Sunday, 06 Sep 2026 | 02:48 PM

Trending :

संडे प्रोफाइल : मैथ्यू बर्गमैन:सोशल मीडिया कंपनियों केखिलाफ बर्गमैन की लड़ाई अमेरिका में एआई से जॉब संकट टला:अगस्त में 1.62 लाख जॉब पैदा हुए, उम्मीद से तीन गुना ज्यादा बढ़ोतरी Mayurbhanj sisters crack neet without coaching odisha study struggle दुनिया के नए नक्शे पर भारत की आपत्ति:कहा- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख हमारे नक्शे के मुताबिक दिखें, UN में इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन का सपोर्ट किया था दुनिया के नए नक्शे पर भारत की आपत्ति:कहा- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख हमारे नक्शे के मुताबिक दिखें, UN में इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन का सपोर्ट किया था मिर्जापुर: द मूवी ने दूसरे दिन ₹32 करोड़ कमाए:हनुमान अंश ने 5वें शनिवार को ₹16.50 करोड़ कमाकर धुरंधर का रिकॉर्ड तोड़ा
EXCLUSIVE

Mayurbhanj sisters crack neet without coaching odisha study struggle

Mayurbhanj sisters crack neet without coaching odisha study struggle
  • Hindi News
  • Career
  • Mayurbhanj Sisters Crack Neet Without Coaching Odisha Study Struggle

7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ओडिशा के मयूरभंज जिले के कपतिपदा ब्लॉक स्थित महुलापंखा गांव में रहने वाली दो बहनों यज्ञसेनी और दिव्यसेनी खतुआ ने बिना किसी कोचिंग के NEET परीक्षा पास की है। दिव्यसेनी ने पहले अटेम्प्ट में NEET क्लियर किया वहीं बड़ी बहन ने यज्ञसेनी तीसरे अटेम्प्ट में सफल हुईं।

नेटवर्क की कमी की वजह से पहाड़ियों पर बैठकर पढ़ाई की

परिवार के मुताबिक, गांव में मोबाइल नेटवर्क की भारी दिक्कत थी, जिससे ऑनलाइन क्लास अटेंड करना या स्टडी मटीरियल डाउनलोड करना दोनों बहनों के लिए मुश्किल हो जाता था।

पढ़ने के लिए दोनों बहनें किताबें और मोबाइल फोन लेकर गांव के पास की पहाड़ियों पर जाकर पढ़ती थीं। चाहे कोई भी मौसम हो दोनों बहने पढ़ने के लिए पहाड़ पर जाती थीं।

यज्ञसेनी और दिव्यसेनी शाम होने तक इसी तरह पहाड़ी पर बैठकर पढ़ती थीं।

यज्ञसेनी और दिव्यसेनी शाम होने तक इसी तरह पहाड़ी पर बैठकर पढ़ती थीं।

पिता किसान, मां आंगनबाड़ी सहायिका

दोनों के पिता गौरांग खतुआ खेती करते हैं और मां सुनीता आंगनबाड़ी सहायिका हैं। परिवार की सीमित आमदनी के चलते NEET की महंगी कोचिंग फीस चुकाना संभव नहीं था, इसलिए दोनों बहनों ने ऑनलाइन क्लास और सेल्फ-स्टडी का सहारा लिया।

आर्थिक तंगी से दोनों बहनों का कोचिंग नहीं जा सकती थीं। उसके बाद दोनों ने सेल्फ स्टडी और इंटरनेट का सहारा लिया। लेकिन चुनौती अब भी थी। मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं आता था। ऑनलाइन क्लास अटेंड करना या स्टडी मटेरियल डाउनलोड करना मुश्किल होता था।

ग्रामीण डिजिटल डिवाइड की झलक

दूरसंचार विभाग (DoT) के आंकड़े बताते हैं कि देश में आज भी सैकड़ों गांव ऐसे हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क या तो बेहद कमजोर है या पहुंचा ही नहीं है। खासकर पहाड़ी, आदिवासी और घने जंगलों वाले इलाकों में।

शायद इसीलिए झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी ‘नेटवर्क के लिए पहाड़ी चढ़ने’ जैसी खबरें समय-समय पर आती रही हैं यानी ये सिर्फ मयूरभंज की कहानी नहीं है।

योजना और असली तस्वीर में फासला

केंद्र सरकार ने नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए भारतनेट परियोजना 2011 में शुरू की थी।ये योजना से ग्रामीण भारत को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ने की दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण दूरसंचार पहल है।

इसका मकसद हर ग्राम पंचायत तक ब्रॉडबैंड पहुंचाना है। पर जमीन पर स्थिति अभी भी अलग है। योजना कागज पर जितनी आगे बढ़ी है, गांवों तक उसका असर उतनी तेजी से नहीं पहुंचा है। इन दो बहनों को पढ़ाई के लिए घर छोड़कर पहाड़ी की चोटी तक जाना पड़ा इसी फासले की एक तस्वीर है।

———————–

ये खबर भी पढ़ें…

हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले

सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने “रामधुन” गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Aamir Khan Birthday | Bollywood Mr Perfectionist Work Focus

March 14, 2026/
4:30 am

48 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक सिनेमा के जादूगर कहे जाने वाले मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान आज 61 साल...

देवास कलेक्टर की कल पीपरी गांव में रात्रि चौपाल:ग्रामीणजनों से रूबरू होकर खुद सुनेंगे समस्याएं

April 30, 2026/
8:20 pm

जनसेवा और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह कल (1 मई) तहसील उदयनगर...

Ludhiana Inder Kaur Murder Case

May 22, 2026/
5:00 am

पंजाबी सिंगर इंदर कौर के लुधियाना में हुए मर्डर केस में ट्विस्ट आ गया है। कत्ल के आरोपी NRI सुखविंदर...

शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

June 16, 2026/
4:17 pm

महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” के बारे में अटकलों के जोर पकड़ने के बीच, शिवसेना यूबीटी ने एमपी के...

Dewas Firecracker Factory Blast | 3 Dead, 25 Injured

May 14, 2026/
5:37 pm

“इन्हें उठाओ…जल्दी बाहर लेकर चलो…कोई एंबुलेंस वाले को कॉल करो… इतने लोगों की यहां मौत हो गई…” देवास जिले के...

रुबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वालों पर लगाएंगे नए प्रतिबंध

September 3, 2026/
5:22 am

पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी...

R Madhavan Birthday Interesting Facts; 3 Idiots

June 1, 2026/
4:30 am

3 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ आर माधवन की डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म...

राजनीति

Mayurbhanj sisters crack neet without coaching odisha study struggle

Mayurbhanj sisters crack neet without coaching odisha study struggle
  • Hindi News
  • Career
  • Mayurbhanj Sisters Crack Neet Without Coaching Odisha Study Struggle

7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ओडिशा के मयूरभंज जिले के कपतिपदा ब्लॉक स्थित महुलापंखा गांव में रहने वाली दो बहनों यज्ञसेनी और दिव्यसेनी खतुआ ने बिना किसी कोचिंग के NEET परीक्षा पास की है। दिव्यसेनी ने पहले अटेम्प्ट में NEET क्लियर किया वहीं बड़ी बहन ने यज्ञसेनी तीसरे अटेम्प्ट में सफल हुईं।

नेटवर्क की कमी की वजह से पहाड़ियों पर बैठकर पढ़ाई की

परिवार के मुताबिक, गांव में मोबाइल नेटवर्क की भारी दिक्कत थी, जिससे ऑनलाइन क्लास अटेंड करना या स्टडी मटीरियल डाउनलोड करना दोनों बहनों के लिए मुश्किल हो जाता था।

पढ़ने के लिए दोनों बहनें किताबें और मोबाइल फोन लेकर गांव के पास की पहाड़ियों पर जाकर पढ़ती थीं। चाहे कोई भी मौसम हो दोनों बहने पढ़ने के लिए पहाड़ पर जाती थीं।

यज्ञसेनी और दिव्यसेनी शाम होने तक इसी तरह पहाड़ी पर बैठकर पढ़ती थीं।

यज्ञसेनी और दिव्यसेनी शाम होने तक इसी तरह पहाड़ी पर बैठकर पढ़ती थीं।

पिता किसान, मां आंगनबाड़ी सहायिका

दोनों के पिता गौरांग खतुआ खेती करते हैं और मां सुनीता आंगनबाड़ी सहायिका हैं। परिवार की सीमित आमदनी के चलते NEET की महंगी कोचिंग फीस चुकाना संभव नहीं था, इसलिए दोनों बहनों ने ऑनलाइन क्लास और सेल्फ-स्टडी का सहारा लिया।

आर्थिक तंगी से दोनों बहनों का कोचिंग नहीं जा सकती थीं। उसके बाद दोनों ने सेल्फ स्टडी और इंटरनेट का सहारा लिया। लेकिन चुनौती अब भी थी। मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं आता था। ऑनलाइन क्लास अटेंड करना या स्टडी मटेरियल डाउनलोड करना मुश्किल होता था।

ग्रामीण डिजिटल डिवाइड की झलक

दूरसंचार विभाग (DoT) के आंकड़े बताते हैं कि देश में आज भी सैकड़ों गांव ऐसे हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क या तो बेहद कमजोर है या पहुंचा ही नहीं है। खासकर पहाड़ी, आदिवासी और घने जंगलों वाले इलाकों में।

शायद इसीलिए झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी ‘नेटवर्क के लिए पहाड़ी चढ़ने’ जैसी खबरें समय-समय पर आती रही हैं यानी ये सिर्फ मयूरभंज की कहानी नहीं है।

योजना और असली तस्वीर में फासला

केंद्र सरकार ने नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए भारतनेट परियोजना 2011 में शुरू की थी।ये योजना से ग्रामीण भारत को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ने की दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण दूरसंचार पहल है।

इसका मकसद हर ग्राम पंचायत तक ब्रॉडबैंड पहुंचाना है। पर जमीन पर स्थिति अभी भी अलग है। योजना कागज पर जितनी आगे बढ़ी है, गांवों तक उसका असर उतनी तेजी से नहीं पहुंचा है। इन दो बहनों को पढ़ाई के लिए घर छोड़कर पहाड़ी की चोटी तक जाना पड़ा इसी फासले की एक तस्वीर है।

———————–

ये खबर भी पढ़ें…

हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले

सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने “रामधुन” गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.