लेकिन क्लास मॉनिटर ने उसका रास्ता रोक दिया। वह उस लड़के को खींचकर वापस अंदर ले आई और फिर से थप्पड़ मारा। घटना के समय चुपचाप बैठै रहे बच्चे मॉनिटर ने अंदर से क्लास का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद बच्चे ने दूसरे दरवाजे को खोलने की कोशिश की, जो बंद था। मॉनिटर ने उसे फिर से खींचकर सीट पर बैठाया और पीटा। इस पूरी घटना के समय क्लास के दूसरे बच्चे सिर नीचे करके चुपचाप बैठे रहे। Lucknow – In a shocking incident of child abuse inside a school, a 5-year-old nursery student was allegedly beaten continuously for 12 minutes by a class monitor at ALS Academy in Vrindavan Yojana, Lucknow. The entire episode was captured on CCTV cameras. A girl monitor of the… pic.twitter.com/eYM6YkgL8y — NextMinute News (@nextminutenews7) July 17, 2026 कैमरे में कैद हुई पूरी घटना मारपीट में बच्चे के चेहरे पर चोटें आईं। जब बच्चे के पेरेंट्स ने स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत की, तब CCTV फुटेज देखी गई, जिसमें पूरी घटना कैद मिली। घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्लास की मॉनिटर को स्कूल से निकाल दिया गया है। बच्चे के परिवार जनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस रजिस्टर्ड किया है। इससे संबंधित आगे की कार्रवाई की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें देश की पहली AI यूनिवर्सिटी कर्नाटक में बनेगी:यहीं AI हब बनाया जाएगा, रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा; मुख्यमंत्री शिवकुमार की घोषणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के महत्व को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आज यानी 14 जुलाई को घोषणा की है कि राज्य में देश की पहली सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
नोलन से मार्वल तक; हॉलीवुड फिल्मों की नई रणनीति:भारत बना हॉलीवुड का बड़ा प्रमोशन मार्केट, पहली बार 2,000 करोड़ कमाई की उम्मीद

क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म द ऑडेसी रिलीज हो चुकी है। इसकी सबसे खास बात रही कि उन्होंने अपनी फिल्म का पहला भारतीय प्रीमियर मुंबई में किया। यह पहली बार है जब नोलन जैसे निर्देशक ने भारत को लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क के बराबर अपनी आधिकारिक ग्लोबल प्रमोशन सूची में रखा। इन हस्तियों ने मुंबई के कोलाबा में स्थित 108 साल पुराने ओलंपिया कॉफी हाउस में बन मस्का का आनंद भी लिया है। दरअसल हॉलीवुड फिल्मों के लिए भारत सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है। 2026 में हॉलीवुड फिल्मों की कमाई पहली बार भारत में 2 हजार करोड़ रु. के पार पहुंच सकती है। हॉलीवुड अपना रहा ‘इंडिया-फर्स्ट’ नीति 1. भारतीय दर्शकों ने पहले भी भरोसा जताया भारत में ओपेनहाइमर नोलन की पहली 100 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनी। यह अमेरिका के बाद शीर्ष कमाई वाले बाजारों में शामिल हुई थी। 2. तीन महीने पहले शुरू हो रही फिल्मों की बुकिंग मार्वल स्टूडियोज 20 जुलाई से एवेंजर्स: डूम्सडे की एडवांस बुकिंग शुरू करने की तैयारी में है, जबकि फिल्म 18 दिसंबर को रिलीज होगी। शुरुआती बुकिंग इनफिनिटी विजन जैसे प्रीमियम बड़े स्क्रीन फॉर्मेट के लिए होगी। 3. सिर्फ हिन्दी नहीं, क्षेत्रीय भाषाओं पर भी जोर ‘अवातार: फायर एंड एंश’ में अंग्रेजी ट्रेलर से ज्यादा जोर हिंदी, तमिल, तेलुगु और दूसरी भाषाओं पर दिया गया। मार्वल की फिल्म एवेंजर्स: डूम्सडे में भी अलग-अलग भारतीय भाषाओं के बड़े कलाकारों से डबिंग कराई जा रही है। 4. सिर्फ फिल्म ही नहीं, ‘इवेंट’ बेचा जा रहा ब्रैड पिट की एफ1 सिर्फ फिल्म नहीं थी। भारत में रेसिंग सिम्युलेटर लगाए गए। गेमिंग एरीना से साझेदारी हुई। स्पोर्ट्स चैनलों के साथ प्रचार किया गया। आईमैक्स और 4DX अनुभव को मुख्य आकर्षण बनाया गया। 5. भारत में प्रीमियम स्क्रीन का क्रेज भी बढ़ रहा है भारत में अभी 70mm आईमैक्स जैसे थिएटर नहीं हैं, फिर भी नोलन ने भारत को प्राथमिकता दी। इसकी वजह यह है कि यहां आईमैक्स और अन्य प्रीमियम फॉर्मेट में फिल्में देखने वाले दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ट्रेंड; हॉलीवुड फिल्मों की 6 साल बाद सबसे ज्यादा कमाई 2019 में हॉलीवुड फिल्मों ने भारत में रिकॉर्ड 1,595 करोड़ कमाए और कुल बॉक्स ऑफिस में 15% हिस्सेदारी हासिल की। लेकिन महामारी के बाद यह रफ्तार टूट गई। यही वजह है कि अब हॉलीवुड अपनी रणनीति बदल रहा है। रिकॉर्ड; 6 महीने में हॉलीवुड करेगा 1500 करोड़ रु. कमाई जनवरी से जून के बीच अंग्रेजी फिल्मों ने 512 करोड़ रुपए का कारोबार किया है। लेकिन 2026 पहला साल हो सकता है जब भारत में हॉलीवुड फिल्मों की कमाई पहली बार ₹2,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर जाए। स्पाइडरमैन: ब्रैंड न्यू डे 30 जुलाई जुमानजी: ओपन वर्ल्ड 11 दिसंबर एवेंजर्स: डूम्सडे 18 दिसंबर ड्यून पार्ट-3 18 दिसंबर
रामायण में साईं पल्लवी की कास्टिंग पर भड़के अन्नूू कपूर:कहा- ये शोशेबाजी करेंगे, देखिए किसे सीता का रोल दिया, सीता मां हैं, जानिए पूरा बयान

सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्ममेकर्स किसी दूसरे सब्जेक्ट पर फिल्म बना सकते थे, क्योंकि वो कुछ भी करके रामानंद सागर जैसी फिल्म नहीं बना सकेंगे। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ आगे अन्नू कपूर ने ये भी कहा है कि वो नितेश तिवारी को जानते तक नहीं हैं। वो फिल्में नहीं देखते, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वो रामायण बना रहे हैं, तो उन्होंने नितेश तिवारी नहीं बल्कि रामायण बनाने का विरोध किया। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
Rajesh Sharma Health Update | Actor Recovering in Mumbai Shooting Abroad

8 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत अब पहले से बेहतर है। फिलहाल वह मुंबई स्थित अपने घर पर आराम कर रहे हैं और जल्द ही दोबारा काम पर लौटने की तैयारी में हैं। दावा था कि एक्टर की प्रभास स्टारर फिल्म फौजी के सेट पर कीड़ा काटने से तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत कीड़ा काटने से नहीं बल्कि डायबिटीज से बिगड़ी। FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने बॉलीवुड हंगामा को बताया है कि राजेश शर्मा अब अस्पताल से घर लौट चुके हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “राजेश शर्मा जी को हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वह इस समय मुंबई स्थित अपने घर पर आराम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में वह एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए विदेश भी जाने वाले हैं।” जुलाई की शुरुआत में राजेश शर्मा के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आई। कुछ समय बाद एक्ट्रेस सुदीप्ता चटर्जी और फिल्ममेकर-प्रोड्यूसर अग्निदेव चटर्जी ने बताया था कि राजेश शर्मा हैदराबाद के रामोजी फिल्मसिटी में प्रभास स्टारर फिल्म फौजी के सेट पर तकनीशियनों से बातचीत कर रहे थे। उसी दौरान घनी झाड़ियों वाले इलाके में उन्हें किसी कीट ने काट लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई। सुदीप्ता की पोस्ट के अनुसार, कीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। पश्चिम बंगाल की मिनिस्टर इंद्रनील राजेश शर्मा से मिलने अस्पताल पहुंची थीं। अक्षय कुमार ने भावुक होकर लिखा- जल्दी ठीक हो जाओ यार राजेश शर्मा की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद अक्षय कुमार ने भी कीड़ा काटने की खबरें कन्फर्म करते हुए चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राजेश शर्मा के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- “मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान एक कीट के काटने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। जल्दी ठीक हो जाओ यार, अभी साथ बैठकर बहुत हंसना है।” फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, ‘फौजी’ की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी समय राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एसोसिएशन ने सीएम रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर हुई इस घटना की तुरंत और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








