Fraud in auto check clearing; names erased with chemicals

वॉशिंगटन14 मिनट पहले कॉपी लिंक विशेषज्ञों के मुताबिक, नए दौर की बैंकिंग में बैंकों के ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेजी से चेक क्लियर करती है। यही सुविधा कमजोरी साबित हो रही है।- प्रतीकात्मक फोटो अमेरिका में पुराने जमाने का एक स्कैम नए और खतरनाक रूप में लौट आया है। जालसाज केमिकल से चेक पर लिखा नाम और रकम मिटाकर उसे अपने नाम कर ले रहे हैं। इससे चेक फ्रॉड के मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। एफबीआई और यूएस पोस्टल सर्विस ने चेतावनी जारी कर लोगों से कागजी चेक की जगह डिजिटल पेमेंट अपनाने की अपील की है। जालसाज एसीटोन या ब्लीच जैसे आम घरेलू केमिकल से चेक पर लिखी जानकारी मिटाकर उसे दोबारा अपने नाम पर जारी कर देते हैं। यह तरीका अब सिर्फ निजी चेकबुक तक सीमित नहीं रहा, बिजनेस पेमेंट, टैक्स रिफंड और सोशल सिक्योरिटी जैसी सरकारी सुविधाओं से जुड़े चेक भी जालसाजों के निशाने पर हैं। कैलिफोर्निया के एक दंपती के साथ हुई घटना इस स्कैम की गंभीरता बताती है। दंपती को आईआरएस से नोटिस मिला कि उन्होंने 12,000 डॉलर (11.3 लाख रुपए) का तिमाही टैक्स पेमेंट नहीं किया, जबकि उनके चेस बैंक स्टेटमेंट में यह चेक क्लियर दिखा रहा था। बाद में स्कैन कॉपी देखने पर पता चला कि ‘पे टू द ऑर्डर’ लाइन से आईआरएस का नाम मिटाकर किसी और व्यक्ति का नाम लिख दिया गया था। दंपती ने चेस बैंक से शिकायत की, लेकिन बैंक ने शुरू में यह कहकर मदद करने से मना कर दिया कि फ्रॉड रिपोर्ट करने की तय समय-सीमा खत्म हो चुकी है, क्योंकि चेक एक साल पहले ही चोरी होकर जमा हो गया था। बैंक की डिपॉजिट पॉलिसी और कानूनी नियमों के तहत तय समय सीमा बीतने पर नुकसान की जिम्मेदारी आम तौर पर ग्राहक पर ही आती है। लेकिन दंपती के दबाव और मामला सामने आने के बाद चेस बैंक ने दोबारा जांच शुरू की और उस फर्जी खाते का पता लगाया, जिसमें चोरी की रकम भेजी गई थी। उस खाते में तब भी करीब 11,000 डॉलर (10.4 लाख रुपए) बचे हुए थे। इससे दंपती को लगभग पूरी रकम वापस मिल गई। बैंक प्रवक्ता जैरी डुब्रोव्स्की ने कहा कि वे इस मामले को सुलझाने पर संतुष्ट हैं और ग्राहकों को सलाह दी कि वे डाक से चेक भेजने से बचें। हर महीने अपना बैंक स्टेटमेंट जरूर जांचें। विशेषज्ञों के मुताबिक, नए दौर की बैंकिंग में बैंकों के ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेजी से चेक क्लियर करती है। यही सुविधा कमजोरी साबित हो रही है। ऑटो क्यिरिंग सिस्टम में चेक से छेड़छाड़, रंग में बदलाव या लिखावट में मिसमैच जैसी गड़बड़ियां पकड़ में नहीं आतीं। इसका सीधा फायदा जालसाजों को मिल रहा है। आसान जालसाजी के चलते अमेरिका में चेक फ्रॉड के मामले 13 साल में 2,000% बढ़े अमेरिका में चेक फ्रॉड की शिकायतें 2021 के 3.5 लाख से बढ़कर 2022 में 6.8 लाख हो गईं। हाई-वॉल्यूम मेल चोरी के मामले 2010 में सिर्फ 2,200 थे, जो 2023 में 49,000 से ज्यादा हो गए, यानी करीब 2,000% की बढ़ोतरी। पोस्टल पुलिस अधिकारी संघ के प्रेसिडेट फ्रैंक अल्बर्गो के मुताबिक, यह अब संगठित डाक अपराध का दौर है। एफबीआई और पोस्टल सर्विस की सलाह है कि चेक की जगह ई-चेक और डिजिटल पेमेंट करें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
महाराष्ट्र राजनीतिक मोड़: कैसे बागी सांसदों ने हाई-स्टेक मूव में उद्धव ठाकरे को पछाड़ दिया

अंदरूनी विवरण से पता चलता है कि कैसे छह बागी सांसद एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम में उद्धव ठाकरे को मात देने में कामयाब रहे, जिसने पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को फिर से आकार दिया। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण चरण के दौरान बढ़ती आंतरिक दरार और रणनीतिक गलत अनुमानों को उजागर करता है। n18oc_राजनीति
वर्ल्ड कप का नया ‘कलर कोड; गुलाबी जूतों का राज:लोगों का ध्यान खींचने और अलग दिखने के लिए खिलाड़ियों की पसंद बना

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में गोल, जीत और हार की कहानियां तो हर दिन बन रही हैं। लेकिन, इस बार मैदान पर एक और चीज लोगों का ध्यान खींच रही है। यह कोई स्टार खिलाड़ी नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के पैरों में दिखाई दे रहे चमकीले गुलाबी बूट हैं। वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबले शुरू होते ही दर्शकों ने एक दिलचस्प बात नोटिस की। चाहे मैदान में अर्जेंटीना उतरे, इंग्लैंड खेले या कोई और टीम, खिलाड़ियों के पैरों में गुलाबी रंग के बूट नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो पूरे टूर्नामेंट पर गुलाबी रंग का जादू छा गया हो। दरअसल, दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स कंपनियां- नाइकी, एडिडास, प्यूमा, न्यू बैलेंस और स्केचर्स, इस वर्ल्ड कप के लिए खास गुलाबी रंग के बूट लेकर आई हैं। हैरानी की बात यह है कि अलग-अलग कंपनियों के बूट होने के बावजूद उनका रंग लगभग एक जैसा दिखाई देता है। फुटबॉल बूट्स के विशेषज्ञ बेन वॉरेन कहते हैं कि शुरुआत में यह संयोग लग सकता था, लेकिन जब लगभग सभी बड़े ब्रांड एक ही रंग के आसपास पहुंचे तो साफ हो गया कि यह एक सोची-समझी रणनीति है। नाइकी के फुटबॉल फुटवियर विभाग से जुड़े ओडिंगा निमाको बताते हैं कि खिलाड़ियों और ग्राहकों से लगातार यह प्रतिक्रिया मिल रही थी कि चमकीले रंग उन्हें आत्मविश्वास देते हैं। बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ी ऐसा रंग पहनना चाहते हैं जो सबसे अलग दिखे और लोगों का ध्यान खींचे। इसी सोच ने गुलाबी रंग को सबसे आगे ला खड़ा किया। एक और वजह है इसकी दृश्यता। हरे मैदान पर गुलाबी रंग सबसे ज्यादा उभरकर दिखाई देता है। चाहे दर्शक स्टेडियम में बैठे हों या टीवी पर मैच देख रहे हों, गुलाबी बूट तुरंत नजर आते हैं। यही कारण है कि कंपनियों ने इस बार बूट्स को सिर्फ खेल का उपकरण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की पहचान बनाने का माध्यम भी बनाया है। दिलचस्प बात यह भी है कि इस वर्ल्ड कप में कोई भी टीम मुख्य रूप से गुलाबी जर्सी में नहीं खेल रही है। ऐसे में खिलाड़ियों के बूट और भी ज्यादा चमकते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन यह गुलाबी कहानी ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। फुटबॉल बाजार के जानकारों का मानना है कि नया क्लब सीजन शुरू होते ही कंपनियां किसी नए रंग के साथ मैदान में उतरेंगी। फिलहाल वर्ल्ड कप 2026 में सिर्फ खिलाड़ियों का खेल ही नहीं, उनके गुलाबी बूट भी चर्चा के केंद्र में हैं। शायद यही आधुनिक खेलों की नई दुनिया है, जहां प्रदर्शन के साथ-साथ स्टाइल भी सुर्खियां बटोरता है।
शिवसेना (यूबीटी) रणनीति बैठक: उद्धव ठाकरे, संजय राउत ने की महत्वपूर्ण बातचीत | न्यूज18

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IPL Window Pre-Monsoon Heat | BCCI Moves March Start

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक BCCI अगले सीजन से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को एक हफ्ते पहले शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने PTI से बातचीत में कहा कि बढ़ती गर्मी और प्री-मानसून के कारण IPL का संभावित विंडो 10 मार्च से 15 मई तक किया जा सकता है। इंटरनेशनल कैलेंडर के कारण लीग में मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सैकिया ने कहा- ‘IPL मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू होकर मई के अंत तक चलता है। लेकिन, मई के दूसरे पखवाड़े में कई जगहों पर बहुत ज्यादा गर्मी और बारिश की आशंका रहती है। इससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को परेशानी होती है। IPL का पिछला सीजन 28 मार्च से 31 मई तक खेला गया। इसका टाइटल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता। (फोटो BCCI) 10 मार्च से 15 मई तक कराने का टारगेट है सैकिया ने बताया कि BCCI और IPL गवर्निंग काउंसिल इस पर चर्चा कर रहे हैं। बोर्ड ने गेम्स डेवलपमेंट महाप्रबंधक एबी कुरुविला को भी संभावित विंडो तलाशने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- हमारा टारगेट है कि अगला IPL 10 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक समाप्त हो जाए। सैकिया के कहा- ‘खिलाड़ियों और फैंस से गर्म मौसम को लेकर शिकायतें मिली हैं। उनका कहना है कि सभी खिलाड़ी ऐसी परिस्थितियों में खेलने के लिए समान रूप से तैयार नहीं होते, इसलिए प्रतियोगिता के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। डोमेस्टिक क्रिकेट के कैलेंडर में बदलाव संभव सैकिया ने यह भी कहा कि IPL को मार्च में शुरू करने के लिए घरेलू क्रिकेट कैलेंडर में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। उनकी कोशिश होगी कि घरेलू क्रिकेट सत्र 10 मार्च तक समाप्त हो जाए, ताकि उसके तुरंत बाद IPL का आयोजन शुरू किया जा सके। सैकिया ने कहा कि इस साल पश्चिमी एशिया के संकट जैसे चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद BCCI ने सफलतापूर्वक IPL का आयोजन पूरा किया और अब अगले संस्करण को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ——————————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
IPL Window Pre-Monsoon Heat | BCCI Moves March Start

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI अगले सीजन से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को एक हफ्ते पहले शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने PTI से बातचीत में कहा कि बढ़ती गर्मी और प्री-मानसून के कारण IPL का संभावित विंडो 10 मार्च से 15 मई तक किया जा सकता है। इंटरनेशनल कैलेंडर के कारण लीग में मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सैकिया ने कहा- ‘IPL मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू होकर मई के अंत तक चलता है। लेकिन, मई के दूसरे पखवाड़े में कई जगहों पर बहुत ज्यादा गर्मी और बारिश की आशंका रहती है। इससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को परेशानी होती है। IPL का पिछला सीजन 28 मार्च से 31 मई तक खेला गया। इसका टाइटल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता। (फोटो BCCI) 10 मार्च से 15 मई तक कराने का टारगेट है: सैकिया सैकिया ने बताया कि BCCI और IPL गवर्निंग काउंसिल इस पर चर्चा कर रहे हैं। बोर्ड ने गेम्स डेवलपमेंट महाप्रबंधक एबी कुरुविला को भी संभावित विंडो तलाशने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- हमारा टारगेट है कि अगला IPL 10 मार्च से शुरू होकर 15 मई तक समाप्त हो जाए। सैकिया के कहा- ‘खिलाड़ियों और फैंस से गर्म मौसम को लेकर शिकायतें मिली हैं। उनका कहना है कि सभी खिलाड़ी ऐसी परिस्थितियों में खेलने के लिए समान रूप से तैयार नहीं होते, इसलिए प्रतियोगिता के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। डोमेस्टिक क्रिकेट के कैलेंडर में बदलाव संभव सैकिया ने यह भी कहा कि IPL को मार्च में शुरू करने के लिए घरेलू क्रिकेट कैलेंडर में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। उनकी कोशिश होगी कि घरेलू क्रिकेट सत्र 10 मार्च तक समाप्त हो जाए, ताकि उसके तुरंत बाद IPL का आयोजन शुरू किया जा सके। सैकिया ने कहा कि इस साल पश्चिमी एशिया के संकट जैसे चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद BCCI ने सफलतापूर्वक IPL का आयोजन पूरा किया और अब अगले संस्करण को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ——————————————————- टी-20 क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 5 विकेट से हराकर सीरीज जीती वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने तीसरे और निर्णायक टी-20 मैच में श्रीलंका को 5 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। सबीना पार्क, किंग्स्टन में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सभी विकेट खोकर 169 रन बनाए। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बीमार फैन से मिलकर रोए पवन कल्याण:इलाज के लिए 1 लाख रुपए भी दिए; मानहानि केस में कोर्ट ने पक्ष में दिया आदेश

आंध्रप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और साउथ एक्टर पवन कल्याण ने दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे एक नन्हे फैन से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले पवन कल्याण मंदिर जाकर उनके लिए खुद थाल लेकर आए। बिस्तर पर लेटे हुए बीमार फैन को देख पवन भावुक हो गए और उसे गले लगाकर रो पड़े। उन्होंने उस फैन के परिवार को आर्थिक मदद भी दी है। पवन कल्यान और फैन की मुलाकात की तस्वीरें- पवन कल्याण ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि उन्होंने हाल ही में वारंगल जिले के हनमकोंडा के रहनेवाले निरंजन का एक वीडियो देखा था। निरंजन एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, जो पवन कल्याण के बड़े फैन हैं। उन्हें पवन कल्याण से मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर पवन कल्याणन ने लिखा, ‘मुझे लगा कि उनकी यह इच्छा जरूर पूरी होनी चाहिए। आज मैं उनके घर हनमकोंडा पहुंचा और उनसे मुलाकात की। निरंजन का साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का उनका जज्बा सचमुच प्रेरणादायक है। इतनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उनका मजबूत हौसला काबिले-तारीफ है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी से निरंजन के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही मां भद्रकाली का आशीर्वाद हमेशा उन पर बना रहे, यही कामना करता हूं। ईश्वर की कृपा से वह जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटें।’ मानहानि मामले में कोर्ट ने पवन कल्याण के पक्ष में ऑर्डर दिया कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट की गईं, जिनमें पवन कल्याण पर झील की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाए गए थे। पवन कल्याण ने इसके खिलाफ बैंग्लोर सिटी सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर इसे मानहानिकारक बताया था। अब कोर्ट ने पवन के पक्ष में आदेश देते हुए उनके खिलाफ की गईं सभी सोशल मीडिया पोस्ट पर रोक लगा दी है। ये आदेश 24 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक जारी रहेगा। सोशल मीडिया पोस्ट्स में आरोप लगाए गए थे कि हैदराबाद में उनकी एक जमीन झील के फुल टैंक लेवल (FTL) क्षेत्र में आती है और उस पर अतिक्रमण किया गया है। कोर्ट ने 10 जून को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए पवन कल्याण के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन, प्रसारण और सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने पर अस्थायी रोक लगा दी। 11 जून को कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए 12 विशेष लिंक भी शामिल किए, जिनमें यह सामग्री मौजूद थी। आज कोर्ट ने X (पहले ट्विटर), गूगल और मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) को निर्देश दिया कि वे इन लिंक को ब्लॉक करें और पवन कल्याण के खिलाफ मानहानिकारक प्रकृति की सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न होने दें। बता दें कि ये आरोप इस महीने की शुरुआत में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मीडिया समूह ‘साक्षी मीडिया’ और तेलंगाना रक्षा सेना की अध्यक्ष के. कविता की ओर से लगाए गए थे। उनका दावा था कि पवन कल्याण की जमीन का एक हिस्सा झील के संरक्षित क्षेत्र में आता है। पवन कल्याण के बारे में-
बीमार फैन से मिलकर रोए पवन कल्याण:इलाज के लिए 1 लाख रुपए भी दिए; मानहानि केस में कोर्ट ने पक्ष में दिया आदेश

आंध्रप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और साउथ एक्टर पवन कल्याण ने दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे एक नन्हे फैन से मुलाकात की। इस मुलाकात से पहले पवन कल्याण मंदिर जाकर उनके लिए खुद थाल लेकर आए। बिस्तर पर लेटे हुए बीमार फैन को देख पवन भावुक हो गए और उसे गले लगाकर रो पड़े। उन्होंने उस फैन के परिवार को आर्थिक मदद भी दी है। पवन कल्यान और फैन की मुलाकात की तस्वीरें- पवन कल्याण ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि उन्होंने हाल ही में वारंगल जिले के हनमकोंडा के रहनेवाले निरंजन का एक वीडियो देखा था। निरंजन एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, जो पवन कल्याण के बड़े फैन हैं। उन्हें पवन कल्याण से मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर पवन कल्याणन ने लिखा, ‘मुझे लगा कि उनकी यह इच्छा जरूर पूरी होनी चाहिए। आज मैं उनके घर हनमकोंडा पहुंचा और उनसे मुलाकात की। निरंजन का साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का उनका जज्बा सचमुच प्रेरणादायक है। इतनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उनका मजबूत हौसला काबिले-तारीफ है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी से निरंजन के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना की। साथ ही मां भद्रकाली का आशीर्वाद हमेशा उन पर बना रहे, यही कामना करता हूं। ईश्वर की कृपा से वह जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटें।’ मानहानि मामले में कोर्ट ने पवन कल्याण के पक्ष में ऑर्डर दिया कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट की गईं, जिनमें पवन कल्याण पर झील की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाए गए थे। पवन कल्याण ने इसके खिलाफ बैंग्लोर सिटी सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर इसे मानहानिकारक बताया था। अब कोर्ट ने पवन के पक्ष में आदेश देते हुए उनके खिलाफ की गईं सभी सोशल मीडिया पोस्ट पर रोक लगा दी है। ये आदेश 24 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई तक जारी रहेगा। सोशल मीडिया पोस्ट्स में आरोप लगाए गए थे कि हैदराबाद में उनकी एक जमीन झील के फुल टैंक लेवल (FTL) क्षेत्र में आती है और उस पर अतिक्रमण किया गया है। कोर्ट ने 10 जून को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए पवन कल्याण के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन, प्रसारण और सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने पर अस्थायी रोक लगा दी। 11 जून को कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए 12 विशेष लिंक भी शामिल किए, जिनमें यह सामग्री मौजूद थी। आज कोर्ट ने X (पहले ट्विटर), गूगल और मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) को निर्देश दिया कि वे इन लिंक को ब्लॉक करें और पवन कल्याण के खिलाफ मानहानिकारक प्रकृति की सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न होने दें। बता दें कि ये आरोप इस महीने की शुरुआत में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के मीडिया समूह ‘साक्षी मीडिया’ और तेलंगाना रक्षा सेना की अध्यक्ष के. कविता की ओर से लगाए गए थे। उनका दावा था कि पवन कल्याण की जमीन का एक हिस्सा झील के संरक्षित क्षेत्र में आता है। पवन कल्याण के बारे में-
ICAI CA Final Result 2026 Declared

11 मिनट पहले कॉपी लिंक इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ICAI की ओर से ICAI CA Final Result 2026 आज यानी 18 जून को जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट icai.org और icaiexam.icai.org पर जाकर रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा। आईसीएआई की ओर से रिजल्ट के साथ-साथ पासिंग परसेंटेज और मेरिट लिस्ट भी जारी की गई है। इस बार परीक्षा में हुआ बड़ा बदलाव इस साल से ICAI ने फिर से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने की पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है। अब CA की परीक्षाएं केवल मई और नवंबर में होंगी, जबकि जनवरी सेशन को खत्म कर दिया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा सिस्टम को ट्रेडिशनल एकेडमिक स्ट्रक्चर के अनुरूप बनाना है. ऑफिशियल वेबसाइट से ऐसे चेक करें रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट icai.org और icaiexam.icai.org पर जाएं। होमपेज पर ICAI CA Final Result 2026 लिंक पर क्लिक करें। लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें। लॉगिन डिटेल्स भरने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। एग्जाम में शामिल सब्जेक्ट इस परीक्षा के इंटरमीडिएट लेवल पर छात्रों की अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसे सब्जेक्ट का मूल्यांकन किया जाता है। स्कोर कार्ड में मिलेगी ये जानकारी ऑनलाइन जारी होने वाले स्कोरकार्ड में हर एक सब्जेक्ट के मार्क्स, कुल प्राप्त अंक, पास या फेल का स्टेटस और अगर लागू हो तो डिस्टिंक्शन की जानकारी भी दी जाएगी। छात्रों के लिए ICAI की खास सलाह ICAI ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया या अन्य अनऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर किए जा रहे रिजल्ट लिंक से सावधान रहने की सलाह दी है। छात्रों को ऑफिशियल पोर्टल के माध्यम से ही अपना रिजल्ट देखना चाहिए। अगर स्कोरकार्ड में किसी भी तरह की कोई गलती दिखाई देती है, तो तुरंत ICAI के हेल्पडेस्क से संपर्क करें। ये खबर भी पढ़ें NEET के बाद, UPSC सिविल सर्विस भर्ती पर भी विवाद:प्रीलिम्स का पैटर्न बदलने का आरोप, पिछले साल से कम कैंडिडेट्स ने क्वालिफाई किया एग्जाम एजेंसी NTA के बाद अब UPSC को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 24 मई 2026 को UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स का एग्जाम हुआ। उम्मीदवारों ने इस साल के पेपर को यूपीएससी का अब तक का सबसे टफ पेपर बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
चांदी ₹3,988 गिरकर ₹2.44 लाख पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.42 लाख नीचे आ चुकी, सोने की कीमत आज ₹816 कम हुई

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 18 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 3,988 रुपए गिरकर 2.44 लाख रुपए पर आ गई। इससे पहले इसकी कीमत 2.48 रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 816 रुपए गिरकर 1.49 लाख रुपए पर आ गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 18 जून 2026 ऑल टाइम हाई से ₹28 हजार गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 27 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 140 दिन में चांदी 1.42 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 140 दिन में ₹27 हजार और चांदी ₹1.42 लाख सस्ती सोर्स: IBJA ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके









