वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; आम जनता की भलाई के लिए काम करें

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग को आम जनता की भलाई के लिए काम करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर न कटवाएं। सीतारमण रविवार, 26 जुलाई को मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ इमारत का उद्घाटन करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह बातें कही हैं। 13 मंजिला इमारत के क्लीयरेंस का उदाहरण दिया वित्त मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारियों को खुद 1.13 लाख स्क्वायर फीट में बनी इस 13 मंजिला इमारत के निर्माण और अनुमतियों यानी क्लीयरेंस के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सीतारमण ने अधिकारियों को याद दिलाया कि एक IRS अफसर के नाम के पीछे आयकर विभाग का नाम जुड़ा होता है, जो लोगों को डराने के लिए एक शक्तिशाली ताकत जैसा काम करता है। उन्होंने कहा कि जब इतनी पावरफुल बॉडी होने के बावजूद अफसरों को खुद अनुमतियां लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो उन्हें समझ आना चाहिए कि एक आम नागरिक को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि क्या यह अनुभव आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपके अधिकार की जरूरत है, वहां उन्हें दर-दर मत भटकाइए; उनके लिए काम कीजिए। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर नाराजगी जताई वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के ढीले रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभागों के ढीलेपन की वजह से ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण होते हैं। सीतारमण ने बताया कि नरीमन पॉइंट स्थित जिस जमीन पर ‘आयकर सिंधु’ इमारत बनाई गई है, वह जमीन आयकर विभाग के पास साल 1973 से मौजूद थी। इसके बावजूद इतने सालों में उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी संपत्ति का ध्यान रखना किसी की जिम्मेदारी थी, लेकिन जब अतिक्रमण हो जाता है तो हम बस यही कहते हैं कि हमारे पास जमीन तो है पर हम बना नहीं पा रहे हैं। यह दिखाता है कि हमारे सिस्टम में कितनी ढिलाई है। मुंबई में अधिकारियों के आवास और लंबी दूरी का मुद्दा वित्त मंत्री ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने और दफ्तर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि लगभग आधे अधिकारियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिल पाती है। सीतारमण ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगी और इसके लिए सरकार-से-सरकार जमीन ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जमीनों के इंस्टेंट ट्रांसफर की प्रोसेस को आसान बनाएंगी। CPWD और BSNL की जमीन को लेकर निर्देश दिए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन ट्रांसफर में मदद के बाद निर्माण से जुड़े काम अधिकारियों को खुद समय पर पूरे करने होंगे। इसमें CPWD (सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट) से निपटना, अनुमतियां लेना, बिल्डिंग बनाना और कॉन्ट्रैक्ट व टेंडर आवंटित करना जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि 21वीं सदी के उत्तरार्ध में अलग-अलग बिखरे ऑफिस स्पेस और महंगे किराए के मकानों में न रहना पड़े। सीतारमण ने खासतौर पर सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का जिक्र किया और अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की जमीनों को प्राप्त करने की कोशिश करें। इसके लिए वे खुद संबंधित केंद्रीय मंत्री से बात करेंगी। अफसरों को दी ‘इंटीग्रिटी’ बनाए रखने की सलाह वित्त मंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से नियमों को तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ आउट-ऑफ-वे करने को नहीं कह रही हैं। हालांकि, उन्होंने दुख जताया कि इस देश में लोगों को अपने जायज हक और दावों को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए टैक्स कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण काम में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि इंटीग्रिटी यानी निष्ठा और ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप में से हर एक को सलाह दूंगी। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा: HDFC बैंक टॉप लूजर रहा, वैल्यू ₹1.18 लाख करोड़ घटी; HUL की वैल्यू बढ़ी शेयर बाजार में गिरावट के रुख के बीच पिछले हफ्ते देश की टॉप-10 में से 9 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में टोटल ₹2.74 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट रही। इस गिरावट में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक (2.67%) गिरा, जबकि निफ्टी में 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट आई। टॉप-10 की लिस्ट में से केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर ही ऐसी कंपनी रही, जिसकी वैल्यूएशन बीते हफ्ते बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें….
वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; जनता की भलाई के लिए काम करें

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग को आम जनता की भलाई के लिए काम करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आम लोगों को अपने काम के लिए एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर न कटवाएं। सीतारमण रविवार, 26 जुलाई को मुंबई के नरीमन पॉइंट बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ इमारत का उद्घाटन करने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने यह बातें कही हैं। 13 मंजिला इमारत के क्लीयरेंस का उदाहरण दिया वित्त मंत्री ने उद्घाटन समारोह के दौरान अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारियों को खुद 1.13 लाख स्क्वायर फीट में बनी इस 13 मंजिला इमारत के निर्माण और अनुमतियों यानी क्लीयरेंस के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। सीतारमण ने अधिकारियों को याद दिलाया कि एक IRS अफसर के नाम के पीछे आयकर विभाग का नाम जुड़ा होता है, जो लोगों को डराने के लिए एक शक्तिशाली ताकत जैसा काम करता है। उन्होंने कहा कि जब इतनी पावरफुल बॉडी होने के बावजूद अफसरों को खुद अनुमतियां लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ा, तो उन्हें समझ आना चाहिए कि एक आम नागरिक को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि क्या यह अनुभव आपको उस आम नागरिक की स्थिति समझने के लिए प्रेरित कर सकता है जो आपके पास आता है? जहां आपके अधिकार की जरूरत है, वहां उन्हें दर-दर मत भटकाइए; उनके लिए काम कीजिए। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे पर नाराजगी जताई वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के ढीले रवैये पर सार्वजनिक रूप से गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विभागों के ढीलेपन की वजह से ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण होते हैं। सीतारमण ने बताया कि नरीमन पॉइंट स्थित जिस जमीन पर ‘आयकर सिंधु’ इमारत बनाई गई है, वह जमीन आयकर विभाग के पास साल 1973 से मौजूद थी। इसके बावजूद इतने सालों में उस जमीन पर अवैध कब्जे हो गए। उन्होंने कहा कि हमारी संपत्ति का ध्यान रखना किसी की जिम्मेदारी थी, लेकिन जब अतिक्रमण हो जाता है तो हम बस यही कहते हैं कि हमारे पास जमीन तो है पर हम बना नहीं पा रहे हैं। यह दिखाता है कि हमारे सिस्टम में कितनी ढिलाई है। मुंबई में अधिकारियों के आवास और लंबी दूरी का मुद्दा वित्त मंत्री ने मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्रों में अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने और दफ्तर पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने संकेत दिया कि लगभग आधे अधिकारियों को सरकारी आवास की सुविधा नहीं मिल पाती है। सीतारमण ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगी और इसके लिए सरकार-से-सरकार जमीन ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जमीनों के इंस्टेंट ट्रांसफर की प्रोसेस को आसान बनाएंगी। CPWD और BSNL की जमीन को लेकर निर्देश दिए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन ट्रांसफर में मदद के बाद निर्माण से जुड़े काम अधिकारियों को खुद समय पर पूरे करने होंगे। इसमें CPWD (सेंट्रल पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट) से निपटना, अनुमतियां लेना, बिल्डिंग बनाना और कॉन्ट्रैक्ट व टेंडर आवंटित करना जैसे काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि 21वीं सदी के उत्तरार्ध में अलग-अलग बिखरे ऑफिस स्पेस और महंगे किराए के मकानों में न रहना पड़े। सीतारमण ने खासतौर पर सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का जिक्र किया और अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की जमीनों को प्राप्त करने की कोशिश करें। इसके लिए वे खुद संबंधित केंद्रीय मंत्री से बात करेंगी। अफसरों को दी ‘इंटीग्रिटी’ बनाए रखने की सलाह वित्त मंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से नियमों को तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ आउट-ऑफ-वे करने को नहीं कह रही हैं। हालांकि, उन्होंने दुख जताया कि इस देश में लोगों को अपने जायज हक और दावों को पाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। देश के लिए टैक्स कलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण काम में ईमानदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि इंटीग्रिटी यानी निष्ठा और ईमानदारी ही एकमात्र सिद्धांत है जिसकी मैं आप में से हर एक को सलाह दूंगी। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 में 9 कंपनियों का मार्केट-कैप ₹2.74 लाख करोड़ घटा: HDFC बैंक टॉप लूजर रहा, वैल्यू ₹1.18 लाख करोड़ घटी; HUL की वैल्यू बढ़ी शेयर बाजार में गिरावट के रुख के बीच पिछले हफ्ते देश की टॉप-10 में से 9 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में टोटल ₹2.74 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट रही। इस गिरावट में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक (2.67%) गिरा, जबकि निफ्टी में 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट आई। टॉप-10 की लिस्ट में से केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर ही ऐसी कंपनी रही, जिसकी वैल्यूएशन बीते हफ्ते बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें….
लौकी-सोयाबीन का चीला रेसिपी: मिनटों में लौकी और सोयाबीन का चीला, हाई इंट्रोडक्शन से करें दिन की शुरुआत, नोट करें विधि

सामग्री के लिए लौकी-सोयाबीन चीला: 1 कपसोयाबीन, 1 लोकी, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, हरा धनिया, ½ छोटा मक्खन जीरा, ¼ छोटा मक्खन हल्दी, ½ छोटा मक्खन लाल मिर्च पाउडर, स्वाद मसाला, तेल या घी छवि: इंस्टाग्राम बनाने की विधि: सबसे पहले भीगी हुई सोयाबीन का पानी उसे भूखा और सीधे से पानी के साथ प्लास्टिक में पीस लें। तैयार पेस्ट को एक बड़े बाउल में डाला गया। छवि: फ्रीपिक इसमें कद्दू की हुई लौकी, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें।अगर बैटर बहुत सारे एसेट में लगे तो थोड़ा-सा पानी चिली जैसा नासा तैयार करें। छवि: इंस्टाग्राम अब तवा गर्म करें और प्रभाव-सा तेल का कपड़ा। एक कलछी बैटर मैनुअल गोल आकार में फैला हुआ। मध्यम किनारे पर दोनों तरफ से सोनार और कुरकुरा होने तक सेंक लें। इसी तरह बाकी सभी चीले तैयार कर लें। छवि: एआई गरमा-गरम लौकी और सोयाबीन चीला हरी धनिया की चटनी, दही, टमाटर की चटनी या पुदीने की चटनी के साथ बनाएं। फ़्लोरिडा तो इसके साथ एक कटोरी दही या कीक भी सर्व करें, जिससे स्टान्ट और भी नैमित्तिक बन जायेंगे। छवि: एआई हाई प्रोटीन होने के कारण लंबे समय तक पेट भरा रहता है। लॉकी बॉडी को गोदाम में रखने में मदद मिलती है। वनस्पति से भरपूर होना की वजह से पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। छवि: एआई सोयाबीन और लोकी का चीला जल्दी तैयार हो जाता है, इसलिए सुबह-सुबह के लिए परफेक्ट रेसिपी है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए स्वादिष्ट और स्वादिष्ट विकल्प हैं। छवि: एआई अगर आप अपने दिन की शुरूआती स्टेक और टेस्टी प्रोजेक्ट से करना चाहते हैं, तो लोकी सोयाबीन और का यह चीला जरूर ट्राई करें। इसे एक बार बनाने के बाद आपकी यह फेवरेट ब्रेकफ़ास्ट रेसिपी बन सकती है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)लौकी-सोयाबीन चीला(टी)लौकी का चिल्ला(टी)सोयाबीन का चिल्ला(टी)लौकी सोयाबीन का चिल्ला(टी)हाई प्रोटीन रेसिपी(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ता(टी)लौकी(टी)चीला रेसिपी(टी)सोयाबीन लौकी चीला रेसिपी
'बेटी पढ़ाने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाना पड़ेगा':एक्ट्रेस नीना गुप्ता बोलीं- लड़कियों की जिंदगी नहीं बदली, 98% घरों में आज भी घूंघट

बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति को लेकर जितनी बातें की जाती हैं, असलियत उससे कहीं अलग है। आज भी देश के अधिकांश घरों में लड़कियों के लिए सोच नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा देने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाओ वाला काम करना होगा, तभी बेटी सच में बचेगी। नीना गुप्ता ने यह बात जयपुर के होटल ललित में आयोजित ‘डायलॉग ऑन मेंटल वेलनेस’ कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने अपनी आत्मकथा सच कहूं तो, परिवार, महिलाओं की स्थिति, पालन-पोषण, रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और अपने जीवन के अनुभवों पर खुलकर बात की। मेरे पास काम नहीं था तो कोई भी मेरे बारे में कुछ भी लिख देता था नीना गुप्ता ने कहा कि अपनी आत्मकथा लिखने का विचार करीब 25 साल पहले आया था। शुरू में जब मेरे पास काम नहीं था, तब मेरी कोई वैल्यू नहीं थी, तो कोई भी मेरे बारे में कुछ भी लिख देता था। तब मुझे लगा कि किसी को पता ही नहीं कि मैं असल में कैसी हूं। इसलिए मैंने सोचा कि मैं खुद लिखूंगी कि मैं वास्तव में कैसी हूं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने किताब लिखने के लिए एडवांस भी ले लिया था, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाई। मैं मम्मी, पापा, भाई और उनका परिवार के बारे में लिखना चाहती थी। उन्होंने पूरी जिंदगी अपनी सच्चाई छिपाकर रखी थी। मुझे लगा कि मुझे उनकी जिंदगी सामने लाने का अधिकार नहीं है। जब भी लिखना शुरू करती, सोचती कि मम्मी को बुरा लगेगा, पापा को बुरा लगेगा, भाई को बुरा लगेगा और मैं रुक जाती थी। ‘कोविड में हिम्मत आई, क्योंकि अब किसी का डर नहीं था’ उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जब वह छह महीने अपने पहाड़ी घर में रहीं, तब जाकर किताब पूरी हो सकी। तब तक मेरे परिवार के लगभग सभी लोग इस दुनिया से जा चुके थे। तब मुझे किसी का डर नहीं था। क्योंकि हम सबसे ज्यादा अपने लोगों से ही डरते हैं। मैं तो भगवान से ज्यादा अपनी बेटी से डरती हूं। नीना ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी किताब में भी सब कुछ नहीं लिखा। उन्होंने कहा कि मैंने झूठ नहीं लिखा, लेकिन सब कुछ भी नहीं लिखा। कुछ लोगों के बारे में बातें छिपा दीं क्योंकि लगा कि वह मेरी बेटी मसाबा, मेरे पति या कुछ दूसरे लोगों के लिए ठीक नहीं होगा। मैं किसी से बदला नहीं लेना चाहती थी। मेरे पास मौका था कि जिन लोगों ने मेरे साथ गलत किया, उनके बारे में लिखूं, लेकिन मैंने खुद को रोका। उन्होंने हंसते हुए कहा कि प्रकाशक के वकीलों ने तो उन्हें लगभग सभी लोगों के नाम तक बदलने के लिए कह दिया था। ‘भगवान से लड़ती भी हूं और धन्यवाद भी देती हूं’ मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए नीना ने कहा कि वह अपना मन भगवान के सामने खोल देती हैं। मैं दिन में कम से कम दस बार भगवान को धन्यवाद कहती हूं। जब रात को अपनी सफेद चादर पर लेटती हूं तो सबसे पहले ‘थैंक यू’ बोलती हूं। और जब गुस्सा आता है तो भगवान को डांटती भी हूं। कोई तो ताकत है जो मुझसे बड़ी है। मैं उसी से बात करती हूं। महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने कहा कि शहरों में थोड़ा बदलाव जरूर दिखता है, लेकिन गांवों और छोटे कस्बों में हालात अब भी पहले जैसे हैं। हम लोग शायद एक-दो प्रतिशत आबादी की बात कर रहे हैं। बाकी जगह आज भी घूंघट है, पैर छूना है, सेवा करना है। बहुत कुछ नहीं बदला है। पंचायत वेबसीरीज का सुनाया किस्सा नीना ने पंचायत की शूटिंग के दौरान मध्य प्रदेश के एक गांव का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि मैंने एक लड़की से पूछा कि क्या पढ़ती हो? उसकी मां बोली- पढ़ तो रही है, लेकिन 18 साल की होते ही शादी कर देंगे। फिर घूंघट करेगी, घर संभालेगी, बच्चे पैदा करेगी। यह आज भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि केवल बेटी को पढ़ाने से बदलाव नहीं आएगा। मैंने अपनी एक दोस्त से कहा कि ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाओ। जब तक उनकी सोच नहीं बदलेगी, बेटी पढ़ भी जाएगी तो उससे कहा जाएगा कि अब बर्तन मांजो। ‘बच्चों पर गुस्सा नहीं, प्यार से बात कीजिए’ उन्होंने अपनी बेटी मसाबा के साथ रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ उन्होंने खुद भी बहुत कुछ सीखा। पहले मैं कहती थी- नहीं जाना है तो नहीं जाना है। फिर जवाब मिलता था- मैं तो जाऊंगी। बाद में समझ आया कि अगर वही बात प्यार से कहूं कि बेटा, मुझे यह ठीक नहीं लग रहा… बाकी फैसला तुम्हारा है, तो वह खुद सोचती थी। उन्होंने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो माता-पिता करते हैं। एक दिन मैंने बेटी से कहा कि चिल्लाओ मत। उसने जवाब दिया- आप भी तो चिल्लाती हैं। तब समझ आया कि बच्चे वही दोहराते हैं जो हमें करते हुए देखते हैं। ‘मेरा फोकस काम से हटकर रिश्तों पर चला गया’ कार्यक्रम में अपने करियर को लेकर उन्होंने खुलकर आत्ममंथन किया। उन्होंने कहा कि अगर मेरा फोकस सही रहता तो मैं और ऊंचाई तक पहुंच सकती थी। एक समय ऐसा आया जब मेरा ध्यान काम से ज्यादा एक अच्छे जीवनसाथी की तलाश पर चला गया। मुझे लगता है कि यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। महिलाओं का फोकस कई बार करियर से हटकर पति ढूंढने पर चला जाता है। अर्जुन की तरह अगर सिर्फ लक्ष्य पर नजर रहे तो मंजिल जरूर मिलती है। ‘आज की पीढ़ी बहुत कन्फ्यूज है’ युवाओं की मानसिक स्थिति पर उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी सबसे ज्यादा भ्रम में है। मैं बहुत सारी युवा लड़कियों के साथ काम कर रही हूं। वे कहती हैं कि अच्छे लड़के नहीं मिलते। डेटिंग ऐप्स पर जा रही हैं, लेकिन वहां भी परेशान हैं। दूसरी तरफ लड़के भी यही कहते होंगे कि अच्छी लड़कियां नहीं मिलतीं। यह पीढ़ी बहुत कन्फ्यूज है। घर में पुराने विचार हैं और बाहर बहुत आधुनिक सोच। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि सही क्या है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि
PAK की लेडी अफसर पंजाबी गानों की शौकीन:सोशल मीडिया पर एक्टिव; सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, रंजीत बावा के गानों पर रील्स बनाईं

पाकिस्तान की सीनियर पुलिस अधिकारी डॉ. अनूश मसूद चौधरी पंजाबी गानों की बड़ी फैन हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सिद्धू मूसेवाला के ईस्ट साइड फ्लो, रंजीत बावा के शेर मारना, गुर सिद्धू के 8 पर्चे, आर नेत के दबदा किथे आ जैसे गानों पर कई रील्स बनाई हैं। पेशावर की रहने वाली डॉ. अनूश फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब एलीट पुलिस में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स हैं। डॉ. अनूश साल 2018 में खैबर पख्तूनख्वा की पहली महिला SSP बनी थीं। उस समय उनकी कार्यशैली के साथ-साथ उनकी खूबसूरती की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद वह लाहौर की भी SSP बनीं। डॉ. अनूश इंडियन म्यूजिक को खास पसंद करती हैं। उन्होंने पंजाबी के साथ हरियाणवी और बॉलीवुड गानों पर रील्स बनाई हैं। जानिए कौन है डॉ. अनूश मसूद चौधरी… पेरेंट्स डॉक्टर बनाना चाहते थे एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने बताया था- पेरेंट्स का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। मैंने MBBS भी पूरी कर ली थी। मगर, पिता के मौत के बाद सब बदल गया। परिवार वाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनकर विदेश सैटल हो जाऊं, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही रहकर जनता की सेवा करना चाहती थी। इसके मैंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) का फील्ड चुना। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर करनदीप को आया हार्ट अटैक:खुद VIDEO शेयर किया, बोले- जिम जाता हूं, फिर भी दिल-दिमाग ने काम करना बंद कर दिया पंजाबी सिंगर, एक्टर, मॉडल और फिटनेस इन्फ्लुएंसर करनदीप को ऑस्ट्रेलिया में हार्ट अटैक आ गया। सिंगर ने खुद इसके वीडियो इंस्टा पर शेयर करते हुए लिखा कि 19 मई उनकी जिंदगी का लास्ट दिन था। अगर उनके दोस्त पास न होते तो वो जिंदा न होते। पढ़ें पूरी खबर…
सर्वगुण संपन्न:अब नॉन ग्लैमरस रोल में दिखेंगी वाणी कपूर, 3 महीने की तैयारी

वाणी कपूर की अगली फिल्म ‘सर्वगुण संपन्न’ है। इसकी निर्देशक सोनाली रतन देशमुख हैं। उन्होंने इस फिल्म के आइडिया से लेकर वाणी के इससे जुड़ने और कहानी के फोकस पर खास बातचीत की… निर्देशक सोनाली ‘सर्वगुण संपन्न’ को लेकर कहती हैं…‘फिल्म की शुरुआत किसी स्टार को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि एक वन-लाइनर आइडिया से हुई थी। ‘शिद्दत’ के बाद मैडॉक फिल्म्स की क्रिएटिव हेड शारदा कार्की ने मुझे लेखक सुमित घिल्डियाल के साथ तैयार की गई कहानी सुनाई, जिसमें मुझे अलग तरह की मानवीय कॉमेडी नजर आई। इसके बाद स्क्रिप्ट पर कई महीनों तक काम हुआ। कहानी को बार-बार लिखा गया ताकि हास्य परिस्थितियों से पैदा हो और भावनात्मक संतुलन भी बना रहे। वन-लाइनर सिर्फ दिशा देता है, असली फिल्म स्क्रीनप्ले में तैयार होती है।’ फिल्म पूरी तरह फैमिली ड्रामा, जिंदगी में आए बदलावों के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी सोनाली का कहना है कि ‘फिल्म की बाहरी परत देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। किसी एडल्ट स्टार से मिलती-जुलती शक्ल कहानी की सिर्फ शुरुआती वजह है, जबकि पूरी फिल्म एक छोटे शहर की लड़की की जिंदगी में आए बदलावों और पारिवारिक रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। किरदार को जीने पर रहा वाणी का पूरा जोर बकौल सोनाली…‘फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले वाणी ने करीब तीन महीने तक अपने किरदार पर काम किया। इस दौरान लगातार स्क्रिप्ट रीडिंग, वर्कशॉप और किरदार की मानसिकता, भाषा, बॉडी लैंग्वेज व व्यवहार पर विस्तार से चर्चा की गई। हमारा उद्देश्य वाणी से सिर्फ अभिनय कराना नहीं था, बल्कि उन्हें उस लड़की की दुनिया और व्यक्तित्व में पूरी तरह ढालना था, ताकि स्क्रीन पर उनका किरदार पूरी तरह स्वाभाविक लगे।’ ऋषिकेश भी फिल्म में, सिर्फ लोकेशन नहीं, कहानी का अहम किरदार भी सोनाली बताती हैं…‘फिल्म के लिए ऋषिकेश का चयन केवल खूबसूरत लोकेशन की वजह से नहीं किया गया। धार्मिक माहौल, छोटे शहर की सामाजिक संरचना और पारिवारिक जीवन कहानी का अहम हिस्सा हैं। शूटिंग ऋषिकेश के साथ हरिद्वार और देहरादून में भी हुई, लेकिन कहानी की आत्मा ऋषिकेश में ही बसती है।’ रिश्तों की केमिस्ट्री पर फोकस, दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने का लक्ष्य सोनाली ये भी कहती है कि ‘फैमिली कॉमेडी में पंचलाइन से ज्यादा रिश्तों की केमिस्ट्री काम करती है। अगर फिल्म खत्म होने के बाद दर्शक मुस्कुराते हुए सिनेमाघर से बाहर निकलेंगे, तो वही ‘सर्वगुण संपन्न’ की सबसे बड़ी सफलता होगी।’ स्क्रिप्ट लॉक होने के बाद फिल्म से जुड़ी थीं वाणी, तोड़ी अपनी ग्लैमरस इमेज सोनाली के अनुसार, ‘स्क्रिप्ट के कई ड्राफ्ट पूरे होने के बाद ही वाणी को कहानी सुनाई गई। इस बार वाणी अपने अब तक के ग्लैमरस स्क्रीन इमेज से अलग ऋषिकेश की एक साधारण, चश्मा लगाने वाली और सलवार-कमीज पहनने वाली लड़की के किरदार में नजर आएंगी। कई बार सेट इमेज से निकलकर सामान्य किरदार निभाना भी चैलेंजिंग होता है।’
HDFC Bank Top Loser | Market Cap Drops, HUL Gainers List & Update

मुंबई13 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में गिरावट के रुख के बीच पिछले हफ्ते देश की टॉप-10 में से 9 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में टोटल ₹2.74 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट रही। इस गिरावट में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,091.68 अंक (2.67%) गिरा, जबकि निफ्टी में 566.85 अंक (2.32%) की गिरावट आई। टॉप-10 की लिस्ट में से केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर ही ऐसी कंपनी रही, जिसकी वैल्यूएशन बीते हफ्ते बढ़ी है। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… बढ़ने का क्या मतलब घटने का क्या मतलब शेयर की कीमत में बढ़ोतरी शेयर प्राइस में गिरावट मजबूत वित्तीय प्रदर्शन खराब नतीजे पॉजिटीव न्यूज या इवेंट नेगेटिव न्यूज या इवेंट पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट हाई प्राइस पर शेयर जारी करना शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Anurag Dobhal Controversy | Dehradun YouTuber Accuses Wife Ritika

अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान की फाइल फोटो। देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK 07 राइडर अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अनुराग ने 26 जुलाई को यूट्यूब पर 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने रितिका पर धोखा देने का आरोप लगाया। . अनुराग ने रितिका और उनकी मां पर बेटे अनुरित से नहीं मिलने देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रितिका के परिवार को उन्होंने अपने बेटे से मिलने के लिए 37 लाख रुपए दिए हैं और अब रितिका का परिवार भारी-भरकम गुजारा भत्ता मांग रहा है। अनुराग ने कहा, “यह सब झेलना सबसे मुश्किल है, लेकिन अपने बेटे के लिए मैं यह भी करना चुनूंगा।” अनुराग ने वीडियो में आगे लिखा, “मैंने अपने बेटे अनुरित की खातिर सब कुछ छिपाने और सभी को माफ करने का फैसला किया था। भाई कलम को सब सच पता था, लेकिन उसने अपने अहम को संतुष्ट करने के लिए दुनिया के सामने मुझे गलत बना दिया।” “रितिका ने भी इस चीज का फायदा उठाया, क्योंकि मेरे पास मेरे मां-बाप नहीं थे, मेरी फैमिली नहीं थी। सब लोगों ने मिलकर मुझे बहुत परेशान किया और आज भी कर रहे हैं। आर्थिक रूप से, कानूनी रूप से और मानसिक रूप से। लेकिन अब और नहीं।” “मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं इन सब लोगों से प्यार करता था और इनकी गलतियों को छिपाता रहा। लेकिन मुझे लगता है कि वे इस प्यार और वफादारी के हकदार नहीं हैं।” तस्वीरें देखिए- अनुराग ने रितिका पर दोस्त अभिषेक के साथ मिलकर धोखा देने का आरोप लगाया है। अनुराग डोभाल की बेटे अनुरित के साथ फाइल फोटो। अनुराग ने रितिका और उसके दोस्त का ऑडियो वारयल की अनुराग ने एक ऑडियो भी शेयर किया, जिसमें रितिका पर दोस्त अभिषेक के साथ मिलकर धोखा देने का आरोप लगाया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि रितिका कह रही है, “अनुराग मेरे लिए मर चुका है। मेरे पास इसका बच्चा है, यह मेरे लिए पाप है।” इसके बाद अनुराग ने अभिषेक का एक ऑडियो बताकर भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अभिषेक कह रहा है, “रितिका ने मुझसे कहा था कि मैं बच्चे को मार दूंगी। वह एबॉर्शन कराने के लिए कह रही थी, लेकिन मैंने मना कर दिया था।” रितिका की दोस्त अभिषेक के साथ फाइल फोटो, जो अनुराग ने जारी की है। दो महीने पहले रितिका को पहनाया मंगलसूत्र अनुराग ने 12 मई को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने रितिका और उनकी मां को महंगे गिफ्ट दिए थे। गिफ्ट में उन्होंने रितिका की मां को एक रिंग दी थी और इसी दौरान रितिका को मंगलसूत्र भी पहनाया था। अनुराग ने तब बताया था कि मदर्स डे के मौके पर उन्होंने यह सरप्राइज प्लान किया था। इसके लिए वह रितिका के घर गए थे और पूरे सरप्राइज का वीडियो भी अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किया था। सरप्राइज की दो तस्वीरें अनुराग रितिका की मां को रिंग गिफ्ट करते हुए। अनुराग रितिका को मंगलसूत्र पहनाते हुए। 4 महीने पहले बने थे पिता अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान चार महीने पहले अपने पहले बच्चे के माता-पिता बने थे। रितिका ने 27 मार्च 2026 को राम नवमी के शुभ अवसर पर बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म पर अनुराग ने भावुक होते हुए कहा था कि “अब मेरा दूसरा जन्म अपने बेटे के लिए है।” रितिका ने बेटे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए साझा की थी, जहां उन्होंने नवजात के नन्हे पैरों की तस्वीर पोस्ट की थी। 27 मार्च 2026 को राम नवमी के दिन बच्चे को जन्म दिया था। 7 मार्च को की थी सुसाइड की कोशिश अनुराग डोभाल ने 7 मार्च को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कार चलाते हुए इंस्टाग्राम लाइव किया था। लाइव में उन्होंने कहा था- मम्मी, अगले जन्म आऊं तो बस प्यार देना… चलो फाइनल ड्राइव पर चलते हैं। इसके बाद उन्होंने करीब 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार भगाई और कार डिवाइडर से टकरा गई। उस समय लगभग 80 हजार लोग लाइव देख रहे थे। हादसे के बाद उन्हें पहले मेरठ के शुभारती अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली में भर्ती कराया गया था। इसके कुछ दिनों बाद अनुराग डोभाल को 14 मार्च 2026 को पहली बार अस्पताल से छुट्टी मिली थी। हालांकि, डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद उनकी स्थिति फिर से बिगड़ गई थी। 15 मार्च (रविवार) को जब उन्हें देहरादून ले जाया जा रहा था, तब उन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें फिर से एक नीजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा था। 7 मार्च को कार को तेज रफ्तार में दौड़ाते अनुराग, इस दौरान अचानक उन्होंने स्टेयरिंग घुमा दी। इनसेट में अनुराग। अनुराग ने लगाए थे परिवार पर गंभीर आरोप एक्सीडेंट से पहले अनुराग डोभाल ने कई वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने अपने माता-पिता और भाई पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि परिवार उनकी शादी तोड़ने की कोशिश कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। इसी विवाद के बाद वह इंस्टाग्राम लाइव आए थे और उसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था। होली के दिन डाला वीडियो, फिर डिलीट किया अनुराग डोभाल ने होली की रात (4 मार्च) जारी करीब दो घंटे के वीडियो में अपनी निजी जिंदगी और परिवार के साथ चल रहे विवाद का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रितिका चौहान पहले उनकी फैन थीं और इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए दोनों की बातचीत शुरू हुई, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। अनुराग के मुताबिक, उनकी इंटरकास्ट शादी (ब्राह्मण-राजपूत) को लेकर परिवार में विवाद हो गया। उनका आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पत्नी के साथ घर में रहने नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें अलग फ्लैट में रहना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में परिवार के साथ मामला पुलिस और कानूनी विवाद तक पहुंच गया। वीडियो में अनुराग ने बताया कि पत्नी के प्रेग्नेंट होने की खबर मिलने के बाद उन्हें लगा कि सब
संडे प्रोफाइल : जो मैनचिन:अमेरिकी राजनीति में तीसरे विकल्प की खोज में जुटे डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व सांसद

डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व सांसद जो मैनचिन उन राजनेताओं में हैं, जिनका अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखने में ज्यादा यकीन है। वे अमेरिका की दो ध्रुवीय राजनीति को अलग रास्ते पर ले जाने की नई पहल से सुर्खियों में हैं। राजनीति में कुछ हस्तियां हमेशा मुख्य धारा से अलग हटकर चलने की कोशिश करती हैं। दो बार सांसद रह चुके जो मैनचिन ऐसे ही हैं। वे अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए कुछ नया करते रहते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी में रहते हुए उन्होंने कई बार पार्टी लाइन का विरोध किया था। उन्होंने मतभेदों के कारण 2024 में पार्टी छोड़ दी। अब वे नए रास्ते पर निकल पड़े हैं। उन्होंने स्वतंत्र लीडरशिप काउंसिल लॉन्च की है। 78 साल के मैनचिन अमेरिकी संसद के एक सदन-कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। 23 जुलाई को जब उन्होंंने एक समारोह में काउंसिल के गठन का ऐलान किया तो कैलिफोर्निया के सांसद केविन किली सहित कई उम्मीदवार मौजूद थे। मैनचिन का कहना है, हम एक अन्य पार्टी नहीं बना रहे हैं। हम उन लोगों का साथ देंगे जो किसी पार्टी के नहीं हैं, स्वतंत्र हैं। अमेरिका की दो दलीय राजनीति में तीसरी राजनीतिक ताकत बनाने के प्रयास बहुत कम हुए हैं। इसलिए उनकी पहल अहम है। अपने राजनीतिक करियर में मैनचिन मध्यमार्गी रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ने से पहले उन्होंने 2020-2024 के बीच जलवायु परिवर्तन और अमीरों पर टैक्स सहित कई मुद्दों पर संसद में पार्टी लाइन का विरोध किया था। जो मैनचिन का सफर वेस्ट वर्जीनिया के कोयला खदान क्षेत्र फार्मिंगटन से शुरू हुआ। उनके पिता शहर के मेयर थे। किराना दुकान संचालक उनके दादा जरूरतमंदों की मदद करते थे। उनसे प्रेरित होकर मैनचिन ने भी लोगों का हाल जानना और उनकी सहायता करना शुरू किया। इससे स्थानीय प्रभाव बढ़ता गया। वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में छात्रों की एक पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात गेल कोनेली से हुई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। राजनीति में उनकी शुरुआत राज्य विधानसभा से हुई। 2004 में वे वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर बने और 2010 में पहली बार अमेरिकी सीनेट पहुंचे। वे कोयला उद्योग के समर्थक रहे हैं। 2021-22 में सीनेट में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकंस के 50-50 सदस्य होने से जो मैनचिन का वोट निर्णायक बन गया। उनके दबाव में राष्ट्रपति जो बाइडेन को कई विधेयकों में बदलाव करने पड़े। मैनचिन का कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी में अब उनके जैसे अनुदारवादी नेताओं के लिए जगह नहीं है। वे राजनीतिक ध्रुवीकरण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। गैलप के अनुसार अधिकांश अमेरिकी दोनों प्रमुख दलों के प्रति अनुकूल राय नहीं रखते, जबकि एक सर्वे में 45% लोगों ने खुद को निर्दलीय बताया। रिपब्लिकन प्रभाव वाले वेस्ट वर्जीनिया से उनका दो बार सीनेट जीतना उल्लेखनीय रहा, हालांकि 2024 में वे चुनाव हार गए थे।
Armaan Malik vs Tanishk Bagchi Controversy

7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमाल मलिक ने म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची पर लगाए गए अपने आरोपों को दोहराते हुए नया बयान जारी किया। साथ ही उन्होंने तनिष्क को चेतावनी भी दी। अमाल मलिक ने X पर लिखा, मैं ये ट्वीट सिर्फ इसलिए डिलीट कर रहा हूं ताकि अपनी टाइमलाइन का कचरा साफ कर सकूं। यह फैसला मैंने पूरी समझ के साथ लिया है। जो कहना था, मैं कह चुका हूं और इस इंसान को उसकी औकात भी दिखा चुका हूं। इससे पहले कि कोई पोर्टल क्लिकबेट हेडलाइन चलाए कि ‘अमाल मलिक ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए’, मैं साफ करना चाहता हूं कि पिछले कुछ दिनों में मैंने जो भी कहा, उस हर बात पर आज भी कायम हूं। मैं अपने किसी बयान से पीछे नहीं हट रहा हूं। मैं सिर्फ इन पोस्ट्स को यहां से हटा रहा हूं। अमाल ने आगे लिखा, करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था। तनिष्क बागची का बिना नाम लिए उन पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, आज मैंने एक बहुत बुरे इंसान की सच्चाई सबके सामने रख दी है। कर्म हर किसी का हिसाब रखता है। उन लोगों का भी, जो इतने सालों से उसकी गलत और अमानवीय हरकतों का साथ दे रहे हैं। अब सजा ऊपरवाला देगा और उसके घर में देर है, अंधेर नहीं। एक आखिरी बात बेटे, मुझसे तो औकात में ही रहना। यह मैं तुम्हें जिंदगीभर की चेतावनी दे रहा हूं और अगर अब से तुमने किसी के साथ भी कुछ गड़बड़ की, तो याद रखना, मैं फिर लौटूंगा तेरी बैंड बजाने। – अमाल मलिक अमाल मलिक का बयान। इससे पहले अमाल ने तनिष्क पर दूसरों का म्यूजिक कॉपी करने, क्रेडिट लेने और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। अमाल ने दावा किया था कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया था कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा था, तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी। आगे अमाल ने लिखा था, और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे इनडायरेक्ट धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर? सॉन्ग की ₹8 लाख रॉयल्टी नहीं मिली: तनिष्क फिल्म ‘सैयारा’ को लेकर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए अभी तक 8 लाख रुपए की रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा था कि सभी पेमेंट कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी थी। तनिष्क बागची की पोस्ट। फिल्म ‘सैयारा’ के टाइटल सॉन्ग का म्यूजिक तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अर्सलान निजामी ने दिया था। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। अमाल ने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। कौन हैं तनिष्क बागची? तनिष्क बागची बॉलीवुड के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर, म्यूजिक प्रोड्यूसर, सिंगर और लिरिसिस्ट हैं। बॉलीवुड में उन्हें बड़ी पहचान ‘बोलना’ (फिल्म कपूर एंड संस, 2016) से मिली। आगे उन्होंने माही वे, जुग जुग जियो, तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया और सैयारा जैसे गाने कंपोज किए। तनिष्क बागची को “रीमिक्स किंग” भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने कई पुराने लोकप्रिय गानों को नए अंदाज में पेश किया। इनमें शामिल हैं, हम्मा हम्मा, तम्मा तम्मा अगेन, तू चीज बड़ी है मस्त मस्त, दिलबर, आंख मारे, मेरे रश्क-ए-कमर, मनिके। विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की फिल्म जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने सोच न सके (एयरलिफ्ट) कर गई चुल (कपूर एंड संस) सलामत (सरबजीत) कौन तुझे यूं प्यार करेगा (एम.एस.धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी) रोके न रुकें नैना (बद्रीनाथ की दुल्हनिया) ये आइना (कबीर सिंह) चले आना (दे दे प्यार दे) कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया था। अमाल मलिक म्यूजिशियन डब्बू मलिक के बेटे और सिंगर अरमान मलिक के बड़े भाई हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








