ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने भरा रिटर्न; चूकने पर ₹5,000 जुर्माना; CA के बताए 4 आसान स्टेप्स और नियम

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज:5 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा; चूकने पर ₹5000 जुर्माना; CA ने बताए 4 आसान स्टेप्स

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।
इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी को लेकर एक समझौता हो गया है। हालांकि, फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्ध खत्म करने की राह में अभी भी कई शर्तें और लंबी समय सीमा जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। फिलहाल हमास या इजरायल, किसी ने भी इस समझौते पर सहमति के संकेत नहीं दिए हैं। यह घोषणा अमेरिका द्वारा मध्यस्थता वाले संघर्ष विराम के नौ महीने बाद आई है। इजरायल और हमास के बीच बातचीत दूसरे चरण के क्रियान्वयन को लेकर रुकी हुई थी, जिसमें हमास का निशस्त्रीकरण और गाजा का पुनर्निर्माण शामिल है। गाजा में शांति बहाली की कोशिशें तेज एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि अगर इजराइल गाजा के पुनर्निर्माण के लिए के 20 सूत्रीय प्लान को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बहुत निराश होंगे। यह टिप्पणी हमास द्वारा अमेरिका नियंत्रित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के निरस्त्रीकरण प्लान को मंजूरी देने के बाद एक ब्रीफिंग के दौरान की गई। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि यह प्रस्ताव इजराइली मांगों को पूरा नहीं करता, जिससे संकेत मिला कि यरुशलम इसे आगे नहीं बढ़ने देगा। अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी कि वे इजराइल से ऐसा कुछ नहीं मांग रहे जो उस 20 सूत्रीय प्लान का हिस्सा न हो, जिस पर इजराल ने शुरू में सहमति जताई थी। अधिकारी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इजराइल इसका पालन करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल को उस मूल समझौते पर टिके रहने की जरूरत है, जिससे बंधकों की घर वापसी हुई और युद्ध समाप्त हुआ। अधिकारी के अनुसार, इजराइल के सामने अभी कई मुद्दे हैं और वे इस मामले को फिलहाल और नहीं बढ़ाना चाहते। हमास ने हथियार छोड़ने के प्लान पर दी सहमति ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने पुष्टि की है कि हमास ने पिछले साल गाजा में हुए संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने के लिए अपने हथियारों को हटाने के रोडमैप पर सहमति दे दी है। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि पहली बार हमास आधिकारिक तौर पर अपने सभी हथियार छोड़ने के एक व्यावहारिक प्लान के लिए प्रतिबद्ध हुआ है, जिसके बाद इजराइल गाजा से अपनी सेना हटाएगा। बोर्ड के अनुसार, अब उनका ध्यान इस प्लान को लागू करने पर है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने ‘नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा’ (NCAG) के साथ मिलकर काम किया है। जल्द ही ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ (ISF) के समर्थन से पूर्ण अधिकार की ओर एक चरणबद्ध बदलाव शुरू होगा। बोर्ड के उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव ने कहा कि इसके बाद गाजा का पुनर्निर्माण होगा, जिसका शासन फिलिस्तीनी करेंगे और यह इजराइल के साथ शांति से रहेगा। 14 दिन में तय होगी समयसीमा हमास की मंजूरी के बाद 14 दिन की अवधि शुरू हो गई है, जिसमें दोनों पक्ष प्रस्ताव के हर चरण को लागू करने की समयसीमा तय करेंगे। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के अधिकारियों के अनुसार, पूर्ण निरस्त्रीकरण प्रक्रिया के लिए संभावित समयसीमा लगभग 200 से 350 दिनों के बीच है। समयसीमा तय होने के बाद, बोर्ड इजराइल को अक्टूबर 2025 के गाजा संघर्ष विराम के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कहेगा। अधिकारियों ने बताया कि इजराइल को मूल ‘येलो लाइन’ तक पीछे हटना होगा, जो अक्टूबर 2025 के समझौते में तय की गई थी। उस समय इजराइल का गाजा के लगभग 53 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण था, लेकिन बाद में इजराइल ने इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर लिया था। इजराइल को तब तक पीछे हटने की जरूरत नहीं होगी जब तक हमास अपने हथियार सौंपना शुरू नहीं करता। साथ ही, दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए एक ‘इम्प्लीमेंटेशन वेरिफिकेशन कमेटी’ (IVC) बनाई जाएगी।
इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। ट्रम्प के मुताबिक, हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार छोड़ने पर सहमति जताई है। इसके बाद इजराइली सेना भी चरणबद्ध तरीके से गाजा से पीछे हटेगी। हालांकि, अब तक न तो इजराइल और न ही हमास ने आधिकारिक तौर पर इस समझौते को मंजूरी दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह उनके 20-पॉइंट गाजा प्लान का सबसे अहम हिस्सा है और गाजा में स्थायी शांति व सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम की कई महीनों की कोशिशों के बाद यह समझौता हो सका। फिलिस्तीन में नई तकनीकी सरकार बनेगी गाजा का प्रशासन नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) नाम की नई संस्था को सौंपा जाएगा। यह संस्था हमास और फिलिस्तीनी अथॉरिटी से अलग होगी। इसका काम गाजा में नागरिक सेवाएं, प्रशासन और कानून-व्यवस्था संभालना होगा। इस योजना का मकसद गाजा में एक ही सरकार, कानून और सुरक्षा व्यवस्था लागू करना है। ट्रम्प के मुताबिक समझौता कई चरणों में लागू होगा। जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजराइली सेना गाजा से हटेगी। इसके बाद एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा संभालेंगे। योजना के मुताबिक गाजा का प्रशासन संभालने वाली नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ मिलकर काम करेगी। ट्रम्प का कहना है कि इससे गाजा फिर कभी इजराइल पर हमलों का अड्डा नहीं बन पाएगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसे पूरी तरह लागू करना अभी आसान नहीं होगा। हमास और दूसरे संगठनों के हथियार छोड़ने, इजराइली सेना की वापसी और नई व्यवस्था लागू होने में कई महीने लग सकते हैं। बोर्ड ऑफ पीस क्या है? ट्रम्प ने पहली बार पिछले साल सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। पिछले हफ्ते दुनिया के नेताओं को भेजे गए न्योते में बताया गया कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा। भेजे गए एक मसौदा (चार्टर) में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। कैसे होगा हमास का निरस्त्रीकरण? योजना के तहत पहले हमास की सिविल पुलिस अपने हथियार नई फिलिस्तीनी पुलिस को सौंपेगी। इसके बाद भारी हथियार सुरक्षित जगहों पर रखे जाएंगे। हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां और सुरंगों को नष्ट किया जाएगा। छोटे हथियार भी फिलिस्तीनी कानून के तहत जमा कराए जाएंगे। गाजा में सक्रिय दूसरे हथियारबंद गुटों और युद्ध के दौरान बने एंटी-हमास मिलिशिया को भी हथियार छोड़ने होंगे। अमेरिकी और Board of Peace अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया करीब 200 से 350 दिन तक चल सकती है। हर चरण पूरा होने के बाद स्वतंत्र निगरानी एजेंसियां इसकी पुष्टि करेंगी। तभी अगला चरण शुरू होगा। इजराइल कब हटेगा? समझौते के मुताबिक इजराइल की सेना उसी अनुपात में पीछे हटेगी, जिस अनुपात में हमास हथियार छोड़ेगा। साथ ही इजराइल को गाजा में सैन्य अभियान और हवाई हमले रोकने होंगे। हालांकि, अगर कोई तत्काल सुरक्षा खतरा हुआ तो कार्रवाई की गुंजाइश रहेगी। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि बातचीत के हर चरण में इजराइल को शामिल रखा गया और उससे वही करने को कहा गया है, जिस पर वह पहले ही ट्रम्प के 20-पॉइंट प्लान के तहत सहमत हो चुका है। हमास ने पूरी तरह हामी नहीं भरी ट्रम्प के दावे के बावजूद हमास की ओर से अलग संकेत मिले हैं। हमास के वरिष्ठ नेता गाजी हमद ने अल जजीरा से कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन जब तक इजराइली सेना पूरी तरह गाजा से नहीं हटती, तब तक संगठन हथियार छोड़ने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगा। हमास का कहना है कि निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होगी और उसमें इजराइल की कोई भूमिका नहीं होगी। यह रुख ट्रम्प के बताए गए चरणबद्ध मॉडल से अलग नजर आता है। मध्यस्थ देशों की बड़ी भूमिका अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मिस्र, कतर और तुर्किये ने कई महीनों तक बातचीत कराई। मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हसन रशीद ने मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने हमास को यह प्रस्ताव ठुकराने की सलाह दी थी, लेकिन आखिरकार संगठन बातचीत जारी रखने पर राजी हुआ।
सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।
US Senate Rejects Iran Military Action Resolution

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सीनेट चेंबर। (फाइल फोटो।) अमेरिकी सीनेट में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई सीमित करने वाला प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। इसके लिए गुरुवार को वोटिंग हुई, जिसमें यह 49-50 के अंतर से खारिज हो गया। पेन्सिलवेनिया से रिपब्लिकन सीनेटर डेव मैककॉर्मिक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। अभी यह विधेयक सीनेट की विदेश मामलों से जुड़ी समिति में अटका हुआ है। प्रस्ताव लाने वाले सांसद चाहते थे कि इसे पूरे सीनेट में चर्चा और वोटिंग के लिए पेश किया जाए। अब इसे पूरे सीनेट में लाने के लिए सांसदों को दोबारा कोशिश करनी होगी। अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ जाता, तो ईरान के खिलाफ हमले शुरू करने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए संसद की मंजूरी लेना जरूरी हो जाता। यानी राष्ट्रपति अकेले ऐसा फैसला नहीं ले सकते थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया ईरान हमलों के बाद विपक्षी सांसद लगातार मांग कर रहे हैं कि ऐसे किसी भी सैन्य अभियान पर अंतिम फैसला संसद की मंजूरी से ही हो। अमेरिकी संसद के सीनेट में गुरुवार को ईरान जंग रोकने को लेकर बैठक हुई। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. जंग में पहली बार मिस्र पर हमला: मिस्र के बंदरगाह पर ड्रोन हमले में दो जहाजों में आग लगी। ईरान को इस हमले का जिम्मेदार माना जा रहा है। 2. अमेरिका का 10 ईरानी शहरों पर हमला: अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए। बंदर अब्बास, किश और क़ेश्म द्वीप में धमाकों की खबर है। 3. ईरान का जवाबी हमला: रिवोल्यूशनरी फोर्स ने कहा कि अमेरिकी हमले के बाद उन्होंने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। 4. कुवैत में चीनी कंपनी की बिल्डिंग पर हमला: ईरानी हमले में उत्तरी कुवैत में एक चीनी कंपनी की इमारत पर हमला हुआ, एक कर्मचारी की मौत। 5. रेड सी की सुरक्षा के लिए गठबंधन बना रहा सऊदी: रेड सी (लाल सागर) में जहाजों की सुरक्षा के लिए सऊदी एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने जा रहा है। अब तक 14 देशों ने इससे जुड़ने में इच्छा जताई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 19 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान बोला- होर्मुज बंद रहेगा, अमेरिकी हमलों का आज ही बदला लेंगे ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा और हमलावर को आज ही सजा दी जाएगी। यह बयान देर रात अमेरिका की ओर से किए गए भारी हवाई हमलों के बाद आया। ईरान के आईलैंड पर ये हमले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान की कथित हमले की कोशिश के जवाब में किए गए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Nitin Gadkari Statement | E20 Petrol Impact On BS3 Vehicles In India

14 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने की डिमांड से जुड़ी रही। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी WGC के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131.4 टन रह गई है। केंद्र सरकार ने पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। वनप्लस N6x स्मार्टफोन लॉन्च होगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. भारत में सोने की मांग में 6% की गिरावट: अप्रैल-जून तिमाही में 131.4 टन खपत रही, कस्टम ड्यूटी बढ़ने और PM मोदी की अपील का असर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी WGC के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131.4 टन रह गई है। पिछले साल की इसी अवधि में यह मांग 139.7 टन थी। मांग में इस गिरावट के पीछे कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने की खरीदारी कम करने की अपील को मुख्य कारण माना गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार ने माना- ई-20 पेट्रोल से BS-3 गाड़ियों को नुकसान: राज्यसभा में गडकरी बोले- कुछ रबर पार्ट्स बदलने पड़ सकते हैं, इंजन बदलने की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने बुधवार को पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा- BS-3 मानक वाली कुछ पुरानी गाड़ियों में ई-20 के कारण कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने पड़ सकते हैं। ये गाड़ियां मुख्य रूप से 2005 से 2016 के बीच बने हैं। ये पार्ट्स नियमित सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदले जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. Gen-Z प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुआ एप बिना इंटरनेट इंस्टॉल होगा: ब्लूटूथ के जरिए मैसेज भेजता है बिटचैट, सरकार ने प्ले स्टोर से हटाने को कहा था ट्विटर बनाने वाले जैक डोर्सी के ऑफलाइन मैसेजिंग एप ‘बिटचैट’ ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नया फीचर रोलआउट किया है। इसकी मदद से यूजर्स बिना इंटरनेट, गूगल प्ले स्टोर या गिटहब के एप को सीधे एक फोन से दूसरे फोन में शेयर और इंस्टॉल कर सकते हैं। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका एलान किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. पैसों की जरूरत पड़ने पर FD पर लोन लें: इसमें कम ब्याज पर मिलेगा कर्ज, FD भी नहीं तुड़वानी पड़ेगी; समझें इसका पूरा गणित फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया बना हुआ है। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी, एक्सीडेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर की मरम्मत जैसे अचानक आए खर्चों के समय लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो जाता है कि FD मैच्योर होने से पहले तोड़ना सही है या इसके बदले लोन लेना। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को पतंजलि ग्रुप खरीदेगा: IRDAI से मंजूरी मिली, मार्च 2025 में हुई थी डील; 3 महीने में पूरी होगी प्रोसेस पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बीमा नियामक IRDAI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। मीडिया रिर्पोट्स के अनुसार लगभग 4,500 करोड़ रुपए में ये डील हुई है। नियामक ने 28 जुलाई 2026 के पत्र के जरिए इस अधिग्रहण को हरी झंडी दी है।यह मंजूरी पत्र जारी होने की तारीख से अगले 3 महीने तक मान्य रहेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nitin Gadkari Statement | E20 Petrol Impact On BS3 Vehicles In India

47 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोने की डिमांड से जुड़ी रही। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी WGC के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131.4 टन रह गई है। केंद्र सरकार ने पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। वनप्लस N6x स्मार्टफोन लॉन्च होगा। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. भारत में सोने की मांग में 6% की गिरावट: अप्रैल-जून तिमाही में 131.4 टन खपत रही, कस्टम ड्यूटी बढ़ने और PM मोदी की अपील का असर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल यानी WGC के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131.4 टन रह गई है। पिछले साल की इसी अवधि में यह मांग 139.7 टन थी। मांग में इस गिरावट के पीछे कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने की खरीदारी कम करने की अपील को मुख्य कारण माना गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सरकार ने माना- ई-20 पेट्रोल से BS-3 गाड़ियों को नुकसान: राज्यसभा में गडकरी बोले- कुछ रबर पार्ट्स बदलने पड़ सकते हैं, इंजन बदलने की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने बुधवार को पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा- BS-3 मानक वाली कुछ पुरानी गाड़ियों में ई-20 के कारण कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने पड़ सकते हैं। ये गाड़ियां मुख्य रूप से 2005 से 2016 के बीच बने हैं। ये पार्ट्स नियमित सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदले जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. Gen-Z प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुआ एप बिना इंटरनेट इंस्टॉल होगा: ब्लूटूथ के जरिए मैसेज भेजता है बिटचैट, सरकार ने प्ले स्टोर से हटाने को कहा था ट्विटर बनाने वाले जैक डोर्सी के ऑफलाइन मैसेजिंग एप ‘बिटचैट’ ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नया फीचर रोलआउट किया है। इसकी मदद से यूजर्स बिना इंटरनेट, गूगल प्ले स्टोर या गिटहब के एप को सीधे एक फोन से दूसरे फोन में शेयर और इंस्टॉल कर सकते हैं। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका एलान किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. पैसों की जरूरत पड़ने पर FD पर लोन लें: इसमें कम ब्याज पर मिलेगा कर्ज, FD भी नहीं तुड़वानी पड़ेगी; समझें इसका पूरा गणित फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया बना हुआ है। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी, एक्सीडेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर की मरम्मत जैसे अचानक आए खर्चों के समय लोगों के सामने यह सवाल खड़ा हो जाता है कि FD मैच्योर होने से पहले तोड़ना सही है या इसके बदले लोन लेना। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. मैग्मा जनरल इंश्योरेंस कंपनी को पतंजलि ग्रुप खरीदेगा: IRDAI से मंजूरी मिली, मार्च 2025 में हुई थी डील; 3 महीने में पूरी होगी प्रोसेस पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बीमा नियामक IRDAI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। मीडिया रिर्पोट्स के अनुसार लगभग 4,500 करोड़ रुपए में ये डील हुई है। नियामक ने 28 जुलाई 2026 के पत्र के जरिए इस अधिग्रहण को हरी झंडी दी है।यह मंजूरी पत्र जारी होने की तारीख से अगले 3 महीने तक मान्य रहेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Canada Punjabi Students Protest Against Deportation Risk

अल्बर्टा के कैलगरी में सड़क पर प्रदर्शन करते हुए छात्र कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 500 पंजाबी छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। इसके विरोध में करीब 1,000 भारतीय छात्र पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छ . कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए कुछ छात्रों ने 29 जुलाई से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जिन नियमों और भरोसे के आधार पर उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई पूरी की, अब उसी पढ़ाई को नॉन-क्रेडिटेबल बताकर वर्क परमिट से इनकार किया जा रहा है। इससे कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं, सिर पर परिवार का कर्ज है। उन्होंने कनाडा में पढ़ाई की है, इसलिए उन्हें वहां काम करने का मौका मिलना चाहिए। वे चाहते हैं कि कनाडाई अधिकारी उनके मामलों की दोबारा समीक्षा करें। इधर, कनाडा सरकार और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा कि वह पोर्टेज कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी डिग्री देने वाला संस्थान नहीं कहेंगी, लेकिन उनका मानना है कि संस्थान ने स्थायी निवास (PR) को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों का वीजा खत्म हो जाएगा और जिनके पास स्थायी निवास (PR) नहीं होगा, उन्हें अपने देश वापस लौटना होगा। पोस्ट ग्रेजुएट वर्क परमिट रिफ्यूज होने के बाद कैलगिरी के गुरुद्वारा पहुंचे स्टूडेंट्स। छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे, 4 पॉइंट में जानिए… पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को थमाए रिफ्यूजल- एक छात्रा ने कहा कि वह 10 जुलाई 2024 को पहली बार कनाडा आई थी। इस बीच उसने अपनी पढ़ाई पूरी की। किसी भी पेपर में वह फेल नहीं है। कॉलेज ने 15 मई से पहले रजिस्ट्रेशन वालों को पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट देने की बात कही थी। 16 जुलाई 2026 को उसे वर्क परमिट की रिफ्यूजल भेज दी गई। रिफ्यूजल का कारण ये आया कि 23 नवंबर 2025 को मेरी कनाडा में एंट्री दिखाई गई। मेरे साथ आई और लड़कियों को वर्क परमिट मिल गया, लेकिन मुझे नहीं मिला। स्टूडेंट्स को मिला रिजेक्शन लेटर: स्टूडेंट्स ने कहा कि उन्होंने इस विश्वास के साथ इन कार्यक्रमों में प्रवेश लिया था कि पढ़ाई पूरी होने के बाद वे पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के लिए पात्र होंगे। हालांकि, बाद में कई लोगों को इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) से रिजेक्शन लेटर मिले, जिससे वे ग्रेजुएशन के बाद कनाडा में काम करने में असमर्थ हो गए। कई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में गए- स्टूडेंट्स ने कहा कि अचानक पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट रिफ्यूजल के कारण कई स्टूडेंट्स डिप्रेशन में हैं। इन पर परिवार का कर्ज उतारने का बोझ है। अल्बर्टा के कैलगरी स्थित पोटाज कॉलेज के लगभग 250 छात्रों की वर्क परमिट फाइलें 2 दिनों में रिजेक्ट कर दी गई हैं। यह आंकड़ा 2000 तक पहुंच सकता है। 20 लाख रुपए खर्च कर हाथ खाली- पीड़ित छात्रों और इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने बताया कि 15 मई 2024 से पहले जिन छात्रों ने कॉलेज में पढ़ाई पूरी की थी, उन्हें वर्क परमिट मिलना चाहिए था। हमने 32 हजार डॉलर यानी 20 लाख रुपए की फीस भरकर पढ़ाई पूरी की। 7 जुलाई 2024 से पहले हमारे साथ ही एक ही बेंच पर बैठे दोस्तों को 3-3 साल के वर्क परमिट मिले हैं, लेकिन 7 जुलाई के बाद अचानक हमारी फाइलें खारिज की जाने लगीं। रिजेक्शन का कारण बताया जा रहा है कि हमारा कोर्स नॉन-क्रेडिटेबल है। जब 15 मई से पहले सब सही था, तो अब हमारे साथ यह भेदभाव क्यों? न हेल्थ कार्ड, न काम करने का अधिकार- स्टूडेंट्स ने कहा कि वर्क परमिट रिजेक्ट होते ही छात्रों का कानूनी स्टेटस खत्म हो गया है। पढ़ाई खत्म होते ही छात्रों के हेल्थ कार्ड रद्द हो चुके हैं। कई छात्र गंभीर बीमारियों के बावजूद डॉक्टर के पास नहीं जा पा रहे हैं। स्टूडेंट्स ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि खत्म हो रही है, जिससे उनके पास कोई पहचान पत्र भी नहीं बचा है। रिजेक्शन की खबर से डरकर कई छात्र डिप्रेशन में हैं। माता-पिता के डर से वे अपने घरों और हॉस्टल के कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। कैलगरी के गुरुद्वारा में प्रबंधक कमेटी के सदस्य स्टूडेंट्स को हिम्मत देते हुए। गुरुद्वारा कमेटी आई आगे, कहा- लंगर की फिक्र न करें, हिम्मत रखें कैलगरी के लोकल गुरुद्वारा साहिब ने छात्रों के लिए दरवाजे खोले हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समय बहुत कठिन है, लेकिन कोई भी बच्चा पैनिक होकर गलत कदम न उठाए। परिवार से कोई बात न छुपाएं। गुरु घर के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। किसी को राशन, लंगर या रहने की दिक्कत हो तो निसंकोच आएं, पूरी मदद की जाएगी। लीगल एक्सपर्ट्स बोले- री-अप्लाई न करें, कोर्ट जाएं बैठक में पहुंचे कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने छात्रों को कानूनी रास्ते समझाए। वकीलों ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग को तुरंत वेब-फॉर्म के जरिए री-कंसीडरेशन की रिक्वेस्ट भेजी जाए। CS इमिग्रेशन ने ऐलान किया है कि वे सभी छात्रों के लिए यह काम मुफ्त करेंगे। रिफ्यूजल मिलने के 15 दिनों के अंदर छात्रों को फेडरल कोर्ट में मामले को चुनौती देनी होगी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि छात्र दोबारा वर्क परमिट के लिए री-अप्लाई न करें। अगर फाइल दोबारा रिजेक्ट हुई, तो तुरंत देश छोड़ने का नोटिस आ सकता है। 90 दिनों में नए कॉलेज में एडमिशन से बचा सकते स्टेटस कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने कहा कि छात्रों को सलाह दी गई है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ 90 दिनों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉलेज में नया कोर्स लेकर अपना स्टूडेंट स्टेटस रीस्टोर करें, ताकि वे कनाडा में लीगल रह सकें। **************** ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी: नए इमिग्रेशन कानून से शरणार्थी की मान्यता खत्म, 30 हजार स्टूडेंट्स को मिला नोटिस कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता
Google Gemini Meeting Notes & Jathom Gangte Appointed India Envoy Mexico

Hindi News Career Google Gemini Meeting Notes & Jathom Gangte Appointed India Envoy Mexico 11 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. एन.जी.जे. गंगटे मेक्सिको में भारत के नए राजदूत बने 30 जुलाई को भारत सरकार ने न्गुलखम जथोम गंगटे को मेक्सिको में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया। गंगटे 1994 बैच के IFS ऑफिसर हैं और वे जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे। वर्तमान में गंगटे विदेश मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्ययत थे। गंगटे , मेक्सिको के पूर्व राजदूत डॉ. पंकज शर्मा की जगह लेंगे। गंगटे 2021 से ट्यूनीशिया में भारत के राजदूत रहे हैं और इसके साथ ही साथ लीबिया के राजदूत के तौर पर भी उन्होंने काम किया। गंगटे ने मिस्र, मोरक्को, आयरलैंड और तंजानिया में भारतीय मिशनों में भी विभिन्न कूटनीतिक पदों पर काम किया। गंगटे विदेश मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर, जॉइंट सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर रहे हैं। गंगटे 2017 से 2021 तक जाम्बिया में भारत के हाई कमिश्नर रहे। संन्यास (RETIREMENT) 2. अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया 30 जुलाई को भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 खेले हैं। रहाणे ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 2011 में डेब्यू किया था। 2011 में रहाणे ने अपना पहला वनडे इंग्लैंड के खिलाफ चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला था। 2011 में ही रहाणे ने टी-20 इंटरनेशनल में भी डेब्यू किया था। रहाणे के करियर की सबसे शानदार जीत 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली थी। रहाणे ने मेलबर्न में शतक लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और सीरीज 1-1 से बराबर की थी। रहाणे ने अपना आखिरी मैच फरवरी 2018 को सेंचुरियन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। रहाणे ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी की। टेस्ट क्रिकेट में रहाणे ने 6 मैचों में भारत की कप्तानी की। रहाणे ने वनडे में 3 मैचों में टीम की कमान संभाली और भारत ने तीनों मुकाबले जीते। वहीं, टी-20 इंटरनेशनल में रहाणे ने 2 मैचों में कप्तानी की, जिसमें भारत को 1 जीत और 1 हार मिली। रहाणे ने वनडे में 3 मैचों में टीम की कमान संभाली और भारत ने तीनों मुकाबले जीते। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. भारत ने रेस में एक गोल्ड एक सिल्वर जीता 29 जुलाई को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में दिलीप महादु गावित ने भारत को तीसरा गोल्ड मेडल दिलाया। दिलीप ने पुरुषों की पैरा T47 कैटेगरी में 100 मीटर रेस में 10.71 सेकेंड का समय लेकर पहला नंबर हासिल किया। इसके साथ ही भारत के ही मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड के साथ सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता था। मुरली पुरुषों की लॉन्ग जंप में लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वहीं इस इवेंट का गोल्ड जमैका के तजय गेल ने जीता, उन्होंने 8.15 मीटर की जंप लगाई थी। बता दें कि T47 कैटेगरी में उन ट्रैक एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनके एक या दोनों हाथों में शारीरिक अक्षमता होती है। T47 में हाथ के किसी हिस्से की कमी या हाथ की कार्यक्षमता प्रभावित होने वाले खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेते हैं। गावित से पहले भारत के लिए महिलाओं के पैरा शॉटपुट F57 इवेंट में शर्मिला धनखड़ और रविवार को वेटलिफ्टिंग के 48 किलोग्राम इवेंट में मीराबाई चानू गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। भारत के अब तक 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 15 मेडल हो गए हैं। ये कॉमनवेल्थ ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू हुआ है। निधन (DEATH) 4. GOT फेम टॉम चैडबोन का निधन 30 जुलाई को ब्रिटिश एक्टर टॉम चैडबोन का निधन हो गया। वे 80 साल के थे। टॉम ने गेम ऑफ थ्रोन्स (GOT), डॉक्टर हू जैसी लोकप्रिय फिल्मों और टीवी सीरीज में काम किया है। टॉम ने महशूर सीरीज गेम ऑफ थ्रोन्स में हाई सेप्टॉन मेनार्ड का किरदार निभाया था। टॉम ने 2006 की जेम्स बॉन्ड फिल्म कसीनो रॉयल में भी उन्होंने अभिनय किया। टॉम ने अपने एक्टिंग करियर में लगभग 5 दशकों तक काम किया। उन्होंने 100 से ज्यादा टीवी और फिल्म प्रोजेक्ट्स में काम किया। टॉम को डॉक्टर हू फिल्म से बड़ी पहचान मिली थी। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. Google ने भारत में ‘जेमिनी स्पार्क’ लॉन्च किया 30 जुलाई को टेक कंपनी Google ने भारत में अपना नया AI एजेंट ‘जेमिनी स्पार्क’ लॉन्च किया। ये एक 24/7 पर्सनल AI असिस्टेंट है, जो यूजर्स के रोज के कामों में मदद करेगा और ये 3.6 मॉडल पर आधारित है। ये यूजर के इंटरेस्ट्स के आधार पर लोकल इवेंट्स ढूंढ सकता है और ऑटो मैटिकली Google डॉक फाइल में डिटेल्स एड कर सकता है। ये यूजर्स के लिए थर्ड-पार्टी एप्स से इंफॉर्मेशन रिट्रीव कर सकता है और स्पेसिफिक टॉपिक्स पर अलर्ट्स भेज सकता है। ये यूजर्स के लिए मीटिंग नोट्स और इंपॉर्टेंट ईमेल्स को ऑटोनॉमसली समराइज कर सकता है। ये Google के क्लाउड पर चलेगा, जिससे फोन लॉक या लैपटॉप बंद होने पर भी काम जारी रख सकता है। जेमिनी स्पार्क’ Gmail, डॉक्स, शीट्स और अन्य Google वर्कस्पेस सेवाओं से सीधे जुड़ सकता है। फिलहाल जेमिनी स्पार्क Google AI Pro और Google AI Ultra सब्सक्रिप्शन लेने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। जेमिनी स्पार्क विशेष रूप से भारतीय बाजार और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ये AI टूल एजुकेशन, बिजनेस और पर्सनल ग्रोथ बेहतर करने के काम आ सकता है। Google ने इसके साथ ही सेल्फी वीडियो साइन-इन फीचर भी पेश किया है। Google के मुताबिक Gemini Spark यूजर्स ज्यादा बड़े टास्क वाले कामों से पहले उनसे परमिशन मांगेगा। 6. IIT गांधीनगर ने इंडियन AI रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के साथ MoU किया 30 जुलाई को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गांधीनगर (IIT गांधीनगर) ने भारत के प्रमुख AI रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (IAIRO) के साथ MoU साइन किया। इस MoU के तहत दोनों संस्थान मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ाने पर काम करेंगे। इस MoU का







