Saturday, 22 Aug 2026 | 06:01 AM

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Rhea Chakraborty Father Lost Hospital Job After Sushant Singh Rajput Case

Rhea Chakraborty Father Lost Hospital Job After Sushant Singh Rajput Case

29 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 2020 में हुई इस घटना के बाद रिया लगातार लोगों और जांच एजेंसियों की नजर में रहीं। जब उनकी गिरफ्तारी हुई तो भाई का करियर बर्बाद हो गया और पिता को भी अस्पताल की नौकरी से निकाल दिया गया। फराह खान के यूट्यूब व्लॉग में रिया ने बताया, ‘हमारे पास कोई काम नहीं था, हम घर में बैठे रहते थे। पूरे समाज ने हमें ठुकरा दिया था। फिल्में भी मिल नहीं रही थीं। शौविक को नौकरी भी नहीं मिल रही थी। कोई कॉर्पोरेट उसे लेने को तैयार नहीं थे।’ आगे उन्होंने कहा, ‘पापा को शहर के एक बहुत बड़े अस्पताल में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की बहुत बड़ी नौकरी मिली थी। फिर उन्हें उनका सरनेम पता चला और कहा गया- माफ कीजिए, आप रिया चक्रवर्ती के पिता हैं, इसलिए आप यहां काम नहीं कर सकते।’ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया के पिता से भी कई दिन पूछताछ हुई थी। भाई को मिला IIM में एडमिशन, लेकिन जेल जाने से पढ़ाई छूटी रिया ने ये भी बताया है कि सुशांत की मौत से पहले उनके भाई शौविक को CAT में 97 प्रतिशत मिले थे और उसका एडमिशन IIM में हुआ था, लेकिन रिया के साथ उनकी भी गिरफ्तारी हो गई। पूरी फीस जमा होने के बावजूद वो पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। रिया ने बताया है कि उन्हें कहीं नौकरी तक नहीं मिली। सुशांत की मौत के बाद जांच और जेल 14 जून 2020 में हुई सुशांत की मौत के बाद रिया जांच के घेरे में आ गई थीं। जांच से जुड़े ड्रग मामले में रिया और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। रिया कुछ समय जेल में भी रही थीं। वह पहले बता चुकी हैं कि इस पूरे दौर का उनकी मानसिक सेहत पर असर पड़ा और उन्हें PTSD हुआ था। बाद में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने सुशांत की मौत के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इस रिपोर्ट में रिया को मामले के आरोपों से मुक्त किया गया, जिससे उन्हें कई साल की जांच के बाद राहत मिली। ‘द ट्रेटर्स’ में मलाइका से हुआ विवाद रिया फिलहाल ‘द ट्रेटर्स’ के सीजन 2 में हिस्सा ले रही हैं। शो के दौरान उनका कंटेस्टेंट मलाइका शेरावत से भी तीखा विवाद हुआ। मलाइका के ‘कमबैक’ पर मुनव्वर फारूकी की टिप्पणी के बाद रिया ने उनका बचाव किया था। रिया ने मलाइका से कहा कि मुनव्वर आपके कमबैक पर पॉजिटिव बात कर रहे थे, उन्होंने कुछ गलत तरह नहीं कहा था। इसके बाद मलाइका ने कहा, “ओह, यह तुम्हारा कमबैक है? क्या यह गेम कमबैक के बारे में है? मैं भी कह सकती हूं- ओह रिया, तुम जेल में थीं। तुम्हारे लिए यह बड़ा कमबैक है?” मलाइका वहां से चली गईं, लेकिन रिया चक्रवर्ती उनके इस कमेंट से नाराज हो गईं। वहां मौजूद लोगों ने भी मलाइका के इस बयान की आलोचना की। रिया ने नाराजगी जाहिर कर कहा था कि मुनव्वर कि जिस बात से मलाइका नाराज हुईं, उन्होंने मुझे उससे भी बुरी बात कह दी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

कनाडा के वैंकूवर में ट्रेन ट्रैक पर चढ़ा सिख शख्स:पटरियों पर बैठकर गाना गाया, बोला- मुझे अंग्रेजी नहीं आती; ट्रेन सर्विस रोकनी पड़ी

कनाडा के वैंकूवर में ट्रेन ट्रैक पर चढ़ा सिख शख्स:पटरियों पर बैठकर गाना गाया, बोला- मुझे अंग्रेजी नहीं आती; ट्रेन सर्विस रोकनी पड़ी

कनाडा के वैंकूवर में एक सिख शख्स के स्काई ट्रेन के ट्रैक पर चले जाने से ट्रेन सेवा रोकनी पड़ी। शख्स पटरियों पर बैठा रहा और वहां गाना गाता नजर आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शख्स बार-बार “आई डॉन्ट नो इंग्लिश यानी मुझे अंग्रेजी नहीं आती” कहता सुनाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने शख्स को ट्रैक से हटाने की कोशिश की। बाद में उसे वहां से बाहर निकाल लिया गया। शख्स को हटाए जाने के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तालियां भी बजाईं। ट्रेन सेवा रोकनी पड़ी शख्स के ट्रैक पर होने के कारण स्काई ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुई। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और सुरक्षा के लिए ट्रेन सेवा को रोकना पड़ा। उपलब्ध जानकारी में शख्स के ट्रैक पर जाने की वजह और उसके खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। स्काई ट्रेन क्या है और यह कैसे चलती है? वैंकूवर की स्काई ट्रेनएक तरह की मेट्रो ट्रेन है। इसे चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती। ट्रेन का सिस्टम कंप्यूटर से चलता है। स्काई ट्रेन का बड़ा हिस्सा सड़क के ऊपर बने ट्रैक पर चलता है। कुछ जगहों पर यह जमीन के नीचे भी जाती है। स्काई ट्रेन के ट्रैक पर आम लोगों का जाना सुरक्षित नहीं है। ट्रेन बहुत तेज चलती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक ट्रैक पर आ जाए तो ट्रेन को तुरंत रोकना आसान नहीं होता। इसलिए जैसे ही पता चलता है कि कोई व्यक्ति ट्रैक पर है, सुरक्षा के लिए उस हिस्से की ट्रेन रोक दी जाती है। पुलिस और ट्रेन के कर्मचारी पहले उस व्यक्ति को ट्रैक से बाहर निकालते हैं। इसके बाद यह देखा जाता है कि ट्रैक पूरी तरह खाली और सुरक्षित है या नहीं। सब कुछ ठीक होने के बाद ही ट्रेन फिर से चलती है। एक व्यक्ति से कई ट्रेनें क्यों रुक सकती हैं? स्काई ट्रेन की कई ट्रेनें एक ही नेटवर्क पर चलती हैं। इसलिए ट्रैक के एक हिस्से में कोई खतरा होने पर सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि आसपास की दूसरी ट्रेनें भी रुक सकती हैं। यात्रियों को ट्रेन में इंतजार करना पड़ सकता है या उन्हें दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन बदलना पड़ सकता है। यानी इस घटना में शख्स का ट्रैक पर बैठना सिर्फ पुलिस के लिए परेशानी नहीं था। उसकी वजह से यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरी ट्रेन सेवा को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

कनाडा के वैंकूवर में ट्रेन ट्रैक पर चढ़ा सिख शख्स:पटरियों पर बैठकर गाना गाया, बोला- मुझे अंग्रेजी नहीं आती; ट्रेन सर्विस रोकनी पड़ी

कनाडा के वैंकूवर में ट्रेन ट्रैक पर चढ़ा सिख शख्स:पटरियों पर बैठकर गाना गाया, बोला- मुझे अंग्रेजी नहीं आती; ट्रेन सर्विस रोकनी पड़ी

कनाडा के वैंकूवर में एक सिख शख्स के स्काई ट्रेन के ट्रैक पर चले जाने से ट्रेन सेवा रोकनी पड़ी। शख्स काफी देर तक पटरियों पर बैठा रहा और वहां गाना गाता नजर आया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शख्स बार-बार “आई डॉन्ट नो इंग्लिश” यानी मुझे अंग्रेजी नहीं आती है, कहते सुनाई दे रहा है। वीडियो में वह पटरियों पर उछल-कूद करता और गाना गाता भी नजर आ रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने शख्स को ट्रैक से बाहर निकाल लिया। उसे हटाए जाने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने तालियां भी बजाईं। ट्रेन सेवा रोकनी पड़ी शख्स के ट्रैक पर मौजूद होने के कारण स्काई ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन सेवा को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। किस वजह से शख्स ट्रैक पर गया था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उसके खिलाफ पुलिस ने क्या कानूनी कार्रवाई की, इसकी भी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। घटना का पूरा वीडियो… स्काई ट्रेन क्या है और यह कैसे चलती है? वैंकूवर की स्काई ट्रेन एक तरह की मेट्रो ट्रेन है। इसकी खासियत यह है कि इसे चलाने के लिए ट्रेन के अंदर ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती। इसका संचालन कंप्यूटर आधारित सिस्टम से होता है। स्काई ट्रेन का बड़ा हिस्सा सड़क के ऊपर बने ट्रैक पर चलता है। कुछ हिस्सों में यह जमीन के नीचे भी जाती है। स्काई ट्रेन के ट्रैक पर आम लोगों का जाना बेहद खतरनाक होता है। ट्रेन के ट्रैक पर किसी व्यक्ति के पहुंचने की जानकारी मिलते ही सुरक्षा के लिए संबंधित हिस्से में ट्रेन की आवाजाही रोक दी जाती है। इसके बाद पुलिस और ट्रेन कर्मचारी पहले व्यक्ति को ट्रैक से बाहर निकालते हैं। फिर यह जांच की जाती है कि ट्रैक पूरी तरह खाली और सुरक्षित है या नहीं। सुरक्षा की पुष्टि होने के बाद ही ट्रेन सेवा दोबारा शुरू की जाती है। एक व्यक्ति के ट्रैक पर आने से कई ट्रेनें क्यों रुकती हैं? स्काई ट्रेन की कई ट्रेनें एक ही नेटवर्क से जुड़ी होती हैं। इसलिए ट्रैक के किसी एक हिस्से में सुरक्षा से जुड़ी समस्या होने पर उसका असर आसपास चल रही दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ सकता है। ऐसे समय में यात्रियों को ट्रेन के अंदर इंतजार करना पड़ सकता है। कई बार उन्हें दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन बदलना पड़ता है या अपनी यात्रा में देरी का सामना करना पड़ता है। यानी इस घटना में शख्स का ट्रैक पर बैठना सिर्फ पुलिस के लिए परेशानी नहीं बना। उसकी मौजूदगी के कारण यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन सेवा भी रोकनी पड़ी और पूरे नेटवर्क की आवाजाही प्रभावित हुई।

Ayesha Gillani Murder | Pakistan Influencer Shot Dead CCTV Footage

Ayesha Gillani Murder | Pakistan Influencer Shot Dead CCTV Footage

22 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान की मशहूर इन्फ्लूएंसर और टिकटॉकर आयशा गिलानी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आयशा महज 28 साल की थीं, जिनके सोशल मीडिया पर 13 लाख से भी ज्यादा फॉलोवर्स थे। आयशा कार ड्राइव कर रही थीं, तभी दो अज्ञात बाइकसवारों ने चलती कार में उन पर हमला कर दिया। गोली लगते ही आयशा की कार बेकाबू होकर सड़क से उतर गई। अब इस हत्या का वीडियो सामने आया है। बॉलीवुड लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार, 28 साल की आयशा गिलानी को कॉल कर घर से बाहर बुलाया गया था। वह अपनी 15 साल की छोटी बहन और छोटे भाई नईमतुल्लाह के साथ घर से निकलीं। आयशा खुद कार ड्राइव कर रही थीं। कुछ दूरी पर ही दो बाइकसवार आए और चलती गाड़ी पर गोलियां चलाने लगे। हमले में आयशा की गर्दन में गोली लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन घायल हैं। देखिए हमले का वीडियो- एक कॉल आने के बाद घर से निकली थीं आयशा रिपोर्ट के अनुसार, आयशा के परिवार द्वारा दर्ज पुलिस शिकायत में बताया गया है कि घटना से ठीक पहले आयशा के मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले शख्स का नाम काशिफ उर्फ काशी था। उसने आयशा को जल्द ही मिलने के लिए बुलाया, जिसके बाद वो छोटे भाई-बहनों के साथ घर से निकली थीं। उनके निकलने के कुछ देर बाद ही परिवार को हमले की खबर मिली, जिसके बाद पिता ने अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान की। पैसों के लेन-देन की वजह से मिल रही थीं धमकियां आयशा के पिता ने शिकायत में बताया है कि पिछले कुछ दिनों से आयशा को धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने शिकायत में कौसर और जावेद नाम के शख्स का भी जिक्र किया है। आरोप हैं कि दोनों पैसों के लेन-देन के चलते आयशा को धमकाते थे। इस्लामाबाद में इसकी शिकायत दर्ज की गई थी। एक साल पहले इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की भी घर में घुसकर की गई हत्या 2 जून 2025 को पाकिस्तान की पॉपुलर इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की उनके इस्लामाबाद स्थित घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की गई थी। कथित तौर पर इन्फ्लूएंसर की हत्या एकतरफा प्यार में की गई। काका नाम का एक शख्स बार-बार सना से मिलने की जिद कर रहा था, जब इन्फ्लूएंसर ने इनकार किया, तो उनकी हत्या कर दी गई। बीते साल पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी जिले में टिकटॉक क्रिएटर सुमीरा राजपूत की उनके घर में हत्या की गई थी। उनकी 15 साल की बेटी ने दावा किया कि कुछ लोग सुमीरा पर जबरन शादी का दबाव बना रहे थे। जब सुमीरा ने इससे इनकार किया तो उन्हें जहरीली गोलियां देकर हत्या कर दी गई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

पाकिस्तानी टिकटॉकर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या:कॉल कर बुलाया, ड्राइव करते हुए बाइकसवारों ने चलाई गोलियां, कार सड़क से उतरी; हत्या का CCTV सामने आया

Ayesha Gillani Murder | Pakistan Influencer Shot Dead CCTV Footage

पाकिस्तान की मशहूर इन्फ्लूएंसर और टिकटॉकर आयशा गिलानी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आयशा महज 28 साल की थीं, जिनके सोशल मीडिया पर 13 लाख से भी ज्यादा फॉलोवर्स थे। आयशा कार ड्राइव कर रही थीं, तभी दो अज्ञात बाइकसवारों ने चलती कार में उन पर हमला कर दिया। गोली लगते ही आयशा की कार बेकाबू होकर सड़क से उतर गई। अब इस हत्या का वीडियो सामने आया है। बॉलीवुड लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार, 28 साल की आयशा गिलानी को कॉल कर घर से बाहर बुलाया गया था। वह अपनी 15 साल की छोटी बहन और छोटे भाई नईमतुल्लाह के साथ घर से निकलीं। आयशा खुद कार ड्राइव कर रही थीं। कुछ दूरी पर ही दो बाइकसवार आए और चलती गाड़ी पर गोलियां चलाने लगे। हमले में आयशा की गर्दन में गोली लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन घायल हैं। देखिए हमले का वीडियो- एक कॉल आने के बाद घर से निकली थीं आयशा रिपोर्ट के अनुसार, आयशा के परिवार द्वारा दर्ज पुलिस शिकायत में बताया गया है कि घटना से ठीक पहले आयशा के मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले शख्स का नाम काशिफ उर्फ काशी था। उसने आयशा को जल्द ही मिलने के लिए बुलाया, जिसके बाद वो छोटे भाई-बहनों के साथ घर से निकली थीं। उनके निकलने के कुछ देर बाद ही परिवार को हमले की खबर मिली, जिसके बाद पिता ने अस्पताल पहुंचकर शव की पहचान की। पैसों के लेन-देन की वजह से मिल रही थीं धमकियां आयशा के पिता ने शिकायत में बताया है कि पिछले कुछ दिनों से आयशा को धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने शिकायत में कौसर और जावेद नाम के शख्स का भी जिक्र किया है। आरोप हैं कि दोनों पैसों के लेन-देन के चलते आयशा को धमकाते थे। इस्लामाबाद में इसकी शिकायत दर्ज की गई थी। एक साल पहले इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की भी घर में घुसकर की गई हत्या 2 जून 2025 को पाकिस्तान की पॉपुलर इन्फ्लूएंसर सना यूसुफ की उनके इस्लामाबाद स्थित घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की गई थी। कथित तौर पर इन्फ्लूएंसर की हत्या एकतरफा प्यार में की गई। काका नाम का एक शख्स बार-बार सना से मिलने की जिद कर रहा था, जब इन्फ्लूएंसर ने इनकार किया, तो उनकी हत्या कर दी गई। बीते साल पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी जिले में टिकटॉक क्रिएटर सुमीरा राजपूत की उनके घर में हत्या की गई थी। उनकी 15 साल की बेटी ने दावा किया कि कुछ लोग सुमीरा पर जबरन शादी का दबाव बना रहे थे। जब सुमीरा ने इससे इनकार किया तो उन्हें जहरीली गोलियां देकर हत्या कर दी गई।

कनाडा में पंजाबी लड़की को गोली लगी, मौत:दोस्त से मिलने गई थी; पड़ोसी बोले- 2 तेज आवाजों के बाद सुनाई दीं चीखें

कनाडा में पंजाबी लड़की को गोली लगी, मौत:दोस्त से मिलने गई थी; पड़ोसी बोले- 2 तेज आवाजों के बाद सुनाई दीं चीखें

कनाडा के एडमोंटन में पंजाबी लड़की की गोली लगने से मौत हो गई। वह अपनी दोस्त से मिलने एक टाउनहाउस कॉम्प्लेक्स गई थी। अगले दिन सुबह उसी जगह गोलीबारी की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो लड़की गंभीर हालत में मिली, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पड़ोसियों के मुताबिक लड़की की मौत से पहले घर से उसके चिल्लाने और रोने की आवाज सुनाई दी गई थी। एडमोंटन पुलिस सर्विस के होमिसाइड विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामला 139 एवेन्यू और 32 स्ट्रीट के पास का है। 16 अगस्त की सुबह करीब 6:50 बजे पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली थी। परिवार ने मृतका की पहचान जैजमिन ढेसी के रूप में की है। वह अपनी मां और दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहती थी। दोस्त से मिलने गई थी, उसी घर में नहीं रहती थी जांच में सामने आया कि जैजमिन उस घर में नहीं रहती थी जहां घटना हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पड़ोसियों ने बताया कि वह वहां अपनी एक दोस्त से मिलने आई थी। उसकी दोस्त का परिवार करीब दो महीने पहले ही उस जगह रहने आया था। पड़ोसी बोले- 2 तेज आवाजें सुनाई दीं, फिर चीखें आईं घटना के वक्त आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। एक पड़ोसी ने 2 तेज आवाजें सुनने की बात कही। इसके बाद एक लड़की के चीखने और रोने की आवाज सुनाई देने का भी दावा किया गया। मीडिया से बातचीत में एक पड़ोसी ने बताया कि उसकी नींद सुबह चीखों की आवाज से खुली। घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची और आसपास के लोगों में डर फैल गया। एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि उसकी छोटी बहन घटना के बाद इतनी डर गई कि वह सो नहीं पा रही थी। कुछ लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और घरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की बात कही। जिस घर में घटना हुई, वहां पहले भी पुलिस आने का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पड़ोसियों ने उस घर को लेकर भी चिंता जताई है। उनका दावा है कि वहां लोगों की लगातार आवाजाही रहती थी और पुलिस पहले भी उस घर पर आ चुकी थी। कुछ स्थानीय लोगों ने देर रात होने वाली पार्टियों और कॉम्प्लेक्स में बाहरी लोगों के लगातार आने-जाने की शिकायत भी की है। हालांकि, ये पड़ोसियों के दावे हैं। पुलिस ने इन बातों को जैजमिन की मौत से जोड़कर कोई पुष्टि नहीं की है। घटना से पहले विवाद और डोरबेल कैमरे में धमकी से जुड़े दावे भी सामने आए हैं। पुलिस ने अभी तक यह नहीं कहा कि किसी विवाद या धमकी का गोलीबारी से कोई संबंध था। इसी कॉम्प्लेक्स में 20 साल पहले भी हुई थी हत्या घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इस टाउनहाउस कॉम्प्लेक्स के पुराने इतिहास का भी जिक्र किया। पड़ोसी तान्या डालुग के मुताबिक, करीब 20 साल पहले इसी कॉम्प्लेक्स में नादिन रॉबिन्सन नाम की महिला की हत्या हुई थी। हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति पर आरोप तय नहीं हुआ था। ऑटोप्सी के बाद साफ होगी मौत की परिस्थितियां पुलिस के मुताबिक मृतका की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बुधवार को आएगी। मेडिकल एग्जामिनर की जांच से मौत के सटीक कारण और परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध मौत के तौर पर देख रही है। पुलिस ने लोगों से मांगी जानकारी एडमिंटन पुलिस सर्विस ने घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी रखने वाले लोगों से जांचकर्ताओं से संपर्क करने की अपील की है। जानकारी 780-423-4567 पर दी जा सकती है। गुमनाम सूचना 1-800-222-8477 नंबर पर दी जा सकती है।

शाहरुख, अजय, टाइगर पर भड़के मुकेश खन्ना:पान मसाला एड करने पर कहा- केसरिया आदाब के लिए नहीं, शर्म की हद है, जनता से माफी मांगो

शाहरुख, अजय, टाइगर पर भड़के मुकेश खन्ना:पान मसाला एड करने पर कहा- केसरिया आदाब के लिए नहीं, शर्म की हद है, जनता से माफी मांगो

‘शक्तिमान’ और ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने पान मसाला विज्ञापन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मिले कारण बताओ नोटिस का समर्थन किया। मुकेश खन्ना ने कहा कि इन कलाकारों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विज्ञापन पर तंज कसते हुए कहा कि ये कलाकार बाजार में ‘केसरिया आदाब’ करके घूम रहे थे। मुकेश खन्ना ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा, “सरकार की तरफ से, FDA की तरफ से जो तीन बड़े कलाकार बाजार में केसरिया आदाब करके घूम रहे थे, उनके खिलाफ नोटिस भेजा गया है। मुझे खुशी होती है कि कभी-कभी सरकार मेरी बातों पर ध्यान देती है, लेकिन जरा देर से ध्यान देती है। इसमें समय लगाती है।” वीडियो के साथ मुकेश खन्ना ने लिखा, “केसरिया आदाब के लिए नहीं होता। शौर्य, साहस और पराक्रम के लिए होता है। शर्म आती है ये देखकर, जब कोई आदाब करता है और इशारों से कहता है- गुटखा खाओ।” उन्होंने आगे लिखा, “शर्म की हद तब हो जाती है, जब ऐसा करने वाला जनता का पसंदीदा कलाकार होता है। समझ नहीं आता कि वह ये भद्दा आदाब क्यों करता है, जबकि उसके पास सब कुछ है।” मुकेश खन्ना ने कहा कि कलाकार युवाओं को सुधार सकते हैं, फिर उन्हें युवाओं को बिगाड़ने वाले विज्ञापन नहीं करने चाहिए। उन्होंने लिखा, “शुक्र है, देर-सबेर FDA जागा और नोटिस भेजी गई कि तुम लोग ऐसा क्यों कर रहे हो। जवाब का दुनिया को इंतजार है। मुझे भी। क्या आपको है?” मुकेश खन्ना ने वीडियो में कहा, “मैंने स्कूल के बच्चों की किताबों को लेकर आवाज उठाई थी। काफी सालों के बाद उस पर ध्यान दिया गया। मैंने कहा था कि वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान बना दिया जाए। अब इस पर मुहिम शुरू हो गई है। बड़े-बड़े कलाकार अपने आपको अच्छा समझते हैं और अच्छी जिंदगी जीते हैं, लेकिन लोगों को गलत जिंदगी जीने की राह दिखा रहे हैं। जो केसरिया आदाब कहकर विज्ञापन करते हैं, उनसे मैंने कई बार पूछा है कि आप कर क्या रहे हैं। करने के लिए आपके पास बहुत कुछ है, फिर भी आप इस तरह के विज्ञापन क्यों कर रहे हैं?” बोले- महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ब्रांड का अप्रत्यक्ष विज्ञापन मुकेश खन्ना ने कहा कि कलाकार भले ही इलायची का विज्ञापन करने की बात कहते हैं, लेकिन वे उसी नाम वाले ब्रांड का अप्रत्यक्ष विज्ञापन कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरोगेट विज्ञापन बताया। उन्होंने कहा, “आप उसी ब्रांड का प्रचार कर रहे हैं, जो बाजार में और महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है। मुझे हैरानी है कि सरकार के अधिकारियों ने कार्रवाई इतनी देर से क्यों की। इतने सालों से इन कलाकारों को शायद लाखों-करोड़ों रुपए मिल रहे थे। शायद सरकार को भी इससे काफी राजस्व मिल रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है।” मुकेश खन्ना बोले- कलाकारों को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए मुकेश खन्ना ने आगे कहा है, “इन कलाकारों को कहना चाहिए कि हमने गलत विज्ञापन किया है। अब गलत विज्ञापन किया है, तो इनका फर्ज बनता है कि वे लोगों को सही संदेश दें कि यह चीज खाने के लिए नहीं होती।” शाहरुख, अजय, टाइगर को मिला नोटिस महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, FDA ने 11 अगस्त को तीनों को नोटिस भेजकर विज्ञापन में उनकी भूमिका पर 15 दिन में जवाब और स्पष्टीकरण मांगा है। शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके घर ‘मन्नत’, अजय देवगन को जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी ‘टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी’ के पते पर नोटिस भेजा गया है। नोटिस में क्या कहा गया? FDA का कहना है कि विज्ञापन में ‘विमल’ नाम, प्रोडक्ट और डायलॉग इस तरह इस्तेमाल किए गए हैं कि इससे ‘विमल’ ब्रांड का प्रचार होता दिखता है। चूंकि ‘विमल’ ब्रांड पान मसाला से भी जुड़ा है, इसलिए FDA को शक है कि विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाले का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। तंबाकू और गुटखा नेटवर्क पर मकोका (MCOCA) की तैयारी महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाला पर 2012 से रोक है। यह रोक हर साल बढ़ाई जाती है। अभी की रोक 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए लागू है। इसके तहत पान मसाला बनाने, रखने, लाने-ले जाने और बेचने पर रोक है। इस कानून को हर साल रिन्यू किया जाता है। हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर ‘मकोका’ (MCOCA – महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। सरोगेट विज्ञापन गलत नहीं, लेकिन पान मसाला बैन होने से नोटिस इस तरह के विज्ञापन को सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है। इसका मतलब है कि किसी ऐसे प्रोडक्ट का सीधे विज्ञापन न करके, उसी ब्रांड के दूसरे प्रोडक्ट का विज्ञापन करना। जैसे पान मसाला ब्रांड की इलायची का विज्ञापन। यह विज्ञापन अपने आप में गलत नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में पान मसाला पर बैन है। FDA का कहना है कि इस वजह से राज्य में पान मसाले का इनडायरेक्ट प्रचार भी नहीं कर सकते। मुकेश खन्ना ने की थी जन गण मन हटाने की मांग की थी हाल ही में आईएएनएस को दिए बयान में मुकेश खन्ना ने कहा, ‘मैं तीन साल पहले बोल चुका हूं कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत बनाओ (ये राष्ट्रगीत ही है)। ये जन मन गण (जन गण मन) हमारे देश का नहीं है। ये जो क्वीन एलिजाबेथ थीं, उनके मान में रवींद्रनाथ टेगौर ने एक स्तुति गान लिखा था, उसको हमने मान लिया, भाग्य विधाता, पंजाब सिंग (सिंध)। अरे ये हमारा नहीं है। हमारा है वंदे मातरम, लता जी (मंगेशकर) ने गाया है।’ आगे उन्होंने

शाहरुख, अजय, टाइगर पर भड़के मुकेश खन्ना:पान मसाला एड करने पर कहा- केसरिया आदाब के लिए नहीं, शर्म की हद है, जनता से माफी मांगो

शाहरुख, अजय, टाइगर पर भड़के मुकेश खन्ना:पान मसाला एड करने पर कहा- केसरिया आदाब के लिए नहीं, शर्म की हद है, जनता से माफी मांगो

‘शक्तिमान’ और ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने पान मसाला विज्ञापन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मिले कारण बताओ नोटिस का समर्थन किया। मुकेश खन्ना ने कहा कि इन कलाकारों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विज्ञापन पर तंज कसते हुए कहा कि ये कलाकार बाजार में ‘केसरिया आदाब’ करके घूम रहे थे। मुकेश खन्ना ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा, “सरकार की तरफ से, FDA की तरफ से जो तीन बड़े कलाकार बाजार में केसरिया आदाब करके घूम रहे थे, उनके खिलाफ नोटिस भेजा गया है। मुझे खुशी होती है कि कभी-कभी सरकार मेरी बातों पर ध्यान देती है, लेकिन जरा देर से ध्यान देती है। इसमें समय लगाती है।” वीडियो के साथ मुकेश खन्ना ने लिखा, “केसरिया आदाब के लिए नहीं होता। शौर्य, साहस और पराक्रम के लिए होता है। शर्म आती है ये देखकर, जब कोई आदाब करता है और इशारों से कहता है- गुटखा खाओ।” उन्होंने आगे लिखा, “शर्म की हद तब हो जाती है, जब ऐसा करने वाला जनता का पसंदीदा कलाकार होता है। समझ नहीं आता कि वह ये भद्दा आदाब क्यों करता है, जबकि उसके पास सब कुछ है।” मुकेश खन्ना ने कहा कि कलाकार युवाओं को सुधार सकते हैं, फिर उन्हें युवाओं को बिगाड़ने वाले विज्ञापन नहीं करने चाहिए। उन्होंने लिखा, “शुक्र है, देर-सबेर FDA जागा और नोटिस भेजी गई कि तुम लोग ऐसा क्यों कर रहे हो। जवाब का दुनिया को इंतजार है। मुझे भी। क्या आपको है?” मुकेश खन्ना ने वीडियो में कहा, “मैंने स्कूल के बच्चों की किताबों को लेकर आवाज उठाई थी। काफी सालों के बाद उस पर ध्यान दिया गया। मैंने कहा था कि वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान बना दिया जाए। अब इस पर मुहिम शुरू हो गई है। बड़े-बड़े कलाकार अपने आपको अच्छा समझते हैं और अच्छी जिंदगी जीते हैं, लेकिन लोगों को गलत जिंदगी जीने की राह दिखा रहे हैं। जो केसरिया आदाब कहकर विज्ञापन करते हैं, उनसे मैंने कई बार पूछा है कि आप कर क्या रहे हैं। करने के लिए आपके पास बहुत कुछ है, फिर भी आप इस तरह के विज्ञापन क्यों कर रहे हैं?” बोले- महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ब्रांड का अप्रत्यक्ष विज्ञापन मुकेश खन्ना ने कहा कि कलाकार भले ही इलायची का विज्ञापन करने की बात कहते हैं, लेकिन वे उसी नाम वाले ब्रांड का अप्रत्यक्ष विज्ञापन कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरोगेट विज्ञापन बताया। उन्होंने कहा, “आप उसी ब्रांड का प्रचार कर रहे हैं, जो बाजार में और महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है। मुझे हैरानी है कि सरकार के अधिकारियों ने कार्रवाई इतनी देर से क्यों की। इतने सालों से इन कलाकारों को शायद लाखों-करोड़ों रुपए मिल रहे थे। शायद सरकार को भी इससे काफी राजस्व मिल रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है।” मुकेश खन्ना बोले- कलाकारों को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए मुकेश खन्ना ने आगे कहा है, “इन कलाकारों को कहना चाहिए कि हमने गलत विज्ञापन किया है। अब गलत विज्ञापन किया है, तो इनका फर्ज बनता है कि वे लोगों को सही संदेश दें कि यह चीज खाने के लिए नहीं होती।” शाहरुख, अजय, टाइगर को मिला नोटिस महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, FDA ने 11 अगस्त को तीनों को नोटिस भेजकर विज्ञापन में उनकी भूमिका पर 15 दिन में जवाब और स्पष्टीकरण मांगा है। शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके घर ‘मन्नत’, अजय देवगन को जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी ‘टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी’ के पते पर नोटिस भेजा गया है। नोटिस में क्या कहा गया? FDA का कहना है कि विज्ञापन में ‘विमल’ नाम, प्रोडक्ट और डायलॉग इस तरह इस्तेमाल किए गए हैं कि इससे ‘विमल’ ब्रांड का प्रचार होता दिखता है। चूंकि ‘विमल’ ब्रांड पान मसाला से भी जुड़ा है, इसलिए FDA को शक है कि विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाले का इनडायरेक्ट प्रचार किया जा रहा है। तंबाकू और गुटखा नेटवर्क पर मकोका (MCOCA) की तैयारी महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाला पर 2012 से रोक है। यह रोक हर साल बढ़ाई जाती है। अभी की रोक 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए लागू है। इसके तहत पान मसाला बनाने, रखने, लाने-ले जाने और बेचने पर रोक है। इस कानून को हर साल रिन्यू किया जाता है। हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर ‘मकोका’ (MCOCA – महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। सरोगेट विज्ञापन गलत नहीं, लेकिन पान मसाला बैन होने से नोटिस इस तरह के विज्ञापन को सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है। इसका मतलब है कि किसी ऐसे प्रोडक्ट का सीधे विज्ञापन न करके, उसी ब्रांड के दूसरे प्रोडक्ट का विज्ञापन करना। जैसे पान मसाला ब्रांड की इलायची का विज्ञापन। यह विज्ञापन अपने आप में गलत नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में पान मसाला पर बैन है। FDA का कहना है कि इस वजह से राज्य में पान मसाले का इनडायरेक्ट प्रचार भी नहीं कर सकते। मुकेश खन्ना ने की थी जन गण मन हटाने की मांग की थी हाल ही में आईएएनएस को दिए बयान में मुकेश खन्ना ने कहा, ‘मैं तीन साल पहले बोल चुका हूं कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत बनाओ (ये राष्ट्रगीत ही है)। ये जन मन गण (जन गण मन) हमारे देश का नहीं है। ये जो क्वीन एलिजाबेथ थीं, उनके मान में रवींद्रनाथ टेगौर ने एक स्तुति गान लिखा था, उसको हमने मान लिया, भाग्य विधाता, पंजाब सिंग (सिंध)। अरे ये हमारा नहीं है। हमारा है वंदे मातरम, लता जी (मंगेशकर) ने गाया है।’ आगे उन्होंने

ट्रम्प का ईरान से बातचीत की डेडलाइन बढ़ाने से इनकार:बोले- तेहरान जरूरी शर्तों वाला समझौता नहीं करना चाहता; 60 दिन की मोहलत खत्म

ट्रम्प का ईरान से बातचीत की डेडलाइन बढ़ाने से इनकार:बोले- तेहरान जरूरी शर्तों वाला समझौता नहीं करना चाहता; 60 दिन की मोहलत खत्म

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए तय 60 दिन की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। सोमवार को यह डेडलाइन खत्म हो गई। ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वह उस तरह की डील के लिए तैयार नहीं है, जिसे अमेरिका जरूरी मानता है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे उस तरह का समझौता नहीं करने जा रहे, जिसे मैं जरूरी मानता हूं।” अमेरिका की प्रमुख मांग ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। वहीं, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ऊर्जा के लिए जारी रखने की बात कहता रहा है। यही दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। 60 दिन पहले क्या हुआ था? अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को एक समझौता ज्ञापन (MOU) हुआ था। इसके तहत दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था। इस अवधि में कई अहम मुद्दों पर समाधान निकालने की कोशिश की जानी थी। लेकिन 60 दिन पूरे होने के बाद भी प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। होर्मुज स्ट्रेट खोलने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और स्थायी शांति समझौते को लेकर दोनों देशों की स्थिति अलग बनी हुई है। MOU में बातचीत की अवधि बढ़ाने का विकल्प था, लेकिन कई हफ्तों से वार्ता आगे नहीं बढ़ी थी। अब ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि अमेरिका इस अवधि को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। ईरान ने कहा- 60 दिन की डेडलाइन का कोई मतलब नहीं ईरान ने भी बातचीत की समयसीमा बढ़ाने को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच वास्तव में कोई बातचीत शुरू ही नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, “हमने कोई बातचीत शुरू ही नहीं की थी और अमेरिका ने शुरुआत से ही समझ को तोड़ दिया। इसलिए 60 दिन का मुद्दा प्रासंगिक नहीं है।” ईरान का कहना है कि अमेरिका ने समझ के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं। इसी वजह से तेहरान 60 दिन की अवधि को बातचीत की वास्तविक समयसीमा नहीं मानता। अमेरिका का सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने पर फोकस जुलाई के अंत के बाद से ईरान पर अमेरिका की ओर से किसी नए सैन्य हमले की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन अब आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अगले सप्ताह ईरान के खिलाफ ऐसे कदमों की घोषणा की जा सकती है, जो किसी देश को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के इतिहास में अभूतपूर्व होंगे। इससे संकेत मिलता है कि ट्रम्प प्रशासन फिलहाल ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर अपनी शर्तें मनवाने की कोशिश कर सकता है। होर्मुज स्ट्रेट भी बना बड़ा मुद्दा अमेरिका-ईरान विवाद में होर्मुज स्ट्रेट भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और गैस कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ट्रम्प ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका स्ट्रेट पर नाकाबंदी के जरिए नियंत्रण बनाए हुए है। उन्होंने इसे अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने के विचार का भी समर्थन किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, जुलाई के मध्य से अमेरिकी नाकाबंदी के दौरान 64 कॉमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है। समुद्री निगरानी एजेंसियों के मुताबिक, स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हुई है। ट्रम्प ने होर्मुज को लेकर ओमान को भी चेतावनी दी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने अमेरिका के सहयोगी ओमान को भी कड़ी चेतावनी दी है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर ओमान इस मामले में अमेरिका के रास्ते में आया तो उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ओमान ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और इसके नियंत्रण को दोनों देशों के पास रखने की योजना पर काम कर रहा है। वह पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। आगे क्या होगा? 60 दिन की समयसीमा खत्म होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता और मुश्किल होता दिख रहा है। ट्रम्प प्रशासन जहां आर्थिक दबाव बढ़ाने के संकेत दे रहा है, वहीं ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आर्थिक और सैन्य दबाव ईरान को नई बातचीत के लिए तैयार करेगा या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा। होर्मुज स्ट्रेट पर जारी गतिरोध इस स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

ट्रम्प का ईरान से बातचीत की डेडलाइन बढ़ाने से इनकार:बोले- तेहरान जरूरी शर्तों वाला समझौता नहीं करना चाहता; 60 दिन की मोहलत खत्म

ट्रम्प का ईरान से बातचीत की डेडलाइन बढ़ाने से इनकार:बोले- तेहरान जरूरी शर्तों वाला समझौता नहीं करना चाहता; 60 दिन की मोहलत खत्म

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए तय 60 दिन की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। सोमवार को यह डेडलाइन खत्म हो गई। ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वह उस तरह की डील के लिए तैयार नहीं है, जिसे अमेरिका जरूरी मानता है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे उस तरह का समझौता नहीं करने जा रहे, जिसे मैं जरूरी मानता हूं।” अमेरिका की प्रमुख मांग ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। वहीं, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ऊर्जा के लिए जारी रखने की बात कहता रहा है। यही दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। 60 दिन पहले क्या हुआ था? अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को एक समझौता ज्ञापन (MOU) हुआ था। इसके तहत दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था। इस अवधि में कई अहम मुद्दों पर समाधान निकालने की कोशिश की जानी थी। लेकिन 60 दिन पूरे होने के बाद भी प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। होर्मुज स्ट्रेट खोलने, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और स्थायी शांति समझौते को लेकर दोनों देशों की स्थिति अलग बनी हुई है। MOU में बातचीत की अवधि बढ़ाने का विकल्प था, लेकिन कई हफ्तों से वार्ता आगे नहीं बढ़ी थी। ईरान ने कहा- 60 दिन की डेडलाइन का कोई मतलब नहीं ईरान ने भी बातचीत की समयसीमा बढ़ाने को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच वास्तव में कोई बातचीत शुरू ही नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, “हमने कोई बातचीत शुरू ही नहीं की थी और अमेरिका ने शुरुआत से ही समझ को तोड़ दिया। इसलिए 60 दिन का मुद्दा प्रासंगिक नहीं है।” ईरान का कहना है कि अमेरिका ने समझ के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं। इसी वजह से तेहरान 60 दिन की अवधि को बातचीत की वास्तविक समयसीमा नहीं मानता। अमेरिका का सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव बढ़ाने पर फोकस जुलाई के अंत के बाद से अमेरिका ने ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया है। अब ट्रम्प प्रशासन ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अगले हफ्ते ईरान के खिलाफ नए आर्थिक कदमों का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कि ये कदम अब तक किसी देश पर लगाए गए सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में शामिल हो सकते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो अमेरिका फिलहाल ईरान पर बम गिराने के बजाय उसकी कमाई और कारोबार पर चोट करके अपनी शर्तें मनवाना चाहता है। बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट भी बना बड़ा मुद्दा अमेरिका-ईरान विवाद में होर्मुज स्ट्रेट भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के तेल और गैस कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ट्रम्प ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका स्ट्रेट पर नाकाबंदी के जरिए नियंत्रण बनाए हुए है। उन्होंने इसे अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने के विचार का भी समर्थन किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, जुलाई के मध्य से अमेरिकी नाकाबंदी के दौरान 64 कॉमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है। समुद्री निगरानी एजेंसियों के मुताबिक, स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हुई है। ट्रम्प ने होर्मुज को लेकर ओमान को भी चेतावनी दी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने अमेरिका के सहयोगी ओमान को भी कड़ी चेतावनी दी है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर ओमान इस मामले में अमेरिका के रास्ते में आया तो उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ओमान ईरान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और इसके नियंत्रण को दोनों देशों के पास रखने की योजना पर काम कर रहा है। वह पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। आगे क्या होगा? 60 दिन की समयसीमा खत्म होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता और मुश्किल होता दिख रहा है। ट्रम्प प्रशासन जहां आर्थिक दबाव बढ़ाने के संकेत दे रहा है, वहीं ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आर्थिक और सैन्य दबाव ईरान को नई बातचीत के लिए तैयार करेगा या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा। होर्मुज स्ट्रेट पर जारी गतिरोध इस स्थिति को और गंभीर बना सकता है। ————————- ये खबर भी पढ़े…. ईरान-अमेरिका के बीच 60 दिन की डेडलाइन खत्म:फिर ट्रम्प ने हमले का आदेश क्यों नहीं दिया; दुश्मन को 3 तरफ से घेरने की स्ट्रैटजी अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुआ 60 दिन का समझौता सोमवार को खत्म हो गया। इसका मकसद दोनों देशों के बीच युद्ध रोकना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद का समाधान निकालना था। डेडलाइन खत्म होने के बावजूद न तो कोई फाइनल समझौता हुआ, न ही अमेरिका ने ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया। पूरी खबर यहां पढ़े…