Aamir Khan Third Marriage Controversy

15 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस हिना खान ने हाल ही में आमिर खान की गौरी स्प्रैट से हुई तीसरी शादी पर बात की और कहा कि इसे इस्लाम में ठीक नहीं माना जाता। हिना के अलावा इस चर्चा में एक्ट्रेस रुबीना दिलैक, उनके पति अभिनव शुक्ला भी शामिल हुए, जिन्होंने इस टॉपिक पर लंबी बात की है। द फोर पीओवी पॉडकास्ट में रुबीना दिलैक ने सवाल उठाए कि जब तक सेलेब्स से जुड़ी कोई कंट्रोवर्सी नहीं होती, उनकी फिल्में नहीं चलतीं। इस पर उनके पिता अभिनव ने कहा कि पॉजिटिव खबरें नहीं बिकतीं। अगर कोई एक्टर गांव में खाना बांटे तो खबर नहीं आएगी, लेकिन नेगेटिव होने पर जल्दी खबर बनती है। इस पर रुबीना ने कहा कि आमिर खान से जुड़ी कोई कंट्रोवर्सी नहीं है, तो क्या उनकी फिल्में नहीं चलतीं। इस पर हिना ने टोकते हुए कहा, ‘ये क्या कम बड़ी कंट्रोवर्सी है। एक आम आदमी तो यही सोचेगा न कि फिर से शादी कर रहा है, इसको भी छोड़ दिया।’ इस पर रुबीना दिलैक ने आमिर का बचाव कर कहा कि कोई भी इंसान किसी भी उम्र में शादी कर सकता है। आमिर खान ने बेहतरीन फिल्में की हैं, लेकिन उस बारे में कोई बात नहीं करता, क्योंकि वो कंट्रोवर्सी में नहीं रहे। हम उनकी शादी पर उन्हें जज क्यों कर रहे हैं। इस पर हिना ने कहा, ‘हम जज नहीं कर रहे। मैं तो कह रही हूं, उनकी मर्जी, वो जितनी बार चाहें शादी करें। उनकी लाइफ।’ इस पर हिना के पार्टनर विक्की जयसवाल ने कहा, ‘दो बार और कर ले, मेरे बाप का क्या जाता है।’ आगे हिना खान ने तल्ख मिजाज में कहा, ‘हमारे समाज में ये बहुत अच्छा नहीं माना जाता है रुबीना। शादी पर शादी पर शादी। तलाक भी अच्छा नहीं माना जाता। अब जाकर ये कॉमन हो चुका है, लेकिन आज भी कई जगहों पर इसे अच्छा नहीं माना जाता।’ आमिर ने 5 जुलाई को की थी तीसरी शादी एक्टर आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को शादी की। दोनों ने मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर के घर पर शादी के कागजात पर साइन किए। यह एक प्राइवेट मैरिज सेरेमनी थी, जिसमें दोनों परिवारों के लोग और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज के रूप में रजिस्टर की गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… नेताओं ने लव जिहाद कहा, पुतला फूंका, मुफ्ती ने शादी को नाजायज बताया आमिर खान की तीसरी शादी पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया था- क्या आमिर खान लव जिहाद के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं। महाराष्ट्र के ही मंत्री संजय शिरसाट ने कहा- यह आमिर का निजी जीवन है, लेकिन ऐसी चीजें समाज पर गलत असर डाल सकती हैं। बजरंग दल समेत कुछ संगठनों ने आमिर खान के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका। उनका आरोप था कि आमिर जानबूझकर गैर-मुस्लिम महिलाओं से शादी करते हैं। वहीं, आमिर की तीसरी शादी को लेकर यूपी में फतवा जारी हुआ है। अलीगढ़ में यूपी के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि शरीयत के मुताबिक किसी भी मुस्लिम पुरुष के लिए ऐसी गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना पूरी तरह गलत और नाजायज है, जो अपने पुराने धर्म पर कायम हो। जिसने मुस्लिम धर्म स्वीकार न किया हो। ऐसी महिला से शादी इस्लाम के नियमों में अवैध है। ऐसा करने वाला मुस्लिम पुरुष भी धार्मिक रूप से गुनहगार है। पूरी खबर यहां पढ़ें… लव जिहाद के आरोप पर आमिर ने सफाई दी थी तीसरी शादी करने के बाद एक्टर आमिर खान को सोशल मीडिया पर लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर कहा जा रहा है। आमिर ने रेडिफ के साथ बातचीत में इन आरोपों पर आमिर ने कहा- ‘मेरी तीनों शादियों में किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया, क्योंकि शादियां सिविल मैरिज थीं। तीसरी पत्नी गौरी हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं।’ आमिर ने कहा- ‘मेरी बेटी इरा की शादी एक हिंदू से हुई है। मेरी दोनों बहनों निखत खान और फरहत खान के पति भी हिंदू हैं। कजिन मंसूर की शादी एक ईसाई से हुई है।’ आमिर की शादी की तस्वीरें … आमिर ने घर पर गौरी से रजिस्टर्ड मैरिज की। आमिर ने गौरी के बेटे को प्यार से किस किया। खुशी के इस मौके पर आमिर खान और गौरी स्प्रैट ने भी डांस किया और एक-दूसरे को गले लगाया। सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं गौरी स्प्रैट आमिर ने साल 2025 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौरी के साथ अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। आमिर की तरह गौरी भी शादीशुदा थीं और उनका 7 साल का एक बच्चा है। आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं। दोनों पहले काफी अच्छे दोस्त थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। 2002 में हुआ था आमिर का पहला तलाक आमिर ने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी। यह लव मैरिज थी जो करीब 16 सालों तक चली। दोनों के दो बच्चे, जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में आमिर-रीना का तलाक हो गया था। आमिर खान और उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता । किरण राव से दूसरी शादी फिर तलाक रीना दत्ता से तलाक के बाद आमिर खान की जिंदगी में डायरेक्टर किरण राव आईं। साल 2005 में दोनों की शादी हुई। इस शादी से उनका एक बेटा आजाद है, जिसका जन्म IVF से हुआ। शादी के 16 साल बाद जुलाई 2021 में आमिर और किरण का ऐलान किया था। आमिर की दूसरी पत्नी डायरेक्टर किरण राव और बेटा आजाद। तीसरी शादी पर भारत का कानून क्या कहता है? भारत में तीसरी शादी करना गैरकानूनी नहीं है। कानून सिर्फ यह देखता है कि शादी के समय व्यक्ति की पिछली शादी कानूनी रूप से खत्म हुई है या नहीं। अगर पहली और दूसरी शादी का कानूनी तलाक हो चुका है या जीवनसाथी का निधन हो गया है, तो तीसरी शादी पूरी तरह वैध होती है। लेकिन बिना तलाक के दोबारा शादी करना द्विविवाह माना जा सकता है और यह कानूनन अपराध है। ऐसे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82
Sapna Choudhary Controversy | Dharmendra Hooda Accuses Dancer of Drug Use

रोहतक4 मिनट पहले कॉपी लिंक रोहतक के रहने वाले धर्मेंद्र हुड्डा सोशल मीडिया पर सपना चौधरी को लेकर बोलते हुए। जाट आंदोलन दंगों का भगोड़ा धर्मेंद्र हुड्डा ने नया वीडियो जारी कर हरियाणवी सिंगर-डांसर सपना चौधरी पर फिर अटैक किया। हुड्डा ने कहा- सपना नशेड़ी है। वो सुखा नशा गांजा पीकर स्टेज पर जाती है और कुछ भी बोल देती है। अब स्टेटमेंट दे रही कि उसके ऊपर केस करेगी। वह जिस भाषा में बोलगी, उसे उसी भाषा में जवाब भी मिलेगा। धर्मेंद्र हुड्डा ने वीडियो में आगे कहा- सपना चौधरी हमेशा मर्दों के बारे में गलत बोलती है। सपना ने बोला कि मर्द क्या होते है, कुछ नहीं होते। लेकिन सपना की जिंदगी में भी कई मर्द है, जिसमें उनका भाई, पिता, पति व बेटे शामिल है। उसे मर्दों को गलत बोलते हुए शर्म आनी चाहिए। लेकिन वह सुखा नशा करके कुछ भी बोल रही है। इससे पहले रविवार को पति वीर साहू सपना चौधरी के सपोर्ट में उतरे। उन्होंने अश्लील कंटेंट को लेकर महम चौबीसी में हुई खाप पंचायत के बाद कहा- “महम चौबीसी के चबूतरे की अपनी मर्यादा है। यहां आकर अगर कोई निजी खुंदक निकालता है, तो उससे ज्यादा जलील आदमी कोई नहीं हो सकता। खाप के मंच का इस्तेमाल किसी को भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए नहीं करना चाहिए।” सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए धर्मेंद्र हुड्डा। अब पढ़िए धर्मेंद्र हुड्डा ने VIDEO में क्या कहा… पंचायत में सभी कलाकारों ने माफी मांगी, सपना ने क्यों नहींः धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि 25 जुलाई को हुई खाप पंचायत में हरियाणा के अधिकांश कलाकारों, खाप प्रतिनिधियों व सरपंचों ने पीछे जो गलती हुई, उसके लिए माफी मांगी। लेकिन सपना चौधरी ने क्यों माफी नहीं मांगी। क्योंकि जिनके ना घर परिवार की इज्जत, ना ससुराल की इज्जत, वह कुछ भी बोल देती है। सुखा नशा करने के बाद उन्हें किसी से कोई मतलब नहीं होता। सपना चौधरी के लिए जो शब्द बोले, उन्हीं के लायकः धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि सपना चौधरी जैसी महिलाओं के लिए जो शब्द बोलता हूं, ये वही सुनने के लायक है। अब हरियाणा में कोई स्टेज कार्यक्रम करके दिखाए ना। गांजा पीकर अब यूपी में कार्यक्रम कर रही है। हरियाणा में पिछले 15 दिन से शांति है और कोई भी अश्लील डांस कहीं नहीं हो रहा। खापों को कोई चुनौती देगा तो उसका इलाज करेंगेः धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि खाप से ऊपर जाकर अगर कोई सट्टे का प्रमोशन करने व नंगा नाच करने का प्रयास करेगा तो वो हरियाणा को चुनौती देगा। इसके बाद वह भी हद पार करने से पीछे नहीं हटेंगे। हरियाणा में बड़े बुजुर्गों की गलती भी थी, जो उन्हें स्टेज पर नचाते थे। मंदिरों के कार्यक्रम में नंगा नाच करवाते थे। अब उन्होंने ने भी गलती मान ली है। पंचायत में रोहतक की एक फेमस खाप नहीं हुई शामिल ः धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि खाप पंचायत में रोहतक की एक फेमस खाप शामिल नहीं हुई। इसका कारण यह रहा कि अगर वह खाप पंचायत में जाती तो लोग उनसे पूछते कि मुम्हारे घर में जो नाश हो रखा है, उसके बारे में भी बताओ। इसी कारण वह पंचायत में शामिल नहीं हुए। महिला कलाकारों को प्यार की भाषा समझ नहीं आई ः धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि महिला कलाकारों को कई बार प्यार की भाषा समझ नहीं आती। उन्हें उनकी भाषा में समझाना पड़ता है। दो-तीन महिला कलाकारों ने सफाई दी कि हमें बच्चे पालने है, इसलिए स्टेप करने पड़ते है। कुछ महिला कलाकारों ने कहा कि हमें धमकाया गया है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया। जिसके घर परिवार की इज्जत उतर जाती है, वो कुछ भी बोल सकती है। सपना ने पोस्ट कर किया था पलटवार सपना चौधरी ने अपने विदेशी दौरे के दौरान शेयर की एक तस्वीर के कैप्शन में लिखा- “सुंदरता सिर्फ ध्यान खींचती है, मगर इंसान का अच्छा चरित्र दिल जीत लेता है।” उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन यूजर्स ने इस पोस्ट पर धर्मेंद्र हुड्डा से जुड़े कमेंट किए। अब जानिए…वीर साहू और सपना चौधरी की कन्ट्रोवर्सी सपना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया विवाद तब सार्वजनिक हुआ, जब सपना चौधरी ने दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वैवाहिक जीवन के दौरान उनके साथ कई बार मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। सपना का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें अपना ससुराल छोड़ना पड़ा। फिल्म ‘मोमाकू’ के प्रीमियर से पहले बढ़ी चिंता सपना की ओर से एडवोकेट प्रीति सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी फिल्म ‘मोमाकू’ जल्द रिलीज होने वाली है और उसका प्रीमियर भी होने वाला है। ऐसे में सपना को सुरक्षा की जरूरत है। वीर साहू किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या फिल्म के प्रीमियर में पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं। इससे सपना की सुरक्षा और उनके काम पर असर पड़ सकता है। मजिस्ट्रेट ने संपर्क न करने के आदेश दिए न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वीर साहू किसी भी माध्यम से सपना चौधरी से संपर्क नहीं करेंगे। उन्हें सपना के घर, कार्यस्थल या उनके आसपास जाने से भी रोका गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिवादी किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या उत्पीड़न नहीं करेंगे। कोर्ट ने संबंधित प्रोटेक्शन ऑफिसर और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) को आदेश दिया है कि वे अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। ————— यह भी पढ़ें- अश्लील कंटेंट पर सपना चौधरी के सपोर्ट में उतरे पति:बोले- खुंदक निकालने वाला जलील आदमी; हमारे बीच प्यार है या विवाद ये निजी मामला जाट आंदोलन दंगों के भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा की वीडियो के बाद अश्लील कंटेंट विवाद में घिरीं हरियाणवी सिंगर और डांसर सपना चौधरी के समर्थन में उनके पति वीर साहू सामने आए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही गई बातें सुन मन व्यथित हुआ

स्टूडेंट प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद सीनियर एक्टर अनुपम खेर ने प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुई भाषा की जमकर आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में मर्यादा न रखे जाने पर निंदा की और कहा कि हर वर्ग के इंसान ने शब्दों की मर्यादा तोड़ दी। अनुपम खेर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है। इसके कैप्शन में एक्टर ने लिखा है, ‘लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हमारी आवाज है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती हमारी भाषा है। असहमति जरूरी है। सवाल पूछना भी जरूरी है। सरकारों को जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। लेकिन अगर हम अपनी भाषा की मर्यादा खो देंगे, तो हमारी बात की ताकत भी कम हो जाएगी। यह वीडियो किसी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। यह उस संस्कृति के पक्ष में है जहां विचारों का संघर्ष हो सकता है, लेकिन शब्दों का पतन नहीं। मतभेद रखें, लेकिन मर्यादा भी रखें। क्योंकि एक सभ्य समाज की पहचान केवल उसके विचारों से नहीं, बल्कि उन्हें व्यक्त करने के तरीके से भी होती है। जय हिन्द। वंदे मातरम।’ वीडियो में उन्होंने कहा, ‘आंदोलन खत्म हो गया, बहुत सी बातें स्पष्ट हो गईं। ये भी साबित हो गया कि छात्र अपनी बात ईमानदारी से रखता है, तो लोकतंत्र उसे सुनता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इस पूरे आंदोलन में एक घटना ने हम सबको भीतर तक दुखी किया है। कैमरों के सामने मंचों के सामने जिस तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसे देखकर मन व्यथित हुआ। ये किसी एक व्यक्ति का नहीं उस संस्कृति का प्रश्न है जिसे हम आने वाली पीढ़ी के लिए छोड़कर जाना चाहते हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘हम किसी भी नेता से असहमत हो सकते हैं, उनकी नीतियों की आलोचना कर सकते हैं, उनसे सवाल पूछ सकते हैं, यही लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन जब तर्क समाप्त हो जाते हैं और गालियां शुरू हो जाती हैं, तो बहस नहीं बचती, सिर्फ शोर बचता है। श्री नरेंद्र मोदी पिछले 30 सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं, देश की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया है। हम उनके हर निर्णय से सहमत हों, ये आवश्यक नहीं है, लेकिन किसी भी निर्वाचित मंत्री के पद की गरिमा का सम्मान करना हम सबका दायित्व है।’ आगे अनुपम खेर कहते हैं, ‘दुख ये नहीं कि उनका विरोध हुआ। दुख इस बात का है कि विरोध की भाषा इतनी छोटी हो गई। ये केवल युवाओं तक सीमित नहीं था। हर वर्ग के लोग इस गिरती हुई भाषा का हिस्सा बने। जब बड़े ही मर्यादा भूल जाएं, तो आने वाली पीढ़ि से इसकी अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। लोकतंत्र से सवाल अवश्य पूछे, लेकिन शब्दों को इतना गरीब न होने दें कि वो बात से पहले हमारा चरित्र बता दें, क्योंकि देश की पहचान लोगों और उनकी भाषा से होती है।’ कई सेलेब्स ने किया स्टूडेंट प्रोटेस्ट का समर्थन सलमान खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा समेत कई बड़े कलाकारों ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का खुलकर समर्थन किया, वहीं प्रकाश राज, शबाना आजमी, आएशा खान, इमरान खान, मुनव्वर फारूकी समेत कई सेलेब्स प्रोटेस्ट का हिस्सा भी बने। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आने के बाद कई सेलेब्स ने इसे लोकतंत्र की जीत कहा। आलिया भट्ट, शबाना आजमी, प्रकाश राज, प्रियंका चोपड़ा, स्वरा भास्कर, तिलोत्तमा शोम, भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी, ईशान खट्टर, अभिषेक बनर्जी, वीर दास, समय रैना, विजय वर्मा, रीमा कागती और जोया अख्तर समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बधाई दी। प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है।” वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, “छात्रों को और ताकत मिले।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, “मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे।” प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, “देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।” इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, “यह जीत नई पीढ़ी की है।” प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। आलिया बोलीं- Gen Z ने इतिहास रच दिया आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “जेन-जी सामने आई, बाकी इतिहास बन गया।” रीमा कागती और जोया अख्तर ने की छात्रों की तारीफ फिल्ममेकर रीमा कागती ने छात्रों की सराहना करते हुए लिखा, “जेन-जी, तुम उम्मीद की सुनामी हो।” वहीं जोया अख्तर ने लिखा, “लोकतंत्र वह शासन व्यवस्था है, जिसमें सत्ता जनता के हाथों में होती है।” भूमि, हुमा और ईशान ने बताया लोकतंत्र की जीत भूमि पेडनेकर ने कहा कि इस आंदोलन ने पूरे देश को प्रेरित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था समेत अन्य संस्थानों में भी व्यापक
हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही गई बातें सुन मन व्यथित हुआ

स्टूडेंट प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद सीनियर एक्टर अनुपम खेर ने प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुई भाषा की जमकर आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में मर्यादा न रखे जाने पर निंदा की और कहा कि हर वर्ग के इंसान ने शब्दों की मर्यादा तोड़ दी। अनुपम खेर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है। इसके कैप्शन में एक्टर ने लिखा है, ‘लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हमारी आवाज है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती हमारी भाषा है। असहमति जरूरी है। सवाल पूछना भी जरूरी है। सरकारों को जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। लेकिन अगर हम अपनी भाषा की मर्यादा खो देंगे, तो हमारी बात की ताकत भी कम हो जाएगी। यह वीडियो किसी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। यह उस संस्कृति के पक्ष में है जहां विचारों का संघर्ष हो सकता है, लेकिन शब्दों का पतन नहीं। मतभेद रखें, लेकिन मर्यादा भी रखें। क्योंकि एक सभ्य समाज की पहचान केवल उसके विचारों से नहीं, बल्कि उन्हें व्यक्त करने के तरीके से भी होती है। जय हिन्द। वंदे मातरम।’ वीडियो में उन्होंने कहा, ‘आंदोलन खत्म हो गया, बहुत सी बातें स्पष्ट हो गईं। ये भी साबित हो गया कि छात्र अपनी बात ईमानदारी से रखता है, तो लोकतंत्र उसे सुनता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इस पूरे आंदोलन में एक घटना ने हम सबको भीतर तक दुखी किया है। कैमरों के सामने मंचों के सामने जिस तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसे देखकर मन व्यथित हुआ। ये किसी एक व्यक्ति का नहीं उस संस्कृति का प्रश्न है जिसे हम आने वाली पीढ़ी के लिए छोड़कर जाना चाहते हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘हम किसी भी नेता से असहमत हो सकते हैं, उनकी नीतियों की आलोचना कर सकते हैं, उनसे सवाल पूछ सकते हैं, यही लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन जब तर्क समाप्त हो जाते हैं और गालियां शुरू हो जाती हैं, तो बहस नहीं बचती, सिर्फ शोर बचता है। श्री नरेंद्र मोदी पिछले 30 सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं, देश की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया है। हम उनके हर निर्णय से सहमत हों, ये आवश्यक नहीं है, लेकिन किसी भी निर्वाचित मंत्री के पद की गरिमा का सम्मान करना हम सबका दायित्व है।’ आगे अनुपम खेर कहते हैं, ‘दुख ये नहीं कि उनका विरोध हुआ। दुख इस बात का है कि विरोध की भाषा इतनी छोटी हो गई। ये केवल युवाओं तक सीमित नहीं था। हर वर्ग के लोग इस गिरती हुई भाषा का हिस्सा बने। जब बड़े ही मर्यादा भूल जाएं, तो आने वाली पीढ़ि से इसकी अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। लोकतंत्र से सवाल अवश्य पूछे, लेकिन शब्दों को इतना गरीब न होने दें कि वो बात से पहले हमारा चरित्र बता दें, क्योंकि देश की पहचान लोगों और उनकी भाषा से होती है।’ कई सेलेब्स ने किया स्टूडेंट प्रोटेस्ट का समर्थन सलमान खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा समेत कई बड़े कलाकारों ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का खुलकर समर्थन किया, वहीं प्रकाश राज, शबाना आजमी, आएशा खान, इमरान खान, मुनव्वर फारूकी समेत कई सेलेब्स प्रोटेस्ट का हिस्सा भी बने। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आने के बाद कई सेलेब्स ने इसे लोकतंत्र की जीत कहा। आलिया भट्ट, शबाना आजमी, प्रकाश राज, प्रियंका चोपड़ा, स्वरा भास्कर, तिलोत्तमा शोम, भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी, ईशान खट्टर, अभिषेक बनर्जी, वीर दास, समय रैना, विजय वर्मा, रीमा कागती और जोया अख्तर समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बधाई दी। प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है।” वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, “छात्रों को और ताकत मिले।” उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, “मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे।” प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, “देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।” इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, “यह जीत नई पीढ़ी की है।” प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। आलिया बोलीं- Gen Z ने इतिहास रच दिया आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, “जेन-जी सामने आई, बाकी इतिहास बन गया।” रीमा कागती और जोया अख्तर ने की छात्रों की तारीफ फिल्ममेकर रीमा कागती ने छात्रों की सराहना करते हुए लिखा, “जेन-जी, तुम उम्मीद की सुनामी हो।” वहीं जोया अख्तर ने लिखा, “लोकतंत्र वह शासन व्यवस्था है, जिसमें सत्ता जनता के हाथों में होती है।” भूमि, हुमा और ईशान ने बताया लोकतंत्र की जीत भूमि पेडनेकर ने कहा कि इस आंदोलन ने पूरे देश को प्रेरित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था समेत अन्य संस्थानों में भी व्यापक
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मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 27 जुलाई को बढ़त है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 150 अंक से ज्यादा की तेजी है, ये 23,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। FMCG, IT और मीडिया शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। 93 डॉलर पर आया कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में आज करीब 4% की गिरावट है। ये आज 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी आने में दामों में गिरावट है। हालांकि जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच अगर आगे तनाव फिर बढ़ता है, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 6618 -73 -0.88% निक्केई (जापान) 64764 +153 +0.24% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25142 +178 +0.81% 24 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 51947 +236 +0.46% नैस्डैक 24976 -162 -0.64% S&P 500 7412 +4 +0.05% 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹3,289 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII +5,454 +7,326 +39,355 FII/FPI -3,893 -6,061 -15,636 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। बीते हफ्ते बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले 24 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 331 अंक की गिरावट के साथ 76,059 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 102 अंक की गिरावट रही, ये 23,767 के स्तर पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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मुंबई27 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 27 जुलाई को बढ़त है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 76,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 150 अंक से ज्यादा की तेजी है, ये 23,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। FMCG, IT और मीडिया शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। 93 डॉलर पर आया कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में आज करीब 4% की गिरावट है। ये आज 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव में कमी आने में दामों में गिरावट है। हालांकि जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच अगर आगे तनाव फिर बढ़ता है, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 6618 -73 -0.88% निक्केई (जापान) 64764 +153 +0.24% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25142 +178 +0.81% 24 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 51947 +236 +0.46% नैस्डैक 24976 -162 -0.64% S&P 500 7412 +4 +0.05% 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹3,289 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII +5,454 +7,326 +39,355 FII/FPI -3,893 -6,061 -15,636 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। बीते हफ्ते बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले 24 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 331 अंक की गिरावट के साथ 76,059 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 102 अंक की गिरावट रही, ये 23,767 के स्तर पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Seattle Center Shooting | Food Festival Attack Injuries Police Update

16 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के सिएटल शहर में रविवार रात एक फूड फेस्टिवल के दौरान फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। घटना सिएटल सेंटर में चल रहे ‘बाइट ऑफ सिएटल’ फूड फेस्टिवल के दौरान हुई। यह जगह शहर के मशहूर स्पेस नीडल से करीब एक ब्लॉक की दूरी पर है। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 7 से 8 गोलियों की आवाज सुनी, जिसके बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों को हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी घायलों की संख्या या फायरिंग की वजह की पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद सिएटल सेंटर की मोनोरेल सेवा दिनभर के लिए बंद कर दी गई। पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की है और कहा है कि मामले की जांच जारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Seattle Center Shooting | Food Festival Attack Injuries Police Update

50 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के सिएटल शहर में रविवार रात एक फूड फेस्टिवल के दौरान फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। घटना सिएटल सेंटर में चल रहे ‘बाइट ऑफ सिएटल’ फूड फेस्टिवल के दौरान हुई। यह जगह शहर के मशहूर स्पेस नीडल से करीब एक ब्लॉक की दूरी पर है। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 7 से 8 गोलियों की आवाज सुनी, जिसके बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों को हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी घायलों की संख्या या फायरिंग की वजह की पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद सिएटल सेंटर की मोनोरेल सेवा दिनभर के लिए बंद कर दी गई। पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की है और कहा है कि मामले की जांच जारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
PoK Assembly Election 2026 | Voting Begins in Three Phases

13 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार को विधानसभा चुनाव का पहला चरण हैं। पाकिस्तानी चुनाव आयोग के मुताबिक, मौजूदा सुरक्षा हालात और विरोध प्रदर्शनों के देखते हुए यह चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहला 27 जुलाई, दूसरा 2 अगस्त और तीसरा 10 अगस्त को मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान होगा। दो अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों और पाकिस्तान में रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण में 10 अगस्त को पूंछ डिवीजन की 11 सीटों पर मतदान होगा। PoK में कई महीनों से चल रहा है विरोध प्रदर्शन PoK में पिछले कई महीनों से महंगाई, बिजली के बढ़े हुए बिल, सरकारी नीतियों और राजनीतिक दखल के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की अगुआई जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) कर रही है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है। महंगाई के विरोध से शुरू हुआ ये आंदोलन, अब पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने कई जगह बल प्रयोग किया, रास्ते बंद किए और संचार सेवाएं रोक दीं। उनका कहना है कि इससे खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की भी कमी हो गई। कई प्रदर्शनकारी पाकिस्तान की सैन्य मौजूदगी हटाने और क्षेत्र की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं। PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जून में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग। (यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।) 12 शरणार्थी सीटों पर सबसे ज्यादा विवाद विरोध प्रदर्शनों की एक बड़ी वजह विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटें भी हैं। ये सीटें पाकिस्तान में रहने वाले उन लोगों के लिए आरक्षित हैं जो दशकों पहले कश्मीर से वहां गए थे। JKJAAC और कई स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की सरकार चुनावी नतीजों को प्रभावित करती है। इससे स्थानीय लोगों की राय कमजोर पड़ जाती है और केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी को फायदा मिलता है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस बार के चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब लोगों का बड़ा वर्ग पाकिस्तान सरकार की नीतियों से नाराज है। इसी वजह से चुनाव की निष्पक्षता और उसके नतीजों पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, PoK के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल ने बताया कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल और सेना तैनात रहेगी। क्या चुनाव से खत्म होगी नाराजगी? एक्सपर्ट्स का मानना है कि मतदान तो हो जाएगा और वोटिंग भी हो सकती है, लेकिन इससे लोगों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा। महंगाई, बिजली, राजनीतिक अधिकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और पाकिस्तान की भूमिका जैसे मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में चुनाव के बाद भी PoK में राजनीतिक तनाव जारी रहने की आशंका जताई जा रही है। भारत ने चुनाव पर विरोध दर्ज कराया भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, भारत के अभिन्न हिस्से हैं। भारत ने PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों पर पहले भी कई बार पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इन क्षेत्रों की तथाकथित विधानसभाओं को मान्यता नहीं दी है। मानवाधिकार संगठनों जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हालात पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने भी हिंसा में हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoK में मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है। नवाज शरीफ ने PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई चुनावी माहौल के बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) प्रमुख नवाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद की चुनावी रैली में कहा कि अगर उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे ताकि वे खुद इलाके के विकास की निगरानी कर सकें। नवाज शरीफ ने कहा कि PoK उनके लिए पंजाब जितना ही प्रिय है और उनके पूर्वज कश्मीर से आए थे। उन्होंने कहा कि यह उनका दूसरा घर है। इस चुनाव में PML-N का मुकाबला पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से है। खास बात यह है कि PPP इस समय केंद्र सरकार में PML-N की सहयोगी भी है। 2021 में इमरान खान की पार्टी ने बनाई थी सरकार PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PoK Assembly Election 2026 | Voting Begins in Three Phases

30 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार को विधानसभा चुनाव का पहला चरण हैं। पाकिस्तानी चुनाव आयोग के मुताबिक, मौजूदा सुरक्षा हालात और विरोध प्रदर्शनों के देखते हुए यह चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहला 27 जुलाई, दूसरा 2 अगस्त और तीसरा 10 अगस्त को मतदान कराया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान होगा। दो अगस्त को मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों और पाकिस्तान में रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण में 10 अगस्त को पूंछ डिवीजन की 11 सीटों पर मतदान होगा। PoK में कई महीनों से चल रहा है विरोध प्रदर्शन PoK में पिछले कई महीनों से महंगाई, बिजली के बढ़े हुए बिल, सरकारी नीतियों और राजनीतिक दखल के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की अगुआई जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) कर रही है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है। महंगाई के विरोध से शुरू हुआ ये आंदोलन, अब पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने कई जगह बल प्रयोग किया, रास्ते बंद किए और संचार सेवाएं रोक दीं। उनका कहना है कि इससे खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की भी कमी हो गई। कई प्रदर्शनकारी पाकिस्तान की सैन्य मौजूदगी हटाने और क्षेत्र की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं। PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जून में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग। (यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।) 12 शरणार्थी सीटों पर सबसे ज्यादा विवाद विरोध प्रदर्शनों की एक बड़ी वजह विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटें भी हैं। ये सीटें पाकिस्तान में रहने वाले उन लोगों के लिए आरक्षित हैं जो दशकों पहले कश्मीर से वहां गए थे। JKJAAC और कई स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की सरकार चुनावी नतीजों को प्रभावित करती है। इससे स्थानीय लोगों की राय कमजोर पड़ जाती है और केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी को फायदा मिलता है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस बार के चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब लोगों का बड़ा वर्ग पाकिस्तान सरकार की नीतियों से नाराज है। इसी वजह से चुनाव की निष्पक्षता और उसके नतीजों पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, PoK के चुनाव आयुक्त गुलाम मुस्तफा मुगल ने बताया कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल और सेना तैनात रहेगी। क्या चुनाव से खत्म होगी नाराजगी? एक्सपर्ट्स का मानना है कि मतदान तो हो जाएगा और वोटिंग भी हो सकती है, लेकिन इससे लोगों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा। महंगाई, बिजली, राजनीतिक अधिकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और पाकिस्तान की भूमिका जैसे मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। ऐसे में चुनाव के बाद भी PoK में राजनीतिक तनाव जारी रहने की आशंका जताई जा रही है। भारत ने चुनाव पर विरोध दर्ज कराया भारत लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, भारत के अभिन्न हिस्से हैं। भारत ने PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों पर पहले भी कई बार पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इन क्षेत्रों की तथाकथित विधानसभाओं को मान्यता नहीं दी है। मानवाधिकार संगठनों जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हालात पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने भी हिंसा में हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से PoK में मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है। नवाज शरीफ ने PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई चुनावी माहौल के बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) प्रमुख नवाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद की चुनावी रैली में कहा कि अगर उनकी पार्टी चुनाव जीतती है तो वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे ताकि वे खुद इलाके के विकास की निगरानी कर सकें। नवाज शरीफ ने कहा कि PoK उनके लिए पंजाब जितना ही प्रिय है और उनके पूर्वज कश्मीर से आए थे। उन्होंने कहा कि यह उनका दूसरा घर है। इस चुनाव में PML-N का मुकाबला पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से है। खास बात यह है कि PPP इस समय केंद्र सरकार में PML-N की सहयोगी भी है। 2021 में इमरान खान की पार्टी ने बनाई थी सरकार PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








