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हेयरफॉल: बालों की झड़ी से परेशान हैं तो मेथी में फैले ये 4 कपड़े, 2 सप्ताह में शानदार दिखते हैं

हेयरफॉल: बालों की झड़ी से परेशान हैं तो मेथी में फैले ये 4 कपड़े, 2 सप्ताह में शानदार दिखते हैं

इस भाग में भारी जिंदगी, प्रदूषण, तनाव और गलत भाषा का सबसे पहला असर हमारे बालों पर पड़ता है। बालों का स्टाइल एक ऐसी समस्या बन गई है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान है। बाजार में कई तरह के हेयर केयर उत्पाद मौजूद हैं, लेकिन उनमें मौजूद केमिकल कई बार बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। अगर आप भी बालों से परेशान हैं और कोई प्रभावशाली प्राकृतिक उपाय ढूंढ रहे हैं, तो मेथी दाना आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। मेथी में प्रोटीन, निकोटिनिक एसिड और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बालों के प्रोटीन को मजबूत बनाते हैं। नारियल तेल बाले को गहराई से पोषण आहार के लिए जाना जाता है। जब इसे मेथी के साथ शामिल किया जाता है, तो यह बालों के झड़ने की समस्या को जड़ से ख़त्म करने में मदद करता है। 2 लार्ज मेथी दाना और लें उसे नारियल तेल में कैनवास पेंटिंग गर्म कर लें। जब तेल गुनगुना हो जाए, तो इससे स्कैल्प की मालिश करें। इसे हर हफ्ते 2 बार खरीदें। डैंड्रफ और ड्राय स्कैल्प भी बाल स्कैल्प का एक बड़ा कारण होते हैं। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड स्कैल्प को साफ और वर्गीकृत किया गया है। रातभर भीगे हुए मेथी दानों को पीसकर पेस्ट बना लें। अब इसमें 3-4 बड़े ताज़ा डेयरी रेवेअर शामिल हैं। इस पैक को बालों की जड़ों से सिरों तक और 30 मिनट बाद किसी भी फफूंदी से धो लें। एलोवेरा जेल बाल प्राकृतिक रूप से चमकदार और मजबूत बनते हैं। इसमें मौजूद एंजाइम एंजाइम को बढ़ावा दिया जाता है। मेथी के पेस्ट में 2 माइक्रो ताज़ा एलोवेरा जेल पकड़े। इस मिक्सचर को स्कैल्प पर अच्छी तरह से सजाया गया है। यह बालों के झड़ने को तुरंत नियंत्रित करने में मदद करता है और बालों को स्थापित करता है। प्याज के रस में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा होती है, जो नए बाल ओबने और स्कैल्प के ब्लड सर्कोलन को बेहतर बनाने में सहायक होता है। मेथी के पाउडर या पेस्ट में 2 प्याज का रस मिला लें। इसे अपने नाम की मदद से स्कैल्प पर लगाएं। 20 से 25 मिनट बाद बालों को धो लें।

Maruti Suzuki Brezza 2026 Launch

Maruti Suzuki Brezza 2026 Launch

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक मारुति सुजुकी की पॉपुलर SUV ब्रेजा कंपनी की सबसे सेफ कार बन गई है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP या भारत NCAP) के क्रैश टेस्ट में इसे एडल्ट और चाइल्ड दोनों की सेफ्टी के लिए 5-5 स्टार रेटिंग मिली है, जो इसके सभी वैरिएंट्स पर लागू होगी। कंपनी इस कार को कल यानी 24 जुलाई 2024 को लॉन्च करेगी। भारतीय एजेंसी के क्रैश टेस्ट रिजल्ट के अनुसार, अपकमिंग 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा को एडल्ट सेफ्टी के लिए 32 में से 30.41 और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 49 में से 43 पॉइंट मिले हैं। इससे पहले मारुति की डिजायर को एडल्ट के लिए 29.46 और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 41.57 पॉइंट मिले थे। हालांकि, मारुति विक्टोरिस और ग्रैंड विटारा को बच्चों की सेफ्टी के लिए सबसे ज्यादा 44 पाइंट मिल चुके हैं। आइए जानते हैं क्रैश टेस्ट में दोनों कारों का स्कोर क्या रहा… 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा: भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट डिकोड भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का फ्रंटल इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट। भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का साइड इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट। भारत एनकैप में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का साइड पोल इम्पैक्ट क्रैश टेस्ट। 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा: एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट फ्रंटल इंपैक्ट टेस्ट: 64kmph की स्पीड में हुए फ्रंटल इंपैक्ट टेस्ट में ब्रेजा को 16 में से 14.41 अंक मिले। इसमें ड्राइवर के सिर, गर्दन, कमर, जांघ और टखने की प्रोटेक्शन को ‘अच्छा’ बताया गया। वहीं, छाती और दोनों पैरों की टिबिया (घुटने और टखने के बीच का हिस्सा) की सुरक्षा को पर्याप्त पाया गया। वहीं, साइड पैसेंजर के सिर, गर्दन, छाती, कमर, जांघ, टिबिया और टखने की प्रोटेक्शन को ‘अच्छा’ बताया गया। इसका फुटवेल एरिया और बॉडीशेल इंटीग्रिटी ‘स्थिर’ बताई गई है। साइड इम्पेक्ट टेस्ट: सेडान का 50kmph की स्पीड से साइड इंपैक्ट टेस्ट किया गया, जिसमें इसे 16 में से 16 अंक मिले। इस टेस्ट में सिर, पेट, छाती और कमर के हिस्से को ‘अच्छा’ प्रोटेक्शन मिला। साइड पोल इम्पेक्ट टेस्ट: इस टेस्ट में ड्राइवर के सिर, छाती, पेट और कमर की सेफ्टी को अच्छा पाया गया। इन तीनों टेस्ट की परफॉर्मेंस के बेस पर ब्रेजा को एडल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 32 में से 30.41 पॉइन्ट मिले, जो 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग के लिए काफी है। 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा: चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन क्रैश टेस्ट इस टेस्ट में 18 महीने और एक 3 साल के बच्चे की डमी को चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम पर उल्टी दिशा की तरफ रखा गया। मारुति ब्रेजा को चाइल्ट प्रोटेक्शन कैटेगरी में 49 में से 43 अंक मिले, जिससे इस कैटेगरी में 5 स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग मिली। इस कैटेगरी में कार डायनामिक स्कोर 24 में से 24, चाइल्ड रेस्टरेंट सिस्टम (CRS) इंस्टॉलेशन स्कोर 12 में से 12 और व्हीकल असिसमेंट स्कोर 13 में से 7 रहा। क्रैश टेस्ट में 3 साल के बच्चे की डमी ने फ्रंटल क्रैश टेस्ट में 8 में से 8 अंक और साइड क्रैश टेस्ट में 4 में से 4 अंक हासिल किए। वहीं, 18 महीने के बच्चे की डमी ने फ्रंटल क्रैश टेस्ट में 8 में से 8 अंक और साइड क्रैश टेस्ट में 4 में से 4 अंक हासिल किए। हालांकि, प्रोटेक्शन के लेवल्स की जानकारी तो शेयर नहीं की गई है। क्रैश टेस्ट में चाइल्ड प्रोटेक्शन के लिए बच्चों की डमी रखी गई। कार में मिलेंगे 6 एयरबैग्स और ESC जैसे एडवांस फीचर्स भारत NCAP ने क्रैश टेस्ट के लिए 2026 ब्रेजा के ‘ZXI+ 1.5L 6AT’ वैरिएंट का इस्तेमाल किया था। इस वैरिएंट में सेफ्टी के लिए कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं: 6 एयरबैग्स इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर फ्रंट सीटों पर सीट बेल्ट प्री-टेंशनर्स रियर सीटों पर ISOFIX चाइल्ड-सीट एंकरेज क्रैश टेस्ट की प्रोसेस 1. टेस्ट के लिए इंसान जैसी 4 से 5 डमी को कार में बैठाया जाता है। बैक सीट पर बच्चे की डमी होती है, जो चाइल्ड ISOFIX एंकर सीट पर फिक्स की जाती है। 2. गाड़ी को फिक्स्ड स्पीड पर ऑफसेट डिफॉर्मेबल बैरियर (हार्ड ऑब्जेक्ट) से टकराकर देखा जाता है कि गाड़ी और डमी को कितना नुकसान पहुंचा है। ये तीन तरीके से किया जाता है। फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में कार को 64 kmph की रफ्तार पर बैरियर से टकराया जाता है। साइड इम्पैक्ट टेस्ट में गाड़ी को 50 kmph की स्पीड पर बैरियर से टकराया जाता है। पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट में कार को फिक्स स्पीड पर पोल से टकराकर देखा जाएगा। पहले दो टेस्ट में कार के 3 स्टार रेटिंग हासिल करने पर तीसरा टेस्ट किया जाता है। 3. टेस्ट में देखा जाता है कि इम्पैक्ट के बाद डमी कितनी डैमेज हुई, एयरबैग और सेफ्टी फीचर्स ने काम किया या नहीं। इन सभी के आधार पर रेटिंग दी जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दांतों में सूजन और त्वचा पर खुजली हो सकती है किडनी रोग होने के लक्षण, भूलकर भी न करें

दांतों में सूजन और त्वचा पर खुजली हो सकती है किडनी रोग होने के लक्षण, भूलकर भी न करें

गुर्दा रोग: शरीर को स्वस्थ और डिटॉक्स रखने में हमारी किडनी की बेहद अहम भूमिका है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। हालाँकि, जब किडनी के कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती है, तो शरीर कई तरह के प्रारंभिक संकेत देना शुरू कर देता है। बार-बार लोग इन योग्यताओं को सामान्य समझकर अंतिम कर देते हैं, जो आगे चलकर किडनी फेलियर या गंभीर किडनी रोग का कारण बन सकते हैं। अगर आपके दांतों या पंजों में किसी बाहरी चोट के कारण सूजन आ रही है, तो यह किडनी की बीमारी का बड़ा संकेत हो सकता है। किडनी जब ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से पसीना और अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकलता है। यह तरल पदार्थ स्टाइरीन और ऑर्थोडॉक्स ऑर्गेनाइजेशन में जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देती है। त्वचा पर अधिक खुजली और रूखापन होना त्वचा में लगातार खुजली होना सिर्फ एलर्जी या त्वचा संक्रमण ही नहीं है, बल्कि किडनी की मांसपेशियों की ओर भी संकेत होता है। खून में टॉक्सिन्स का होना, पदार्थ का स्तर बढ़ना, त्वचा पर गंभीर खुजली, रूखापन और रैशेज शामिल हैं। बार-बार पेशाब आना या पेशाब में खून आना। खून में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी और विषाक्त पदार्थों के जमाव के कारण होते हैं। सुबह-सुबह नज़र के नीचे सूजन दिखाई देती है। यदि आपके शरीर में यह लक्षण 4-5 दिन से अधिक समय तक लगातार दिखाई देता है, तो बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करें। आप तुरंत केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट), यूरिन टेस्ट और ब्लड डॉक्युमेंट की जांच करें। पर्याप्त पानी पिएं, नमक का सेवन नियंत्रित करें, और डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर खाने से सलाह लें।

लौकी राजमा मसाला रेसिपी: बच्चे नहीं खाते लौकी? राजमा के साथ-साथ किराने की सब्जी; स्वाद के साथ स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 लोकी, 1 कप मोटा राजमा, 2 प्याज, 2 हरी मिर्च, 1 अदरक लहसुन पेस्ट, ½ अदरक लहसुन पेस्ट, ½ अदरक लहसुन पेस्ट, हल्दी पाउडर, लाल और गरम मसाला, 1 धनिया पाउडर और कसूरी मेथी, तेल, नमक, हरा धनियां छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले राजमा को रातभर के लिए छोड़ दिया गया और सुबह कुकर में नर्मा तक का नाम ले लिया गया। एक कड़ाही में तेल गरम करें। इसमें जीरा डाला गया। जब जीरा चटकने लगे, तब स्टोनमैन स्टोनला होने तक भुन लें। छवि: फ्रीपिक अब अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च का पेस्ट 1 मिनट तक। इसके बाद टमाटर की प्यूरी और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक मिलाकर तब तक मिलाया जाता है, जब तक कि मसाले से तेल अलग न हो जाए। छवि: एआई अब कटी हुई लड़की लगाई और 4-5 मिनट तक की शूटिंग के साथ-साथ अच्छी तरह से काम किया। छोटा हुआ राजमा और ज़रूरत के अनुसार थोड़ा सा पानी मिला। ढलकर 10-12 मिनट तक मिनट पर काम करने वाला, ताकि लोकी अच्छी तरह से गल जाए। छवि: एआई गरम मसाला और कसूरी मेथी रचना 2 मिनट तक का समय। गैस बंद करें और ऊपर से हरा धनिया गार्निश करें। गरमा-गरम लौकी राजमा मसाला को तंदूरी रोटी, पराठा या चावल के साथ बनायें। छवि: एआई लौकी और राजमा का स्ट्रैटेजी कॉम्बिनेशन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देता है। राजमारोइन और डाकू का अच्छा स्रोत है। लोकी पाचन के लिए अद्भुत है और शरीर को स्टॉक में रखने में मदद मिलती है। छवि: मेटा एआई यह रेसिपी बच्चों के लिए भी लोकी का स्वादिष्ट तरीका है। लंच और डिनर दोनों के लिए यह एक बेहतरीन और लाजवाब विकल्प है। छवि: एआई अगर आप रोज की दुकान से कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो लोकी राजमा मसाला जरूर बनाएं। इसकी म्यूजिकल स्वाद और म्यूजिकल प्रॉपर्टी इसे पूरे परिवार की पसंदीदा डिश बना सकती है। छवि: एआई

सारा तेंदुलकर: ना मराठी पोशाकें, ना हैवी जूलरी, सुदूर सूट, सारा का ‘नेचुरल लुक’ हुआ वायरल वीडियो

सारा तेंदुलकर

23 जुलाई 2026 को 19:38 IST पर अपडेट किया गया सारा तेंदुलकर फैशन: सचिन की लाडली सारा टैलेंट भले ही फिल्मों में नहीं हैं, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग और पॉपुलैरिटी किसी भी बड़ी हीरोइन से कम नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सारा का सिंपल लुक तेजी से वायरल हो रहा है। अनुसरण करना : सारा हमेशा अपने सिंपल और एलिगेंट फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। उनका सदाबहार और खूबसूरत ‘नेचुरल लुक’ प्रेमियों का दिल जीत जाता है। छवि: सोशल मीडिया हाल ही में सारा का एक नया वीडियो वायरल हुआ है। वे इसमें बिना भारी-भरकम आकृतियों और बिना किसी भव्यता के बेहद खूबसूरत लग रही हैं। छवि: सोशल मीडिया सारा को हाल ही में एक शोरूम के बाहर प्रदर्शित किया गया था। रेड कार्पेट हो या कैज़ुअल आउटिंग, उनके स्टाइल हमेशा छाए रहते हैं। छवि: सोशल मीडिया सैलून के बाहरी हिस्से में सारा मैरून कलर के खूबसूरत फ्लोरल लेक को-ऑर्ड सेट में देखा गया। उनका यह कैम्फर्ट पोर्टेबल इंडो-वेस्टर्न अवतार कॉम्फ्रे का था। छवि: सोशल मीडिया इन दिनों शॉर्ट कुर्ती के साथ प्लाजो पैंट्स का काफी ट्रेंड है। यह देसी और ट्रेंडी मॉडल सारा पर बहुत जंच रही थी। छवि: सोशल मीडिया वीडियो देखें छवि: सोशल मीडिया सारा की इन तस्वीरों और वीडियो पर लोग खूब प्यार लुटा रहे हैं। उनकी इसी साज़िश और मस्जिद ने एक बार फिर इंटरनेट पर ख़र्च किया है। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 23 जुलाई 2026 19:38 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सारा सावंत फैशन(टी)सारा सावंत(टी)सारा तेंदुलकर(टी)सारा तेंदुलकर वीडियो(टी)सारा तेंदुलकर फैशन(टी)सचिन सावंत(टी)सचिन तेंदुलकर

JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns

Hindi News Career JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns 1 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में चल रहे विवाद के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, आयोग ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा सहित कुल 9 खास भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट पर सवाल 2 जुलाई 2026 को जारी 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के रिजल्ट के बाद कई उम्मीदवारों ने अनियमितता के आरोप लगाए। उम्मीदवारों का कहना है कि कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए, OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही। इसके अलावा उम्मीदवारों को मार्क्स भी नहीं बताए गए। ज्यादा मार्क्स होने का दावा करने वाले कुछ उम्मीदवारों का सिलेक्शन नहीं हुआ, जबकि कम मार्क्स वाले उम्मीदवारों का सिलेक्शन हो गया। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी पर आरोप JPSC पर यह आरोप भी है कि आयोग ने ऐसी एजेंसी से कई परीक्षाएं कराईं जिसे उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। आयोग के एक सदस्य ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई। CID जांच शुरू विवाद बढ़ने के बाद झारखंड सरकार ने पूरे मामले की जांच CID को सौंप दी। CID ने JPSC कार्यालय सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। CID ने जांच के दौरान डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन सहित परीक्षा से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर गड़बड़ी हुई। फिलहाल इन बिंदुओं पर जांच कर रही CID डिजिटल टैंपरिंग और ओएमआर में फेरबदल : क्या परीक्षा के बाद सर्वर या ओएमआर शीट में बैकडेट में बदलाव किए गए ? मनी लॉन्ड्रिंग का कोणः उम्मीदवारों से वसूली गई मोटी रकम किन-किन खातों में भेजी अधिकारियों की भूमिका : ब्लैकलिस्टेड कंपनी को JPSC ने किस आधार पर परीक्षा संचालन की अनुमति दी। JPSC ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मेंस परीक्षा-2025 समेत कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल टाल दिया है। आयोग ने कहा है कि परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उम्मीदवारों से केवल आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। ये खबर भी पढ़ें APAAR ID की अनिवार्यता खत्म:पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘अब संगीता कहानियां नहीं हैं…’ शेफाली जरीवाला के डॉग ‘सिम्बा’ का निधन, पराग त्यागी ने शेयर की भावुक पोस्ट; वीडियो

शेफाली जरीवाला और पराग त्यागी

23 जुलाई 2026 को 17:30 IST पर अद्यतन किया गया शेफाली जरीवाला पालतू कुत्ते की मौत: दुखों का पहाड़ टूट गया है पैरास्टार पर। उनकी दिवंगत पत्नी शेफाली जरीवाला के बाद अब उनके प्रिय पेट डॉग ‘सिम्बा’ का भी निधन हो गया। पार ने सोशल मीडिया पर यह भावुक खबर दी। अनुसरण करना : पारे ने एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अब मलामा घूमने नहीं जाते। सिंबा मलामा के साथ बहुत खुश हैं। मैं भी आप दोनों दूसरी दुनिया में मिलने का इंतजार नहीं कर सकता।” छवि: सोशल मीडिया वीडियो में डेड शेफाली जरीवाला सिम्बा के पास आती हैं और उसे प्यार से अपने गोद में बिठाती हैं। सिम्बा एक पैग (पग) था, जो पर्स और शेफाली अपने बच्चे की तरह प्यार करते थे। छवि: सोशल मीडिया शेफाली के निधन के बाद सिम्बा की देखभाल में ही उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपना नाम भी प्यार से “परी और सिंबा के पापा” लिखा है। छवि: सोशल मीडिया ‘कांटा लगा’ गर्ल शेफाली जरीवाला का 27 जून 2025 को 42 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। अस्पताल ले जाने के बाद अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। छवि: सोशल मीडिया पैरा के इस लेबल पोस्ट पर प्रेमी कॉन्स्टैंट भावुक टिप्पणियाँ कर रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में लोग उन्हें धमकियां दे रहे हैं और अपना सपोर्ट और संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 23 जुलाई 2026 17:30 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)शेफाली जरीवाला(टी)पराग त्यागी(टी)शेफाली जरीवाला(टी)पराग गीतकार(टी)शेफाली जरीवाला कुत्ता(टी)शेफाली जरीवाला पालतू कुत्ता सिम्बा

आशीष कुमार दश होंगे इंफोसिस के नए CEO:पहली तिमाही में मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़ रहा, रेवेन्यू 14% उछलकर ₹48,211 करोड़ पहुंचा

आशीष कुमार दश होंगे इंफोसिस के नए CEO:पहली तिमाही में मुनाफा 12.2% बढ़कर ₹7,769 करोड़ रहा, रेवेन्यू 14% उछलकर ₹48,211 करोड़ पहुंचा

देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी इंफोसिस ने आशीष कुमार दश को अपना नया CEO नियुक्त किया है। 23 जुलाई 2026 को पहली तिमाही के नतीजों के साथ कंपनी ने इस लीडरशिप बदलाव का ऐलान किया। वे मौजूदा CEO और MD सलिल पारिख की जगह लेंगे। वे 1 अप्रैल 2027 से चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्ट के रूप में पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 5 साल के लिए होगा, जो 31 मार्च 2032 तक चलेगा। कंपनी का मुनाफा 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपए रहा जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12.2% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,921 करोड़ रुपए था। पिछली तिमाही के 8,501 करोड़ रुपए के मुकाबले कंपनी के नेट प्रॉफिट में 8.6% की गिरावट आई है। रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹48,211 करोड़ हुआ इंफोसिस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपए हो गया है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 42,279 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। तिमाहगी आधार (QoQ) पर देखें तो कंपनी के रेवेन्यू में 4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (मार्च तिमाही) में कंपनी का रेवेन्यू 46,402 करोड़ रुपए रहा था। सलिल पारेख बोले- 8 साल में कंपनी की कमाई दोगुनी अपना पद छोड़ रहे MD और CEO सलिल पारेख ने कहा कि पिछले आठ साल में इंफोसिस का नेतृत्व करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात रही है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10 अरब डॉलर से बढ़कर दोगुना यानी 20 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है। सलिल पारेख ने आगे कहा कि हमने डिजिटल बदलावों के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की है और AI बदलाव के लिए एक अलग रणनीति तैयार की है। आशीष के साथ कई साल तक काम करने के कारण मैंने उनकी ईमानदारी, ग्राहकों के प्रति सोच और बदलाव के दौर में नेतृत्व करने की क्षमता को बहुत करीब से देखा है। उन्हें हमारे ग्राहकों, व्यापार और कर्मचारियों की गहरी समझ है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे इंफोसिस को बदलाव के अगले चरण में सफलतापूर्वक ले जाएंगे। आशीष कुमार बोले- इंफोसिस नए दौर की शुरुआत मजबूती से कर रही नई जिम्मेदारी मिलने पर आशीष कुमार दश ने कहा कि तकनीक अब एक नए युग में प्रवेश कर रही है, जहां एआई व्यापार करने और वैल्यू बनाने के तरीकों को पूरी तरह बदल रहा है। इंफोसिस इस नए दौर की शुरुआत बहुत मजबूती के साथ कर रही है। हमारे पास स्पष्ट एआई रणनीति, बेहतरीन प्रतिभा, ग्राहकों के साथ गहरे संबंध और ऐसे मूल्य हैं जिन्होंने दुनिया भर में विश्वास जीता है। मेरा संकल्प इन ताकतों को और मजबूत करने, नए प्रयोगों को तेज करने, क्षमताओं को बढ़ाने और ग्राहकों को एआई-संचालित दुनिया में सफल बनाने का है।

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसे नेपाल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने दोनों सबसे बड़े पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखना चाहता है। एक ही दिन दोनों देशों के राजदूतों के साथ मीटिंग बालेन शाह नहीं चाहते थे कि भारत या चीन में से किसी को यह लगे कि दूसरे देश को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से एक ही दिन अलग-अलग मुलाकात करने का फैसला किया है। दोनों बैठकें एक के बाद एक होंगी, ताकि दोनों देशों के साथ समान व्यवहार का मैसेज जाए। नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें इसी सप्ताह होंगी। हालांकि, दोनों बैठकों की सटीक तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। नेपाल का विदेश मंत्रालय इन बैठकों की अंतिम तैयारियों में जुटा है। बालेन शाह ने अपना रुख क्यों बदला? प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने यह परंपरा बनाई थी कि वह किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। उनका मानना था कि कई शक्तिशाली देश सरकारी व्यवस्था को दरकिनार कर सीधे नेपाल के टॉप नेताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते रहे हैं। इसलिए उन्होंने विदेशी राजनयिकों से सिर्फ समूह (ग्रुप) में मुलाकात करने की नीति अपनाई। इस फैसले के चलते उन्होंने कई बड़े विदेशी प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत मुलाकात करने से इनकार कर दिया। अब बालेन शाह मान रहे हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारत और चीन के साथ सीधे संवाद बनाए रखना जरूरी हो चुका है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और शुरुआती नीतिगत फैसलों को लेकर लगातार आलोचना का सामना कर रही है। नेपाल की विदेश नीति में भारत-चीन की अहम भूमिका नेपाल लंबे समय से भारत और चीन के बीच संतुलन बनाकर विदेश नीति चलाता रहा है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है और लाखों नेपाली नागरिक रोजगार, व्यापार और अन्य कारणों से भारत से जुड़े हुए हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते भी काफी गहरे हैं। वहीं चीन ने पिछले एक दशक में नेपाल में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के जरिए अपना प्रभाव लगातार बढ़ाया है। बीजिंग नेपाल के साथ अपने रणनीतिक संबंध मजबूत करना चाहता है, जबकि काठमांडू दोनों पड़ोसी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करता है। भारत से मुलाकात क्यों अहम है? भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है और सुरक्षा तथा व्यापार के मामले में भी दोनों एक-दूसरे पर काफी निर्भर हैं। हालांकि समय-समय पर सीमा विवाद और राजनीतिक मतभेदों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला है। इसके बावजूद नेपाल के लिए भारत के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बनाए रखना उसकी विदेश नीति की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक माना जाता है। चीन भी क्यों है बराबर अहम? चीन ने हाल के वर्षों में नेपाल में सड़क, रेल, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसके जरिए वह नेपाल में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत के साथ-साथ चीन के साथ भी अच्छे संबंध बनाए रखना नेपाल की विदेश नीति का अहम हिस्सा है। क्या बदल रही है बालेन शाह की राजनीति? बालेन शाह पहले काठमांडू के मेयर थे। उन्होंने पारंपरिक राजनीति से अलग छवि बनाकर लोकप्रियता हासिल की थी। विदेशी राजदूतों से अकेले मुलाकात नहीं करने का फैसला भी उसी सोच का हिस्सा था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें व्यावहारिक कूटनीति की जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है।

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाली PM बालेन शाह ने अपना ही नियम क्यों तोड़ा:भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात करेंगे; 3 महीने में ही फैसले से पलटे

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) पहली बार अपने बनाए नियम से हटकर विदेशी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालेन शाह भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और चीन के राजदूत झांग माओमिंग से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसे नेपाल की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह अपने दोनों सबसे बड़े पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखना चाहता है। एक ही दिन दोनों देशों के राजदूतों के साथ मीटिंग बालेन शाह नहीं चाहते थे कि भारत या चीन में से किसी को यह लगे कि दूसरे देश को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने दोनों देशों के राजदूतों से एक ही दिन अलग-अलग मुलाकात करने का फैसला किया है। दोनों बैठकें एक के बाद एक होंगी, ताकि दोनों देशों के साथ समान व्यवहार का मैसेज जाए। नेपाल सरकार ने पुष्टि की है कि भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें इसी सप्ताह होंगी। हालांकि, दोनों बैठकों की सटीक तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। नेपाल का विदेश मंत्रालय इन बैठकों की अंतिम तैयारियों में जुटा है। बालेन ने विदेशी नेताओं से दूरी क्यों बनाई थी? बालेन शाह को अपना फैसला क्यों बदलना पड़ा बालेन शाह जब काठमांडू के मेयर थे, तब उन्होंने खुद को पारंपरिक नेताओं से अलग दिखाया था। इसी सोच के तहत उन्होंने नियम बनाया था कि वह किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात नहीं करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदल गए हैं। अब उन्हें समझ आ गया है कि सिर्फ अलग छवि बनाना काफी नहीं है। देश चलाने के लिए पड़ोसी देशों के साथ सीधे बातचीत भी जरूरी होती है। इसी वजह से उन्होंने पहली बार अपना पुराना नियम तोड़ा है। भारत और चीन, दोनों नेपाल के सबसे अहम पड़ोसी हैं। ऐसे में दोनों देशों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखना उनकी सरकार की जरूरत बन गया है। नेपाल के लिए भारत और चीन दोनों क्यों जरूरी हैं? नेपाल की विदेश नीति हमेशा से भारत और चीन के बीच संतुलन बनाए रखने पर आधारित रही है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है, जिससे लाखों नेपाली नागरिक काम, व्यापार और पढ़ाई के लिए आसानी से भारत आते-जाते हैं। दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ पड़ोसी होने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से भी जुड़े हैं। दूसरी ओर, चीन ने पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में सड़क, रेल, ऊर्जा और दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसलिए नेपाल के लिए चीन भी एक अहम आर्थिक और रणनीतिक साझेदार बन गया है। यही वजह है कि काठमांडू किसी एक देश के करीब दिखने के बजाय भारत और चीन, दोनों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने की कोशिश करता है।