रश्मिका-विजय ने ट्रोलिंग के खिलाफ साइबर क्राइम में शिकायत की:एक्ट्रेस बोलीं- मुश्किल वक्त में आप नहीं, विजय साथ थे; एक्टर बोले- भाड़ में जाओ

साउथ सिनेमा के चर्चित कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग और कथित भ्रामक कंटेंट के खिलाफ हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की है। हाल ही में कॉफी विद करण 9 में दोनों के बयानों के बाद उनके रिश्ते पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई थी। रश्मिका ने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में सोशल मीडिया पर सलाह देने वाले लोग उनके साथ नहीं थे, बल्कि विजय ने उनका साथ दिया। वहीं, विजय ने पत्नी का समर्थन करते हुए आलोचकों को दो टूक जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि पूरी दुनिया उनके खिलाफ हो, तब भी वे दोनों साथ हैं। क्या है पूरा मामला? रश्मिका और विजय की निजी जिंदगी पर सोशल मीडिया में शुरू हुई बहस अब साइबर क्राइम शिकायत तक पहुंच गई है। दोनों की टीम ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कर कथित भ्रामक और मनगढ़ंत कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ जांच की मांग की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में फर्जी कंटेंट, एडिट किए गए स्क्रीनशॉट, किसी और की पहचान से पोस्ट करने और सोशल मीडिया पर सुनियोजित उत्पीड़न के मामले उठाए गए हैं। टीम ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल पब्लिकेशन के लिंक सहित सबूत भी अधिकारियों को सौंपे हैं। टीम का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी और आलोचना का सम्मान होना चाहिए, लेकिन मनगढ़ंत दावों को तथ्य बताकर फैलाना अलग बात है। शिकायत का उद्देश्य वास्तविक आलोचना रोकना नहीं, बल्कि कथित झूठी जानकारी और गैरकानूनी ऑनलाइन गतिविधियों के लिए जवाबदेही तय कराना है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने से आरोप साबित नहीं होते। रश्मिका बोलीं- मुश्किल वक्त में विजय मेरे साथ थे विवाद के बीच रश्मिका मंदाना ने सोशल मीडिया पर लंबा नोट लिखकर अपने रिश्ते का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर सोशल मीडिया की बहसों पर प्रतिक्रिया नहीं देतीं, क्योंकि हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है। लेकिन इस बार उन्हें अपने और विजय के रिश्ते पर हो रही चर्चा ऐसी भीड़ जैसी लगी, जो किसी को निशाना बनाने के लिए तैयार है। रश्मिका ने कहा कि लोग उनकी बातचीत का असली मतलब समझने के बजाय कुछ बातों के आधार पर अपने हिसाब से निष्कर्ष निकाल रहे हैं। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उन्हें विजय से अलग होने या रिश्ते पर दोबारा विचार करने की सलाह दे रहे थे। एक्ट्रेस ने लिखा कि वह अपने पति के प्यार में डूबी हैं और इसमें गलत क्या है। उनके मुताबिक, विजय उनके जीवनसाथी, दोस्त और उनके बच्चों के पिता बनने वाले व्यक्ति हैं। वह उनके साथ पूरी जिंदगी बिताना चाहती हैं। रश्मिका ने कहा कि जब उनकी जिंदगी में मुश्किल दौर चल रहा था, तब सोशल मीडिया पर सलाह देने वाले लोग उनके साथ नहीं थे। उस वक्त विजय ने उनका साथ दिया था और आज भी वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने साफ किया कि शादी के बाद वह पहले से ज्यादा खुश हैं। उनके मुताबिक, किसी रिश्ते की सच्चाई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, एडिट या लोगों की बनाई कहानियों से नहीं समझी जा सकती। शादी के लिए 100 बार मनाने वाली बात पर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत करण जौहर के शो कॉफी विद करण 9 में हुई बातचीत के बाद हुई। शो में रश्मिका और विजय ने अपने रिश्ते और शादी से जुड़ी बातें साझा की थीं। रश्मिका ने बताया था कि उन्होंने विजय से शादी की बात की थी। विजय ने उनसे कहा था कि वह इस बारे में 100 बार पूछें। रश्मिका के मुताबिक, शादी के लिए उन्हें करीब एक साल तक बात करनी पड़ी। इसके बाद सोशल मीडिया पर बयान को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने विजय के रवैये पर सवाल उठाकर उन्हें ‘रेड फ्लैग’ कहा। वहीं, कुछ लोगों ने रश्मिका को रिश्ते पर सलाह देनी शुरू कर दी। रश्मिका ने स्पष्ट किया कि मामला 100 बार पूछने या एक साल तक मनाने का नहीं था। उनके मुताबिक, विजय चाहते थे कि दोनों एक-दूसरे को बेहतर समझें और जिंदगी के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार करने के बाद शादी का फैसला लें। उन्होंने कहा कि उनके लिए शादी का मतलब केवल प्रपोजल, अंगूठी या बड़े आयोजन से नहीं है, बल्कि साथ मिलकर भविष्य और जिंदगी बनाना है। विजय ने पत्नी को ‘मेरी बेस्ट फ्रेंड, मेरी पत्नी’ कहा रश्मिका के बयान के बाद विजय देवरकोंडा ने इंस्टाग्राम पर पत्नी के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। एक तस्वीर में रश्मिका उन्हें माथे पर किस करती नजर आईं, जबकि वीडियो में वह रश्मिका को कंधों पर उठाकर घूमते दिखे। विजय ने पोस्ट में रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड, पत्नी और जिंदगी का खूबसूरत हिस्सा बताया। उन्होंने लिखा कि रश्मिका को अपनी जिंदगी में पाकर वह खुद को खुशनसीब मानते हैं। विजय ने उन लोगों को जवाब दिया, जो उनके रिश्ते को लेकर चिंतित होने का दावा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे दोनों बेहद खुश हैं और अपने रिश्ते में संतुष्ट हैं। एक्टर ने लिखा कि अगर दुनिया के खिलाफ वह और रश्मिका साथ खड़े हैं, तो ऐसा ही सही। उन्होंने प्यार और खुशियों का जश्न मनाने वालों के प्रति आभार जताया। पोस्ट का आखिरी हिस्सा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। विजय ने आलोचकों के लिए कड़े शब्दों में लिखा कि बाकी लोग भाड़ में जाएं। उनका यह बयान रश्मिका के समर्थन और लगातार हो रही ट्रोलिंग के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। रश्मिका-विजय ने ट्रोलर्स को दिया साफ संदेश दोनों कलाकारों के बयानों और साइबर क्राइम शिकायत के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। रश्मिका ने अपने रिश्ते को लेकर फैल रही कथित भ्रामक कहानियों पर नाराजगी जताई, वहीं विजय ने पत्नी के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। दोनों की टीम ने कानूनी प्रक्रिया के जरिए कथित फर्जी कंटेंट और ऑनलाइन उत्पीड़न की जांच की मांग की है।
शूटिंग-कॉन्सर्ट के लिए जयपुर पहुंचे सितारों ने खींचा ध्यान:एयरपोर्ट पर एक्ट्रेस वाणी कपूर, गायक पलाश सेन ने फेंस के साथ खिंचवाई फोटो; देर शाम पहुंचीं मौनी रॉय

जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेत्री वाणी कपूर और गायक पलाश सेन की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। वाणी कपूर एक नए प्रोजेक्ट की शूटिंग के सिलसिले में जयपुर आई हैं, जबकि पलाश सेन एक कॉन्सर्ट में प्रस्तुति देने के लिए शहर पहुंचे। पलाश एयरपोर्ट पर मास्क लगाए नजर आए। दोनों कलाकारों का जयपुर से खास जुड़ाव है। दोनों ने एयरपोर्ट पर फैंस के साथ फोटो भी क्लिक करवाए। वाणी कपूर ने वर्ष 2013 में फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा के साथ इस फिल्म की शूटिंग जयपुर में हुई थी। वहीं पलाश सेन इंडी-पॉप और रॉक बैंड यूफोरिया के प्रमुख गायक के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके चर्चित गीतों में ‘मायरी’ और ‘धूम पिचक धूम’ शामिल हैं। ब्लैक मास्क में जयपुर पहुंचीं मौनी रॉय इवेंट में होंगी शामिल बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय भी सोमवार देर शाम जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आईं। ब्लैक मास्क लगाए मौनी एयरपोर्ट से बाहर निकलीं और यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हो गईं। वह जयपुर में आयोजित एक इवेंट में शिरकत करने के लिए पहुंची हैं। यहां देखिए एयरपोर्ट के PHOTO’S जयपुर से जुड़ी है वाणी की पहली फिल्म की याद वाणी कपूर के लिए जयपुर सिर्फ एक शूटिंग डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत से जुड़ा शहर भी है। वर्ष 2013 में रिलीज हुई फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उनके साथ सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा नजर आए थे। फिल्म की शूटिंग जयपुर में हुई थी और शहर की गलियों, बाजारों और स्थानीय परिवेश को कहानी में शामिल किया गया था। फिल्म का गीत ‘शाम गुलाबी, सहर गुलाबी’ भी जयपुर की खूबसूरती से जुड़ी यादों में शामिल है। वाणी कपूर ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। इसके बाद यशराज फिल्म्स के साथ जुड़कर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। ‘शुद्ध देसी रोमांस’ के बाद वह ‘आहा कल्याणम’, ‘बेफिक्रे’, ‘वॉर’, ‘बेल बॉटम’, ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’, ‘शमशेरा’, ‘खेल खेल में’ और ‘रेड 2’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्म ‘वॉर’ में ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के साथ उनकी मौजूदगी चर्चा में रही, जबकि ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ में निभाए गए किरदार के लिए भी उन्हें सराहना मिली। वर्ष 2025 में वह वेब सीरीज ‘मंडला मर्डर्स’ में भी नजर आईं। पलाश सेन हैं इंडी-पॉप बैंड यूफोरिया की पहचान पलाश सेन भारतीय स्वतंत्र संगीत जगत के चर्चित नामों में शामिल हैं। वह गायक होने के साथ गीतकार, संगीतकार और चिकित्सक भी हैं। उन्होंने वर्ष 1998 में बैंड यूफोरिया की शुरुआत की थी। इस बैंड ने हिंदी पॉप और रॉक संगीत को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। ‘धूम पिचक धूम’, ‘मायरी’ और ‘आना मेरी गली’ जैसे गानों ने पलाश सेन को अलग पहचान दिलाई। उनके गानों की खासियत संगीत में रॉक का अंदाज और रोजमर्रा की भावनाओं से जुड़ने वाले बोल रहे हैं। टीवी से बॉलीवुड तक बनाया मुकाम मौनी रॉय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में टेलीविजन शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘देवों के देव…महादेव’ में सती और ‘नागिन’ में शिवन्या के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई। टेलीविजन पर लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। वर्ष 2018 में अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘गोल्ड’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद वह ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’, ‘मेड इन चाइना’, ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन-शिवा’, ‘ब्लैकआउट’, ‘लव सेक्स और धोखा 2’ और ‘द भूतनी’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ में जुनून के किरदार के लिए उन्हें खास पहचान मिली।
JEE Main 2027 Session 1 Registration Started

Hindi News Career JEE Main 2027 Session 1 Registration Started | Apply At Jeemain.nta.nic.in 2 मिनट पहलेलेखक: डॉ. मुराद अली कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE मेन 2027 के जनवरी सेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए है। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर 22 नवंबर 2026 की रात 11:50 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते है। NTA, JEE मेन का आयोजन दो सेशन में यानी जनवरी और अप्रैल 2027 में करेगा। परीक्षा पैटर्न और लैंग्वेज तीन पेपर होंगे: पेपर 1 (B.E./B.Tech), पेपर 2A (B.Arch) और पेपर 2B (B.Planning) परीक्षा मोड: परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में होगी, लेकिन B.Arch का ड्राइंग टेस्ट ऑफलाइन A4 शीट पर होगा। नेगेटिव मार्किंग: गलत उत्तर देने पर 1 मार्क्स की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। 13 भाषाओं में होगी परीक्षा: अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, मराठी, बंगाली, असमिया, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू। NTA रजिस्टर्ड ईमेल, मोबाइल नंबर से देगा जानकारी कैंडिडेट्स को अपना या अपने माता-पिता या गार्जियन का ईमेल एड्रेस और मोबाइल नंबर देना होगा, क्योंकि NTA रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस और मोबाइल नंबर के माध्यम से जानकारी भेजेगा। एप्लिकेशन प्रोसेस में मदद के लिए, कैंडिडेट्स NTA से 011-40759000 या 011-69227700 पर कॉन्टैक्ट कर सकते हैं, या jeemain@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं। इस परीक्षा के जरिए देश के प्रमुख इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और प्लानिंग कॉलेजों (जैसे NITs, IIITs) में एडमिशन मिलता है। इसके लिए 12वीं की परीक्षा (Physics, Chemistry, Math के साथ) पास कर चुके स्टूडेंट्स या जो स्टूडेंट्स 2027 में 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। JEE Main परीक्षा देने के लिए कोई अधिकतम उम्र सीमा नहीं है। ————————————————————- ये खबर भी पढ़ें करेंट अफेयर्स 22 अक्टूबर:एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपना पहला ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट उड़ाया, UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज में लद्दाख के दो ज्वालामुखी लिस्टेड आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट:चारों आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, हथियारों की सप्लाई और साजिश के नेटवर्क की जांच जारी

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई की किला कोर्ट ने चार आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों में कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन चारों ने फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई और कथित साजिश में भूमिका निभाई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक की पुलिस कस्टडी मंजूर की। जांच एजेंसी अब हथियारों की खरीद, उन्हें मुंबई पहुंचाने और हमले के पीछे के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हथियारों की खरीद और सप्लाई की कड़ियां खंगाल रही पुलिस आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का आरोप है कि कुणाल और सुमित हथियार जुटाने के लिए अमृतसर गए थे। वहीं, राधा और बबीता पर ट्रेन के जरिए हथियार मुंबई पहुंचाने और उन्हें हमलावरों तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। पुलिस इन भूमिकाओं की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो और हथियारों से जुड़ा डेटा मिला है। जांच एजेंसी इन डिजिटल सबूतों का सत्यापन कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बीच बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया गया था, जिसे कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया। जांचकर्ता फोन से मिले डेटा के आधार पर आरोपियों के आपसी संपर्क और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटे हैं। वॉइस नोट्स में हथियारों से जुड़ी बातचीत मिलने का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले वॉइस नोट्स में हथियारों की खरीद, डिलीवरी और फायरिंग के बाद उन्हें वापस भेजने के निर्देशों से जुड़ी बातचीत सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहे थे और उन्होंने फायरिंग करने वालों को हथियार उपलब्ध कराने में मदद की थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी उनके बयानों और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी का मिलान करना चाहती है। पुलिस को यह भी पता लगाना है कि हथियारों की खरीद से लेकर हमलावरों तक पहुंचाने और वारदात के बाद उन्हें वापस भेजने की कथित योजना में किसकी क्या भूमिका थी। बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध किया सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने का विरोध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिरगल ने दलील दी कि आरोपियों को केवल पूछताछ के लिए लगातार पुलिस हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से अन्य सह-आरोपियों के संबंध में पूछताछ न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी कोर्ट की अनुमति से की जा सकती है। पुलिस ने दूसरी ओर दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डेटा का विश्लेषण करना है और उन्हें पहले गिरफ्तार किए गए सह-आरोपियों के सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों की पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी। पुलिस ने 31 अक्टूबर तक कस्टडी मांगी थी। 18 अक्टूबर को जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग यह मामला 18 अक्टूबर 2026 का है। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की और इसके बाद मोटरसाइकिल से फरार हो गए। बाद में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी इलाके में लावारिस मिली थी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब फायरिंग को अंजाम देने वालों के साथ-साथ कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। अब तक 11 गिरफ्तारियां, जांच जारी इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें चार आरोपी कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव हैं, जिनकी पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। जांच का मुख्य फोकस हथियारों की खरीद, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने, हमलावरों को उपलब्ध कराने और वारदात के बाद उनसे जुड़े सबूतों की कड़ियां जोड़ने पर है। पुलिस पूछताछ और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
CBFC Data Leak | 500 Plus Films Scripts Censor Cuts Exposed Online

22 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से जुड़ा डेटा लीक होने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 500 से ज्यादा फिल्मों के सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड, शूटिंग स्क्रिप्ट, सेंसर बोर्ड के कट ऑर्डर और डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट जैसी संवेदनशील जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध थीं। इनमें कुछ फिल्मों की लाइसेंसिंग फीस और कारोबारी शर्तों से जुड़े दस्तावेज भी शामिल बताए गए हैं। मामले के बाद CBFC ने जांच और ऑनलाइन पोर्टल के सिक्योरिटी ऑडिट की बात कही है। CBFC पोर्टल से 500 से ज्यादा फिल्मों के दस्तावेज लीक होने का दावा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के ऑनलाइन पोर्टल से 500 से ज्यादा फिल्मों के दस्तावेज लीक होने का दावा किया गया है। ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें शूटिंग स्क्रिप्ट, सेंसर बोर्ड के कट ऑर्डर और डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट शामिल हैं। कुछ फिल्मों की लाइसेंसिंग फीस और कारोबारी शर्तों की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, फिल्में खुद लीक नहीं हुई हैं। ई-सिनेप्रमाण पोर्टल से लीक हुए दस्तावेज CBFC फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज से पहले सर्टिफिकेट देता है। इसके लिए फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस ‘ई-सिनेप्रमाण’ (e-Cinepramaan) पोर्टल के जरिए आवेदन कर जरूरी दस्तावेज जमा करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी पोर्टल से जुड़े दस्तावेज कथित तौर पर लीक हुए और कई दिनों तक ऑनलाइन उपलब्ध रहे। कुछ दस्तावेज इंटरनेट आर्काइव के जरिए डाउनलोड किए जा सकते थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित कंटेंट हटा दिया गया। स्क्रिप्ट और सेंसर कट से जुड़ी जानकारी उजागर लीक हुए दस्तावेजों में फिल्मों की शूटिंग स्क्रिप्ट और सेंसर बोर्ड के सुझाए गए कट की जानकारी शामिल बताई गई है। सर्टिफिकेशन के लिए जमा अन्य कागजात भी सामने आने का दावा है। फिल्म रिलीज से पहले उसकी स्क्रिप्ट या सेंसर बोर्ड के निर्देश सार्वजनिक होने पर कहानी और संभावित बदलावों की जानकारी सामने आ सकती है। इससे निर्माताओं की रचनात्मक योजनाओं और रिलीज रणनीति पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, प्रभावित फिल्मों और दस्तावेजों की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। दो विदेशी फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी शामिल रिपोर्ट के मुताबिक, लीक दस्तावेजों में ब्राजील की फिल्म ‘द सीक्रेट एजेंट’ और हॉलीवुड फिल्म ‘गुड लक, हैव फन, डोंट डाई’ के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी शामिल थे। इन दस्तावेजों में फिल्मों के लाइसेंस की फीस की जानकारी होने का दावा है। रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन एग्रीमेंट में लाइसेंसिंग फीस का खुलासा हुआ। ऐसी जानकारी आमतौर पर कारोबारी समझौतों का हिस्सा होती है और गोपनीय रखी जाती है। निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स को क्या नुकसान हो सकता है? फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट में कमाई के बंटवारे, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, प्रमोशन की जिम्मेदारियों और रिलीज की शर्तों की जानकारी हो सकती है। ऐसी जानकारियां सार्वजनिक होने पर निर्माताओं, डिस्ट्रीब्यूटर्स और अन्य कारोबारी साझेदारों के बीच बातचीत प्रभावित हो सकती है। भविष्य में फिल्मों के अधिकार बेचने, लाइसेंसिंग फीस तय करने और नए समझौते करते समय भी इनका असर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल किसी फिल्म निर्माता को हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। CBFC ने सिक्योरिटी ऑडिट शुरू किया CBFC ने कहा है कि कथित डेटा लीक की जांच और ई-सिनेप्रमाण पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट कराया जा रहा है। बोर्ड के मुताबिक, अनधिकृत पहुंच से जुड़ी जानकारी की समीक्षा की गई है, लेकिन कथित तौर पर उजागर दस्तावेजों तक अतिरिक्त पहुंच के सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने कहा कि किसी फिल्म निर्माता का व्यक्तिगत अकाउंट हैक होने का संकेत नहीं मिला है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि डेटा कैसे सार्वजनिक हुआ और कितने दस्तावेज प्रभावित हुए। इंटरनेट आर्काइव और CERT-In को भी दी गई जानकारी रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट आर्काइव ने संबंधित अकाउंट हटा दिया है और साइबर क्राइम अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) को भी इसकी जानकारी दी गई है। जांच जारी है। डेटा लीक की वजह, दस्तावेजों तक पहुंच का दायरा और संभावित नुकसान स्पष्ट होना बाकी है। यह मामला फिल्म उद्योग के गोपनीय दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
CBFC Data Leak | 500 Plus Films Scripts Censor Cuts Exposed Online

41 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से जुड़ा डेटा लीक होने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 500 से ज्यादा फिल्मों के सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड, शूटिंग स्क्रिप्ट, सेंसर बोर्ड के कट ऑर्डर और डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट जैसी संवेदनशील जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध थीं। इनमें कुछ फिल्मों की लाइसेंसिंग फीस और कारोबारी शर्तों से जुड़े दस्तावेज भी शामिल बताए गए हैं। मामले के बाद CBFC ने जांच और ऑनलाइन पोर्टल के सिक्योरिटी ऑडिट की बात कही है। CBFC पोर्टल से 500 से ज्यादा फिल्मों के दस्तावेज लीक होने का दावा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के ऑनलाइन पोर्टल से 500 से ज्यादा फिल्मों के दस्तावेज लीक होने का दावा किया गया है। ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें शूटिंग स्क्रिप्ट, सेंसर बोर्ड के कट ऑर्डर और डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट शामिल हैं। कुछ फिल्मों की लाइसेंसिंग फीस और कारोबारी शर्तों की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, फिल्में खुद लीक नहीं हुई हैं। ई-सिनेप्रमाण पोर्टल से लीक हुए दस्तावेज CBFC फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज से पहले सर्टिफिकेट देता है। इसके लिए फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस ‘ई-सिनेप्रमाण’ (e-Cinepramaan) पोर्टल के जरिए आवेदन कर जरूरी दस्तावेज जमा करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी पोर्टल से जुड़े दस्तावेज कथित तौर पर लीक हुए और कई दिनों तक ऑनलाइन उपलब्ध रहे। कुछ दस्तावेज इंटरनेट आर्काइव के जरिए डाउनलोड किए जा सकते थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित कंटेंट हटा दिया गया। स्क्रिप्ट और सेंसर कट से जुड़ी जानकारी उजागर लीक हुए दस्तावेजों में फिल्मों की शूटिंग स्क्रिप्ट और सेंसर बोर्ड के सुझाए गए कट की जानकारी शामिल बताई गई है। सर्टिफिकेशन के लिए जमा अन्य कागजात भी सामने आने का दावा है। फिल्म रिलीज से पहले उसकी स्क्रिप्ट या सेंसर बोर्ड के निर्देश सार्वजनिक होने पर कहानी और संभावित बदलावों की जानकारी सामने आ सकती है। इससे निर्माताओं की रचनात्मक योजनाओं और रिलीज रणनीति पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, प्रभावित फिल्मों और दस्तावेजों की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। दो विदेशी फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी शामिल रिपोर्ट के मुताबिक, लीक दस्तावेजों में ब्राजील की फिल्म ‘द सीक्रेट एजेंट’ और हॉलीवुड फिल्म ‘गुड लक, हैव फन, डोंट डाई’ के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी शामिल थे। इन दस्तावेजों में फिल्मों के लाइसेंस की फीस की जानकारी होने का दावा है। रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन एग्रीमेंट में लाइसेंसिंग फीस का खुलासा हुआ। ऐसी जानकारी आमतौर पर कारोबारी समझौतों का हिस्सा होती है और गोपनीय रखी जाती है। निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स को क्या नुकसान हो सकता है? फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट में कमाई के बंटवारे, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, प्रमोशन की जिम्मेदारियों और रिलीज की शर्तों की जानकारी हो सकती है। ऐसी जानकारियां सार्वजनिक होने पर निर्माताओं, डिस्ट्रीब्यूटर्स और अन्य कारोबारी साझेदारों के बीच बातचीत प्रभावित हो सकती है। भविष्य में फिल्मों के अधिकार बेचने, लाइसेंसिंग फीस तय करने और नए समझौते करते समय भी इनका असर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल किसी फिल्म निर्माता को हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। CBFC ने सिक्योरिटी ऑडिट शुरू किया CBFC ने कहा है कि कथित डेटा लीक की जांच और ई-सिनेप्रमाण पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट कराया जा रहा है। बोर्ड के मुताबिक, अनधिकृत पहुंच से जुड़ी जानकारी की समीक्षा की गई है, लेकिन कथित तौर पर उजागर दस्तावेजों तक अतिरिक्त पहुंच के सबूत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने कहा कि किसी फिल्म निर्माता का व्यक्तिगत अकाउंट हैक होने का संकेत नहीं मिला है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि डेटा कैसे सार्वजनिक हुआ और कितने दस्तावेज प्रभावित हुए। इंटरनेट आर्काइव और CERT-In को भी दी गई जानकारी रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट आर्काइव ने संबंधित अकाउंट हटा दिया है और साइबर क्राइम अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) को भी इसकी जानकारी दी गई है। जांच जारी है। डेटा लीक की वजह, दस्तावेजों तक पहुंच का दायरा और संभावित नुकसान स्पष्ट होना बाकी है। यह मामला फिल्म उद्योग के गोपनीय दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Amitabh Bachchan Meets Fans At Jalsa

6 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई स्थित अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके बावजूद बिग बी ने रविवार को अपनी सालों पुरानी परंपरा निभाते हुए घर के बाहर जमा फैंस का अभिवादन किया। इस दौरान बेटे अभिषेक बच्चन भी उनके साथ नजर आए। पुलिस की मौजूदगी और बैरिकेडिंग के बीच फैंस से उनकी मुलाकात चर्चा में रही। अमिताभ बच्चन के बंगले के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा, सुरक्षा में बढ़ाया गया बल। धमकी के बाद ‘जलसा’ के बाहर पुलिस का पहरा अमिताभ बच्चन हर रविवार अपने बंगले ‘जलसा’ के बाहर आकर फैंस का अभिवादन करते हैं। इस परंपरा को ‘संडे दर्शन’ कहा जाता है। 25 अक्टूबर को भी उन्होंने यह सिलसिला जारी रखा, लेकिन इस बार बंगले के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। हाल ही में अमिताभ बच्चन के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी। रविवार को जलसा के बाहर बड़ी संख्या में फैंस अपने पसंदीदा अभिनेता की झलक पाने पहुंचे थे। पुलिसकर्मी बैरिकेड्स के पास तैनात रहे और भीड़ पर नजर रखते दिखाई दिए। पिता के पीछे खड़े नजर आए अभिषेक बच्चन इस बार संडे दर्शन के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ बेटे अभिषेक बच्चन भी मौजूद रहे। अमिताभ घर के बाहर आकर फैंस का अभिवादन कर रहे थे, तब अभिषेक उनके पीछे खड़े नजर आए। आमतौर पर अमिताभ इस परंपरा के दौरान अकेले फैंस के सामने आते हैं। ऐसे में अभिषेक की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। सुरक्षा के बीच पिता के साथ उनकी तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। तबीयत ठीक नहीं, डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर बताया था कि उन्हें आराम की जरूरत है। उन्होंने लिखा था कि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक आराम करने और सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी है। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भी सेहत को लेकर अपडेट दिया था। बिग बी ने शरीर को ठीक होने के लिए और समय देने की बात कही थी। इसके बावजूद उन्होंने रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा नहीं तोड़ी। अमिताभ बच्चन लंबे समय से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। हर रविवार उनके घर के बाहर फैंस की भीड़ जुटती है, जो उनकी झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करती है। मेयर के कार्यालय को भी मिला था धमकी भरा ईमेल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था। इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले के अलावा गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट और कुछ स्कूलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में जुहू स्थित अमिताभ के बंगले ‘जलसा’ को 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच निशाना बनाने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थानों की सुरक्षा जांच की। शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की गंभीरता की जांच कर रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी:दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Amitabh Bachchan Meets Fans At Jalsa

25 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई स्थित अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके बावजूद बिग बी ने रविवार को अपनी सालों पुरानी परंपरा निभाते हुए घर के बाहर जमा फैंस का अभिवादन किया। इस दौरान बेटे अभिषेक बच्चन भी उनके साथ नजर आए। पुलिस की मौजूदगी और बैरिकेडिंग के बीच फैंस से उनकी मुलाकात चर्चा में रही। अमिताभ बच्चन के बंगले के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा, सुरक्षा में बढ़ाया गया बल। धमकी के बाद ‘जलसा’ के बाहर पुलिस का पहरा अमिताभ बच्चन हर रविवार अपने बंगले ‘जलसा’ के बाहर आकर फैंस का अभिवादन करते हैं। इस परंपरा को ‘संडे दर्शन’ कहा जाता है। 25 अक्टूबर को भी उन्होंने यह सिलसिला जारी रखा, लेकिन इस बार बंगले के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। हाल ही में अमिताभ बच्चन के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी। रविवार को जलसा के बाहर बड़ी संख्या में फैंस अपने पसंदीदा अभिनेता की झलक पाने पहुंचे थे। पुलिसकर्मी बैरिकेड्स के पास तैनात रहे और भीड़ पर नजर रखते दिखाई दिए। पिता के पीछे खड़े नजर आए अभिषेक बच्चन इस बार संडे दर्शन के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ बेटे अभिषेक बच्चन भी मौजूद रहे। अमिताभ घर के बाहर आकर फैंस का अभिवादन कर रहे थे, तब अभिषेक उनके पीछे खड़े नजर आए। आमतौर पर अमिताभ इस परंपरा के दौरान अकेले फैंस के सामने आते हैं। ऐसे में अभिषेक की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। सुरक्षा के बीच पिता के साथ उनकी तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। तबीयत ठीक नहीं, डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर बताया था कि उन्हें आराम की जरूरत है। उन्होंने लिखा था कि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक आराम करने और सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी है। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भी सेहत को लेकर अपडेट दिया था। बिग बी ने शरीर को ठीक होने के लिए और समय देने की बात कही थी। इसके बावजूद उन्होंने रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा नहीं तोड़ी। अमिताभ बच्चन लंबे समय से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। हर रविवार उनके घर के बाहर फैंस की भीड़ जुटती है, जो उनकी झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करती है। मेयर के कार्यालय को भी मिला था धमकी भरा ईमेल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था। इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले के अलावा गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट और कुछ स्कूलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में जुहू स्थित अमिताभ के बंगले ‘जलसा’ को 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच निशाना बनाने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थानों की सुरक्षा जांच की। शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की गंभीरता की जांच कर रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी:दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Ranchi Coal India GM Ashok Kumar Studies Psychology After Retirement

Hindi News Career Ranchi Coal India GM Ashok Kumar Studies Psychology After Retirement 3 मिनट पहले कॉपी लिंक आपने सुना होगा कि सीखने की ललक जिंदा हो, तो उम्र महज एक आंकड़ा बनकर रह जाती है लेकिन इस कहावत को रांची के 68 वर्षीय डॉ. अशोक कुमार ने न सिर्फ सच साबित किया है, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए एक नजीर भी पेश की है। कोल इंडिया में जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए डॉ कुमार अब 68 साल की उम्र में सायकोलॉजी पढ़ रहे हैं। रोज कंधे पर बैग टांगकर कॉलेज जाते हैं डॉ अशोक वे रोज कंधे पर बैग टांगकर कॉलेज पहुंचते हैं, उन्हें देखकर क्लास के प्रोफेसर भी हैरान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ इसलिए डिग्री नहीं लेना चाहता कि मैंने एडमिशन लिया है। मैं असल में समझना भी चाहता हूं कि आखिर हमारा मन कैसे काम करता है। डॉ. अशोक किसी भी आम 20-22 साल के युवा छात्र की तरह हर दिन कंधे पर बैग टांगकर समय पर अपनी क्लास में पहुंचते हैं। देश के दिग्गज संस्थानों से पढ़ाई, जीएम पद से रिटायर्ड डॉ अशोक कोल इंडिया में 33 साल तक काम किया और 2018 में जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने 2025 में दोबारा काम करने का मन बनाया। उन्होंने इंजीनियरिंग, मैन्यूफैक्चरिंग, सीमेंट से जुड़े ‘जेपी ग्रुप’ में वाइस प्रेसिडेंट और एडवाइजर के तौर पर काम करना शुरू किया। वहां से वे अक्टूबर 2025 को दूसरी बार रिटायर हुए। अपने एम्प्लोई को समझने के लिए जरूरी डॉ अशोक का मानना है कि किसी भी संस्थान में काम करने और अपने एम्प्लोयीज से काम कराने के लिए उनके व्यवहार को समझना बेहद जरूरी होता है। उनके कहना है कि किसी भी संस्थान में साथ काम कर रहे एम्प्लॉई को इसका फायदा मिलना चाहिए कि कैसे उनका कॉन्फिडेंस बूस्ट किया जाए। इसके लिए सायकोलॉजी को समझना बेहद जरूरी है और मैं चाहता हूं इसका मुझे फायदा मिले। ‘जीवनभर मशीनें समझीं, अब इंसान के मन को समझना है’ आमतौर पर दो-दो बार रिटायर होने के बाद लोग आराम की जिंदगी चुनते हैं लेकिन डॉ. अशोक के मन की जिज्ञासा शांत नहीं हुई थी। जब उनसे इस उम्र में दोबारा कॉलेज की बेंच पर बैठने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने कहा- ‘इंजीनियरिंग ने मुझे जीवनभर बड़ी-बड़ी मशीनें, पुर्जे और उनकी वर्किंग थ्योरी समझना सिखाया। अब मेरी जिज्ञासा इंसानी व्यवहार को जानने की है। मैं मनोविज्ञान के जरिए ये समझना चाहता हूं कि इंसान कैसे सोचता है, उसका मन कैसे काम करता है। मेरे लिए सीखना एक कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है।’ पत्नी भी साथ पढ़ना चाहती थीं लेकिन एडमिशन नहीं ले सकीं वे कहते हैं कि इस फैसले से उनके परिवार या दोस्तों को कोई समस्या नहीं है बल्कि उन्होंने तो हमेशा मनोबल बढ़ाया है और साथ दिया है। डॉ अशोक ने बताया कि उनकी पत्नी भी पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन लेना चाहती थीं लेकिन कुछ पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वो एडमिशन नहीं ले पाईं। वो कहते हैं मैं क्लास में खुद को किसी स्टूडेंट्स की तरह ही देखते हैं न कि किसी पूर्व अधिकारी की तरह डॉ अशोक मूलरूप से बिहार के खगड़िया के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई की शुरुआत में फिजिक्स ऑनर्स में एडमिशन लिया था। लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया। लेखक- वरुण विश्वकर्मा ——————————- ये खबर भी पढ़ें.. MBBS की 800 से ज्यादा सीटों पर कोई एडमिशन नहीं:एक्सपर्ट- सालाना फीस 25 लाख तक, इसीलिए स्टूडेंट्स NEET काउंसलिंग में हिस्सा नहीं ले रहे NEET UG 2026 काउंसलिंग हाल ही में पूरी हुई है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के डेटा के मुताबिक कॉलेज-वाइज स्ट्रे वैकेंसी राउंड यानी आखिरी काउंसलिंग के बाद भी तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में 800 से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
प्रभास की 'फौजी' पर भड़के सुभाष चंद्र बोस के पोते:बोले- हिटलर-नेताजी की मुलाकात को गलत तरीके से दिखाया; तथ्यों से छेड़छाड़ की, माफी मांगें

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने अपकमिंग फिल्म ‘फौजी’ की आलोचना की है। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया कि फिल्म में नेताजी और एडॉल्फ हिटलर की ऐतिहासिक मुलाकात को गलत और सनसनीखेज तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करना अपराध है। चंद्र कुमार बोस ने फिल्म के निर्देशक से स्वतंत्रता संग्राम और नेताजी का सम्मान करने वाले सभी देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। ‘राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े तथ्यों से छेड़छाड़ अपराध’ चंद्र कुमार बोस ने कहा कि फिल्मकारों को स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्तों पर फिल्म बनाने की पूरी आजादी है। हालांकि, कल्पना का सहारा लेकर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत है। उन्होंने कहा कि फिल्म में नेताजी और हिटलर की मुलाकात को गलत तरीके से दिखाकर नेताजी की गरिमा को कमतर करने की कोशिश की गई है। निर्देशक को ऐतिहासिक संदर्भों को सही तरीके से समझकर पर्दे पर दिखाना चाहिए था। बराबरी के स्तर पर हुई थी हिटलर और नेताजी की बातचीत चंद्र कुमार बोस ने नेताजी और हिटलर की मुलाकात के ऐतिहासिक संदर्भ को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन जुटाने जर्मन तानाशाह हिटलर से मिले थे। नेताजी का मानना था कि उस दौर में जर्मनी के हिटलर और जापान के हिदेकी तोजो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में मदद कर सकते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेताजी ने हिटलर से कभी अधीनस्थ के रूप में नहीं, बल्कि बराबरी के स्तर पर बात की थी। हिटलर ने नेताजी के देशप्रेम को समझते हुए ही उन्हें समर्थन दिया था। लोकतंत्र के समर्थक और फासीवाद के विरोधी थे नेताजी बोस ने कहा कि हिटलर अपनी आत्मकथा ‘मीन कैम्फ’ में भारत के इतिहास और संस्कृति को समझ नहीं पाया था। दोनों नेता शुरुआत में केवल अपने देश के हितों के लिए काम कर रहे थे, हालांकि बाद में हिटलर सत्ता के अहंकार में डूब गया। इसके विपरीत, नेताजी फासीवाद के सख्त खिलाफ थे और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों में अटूट विश्वास रखते थे। उनके अनुसार, फिल्म में ऐसे महान व्यक्तित्व की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जो बिल्कुल गलत है। प्रभास के किरदार को तवज्जो देने पर उठा विवाद फिल्म ‘फौजी’ के हालिया जारी ट्रेलर में दिखाया गया है कि नेताजी का किरदार प्रभास के काल्पनिक किरदार का परिचय हिटलर से कराता है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। इसी वजह से विवाद गहराया है और फिल्म निर्देशक से माफी मांगने की मांग की जा रही है। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें









