Saturday, 17 Oct 2026 | 05:31 PM

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Hanuman Ansh Box Office Collection

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25 मिनट पहले कॉपी लिंक नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी छोटे बजट की फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। महज 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने यश की बहुचर्चित और 500 करोड़ के बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक’ को 7वें दिन की कमाई में पछाड़ दिया। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक भारत में रिलीज के 26वें दिन जहां ‘हनुमान अंश’ ने 8.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, वहीं ‘टॉक्सिक’ अपने रिलीज के 7वें दिन केवल 7.85 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। शुरुआती हफ्तों में धीमी शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने वर्ड-ऑफ-माउथ और दर्शकों के पॉजिटिव रिस्पॉन्स के दम पर 26 दिनों में 54.13 करोड़ रुपए का भारत में नेट कलेक्शन कर लिया है। सिर्फ 10 लाख की ओपनिंग से 54 करोड़ तक का सफर विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने महज 10 लाख रुपए का कलेक्शन किया था और पहले दो हफ्तों में यह केवल 1.48 करोड़ रुपए ही कमा सकी थी। हालांकि, 17वें दिन फिल्म की किस्मत बदली और इसने एक ही दिन में 2.20 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तीसरे हफ्ते से फिल्म की कमाई में ऐसा उछाल आया कि केवल तीसरे हफ्ते में ही इसने 10.40 करोड़ रुपए बटोर लिए। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का कुल भारत में ग्रॉस कलेक्शन 63.82 करोड़ रुपए हो चुका है। सोशल मीडिया पर लोग हनुमान अंश फिल्म के ये सीन शेयर कर रहे हैं। 6ठे दिन के हिन्दी कलेक्शन पर ‘हनुमान अंश’ का 25वां दिन भारी बॉक्स ऑफिस पर असली उलटफेर तब देखने को मिला जब रिलीज के 25वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने हिन्दी बेल्ट में 5.50 करोड़ रुपए कमाए, जबकि उसी दिन यश स्टारर बड़े बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपने रिलीज के छठे दिन (सोमवार) हिन्दी बेल्ट में सिर्फ 4.40 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। गीथू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक’ ने भले ही पहले दिन दुनियाभर में 101.10 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड ओपनिंग की थी और शुरुआती वीकेंड में 214.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था, लेकिन इसके बाद फिल्म के कलेक्शन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कम शोज के बावजूद बढ़ा ‘हनुमान अंश’ का ग्राफ स्क्रीन काउंट के मामले में भी दोनों फिल्मों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था। ‘टॉक्सिक’ भारत भर में 24,579 शोज के विशाल पैमाने पर रिलीज हुई थी, लेकिन कमजोर माउथ पब्लिसिटी के कारण छठे दिन तक इसके शोज घटकर 13,400 रह गए, यानी शोज में लगभग 45.4 फीसदी की कटौती हुई। इसके विपरीत ‘हनुमान अंश’ महज 300 शोज से शुरू हुई थी, लेकिन दर्शकों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसके शोज लगातार बढ़ाए गए। 26वें दिन ‘हनुमान अंश’ देशभर में 7,008 शोज पर चल रही थी और ‘टॉक्सिक’ के मुकाबले आधे शोज होने के बाद भी इसने ज्यादा कमाई दर्ज की। अब समझिए कम बजट की इस फिल्म कैसे कमाए 50 करोड़ ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ ‘कंटेंट तो है ही, लेकिन ‘वर्ड ऑफ माउथ’ से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।’ बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। विशाल चतुर्वेदी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। शोभिनव सत्या। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। चंदन के. आनंद। ये खबर भी पढ़ें क्या नेगेटिव रेटिंग-रिव्यू से डरे टॉक्सिक मेकर्स:बुक माय शो से 5.5 रेटिंग गायब, जानिए क्यों अच्छी कमाई के बावजूद फिल्म पर है फ्लॉप का खतरा केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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9 मिनट पहले कॉपी लिंक नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी छोटे बजट की फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। महज 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने यश की बहुचर्चित और 500 करोड़ के बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक’ को 7वें दिन की कमाई में पछाड़ दिया। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक भारत में रिलीज के 26वें दिन जहां ‘हनुमान अंश’ ने 8.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, वहीं ‘टॉक्सिक’ अपने रिलीज के 7वें दिन केवल 7.85 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। शुरुआती हफ्तों में धीमी शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने वर्ड-ऑफ-माउथ और दर्शकों के पॉजिटिव रिस्पॉन्स के दम पर 26 दिनों में 54.13 करोड़ रुपए का भारत में नेट कलेक्शन कर लिया है। सिर्फ 10 लाख की ओपनिंग से 54 करोड़ तक का सफर विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने महज 10 लाख रुपए का कलेक्शन किया था और पहले दो हफ्तों में यह केवल 1.48 करोड़ रुपए ही कमा सकी थी। हालांकि, 17वें दिन फिल्म की किस्मत बदली और इसने एक ही दिन में 2.20 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तीसरे हफ्ते से फिल्म की कमाई में ऐसा उछाल आया कि केवल तीसरे हफ्ते में ही इसने 10.40 करोड़ रुपए बटोर लिए। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का कुल भारत में ग्रॉस कलेक्शन 63.82 करोड़ रुपए हो चुका है। सोशल मीडिया पर लोग हनुमान अंश फिल्म के ये सीन शेयर कर रहे हैं। 6ठे दिन के हिन्दी कलेक्शन पर ‘हनुमान अंश’ का 25वां दिन भारी बॉक्स ऑफिस पर असली उलटफेर तब देखने को मिला जब रिलीज के 25वें दिन ‘हनुमान अंश’ ने हिन्दी बेल्ट में 5.50 करोड़ रुपए कमाए, जबकि उसी दिन यश स्टारर बड़े बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपने रिलीज के छठे दिन (सोमवार) हिन्दी बेल्ट में सिर्फ 4.40 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। गीथू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘टॉक्सिक’ ने भले ही पहले दिन दुनियाभर में 101.10 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड ओपनिंग की थी और शुरुआती वीकेंड में 214.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था, लेकिन इसके बाद फिल्म के कलेक्शन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कम शोज के बावजूद बढ़ा ‘हनुमान अंश’ का ग्राफ स्क्रीन काउंट के मामले में भी दोनों फिल्मों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था। ‘टॉक्सिक’ भारत भर में 24,579 शोज के विशाल पैमाने पर रिलीज हुई थी, लेकिन कमजोर माउथ पब्लिसिटी के कारण छठे दिन तक इसके शोज घटकर 13,400 रह गए, यानी शोज में लगभग 45.4 फीसदी की कटौती हुई। इसके विपरीत ‘हनुमान अंश’ महज 300 शोज से शुरू हुई थी, लेकिन दर्शकों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसके शोज लगातार बढ़ाए गए। 26वें दिन ‘हनुमान अंश’ देशभर में 7,008 शोज पर चल रही थी और ‘टॉक्सिक’ के मुकाबले आधे शोज होने के बाद भी इसने ज्यादा कमाई दर्ज की। अब समझिए कम बजट की इस फिल्म कैसे कमाए 50 करोड़ ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ ‘कंटेंट तो है ही, लेकिन ‘वर्ड ऑफ माउथ’ से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।’ बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। विशाल चतुर्वेदी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। शोभिनव सत्या। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। चंदन के. आनंद। ये खबर भी पढ़ें क्या नेगेटिव रेटिंग-रिव्यू से डरे टॉक्सिक मेकर्स:बुक माय शो से 5.5 रेटिंग गायब, जानिए क्यों अच्छी कमाई के बावजूद फिल्म पर है फ्लॉप का खतरा केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

4471 Apprentice Vacancy Without Exam

4471 Apprentice Vacancy Without Exam

Hindi News Career Southern Railway Recruitment 2026: 4471 Apprentice Vacancy Without Exam कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक दक्षिण रेलवे ने वर्ष 2026 के लिए अप्रेंटिसशिप भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 4471 अप्रेंटिस पदों को भरा जाएगा.इसमें 163 पद फ्रेशर उम्मीदवारों के लिए और 4308 पद Ex-ITI उम्मीदवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : फ्रेशर कैटेगरी में फिटर, पेंटर और वेल्डर ट्रेड के लिए : 10वीं में मिनिमम 50% अंक जरूरी। मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नीशियन के लिए : 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ 50% अंक जरूरी। Ex-ITI कैटेगरी के लिए : उम्मीदवारों के पास 10वीं में मिनिमम 50% अंकों के साथ संबंधित ट्रेड में NCVT/SCVT मान्यता प्राप्त संस्थान से ITI सर्टिफिकेट प्राप्त होना चाहिए। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा होल्डर्स इस भर्ती के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं। एज लिमिट : फ्रेशर कैटेगरी के लिए : न्यूनतम : 15 साल अधिकतम : 22 साल Ex-ITI और MLT कैटेगरी के लिए : अधिकतम 24 साल आयु की गणना 27 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। रिजर्व कैटेगरी : सरकारी नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी। स्टाइपेंड : 8,200 – 9,600 रुपए प्रति माह फीस : जनरल : 100 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी : नि:शुल्क सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल फिटनेस टेस्ट जरूरी डॉक्यूमेंट्स : 10वीं की मार्कशीट बर्थ सर्टिफिकेट संबंधित ट्रेड की ITI की सभी सेमेस्टर की मार्कशीट NCVT/SCVT का ट्रेड सर्टिफिकेट या प्रोविजनल प्रमाणपत्र एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग का जाति प्रमाणपत्र ईडब्ल्यूएस वर्ग का आय और संपत्ति प्रमाणपत्र PwBD उम्मीदवारों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र पूर्व सैनिकों का डिस्चार्ज या सर्विस सर्टिफिकेट जहां लागू हो, फीस में छूट से संबंधित प्रमाणपत्र ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट sr.indianrailways.gov.in पर जाएं। ECoR Apprentice Recruitment 2026-27 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद लॉग इन करें। फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक ये खबर भी पढ़ें बिहार में 32,388 पदों पर निकली टीचर भर्ती स्थगित:आज से शुरू थी आवेदन प्रक्रिया, आयोग के फैसले से उम्मीदवारों के बीच फिर छाई मायूसी बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर निकली टीचर भर्ती को स्थगित कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होना थी। आयोग ने इसके पीछे प्रक्रिया में किए बदलाव को वजह बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

फिल्म ‘हनुमान अंश’ में दिखी जयपुर के चित्रकार की पेंटिंग:की-बोर्ड की कुंजियों से बनाई, तीन महीने में तैयार हुई नीम करोली बाबा की कलाकृति

फिल्म ‘हनुमान अंश’ में दिखी जयपुर के चित्रकार की पेंटिंग:की-बोर्ड की कुंजियों से बनाई, तीन महीने में तैयार हुई नीम करोली बाबा की कलाकृति

जयपुर के कंटेम्परेरी कलाकार मुकेश शर्मा इन दिनों अपनी एक अनोखी कलाकृति को लेकर चर्चा में हैं। नीम करोली बाबा पर बनी उनकी यह पेंटिंग फिल्म ‘हनुमान अंश’ में दिखाई गई है। खास बात यह है कि फिल्म में मुकेश शर्मा के काम और इस पेंटिंग के निर्माण की प्रक्रिया को भी जगह दी गई है और फिल्म के अंत में उन्हें विशेष क्रेडिट दिया गया है। खास बात यह है कि इस पेंटिंग का सफर किसी सामान्य फिल्मी असाइनमेंट की तरह शुरू नहीं हुआ, बल्कि तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच संबंध तलाशते हुए फिल्म के निर्माताओं की नजर मुकेश शर्मा की कला पर पड़ी। जयपुर के रहने वाले मुकेश शर्मा इन दिनों दिल्ली में रहकर अपनी कला साधना कर रहे हैं। वेनिस में देखे काम से शुरू हुआ फिल्म से जुड़ाव मुकेश शर्मा ने बताया कि फिल्म के निर्माता तकनीक के साथ काम करने वाले ऐसे कलाकारों की तलाश कर रहे थे, जिनकी कला में टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, चेतना और समकालीन जीवन से जुड़े सवाल दिखाई देते हों। इसी शोध के दौरान उनकी नजर मेरे काम पर पड़ी। निर्माताओं ने उनका विशाल स्कल्प्चरल इंस्टॉलेशन ‘नागराज’ वेनिस, इटली में देखा था। यहां देखें पेंटिंग के फोटोज… कुछ समय बाद फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने उन से संपर्क किया। प्रोड्यूसर्स ने मुकेश शर्मा को बताया कि वह नीम करोली बाब पर फिल्म बना रहे हैं। और बाबा की आध्यात्मिक विचारधारा और तकनीक के बीच संबंध को भी फिल्म में तलाशना चाहते हैं। नीम करोली बाबा का प्रभाव भारत के साथ-साथ दुनिया भर के कई लोगों पर रहा है। तकनीक और समकालीन संस्कृति से जुड़े चर्चित नामों में स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग का उल्लेख भी अक्सर उनके संदर्भ में किया जाता है। निर्माताओं की दिलचस्पी इसी बिंदु में थी कि आध्यात्मिकता, तकनीक, ऊर्जा और मानवीय चेतना किस तरह एक-दूसरे से जोड़ती है। पोस्टर को अपनी कला भाषा में रीक्रिएट किया फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने मुकेश शर्मा के साथ बातचीत के दौरान फिल्म का आधिकारिक पोस्टर शेयर किया, जिसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने तैयार किया था। मुकेश शर्मा ने इसी पोस्टर की छवि को अपनी विशिष्ट कला-भाषा में देखने और रीक्रिएट करने का प्रयास किया। कलाकार ने बताया कि उन्होंने इसके लिए डिस्कार्डेड कंप्यूटर और लैपटॉप की कुंजियों का इस्तेमाल किया। इन कुंजियों को काटा, घिसा और फिर एक-एक टुकड़े को बेहद बारीकी से जोड़ते हुए महाराज जी के चेहरे, कंबल और पूरी आकृति को आकार दिया गया। छोटे-छोटे हिस्सों को इस तरह संयोजित किया गया कि दूर से देखने पर एक संपूर्ण आकृति उभरती है, जबकि करीब से देखने पर उसमें इस्तेमाल की गई हजारों तकनीकी कुंजियां दिखाई देती हैं। यह पेंटिंग लगभग तीन महीने में बनकर तैयार हुई। ई-वेस्ट को दिया आध्यात्मिक अर्थ मुकेश शर्मा के लिए यह पेंटिंग केवल नीम करोली बाबा की तस्वीर नहीं है। यह तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच एक समकालीन संवाद है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और लैपटॉप की कुंजियां महज ई-कचरा नहीं हैं। वे हमारे समय, हमारी भाषा, हमारी स्मृतियों और तकनीकी जीवन के दस्तावेज भी हैं। जब इन्हीं अलग-अलग हिस्सों को एक साथ जोड़कर एक नई आकृति दी जाती है, तो डिस्कार्डेड तकनीक भी एक नई अर्थपूर्ण और आध्यात्मिक उपस्थिति हासिल कर लेती है। आश्रम की यात्रा ने बदला अनुभव इस कलाकृति के निर्माण के दौरान मुकेश शर्मा ने खुद नीम करोली बाबा के आश्रम की यात्रा भी की। इसी दौरान यह पूरा काम उनके लिए सिर्फ एक पेशेवर कमीशन नहीं रहा। मुकेश शर्मा कहते हैं कि उन्हें महसूस हुआ कि यह सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि किसी तरह का भीतर से आया एक आह्वान था। उन्हें लगा कि शायद यह आध्यात्मिक जुड़ाव सही समय पर उनके सामने आया है और इसी वजह से उन्होंने इस कमीशन को स्वीकार किया।

Ragini Ballia Student Tricycle Demand

Ragini Ballia Student Tricycle Demand

Hindi News Career Ragini Ballia Student Tricycle Demand | RPwD Act 2016 Disability Rights 6 मिनट पहले कॉपी लिंक यूपी के बलिया में 7 साल की बच्ची रागिनी का स्कूल जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रागिनी इस वीडियो में प्रशासन से ट्राईसाइकिल की मांग कर रही हैं। दरअसल रागिनी का एक पैर खराब है और उसको रोज गांव के कच्चे रास्ते से इसी तरह से स्कूल जाना पड़ता है। ये वीडियो बलिया जिले के मनियर ब्लॉक में आने वाले दिघेड़ा ग्राम का है। क्लास-1 में पढ़ने वाली रागिनी का एक पैर खराब है और वो रोज गांव के कच्चे रास्ते से इसी तरह से कूदते हुए स्कूल जाती है। 6 महीने की उम्र में हादसे क शिकार हुई रागिनी जब 6 महीने की थी तब एक हादसे में उसका पैर खराब ही गया था। परिवार ने इलाज की कोशिश लेकिन सुविधाओं की कमी और गरीबी की वजह से इलाज ठीक से नहीं हुआ और अब रागिनी इसी तरह चलती है। रिपोर्ट के मुताबिक, रागिनी जब छोटे बच्चों को स्कूल जाते देखती थी तो रोने लगती थी। इसी वजह से उसका स्कूल में एडमिशन करवा दिया गया। लेकिन मजदूरी करने वाले मां-बाप उसे रोज स्कूल लेने और छोड़ने नहीं जा सकते। आर्टिफिशियल पैर या ट्राईसाइकिल की सख्त जरूरत स्कूल प्रिंसिपल अमित पाल के मुताबिक रागिनी को स्कूल आने जाने में बहुत परेशानी होती है। उसे सरकारी मदद की जरूरत है। आर्टिफिशियल पैर या ट्राईसाइकिल की सख्त जरूरत है। प्रिंसिपल ने बताया कि लेट एडमिशन की वजह से रागिनी को पिछली योजना का लाभ नहीं मिल सका था, लेकिन अब रजिस्ट्रेशन हो गया है. मामला संज्ञान में आते ही डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर मंगला प्रसाद ने दिव्यांग अधिकारी और डॉक्टर की टीम को रागिनी से मिलने भेजा है। 2000 रुपए की स्कॉलरशिप देगा एजुकेशन डिपार्टमेंट रागिनी की कहानी सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने रागिनी को आर्टिफिशियल पैर उपलब्ध कराने के साथ ही प्रतिमाह 2000 रुपए की स्कॉलरशिप दिलाने का भरोसा दिया है। RPwD एक्ट 2016 के तहत दिव्यांग छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं दिव्यांग बच्चों को RPwD एक्ट 2016 (द राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज एक्ट, 2016) के तहत 6 से 18 साल तक की उम्र तक मुफ्त शिक्षा का अधिकार है। आर्टिकल 16 के तहत स्कूल-कॉलेज में दिव्यांग बच्चों को बिना किसी भेदभाव के एडमिशन का अधिकार देता है। स्कूलों में रैंप, रेलिंग,स्पेशल टॉयलेट और आने-जाने के लिए सरल व्यवस्था करना अनिवार्य है। ताकि बच्चों को स्कूल आने-जाने या कक्षा में जाने में कठिनाई न हो। पात्र दिव्यांग स्टूडेंट्स (रेगुलर क्लास 1 से हाई स्कूल तक)को 40% या उससे ज्यादा दिव्यांगता वाले स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप स्कीम का फायदा देना। स्कूल लेवल पर दिव्यांग स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल जैसे हियरिंग मशीन, ब्रेल बुक्स और आईसीटी रिसोर्स (जैसे JAWS और SAFA सॉफ्टवेयर) उपलब्ध कराए जाएं। दिव्यांग स्टूडेंट्स की जरूरत के लिए स्पेशल टीचर को सामान्य टीचर्स को ट्रेनिंग लेने के साथ-साथ स्पेशल टीचर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। ———————– ये खबर भी पढ़ें.. बच्चे स्कूल के बाहर तिरपाल के नीचे पढ़ रहे:शिक्षक बोले- स्कूल कभी भी गिर सकता है, छत से पानी भी टपक रहा; वीडियो वायरल मप्र के मंडला के एक स्कूल का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे, स्कूल के जर्जर भवन के बाहर तिरपाल (पॉलिथीन की छत) लगाकर पढ़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा:पटाया में छुट्टी मनाएंगे 5000 अमेरिकी सैनिक; पुलिस ने सेक्स ट्रेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा:पटाया में छुट्टी मनाएंगे 5000 अमेरिकी सैनिक; पुलिस ने सेक्स ट्रेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की

नौ महीने से ज्यादा समय समुद्र में बिताने के बाद अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड के लैम चाबांग बंदरगाह पहुंचा। इसके साथ करीब 5 हजार अमेरिकी नौसैनिक और मरीन भी पहुंचे हैं। उनके आने से पहले पटाया में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी और सेक्स वर्कर्स के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया। समुद्र तट व नाइटलाइफ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मानव तस्करी, नाबालिगों के शोषण, ड्रग्स और दूसरी अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अभियान शुरू किया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया रिपोर्ट्स के अनुसार, सार्वजनिक जगहों पर ग्राहकों की तलाश करने के आरोप में कम से कम 25 महिलाओं को हिरासत में लिया गया। इनमें थाईलैंड के अलावा लाओस और युगांडा की महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ रिपोर्टों में ऐसी कार्रवाई में कुल 40 से 50 लोगों को पकड़े जाने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि बड़ी संख्या में विदेशी मेहमानों के आने से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। इसी वजह से समुद्र तट, बार और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है। अमेरिकी नौसैनिकों को भी दी गई सलाह 31 अगस्त को पटाया सिटी हॉल में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें अमेरिकी नौसैनिकों की सुरक्षा और शहर में उनके आने-जाने को लेकर चर्चा की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौसैनिकों को ड्रग्स और कैनबिस बेचने वाली दुकानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। उन्हें नाइटलाइफ इलाकों में जाने से नहीं रोका गया है, लेकिन देर रात तक बार और मनोरंजन स्थलों में रुकने से बचने को कहा गया है। कारोबारियों को कमाई की उम्मीद अमेरिकी नौसैनिकों के आने से पटाया के कारोबारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद है। होटल, रेस्तरां, बार और दूसरे पर्यटन कारोबारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि एक अमेरिकी नौसैनिक रोज अच्छी-खासी रकम खर्च कर सकता है। ऐसे में हजारों नौसैनिकों के आने से शहर में करोड़ों बाहत का कारोबार होने की उम्मीद है। पटाया और अमेरिकी सेना का पुराना कनेक्शन पटाया शहर का अमेरिकी सेना से रिश्ता 1960 और 1970 के दशक के वियतनाम युद्ध के समय से है। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिक छुट्टियां मनाने और आराम करने के लिए यहां आते थे। इससे स्थानीय होटल, बार, रेस्तरां और दूसरे कारोबार तेजी से बढ़े। धीरे-धीरे यह छोटा मछुआरा गांव दुनिया भर के पर्यटकों के बीच मशहूर शहर बन गया। यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड क्यों आया? यूएसएस अब्राहम लिंकन हाल ही में वेस्ट एशिया में लंबी तैनाती पूरी करके लौटा है। यह अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है, जिसने नौ महीने से ज्यादा समय समुद्र में बिताया। इस दौरान यह ईरान से जुड़े तनाव के बीच वेस्ट एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियानों का हिस्सा रहा। लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर तैनात नौसैनिकों की मानसिक सेहत और रहने की परिस्थितियों को लेकर भी चिंताएं सामने आई थीं। अब थाईलैंड में पांच दिन के इस पड़ाव के दौरान जहाज को जरूरी सप्लाई दी जाएगी, रखरखाव का काम होगा और हजारों नौसैनिकों को लंबे समय बाद आराम का मौका मिलेगा।

स्वरा भास्कर बोलीं- रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा:पद्मावत के जौहर सीन विवाद पर दी सफाई; सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से भी हुई बहस

स्वरा भास्कर बोलीं- रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा:पद्मावत के जौहर सीन विवाद पर दी सफाई; सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से भी हुई बहस

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर 2018 की फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर दिए गए बयान के बाद विवादों में आ गई हैं। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म के जौहर सीन पर सवाल उठाए थे। बयान के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि स्वरा ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा है। भारी ट्रोलिंग के बाद मंगलवार को स्वरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी। स्वरा ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा, बल्कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के क्लाइमेक्स का जिक्र करते हुए कहा था कि एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, “यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही ‘छी’ कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।” उन्होंने आगे कहा ‘क्या आप हमारे जैसे समाज में यही बताना चाहते हैं, जहां मुझे लगता है कि रेप की महामारी फैली हुई है?’ उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। इंस्टाग्राम वीडियो शेयर कर दी सफाई मंगलवार को स्वरा भास्कर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है।” ‘क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?’ स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहस स्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा कि जब चुनाव मौत और हराम में गुलाम बनने के बीच हो, तो महिलाओं ने मौत को चुना, जो उनका एक फैसला था। इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, “प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है?” क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार ‘रानी पद्मावती’ किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।

Bombay High Court Orders CBI Probe Into Disha Salian Death Case

Bombay High Court Orders CBI Probe Into Disha Salian Death Case

Hindi News National Bombay High Court Orders CBI Probe Into Disha Salian Death Case | Mumbai मुंबई3 मिनट पहले कॉपी लिंक दिशा की मौत के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले में FIR दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। दिशा की मौत के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी मृत पाए गए थे। दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बेटी की मौत की नए सिरे से जांच और CBI जांच की मांग की थी। उनका आरोप था कि दिशा के साथ गैंगरेप और हत्या हुई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। वहीं, पुलिस अब तक दिशा की मौत को आत्महत्या बताती रही है और उसकी जांच में किसी तरह की गड़बड़ी या यौन हमले के सबूत नहीं मिलने की बात कही है। मुंबई के मलाड वेस्ट स्थित इसी बिल्डिंग से गिरकर दिशा की मौत हुई थी। कोर्ट ने जांच पर उठाए थे सवाल दिशा की मौत को लेकर 2023 में मुंबई पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच के तरीके पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने पूछा था कि 14वीं मंजिल से गिरने के बावजूद चोटों को लेकर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विरोधाभास क्यों हैं। अदालत ने घटनास्थल के CCTV फुटेज, गवाहों के बयानों और पंचनामा समेत जांच से जुड़े कई पहलुओं पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि परिवार की ओर से मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी। बाद में जांच में इसे आत्महत्या बताया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी उठे सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को लेकर भी सवाल किए। कोर्ट के सामने बताया गया कि दिशा का पोस्टमॉर्टम एक डॉक्टर ने किया था, जबकि राज्य के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे मामलों में दो डॉक्टरों की जरूरत होती है। रिपोर्ट में सिर, हाथ, पैर और छाती पर चोटों का जिक्र था और सिर की चोट को मौत का कारण बताया गया था। वहीं, पुलिस की ओर से कहा गया था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हमले या रेप के कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस ने यह भी दावा किया था कि गवाहों के बयान और जांच के आधार पर दिशा ने खुद इमारत से छलांग लगाई थी। दिशा की मौत के बाद अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे सुशांत दिशा सालियान की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उस समय सुशांत की उम्र 34 साल थी। मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया था। बाद में सुशांत की मौत की जांच CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) तक पहुंची। दिशा और सुशांत की मौत के बीच सिर्फ छह दिन का अंतर होने के कारण दोनों मामले चर्चा में जुड़े रहे। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई थी। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sonu Sood Nepal Visit | Flood Relief Aid & Ration Support Kathmandu

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19 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे हैं। उनकी संस्था ‘सूद चैरिटी फाउंडेशन’ की टीम भारत से कंबल, राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर नेपाल पहुंची है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सोनू सूद ने कहा कि उनकी टीम प्रभावित परिवारों को फिर से स्थापित करने के लिए आने वाले कई महीनों तक लगातार राहत सामग्री भेजती रहेगी। नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। नेपाल के काठमांडू एयरपोर्ट पर सोनू सूद। भारत से भेजा राहत सामान सोनू सूद ने बताया कि उनकी टीम जमीनी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की जरूरतों का जायजा ले रही है। सोनू ने कहा, हम यहां बाढ़ पीड़ितों से मिलने आए हैं। भारत से बहुत सारा सामान, राशन और कंबल लाए हैं। संकट के इस दौर में जरूरतमंदों के साथ खड़े होना हम सभी का फर्ज है। सोनू सूद ने बाढ़ पीड़ित बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से नेपाल तक राहत सामग्री पहुंचाना थोड़ा मुश्किल काम है, लेकिन उनकी फाउंडेशन यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले महीनों में भी पीड़ितों तक मदद पहुंचती रहे। नेपाल में आई भीषण बाढ़ में करीब 3,925 लोग लापता हैं। नेपाल में बाढ़ से 900 से ज्यादा लोगों की मौत नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 939 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,925 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। रसुवा और नुवाकोट समेत कई जिलों में सेना और स्थानीय प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। कोविड लॉकडाउन में बने थे मजदूरों के मददगार सोनू सूद का आपदाओं और संकट में लोगों की मदद करने का सिलसिला साल 2020 में कोरोना महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के समय शुरू हुआ था। कोविड मेन मजदूरों को वापस भेजने के उस समय मुंबई में फंसे हजारों प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि) भेजने के लिए सोनू ने बसों, ट्रेनों और विशेष फ्लाइट्स का इंतजाम किया था। उन्होंने प्रवासियों के खाने-पीने से लेकर रास्ते के पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई थी। इसके बाद से ही वे लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। यूक्रेन संकट तक पहुंचाई सहायता कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सोनू सूद ने देशभर में ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर और अस्पताल में आईसीयू बेड्स उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात काम किया था। हाल ही में सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया था। इसके बाद साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के समय उन्होंने यूक्रेन में फंसे कई भारतीय छात्रों को रोमानिया और पोलैंड की सीमाओं के रास्ते सुरक्षित भारत लाने में मदद की थी। सोनू अपनी फाउंडेशन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई, मुफ्त मेडिकल सर्जरी और हादसों के शिकार लोगों की आर्थिक मदद लगातार करते आ रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Bank of India Recruitment 2026

Bank of India Recruitment 2026

23 मिनट पहले कॉपी लिंक बैंक ऑफ इंडिया में 205 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bankofindia.bank.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल सिलेक्शन प्रोसेस : शॉर्टलिस्टिंग ऑनलाइन परीक्षा पर्सनल इंटरव्यू मेरिट लिस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस : सामान्य/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी: 1,180 रुपए एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी: 175 रुपए ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट Bankofindia.co.in पर जाएं। होमपेज पर करियर टैब पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन के लिए आवेदन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। फीस का भुगतान करके फॉर्म सब्मिट कर दें। आगे की जरूरत के लिए प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ———————————————————————————– ये खबर भी पढ़ें पोस्ट ऑफिस में 25,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती:रेलवे में 1599 वैकेंसी; इस हफ्ते निकलीं 27 हजार से ज्यादा नौकरियां इस हफ्ते निकली हैं इंडिया पोस्ट ऑफिस और रेलवे सहित कई विभागों में 27,260 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…