Sunday, 21 Jun 2026 | 06:08 PM

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India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

9 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

India-UK Free Trade Agreement to Come Into Force on July 15, 2026

25 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Sikh Couple Murder | SGPC Condemns Minority Safety

Pakistan Sikh Couple Murder | SGPC Condemns Minority Safety

गुरुद्वारे में घुसकर दंपती पर अंधाधुंथ फायरिंग की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को एक गुरुद्वारे के अंदर फायरिंग में सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। . मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर फायरिंग की। इसमें जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई। पुलिस हमले की वजह और आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। हमले के बाद से गुरुद्वारे के CCTV फुटेज भी गायब हैं। इसे लेकर स्थानीय सिख नेताओं सवाल उठाए हैं। पुलिस भी इसे टारगेट किलिंग मानकर जांच कर रही है। वारदात के बाद जांच के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारी। गुरुद्वारे में घुसकर हमलावरों ने बरसाईं गोलियां पुलिस के अनुसार, यह वारदात बुधवार को उस समय हुई जब दंपती गुरुद्वारे में सेवा कर रहा था। अज्ञात हमलावर गुरुद्वारा परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने दंपती पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने बताया कि हत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने विशेष जांच टीमें बनाई हैं और फॉरेंसिक व तकनीकी मदद से जांच कर रही है। असेंबली के सदस्य ने उठाए सवाल खैबर पख्तूनख्वा असेंबली के सदस्य सुरेश कुमार ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और पुलिस को जांच में प्रगति दिखाने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने कहा कि इलाके में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटना बेहद चिंताजनक है। सुरेश कुमार ने सीसीटीवी सबूतों के रखरखाव पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि घटनास्थल से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर लापरवाही से हटाया गया, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी या ठोस प्रगति नहीं हुई तो मरदान, पेशावर और इस्लामाबाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन होंगे। हत्या के पीछे ये 2 वजहें मानी जा रहीं… लक्षित हत्या की आशंका: सिख केयरटेकर दंपती की हत्या के सटीक कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी तरह खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस और स्थानीय नेताओं के अनुसार इसके पीछे टारगेट किलिंग हो सकती है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे एक टारगेटेड अटैक मानकर चल रही है। हमलावर किसी चोरी या लूटपाट के इरादे से नहीं आए थे, बल्कि वे सीधे गुरुद्वारे के भीतर दाखिल हुए और केवल इस बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। अल्पसंख्यक समुदाय को डराने की साजिश: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (विशेषकर पेशावर और आस-पास के इलाकों) में पिछले कुछ सालों में सिख समुदाय के लोगों, व्यापारियों और गुरुद्वारों के सेवादारों को लगातार निशाना बनाया गया है। सिख नेताओं और श्री अकाल तख्त साहिब के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक सिखों में डर का माहौल पैदा करने और वहां की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है। सुराग मिटाने और साजिश का संदेह घटना के बाद स्थानीय असेंबली सदस्य सुरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल से सीसीटीवी के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को बेहद लापरवाही से हटाया गया। इस वजह से स्थानीय नेताओं और सिख संगठनों को संदेह है कि सबूतों को मिटाने या हत्या के पीछे के असली मकसद को छुपाने की कोशिश की जा रही है। घटना पर क्या बोले अकाल तख्त के जत्थेदार घटना की निंदा की: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पाकिस्तान की इस घटना की निंदा की है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल खान अफरीदी से इस मामले का सख्त संज्ञान लेने, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सिख पहले से ही बहुत कम संख्या में हैं। अगर उन्हें इस तरह निशाना बनाकर मारा जाएगा, तो यह अल्पसंख्यक समुदायों पर घोर अत्याचार है। अल्पसंख्यक समुदायों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है। साजिश का पूरा खुलासा हो: उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वास्तव में सुरक्षित हैं या नहीं। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा साहिब में हुए इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असली साजिश और मकसद को पूरी पारदर्शिता के साथ सामने लाए। मानवता के खिलाफ कृत्य: उन्होंने आगे कहा कि गुरुद्वारा साहिब जैसी पवित्र जगह पर निर्दोष सिखों की हत्या करना एक जघन्य अपराध और मानवता के खिलाफ कृत्य है, जहां रोजाना ‘सरबत दा भला’ (पूरी मानवता के कल्याण) के लिए प्रार्थना की जाती है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में सिख व्यक्ति की पगड़ी उतार नंगा कर पीटा, वीडियो वायरल किया पाकिस्तान में बैसाखी का त्योहार मनाते हुए सिख व्यक्ति को नंगा कर जमकर पीटा गया। यही नहीं, पाकिस्तान के कट्‌टरपंथी संगठन तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। जिसे अब सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…

नवीनतम आरएसएस-बीजेपी हलचल के अंदर: तावड़े, शिवराज, बंसल और चुघ प्रमुख संगठनात्मक भूमिकाओं के लिए फोकस में | भारत समाचार

England vs Croatia Live Score, FIFA World Cup 2026 Match Today Updates

आखरी अपडेट:18 जून, 2026, 07:00 IST हालांकि संगठनात्मक कार्यभार चर्चा का हिस्सा बने, लेकिन समझा जाता है कि बड़ी बातचीत भाजपा के राजनीतिक संदेश और लामबंदी की रणनीति पर केंद्रित रही। हालाँकि, नवीनतम विचार-विमर्श से संकेत मिलता है कि संघ पुनर्गणना की वकालत कर सकता है, जो चुनावी रणनीति को मजबूत वैचारिक संदेश के साथ जोड़ना चाहता है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और आरएसएस के वरिष्ठतम पदाधिकारियों के बीच सोमवार को दिल्ली में हुई हालिया समन्वय बैठक के बाद भाजपा के भीतर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कवायद चल रही है। हालांकि कोई औपचारिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन समझा जाता है कि चर्चा में कई प्रमुख नेताओं के लिए संभावित नई जिम्मेदारियों के साथ-साथ पांच राज्यों में आगामी चुनावों से पहले पार्टी की व्यापक राजनीतिक दिशा भी शामिल है। विचार-विमर्श से परिचित सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को पंजाब और उत्तराखंड से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी उत्तर प्रदेश में एक बड़ी भूमिका के लिए माना जा रहा है, एक ऐसा राज्य जो 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की राजनीतिक गणना का केंद्र बना हुआ है। सूत्र आगे संकेत देते हैं कि सुनील बंसल, जिन्हें व्यापक रूप से भाजपा के सबसे प्रभावी संगठनात्मक रणनीतिकारों में से एक माना जाता है, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों की देखरेख जारी रख सकते हैं और साथ ही मणिपुर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुनर्गठन प्रक्रिया के गति पकड़ने पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय कड़ी के रूप में उभरने की उम्मीद है। नियुक्तियों से परे एक रणनीतिक बातचीत बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य लोग शामिल हुए। आरएसएस का प्रतिनिधित्व करते हुए संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबले और संयुक्त महासचिव अरुण कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। जबकि संगठनात्मक कार्य चर्चा का हिस्सा बने, समझा जाता है कि बड़ी बातचीत भाजपा की राजनीतिक संदेश और लामबंदी रणनीति पर केंद्रित रही। सूत्रों का कहना है कि आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने वैचारिक पहुंच को तेज करने और पार्टी के मूल समर्थन आधार के साथ फिर से जुड़ने की जरूरत पर जोर दिया। विशेष रूप से, समझा जाता है कि दत्तात्रेय होसबले ने जाति-आधारित राजनीतिक गणनाओं पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति आगाह करते हुए हिंदुत्व-केंद्रित लामबंदी और सामाजिक जुड़ाव पर अधिक ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया है। यह चर्चा महत्वपूर्ण है क्योंकि, 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद, भाजपा के भीतर कुछ वर्गों ने कई राज्यों में बदलती राजनीतिक वास्तविकताओं को नेविगेट करने के लिए जाति समीकरणों और सामाजिक इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मधुपर्णा दास सीएनएन न्यूज 18 में एसोसिएट एडिटर (पॉलिसी) मधुपर्णा दास लगभग 14 वर्षों से पत्रकारिता में हैं। वह बड़े पैमाने पर राजनीति, नीति, अपराध और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों को कवर करती रही हैं। उसके पास सह…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया नवीनतम आरएसएस-बीजेपी हलचल के अंदर: तावड़े, शिवराज, बंसल और चुघ प्रमुख संगठनात्मक भूमिकाओं के लिए फोकस में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आरएसएस(टी)बीजेपी(टी)चुनाव

Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless

Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless

Hindi News Sports Cristiano Ronaldo Scoreless| World Cup: Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless ह्यूस्टन8 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप में छोटी टीमों का कमाल जारी है। बुधवार को 43वीं रैंकिंग वाली कांगो ने स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही कांगो गणराज्य ने टूर्नामेंट में अपना पहला गोल भी दागा। हालांकि, रोनाल्डो एक भी गोल नहीं कर सके। ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में ग्रुप-K के मैच में पुर्तगाल ने छठे मिनट में जोआओ नेवेस के गोल से शानदार शुरुआत की। लेकिन यही उसका आखिरी गोल रहा। हाफ टाइम से ठीक पहले 45+5वें मिनट में योआन वीसा ने कांगो को बराबरी दिलाई। इस ड्रॉ के बाद पुर्तगाल को ग्रुप स्टेज से अगले मैच जीतने होंगे। उसे 23 जून को उज्बेकिस्तान और 28 जून को कोलंबिया से मैच खेलने हैं। फिलहाल, टीम ग्रुप-के की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। मैच के गोल छठे मिनट में पुर्तगाल के मिडफील्डर जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के क्रॉस पर हेडर लगाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो के आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर योआने विसा ने हेडर लगाकर गोल किया। स्कोर 1-1 कर दिया। मैच में खास 41 साल और 132 दिन की उम्र में क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने। रोनाल्डो टूर्नामेंट में खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने हैं। उनसे आगे कैमरून के रोजर मिल्ला हैं, जो 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में रूस के खिलाफ उतरे थे। कांगो ने दागा पहला वर्ल्ड कप गोल यह कांगो के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप गोल था। इससे पहले टीम ने 1974 में जायर नाम से वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन तब कोई गोल नहीं कर सकी थी। गोल के बाद विसा ने कहा, ’52 साल बाद हम फिर वर्ल्ड कप में लौटे हैं। यह गोल मेरे, मेरे परिवार और पूरे कांगो के लिए बेहद खास है।’ गोल सेलिब्रेट करते हुए कांगो के योआने विसा। रोनाल्डो ने गोल के मौके गंवाए पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मैच में गोल की तलाश में रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने 68वें और 73वें मिनट में दो अच्छे मौके गंवा दिए। दोनों बार उनका शॉट गोलपोस्ट के दाईं ओर निकल गया। 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडिस के पास भी विजयी गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास भी लक्ष्य से चूक गया। शॉट मिस होने पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिएक्शन। ऑफसाइड से अमान्य हुआ पुर्तगाल का गोल पुर्तगाल ने दूसरे हाफ में एक बार और गेंद जाल में पहुंचाई थी। 55वें मिनट में जोआओ कैंसेलो ने शानदार बाइसिकल किक से गोल किया, लेकिन VAR जांच में उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया। दूसरी ओर कांगो भी जीत के करीब पहुंचा था, लेकिन सेड्रिक बाकाम्बू का शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया। —————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको से कभी नहीं जीती साउथ कोरिया, टूर्नामेंट में तीसरी बार भिंड़ंत होगी FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात चेकिया और साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में रात 9:30 बजे से शुरु होगा। सबसे बड़ा मुकाबला मैक्सिको और साउथ कोरिया के बीच होगा। साउथ कोरिया वर्ल्ड कप में कभी भी मैक्सिको को नहीं हरा पाई है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 19 जून को सुबह 6:30 बजे से ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Sports Cristiano Ronaldo Scoreless| World Cup: Congo Holds Portugal, Cristiano Ronaldo Scoreless ह्यूस्टन29 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप में छोटी टीमों का कमाल जारी है। बुधवार को 43वीं रैंकिंग वाली कांगो ने स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को 1-1 के ड्रॉ पर रोक लिया। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही कांगो गणराज्य ने टूर्नामेंट में अपना पहला गोल भी दागा। हालांकि, रोनाल्डो एक भी गोल नहीं कर सके। ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में ग्रुप-K के मैच में पुर्तगाल ने छठे मिनट में जोआओ नेवेस के गोल से शानदार शुरुआत की। लेकिन यही उसका आखिरी गोल रहा। हाफ टाइम से ठीक पहले 45+5वें मिनट में योआन वीसा ने कांगो को बराबरी दिलाई। इस ड्रॉ के बाद पुर्तगाल को ग्रुप स्टेज से अगले मैच जीतने होंगे। उसे 23 जून को उज्बेकिस्तान और 28 जून को कोलंबिया से मैच खेलने हैं। फिलहाल, टीम ग्रुप-के की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। मैच के गोल छठे मिनट में पुर्तगाल के मिडफील्डर जोआओ नेवेस ने पेड्रो नेटो के क्रॉस पर हेडर लगाकर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो के आर्थर मासुआकु के क्रॉस पर योआने विसा ने हेडर लगाकर गोल किया। स्कोर 1-1 कर दिया। मैच में खास 41 साल और 132 दिन की उम्र में क्रिस्टियानो रोनाल्डो वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बने। रोनाल्डो टूर्नामेंट में खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने हैं। उनसे आगे कैमरून के रोजर मिल्ला हैं, जो 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में रूस के खिलाफ उतरे थे। कांगो ने दागा पहला वर्ल्ड कप गोल यह कांगो के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप गोल था। इससे पहले टीम ने 1974 में जायर नाम से वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन तब कोई गोल नहीं कर सकी थी। गोल के बाद विसा ने कहा, ’52 साल बाद हम फिर वर्ल्ड कप में लौटे हैं। यह गोल मेरे, मेरे परिवार और पूरे कांगो के लिए बेहद खास है।’ गोल सेलिब्रेट करते हुए कांगो के योआने विसा। रोनाल्डो ने गोल के मौके गंवाए पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो पूरे मैच में गोल की तलाश में रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने 68वें और 73वें मिनट में दो अच्छे मौके गंवा दिए। दोनों बार उनका शॉट गोलपोस्ट के दाईं ओर निकल गया। 90वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडिस के पास भी विजयी गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास भी लक्ष्य से चूक गया। शॉट मिस होने पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिएक्शन। ऑफसाइड से अमान्य हुआ पुर्तगाल का गोल पुर्तगाल ने दूसरे हाफ में एक बार और गेंद जाल में पहुंचाई थी। 55वें मिनट में जोआओ कैंसेलो ने शानदार बाइसिकल किक से गोल किया, लेकिन VAR जांच में उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया। दूसरी ओर कांगो भी जीत के करीब पहुंचा था, लेकिन सेड्रिक बाकाम्बू का शॉट पोस्ट से टकराकर बाहर चला गया। —————————– फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको से कभी नहीं जीती साउथ कोरिया, टूर्नामेंट में तीसरी बार भिंड़ंत होगी FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात चेकिया और साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में रात 9:30 बजे से शुरु होगा। सबसे बड़ा मुकाबला मैक्सिको और साउथ कोरिया के बीच होगा। साउथ कोरिया वर्ल्ड कप में कभी भी मैक्सिको को नहीं हरा पाई है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 19 जून को सुबह 6:30 बजे से ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म:ट्रम्प और पजशकियान ने MoU पर साइन किए, जेनेवा नहीं पेरिस के महल में हुई संधि

अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म:ट्रम्प और पजशकियान ने MoU पर साइन किए, जेनेवा नहीं पेरिस के महल में हुई संधि

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह 6 बजे (भारतीय समय के मुताबिक) इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। IRNA ने समझौते पर हस्ताक्षर की तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें पजशकियान दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते और ट्रम्प तथा अपने हस्ताक्षर वाले पन्ने दिखाते नजर आ रहे हैं। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें ट्रम्प को पेरिस के वर्सेल्स पैलेस में समझौते पर हस्ताक्षर करते दिखाया गया है। समझौते के तहत ईरान में युद्ध समाप्त होगा और लेबनान में भी संघर्ष खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही होर्मुज को दोबारा खोलने और अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने की बात कही गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले- अमेरिका के टारगेट पूरे, उम्मीद से ज्यादा हासिल किया ट्रम्प के मुताबिक, युद्ध खत्म करना, होर्मुज को खोलना और ईरान को परमाणु हथियार से रोकना उनका लक्ष्य था, जो पूरा हो गया है। 2. G7 देशों ने अमेरिका-ईरान डील का समर्थन किया G7 नेताओं ने समझौते को पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए अहम बताया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि यह क्षेत्र और दुनिया के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। 3. चीन बोला- दोनों पक्ष समझौते का पूरी तरह पालन करें चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि सभी पक्षों को युद्धविराम का सम्मान करना चाहिए। चीन ने ईरान और लेबनान को मानवीय सहायता देने का भी ऐलान किया। 4. लीक ड्राफ्ट में 14 पॉइंट्स पर सहमति का दावा CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे में युद्ध खत्म करने, होर्मुज खोलने, तेल निर्यात, प्रतिबंधों में राहत और जमे हुए फंड जारी करने समेत 14 बिंदुओं पर सहमति बनी है। 5. जेडी वेंस बोले- ईरान को अमेरिका का एक डॉलर भी नहीं मिलेगा अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि 300 अरब डॉलर के पैकेज की खबरें भ्रामक हैं। अगर ईरान शर्तें मानता है तो दूसरे देश निवेश कर सकते हैं, लेकिन अमेरिका पैसा नहीं देगा। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले आदित्य पंचतत्व में विलीन:मां शव से लिपटी, बार-बार बेसुध हो रही, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले आदित्य पंचतत्व में विलीन:मां शव से लिपटी, बार-बार बेसुध हो रही, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

अमेरिकी हमले में होर्मुज में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के आदित्य शर्मा (23) पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। आदित्य का आज (गुरुवार को) उनके पैतृक गांव भालू में अंतिम संस्कार किया गया। आदित्य को चचेरे भाई पार्थ ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले आदित्य की पार्थिव देह को घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जैसे ही बेटे आदित्य शर्मा की पार्थिव देह घर पहुंची तो मां सुषमा लखनपाल बेटे के शव से लिपट गईं। वह, बार-बार बेसुध हो रही हैं। पिता राजेश शर्मा समेत दूसरे परिजनों का भी रो-रो कर बुरा हाल है। क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने आदित्य शर्मा को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान आदित्य शर्मा अमर रहे के नारे गूंजे। आदित्य की अंतिम शव यात्रा में डीसी हमीरपुर और एसडीएम नादौन भी पहुंचे। दोनों ने परिजनों को इस मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाया। हमीरपुर अस्पताल में कराया पोस्टमार्टम आदित्य के शव का आज सुबह के वक्त हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, क्योंकि परिजनों ने ओमान में पोस्टमार्टम को इंकार कर दिया था। आदित्य की पार्थिव देह औपचारिकताएं पूरी करने में देरी की वजह से आठ दिन बाद बुधवार रात को हमीरपुर लाई गई। हमले में जान गंवाने के लिए नौवें दिन अंतिम संस्कार हो पाएगा। आदित्य के घर पर सुबह से ही लोग जुटने शुरू हो गए थे। घर पर माता-पिता और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। 9 जून को अमेरिकी हमले में गई थी जान आदित्य की बीते 9 जून को अमेरिकी हमले में जान चली गई थी। आदित्य शर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बीते कल मुंबई से हवाई मार्ग से डेडबॉडी चंडीगढ़ लाई गई। चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से शव को हमीरपुर पहुंचाया गया। आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल डेडबॉडी लेने चंडीगढ़ गए थे। डेक कैडेट थे आदित्य शर्मा वर्ल्ड मैरिटाइम एनर्जी लिमिटेड कंपनी के तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर आदित्य शर्मा बतौर डेक कैडेट तैनात थे। यह उनकी पहली नौकरी थी। घर पर उनके छुट्टी पर आने की खुशी थी। मगर इससे पहले ही आदित्य शर्मा अमेरिकी हमले का शिकार बन गए। इससे खुशिया मातम में तब्दील हो गई। 21 भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित बचाया गया अमेरिकी हमले में आदित्य समेत तीन भारतीयों की मौत हो गई थी, जबकि जहाज पर सवार 21 भारतीय क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। स्कॉटलैंड से की थी नॉटिकल इंजीनियरिंग आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले की पंचायत हड़ेटा के गांव भालू के रहने वाले थे। उनके पिता पंजाब के जालंधर में व्यवसाय करते हैं। आदित्य ने जालंधर से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद चैन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स और स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की। फिर 24 नवंबर 2025 को मर्चेंट नेवी में उन्हें नौकरी मिली। आदित्य शर्मा की अंतिम शव यात्रा के PHOTOS..

पंजाबी सिंगर ने राजस्थान में कॉन्सर्ट रोक महिला को डांटा:REEL के चक्कर में छोटे बच्चे को रैंप पर छोड़ गई; परमीश बोले- रिस्पॉन्सिबल बनो यार

पंजाबी सिंगर ने राजस्थान में कॉन्सर्ट रोक महिला को डांटा:REEL के चक्कर में छोटे बच्चे को रैंप पर छोड़ गई; परमीश बोले- रिस्पॉन्सिबल बनो यार

मशहूर पंजाबी सिंगर और एक्टर परमीश वर्मा को राजस्थान के श्रीगंगानगर में अपने लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान भीड़ के बीच एक छोटा बच्चा रोता हुआ मिला। उस समय परमीश मंच पर परफॉर्म कर रहे थे और भीड़ उनके गानों पर झूम रही थी। स्टेज पर मौजूद परमीश की नजर जैसे ही उस रोते हुए मासूम बच्चे पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत अपना लाइव गाना और म्यूजिक रोक दिया। अचानक गाना बंद होने से ग्राउंड में सन्नाटा सा पसर गया और किसी को कुछ भी समझ नहीं आया। इसके बाद सिंगर के सिक्योरिटी गार्ड बच्चे को उठाकर स्टेज पर लाए। परमीश ने मंच से ही बच्चे के माता-पिता के बारे में पूछा तो एक महिला सामने आ गई। दरअसल बच्चे की मां ने प्रोग्राम में अपनी फोटो खींचने और परमीश वर्मा की लाइव परफॉर्मेंस की REEL बनाने के चक्कर में बच्चे को रैंप पर छोड़ दिया। हालांकि, अपने बच्चे को परमीश की गोद में देखकर उसने तुरंत कहा कि बच्चा उसका है। इस पर परमीश ने लापरवाही के लिए स्टेज से ही उसकी जमकर क्लास लगाई और रिस्पॉन्सिबल बनने की नसीहत दी। शो में क्या हुआ, पूरा मामला जानिए… फैंस कर रहे परमीश की तारीफ कॉन्सर्ट में पहुंचे फैंस और इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर परमीश की संवेदनशीलता और बच्चे की सुरक्षा को लेकर दिखाई गई फिक्र की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दूसरी ओर, लोग इस बात को लेकर भी हैरानगी जता रहे हैं कि कोई माता-पिता कैसे इतने बड़े, शोर-शराबे वाले आयोजन में इतने छोटे बच्चे को यूं अकेला छोड़ सकते हैं? 3 पॉइंट्स में जानिए, बच्चा छूटा कैसे… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा बोलीं- मेरे साथ ऐसा मत करो, हौसला टूटता है सुनंदा शर्मा का गाना जोगी 26 मई को अचानक यूट्यूब ने हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के साथ पूरा सच शेयर किया। सुनंदा शर्मा ने फैंस को आगाह किया है कि जब भी कोई बिजनेस डील करो तो कागजी कार्रवाई पूरी करो, ताकि कोई आपके रास्ते न रोक सके। पढ़ें पूरी खबर…

Haryana Roadways Chakka Jam Over Song; Actor Says Wont Remove Track

Haryana Roadways Chakka Jam Over Song; Actor Says Wont Remove Track

गाने में नवीन नारू और कलाकार सोनिका सिंह अभिनय करते हुए। हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के” को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने इस सॉन्ग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साफ चेतावनी दी है कि यदि सॉन्ग को हटाया नहीं गया या इसके बोल नहीं बदले गए तो . कर्मचारियों का आरोप है कि सॉन्ग में कंडक्टरों की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। इसे वे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकते। वहीं, बढ़ते विरोध पर सॉन्ग के एक्टर नवीन नारू का बयान भी सामने आया है। उन्होंने भी स्पष्ट शब्दों में कहा- गीत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाया जा रहा है। बेशक एफआईआर हो जाए, गाना डिलीट नहीं किया जाएगा। सॉन्ग बनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं। यदि मामला कानूनी रूप लेता है तो वह भी न्यायालय का सहारा लेंगे। इसके अलावा उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करें, प्रदर्शन करें या चक्का जाम करें, वह अपना गीत डिलीट नहीं करेंगे। उधर, इस मामले में हरियाणा महिला आयोग ने कहा कि अभी उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है। जैसे ही कोई शिकायत आएगी, सॉन्ग को देखकर संज्ञान लिया जाएगा। हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी गीत “कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के” को लेकर हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया है। 24 मई को रिलीज हुए सॉन्ग के बोल क्या… हाल ही में रिलीज हुए हरियाणवी सॉन्ग “कॉलेज वाली छोरी सेट कंडक्टर के” को सोमबीर खटक ने गाया है, जबकि नवीन नारू और सोनिका सिंह ने इसमें अभिनय किया है। यह सॉन्ग नवीन नारू के यूट्यूब चैनल पर 24 मई रिलीज किया गया है। सॉन्ग के लिरिक्स इस तरह से हैं– “एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के, घणे दिनां में घट गया पेट कंडक्टर के।” “कदे दादरी, कदे लोहारू, कदे रूट था पिलानी का, इब छोड़ दादरी, छोड़ रूट लोहारू का, पकड़ लिया रूट भिवानी का।” “सपना में आवे उसका गेट कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।” “सूखी पड़ी थी खेती, उसने देखो आज हरी कर दी, उसके चक्कर में ऊके गांव की छोरी चार फ्री कर दी।” “नजरां आली लत लगी कंडक्टर के, एक कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर के।” “यो खास कंडक्टर मकड़ानी का, उसने ना कोई दुखड़ा राखे, दो नंबर की सीट हमेशा उसके खातिर बुक राखे।” एक्टर नवीन नारू के साथ अंजलि राघव ने रील बनाई है रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति को इसलिए आपत्ति… गाना कंडक्टरों की सामाजिक छवि खराब कर रहा: हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो की सांझा मोर्चा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि संदीप कुमार का कहना है कि यह सॉन्ग कंडक्टरों की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। सॉन्ग में नौकरी और छात्राओं को लेकर भ्रामक तथा आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे समाज में गलत धारणा बन रही है। समाज में गलत संदेश जा रहा है: यूनियन नेताओं का कहना है कि यह सॉन्ग केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज में एक गलत संदेश भी प्रसारित कर रहा है। उनका मानना है कि ऐसे गीत युवाओं के बीच गलत सोच को बढ़ावा देते हैं और पेशेगत सम्मान को प्रभावित करते हैं। शादी में बेटी के साथ खड़ा कंडक्टर क्या महसूस करेगा:संदीप कुमार ने कहा कि आगामी दिनों में शादी समारोहों और अन्य आयोजनों में यह सॉन्ग खूब बजाया जाएगा। ऐसे में यदि कोई कंडक्टर अपनी बेटी और परिवार के साथ किसी समारोह में मौजूद होगा और यह गीत बजेगा तो उससे बड़ा अपमान उसके लिए कोई नहीं होगा। एक पिता और कर्मचारी दोनों रूपों में यह स्थिति बेहद असहज और दुखद होगी। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: यूनियन से जुड़े कर्मचारियों की ओर से हिसार सिटी थाना में सॉन्ग को लेकर लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यूनियन प्रतिनिधि संदीप कुमार ने बताया कि इसी कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। एक्टर नवीन ने कहा उनके गाने पर ही रोड़वेज के कर्मचारियों ने रील बनाई है। रोडवेज सांझा मोर्चा संघर्ष समिति ने ये किया ऐलान… हिसार डिपो में होगी बड़ी बैठक: सॉन्ग को हटवाने के लिए रोडवेज विभाग ने आगामी रणनीति तैयार की है। गुरुवार को हिसार डिपो में सांझा मोर्चा संघर्ष समिति के बैनर तले आठ अलग-अलग इकाइयों के अध्यक्ष और कर्मचारी बैठक करेंगे। इस बैठक में आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार की जाएगी। शुक्रवार को दोबारा पुलिस के पास पहुंचेंगे कर्मचारी: संदीप कुमार ने बताया कि शुक्रवार को सभी सदस्य एकत्रित होकर हिसार सिटी थाना पहुंचेंगे और पहले से दी गई शिकायत पर कार्रवाई की मांग करेंगे। यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती तो आंदोलन की दिशा तय की जाएगी। पहले हिसार, फिर पूरे हरियाणा में होगा आंदोलन: यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो सबसे पहले हिसार डिपो से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके बाद हरियाणा के प्रत्येक जिले में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। चक्का जाम तक पहुंच सकती है लड़ाई: रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि यदि फिर भी समाधान नहीं निकला तो पूरे हरियाणा में रोडवेज कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम भी किया जाएगा। संदीप कुमार ने बताया कि हिसार, भिवानी, जींद और गुरुग्राम के सिटी थानों में पहले ही शिकायतें दी जा चुकी हैं। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी शिकायतें दी जाएंगी। मांग स्पष्ट- गाना हटाओ या बोल बदलो: रोडवेज कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि या तो सॉन्ग को पूरी तरह हटाया जाए या इसके बोलों में बदलाव किया जाए। उनका कहना है कि इसी से विवाद का समाधान संभव है। एक कॉलेज की लड़की ने गाने पर रील बनाई है और एक्टर नवीन नारू ने ये रील शेयर की। एक्टर नवीन नारू गाने के बढ़ते विरोध पर दिया ये जवाब… मेरे गीत के बोलों में कुछ भी गलत नहीं: नवीन नारू का कहना है कि सॉन्ग के बोल में कुछ भी गलत नहीं है। बेवजह