कंगना के पुराने राखी एड पर कुनिक्का सदानंद का तंज:कृति सेनन के जिन कपड़ों पर आपत्ति जताई, खुद वैसे कपड़े पहने दिखीं; जानिए पूरा विवाद

कंगना रनोट लगातार एक्ट्रेस कृति सेनन के उस एड के खिलाफ बयान दे रही हैं, जिसमें एक्ट्रेस ने रक्षाबंधन सेलिब्रेट करते हुए रिवीलिंग कपड़े पहने हैं। अब सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई और यूजर्स ने कंगना के पुराने लुक की तुलना कृति के विज्ञापन वाले लुक से की। कंगना ने कृति के विरोध में कहा- फेस्टिवल में ब्रालेट नहीं पहन सकते कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के एड में पहने गए कपड़ों की निंदा कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
कंगना के पुराने राखी एड पर कुनिक्का सदानंद का तंज:कृति सेनन के जिन कपड़ों पर आपत्ति जताई, खुद वैसे कपड़े पहने दिखीं; जानिए पूरा विवाद

कंगना रनोट लगातार एक्ट्रेस कृति सेनन के उस एड के खिलाफ बयान दे रही हैं, जिसमें एक्ट्रेस ने रक्षाबंधन सेलिब्रेट करते हुए रिवीलिंग कपड़े पहने हैं। अब सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई और यूजर्स ने कंगना के पुराने लुक की तुलना कृति के विज्ञापन वाले लुक से की। कंगना ने कृति के विरोध में कहा- फेस्टिवल में ब्रालेट नहीं पहन सकते कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के एड में पहने गए कपड़ों की निंदा कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
Jharkhand Student Protest Success | BPSC Teacher Recruitment Update

Hindi News Career Jharkhand Student Protest Success | BPSC Teacher Recruitment Update 3 मिनट पहले कॉपी लिंक हाल ही में हुए छात्र आंदोलन में यह तीसरा आंदोलन है जिसमें सरकार ने छात्रों की मांगे मान ली हैं। इसके चलते BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक ही चरण में करने का फैसला किया है। इस एग्जाम के लिए अब प्रीलिम्स और मेन्स एग्जाम का आयोजन नहीं किया जाएगा। ये घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। सरकार के इस फैसले से बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा सिस्टम को खत्म करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिली है। बिहार में BPSC TRE-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र गर्दनीबाग में डटे हुए थे। सरकार के बैकफुट पर आने और सम्राट चौधरी द्वारा छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार करने के बाद आंदोलन खत्म हुआ और धरना स्थल जीत के जश्न में डूब गया। CM सम्राट बोले- छात्रों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा – छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। इस पर अब कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस बार TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव और अनुशंसा देने के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया गया है। पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी। सीएम ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर किया जा रहा है। छात्र नेता ने तोड़ा अनशन सरकार के इस फैसले के बाद पटना के गर्दनीबाग में 18 अगस्त से धरने पर बैठे छात्र नेता अमन और जहान्वी ने अपना अनशन तोड़ दिया। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने छात्र नेता अमन को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। छात्र नेता सौरभ ने कहा कि सरकार ने सभी मांगे मान ली हैं। छात्र एकता और संघर्ष की जीत हुई है। छात्रों के सामने सरकार झुकी है। वहीं, पटना के गर्दनीबाग में जश्न मना रहे छात्रों ने कहा, मिस्टेक तिवारी का माफीनामा आया है। सरकार के फैसले के बाद गर्दनीबाग में बैठे छात्रों ने जश्न मनाया, कहा मिस्टेक तिवारी का माफीनामा आया है। जंतर – मंतर पर छात्रों की जीत से बढ़े हौसले : जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा छात्र आंदोलन शुरू हुआ। रांची की सड़कों पर JPSC और JSSC परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ हजारों छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में भाग लिया। झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र सड़कों पर उतरे। इस आंदोलन की जीत ने विद्यार्थियों को अपनी मांगे उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह आंदोलन कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हुआ। आंदोलनरत छात्रों को विभिन्न राजनीतिक दलों का भी समर्थन भी मिला। छात्रों ने दिखाया अपना जोश, धरना स्थल पर ही रहे छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर परीक्षा की व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो उनका यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले लेगा। छात्रों ने धरना स्थल पर रहने का ही फैसला किया। यहां उन्होंने अपना खाना खुद बनाया। इस धरने के बीच भी छात्रों ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने टेंट के अंदर ही पढ़ाई भी की। तेज बारिश में भी उनके हौसले पस्त नहीं हुए। उन्होंने धरना स्थल पर तिरपाल लगाकर अपने लिए टेंट बना लिया। छात्रों ने यह तय कर लिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की गारंटी नहीं दे देती, तब तक वे इस धरने से नहीं उठेंगे और उनका यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। आंदोलन का असर – स्थगित हुई परीक्षा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC ) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को स्थगित कर दिया है। जेपीएससी के अध्यक्ष रहे एल. खियांगते ने इस्तीफा दे दिया है और जेपीएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों मामले की जांच सीआईडी कर रही है। सीजेपी की जीत से भड़का झारखंड आंदोलन PSC/JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी, पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की मांग के चलते 25 जुलाई को झारखंड में छात्र आंदोलन की शुरुआत हुई। यह आंदोलन 12 अगस्त तक जारी रहा। इसमें 6 प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। इस आंदोलन की भड़कती आग को देखते हुए 27 अगस्त को सरकार ने JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए तीन सदस्यीय हाईलेवल कमेटी गठित की। 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द हुईं झारखंड में भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार ने बड़ा फैसला किया। इसके तहत 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गई। इनकी पूरी सूचना कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की तरफ से जारी की गई। रद्द हुई परीक्षाओं को लेकर नया आंदोलन झारखंड आंदोलन के बाद JSSC-CGL में चयनित लगभग 2,950 उम्मीदवार परीक्षा रद्द करने के फैसले से गुस्से में आए। ये उम्मीदवार परीक्षा पास करके नियुक्ति की प्रक्रिया तक पहुंच चुके थे, इसलिए सरकार के फैसले के बाद उनकी स्थिति को लेकर विरोध शुरू हुआ। उम्मीदवारों का गुस्सा फूटा उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनके सामने दोबारा बेरोजगार होने का संकट खड़ा हो गया है। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा – सरकार के फैसले के बाद वह सड़क पर आ गया है। बता दें कि JSSC-CGL में लगभग 2950 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए थे। ये खबर भी पढ़ें : डाक विभाग में 25 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती:10वीं पास को मौका, एज लिमिट 40 साल इंडिया पोस्ट ऑफिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इस भर्ती के लिए 31 अगस्त से आवेदन शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.indiapost.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
टॉक्सिक एक्ट्रेस रुक्मिणी के पिता को मिला था अशोक चक्र:कर्नल वसंत वेणुगोपाल उरी में आठ आतंकियों से लड़े थे, परिवार ने सेवा परंपरा जारी रखी

एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत इन दिनों यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से अलग रुक्मिणी की जिंदगी की कहानी भी प्रेरणादायक है। जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। कर्नल वसंत ने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया और बाद में उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी और बेटियों ने भी सैनिक परिवारों की मदद का काम आगे बढ़ाया। कौन थे कर्नल वसंत वेणुगोपाल? रुक्मिणी वसंत के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। वह 9वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर थे। 31 जुलाई 2007 को वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों का एक समूह लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था। रुक्मिणी ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि इस ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया, लेकिन मुठभेड़ में कर्नल वसंत और उनके रेडियो ऑपरेटर की शहादत हो गई। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। रुक्मिणी के मुताबिक, कर्नल वसंत कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले सेना अधिकारी थे। बेटी के लिए पिता थे बेहद खास रुक्मिणी ने अपने पिता को याद करते हुए कई मौकों पर उनके बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि पिता बेहद प्यार करने वाले इंसान थे, लेकिन एक सैनिक के तौर पर भी पूरी तरह समर्पित थे। कर्नल वसंत का मानना था कि एक अधिकारी को अपने जवानों का नेतृत्व सबसे आगे रहकर करना चाहिए। इसी सोच के साथ वह ऑपरेशन में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। रुक्मिणी उस समय महज 10 साल की थीं। इतनी कम उम्र में पिता को खोने का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया है कि बचपन में हुई इस घटना की हर बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन पिता की यादें आज भी उनके साथ हैं। पति की शहादत के बाद अकेले बेटियों को पाला कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी वसंत के सामने दो बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। सुभाषिनी भरतनाट्यम डांसर हैं। पति की शहादत के करीब छह महीने बाद उन्होंने ‘वसंतरत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों और उनकी विधवाओं की मदद करना है। रुक्मिणी ने बताया था कि उनके पिता शहीद सैनिकों के परिवारों से लगातार मिलते थे। वह उनके घर जाते, परिवार के साथ समय बिताते और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे। कई बार सुभाषिनी भी उनके साथ जाती थीं। पिता की मौत के बाद सुभाषिनी ने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अशोक चक्र के बाद मुआवजे के लिए भी करना पड़ा संघर्ष कर्नल वसंत की शहादत के बाद परिवार को एक और संघर्ष से गुजरना पड़ा। अशोक चक्र विजेता के परिवार को मुआवजे के तौर पर जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए सुभाषिनी को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। 1971 के कर्नाटक सरकार के आदेश के तहत अशोक चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.25 लाख रुपए या दो एकड़ सिंचित जमीन देने का प्रावधान था। कई साल बाद सुभाषिनी ने इस नियम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम थी और नियम में बदलाव की जरूरत थी। 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपने अधिकार के लिए सरकारी अधिकारियों के पास बार-बार जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था। पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं रुक्मिणी कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनके परिवार ने सैनिकों और उनके परिवारों की मदद का काम जारी रखा। वहीं रुक्मिणी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज वह कन्नड़ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आ रही हैं। रुक्मिणी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री के संघर्ष और सफलता की नहीं है। इसके पीछे एक शहीद पिता की विरासत, मां की जिम्मेदारी और सैनिक परिवारों की मदद करने की सोच भी है, जिसे उनका परिवार आज तक आगे बढ़ा रहा है।_ ________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है।पूरी खबर पढ़ें..
टॉक्सिक एक्ट्रेस रुक्मिणी के पिता को मिला था अशोक चक्र:कर्नल वसंत वेणुगोपाल उरी में आठ आतंकियों से लड़े थे, परिवार ने सेवा परंपरा जारी रखी

एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत इन दिनों यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से अलग रुक्मिणी की जिंदगी की कहानी भी प्रेरणादायक है। जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। कर्नल वसंत ने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया और बाद में उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी और बेटियों ने भी सैनिक परिवारों की मदद का काम आगे बढ़ाया। कौन थे कर्नल वसंत वेणुगोपाल? रुक्मिणी वसंत के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। वह 9वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर थे। 31 जुलाई 2007 को वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों का एक समूह लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था। रुक्मिणी ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि इस ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया, लेकिन मुठभेड़ में कर्नल वसंत और उनके रेडियो ऑपरेटर की शहादत हो गई। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। रुक्मिणी के मुताबिक, कर्नल वसंत कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले सेना अधिकारी थे। बेटी के लिए पिता थे बेहद खास रुक्मिणी ने अपने पिता को याद करते हुए कई मौकों पर उनके बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि पिता बेहद प्यार करने वाले इंसान थे, लेकिन एक सैनिक के तौर पर भी पूरी तरह समर्पित थे। कर्नल वसंत का मानना था कि एक अधिकारी को अपने जवानों का नेतृत्व सबसे आगे रहकर करना चाहिए। इसी सोच के साथ वह ऑपरेशन में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। रुक्मिणी उस समय महज 10 साल की थीं। इतनी कम उम्र में पिता को खोने का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया है कि बचपन में हुई इस घटना की हर बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन पिता की यादें आज भी उनके साथ हैं। पति की शहादत के बाद अकेले बेटियों को पाला कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी वसंत के सामने दो बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। सुभाषिनी भरतनाट्यम डांसर हैं। पति की शहादत के करीब छह महीने बाद उन्होंने ‘वसंतरत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों और उनकी विधवाओं की मदद करना है। रुक्मिणी ने बताया था कि उनके पिता शहीद सैनिकों के परिवारों से लगातार मिलते थे। वह उनके घर जाते, परिवार के साथ समय बिताते और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे। कई बार सुभाषिनी भी उनके साथ जाती थीं। पिता की मौत के बाद सुभाषिनी ने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अशोक चक्र के बाद मुआवजे के लिए भी करना पड़ा संघर्ष कर्नल वसंत की शहादत के बाद परिवार को एक और संघर्ष से गुजरना पड़ा। अशोक चक्र विजेता के परिवार को मुआवजे के तौर पर जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए सुभाषिनी को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। 1971 के कर्नाटक सरकार के आदेश के तहत अशोक चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.25 लाख रुपए या दो एकड़ सिंचित जमीन देने का प्रावधान था। कई साल बाद सुभाषिनी ने इस नियम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम थी और नियम में बदलाव की जरूरत थी। 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपने अधिकार के लिए सरकारी अधिकारियों के पास बार-बार जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था। पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं रुक्मिणी कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनके परिवार ने सैनिकों और उनके परिवारों की मदद का काम जारी रखा। वहीं रुक्मिणी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज वह कन्नड़ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आ रही हैं। रुक्मिणी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री के संघर्ष और सफलता की नहीं है। इसके पीछे एक शहीद पिता की विरासत, मां की जिम्मेदारी और सैनिक परिवारों की मदद करने की सोच भी है, जिसे उनका परिवार आज तक आगे बढ़ा रहा है।_ ________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है।पूरी खबर पढ़ें..
राखी पर रामदेव ने कंगना के लिए भेजी मिठाइयां-रुपए:बोले- विवाद खत्म करें; कंगना ने कहा था- बाबा मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका

रक्षाबंधन पर योग गुरु बाबा रामदेव ने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के लिए मिठाई और उपहार भेजा। उन्होंने एक सफेद लिफाफे में 500 रुपए के नोटों की गड्डी भी भेजी। इस दौरान रामदेव ने कहा कि रिश्तों में मिठास बनी रहनी चाहिए और पुराने गिले-शिकवे भुलाकर प्रेम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। रामदेव ने कहा कि देश में किसी भी कारण से नफरत और एक-दूसरे के प्रति वैर-भाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनके और कंगना रनोट के बीच विवाद की चर्चा हुई थी, जिसे संवाद के जरिए खत्म किया जाना चाहिए। रामदेव ने यह भी कहा कि वे कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे। इसके बाद कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रामदेव का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा- “त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।” पहले जानिए विवाद कैसे शुरू हुआ कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” रामदेव की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने भी पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि बाबा रामदेव को उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम नहीं करना चाहिए। कंगना ने फिर उठाया पुराना विवाद विवाद शांत होने के बाद अब कंगना ने एक बार फिर बाबा रामदेव की टिप्पणी का जिक्र किया है। डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि बाबा रामदेव उनसे पहले से ही नाराज चल रहे हैं। कंगना ने कहा, “अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।” अब रक्षाबंधन पर रामदेव ने भेजा गिफ्ट पुराने विवाद के बीच रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने अपने बयान में साफ कहा कि पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद को संवाद से खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देने की बात भी कही। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
पाकिस्तान में गुरुद्वारा गिराया, मॉल बनाने की तैयारी:बलूचिस्तान में 200 साल पहले बना था, BJP बोली- सिखों की विरासत खत्म करने की कोशिश

पाकिस्तान के बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब को गिरा दिया गया। अब इस जगह पर एक मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बलूचिस्तान गुरुद्वारा सिंह सभा के सदस्य सरदार जसबीर सिंह के अनुसार, बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारे थे, जिनमें से अब सिर्फ 2 बचे हैं। गुरुद्वारे को गिराए जाने पर भारत में भी कड़ा विरोध हो रहा है। भाजपा के नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह ने अकाल तख्त साहिब से मामले को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाने और स्वतंत्र जांच की मांग की है। 200 साल पुराने गुरुद्वारे में खुला था स्कूल क्वेटा के आर्चर रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा परिसर में बाद में सेंट गैब्रिएल स्कूल संचालित हो रहा था। सिख समुदाय के नेता सरदार जसबीर सिंह के मुताबिक, अब उसी गुरुद्वारे को ढहाकर यहां शॉपिंग प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है। मामला बलूचिस्तान हाई कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल निर्माण रोकने से इनकार कर दिया है। निजी बिल्डर को जमीन बेची गई सिख समुदाय के मुताबिक, यह जमीन श्री गुरु सिंह सभा से जुड़ी संपत्ति थी। आरोप है कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने इसे एक निजी बिल्डर को बेच दिया। अब सवाल उठ रहा है कि ETPB को इस धार्मिक संपत्ति को बेचने का अधिकार किस आधार पर मिला और जमीन की बिक्री की प्रक्रिया क्या थी? इस पर पाकिस्तान सरकार या ETPB की ओर से आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें क्या बोले आरपी सिंह:- फारूकाबाद में भी 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ा गया था पाकिस्तान के फारूकाबाद में भी 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को तोड़ा गया था। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि ये खबर बेहद दुखद है। उन्होंने कहा था कि भारत इस घटना की कड़ी निंदा करता है। यह सिखों के एक पवित्र धार्मिक स्थल को जानबूझकर निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ है। सबसे चिंता की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने की ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे साफ है कि वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले अब भी जारी हैं।
Amaal Mallik Announces Break From Music Industry

3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमाल मलिक पिछले 11 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। सिंगर अमाल मलिक ने म्यूजिक इंडस्ट्री से ब्रेक लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अब वो नए गाने साइन नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर ब्रेक अनाउंस करते हुए अमाल ने सेहत, रिकवरी का हवाला दिया और भावुक नोट शेयर किया। यह ऐलान अमाल के उन हालिया बयानों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के ताकतवर लोगों पर उन्हें किनारे करने और उनके काम को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कहा- शरीर और आत्मा को आराम देना जरूरी अमाल ने X पर लिखा, ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं और इस बार मैं अपने लिए वही करूंगा, जो मेरे लिए सबसे अच्छा है। अब मैं सिर्फ उन्हीं चीजों पर ध्यान देना चाहता हूं, जो मेरे दिल के करीब हैं और मेरी सेहत के लिए जरूरी हैं। इस समय मुझे अपने दिमाग, शरीर और आत्मा को थोड़ा आराम देने की जरूरत है, ताकि मैं पूरी तरह से खुद को ठीक कर सकूं। जल्द ही एक नई एनर्जी के साथ वापस आना चाहता हूं और आप सभी मेरे प्यारे अमालियन्स के लिए दिल में ढेर सारे नए गाने लेकर लौटना चाहता हूं।’ सिंगर ने लिखा- मुझे विदा करो आगे उन्होंने लिखा, ‘अगले साल तक मैं फिल्मों के लिए कोई नया गाना नहीं करूंगा। मेरी कुछ पुरानी और रिलीज नहीं हुई फिल्मों के गाने जल्द ही आ सकते हैं, अगर वे फिल्में रिलीज होती हैं। ये कम बजट की फिल्में हैं, जिन्हें अच्छे इरादों के साथ बनाया गया है। ऐसी फिल्मों को आसानी से सिनेमाघरों में स्क्रीन नहीं मिलतीं, इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि इन फिल्मों का भविष्य क्या होगा। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इस बारे में मुझसे बार-बार सवाल न करें।’ आखिर में अमाल ने लिखा है, ‘संगीत से सिनेमा तक का सफर मुझे बहुत दूर ले आया है। अब मैं फिर से संगीत की ओर लौटने लगा हूं।अब मुझे विदा करो। मैं जल्द वापस आऊंगा। फिलहाल कुछ समय के लिए आप सभी से विदा ले रहा हूं।’ बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’ ये पोस्ट अमाल ने जुलाई में शेयर की थी। पारिवारिक विवाद से भी चर्चा में रहे अमाल मलिक अमाल मलिक ने बीते साल परिवार को डिप्रेशन का जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे रिश्ते खत्म कर लिए थे। सोशल मीडिया पोस्ट पर परिवार से रिश्ता तोड़ने का ऐलान करते हुए अमाल ने लिखा था, मैं अब ऐसी स्टेज पर आ गया हूं, जहां मैं दर्द नहीं छिपा सकता। सालों से मुझे ऐसा महसूस करवाया गया है कि मैं कमतर हूं, जबकि मैं लोगों को सेफ जिंदगी देने के लिए दिन रात मेहनत करता हूं। मैंने अपने हर सपने को तोड़ दिया और जाना की लोग मुझसे बुरा व्यवहार करते हैं और पूछते हैं कि मैंने क्या किया है।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मुझसे मेरी शांति छीन ली गई है, मुझे इमोशनली निचोड़ लिया गया है, शायद आर्थिक रूप से भी, लेकिन मैं इससे ज्यादा परेशान नहीं हूं। जिस चीज से सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है वो ये कि मैं क्लीनिकली डिप्रेशन में हूं, क्योंकि ये सब हो रहा है। हां, मेरे एक्शन के लिए मैं खुद को ही दोषी मान सकता हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान को कई बार उन प्रिय लोगों के कामों ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मेरी आत्मा के टुकड़े चुरा लिए हैं।’ बिग बॉस से किया कमबैक, अंकल अनु मलिक पर दिए विवादित बयान रिकवरी के बीच अमाल मलिक ने रियलिटी शो बिग बॉस 19 में हिस्सा लिया। शो में उन्होंने अंकल अनु मलिक पर पिता डब्बू मलिक का करियर खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनु मलिक ने उनके पिता डब्बू मलिक से काम छीन लिया और उनका करियर बर्बाद किया। अमाल ने दावा किया कि अगर इंडस्ट्री में उनके पिता को काम मिलता
Amaal Mallik Announces Break From Music Industry

19 मिनट पहले कॉपी लिंक अमाल मलिक पिछले 11 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। सिंगर अमाल मलिक ने म्यूजिक इंडस्ट्री से ब्रेक लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अब वो नए गाने साइन नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर ब्रेक अनाउंस करते हुए अमाल ने सेहत, रिकवरी का हवाला दिया और भावुक नोट शेयर किया। यह ऐलान अमाल के उन हालिया बयानों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के ताकतवर लोगों पर उन्हें किनारे करने और उनके काम को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कहा- शरीर और आत्मा को आराम देना जरूरी अमाल ने X पर लिखा, ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं और इस बार मैं अपने लिए वही करूंगा, जो मेरे लिए सबसे अच्छा है। अब मैं सिर्फ उन्हीं चीजों पर ध्यान देना चाहता हूं, जो मेरे दिल के करीब हैं और मेरी सेहत के लिए जरूरी हैं। इस समय मुझे अपने दिमाग, शरीर और आत्मा को थोड़ा आराम देने की जरूरत है, ताकि मैं पूरी तरह से खुद को ठीक कर सकूं। जल्द ही एक नई एनर्जी के साथ वापस आना चाहता हूं और आप सभी मेरे प्यारे अमालियन्स के लिए दिल में ढेर सारे नए गाने लेकर लौटना चाहता हूं।’ सिंगर ने लिखा- मुझे विदा करो आगे उन्होंने लिखा, ‘अगले साल तक मैं फिल्मों के लिए कोई नया गाना नहीं करूंगा। मेरी कुछ पुरानी और रिलीज नहीं हुई फिल्मों के गाने जल्द ही आ सकते हैं, अगर वे फिल्में रिलीज होती हैं। ये कम बजट की फिल्में हैं, जिन्हें अच्छे इरादों के साथ बनाया गया है। ऐसी फिल्मों को आसानी से सिनेमाघरों में स्क्रीन नहीं मिलतीं, इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि इन फिल्मों का भविष्य क्या होगा। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इस बारे में मुझसे बार-बार सवाल न करें।’ आखिर में अमाल ने लिखा है, ‘संगीत से सिनेमा तक का सफर मुझे बहुत दूर ले आया है। अब मैं फिर से संगीत की ओर लौटने लगा हूं।अब मुझे विदा करो। मैं जल्द वापस आऊंगा। फिलहाल कुछ समय के लिए आप सभी से विदा ले रहा हूं।’ बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’ ये पोस्ट अमाल ने जुलाई में शेयर की थी। पारिवारिक विवाद से भी चर्चा में रहे अमाल मलिक अमाल मलिक ने बीते साल परिवार को डिप्रेशन का जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे रिश्ते खत्म कर लिए थे। सोशल मीडिया पोस्ट पर परिवार से रिश्ता तोड़ने का ऐलान करते हुए अमाल ने लिखा था, मैं अब ऐसी स्टेज पर आ गया हूं, जहां मैं दर्द नहीं छिपा सकता। सालों से मुझे ऐसा महसूस करवाया गया है कि मैं कमतर हूं, जबकि मैं लोगों को सेफ जिंदगी देने के लिए दिन रात मेहनत करता हूं। मैंने अपने हर सपने को तोड़ दिया और जाना की लोग मुझसे बुरा व्यवहार करते हैं और पूछते हैं कि मैंने क्या किया है।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मुझसे मेरी शांति छीन ली गई है, मुझे इमोशनली निचोड़ लिया गया है, शायद आर्थिक रूप से भी, लेकिन मैं इससे ज्यादा परेशान नहीं हूं। जिस चीज से सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है वो ये कि मैं क्लीनिकली डिप्रेशन में हूं, क्योंकि ये सब हो रहा है। हां, मेरे एक्शन के लिए मैं खुद को ही दोषी मान सकता हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान को कई बार उन प्रिय लोगों के कामों ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मेरी आत्मा के टुकड़े चुरा लिए हैं।’ बिग बॉस से किया कमबैक, अंकल अनु मलिक पर दिए विवादित बयान रिकवरी के बीच अमाल मलिक ने रियलिटी शो बिग बॉस 19 में हिस्सा लिया। शो में उन्होंने अंकल अनु मलिक पर पिता डब्बू मलिक का करियर खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनु मलिक ने उनके पिता डब्बू मलिक से काम छीन लिया और उनका करियर बर्बाद किया। अमाल ने दावा किया कि अगर इंडस्ट्री में उनके पिता को काम मिलता
Toxic Box Office Collection | Yash Movie Earnings Dip After Negative Reviews

7 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई है। कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, गुरुवार को दूसरे दिन टॉक्सिक ने देशभर में सभी भाषाओं को मिलाकर 22,629 शोज से 36.40 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। बुधवार को फिल्म ने 101.10 करोड़ रुपए कमाए थे। इसके मुकाबले दूसरे दिन कमाई 63.99% घट गई। करीब 500 करोड़ रुपए के बजट में बनी टॉक्सिक ने दो दिन में भारत में 164.50 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन 137.50 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म को आज रक्षाबंधन और लॉन्ग वीकेंड का फायदा मिल सकता है, लेकिन दर्शकों द्वारा जिस तरह फिल्म की आलोचना की जा रही है, उससे ये अनुमान गलत साबित भी हो सकता है। हिंदी वर्जन से सबसे ज्यादा कमाई दूसरे दिन भी टॉक्सिक की सबसे ज्यादा कमाई हिंदी डब वर्जन से हुई। हालांकि, हिंदी वर्जन की कमाई पहले दिन के मुकाबले काफी घट गई। बुधवार को रिलीज के दिन हिंदी वर्जन ने 55.00 करोड़ रुपए का नेट बिजनस किया था। गुरुवार को यह कमाई घटकर 23.00 करोड़ रुपए रह गई। विदेशों में भी कमाई घटी यश, नयनतारा, कियारा आडवानी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत की फिल्म की विदेशों में भी दूसरे दिन कमाई कम हुई। ओपनिंग डे पर फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में 16.25 करोड़ रुपए का ग्रॉस बिजनस किया था। दूसरे दिन विदेशों से 10.00 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन हुआ। दो दिनों में टॉक्सिक ने विदेशों से कुल 26.25 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। भारत और विदेशों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 190.75 करोड़ रुपए हो गया है। धुरंधर 2 के मुकाबले आधी कमाई भी नहीं टॉक्सिक पहले दिन देश में रणवीर सिंह की धुरंधर 2 के ओपनिंग डे रिकॉर्ड के करीब पहुंची थी। धुरंधर 2 ने पहले दिन 102.55 करोड़ रुपए कमाए थे, जबकि टॉक्सिक की कमाई 101.10 करोड़ रुपए रही। दोनों फिल्मों की पहले दिन की कमाई की तुलना की जा रही है। हालांकि, आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी धुरंधर 2 ने दूसरे दिन देश में 80.72 करोड़ रुपए का बिजनस किया था। फिल्म को माउथ पब्लिसिटी का फायदा मिला था। इसके मुकाबले टॉक्सिक दूसरे दिन 36.40 करोड़ रुपए ही कमा सकी। फिल्म की कमाई धुरंधर 2 की दूसरे दिन की कमाई की आधी भी नहीं है। आवारापन 2 की 14वें दिन की कमाई टॉक्सिक की कमाई घटने का आवारापन 2 या बंटवारा 1947 को कोई फायदा नहीं मिला। गुरुवार को इमरान हाशमी की सुपरहिट फिल्म आवारापन 2 की कमाई भी कम हुई। 14वें दिन आवारापन 2 ने 1,085 शोज से 60 लाख रुपए की नेट कमाई की। इसके बाद भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 171.90 करोड़ रुपए और कुल नेट कलेक्शन 144.25 करोड़ रुपए हो गया। आवारापन 2 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 203.70 करोड़ रुपए है। नितिन कक्कड़ के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 45 करोड़ रुपए के बजट में बनी है। बंटवारा 1947 का कलेक्शन सनी देओल की बंटवारा 1947 की कमाई 14वें दिन भी 5 लाख रुपए तक नहीं पहुंची। राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने गुरुवार को 126 शोज से 3 लाख रुपए कमाए। 150 करोड़ रुपए के बजट में बनी बंटवारा 1947 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब तक 53.88 करोड़ रुपए है। भारत में फिल्म ने 37.80 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। टॉक्सिक के मेकर्स पर नेगेटिव रेटिंग हटवाने के आरोप केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। बुक माय शो पर आमतौर पर हर रिलीज हुई फिल्म की रेटिंग दिखाई जाती है। कुछ समय पहले तक फिल्म टॉक्सिक को बुक माय शो पर 5.5 रेटिंग मिली थी, लेकिन अब ये रेटिंग हटा दी गई है। इसके बदले वेबसाइट पर सिर्फ लाइक नजर आ रहे हैं। जबकि अन्य फिल्मों की रेटिंग अब भी मौजूद है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि दर्शकों से खराब रिव्यू मिलने के बाद रेटिंग हटा दी गई। हालांकि, रेटिंग हटाने को लेकर बुक माय शो या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एक्स के एक यूजर ने आरोप लगाते हुए लिखा, “बुक माय शो ने टॉक्सिक फिल्म की रेटिंग बंद कर दी। यह इतनी खराब थी कि 5.5/10 मिली, BMS के इतिहास में सबसे खराब।” एक दिन में कमाए 100 करोड़, फिर फ्लॉप का डर क्यों? फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन ही भारत में 101 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के फ्लॉप होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वजह है फिल्म की हाइप और अब आने वाले नेगेटिव रिव्यू। पहले दिन फिल्म को 24579 शोज मिले, जिसकी ऑक्यूपेंसी 57 पर्सेंट रही। वीक डे होने के बावजूद, दर्शक बड़ी संख्या में फिल्म देखने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक फिल्म के नेगेटिव रिव्यू चर्चा में आ गए। फिल्म की आलोचना का एक कारण ये भी रहा कि पिछले कुछ महीनों से मेकर्स लगातार इसे बड़े स्केल और बड़े बजट में तैयार करने की बात कर रहे थे, जिससे फिल्म से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी थीं। जानिए क्यों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी टॉक्सिक 3 साल और 500-1000 करोड़ बजट- फिल्म 2023 में बनना शुरू हुई और 3 साल बाद 2026 में रिलीज हुई। फिल्म को 500-1000 करोड़ के बड़े बजट में बनाया गया, जिससे ये देश की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनी। जाहिर तौर पर इस बड़े बजट के साथ दर्शकों को बेहतरीन विजुअल








