Patna IPS Sanket Kumar Viral Video

Hindi News Career Patna IPS Sanket Kumar Viral Video | NEET Protest Controversy Statement 2 मिनट पहले कॉपी लिंक पटना में 22 जुलाई 2026 को NEET से जुड़े मुद्दे पर छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। इसी दौरान पटना वेस्ट के एसपी IPS संकेत कुमार का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे पुलिसकर्मियों से कहते दिखाई दिए कि पीछे हटे तो नौकरी के लायक नहीं छोड़ूंगा। इससे पहले इसरो में साइंटिस्ट थे संकेत इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके चलते उनकी कार्यशैली और बयान पर चर्चा शुरू हो गई। संकेत कुमार IPS बनने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में वैज्ञानिक थे। पीछे हटे तो कल नौकरी के लायक नहीं बचोगे!पटना में प्रदर्शनकारियों के सामने जब पुलिस पीछे हटने लगी, तब 2022 बैच के IPS संकेत कुमार के इस एक डायलॉग ने पूरा गेम पलट दिया।#Patna #IPSSaketKumar #NEET pic.twitter.com/1ti6xfGZh6— SANTOSH PANDEY (@Santosh53172026) July 23, 2026 डाकबंगला चौरोह पर उम्र हुआ मामला दिनभर चले इस प्रदर्शन के दौरान पटना की सड़कें संग्राम का मैदान बनी रहीं। छात्रों का यह जुलूस गांधी मैदान से शुरू होकर लोक भवन की ओर बढ़ रहा था। प्रदर्शनकारी छात्र जब पटना के प्रमुख डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे, तो मामला बेहद उग्र हो गया। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन आक्रोशित छात्र पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। देखते ही देखते प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया। वेस्ट एसपी संकेत खुद मोर्चे पर पहुंचे डाकबंगला चौराहे पर स्थिति बिगड़ती देख पटना के वेस्ट एसपी (IPS) संकेत कुमार खुद मोर्चे पर उतरे। जब कुछ पुलिसकर्मी उग्र भीड़ और पथराव के बीच पीछे हटने लगे, तो एसपी संकेत कुमार ने कड़े और चेतावनी भरे लहजे में अपने साथियों को पीछे न हटने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस बल हरकत में आया और पुलिसकर्मियों ने उग्र छात्रों को खदेड़ने के लिए दोबारा आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। आईपीएस अनु बेनिवाल का वायरल वीडियो इससे पहले मध्य प्रदेश कैडर की IPS अनु बेनीवाल का एक वीडियो वायरल हुआ था। ग्वालियर में उन्होंने एक ब्लैक फिल्म चढ़ी कार को रोका। जब कार चालक ने अपने रिश्तेदारों का हवाला दिया तो बेनीवाल ने कहा कि तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट हों तो भी चालान तो होगा। उन्होंने 172 वाहनों पर चालानी कार्रवाई करके 86 हजार से अधिक की राशि वसूल की थी। अनु को लेडी सिंघम के नाम पहचान मिली अनु बेनीवाल 2022 बैच की पुलिस अधिकारी हैं। सख्त कार्यशैली की वजह से लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ भी कहते हैं। दिल्ली के पीतमपुरा में जन्मी अनु बेनीवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स में बीएससी और एमएससी किया। इसके साथ ही उन्होंने नैनो साइंस पर रिसर्च भी किया है। अनु बेनीवाल का विवाह आयुष जाखड़ से हुआ है जो 2022 बैच के IPS अधिकारी हैं। विवाह के बाद केंद्र सरकार ने उनका बिहार कैडर से मध्य प्रदेश कैडर में इंटर कैडर ट्रांसफर स्वीकार किया। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Crude Oil Prices Surge | Global Market LNG Supply Fears & Iran Tensions

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान जंग के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए थे। फाइल फोटो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी है। ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो पिछले 6 हफ्तों का उच्चतम स्तर है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी $89.50 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी संकट बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। दूसरी ओर, कच्चे तेल के महंगे होने से भारत की ऑइल मार्केटिंग कंपनियों के रिटेल फ्यूल मार्जिन पर भारी दबाव पड़ा है, जिससे डीजल पर कंपनियों को प्रति लीटर 20.4 रुपए का घाटा हो रहा है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): शेयर में 2.50% की गिरावट दर्ज की गई। इंडियन ऑयल (IOCL) : शेयर 2% तक नीचे आ गया। भारत पेट्रोलियम (BPCL): शेयर में लगभग 1% की कमजोरी देखी गई। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर ‘फोर्स मैज्योर’ को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Crude Oil Prices Surge | Global Market LNG Supply Fears & Iran Tensions

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान जंग के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए थे। फाइल फोटो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी है। ब्रेंट क्रूड ऑयल आज 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जो पिछले 6 हफ्तों का उच्चतम स्तर है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी $89.50 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत में महंगाई और एनर्जी संकट बढ़ा दिया है। इससे भारतीय रुपए और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के फ्लो पर असर पड़ने की संभावना है। दूसरी ओर, कच्चे तेल के महंगे होने से भारत की ऑइल मार्केटिंग कंपनियों के रिटेल फ्यूल मार्जिन पर भारी दबाव पड़ा है, जिससे डीजल पर कंपनियों को प्रति लीटर 20.4 रुपए का घाटा हो रहा है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): शेयर में 2.50% की गिरावट दर्ज की गई। इंडियन ऑयल (IOCL) : शेयर 2% तक नीचे आ गया। भारत पेट्रोलियम (BPCL): शेयर में लगभग 1% की कमजोरी देखी गई। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर ‘फोर्स मैज्योर’ को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
शेफाली जरिवाला के पालतू कुत्ते सिंबा का निधन:बच्चा मानती थीं, पति पराग बोले- तुम दोनों से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता

कांटा लगा एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के पालतू कुत्ते सिंबा का आज निधन हो गया है। शेफाली, सिंबा को अपना बच्चा मानती थीं। फैंस से ये दुखद खबर शेयर करते हुए शेफाई के पति एक्टर पराग त्यागी ने भावुक पोस्ट शेयर की है। पराग त्यागी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से शेफाली जरीवाला और सिंबा का एक वीडियो शेयर कर लिखा है, ‘अब मम्मा अकेली नहीं हैं। सिंबा मम्मा के साथ बहुत खुश है। तुम दोनों से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता, मेरी लाइफ लाइन। दूसरी तरफ।’ सिंबा को बेटा मानती थीं शेफाली जरीवाला शेफाली पालतू डॉग सिंबा को बेटा मानती थीं। उनकी मौत के बाद पति पराग त्यागी ने सिंबा के कई वीडियोज शेयर कर दावा किया कि शेफाली के जाने के बाद से ही वो बेहद उदास है। रक्षाबंधन पर शेफाली सिंबा को राखी भी बांधती थीं। उनकी मौत के बाद पराग ने सिंबा को राखी बांधी थी। 27 जून 2025 में अचानक हुआ निधन बताते चलें कि शेफाली जरीवाला का निधन 27 जून 2025 को अचानक हुआ है। उस रोज उनके घर में पूजा रखी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, शेफाली ने उस दिन व्रत रखा था, उन्होंने इंसुलिन ली थी, जिसके बाद फ्रिज में रखा ठंडा खाना खाते ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनका निधन हो गया। शेफाली के निधन का कारण ब्लड प्रेशर फ्लक्चुएशन माना जाता है। हालांकि परिवार ने कभी उनके निधन के कारण पर ऑफिशियल पुष्टि नहीं की है। ‘बिग बॉस 13’ में ली थी वाइल्ड कार्ड एंट्री शेफाली जरीवाला को कांटा लगा गर्ल नाम से जाना जाता था। एक्ट्रेस कई टीवी शोज और म्यूजिक एल्बम में नजर आई थीं। इसके अलावा शेफाली जरीवाला ने 2019 में बिग बॉस 13 में वाइल्ड कार्ड एंट्री ली थी, जहां उन्हें अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सिद्धार्थ शुक्ला के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करते देखा गया था। बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला का भी निधन 2021 में कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।
इजराइली विरोध के बावजूद सऊदी को परमाणु तकनीक देगा अमेरिका:ट्रम्प ने समझौते की मंजूरी दी; एक्सपर्ट बोले- परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ेगा

सऊदी अरब ने बुधवार को अमेरिका के साथ एक अहम परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत अमेरिका, सऊदी अरब को असैन्य (बिजली बनाने के लिए) परमाणु तकनीक देगा। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव का माहौल है। इस समझौते को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। वह पिछले पांच साल से भी ज्यादा समय से यह समझौता चाह रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल समेत अमेरिका के कई अधिकारी और न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स इसका विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि यदि सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्धन की तकनीक मिल गई, तो भविष्य में वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में भी बढ़ सकता है। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में परमाणु हथियारों की नई होड़ शुरू होने का खतरा पैदा हो सकता है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले कई बार कह चुके हैं कि अगर ईरान परमाणु हथियार बना लेता है, तो सऊदी अरब भी परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में कदम उठाएगा। यह समझौता विवादों में क्यों है? ट्रम्प ने समझौते से इजराइल को हटाया इस समझौते की शुरुआत जो बाइडेन के राष्ट्रपति रहते हुई थी। तब अमेरिका चाहता था कि परमाणु समझौते के बदले सऊदी अरब, इजराइल को औपचारिक मान्यता दे और दोनों देश राजनयिक संबंध स्थापित करें। इस प्रस्ताव के तहत अमेरिका, सऊदी अरब को सुरक्षा की गारंटी, आधुनिक हथियार और असैन्य परमाणु कार्यक्रम में सहयोग देने को तैयार था। बदले में सऊदी अरब से उम्मीद थी कि वह इजराइल के साथ दूतावास खोलेगा, राजदूत नियुक्त करेगा और आधिकारिक संबंध शुरू करेगा। हालांकि, 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजराइल पर हमले और उसके बाद गाजा में शुरू हुए युद्ध की वजह से यह प्लान फेल हो गया। सऊदी कहने लगा कि जब तक एक अलग फिलिस्तीन राष्ट्र नहीं बन जाता तब तक वे इजराइल को मान्यता नहीं देंगे। बाद में ट्रम्प ने रणनीति बदली और इजराइल के साथ रिश्तों को इस समझौते से अलग कर दिया। मिडिल ईस्ट में सऊदी का प्रभाव बढ़ेगा परमाणु बिजलीघर (न्यूक्लियर रिएक्टर) बनने में 10 साल या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए इस समझौते के बाद सऊदी अरब लंबे समय तक अमेरिका की परमाणु तकनीक और मदद पर निर्भर रहेगा। इससे दोनों देशों के बीच सुरक्षा, कारोबार और आपसी रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी की एक्सपर्ट कैरेन यंग के मुताबिक, सऊदी अरब सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर यह कदम उठा रहा है। उनका कहना है कि यह समझौता सिर्फ परमाणु बिजली बनाने तक सीमित नहीं है। इससे सऊदी अरब की राजनीतिक ताकत बढ़ेगी और मिडिल ईस्ट में उसका प्रभाव भी पहले से ज्यादा मजबूत होगा। अमेरिका को क्या फायदा होगा? इस समझौते से अमेरिका को दो बड़े फायदे मिल सकते हैं। 1. अमेरिकी कंपनियों को सऊदी अरब में परमाणु बिजली संयंत्र बनाने के अरबों डॉलर के ठेके मिल सकते हैं। 2. अमेरिका को सऊदी अरब के परमाणु कार्यक्रम पर नजदीकी नजर रखने का मौका मिलेगा, जिससे उसे हथियारों के प्रसार को लेकर अपनी चिंताओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। रूस-चीन भी मदद को तैयार थे अगर अमेरिका के साथ यह समझौता किसी वजह से नहीं हो पाता, तो सऊदी अरब के पास दूसरे विकल्प भी हैं। दरअसल, सऊदी कई बार चेतावनी दे चुका था कि अगर उसे अमेरिका इसमें मदद नहीं करेगा तो वे चीन, रूस, फ्रांस या दक्षिण कोरिया जैसे दूसरे देशों से परमाणु तकनीक ले लेंगे। चीन की सरकारी कंपनी चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन (CNNC) पहले ही न्यूक्लियर प्लांट बनाने में रुचि दिखा चुकी है। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम भी सऊदी अरब के साथ शुरुआती समझौते कर चुकी है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया और फ्रांस भी संभावित साझेदार माने जा रहे हैं। ट्रम्प का फैसला बदलना संसद के लिए मुश्किल इस समझौते को अमेरिकी संसद की मंजूरी भी चाहिए होगी। हालांकि इसके पास होने की संभावना ज्यादा है, क्योंकि अगर संसद इसे रोकना चाहेगी तो उसे ट्रम्प के फैसले को पलटने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाना होगा, जो आसान नहीं माना जाता।
ITR Filing Last Date | Income Tax Return Benefits & Loan Eligibility

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइन (ITR) करने के लिए 10 दिन से भी कम का टाइम बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। कई लोगों का मानना है कि अगर उनकी सालाना इनकम ढाई लाख से कम है और वो टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं तो उन्हें ITR भरने की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप इनकम टैक्स के दायरे में नहीं भी आते हैं तब भी आपको रिटर्न फाइल करना चाहिए, क्योंकि अगर आप ITR फाइल करते हैं तो इससे आपको कई फायदे होते हैं। ITR फाइल करने से लोन मिलने में आसानी होती है। टैक्स एक्सपर्ट CA आनंद जैन आपको ITR फाइल करने के 5 फायदों के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले जानें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) क्या होता है? इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक तरह का हिसाब है, जो आप सरकार को देते हैं। इसमें आप बताते हैं कि पिछले साल आपकी कितनी कमाई हुई, किस कमाई पर टैक्स चुकाना है और कितना टैक्स आपने एडवांस में भर दिया है। इससे पता चलता है कि टैक्स के रूप में आप सरकार को कुछ और पैसे देंगे या सरकार आपको कुछ पैसे वापस करेगी। 1. जुर्माने से बच जाएंगे निर्धारित तारीख के भीतर ITR दाखिल नहीं करने पर आपको जुर्माना यानी पेनल्टी चुकाना पड़ सकता है। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5,000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की सालाना कमाई 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे। समय पर ITR दाखिल करके इस जुर्माने से बचा जा सकता है। 2. नोटिस का डर नहीं रहेगा अभी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास कई सोर्सों से आपकी आय की जानकारी पहुंच जाती है, समय पर ITR दाखिल नहीं करने पर आयकर विभाग उन जानकारियों के आधार पर आपको नोटिस भेज सकता है। नोटिस की परेशानियों से बचने के लिए समय पर ITR जमा करना फायदेमंद है। 3. ब्याज की बचत इनकम टैक्स नियमों के अनुसार यदि किसी करदाता ने टैक्स नहीं चुकाया है या उस पर बनने वाले कुल टैक्स का 90% से कम चुकाया है तो उसे सेक्शन 234बी के तहत हर महीने 1% ब्याज पेनल्टी के रूप में चुकाना होगा। इस तरह समय से रिटर्न दाखिल कर इनकम टैक्स पर लगने वाले ब्याज की बचत कर सकते हैं। 4. नुकसान कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे आयकर के नियमों के मुताबिक निर्धारित तारीख तक ITR दाखिल करने पर आप अपने नुकसान को आगे के वित्त वर्षों के लिए कैरी फारवर्ड कर सकते हैं। यानी अगले वित्त वर्षों में आप अपनी कमाई पर टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर शेयरों की बिक्री पर लॉस हुआ है, तो फिर उसे 8 सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है। हालांकि, अगर समय पर रिटर्न फाइल नहीं गया है तो लॉस को कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता और ये फायदा नहीं मिलेगा। 5. टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए अगर आपकी आमदनी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा करा दिया गया है तो आप ITR फाइल किए बिना उसे वापस नहीं पा सकते, भले ही आपकी आमदनी इनकम टैक्स में बेसिक एग्जंप्शन लिमिट के अंदर ही हो। आपको अगर टैक्स रिफंड क्लेम करना है तो इसके लिए ITR दाखिल करना जरूरी है। आप जब ITR दाखिल करते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसका असेस्मेंट करता है। आपका अगर रिफंड बनता है तो वह सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ITR Filing Last Date | Income Tax Return Benefits & Loan Eligibility

नई दिल्ली33 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइन (ITR) करने के लिए 10 दिन से भी कम का टाइम बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। कई लोगों का मानना है कि अगर उनकी सालाना इनकम ढाई लाख से कम है और वो टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं तो उन्हें ITR भरने की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप इनकम टैक्स के दायरे में नहीं भी आते हैं तब भी आपको रिटर्न फाइल करना चाहिए, क्योंकि अगर आप ITR फाइल करते हैं तो इससे आपको कई फायदे होते हैं। ITR फाइल करने से लोन मिलने में आसानी होती है। टैक्स एक्सपर्ट CA आनंद जैन आपको ITR फाइल करने के 5 फायदों के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले जानें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) क्या होता है? इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक तरह का हिसाब है, जो आप सरकार को देते हैं। इसमें आप बताते हैं कि पिछले साल आपकी कितनी कमाई हुई, किस कमाई पर टैक्स चुकाना है और कितना टैक्स आपने एडवांस में भर दिया है। इससे पता चलता है कि टैक्स के रूप में आप सरकार को कुछ और पैसे देंगे या सरकार आपको कुछ पैसे वापस करेगी। 1. जुर्माने से बच जाएंगे निर्धारित तारीख के भीतर ITR दाखिल नहीं करने पर आपको जुर्माना यानी पेनल्टी चुकाना पड़ सकता है। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5,000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की सालाना कमाई 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे। समय पर ITR दाखिल करके इस जुर्माने से बचा जा सकता है। 2. नोटिस का डर नहीं रहेगा अभी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास कई सोर्सों से आपकी आय की जानकारी पहुंच जाती है, समय पर ITR दाखिल नहीं करने पर आयकर विभाग उन जानकारियों के आधार पर आपको नोटिस भेज सकता है। नोटिस की परेशानियों से बचने के लिए समय पर ITR जमा करना फायदेमंद है। 3. ब्याज की बचत इनकम टैक्स नियमों के अनुसार यदि किसी करदाता ने टैक्स नहीं चुकाया है या उस पर बनने वाले कुल टैक्स का 90% से कम चुकाया है तो उसे सेक्शन 234बी के तहत हर महीने 1% ब्याज पेनल्टी के रूप में चुकाना होगा। इस तरह समय से रिटर्न दाखिल कर इनकम टैक्स पर लगने वाले ब्याज की बचत कर सकते हैं। 4. नुकसान कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे आयकर के नियमों के मुताबिक निर्धारित तारीख तक ITR दाखिल करने पर आप अपने नुकसान को आगे के वित्त वर्षों के लिए कैरी फारवर्ड कर सकते हैं। यानी अगले वित्त वर्षों में आप अपनी कमाई पर टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर शेयरों की बिक्री पर लॉस हुआ है, तो फिर उसे 8 सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है। हालांकि, अगर समय पर रिटर्न फाइल नहीं गया है तो लॉस को कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता और ये फायदा नहीं मिलेगा। 5. टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए अगर आपकी आमदनी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा करा दिया गया है तो आप ITR फाइल किए बिना उसे वापस नहीं पा सकते, भले ही आपकी आमदनी इनकम टैक्स में बेसिक एग्जंप्शन लिमिट के अंदर ही हो। आपको अगर टैक्स रिफंड क्लेम करना है तो इसके लिए ITR दाखिल करना जरूरी है। आप जब ITR दाखिल करते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसका असेस्मेंट करता है। आपका अगर रिफंड बनता है तो वह सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Silver Price Hike | India Bullion Market Latest Update 2026

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। सोना इस साल ₹13 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 12 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 4 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.26 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोने-चांदी के दाम में आगे तेजी देखने को मिल सकती है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Gold Silver Price Hike | India Bullion Market Latest Update 2026

नई दिल्ली35 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। सोना इस साल ₹13 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 12 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 4 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.26 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोने-चांदी के दाम में आगे तेजी देखने को मिल सकती है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हम लोग डरने वाले नहीं हैं:भाई पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले पर बोले पंकज त्रिपाठी, कहा- संसार में किसी के साथ गलत नहीं किया

जून में पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। घटना के बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब लंबे समय बाद पंकज त्रिपाठी ने इस हमले पर बात की है। उनका कहना है कि उनके परिवार ने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया है, यही वजह है कि परिवार किसी से नहीं डरता। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में एक्टर पंकज त्रिपाठी ने कहा है, ‘मेरा अपने परिवार से बहुत लगाव है, हम दिन में रोज एक बार बात जरूर करते हैं। इस घटना का मुझ पर असर जरूर पड़ा, लेकिन मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम लोग किसी से डरने वाले लोग नहीं हैं।’ आगे एक्टर ने कहा है, ‘हमने किसी के लिए संसार में गलत नहीं किया, तो डर किस बात का। वो एक अप्रिय घटना से ज्यादा कुछ नहीं है। जीवन में ये सब घटना चलती रहती है।’ जानिए क्या था हमले का पूरा विवाद? जून में बिहार के गोपालगंज में एक्टर पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। घटना बरौली थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की है। विजेंद्र नाथ तिवारी देर शाम अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 2 लोगों ने विजेंद्र पर वार किया। हमले में वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। विजेंद्र नाथ को तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए उन्हें पटना AIIMS रेफर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजेंद्र का आरोपियों के साथ जमीनी विवाद था, जिसके चलते उन पर जानलेवा हमला किया गया था। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जल्द शुरू करेंगे यूट्यूब चैनल आखिरी बार इसी साल की फिल्म कृष्णा अवतारम में नजर आए पंकज त्रिपाठी जल्द ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू करने वाले हैं। आने वाले दिनों में वो फिल्म मिर्जापुर में नजर आएंगे, जो 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इसके अलावा वो फिल्म पारिवारिक मनुरंजन और ओह माय डॉग में नजर आएंगे। पंकज त्रिपाठी 12 साल बाद थिएटर में भी वापसी करने वाले हैं।








