खरबूजे के बीज का उपयोग: बड़े काम का है खरबूजे का बीज, घर पर बनाएं ऐसा ठंडा शरबत, सेहत के लिए बेहद फायदेमंद; जानिए रेसिपी

18 जून 2026 को 15:07 IST पर अद्यतन किया गया खरबूजे के बीज की जगह इस घर पर ही शरबत बनाएं, इसे बनाना काफी आसान है। ये शरीर को गर्मी, ठंडक, हाइड्रेशन और बेहतर डॉक्स देता है। शराब के फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे, पूरी रेसिपी पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) खरबूजे के बीज का पेय (टी) खरबूजा के बीज के फायदे (टी) गर्मियों में ठंडा करने वाला पेय (टी) प्राकृतिक ऊर्जा पेय भारत (टी) खरबूजा के बीज की रेसिपी
आलिया भट्ट ने बेटी राहा को बताया फिल्मी:बोलीं- उसे डांस और गाने बहुत पसंद हैं, वह स्टेज के लिए ही बनी है

एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में अमृत रत्न समिट के दौरान अपने बचपन और बेटी राहा पर खुल कर बात की है। आलिया ने बताया कि बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का शौक था और वह आईने के सामने घंटों परफॉर्मेंस दिया करती थीं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनकी बेटी राहा भी जन्मजात परफॉर्मर है। आलिया के मुताबिक, राहा काफी ‘फिल्मी’ है, उसे डांस करना और गाने सुनना बहुत पसंद है। राहा काफी तेजी से डांस स्टेप्स सीख लेती है और वह एक लीडर की तरह चीजों को समझती है। राहा में दिखते हैं कलाकार के गुण आलिया ने बताया कि राहा अभी बहुत छोटी है, लेकिन वह अलग-अलग चीजों में अपनी रुचि दिखा रही है। वह न केवल डांस और म्यूजिक में दिलचस्पी रखती है, बल्कि स्पोर्ट्स गतिविधियों में भी काफी आगे है। आलिया ने कहा, ‘राहा अभी अपनी चीजों को ऑब्जर्व कर रही है। वह आर्ट, डांस और स्पोर्ट्स जैसी कई गतिविधियों में हाथ आजमा रही है। वह अपने तरीके से एक विचारक और लीडर है।’ अभिनेत्री ने हंसी मजाक में यह भी कहा कि अगर मैं ऐसा कहूं तो गलत नहीं होगा कि राहा का भविष्य स्टेज के लिए ही बना है। फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ से शुरू हुई लव स्टोरी रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की प्रेम कहानी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के सेट पर शुरू हुई थी। दोनों ने कई सालों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद अप्रैल 2022 में शादी की। उसी साल नवंबर में राहा का जन्म हुआ। दिसंबर 2023 में क्रिसमस के मौके पर रणबीर और आलिया ने पहली बार राहा के साथ सार्वजनिक तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। फिल्म ‘अल्फा’ में दिखेगा नया अंदाज आलिया भट्ट जल्द ही शिव रवैल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘अल्फा’ में नजर आएंगी। गुरुवार को रिलीज हुए इस फिल्म के ट्रेलर में बॉबी देओल विलेन के रूप में दिखाई दिए हैं। ट्रेलर के अनुसार, बॉबी का किरदार बचपन में आलिया के पात्र को किडनैप कर उसे एक किलिंग मशीन की तरह तैयार करता है। इस फिल्म में शरवरी और अनिल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म वाईआरएफ (YRF) स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है और 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर में ऋतिक रोशन के कैमियो की भी चर्चा जोरों पर है। आलिया के आने वाले प्रोजेक्ट्स वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट निर्देशक संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ काम करती नजर आएंगी। यह एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। इसके अलावा, चर्चा है कि आलिया ने नाग अश्विन की फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल के सेट को जॉइन कर लिया है और उन्होंने कुछ सीन भी शूट किए हैं। हालांकि, मेकर्स की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आलिया से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आलिया का दीपिका की जगह लेना तय नहीं:कल्कि 2898 AD की शूटिंग का दावा गलत, अल्फा में सीन चुराने के आरोप से ट्रोलिंग जारी, ट्रेलर आया अल्फा के टीजर से ट्रोलिंग के निशाने पर आईं आलिया भट्ट का कल्कि 2898 AD से दीपिका को रिप्लेस करना तय नहीं है। आलिया की कास्टिंग और फिल्म की शूटिंग करने के दावों को फिल्म से जुड़े स्पोक्सपर्सन ने निराधार कहा है। पूरी खबर पढ़ें
आलिया भट्ट ने बेटी राहा को बताया फिल्मी:बोलीं- उसे डांस और गाने बहुत पसंद हैं, वह स्टेज के लिए ही बनी है

एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में अमृत रत्न समिट के दौरान अपने बचपन और बेटी राहा पर खुल कर बात की है। आलिया ने बताया कि बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का शौक था और वह आईने के सामने घंटों परफॉर्मेंस दिया करती थीं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनकी बेटी राहा भी जन्मजात परफॉर्मर है। आलिया के मुताबिक, राहा काफी ‘फिल्मी’ है, उसे डांस करना और गाने सुनना बहुत पसंद है। राहा काफी तेजी से डांस स्टेप्स सीख लेती है और वह एक लीडर की तरह चीजों को समझती है। राहा में दिखते हैं कलाकार के गुण आलिया ने बताया कि राहा अभी बहुत छोटी है, लेकिन वह अलग-अलग चीजों में अपनी रुचि दिखा रही है। वह न केवल डांस और म्यूजिक में दिलचस्पी रखती है, बल्कि स्पोर्ट्स गतिविधियों में भी काफी आगे है। आलिया ने कहा, ‘राहा अभी अपनी चीजों को ऑब्जर्व कर रही है। वह आर्ट, डांस और स्पोर्ट्स जैसी कई गतिविधियों में हाथ आजमा रही है। वह अपने तरीके से एक विचारक और लीडर है।’ अभिनेत्री ने हंसी मजाक में यह भी कहा कि अगर मैं ऐसा कहूं तो गलत नहीं होगा कि राहा का भविष्य स्टेज के लिए ही बना है। फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ से शुरू हुई लव स्टोरी रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की प्रेम कहानी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के सेट पर शुरू हुई थी। दोनों ने कई सालों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद अप्रैल 2022 में शादी की। उसी साल नवंबर में राहा का जन्म हुआ। दिसंबर 2023 में क्रिसमस के मौके पर रणबीर और आलिया ने पहली बार राहा के साथ सार्वजनिक तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। फिल्म ‘अल्फा’ में दिखेगा नया अंदाज आलिया भट्ट जल्द ही शिव रवैल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘अल्फा’ में नजर आएंगी। गुरुवार को रिलीज हुए इस फिल्म के ट्रेलर में बॉबी देओल विलेन के रूप में दिखाई दिए हैं। ट्रेलर के अनुसार, बॉबी का किरदार बचपन में आलिया के पात्र को किडनैप कर उसे एक किलिंग मशीन की तरह तैयार करता है। इस फिल्म में शरवरी और अनिल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म वाईआरएफ (YRF) स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है और 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर में ऋतिक रोशन के कैमियो की भी चर्चा जोरों पर है। आलिया के आने वाले प्रोजेक्ट्स वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट निर्देशक संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ काम करती नजर आएंगी। यह एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा फिल्म है। इसके अलावा, चर्चा है कि आलिया ने नाग अश्विन की फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल के सेट को जॉइन कर लिया है और उन्होंने कुछ सीन भी शूट किए हैं। हालांकि, मेकर्स की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आलिया से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आलिया का दीपिका की जगह लेना तय नहीं:कल्कि 2898 AD की शूटिंग का दावा गलत, अल्फा में सीन चुराने के आरोप से ट्रोलिंग जारी, ट्रेलर आया अल्फा के टीजर से ट्रोलिंग के निशाने पर आईं आलिया भट्ट का कल्कि 2898 AD से दीपिका को रिप्लेस करना तय नहीं है। आलिया की कास्टिंग और फिल्म की शूटिंग करने के दावों को फिल्म से जुड़े स्पोक्सपर्सन ने निराधार कहा है। पूरी खबर पढ़ें
ईरान को सुबह धमकी दी, रात में कहा- डील साइन:ईरान से समझौते के दिन कैसे बदलता रहा ट्रम्प का मिजाज; 00 PHOTOS

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए समझौते पर डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में साइन किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे। अमेरिका-ईरान की पीस डील 19 जून को स्विट्जरलैंड में होनी थी। ऐसे में किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि 2 दिन पहले ट्रम्प यह ऐतिहासिक फैसला करेंगे। ट्रम्प ने समझौते के दिन की शुरुआत ईरान को धमकी देने से शुरू की। उन्होंने G7 समिट के दौरान कहा कि अगर अगले 60 दिनों में समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से ईरान पर बम बरसाएगा। रात होते-होते ट्रम्प नरम पड़ गए और पीस डील पर साइन कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय वहां मौजूद लोगों को कुछ मिनट पहले तक इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रम्प के ईरान को धमकी देने से लेकर पीस डील पर साइन करने से जुड़ी 12 तस्वीरें… G7 वर्किंग सेशन और प्रेस कॉन्फ्रेंस PM मोदी से मुलाकात, लुक की तारीफ की ट्रम्प वर्साय पैलेस की ओर रवाना हुए
ईरान को सुबह धमकी दी, रात में कहा- डील साइन:ईरान से समझौते के दिन कैसे बदलता रहा ट्रम्प का मिजाज; 12 PHOTOS

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए समझौते पर डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में साइन किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे। अमेरिका-ईरान की पीस डील 19 जून को स्विट्जरलैंड में होनी थी। ऐसे में किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि 2 दिन पहले ट्रम्प यह ऐतिहासिक फैसला करेंगे। ट्रम्प ने समझौते के दिन की शुरुआत ईरान को धमकी देने से शुरू की। उन्होंने G7 समिट के दौरान कहा कि अगर अगले 60 दिनों में समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से ईरान पर बम बरसाएगा। रात होते-होते ट्रम्प नरम पड़ गए और पीस डील पर साइन कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय वहां मौजूद लोगों को कुछ मिनट पहले तक इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रम्प के ईरान को धमकी देने से लेकर पीस डील पर साइन करने से जुड़ी 12 तस्वीरें… G7 वर्किंग सेशन और प्रेस कॉन्फ्रेंस PM मोदी से मुलाकात, लुक की तारीफ की ट्रम्प वर्साय पैलेस की ओर रवाना हुए ————————- पीस डील से जुड़ी ये खबरे भी पढ़ें… अमेरिका-ईरान समझौते के 14 पॉइंट की पूरी डिटेल:होर्मुज सिर्फ 60 दिन फ्री, ईरान को ₹28 लाख करोड़ हर्जाना मिलेगा, बदले में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा अमेरिका और ईरान ने जंग खत्म करने के समझौते के मसौदे पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने बुधवार देर रात डिजिटल हस्ताक्षर किए, जिसके साथ ही यह समझौता लागू हो गया। पूरी खबर पढ़ें अमेरिका-ईरान जंग खत्म, तय तारीख से एक दिन पहले समझौता:दोनों प्रेसिडेंट ने दस्तखत किए, ट्रम्प चिल्लाकर बोले- डील साइन अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते पर दस्तखत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में इससे जुड़े MoU पर साइन किए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें
Tata Motors CV Price Hike 2.5% From July 1, 2026

नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा मोटर्स ने अपने कॉमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में 2.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 1 जुलाई से लागू हो जाएंगी। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी की तरफ से कीमतों में की गई यह दूसरी बढ़ोतरी है। कंपनी ने बताया कि कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और अन्य इनपुट कॉस्ट के असर को कम करने के लिए यह कदम उठाना पड़ रहा है। कीमतों में यह इजाफा अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग होगा। 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें टाटा मोटर्स ने 18 जून को जारी एक बयान में कहा कि नई कीमतें 1 जुलाई से उसके पूरे कॉमर्शियल व्हीकल्स पोर्टफोलियो पर प्रभावी होंगी। कंपनी ने फिलहाल मॉडल के हिसाब से कीमतों में बदलाव का खुलासा नहीं किया है। टाटा मोटर्स भारत में छोटे कॉमर्शियल वाहनों, पिक-अप ट्रकों, इंटरमीडिएट और हैवी कॉमर्शियल वाहनों के साथ-साथ बस भी बेचती है। इस साल दूसरी बार बढ़े दाम कॉमर्शियल व्हीकल्स बिजनेस के लिए टाटा मोटर्स ने इस वित्त वर्ष में दूसरी बार प्राइस हाइक की है। इससे पहले अप्रैल महीने में भी कंपनी ने बढ़ती कमोडिटी कीमतों और इनपुट कॉस्ट का हवाला देते हुए अपने कॉमर्शियल वाहनों के दाम 1.5% तक बढ़ाए थे। ताजा बदलाव के पीछे भी कंपनी ने मुख्य रूप से बढ़ी हुई लागत को ही बड़ी वजह बताया है। इस बार की 2.5% तक की बढ़ोतरी, अप्रैल में की गई 1.5% की बढ़ोतरी से ज्यादा है। पैसेंजर व्हीकल्स की कीमतें भी बढ़ेंगी इससे कुछ दिन पहले ही टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स पोर्टफोलियो की कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया था। पैसेंजर व्हीकल्स के नए दाम भी 1 जुलाई से ही लागू होंगे। कंपनी ने इस बढ़ोतरी के लिए बढ़ती इनपुट कॉस्ट और इन्फ्लेशनरी प्रेशर (महंगाई के दबाव) को जिम्मेदार ठहराया था। यह बढ़ोतरी कंपनी के बेचे जाने वाले इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) मॉडल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) दोनों पर लागू होगी। क्या होती है इनपुट कॉस्ट? किसी भी वाहन को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक और रबर) की कीमत, मजदूरी और फैक्ट्री के अन्य खर्चों को मिलाकर जो कुल लागत आती है, उसे इनपुट कॉस्ट कहते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय या घरेलू बाजार में ये चीजें महंगी होती हैं, तो कंपनियां इसका कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। ये खबर भी पढ़ें… फुली सेल्फ ड्राइव टेस्ला मॉडल YL की डिलीवरी शुरू: 6 सीटर इलेक्ट्रिक SUV सिंगल चार्ज पर 681kmचलेगी; शुरुआती कीमत ₹61.99 लाख इलॉन मस्क की EV कंपनी टेस्ला इंडिया ने भारत में अपनी सबसे लंबी इलेक्ट्रिक SUV मॉडल YL की डिलीवरी शुरू कर दी है। यह भारत में टेस्ला की पहली कार ‘मॉडल वाई’ का ज्यादा स्पेस वाला और थ्री-रो वर्जन है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका 681km का रेंज और 6-सीटर सीटिंग लेआउट है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tata Motors CV Price Hike 2.5% From July 1, 2026

नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा मोटर्स ने अपने कॉमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में 2.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 1 जुलाई से लागू हो जाएंगी। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी की तरफ से कीमतों में की गई यह दूसरी बढ़ोतरी है। कंपनी ने बताया कि कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और अन्य इनपुट कॉस्ट के असर को कम करने के लिए यह कदम उठाना पड़ रहा है। कीमतों में यह इजाफा अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग होगा। 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें टाटा मोटर्स ने 18 जून को जारी एक बयान में कहा कि नई कीमतें 1 जुलाई से उसके पूरे कॉमर्शियल व्हीकल्स पोर्टफोलियो पर प्रभावी होंगी। कंपनी ने फिलहाल मॉडल के हिसाब से कीमतों में बदलाव का खुलासा नहीं किया है। टाटा मोटर्स भारत में छोटे कॉमर्शियल वाहनों, पिक-अप ट्रकों, इंटरमीडिएट और हैवी कॉमर्शियल वाहनों के साथ-साथ बस भी बेचती है। इस साल दूसरी बार बढ़े दाम कॉमर्शियल व्हीकल्स बिजनेस के लिए टाटा मोटर्स ने इस वित्त वर्ष में दूसरी बार प्राइस हाइक की है। इससे पहले अप्रैल महीने में भी कंपनी ने बढ़ती कमोडिटी कीमतों और इनपुट कॉस्ट का हवाला देते हुए अपने कॉमर्शियल वाहनों के दाम 1.5% तक बढ़ाए थे। ताजा बदलाव के पीछे भी कंपनी ने मुख्य रूप से बढ़ी हुई लागत को ही बड़ी वजह बताया है। इस बार की 2.5% तक की बढ़ोतरी, अप्रैल में की गई 1.5% की बढ़ोतरी से ज्यादा है। पैसेंजर व्हीकल्स की कीमतें भी बढ़ेंगी इससे कुछ दिन पहले ही टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स पोर्टफोलियो की कीमतों में 1.5% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया था। पैसेंजर व्हीकल्स के नए दाम भी 1 जुलाई से ही लागू होंगे। कंपनी ने इस बढ़ोतरी के लिए बढ़ती इनपुट कॉस्ट और इन्फ्लेशनरी प्रेशर (महंगाई के दबाव) को जिम्मेदार ठहराया था। यह बढ़ोतरी कंपनी के बेचे जाने वाले इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) मॉडल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) दोनों पर लागू होगी। क्या होती है इनपुट कॉस्ट? किसी भी वाहन को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक और रबर) की कीमत, मजदूरी और फैक्ट्री के अन्य खर्चों को मिलाकर जो कुल लागत आती है, उसे इनपुट कॉस्ट कहते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय या घरेलू बाजार में ये चीजें महंगी होती हैं, तो कंपनियां इसका कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। ये खबर भी पढ़ें… फुली सेल्फ ड्राइव टेस्ला मॉडल YL की डिलीवरी शुरू: 6 सीटर इलेक्ट्रिक SUV सिंगल चार्ज पर 681kmचलेगी; शुरुआती कीमत ₹61.99 लाख इलॉन मस्क की EV कंपनी टेस्ला इंडिया ने भारत में अपनी सबसे लंबी इलेक्ट्रिक SUV मॉडल YL की डिलीवरी शुरू कर दी है। यह भारत में टेस्ला की पहली कार ‘मॉडल वाई’ का ज्यादा स्पेस वाला और थ्री-रो वर्जन है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका 681km का रेंज और 6-सीटर सीटिंग लेआउट है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Fraud in auto check clearing; names erased with chemicals

वॉशिंगटन14 मिनट पहले कॉपी लिंक विशेषज्ञों के मुताबिक, नए दौर की बैंकिंग में बैंकों के ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेजी से चेक क्लियर करती है। यही सुविधा कमजोरी साबित हो रही है।- प्रतीकात्मक फोटो अमेरिका में पुराने जमाने का एक स्कैम नए और खतरनाक रूप में लौट आया है। जालसाज केमिकल से चेक पर लिखा नाम और रकम मिटाकर उसे अपने नाम कर ले रहे हैं। इससे चेक फ्रॉड के मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। एफबीआई और यूएस पोस्टल सर्विस ने चेतावनी जारी कर लोगों से कागजी चेक की जगह डिजिटल पेमेंट अपनाने की अपील की है। जालसाज एसीटोन या ब्लीच जैसे आम घरेलू केमिकल से चेक पर लिखी जानकारी मिटाकर उसे दोबारा अपने नाम पर जारी कर देते हैं। यह तरीका अब सिर्फ निजी चेकबुक तक सीमित नहीं रहा, बिजनेस पेमेंट, टैक्स रिफंड और सोशल सिक्योरिटी जैसी सरकारी सुविधाओं से जुड़े चेक भी जालसाजों के निशाने पर हैं। कैलिफोर्निया के एक दंपती के साथ हुई घटना इस स्कैम की गंभीरता बताती है। दंपती को आईआरएस से नोटिस मिला कि उन्होंने 12,000 डॉलर (11.3 लाख रुपए) का तिमाही टैक्स पेमेंट नहीं किया, जबकि उनके चेस बैंक स्टेटमेंट में यह चेक क्लियर दिखा रहा था। बाद में स्कैन कॉपी देखने पर पता चला कि ‘पे टू द ऑर्डर’ लाइन से आईआरएस का नाम मिटाकर किसी और व्यक्ति का नाम लिख दिया गया था। दंपती ने चेस बैंक से शिकायत की, लेकिन बैंक ने शुरू में यह कहकर मदद करने से मना कर दिया कि फ्रॉड रिपोर्ट करने की तय समय-सीमा खत्म हो चुकी है, क्योंकि चेक एक साल पहले ही चोरी होकर जमा हो गया था। बैंक की डिपॉजिट पॉलिसी और कानूनी नियमों के तहत तय समय सीमा बीतने पर नुकसान की जिम्मेदारी आम तौर पर ग्राहक पर ही आती है। लेकिन दंपती के दबाव और मामला सामने आने के बाद चेस बैंक ने दोबारा जांच शुरू की और उस फर्जी खाते का पता लगाया, जिसमें चोरी की रकम भेजी गई थी। उस खाते में तब भी करीब 11,000 डॉलर (10.4 लाख रुपए) बचे हुए थे। इससे दंपती को लगभग पूरी रकम वापस मिल गई। बैंक प्रवक्ता जैरी डुब्रोव्स्की ने कहा कि वे इस मामले को सुलझाने पर संतुष्ट हैं और ग्राहकों को सलाह दी कि वे डाक से चेक भेजने से बचें। हर महीने अपना बैंक स्टेटमेंट जरूर जांचें। विशेषज्ञों के मुताबिक, नए दौर की बैंकिंग में बैंकों के ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम बहुत तेजी से चेक क्लियर करती है। यही सुविधा कमजोरी साबित हो रही है। ऑटो क्यिरिंग सिस्टम में चेक से छेड़छाड़, रंग में बदलाव या लिखावट में मिसमैच जैसी गड़बड़ियां पकड़ में नहीं आतीं। इसका सीधा फायदा जालसाजों को मिल रहा है। आसान जालसाजी के चलते अमेरिका में चेक फ्रॉड के मामले 13 साल में 2,000% बढ़े अमेरिका में चेक फ्रॉड की शिकायतें 2021 के 3.5 लाख से बढ़कर 2022 में 6.8 लाख हो गईं। हाई-वॉल्यूम मेल चोरी के मामले 2010 में सिर्फ 2,200 थे, जो 2023 में 49,000 से ज्यादा हो गए, यानी करीब 2,000% की बढ़ोतरी। पोस्टल पुलिस अधिकारी संघ के प्रेसिडेट फ्रैंक अल्बर्गो के मुताबिक, यह अब संगठित डाक अपराध का दौर है। एफबीआई और पोस्टल सर्विस की सलाह है कि चेक की जगह ई-चेक और डिजिटल पेमेंट करें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
महाराष्ट्र राजनीतिक मोड़: कैसे बागी सांसदों ने हाई-स्टेक मूव में उद्धव ठाकरे को पछाड़ दिया

अंदरूनी विवरण से पता चलता है कि कैसे छह बागी सांसद एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम में उद्धव ठाकरे को मात देने में कामयाब रहे, जिसने पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को फिर से आकार दिया। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण चरण के दौरान बढ़ती आंतरिक दरार और रणनीतिक गलत अनुमानों को उजागर करता है। n18oc_राजनीति
वर्ल्ड कप का नया ‘कलर कोड; गुलाबी जूतों का राज:लोगों का ध्यान खींचने और अलग दिखने के लिए खिलाड़ियों की पसंद बना

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में गोल, जीत और हार की कहानियां तो हर दिन बन रही हैं। लेकिन, इस बार मैदान पर एक और चीज लोगों का ध्यान खींच रही है। यह कोई स्टार खिलाड़ी नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के पैरों में दिखाई दे रहे चमकीले गुलाबी बूट हैं। वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबले शुरू होते ही दर्शकों ने एक दिलचस्प बात नोटिस की। चाहे मैदान में अर्जेंटीना उतरे, इंग्लैंड खेले या कोई और टीम, खिलाड़ियों के पैरों में गुलाबी रंग के बूट नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानो पूरे टूर्नामेंट पर गुलाबी रंग का जादू छा गया हो। दरअसल, दुनिया की बड़ी स्पोर्ट्स कंपनियां- नाइकी, एडिडास, प्यूमा, न्यू बैलेंस और स्केचर्स, इस वर्ल्ड कप के लिए खास गुलाबी रंग के बूट लेकर आई हैं। हैरानी की बात यह है कि अलग-अलग कंपनियों के बूट होने के बावजूद उनका रंग लगभग एक जैसा दिखाई देता है। फुटबॉल बूट्स के विशेषज्ञ बेन वॉरेन कहते हैं कि शुरुआत में यह संयोग लग सकता था, लेकिन जब लगभग सभी बड़े ब्रांड एक ही रंग के आसपास पहुंचे तो साफ हो गया कि यह एक सोची-समझी रणनीति है। नाइकी के फुटबॉल फुटवियर विभाग से जुड़े ओडिंगा निमाको बताते हैं कि खिलाड़ियों और ग्राहकों से लगातार यह प्रतिक्रिया मिल रही थी कि चमकीले रंग उन्हें आत्मविश्वास देते हैं। बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ी ऐसा रंग पहनना चाहते हैं जो सबसे अलग दिखे और लोगों का ध्यान खींचे। इसी सोच ने गुलाबी रंग को सबसे आगे ला खड़ा किया। एक और वजह है इसकी दृश्यता। हरे मैदान पर गुलाबी रंग सबसे ज्यादा उभरकर दिखाई देता है। चाहे दर्शक स्टेडियम में बैठे हों या टीवी पर मैच देख रहे हों, गुलाबी बूट तुरंत नजर आते हैं। यही कारण है कि कंपनियों ने इस बार बूट्स को सिर्फ खेल का उपकरण नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की पहचान बनाने का माध्यम भी बनाया है। दिलचस्प बात यह भी है कि इस वर्ल्ड कप में कोई भी टीम मुख्य रूप से गुलाबी जर्सी में नहीं खेल रही है। ऐसे में खिलाड़ियों के बूट और भी ज्यादा चमकते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन यह गुलाबी कहानी ज्यादा लंबी नहीं चलेगी। फुटबॉल बाजार के जानकारों का मानना है कि नया क्लब सीजन शुरू होते ही कंपनियां किसी नए रंग के साथ मैदान में उतरेंगी। फिलहाल वर्ल्ड कप 2026 में सिर्फ खिलाड़ियों का खेल ही नहीं, उनके गुलाबी बूट भी चर्चा के केंद्र में हैं। शायद यही आधुनिक खेलों की नई दुनिया है, जहां प्रदर्शन के साथ-साथ स्टाइल भी सुर्खियां बटोरता है।









