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मासूम शर्मा बोले-पैग मारने के लिए सोचना नहीं पड़ता था,VIDEO:हरियाणवी सिंगर ने कहा- मां-बाप को भी धमका देता था; सेप्टिक टैंक मशीन भी चलाई

मासूम शर्मा बोले-पैग मारने के लिए सोचना नहीं पड़ता था,VIDEO:हरियाणवी सिंगर ने कहा- मां-बाप को भी धमका देता था; सेप्टिक टैंक मशीन भी चलाई

हरियाणवी सिंगर और एक्टर मासूम शर्मा ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं। मासूम ने कहा- अजय हुड्डा के साथ गाए कुछ गानों पर पछतावा होता है। आज जब गानों को सुनता हूं तो शर्मिंदगी महसूस होती है। 18-20 साल की उम्र में भी मां-बाप को धमका देता था। कई बार प्रोग्राम के बाद गालियां देने का मन करता है। उन्होंने कहा, पहले बहुत मजे थे। सोचना नहीं पड़ता था कि कहां, पैग मारने हैं, कहां नहीं। धमकी मिलने के बाद आज टाइम ऐसा कि रेहड़ी पर खड़े होकर गोलगप्पे भी नहीं खा सकता। मासूम ने कहा- आज कलाकार नहीं होता तो दिहाड़ी कर रहा होता। सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए ट्रैक्टर भी चलाया है। अब फर्जी संतों को एक्सपोज करने के लिए 3 गानों की सीरीज ला रहा हूं। मासूम ने बताई…सेफ्टी टैंक चलाने से लेकर दारू के पैग तक की कहानी लव- मैरिज को अरेंज में बदलवाया मासूम शर्मा ने कहा कि आज भी 700 रुपए लोअर-टीशर्ट पहनता हूं। पिछले तीन साल इसे ही पहन रहा हूं। मूड होने पर दोस्तों के साथ ड्रिंक भी कर लेता हूं। मासूम ने शादी और राजनीति पर कहा कि लव-मैरिज को अरेंज में बदलकर शादी की थी। वहीं अगर कभी राजनीति में जाने का तो जरूर जॉइन करूंगा। —————- यह खबर भी पढ़ें…. सपना चौधरी ने मासूम शर्मा संग गाने से मना किया:दिल्ली शो में बोलीं-आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही; सिंगर सिर झुकाए खड़े रहे दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी सपना चौधरी की बातों में यहीं टीस देखने को मिली। मंच पर उन्होंने हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ गाना गाने से इनकार करते हुए कह दिया- “आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही है। (पूरी खबर पढ़ें)

Kriti Sanon Success Story; Outsider Struggles – GMAT Score

Kriti Sanon Success Story; Outsider Struggles - GMAT Score

8 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक कृति मानती हैं कि अगर उन्हें शुरुआत में इतनी असफलताएं और रिजेक्शन नहीं मिले होते, तो शायद वह इतनी मजबूत नहीं बन पातीं। पहले रैंप शो के बाद मैं ऑटो में बैठकर पूरे रास्ते रोती रही थी… पहले फोटोशूट के बाद भी घर जाकर रोई थी। हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने काम नहीं मिला। कई बार ऐसा हुआ कि जिस फिल्म के लिए ऑडिशन दिया, आखिर में वह किसी स्टार किड को मिल गई। कई-कई महीने तक कोई ऑडिशन नहीं आता था। मैं मां को दिन में दस-दस बार फोन करके रोती थी। आज कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। यह कहानी उस लड़की की है, जिसने कभी एक्टिंग का सपना नहीं देखा था, लेकिन रास्ता चुना तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज की सक्सेस स्टोरी में कृति सेनन के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। कृति सेनन ने हर मुश्किल का सामना किया, लेकिन सपने से समझौता नहीं किया। दिल्ली की इंजीनियरिंग स्टूडेंट, जिसने सपनों के दम पर बॉलीवुड तक का सफर तय किया कृति सेनन का जन्म 27 जुलाई 1990 को नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता राहुल सेनन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि मां गीता सेनन दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रह चुकी हैं। उनकी छोटी बहन नूपुर सेनन भी अभिनय और सिंगिंग की दुनिया में सक्रिय हैं। कृति ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), आर.के. पुरम से की। इसके बाद जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की। ‘मैं पढ़ाई में अच्छी थी, फिल्मों में आने का कभी नहीं सोचा’ कृति सेनन ने बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहता था। वह पढ़ाई में अच्छी थीं, लेकिन बेहद शर्मीली भी थीं। वह कहती हैं,”मुझे स्टेज पर जाने से भी डर लगता था। डांस करना पसंद था, लेकिन एक्टिंग, थिएटर या ड्रामा में मैंने कभी हिस्सा नहीं लिया। फिल्मों में आने का तो मैंने कभी सोचा ही नहीं था।” स्कूल के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू हुई। जिंदगी तय रास्ते पर चल रही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही लड़की आगे चलकर बॉलीवुड की बड़ी स्टार बनेगी। बी.टेक के दौरान एक सलाह ने बदल दी जिंदगी इंजीनियरिंग के दौरान एक दिन किसी ने कृति से कहा, “तुम्हारी हाइट अच्छी है, मॉडलिंग क्यों नहीं ट्राय करती?” पहली प्रतिक्रिया थी- “नहीं… ये मेरे बस की बात नहीं।” लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि कोशिश करने में नुकसान नहीं है। अगर कुछ नहीं हुआ, तो कम से कम कॉन्फिडेंस बढ़ जाएगा। यही फैसला उनकी जिंदगी का बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया। बहन ने खींचीं तस्वीरें… और किस्मत ने नया दरवाजा खोल दिया कृति के पास प्रोफेशनल पोर्टफोलियो नहीं था। उनकी छोटी बहन नूपुर ने घर पर ही कुछ तस्वीरें खींचीं। आज उन तस्वीरों को देखकर कृति खुद हंस पड़ती हैं। वह कहती हैं, “आज भी जब वो तस्वीरें देखती हूं तो हंसी आती है कि कितनी अजीब थीं।” उन्होंने वही तस्वीरें एक वेबसाइट पर चल रहे फ्रेश फेस कॉन्टेस्ट में भेज दीं। इनाम था- मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी से मुफ्त पोर्टफोलियो शूट। कृति को सिर्फ इतना पता था कि डब्बू रत्नानी से फोटोशूट महंगा होता है। फैशन और मॉडलिंग की दुनिया के बारे में उन्हें कुछ भी नहीं मालूम था। किस्मत ने साथ दिया…वह कॉन्टेस्ट जीत गईं। यहीं से मॉडलिंग का पहला कॉन्ट्रैक्ट मिला और फिल्मों तक जाने वाली राह खुली। पहला फोटोशूट… और घर जाकर फूट-फूटकर रोईं किसी नए इंसान के लिए कैमरे के सामने खड़ा होना आसान नहीं होता। कृति के लिए भी नहीं था। उन्हें नहीं पता था कि कैमरे की तरफ कैसे देखना है, हाथ कहां रखने हैं और एक्सप्रेशन कैसे देने हैं। शूट के दौरान फोटोग्राफर ने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा,”ये तुम्हारा पहला फोटोशूट है ना?” बात सामान्य थी, लेकिन कृति को लगा कि शायद वह खराब काम कर रही हैं। शूट खत्म हुआ… वह सीधे घर पहुंचीं और रो पड़ीं। आज भी कृति मानती हैं कि अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने 100 प्रतिशत नहीं दिया, तो यह बात उन्हें लंबे समय तक परेशान करती है। पहले रैंप शो में सबके सामने डांट पड़ी… ऑटो में बैठकर रोती रहीं अगर फोटोशूट मुश्किल था, तो पहला रैंप शो उससे भी कठिन साबित हुआ। नर्वसनेस के कारण रैंप पर कोरियोग्राफी में गलती हो गई। शो खत्म हुआ तो कोरियोग्राफर ने करीब 50 मॉडल्स के सामने उन्हें डांट दिया। कृति कुछ नहीं बोलीं। चुपचाप बाहर निकलीं…एक ऑटो में बैठीं…और पूरे रास्ते रोती रहीं। घर पहुंचकर भी काफी देर तक उनके आंसू नहीं रुके। मां ने उन्हें समझाते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह दुनिया तुम्हारे लिए बनी है। यहां टिकना है तो बहुत मजबूत बनना पड़ेगा। लोगों की बातें सुनकर टूटोगी तो आगे नहीं बढ़ पाओगी।” शायद यही वह दिन था, जब कृति ने तय किया कि अब रोना बंद… सीखना शुरू। हार मानना कभी नहीं सीखा कृति मानती हैं कि उनके अंदर यह आदत हमेशा से रही है। अगर वह गिरती हैं, तो दोबारा उठकर कोशिश करती हैं। वह कहती हैं, “मैं आसानी से हार नहीं मानती। शायद यही वजह है कि हर बार गिरने के बाद मैंने खुद को एक और मौका दिया। धीरे-धीरे मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया।” यही जिद आगे चलकर उन्हें मॉडल से अभिनेत्री और फिर नेशनल अवॉर्ड विजेता कलाकार बनाने वाली थी। मुंबई में अकेली रहने लगीं, GMAT की तैयारी भी करती थीं… परिवार ने कहा- पहले सपना पूरा करो पहले रैंप शो की डांट और शुरुआती असफलताओं के बाद कृति सेनन ने हार नहीं मानी। मॉडलिंग आगे बढ़ रही थी, लेकिन फिल्मों का रास्ता अभी भी धुंधला था। इसी बीच उन्होंने मुंबई आने का फैसला किया। यह आसान नहीं था, क्योंकि वह कभी घर से दूर नहीं रही थीं। ‘मैं कभी हॉस्टल में नहीं रही थी’ कृति बताती हैं, “मैं हमेशा अपने परिवार के साथ रही थी। घर में हर सुविधा थी।

Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned

Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned

Hindi News Career Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned | Current Affairs 9 मिनट पहले कॉपी लिंक 1. INS मालवन भारतीय नौसेना में कमीशन हुआ 22 जुलाई को भारतीय नौसेना ने INS मालवन को औपचारिक रूप से कमीशन किया। INS मालवन माहे-क्लास का एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। INS मालवन का मुख्य कार्य समुद्र के उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है। लाइटवेट टॉरपीडो, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर तथा अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है। INS मालवन को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है और ये 80% स्वदेशी सामाग्री से बना है। INS मालवन का कमीशनिंग समारोह कर्नाटक के कारवार में आयोजित किया गया। INS मालवन के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की। इस मौके पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्स्यायन भी मौजूद रहे। ‘मालवन’ नाम महाराष्ट्र के एक तटीय शहर के नाम पर रखा गया है और ये जहाज आधुनिक सेंसर और हथियारों से लैस है। INS मालवन आधुनिक हुल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. मीराबाई चानू, लवलीना ग्लासगो कॉमनवेल्थ की ध्वजावाहक होंगी 23 जुलाई को स्कॉटलैंड में ग्लासगो कॉमनवेल्थ का उद्घाटन होगा। ये समारोह ‘द ओवीओ हाइड्रो’ में होगा। ये 2 अगस्त तक चलेंगे। इस समारोह में वेट लिफ्टर मीराबाई चानू, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो कॉमनवेल्थ उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगी। मीराबाई चानू तिरंगा थामेंगी, जबकि लवलीना बोरगोहेन समारोह की प्रतीकात्मक किंग्स बैटन लेकर भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस साल कॉमनवेल्थ में संस्कृति और पहचान को दर्शाने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए अलग-अलग बैटन सौंपे गए हैं। इस ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 में भारत के 125 एथलीट हिस्सा लेंगे। इस ग्रुप में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल होंगी और भारतीय खिलाड़ी कुल 13 जेनर्स में खेलेंगे। मीरा बाई चानू ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीता था। वे करीब एक दशक से भारत की प्रमुख वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में गोल्ड भी जीता था। लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। वहीं समापन समारोह में विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की थी। कॉमनवेल्थ 2026 ग्लासगो 12 सालों के भीतर कॉमनवेल्थ गेम्स के दो संस्करण आयोजित करने वाला दूसरा देश है। इस बार कॉमनवेल्थ में सिर्फ 10 गेम्स को शामिल किया गया है। बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे लोकप्रिय खेल इस बार इसमें शामिल नहीं किये गए हैं। अगस्त 2022 में बोली जीतने के बाद मूल रूप से 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्टेट को मिली थी। जुलाई 2023 में विक्टोरिया सरकार ने अचानक मेजबानी वापस ले ली। जब कोई और मेजबान देश सामने नहीं आया तो ग्लासगो ने अप्रैल 2024 में मेजबानी ली। 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 10 खेल शामिल थे. उस समय इवेंट केवल पारंपरिक व्यक्तिगत खेलों तक सीमित थी और टीम खेलों को शामिल नहीं किया गया था। कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। शुरुआत में ये खेल आयोजन ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था। भारत ने पहली बार 1934 में लंदन कॉमनवेल्थ में हिस्सा लिया था। भारत के लिए पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1934 में कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने जीता था। भारत ने पहली और एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम (इंग्लैंड) में आयोजित किया गया था। निधन (DEATH) 3. हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन 22 जुलाई को हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन हो गया, वे 18 साल की थीं। केली गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग और गॉडजिला एक्स कॉन्ग, द न्यू एम्पायर जैसी फिल्मों में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। केली के परिवार में पिछली चार पीढ़ियों से मूक बधिर सदस्य हैं। ताल्लुक रखने वाली हॉटल अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और किंग कॉन्ग के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। इंटरनेशनल 4. मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई 22 जुलाई को फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया इसकी बैठक की मेजबानी फिलीपींस ने की। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की। क्वाड की ये बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच आयोजित हो रही है। इस बैठक में फ्री,ओपन इंडो- पेसिफिक और क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस बैठक में सभी सदस्यों ने मरीन सिक्योरिटी, सप्लाई चैन की मजबूती, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे विषयों पर चर्चा की। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग (QUAD) एक इनफॉर्मल फोरम है। क्वाड मेंबर भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी मई में भारत में बैठक हो सकती है। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग क्वाड एक इनफॉर्मल फोरम है। 5. महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य बनेगा 21 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित करने का ऐलान किया। इस परियोजना के लिए लगभग 45 करोड़ की मंजूरी दी गई है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य मुंबई के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा। भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किसी पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन और संरक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। ये फैसला राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना।

Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned

Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned

Hindi News Career Godzilla Actress Kelly Death & INS Malvan Commissioned | Current Affairs 1 घंटे पहले कॉपी लिंक 1. INS मालवन भारतीय नौसेना में कमीशन हुआ 22 जुलाई को भारतीय नौसेना ने INS मालवन को औपचारिक रूप से कमीशन किया। INS मालवन माहे-क्लास का एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। INS मालवन का मुख्य कार्य समुद्र के उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है। लाइटवेट टॉरपीडो, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर तथा अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है। INS मालवन को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है और ये 80% स्वदेशी सामाग्री से बना है। INS मालवन का कमीशनिंग समारोह कर्नाटक के कारवार में आयोजित किया गया। INS मालवन के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की। इस मौके पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्स्यायन भी मौजूद रहे। ‘मालवन’ नाम महाराष्ट्र के एक तटीय शहर के नाम पर रखा गया है और ये जहाज आधुनिक सेंसर और हथियारों से लैस है। INS मालवन आधुनिक हुल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. मीराबाई चानू, लवलीना ग्लासगो कॉमनवेल्थ की ध्वजावाहक होंगी 23 जुलाई को स्कॉटलैंड में ग्लासगो कॉमनवेल्थ का उद्घाटन होगा। ये समारोह ‘द ओवीओ हाइड्रो’ में होगा। ये 2 अगस्त तक चलेंगे। इस समारोह में वेट लिफ्टर मीराबाई चानू, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो कॉमनवेल्थ उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगी। मीराबाई चानू तिरंगा थामेंगी, जबकि लवलीना बोरगोहेन समारोह की प्रतीकात्मक किंग्स बैटन लेकर भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस साल कॉमनवेल्थ में संस्कृति और पहचान को दर्शाने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए अलग-अलग बैटन सौंपे गए हैं। इस ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 में भारत के 125 एथलीट हिस्सा लेंगे। इस ग्रुप में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल होंगी और भारतीय खिलाड़ी कुल 13 जेनर्स में खेलेंगे। मीरा बाई चानू ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीता था। वे करीब एक दशक से भारत की प्रमुख वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में गोल्ड भी जीता था। लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। वहीं समापन समारोह में विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की थी। कॉमनवेल्थ 2026 ग्लासगो 12 सालों के भीतर कॉमनवेल्थ गेम्स के दो संस्करण आयोजित करने वाला दूसरा देश है। इस बार कॉमनवेल्थ में सिर्फ 10 गेम्स को शामिल किया गया है। बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे लोकप्रिय खेल इस बार इसमें शामिल नहीं किये गए हैं। अगस्त 2022 में बोली जीतने के बाद मूल रूप से 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्टेट को मिली थी। जुलाई 2023 में विक्टोरिया सरकार ने अचानक मेजबानी वापस ले ली। जब कोई और मेजबान देश सामने नहीं आया तो ग्लासगो ने अप्रैल 2024 में मेजबानी ली। 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 10 खेल शामिल थे. उस समय इवेंट केवल पारंपरिक व्यक्तिगत खेलों तक सीमित थी और टीम खेलों को शामिल नहीं किया गया था। कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। शुरुआत में ये खेल आयोजन ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था। भारत ने पहली बार 1934 में लंदन कॉमनवेल्थ में हिस्सा लिया था। भारत के लिए पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1934 में कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने जीता था। भारत ने पहली और एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम (इंग्लैंड) में आयोजित किया गया था। निधन (DEATH) 3. हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन 22 जुलाई को हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन हो गया, वे 18 साल की थीं। केली गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग और गॉडजिला एक्स कॉन्ग, द न्यू एम्पायर जैसी फिल्मों में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। केली के परिवार में पिछली चार पीढ़ियों से मूक बधिर सदस्य हैं। ताल्लुक रखने वाली हॉटल अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और किंग कॉन्ग के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए जानी जाती थीं। केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी। इंटरनेशनल 4. मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई 22 जुलाई को फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया इसकी बैठक की मेजबानी फिलीपींस ने की। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की। क्वाड की ये बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच आयोजित हो रही है। इस बैठक में फ्री,ओपन इंडो- पेसिफिक और क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस बैठक में सभी सदस्यों ने मरीन सिक्योरिटी, सप्लाई चैन की मजबूती, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे विषयों पर चर्चा की। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग (QUAD) एक इनफॉर्मल फोरम है। क्वाड मेंबर भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी मई में भारत में बैठक हो सकती है। क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग क्वाड एक इनफॉर्मल फोरम है। 5. महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य बनेगा 21 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित करने का ऐलान किया। इस परियोजना के लिए लगभग 45 करोड़ की मंजूरी दी गई है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य मुंबई के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा। भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किसी पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन और संरक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। ये फैसला राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना।