हैरी ब्रूक दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने:ICC रैंकिंग में जो रूट को पीछे छोड़ा; शुभमन गिल आठवें नंबर पर पहुंचे

इंग्लैंड के उप-कप्तान हैरी ब्रूक दूसरी बार ICC पुरुष टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। बुधवार को जारी ताजा ICC रैंकिंग में उन्होंने जो रूट को पीछे छोड़ा। ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में शतक जड़ने का फायदा मिला है। वह 10वें से 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ब्रूक ने लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए WTC के कम स्कोर वाले पहले मुकाबले में ब्रूक ने पहली पारी में अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे, जिसे उन्होंने अब दोबारा हासिल कर लिया है। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर पहुंचे ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर:फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी; एक दिन पहले फिट घोषित किया गया था ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में मंगलवार को फिटनेस टेस्ट पास करने के कुछ ही घंटों बाद हार्दिक को जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग) आ गया। सीरीज 13 जून से शुरू हो रही है। पूरी खबर
इंग्लैंड के ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर:जो रूट को पीछे छोड़ा, गिल आठवें नंबर पर पहुंचे; बॉलर्स में बुमराह टॉप पर

इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ICC टेस्ट बैटर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार यह पोजिशन हासिल की है। बुधवार को जारी रैंकिंग में उन्होंने इंग्लैंड के ही जो रूट को पीछे छोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में 126 रन की पारी खेली थी। ब्रूक को अर्धशतक का फायदा मिला न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में ब्रूक ने अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर पहुंचे ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर:फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी; एक दिन पहले फिट घोषित किया गया था ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में मंगलवार को फिटनेस टेस्ट पास करने के कुछ ही घंटों बाद हार्दिक को जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग) आ गया। सीरीज 13 जून से शुरू हो रही है। पूरी खबर
'डायरेक्टर ने अपना हाथ रख दिया':कुमकुम भाग्य फेम शिखा सिंह ने फिल्ममेकर की हरकत के बाद फिल्म के ऑडिशन देना छोड़ दिए

‘कुमकुम भाग्य’ फेम एक्ट्रेस शिखा सिंह ने हाल ही में कास्टिंग काउच से जुड़ा एक अनुभव शेयर किया। जहां एक फेमस फिल्ममेकर ने उन्हें अनकंफर्टेबल करते हुए शिखा को गलत तरीके से छूने की कोशिश की और उन पर हाथ रख दिया था। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में शिखा ने कहा, “मेरे साथ ऐसा सिर्फ एक बार हुआ था। यह पहली बार था जब मैं किसी फिल्म के ऑडिशन के लिए गई थी और वही आखिरी बार भी था जब मैं किसी फिल्म के ऑडिशन में गई। मैं वहां पहुंची तो वह प्रोड्यूसर-डायरेक्टर सोफे पर बैठा हुआ था। बात करते-करते वह धीरे-धीरे मेरे करीब आने लगा। फिर उसने अपना हाथ यहां रख दिया। मैं तुरंत उठ गई और मैंने कहा, ‘सर, हो गया।” एक्ट्रेस ने बताया कि आगे बातों-बातों में वह कह रहा था कि देखो, फिल्म में ऐसा होगा। तुम तो हीरोइन मटेरियल हो। उन्होंने बताया, “इसी दौरान उसने अपना हाथ मेरे ऊपर रख दिया। मैं तुरंत उठ खड़ी हुई। उसने पूछा, ‘क्या हो गया?’ मैंने कहा, ‘नहीं सर, मैं खड़ी रहती हूं, आप बात कीजिए।’ वह बोला, ‘नहीं, बैठो-बैठो, ये सब तो होता है।’ मैंने जवाब दिया, ‘सर, अगर ये सब होगा तो मुझसे नहीं होगा।” फिर कभी किसी फिल्म का ऑडिशन नहीं दिया शिखा ने बताया कि उन्होंने फिल्म करने से इनकार कर दिया और तुरंत वहां से चली गईं। इस घटना के बाद उन्होंने किसी अन्य फिल्म के लिए ऑडिशन नहीं दिया और टीवी इंडस्ट्री में काम करने का फैसला किया। उन्होंने उस प्रोड्यूसर-डायरेक्टर का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि वह एक जाने-माने फिल्ममेकर थे। टीवी करियर की शुरुआत शिखा सिंह ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत शो ‘लेफ्ट राइट लेफ्ट’ में कैडेट आकृति भट्ट के रोल से की थी। इसके बाद वह ‘मेरी डोली तेरे अंगना’ और ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’ जैसे शो में नजर आईं। साल 2010 में उन्होंने ‘ना आना इस देस लाडो’ में अंबा सांगवान का किरदार निभाया। इसके अलावा वह ‘फुलवा’, ’26/12′, ‘अदालत’, ‘ससुराल सिमर का’ और ‘महाभारत’ में भी दिखाई दीं। ‘कुमकुम भाग्य’ में आलिया मेहरा के किरदार ने उन्हें खास पहचान मिली। साल 2022 में वह ‘नागिन 6’ में रिद्धि शर्मा के रोल में नजर आईं। शिखा ने ‘जुबली कॉमेडी सर्कस’, ‘गोल्ड सेफ’ और ‘कॉमेडी नाइट्स बचाओ’ जैसे शो में भी काम किया है। वर्तमान में वह ‘जगधात्री’ में साक्षी मित्तल का रोल निभा रही हैं। पर्सनल लाइफ की बात करें तो शिखा सिंह ने अप्रैल 2016 में करण शाह से शादी की थी। साल 2020 में दोनों एक बेटी के माता-पिता बने।
'डायरेक्टर ने अपना हाथ रख दिया':कुमकुम भाग्य फेम शिखा सिंह ने फिल्ममेकर की हरकत के बाद फिल्म के ऑडिशन देना छोड़ दिए

‘कुमकुम भाग्य’ फेम एक्ट्रेस शिखा सिंह ने हाल ही में कास्टिंग काउच से जुड़ा एक अनुभव शेयर किया। जहां एक फेमस फिल्ममेकर ने उन्हें अनकंफर्टेबल करते हुए शिखा को गलत तरीके से छूने की कोशिश की और उन पर हाथ रख दिया था। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में शिखा ने कहा, “मेरे साथ ऐसा सिर्फ एक बार हुआ था। यह पहली बार था जब मैं किसी फिल्म के ऑडिशन के लिए गई थी और वही आखिरी बार भी था जब मैं किसी फिल्म के ऑडिशन में गई। मैं वहां पहुंची तो वह प्रोड्यूसर-डायरेक्टर सोफे पर बैठा हुआ था। बात करते-करते वह धीरे-धीरे मेरे करीब आने लगा। फिर उसने अपना हाथ यहां रख दिया। मैं तुरंत उठ गई और मैंने कहा, ‘सर, हो गया।” एक्ट्रेस ने बताया कि आगे बातों-बातों में वह कह रहा था कि देखो, फिल्म में ऐसा होगा। तुम तो हीरोइन मटेरियल हो। उन्होंने बताया, “इसी दौरान उसने अपना हाथ मेरे ऊपर रख दिया। मैं तुरंत उठ खड़ी हुई। उसने पूछा, ‘क्या हो गया?’ मैंने कहा, ‘नहीं सर, मैं खड़ी रहती हूं, आप बात कीजिए।’ वह बोला, ‘नहीं, बैठो-बैठो, ये सब तो होता है।’ मैंने जवाब दिया, ‘सर, अगर ये सब होगा तो मुझसे नहीं होगा।” फिर कभी किसी फिल्म का ऑडिशन नहीं दिया शिखा ने बताया कि उन्होंने फिल्म करने से इनकार कर दिया और तुरंत वहां से चली गईं। इस घटना के बाद उन्होंने किसी अन्य फिल्म के लिए ऑडिशन नहीं दिया और टीवी इंडस्ट्री में काम करने का फैसला किया। उन्होंने उस प्रोड्यूसर-डायरेक्टर का नाम नहीं बताया, लेकिन कहा कि वह एक जाने-माने फिल्ममेकर थे। शिखा ने कई टीवी शो में काम किया शिखा सिंह ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत शो ‘लेफ्ट राइट लेफ्ट’ में कैडेट आकृति भट्ट के रोल से की थी। इसके बाद वह ‘मेरी डोली तेरे अंगना’ और ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’ जैसे शो में नजर आईं। साल 2010 में उन्होंने ‘ना आना इस देस लाडो’ में अंबा सांगवान का किरदार निभाया। इसके अलावा वह ‘फुलवा’, ’26/12′, ‘अदालत’, ‘ससुराल सिमर का’ और ‘महाभारत’ में भी दिखाई दीं। ‘कुमकुम भाग्य’ से घर-घर में पहचान मिली ‘कुमकुम भाग्य’ में आलिया मेहरा के किरदार ने उन्हें खास पहचान मिली। साल 2022 में वह ‘नागिन 6’ में रिद्धि शर्मा के रोल में नजर आईं। शिखा ने ‘जुबली कॉमेडी सर्कस’, ‘गोल्ड सेफ’ और ‘कॉमेडी नाइट्स बचाओ’ जैसे शो में भी काम किया है। वर्तमान में वह ‘जगधात्री’ में साक्षी मित्तल का रोल निभा रही हैं। पर्सनल लाइफ की बात करें तो शिखा सिंह ने अप्रैल 2016 में करण शाह से शादी की थी। साल 2020 में दोनों एक बेटी के माता-पिता बने।
पीएम मोदी का नया रिकॉर्ड, बॉलीवुड कलाकारों ने दी बधाई:कंगना, अनूप जलोटा और भंडारकर ने की काम की तारीफ; जलोटा बोले- वे हमेशा पीएम रहें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के राजनीतिक इतिहास में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। पीएम मोदी ने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। पद पर 4,399 दिन पूरे होने के इस मौके पर राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ फिल्मी जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें बधाई दी है। कंगना रनौत, अनूप जलोटा और मधुर भंडारकर जैसी हस्तियों ने उनके कार्यकाल की सराहना की है। कंगना रनौत ने बताया जनसेवा का संकल्प हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी। कंगना ने लिखा कि 4399 दिन और जनसेवा का संकल्प लगातार जारी है। यह उपलब्धि 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक है। कंगना ने इसे नए, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक स्वर्णिम अध्याय बताया जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। नीतू चंद्रा और मधुर भंडारकर ने की काम की तारीफ एक्ट्रेस नीतू चंद्रा ने न्यूज एजेंसी ‘IANS’ से खास बातचीत में प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन तमाम वर्षों में देश में बहुत काम हुआ है और आगे भी होता रहेगा। नीतू ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री आगे भी महिलाओं के विकास पर विशेष ध्यान देंगे। वहीं, फिल्म डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर मधुर भंडारकर ने बधाई देते हुए कहा कि साल 2014 से देश ने एक बहुत ही शानदार सफर देखा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और भारत के बाहर भी लोग उनके काम की काफी तारीफ करते हैं। अनूप जलोटा बोले- हमेशा के लिए प्रधानमंत्री बनें मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा ने इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री के लंबे जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने देश को तरक्की की राह पर आगे बढ़ाया है और पूरी दुनिया में भारत का सम्मान मजबूत किया है। उन्होंने इच्छा जताई कि नरेंद्र मोदी आगे भी कई सालों तक इसी तरह देश का नेतृत्व करते रहें और हमेशा के लिए देश के प्रधानमंत्री बने रहें। अनूप जलोटा के मुताबिक, देश को उनकी नीतियों से लगातार फायदा मिल रहा है और वे देश को लगातार तरक्की की राह पर ले जा रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ा नरेंद्र मोदी के नाम अब भारत में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री होने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। उन्होंने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब से अब तक उनका यह कार्यकाल लगातार जारी है। उनसे पहले देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू लगातार 4,398 दिनों (13 मई 1952 से 27 मई 1964) तक इस पद पर रहे थे। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी लगातार 4,077 दिनों (24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977) तक देश की प्रधानमंत्री रही थीं।
Reliance-Meta AI Data Center | Jamnagar Gujarat 168MW

नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक मेटा भारत में अपना पहला एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी कर रही है। इस पार्टनरशिप के तहत गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर तैयार किया जाएगा, जिसे दो साल के भीतर डिलीवर करने का लक्ष्य है। इस साझेदारी के तहत रिलायंस जामनगर में डेटा सेंटर को पूरी तरह से विकसित करेगी। रिलायंस प्रोजेक्ट के लिए डिजाइन, कंस्ट्रक्शन, यूटिलिटी मैनेजमेंट, रिन्यूएबल पावर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और मैनेज्ड सर्विसेज सहित एंड-टू-एंड सर्विसेज देगी। भारत वैश्विक एआई क्रांति में सबसे आगे रहने को तैयार रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “मेटा के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बदलावकारी पल है। मेटा का भारत का पहला बिल्ट-टू-सूट डेटा सेंटर बनाना यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक एआई क्रांति में सबसे आगे रहने के लिए तैयार है। जामनगर हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग के लिए एक लैंडमार्क डेस्टिनेशन बनेगा।” मेटा के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, “हमें भारत में अपना पहला एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने के लिए रिलायंस के साथ काम करने पर गर्व है। जामनगर की यह वर्ल्ड-क्लास फैसिलिटी हमें ग्लोबल लेवल पर अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और भारत की इकोनॉमी में हमारे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को गहरा करने में मदद करेगी।” एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘मेटा कंप्यूट’ पर भारी निवेश मेटा अपनी बढ़ती एआई जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने पर निवेश कर रही है। जुकरबर्ग ने ‘मेटा कंप्यूट’ नामक एक टॉप-लेवल पहल के जरिए इस दशक में ‘डिकेड्स ऑफ गीगावाट’ और आगे चलकर ‘हंड्रेड्स ऑफ गीगावाट’ या उससे ज्यादा क्षमता बनाने का प्लान बनाया है। जनवरी 2026 में उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की पूर्व सलाहकार दीना पॉवेल मैकॉर्मिक को प्रेसिडेंट और वाइस चेयरमैन नियुक्त किया, जो सरकारों के साथ मिलकर मेटा के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंसिंग पर फोकस कर रही हैं। अप्रैल में मेटा ने अपने पूरे साल के कैपिटल एक्सपेंडिचर के अनुमान को 115-135 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 125 बिलियन डॉलर से 145 बिलियन डॉलर कर दिया है। मेटा ने कहा कि प्रोजेक्ट वॉटरवर्थ (दुनिया का सबसे लंबा सब-सी केबल सिस्टम) सहित उनके बड़े नेटवर्क निवेश के जरिए वे इस सेक्टर में इंडस्ट्री-लीडिंग कनेक्टिविटी लाएंगे और भारतीय कम्युनिटी को स्पीड और क्वालिटी सर्विस देंगे। क्लीनमैक्स और फोर्थ पार्टनर एनर्जी से पार्टनरशिप का ऐलान मेटा ने डेटा सेंटर के साथ-साथ भारत के दो प्रमुख क्लीन एनर्जी प्रोवाइडर्स के साथ करीब 1 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी के लिए अलग से पार्टनरशिप की घोषणा की है। क्लीनमैक्स: राजस्थान और कर्नाटक में 837 मेगावाट (MW) के नए सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स डेवलप किए जाएंगे। इसके साथ ही क्लीनमैक्स के साथ कुल घोषित क्षमता 900 मेगावाट से ज्यादा हो गई है। फोर्थ पार्टनर एनर्जी: यह कंपनी तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 88 मेगावाट के नए सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स के जरिए बिजली की सप्लाई करेगी। भारत को डिजिटल हब बनाने की रेस में गूगल-अमेजन भी शामिल सरकार देश को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बाजार में अन्य बड़ी कंपनियों का प्लान इस प्रकार है… गूगल: अक्टूबर 2025 में विशाखापट्टनम में 15 बिलियन डॉलर के निवेश से बड़े पैमाने पर एआई हब बनाने की घोषणा की थी। अडाणीकॉनेक्स और एर्टेल के नेक्स्ट्रा के साथ मिलकर अप्रैल 2026 में इसका कंस्ट्रक्शन शुरू हो चुका है, जिसकी एक बड़ी क्षमता लेट 2028 या शुरुआती 2029 तक लाइव करने का लक्ष्य है। ओपनएआई: फरवरी 2026 में टाटा ग्रुप के साथ साझेदारी की घोषणा की। यह टीसीएस (TCS) के ‘हाइपरवॉल्ट’ डेटा सेंटर बिजनेस की पहली कस्टमर बनेगी, जो 100 मेगावाट से शुरू होकर 1 गीगावाट तक स्केल हो सकती है। माइक्रोसॉफ्ट: दिसंबर 2025 में क्लाउड, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सोवरेन डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 17.5 बिलियन डॉलर के निवेश का ऐलान किया जो 2029 तक चलेगा। अमेजन: दिसंबर 2025 में भारत में 2030 तक 35 बिलियन डॉलर के अतिरिक्त निवेश का प्लान पेश किया, जिसमें क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों के लिए 12.7 बिलियन डॉलर का निवेश शामिल है। क्या होता है एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर? साधारण डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल केवल डेटा को स्टोर और प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। इसके विपरीत एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर में विशेष लिक्विड कूलिंग सिस्टम और हाई-पावर्ड ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) लगे होते हैं। ये मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और चैटबॉट्स जैसे भारी और जटिल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम को बहुत तेज गति से प्रोसेस करने की क्षमता रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… अडाणी एनर्जी सबसे बड़ी स्मार्ट मीटर कंपनी बनी: ₹3,050 करोड़ में खरीदी इंटेलिस्मार्ट, अब कंपनी के पास 4.7 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो होगा अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को खरीद लिया है। यह सौदा पूरे 3,050 करोड़ रुपए में हुआ है। इसके तहत एईएसएल को इंटेलिस्मार्ट की पूरी 100% हिस्सेदारी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: रेस्तरां स्टाइल में अब घर पर पक्के स्टीम्ड मटर-पनीर कोफ्ता, फटाफट नोट कर लें रेसिपी

10 जून 2026 को 14:17 IST पर अद्यतन किया गया मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: मटके में मिलने वाली हरी मटर से सभी प्रकार के व्यंजन लोगों को बहुत पसंद आते हैं। यीक्स से एक खास डिश है मटर चीज़ का स्टीम्ड कोफ्ता। जो सिर्फ रेस्तरां तक सीमित नहीं रह रहा बल्कि घर की रसोई में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। यह व्यंजन स्वाद और पोषण दोनों सबसे अच्छे माने जाते हैं। इसके साथ ही हर थाली को रॉयल बना दिया जाता है। नोट कर लें ये खास रेसिपी। अनुसरण करना : हरी मटर और पनीर से बनी हुई कोफ्ते बनाने के लिए हरी मटर और पनीर से बनी हुई कोफ्ते को तैयार किया जाता है. इसके स्वाद में भी बहुत लाजवाब आता है। छवि: फ्रीपिक कोफ्तों को स्वादिष्ट बनाने के लिए उनके बीच में पनीर का छोटा टुकड़ा डाला जाता है जिससे हर बेबी का स्वाद अलग हो जाता है। इन कोफ्तों को तलने की जगह स्टीम किया जाता है जिससे ये कपड़े और सामान बनते हैं। छवि: फ्रीपिक इस डिश की ग्रेवी इसका और खास नाम है। प्याज, लहसुन, टमाटर और काजू से बनी यह ग्रेवी स्वाद और कॉपर से भरपूर होती है। इसमें पार्टिकल लाल मिर्च पेस्ट का रंग अच्छा दिखाई देता है। छवि: फ्रीपिक इसे इस्तेमाल करने से ज्यादा तीखापन नहीं होता। कसूरी मेथी- गरम मसाला का तड़का इसे रेस्तरां में जैसा स्वाद दिया जाता है। जब स्टीम किए हुए कोफ्ते इस क्रीमी ग्रेवी में डाले जाते हैं तो उनका स्वाद और बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक कोफ्तों के अंदर तक पहुंच जाती है, हर निवाला स्वादिष्ट लगता है। यह डिश चावल और रोटी दोनों ही बेहतरीन लगती है। मटर पनीर कोफ्ता सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। छवि: फ्रीपिक मटर में प्रोटीन-प्रोटीन होता है। पनीर में प्रोटीन और प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। यह डिश बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी के लिए नामांकित है और क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति का अच्छा स्रोत है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 10 जून 2026 14:17 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)मटर पनीर कोफ्ता(टी)विंटर रेसिपी(टी)स्टीम्ड कोफ्ता करी(टी)स्वस्थ भारतीय भोजन(टी)पनीर रेसिपी(टी)हरी मटर रेसिपी(टी)शाकाहारी करी(टी)घर का बना कोफ्ता(टी)क्रीमी ग्रेवी रेसिपी(टी)भारतीय शीतकालीन व्यंजन
‘ममता धृतराष्ट्र बन गई हैं’: बागी सांसद शताब्दी रॉय का टीएमसी प्रमुख पर विस्फोटक हमला | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 13:42 IST सताब्दी रॉय ने ममता बनर्जी पर हमला किया, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे में शामिल हुईं, उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं की आवाज को नजरअंदाज किया गया और ब्लॉक अनुसमर्थन मांगेगा और एनडीए का समर्थन करेगा। शताब्दी रॉय ने एनडीए का समर्थन किया, कहा, अधिक टीएमसी सांसद पार्टी छोड़ेंगे तृणमूल कांग्रेस के भीतर संकट बुधवार को और गहरा गया जब अभिनेता से नेता बनी और चार बार की सांसद शताब्दी रॉय ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला किया और काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे में शामिल होने के अपने फैसले का बचाव किया। News18 से बात करते हुए, रॉय ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की तुलना “धृतराष्ट्र” से की, उन पर पार्टी नेताओं द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को स्वीकार करने से इनकार करने का आरोप लगाया। रॉय, जिन्हें काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट का उप नेता नियुक्त किया गया है, ने कहा कि समूह औपचारिक अनुसमर्थन की मांग करेगा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करना जारी रखेगा। रॉय ने कहा, “हम एक गुट हैं और हमें अनुसमर्थन मिलेगा। हम एनडीए का समर्थन करेंगे।” ‘ममता को अब टीएमसी से प्यार नहीं’ रॉय ने कहा कि वह 2009 से ही ममता बनर्जी के प्रति वफादार रहीं, जब तृणमूल कांग्रेस सत्ता में नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैं 2009 से पार्टी का हिस्सा हूं। उस समय वे सत्ता में नहीं थे। इस पूरे समय मैं ममता के साथ थी।” रॉय के अनुसार, चुनाव परिणाम के बाद पार्टी की स्थिति और चिंताओं पर चर्चा करने के लिए कई नेताओं ने 4 मई के बाद ममता बनर्जी से मुलाकात की। “4 मई के बाद, हम चर्चा के लिए उनके आवास पर गए, लेकिन वह शासनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थीं। क्यों?” रॉय ने पूछा. उन्होंने दावा किया कि बैठक से उन्हें विश्वास हो गया कि पार्टी नेतृत्व अब सांसदों और विधायकों की बात सुनने को तैयार नहीं है। रॉय ने कहा, ”मुझे शिकायतें थीं, लेकिन जब हम ममता दी से मिले तो यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें अपनी पार्टी से प्यार नहीं है।” ‘सभी सांसदों को है शिकायत’ शताब्दी रॉय ने तर्क दिया कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष व्यापक था और मुट्ठी भर नेताओं तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा, “परिणाम विनाशकारी क्यों था? सभी सांसदों को टीएमसी से शिकायत है। हम सभी एक ही बात कह रहे हैं, लेकिन अब हम इसे जारी नहीं रखना चाहते।” उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि आने वाले दिनों में और भी सांसद पार्टी छोड़ेंगे। रॉय ने कहा, “अधिक सांसद सुष्मिता देव की तरह जाएंगे। कोई भविष्य नहीं है।” ‘हमारी आवाजें अनसुनी कर दी गईं’ इससे पहले, एक समाचार चैनल से बात करते हुए रॉय ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बनर्जी में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा, “दीदी बदल गई थी। पिछले कुछ सालों में वह काफी बदल गई हैं। मेरा उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव है, लेकिन मेरे लिए काम मायने रखता है और इसलिए मैंने यह फैसला लिया है।” रॉय ने कहा कि विद्रोह के पीछे सबसे बड़ा कारण कई नेताओं की पार्टी नेतृत्व तक पहुंच में असमर्थता थी। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी छोड़ रही हूं क्योंकि हमारी आवाज अनसुनी कर दी गई। मैं लोगों के लिए काम करना चाहती हूं। लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। केवल चुनिंदा लोगों की ही ममता बनर्जी तक पहुंच थी।” विद्रोही खेमे के सूत्रों ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त की और दावा किया कि मंत्री अक्सर सांसदों की अनदेखी करते हैं और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले नेताओं से परामर्श नहीं किया जाता है। असंतुष्टों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शासन पर चिंता जताने की कोशिशों पर अक्सर चुप रहने की हिदायतें मिलती रहीं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘ममता धृतराष्ट्र बन गई हैं’: बागी सांसद शताब्दी रॉय का टीएमसी प्रमुख पर विस्फोटक हमला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
जापानी सुशी खाने के लिए 14 घंटे की कतारें:700 के आर्डर पर डिजिटल लॉटरी गेम, खिलौने देकर सुशिरो चेन ने बढ़ाई बिक्री

चीन में एक जापानी रेस्टोरेंट चेन ने युवाओं को दीवाना बना लिया है। जापान की मशहूर कन्वर्टर-बेल्ट सुशी चेन ‘सुशिरो’ चीन के ‘एमजेड जनरेशन’ (मिलेनियल्स और जेन-जी) के बीच बड़ा सोशल मीडिया ट्रेंड बन चुकी है। लोग यहां सुशी खाने के लिए 5 से 14 घंटे तक इंतजार करने को तैयार हैं। इस दीवानगी की सबसे बड़ी वजह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स डोयिन और श्याओहोंगशू पर वायरल हो रहे वीडियो हैं। चीनी युवा रेस्टोरेंट में खाने के बाद खाली प्लेटों को एक के ऊपर एक रखकर ऊंचे-ऊंचे टावर बना रहे हैं, जिसे ‘सुशिरो टावर’ नाम दिया गया है। 60 से 80 प्लेटों की ऊंचाई वाले इन वीडियो को लाखों-करोड़ों लाइक्स मिल रहे हैं। इस दीवानगी के चलते चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ही कंपनी ने पूरे साल के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के लक्ष्य का 70% हिस्सा हासिल कर लिया है। टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों में इस साल 23% तेजी आई है। इसने जापान के बेंचमार्क इंडेक्स टोपिक्स को भी पीछे छोड़ दिया है। सुशिरो ने साल 2021 में गुआंगझू से चीन में कदम रखा था, लेकिन पिछले साल शंघाई में एंट्री के बाद इसकी लोकप्रियता सातवें आसमान पर पहुंच गई। इस दीवानगी का फायदा उठाकर कुछ लोग सेकंड हैंड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 420 रुपए में अपना वेटिंग कतार नंबर तक बेच रहे हैं। सुशिरो ने ग्राहकों को बांधे रखने के लिए भोजन के साथ मनोरंजन का तड़का भी लगाया है। कंपनी ने स्टोर्स में ‘डिगिरो’ नाम का एक इन-स्टोर डिजिटल ऑर्डरिंग सिस्टम है। इसके तहत जो भी ग्राहक 60 युआन (करीब 840 रुपए) या उससे अधिक खर्च करता है, उसे स्क्रीन पर एक डिजिटल लॉटरी गेम खेलने का मौका मिलता है। इस गेम को जीतने पर ग्राहकों को सुशी कैरेक्टर वाले खिलौने और अन्य आकर्षक इनाम मिलते हैं, जो युवाओं को बेहद आकर्षित कर रहे हैं। अन्य सुशी चेन्स के मुकाबले काफी सस्ता… क्वालिटी भी बेहतरीन मंदी के दौर का सटीक हथियार सुशिरो की इस कामयाबी का सबसे बड़ा स्तंभ इसकी किफायत है। चीन के स्टोर्स में सुशी की एक प्लेट की कीमत 112 से 392 रुपए के बीच है। शेनझेन में रहने वाली 24 वर्षीय कामकाजी महिला डेंग दानशान कहती हैं, ‘मैं हफ्ते में कम से कम एक बार सुशिरो जाती हूं। एक बार में करीब 25 प्लेटें खा लेती हूं और मेरा बिल लगभग 200 युआन (करीब 2,800 रुपए) आता है। यह बाजार की दूसरी सुशी चेंस के मुकाबले काफी सस्ता है और इसकी क्वालिटी भी बेहतरीन है।’
‘दो नावों में नहीं रहना चाहती’: टीएमसी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद सुष्मिता देव की पहली प्रतिक्रिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 13:09 IST सुष्मिता देव दोपहर 1 बजे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगी और उच्च सदन से अपना इस्तीफा सौंपेंगी। सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा देने और राज्यसभा सांसद के रूप में पद छोड़ने के बाद बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनका फैसला लंबी राजनीतिक यात्रा और व्यक्तिगत प्रतिबिंब का परिणाम था। यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें अपने इस्तीफे के बाद बोलते हुए, देव ने कहा कि उनके फैसले के पीछे कई कारण थे, लेकिन सुझाव दिया कि राजनीति में हर चीज को सार्वजनिक रूप से समझाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “जिस चीज ने मुझे इस फैसले के लिए प्रेरित किया, वह एक बहुत लंबी कहानी है और राजनीति में, मुझे नहीं लगता कि हर चीज का खुलासा करने की जरूरत है। हालांकि, मुझे लगता है कि मैं दो नावों में नहीं रहना चाहती।” “ममता पर कोई टिप्पणी नहीं” देव ने अपने इस्तीफे के बाद खुद को राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बताया। उन्होंने कहा, “आज, मैं एक स्वतंत्र महिला हूं। मैं हिमंत दा (असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा) को लंबे समय से जानती हूं; मैंने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।” उनकी टिप्पणी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के तुरंत बाद आई, जिससे भाजपा में शामिल होने की उनकी भविष्य की राजनीतिक योजनाओं के बारे में अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, देव ने तत्काल अगले कदम का कोई संकेत नहीं दिया और इस बात पर जोर दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे घटनाक्रम में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा, “मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि कौन क्या कर रहा है; साथ ही, मैं सीधे तौर पर बंगाल की राजनीति में शामिल नहीं हूं, क्योंकि मैं असम से हूं। मैं ममता बनर्जी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।” अगला कदम उठाने से पहले समय चाहता है कोई भी नया राजनीतिक निर्णय लेने से पहले समय मांगते हुए, देव ने कहा कि वह एक संक्षिप्त ब्रेक लेना चाहती हैं और अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहती हैं। देव ने कहा, “मैंने अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से इस्तीफा दिया है। हमारे देश में हर किसी को विचार बदलने का अधिकार है। मैं अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।” उन्होंने कहा, “मुझे सोचने के लिए कुछ समय चाहिए। असम मेरा राज्य है और मुझे कुछ सोचने की जरूरत है।” एक हफ्ते में इस्तीफा देने वाले दूसरे सांसद यह इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस के लिए एक और झटका है, जो हाल के दिनों में आंतरिक अशांति का सामना कर रही है। सुखेंदु शेखर रे के बाद देव एक हफ्ते के भीतर पार्टी से इस्तीफा देने वाले दूसरे सांसद बने। वह बुधवार दोपहर 1 बजे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगी और उच्च सदन से अपना इस्तीफा सौंपेंगी। असंतुष्ट नेताओं के दावों के बाद पार्टी के भीतर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है कि कई तृणमूल सांसद खुद को संगठन से दूर कर रहे हैं। देव के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, वरिष्ठ टीएमसी नेता सौगत रॉय ने सीएनएन को बताया कि उनका जाना पार्टी के लिए एक “झटका” था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘दो नावों में नहीं रहना चाहती’: टीएमसी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद सुष्मिता देव की पहली प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) सुष्मिता देव का इस्तीफा(टी) सुष्मिता देव(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी सांसद का इस्तीफा(टी)राज्यसभा का इस्तीफा(टी)असम की राजनीति(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)सुखेंदु शेखर रे(टी)ममता बनर्जी









