JSSC CGL Protest in Ranchi

Hindi News Career JSSC CGL Protest In Ranchi | Candidates Demand Justice At Project Bhawan 11 मिनट पहले कॉपी लिंक 17 अगस्त 2026 को JSSC-CGL कैंसिल होने के बाद एक ओर जहां आंदोलनकारी खुशी से झूमते हुए नजर आए। वहीं एग्जाम में पास होने वाले उम्मीदवारों ने नया आंदोलन शुरू कर दिया। इस बार आंदोलन करने वाले छात्र वे हैं जिन्होंने JSSC-CGL पास करके नौकरी हासिल की थी। वे रांची के प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां कुछ प्रदर्शनकारी भावुक होकर रोते हुए भी नजर आए। उम्मीदवारों का गुस्सा फूटा उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनके सामने दोबारा बेरोजगार होने का संकट खड़ा हो गया है। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा – सरकार के फैसले के बाद वह सड़क पर आ गया है। उसने अपने माता-पिता से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि वे लोग फिर से जीतेंगे। उन्होंने सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की और दावा किया कि इस निर्णय से अदालत के आदेश का निरादर हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की अपील आक्रोशित छात्रों ने एक मानव श्रृंखला बनाई और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वे विरोध-प्रदर्शन के दबाव में आकर ऐसा कोई फैसला न लें जिससे उनकी नौकरी खतरे में पड़ जाए। उम्मीदवारों और पुलिस-प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति विरोध कर रहे उम्मीदवारों ने कहा – यह केवल नौकरी का मामला नहीं है, बल्कि उनके अधिकार और भविष्य से जुड़ा हुआ सवाल है। वह अपने अधिकारों के लिए आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे। इस दौरान सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों और पुलिस-प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। दूसरी तरफ मांगें पूरी होने जश्न का माहौल 17 अगस्त को झारखंड में JSSC और JPSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 17 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में JSSC CGL परीक्षा को रद्द कर दिया गया। सरकार के इस फैसले के बाद पिछले 24 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई और प्रदर्शनकारी छात्रों ने जमकर जश्न मनाया। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने अनशन तोड़ा प्रदर्शनकारी छात्र अभी भी CBI जांच की मांग पर अड़े हैं। वहीं सोनम वांगुचक से बात करने के बाद छात्र नेता देवेंद्र महतो ने भी अनशन तोड़ दिया। JPSC-JSSC परीक्षा में हुई अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर, पिछले 24 दिनों से रांची से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन कर रहे थे। इन छात्रों को CJP लीडर अभिजीत दीपके और उनके साथियों का समर्थन भी मिला। CBI जांच की मांग तक आंदोलन रहेगा जारी झारखंड में जारी प्रदर्शन के बीच सरकार की तरफ से प्रदर्शनकारी छात्रों की परीक्षा रद्द करने की मांग मानने के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा – अभी CBI जांच की मांग नहीं मानी गई है और जब तक CBI जांच की मांग नहीं मानी जाती, हम लोग आंदोलन करते रहेंगे। उम्मीदवारों ने दिया सरकार को धन्यवाद रविंद्र पासवान के अनुसार, अभी हम लोग एक बड़ी लड़ाई जीते हैं मगर इसमें अभी और भी कुछ बाकी है। हम मुख्यमंत्री का धन्यवाद करना चाहते हैं जिन्होंने 24 दिन बाद हमारी मांगें सुनी। —————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर स्टूडेंट्स ने धरना दिया:अधिकारियों से पूछा- अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते अलवर के थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधावास में छात्र-छात्राओं ने धरना शुरू कर दिया। 13–14 अगस्त 2026 को जर्जर भवन और स्कूल की दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों ने विरोध किया। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें

बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और कुछ समय शांतिपूर्वक वहां बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना चमकीली पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। कंगना का सिंपल और एलिगेंट लुक पारंपरिक भारतीय फैशन की झलक दिखा रहा था। धार्मिक यात्रा के लिए उन्होंने ग्लैमरस सेलिब्रिटी लुक के बजाय ट्रेडिशनल आउटफिट चुना। मंदिर दर्शन के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। कंगना ने अपनी पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर के साथ मुंबई की माता श्री मुंबा देवी मंदिर के भी दर्शन किए। उन्होंने लिखा, ‘आज मुंबई के राजा श्री सिद्धिविनायक जी और मुंबई की माता श्री मुंबा देवी के दर्शन किए।’ कंगना ने रील कल्चर को चुनौती बताया सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना ने कहा, ‘हमारे सिद्धिविनायक भगवान हैं, वो पूरे मुंबई क्षेत्र के रक्षक हैं। तो जब भी आती हूं, इनका दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। आज ज्यादा खास है। भैया ने मुझे जो यहां के बीजेपी कार्यकर्ता हैं, उन्होंने गणपति भेंट भी की।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बीजेपी में जो हमारी टीम है, उसका सशक्तीकरण हुआ। जो आज की हमारी चुनौतियां हैं, चाहे वो दिमागी नक्सल कह लीजिए, चाहे वो बाकी जो एक नैरेटिव। जैसे हम देख रहे हैं कि न्यूजपेपर, टेक्स्टबुक और पेरेंट्स की गाइडेंस से बढ़कर आज सोशल मीडिया, रील कल्चर उससे लड़ने के लिए एक तो और ज्यादा महिलाओं को जिस तरह से पूरी तरह इंक्लूड किया गया है, युवाओं को इंक्लूड किया गया है।’ एक्ट्रेस ने अंत में कहा, ‘उस तरीके की जो नेचर, प्रकृति को संभालने के लिए, उससे लड़ने के लिए एक नई ऊर्जा के साथ हमारा जो विजन है, आगे 2047 का प्रधानमंत्री जी का, उस तक बढ़ने के लिए उन्होंने बहुत शानदार टीम बनाई है और उस टीम को भी हम बहुत बधाई देते हैं।’
कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें

बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। मंदिर में दर्शन के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। कंगना ने अपनी पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर के साथ मुंबई की माता श्री मुंबा देवी मंदिर के भी दर्शन किए। उन्होंने लिखा, ‘आज मुंबई के राजा श्री सिद्धिविनायक जी और मुंबई की माता श्री मुंबा देवी के दर्शन किए।’ कंगना ने रील कल्चर को चुनौती बताया सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना ने कहा, ‘हमारे सिद्धिविनायक भगवान पूरे मुंबई क्षेत्र के रक्षक हैं। जब भी आती हूं, इनका दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। आज ज्यादा खास है। जो यहां के बीजेपी कार्यकर्ता हैं, उन्होंने मुझे गणपति भेंट भी की।’ उन्होंने आगे कहा, ‘बीजेपी में जो हमारी टीम है, उसका सशक्तीकरण हुआ। जो आज की हमारी चुनौतियां हैं, चाहे वो दिमागी नक्सल कह लीजिए, चाहे वो बाकी जो एक नैरेटिव। जैसे हम देख रहे हैं कि न्यूजपेपर, टेक्स्टबुक और पेरेंट्स की गाइडेंस से बढ़कर आज सोशल मीडिया, रील कल्चर उससे लड़ने के लिए एक तो और ज्यादा महिलाओं को जिस तरह से पूरी तरह इंक्लूड किया गया है, युवाओं को इंक्लूड किया गया है।’ एक्ट्रेस ने अंत में कहा, ‘उस तरीके के नेचर को संभालने के लिए, उससे लड़ने के लिए एक नई ऊर्जा के साथ हमारा जो विजन है, आगे 2047 का प्रधानमंत्री जी का, उस तक बढ़ने के लिए उन्होंने बहुत शानदार टीम बनाई है और उस टीम को भी हम बहुत बधाई देते हैं।’ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का ऐलान भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालने के 209 दिन बाद सोमवार को 65 सदस्यों की कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया। राम माधव को उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी को महासचिव बनाकर वापस लाया गया है। भाजपा IT सेल के प्रभारी अमित मालवीय को हटा दिया गया है, दीपक म्हस्के उनकी जगह लेंगे। वहीं, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उपाध्यक्ष बनी रहेंगी। राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी पद पर बने रहेंगे। नितिन नवीन की टीम में 12 महिलाएं हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
PAK सुप्रीम-कोर्ट का इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश:आज ही इलाज के लिए ट्रांसफर करने को कहा; मेडिकल बोर्ड भी बनेगा

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इमरान को आज ही अस्पताल ट्रांसफर किया जाए। उनकी सेहत की जांच और इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाएगा। तीन जजों की बेंच इमरान के इलाज और परिवार से मुलाकात से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। बेंच की अध्यक्षता जस्टिस शाहिद वहीद ने की। इसमें जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल थे। कोर्ट ने इमरान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अडियाला जेल प्रशासन से इमरान की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मांगी। जस्टिस शाहिद वहीद ने कहा कि कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट के बजाय सिर्फ उसका सारांश पेश किया गया है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट में इमरान की पल्स और दिल की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट में एंजियोग्राफी कराने की सलाह का जिक्र था। इस पर इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल ने बताया कि यह जांच जेल के बाहर अस्पताल में कराई जा सकती है। PTI के वकील ने इमरान के शरीर में ब्लड क्लॉट बनने की वजह पता लगाने और उनके निजी डॉक्टरों से जांच कराने की मांग भी की। कोर्ट बोला- इमरान की सेहत पर राजनीति न करें सुप्रीम कोर्ट ने PTI से इमरान की मेडिकल स्थिति को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने को कहा। कोर्ट ने मुलाकात के बाद PTI नेताओं और परिवार की ओर से मीडिया में दिए जाने वाले बयानों पर भी सवाल उठाए। जस्टिस अफगान ने कहा कि पार्टी को यह तय करना चाहिए कि इमरान की सेहत को लेकर राजनीति न हो। कोर्ट ने इमरान की बहनों से मुलाकात को लेकर भी सवाल उठाया। जस्टिस वहीद ने कहा कि बहनों से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका मौलिक अधिकार है। अदालत ने पिछले तीन साल में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई सभी मुलाकातों की जानकारी मांगी। इमरान के बेटों से उनकी बातचीत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जानकारी भी देने को कहा गया है। जेल रिपोर्ट में आंखों की बीमारी का जिक्र अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इमरान की दो पेज की मेडिकल रिपोर्ट जमा की थी। इसमें उनकी आंख की बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) का भी जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान का इस बीमारी का इलाज चल रहा है और उनकी प्रभावित आंख की नजर लगभग सामान्य हो गई है। रिपोर्ट में 4 नवंबर 2023 से 10 अगस्त 2026 के बीच 39 मेडिकल जांचों का भी जिक्र किया गया है। 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उन पर कई मामले दर्ज हुए। इनमें सरकारी तोहफों और गैरकानूनी शादी से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इमरान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं और आरोपों से इनकार करते हैं।
शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक सांप पकड़ा, लंबाई थी करीब 8 फीट; दूसरा अब भी अंदर मिसिंग

शाहरुख खान के मुंबई स्थित मशहूर बंगले मन्नत में 17 अगस्त को लॉन में दो सांप दिखे। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने एक सांप पकड़ लिया है, हालांकि दूसरा सांप अब भी बंगले में ही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे एक स्नेक रेस्क्यूअर को मन्नत के अंदर दो सांप दिखने की जानकारी दी गई। इसके बाद बंगले में तलाशी शुरू की गई, जिसमें एक सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू किए गए सांप की लंबाई करीब 8 फीट थी। उसकी पहचान धामन के रूप में हुई, जिसे इंडियन रैट स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप गैर-जहरीला होता है और बंगले के परिसर में एक सीढ़ी के नीचे छिपा मिला। दूसरा सांप तलाश के बाद भी नहीं मिला रेस्क्यू की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं रही। परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू होने पर दूसरा सांप भाग गया। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन वह नहीं मिला। गैर-जहरीला सांप मिलने से स्टाफ को राहत रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांप के गैर-जहरीला होने की जानकारी मिलने के बाद मन्नत के सिक्योरिटी गार्ड्स और स्टाफ ने राहत महसूस की। इस बंगले का आधिकारिक नाम मन्नत लैंड्स एंड है। यह मुंबई के बांद्रा इलाके के बैंडस्टैंड में स्थित है। समुद्र के सामने बना शाहरुख का यह घर समय के साथ मुंबई की मशहूर जगहों में शामिल हो गया है। शाहरुख को देखने की उम्मीद में फैंस अक्सर बंगले के बाहर जमा होते हैं। मन्नत में नहीं रह रहे हैं शाहरुख खान शाहरुख खान के बंगले मन्नत में पिछले कुछ महीनों से रेनोवेशन का काम जारी है, जिसके चलते वह अपनी फैमिली के साथ बांद्रा के एक लग्जरी अपार्टमेंट में रह रहे हैं। पाली हिल बांद्रा के चार मंजिला लग्जरी अपार्टमेंट पूजा कासा का किराया हर महीने 24 लाख है। इस अपार्टमेंट में शाहरुख और उनका परिवार अगले 2 साल तक रहेगा। इस लग्जरी अपार्टमेंट को फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने बनाया है, जिसका मालिकाना हक प्रोड्यूसर के बेटे जैकी भगनानी और बेटी दीपशिखा देशमुख के पास है। पूरी रकम न होने के बावजूद खरीदा मन्नत शाहरुख ने 1997 में अपनी फिल्म यस बॉस की शूटिंग के दौरान मन्नत को पहली बार देखा। समुद्र के किनारे खड़ा यह बंगला उनकी नजर में बिल्कुल सपनों जैसा था। चुनौती यह थी कि एक सक्सेसफुल एक्टर होने के बावजूद शाहरुख के पास इतने बड़े घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। 2001 में, जब उन्हें यह बंगला खरीदने का मौका मिला, उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को सच करने का फैसला लिया। शाहरुख की करीबी शबीना खान ने अपने आर्टिकल ‘द एसआरके स्टोरी’ में लिखा था कि जब शाहरुख ने ‘मन्नत’ खरीदा, तब उनके पास केवल 2 करोड़ रुपए थे, जबकि बंगले की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी। बाकी पैसे उन्होंने लोन लेकर दिए। लेकिन अब समस्या थी घर को सजाना। उन्होंने एक इंटीरियर डिजाइनर से संपर्क किया, लेकिन उसकी फीस इतनी ज्यादा थी जिसके चलते शाहरुख ने गौरी से कहा कि वे खुद ही घर का इंटीरियर डिजाइन करें। गौरी ने यह चुनौती स्वीकार की और घर के हर कोने में अपनी कला का जादू बिखेर दिया। आज शाहरुख के घर मन्नत की कीमत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक है। फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे शाहरुख शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ के लिए तैयार हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी यह एक्शन थ्रिलर 24 दिसंबर 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी अहम भूमिकाओं में हैं।
शाहरुख के घर मन्नत में दो सांप दिखे:रेस्क्यू टीम ने एक पकड़ा, करीब 8 फीट लंबा था; दूसरे की तलाश हो रही

शाहरुख खान के मुंबई स्थित मशहूर बंगले मन्नत में 17 अगस्त को लॉन में दो सांप दिखे। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने एक सांप पकड़ लिया है, हालांकि दूसरा सांप अब भी बंगले में ही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8 बजे एक स्नेक रेस्क्यूअर को मन्नत के अंदर दो सांप दिखने की जानकारी दी गई। इसके बाद बंगले में तलाशी शुरू की गई, जिसमें एक सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू किए गए सांप की लंबाई करीब 8 फीट थी। उसकी पहचान धामन के रूप में हुई, जिसे इंडियन रैट स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप गैर-जहरीला होता है और बंगले के परिसर में एक सीढ़ी के नीचे छिपा मिला। दूसरा सांप तलाश के बाद भी नहीं मिला रेस्क्यू की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं रही। परिसर में लोगों की आवाजाही शुरू होने पर दूसरा सांप भाग गया। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन वह नहीं मिला। गैर-जहरीला सांप मिलने से स्टाफ को राहत रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांप के गैर-जहरीला होने की जानकारी मिलने के बाद मन्नत के सिक्योरिटी गार्ड्स और स्टाफ ने राहत महसूस की। इस बंगले का आधिकारिक नाम मन्नत लैंड्स एंड है। यह मुंबई के बांद्रा इलाके के बैंडस्टैंड में स्थित है। समुद्र के सामने बना शाहरुख का यह घर समय के साथ मुंबई की मशहूर जगहों में शामिल हो गया है। शाहरुख को देखने की उम्मीद में फैंस अक्सर बंगले के बाहर जमा होते हैं। मन्नत में नहीं रह रहे हैं शाहरुख खान शाहरुख खान के बंगले मन्नत में पिछले कुछ महीनों से रेनोवेशन का काम जारी है, जिसके चलते वह अपनी फैमिली के साथ बांद्रा के एक लग्जरी अपार्टमेंट में रह रहे हैं। पाली हिल बांद्रा के चार मंजिला लग्जरी अपार्टमेंट पूजा कासा का किराया हर महीने 24 लाख है। इस अपार्टमेंट में शाहरुख और उनका परिवार अगले 2 साल तक रहेगा। इस लग्जरी अपार्टमेंट को फिल्म प्रोड्यूसर वासु भगनानी ने बनाया है, जिसका मालिकाना हक प्रोड्यूसर के बेटे जैकी भगनानी और बेटी दीपशिखा देशमुख के पास है। पूरी रकम न होने के बावजूद खरीदा मन्नत शाहरुख ने 1997 में अपनी फिल्म यस बॉस की शूटिंग के दौरान मन्नत को पहली बार देखा। समुद्र के किनारे खड़ा यह बंगला उनकी नजर में बिल्कुल सपनों जैसा था। चुनौती यह थी कि एक सक्सेसफुल एक्टर होने के बावजूद शाहरुख के पास इतने बड़े घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। 2001 में, जब उन्हें यह बंगला खरीदने का मौका मिला, उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को सच करने का फैसला लिया। शाहरुख की करीबी शबीना खान ने अपने आर्टिकल ‘द एसआरके स्टोरी’ में लिखा था कि जब शाहरुख ने ‘मन्नत’ खरीदा, तब उनके पास केवल 2 करोड़ रुपए थे, जबकि बंगले की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी। बाकी पैसे उन्होंने लोन लेकर दिए। लेकिन अब समस्या थी घर को सजाना। उन्होंने एक इंटीरियर डिजाइनर से संपर्क किया, लेकिन उसकी फीस इतनी ज्यादा थी जिसके चलते शाहरुख ने गौरी से कहा कि वे खुद ही घर का इंटीरियर डिजाइन करें। गौरी ने यह चुनौती स्वीकार की और घर के हर कोने में अपनी कला का जादू बिखेर दिया। आज शाहरुख के घर मन्नत की कीमत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक है। फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे शाहरुख शाहरुख खान अपनी अगली फिल्म ‘किंग’ के लिए तैयार हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी यह एक्शन थ्रिलर 24 दिसंबर 2026 को थिएटर में रिलीज होगी। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी अहम भूमिकाओं में हैं।
30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है।
30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा हुआ है। उसे 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी पाया गया है। शाबिर मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है लेकिन उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। अब ब्रिटेन शाबिर को पाकिस्तान भेजना चाहता है, लेकिन इस्लामाबाद ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर शाबिर को रखने का दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों को वापस लेने, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर फिर से विचार कर सकता है। कौन है शाबिर अहमद? 73 वर्षीय शाबिर अहमद पाकिस्तान मूल का है। बच्चों के यौन शोषण मामले में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह करीब 14 साल जेल में काट चुका है और हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटेन उसकी नागरिकता समाप्त कर चुका है और अब उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपना अधिकांश जीवन ब्रिटेन में बिताया, वहीं उसका पालन-पोषण हुआ और वहीं उसने अपराध किए, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी ब्रिटेन को ही उठानी चाहिए। वीजा प्रतिबंध की खबरों से भी नाराज पाकिस्तान ब्रिटेन की कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अगर पाकिस्तान शाबिर अहमद को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश सरकार पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा पर सख्ती कर सकती है। कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता घटाने की भी बात कही गई है। हालांकि, ब्रिटेन की ओर से इन कदमों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है। डेली टेलीग्राफ से बातचीत में एक अधिकारी ने कहा कि अगर वीजा और आर्थिक मदद को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। शाबिर अहमद केस की टाइमलाइन 2012: 22 साल की जेल की सजा ब्रिटेन की अदालत ने रोचडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में शाबिर अहमद को 30 बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 22 साल कैद की सजा सुनाई। 2016: ब्रिटिश नागरिकता खत्म दोषी ठहराए जाने के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता समाप्त कर दी। जुलाई 2026: 14 साल बाद जेल से रिहाई करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद शाबिर अहमद को सख्त शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। उस पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, तय इलाके से बाहर न जाने और कई अन्य प्रतिबंध लगाए गए। जुलाई 2026: ब्रिटेन ने पाकिस्तान भेजने की कोशिश शुरू की रिहाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने शाबिर अहमद को पाकिस्तान भेजने के लिए इस्लामाबाद से बातचीत शुरू की। जुलाई 2026: पाकिस्तान ने लेने से इनकार किया पाकिस्तान ने कहा कि वह शाबिर अहमद को स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उस पर दबाव बनाया गया, तो वह अवैध प्रवासियों की वापसी, सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर अपने रुख पर दोबारा विचार कर सकता है। ब्रिटेन-पाकिस्तान के बीच अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का समझौता ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 से एक समझौता है। इसके तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने की अनुमति नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन तरह के लोग शामिल हैं: किसी व्यक्ति को पाकिस्तान वापस भेजने से पहले उसकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जाती है। इसके बाद पाकिस्तान उसके लिए जरूरी यात्रा दस्तावेज जारी करता है और उसे वापस भेज दिया जाता है। इस समझौते में सिर्फ लोगों को वापस भेजना ही शामिल नहीं है। दोनों देश अवैध प्रवासन, मानव तस्करी और संगठित अपराध से निपटने में भी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। समझौते के बाद भी पाकिस्तान शाबिर को क्यों नहीं अपना रहा? इसकी वजह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि नागरिकता और कानून से जुड़े कई पेचीदा मुद्दे हैं। 1. पाकिस्तान का दावा- शाबिर उसका नागरिक नहीं ब्रिटेन ने शाबिर अहमद की ब्रिटिश नागरिकता पहले ही खत्म कर दी थी। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि शाबिर ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता भी छोड़ दी थी। ऐसे में इस्लामाबाद का दावा है कि उसे पाकिस्तानी नागरिक नहीं मान सकता। 2. 2022 का समझौता हर मामले में लागू नहीं ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच 2022 में हुआ रिटर्न्स समझौते के तहत पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को वापस लेता है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है। लेकिन किसी व्यक्ति को वापस भेजने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और पहचान की पुष्टि करना जरूरी होता है। अगर पाकिस्तान यह मानने से इनकार कर दे कि संबंधित व्यक्ति उसका नागरिक है, तो उसे वापस भेजने की प्रक्रिया रुक सकती है। 3. ब्रिटेन का कानून भी अड़चन बना शाबिर अहमद का मामला दूसरे मामलों से अलग है। वह 1973 से पहले ब्रिटेन आ गया था। उस समय के कानून के तहत ऐसे कुछ लोगों को देश से बाहर भेजने पर रोक थी। इसलिए ब्रिटेन चाहकर भी उसे पाकिस्तान नहीं भेज सकता था। अब ब्रिटिश सरकार ने इस कानूनी अड़चन को दूर करने के लिए कानून में बदलाव किया है। लेकिन इसके बाद भी शाबिर को पाकिस्तान तभी भेजा जा सकता है, जब पाकिस्तान उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हो। क्या 2022 का समझौता टूट सकता है? ब्रिटिश संसद में सरकार ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा रिटर्न्स व्यवस्था के तहत पिछले साल करीब 1,300 ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा गया था, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का अधिकार नहीं था। इनमें कई गंभीर अपराधों में दोषी लोग भी शामिल थे। यानी पाकिस्तान आम तौर पर अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार नहीं करता। शाबिर अहमद का मामला उसकी नागरिकता और कानूनी स्थिति की वजह से अलग माना जा रहा है। ग्रूमिंग गैंग क्या है जिससे जुड़ा है शबीर अहमद ग्रूमिंग गैंग ऐसे अपराधियों का गिरोह होता है, जो बच्चों को दोस्ती, प्यार, पैसे, उपहार या दूसरे लालच देकर अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उनका यौन शोषण करता है। इनमें से कई लड़कियां प्रेग्नेंट हुईं और उन्हें अबॉर्शन कराना पड़ा। कई लड़कियों ने अपने
Philippines University Shooting | Facebook Live Video & Campus Attack

मनीला16 मिनट पहले कॉपी लिंक फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर में मंगलवार को एक स्कूल में गोलीबारी की बड़ी घटना हुई। एक छात्र ने अपने ही स्कूल के एक दूसरे छात्र को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद भी जान दे दी। इस घटना में दो सुरक्षा गार्डों की भी मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। यह घटना एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी के स्कूल कैंपस में हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र ने हमले का कुछ हिस्सा फेसबुक पर लाइव भी दिखाया था। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और छात्रों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। पहले शिक्षक पर गोली चलाई, फिर छात्र को निशाना बनाया पुलिस के मुताबिक, आरोपी कक्षा 9 का छात्र मोहम्मद मैल जलानी था। वह दो पिस्तौल लेकर स्कूल पहुंचा था। जांच में पता चला है कि उसने सबसे पहले एक शिक्षक पर गोली चलाई, लेकिन गोली उन्हें नहीं लगी। इसके बाद उसने कक्षा 10 के एक छात्र को गोली मार दी। फिर वह स्कूल की ऊपरी मंजिल पर गया और वहां से कूदकर अपनी जान दे दी। फेसबुक लाइव पर दिखाया हमला फिलीपींस के गृह मामलों के मंत्री जॉनविक रेमुल्ला ने बताया कि आरोपी सीढ़ियां चढ़ते समय फेसबुक लाइव कर रहा था। हालांकि, लाइव वीडियो में पूरी घटना नहीं दिखी। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह सामने आ सकेगी। स्कूल ने कक्षाएं रोकीं, छोटे बच्चे सुरक्षित घटना के बाद स्कूल ने सीनियर हाईस्कूल की कक्षाएं कुछ समय के लिए बंद कर दी हैं। स्कूल ने बताया कि छोटे बच्चों को सुरक्षित रखा गया है। सभी बच्चों की गिनती कर ली गई है और वे अपने शिक्षकों की निगरानी में हैं। पुलिस ने माता-पिता से घबराने के बजाय स्कूल की ओर से दी जा रही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। प्रभावित लोगों को मिलेगी मानसिक मदद फिलीपींस के शिक्षा विभाग ने कहा है कि घटना से प्रभावित छात्रों, परिवारों और स्कूल कर्मचारियों को जरूरी मदद दी जाएगी। इसके लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग इस सदमे से बाहर निकल सकें। विभाग ने लोगों से यह भी कहा है कि बिना पुष्टि वाली खबरें, फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें। दो महीने में फायरिंग की दूसरी बड़ी घटना फिलीपींस में करीब दो महीने के भीतर स्कूल में गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले जून में ताकलोबान शहर के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ताजा घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और छात्रों तक हथियार पहुंचने को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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मनीला34 मिनट पहले कॉपी लिंक फिलीपींस के स्कूल में फायरिंग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर में मंगलवार को एक स्कूल में गोलीबारी हुई है। एक छात्र ने अपने ही स्कूल के एक दूसरे छात्र को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद भी जान दे दी। फायरिंग में दो सुरक्षा गार्डों की भी मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। घटना एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी के स्कूल कैंपस में हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र ने हमले का कुछ हिस्सा फेसबुक पर लाइव भी दिखाया था। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और छात्रों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। हमलावर छात्र फायरिंग के वक्त फेसबुकपर लाइव कर रहा था फायरिंग के बाद छात्र स्कूल परिसर से बाहर जाते नजर आए। पहले शिक्षक पर गोली चलाई, फिर छात्र को निशाना बनाया पुलिस के मुताबिक, आरोपी कक्षा 9 का छात्र मोहम्मद मैल जलानी था। वह दो पिस्तौल लेकर स्कूल आया था। पहले उसने एक टीचर पर गोली चलाई, लेकिन वह बच गए। इसके बाद उसने कक्षा 10 के एक छात्र को गोली मार दी। फिर ऊपर की मंजिल पर गया और वहां से कूदकर जान दे दी। फिलीपींस के गृह मामलों के मंत्री जॉनविक रेमुल्ला ने बताया कि आरोपी सीढ़ियां चढ़ते समय फेसबुक पर लाइव वीडियो बना रहा था। घटना के बाद स्कूल ने सीनियर हाईस्कूल की क्लास बंद कर दीं। छोटे बच्चों को सुरक्षित रखा गया है और सभी बच्चों की गिनती कर ली गई है। वे अपने टीचर्स के साथ हैं। पुलिस ने बच्चों के माता-पिता से घबराने के बजाय स्कूल की तरफ से दी जा रही जानकारी और निर्देशों का पालन करने को कहा है। घटना के बाद स्कूल में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जांच जारी प्रभावित लोगों को मिलेगी मानसिक मदद फिलीपींस के शिक्षा विभाग ने कहा है कि घटना से प्रभावित छात्रों, परिवारों और स्कूल कर्मचारियों को जरूरी मदद दी जाएगी। इसके लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग इस सदमे से बाहर निकल सकें। विभाग ने लोगों से यह भी कहा है कि बिना पुष्टि वाली खबरें, फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें। तस्वीर जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी के स्कूल कैंपस की है। हमले के बाद यहां क्लासेस रोक दी गई हैं। दो महीने में फायरिंग की दूसरी बड़ी घटना फिलीपींस में करीब दो महीने के भीतर स्कूल में गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले जून में ताकलोबान शहर के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ताजा घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और छात्रों तक हथियार पहुंचने को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। —————– ये खबर पढ़ें..… कनाडा के वैंकूवर में ट्रेन ट्रैक पर चढ़ा सिख शख्स:पटरियों पर बैठकर गाना गाया, बोला- मुझे अंग्रेजी नहीं आती; ट्रेन सर्विस रोकनी पड़ी कनाडा के वैंकूवर में एक सिख शख्स के स्काई ट्रेन के ट्रैक पर चले जाने से ट्रेन सेवा रोकनी पड़ी। शख्स काफी देर तक पटरियों पर बैठा रहा और वहां गाना गाता नजर आया। पूरी खबर यहाँ पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







