Sunday, 08 Nov 2026 | 02:36 AM

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Delhi Bloomberg New Economy Forum & BRICS Traditional Sports 2026

Delhi Bloomberg New Economy Forum & BRICS Traditional Sports 2026

Hindi News Career Delhi Bloomberg New Economy Forum & BRICS Traditional Sports 2026 7 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आयोजन 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 का आयोजन शुरू हुआ। इसमें 500 से अधिक वैश्विक नेता और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। इस फोरम का पहली बार दिल्ली में आयोजन हो रहा है। यह आयोजन दिल्ली के ताज पैलेस होटल में हुआ। इस साल आयोजन की थीम बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना है। 13 अक्टूबर को मोदी ने इस फोरम को संबोधित किया। तीन दिन तक चलने वाला यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को खत्म होगा। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम यह एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां विभिन्न देशों के राजनीतिक नेतृत्व, उद्योग जगत, वित्तीय संस्थानों और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में माइकल ब्लूमबर्ग ने की थी। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच संवाद बढ़ाना और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशना है। 2. प्रथम बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक 2026 का आयोजन 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की बैठक का आयोजन हुआ। इस आयोजन की मेजबानी भारत कर रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करना और आतंकवाद, सीमा-पार संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी व साइबर खतरों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। इस क्षेत्रीय समूह में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। इससे सदस्य देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सुरक्षा संबंध मजबूत करने का अवसर मिलेगा। बिम्सटेक बिम्सटेक का पूरा नाम बे ऑफ बंगाल इनिशियएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑरेपरेशन है। हिंदी में इसे बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल कहा जाता है। इसकी स्थापना 6 जून 1997 में हुई थी। इसका मुख्यालय ढाका, बांग्लादेश में है। इसमें 7 सदस्य देश शामिल हैं। बिम्सटेक का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। 3. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की 13 अक्टूबर को नए राज्यपालों की नियुक्त की लिस्ट जारी की गई है। केरल में ओम प्रकाश माथुर (पूर्व में सिक्किम के राज्यपाल), तमिलनाडु में राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (पूर्व में केरल के राज्यपाल), ओडिशा में ब्रज मोहन राम, कर्नाटक में डॉ. सुधा यादव, उत्तराखंड में डॉ. ढाल सिंह बिसेन और सिक्किम में दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। कर्नाटक की राज्यपाल बनीं डॉ. सुधा यादव कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीएसएफ डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं। दिल्ली से आने वाले नेता और फिलहाल सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त किए गए दुष्यंत कुमार ने आरएसएस और भाजपा में करीब पांच दशक तक संगठनात्मक कार्य किया है। उत्तराखंड में राज्यपाल नियुक्त किए गए मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन चार बार विधायक और बालाघाट से सांसद रह चुके हैं। बृज मोहन राम किसान परिवार से संबंध रखते हैं। वे बिहार में विधायक रह चुके हैं। ये नियुक्तियां संबंधित पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी रहेंगी। द्रोपदी मुर्मु ने चार नए राज्यपाल नियुक्त किए, जबकि दो मौजूदा राज्यपालों का ट्रांसफर किया है। 4. भारत–UAE संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्जियन 2026’ भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्जियन 2026’ का उत्तराखंड के चौबटिया में आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल कुल सैन्यकर्मियों की संख्या 92 होगी। इसमें भारत के 46 और UAE के 46 सैन्यकर्मी हैं। इसमें पर्वतीय युद्ध प्रशिक्षण, हथियार एवं सामरिक अभ्यास, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जैसे अभ्यास शामिल हैं। भारत के लिए यह अभ्यास इसलिए खास है क्योंकि इससे दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त अभियान के दौरान बेहतर समन्वय सीखती हैं। इससे कठिन पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में काम करने की क्षमता विकसित होती है। ड्रोन, निगरानी और आधुनिक सामरिक तकनीकों के इस्तेमाल का अनुभव मिलता है। यह आयोजन 5 से 18 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 का अहमदाबाद में समापन 13 अक्टूबर 2026 को ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 का समापन हुआ। इस कार्यक्रम की शुरुआत 12 अक्टूबर से अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में की गई थी। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इसका उद्घाटन किया। इस आयोजन में 10 देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी पारंपरिक खेल विधाओं और सांस्कृतिक प्रथाओं का प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य स्थानीय और पीढ़ियों से चले आ रहे खेलों का ज्ञान सुरक्षित रखना है। साथ ही भारतीय मल्लखंब, योगासन और कलरिपयट्टू जैसी विधाओं को विश्व स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाना है। इन खेलों में भारत की आरे से मल्लखंब, योगासन और कलरिपयट्टू का आयोजन किया गया। निधन (DEATH) 6. मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ब्रेकिंग बैड के एक्टर आरजे मिट्टे का निधन 12 अक्टूबर को मशहूर अमेरिकी टीवी सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ में व्हाइट जूनियर का किरदार निभाने वाले एक्टर आरजे मिट्टे का 34 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर ने टेक्सास में आत्महत्या की। मिट्टे ने ‘ब्रेकिंग बैड’ के अलावा ‘द ओक रूम’, ‘ट्रायम्फ’, ‘द गार्डियंस ऑफ जस्टिस’ और ‘द अनसीन’ जैसी फिल्मों और सीरीज में काम किया। 2019 में आई फिल्म ‘स्टैंडिंग अप फॉर सनी’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने हॉलीवुड में दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का काम भी किया था। आरजे मिट्टे का पूरा नाम रॉय फ्रैंक मिट्टे तृतीय था। उनका जन्म 21 अगस्त 1992 को अमेरिका के मिसिसिपी राज्य के जैक्सन शहर में हुआ था। मिट्टे को तीन साल की उम्र में सेरेब्रल पल्सी होने का पता चला। आज का इतिहास 1240 में दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासिका रजिया सुल्तान का निधन हुआ था। 1884 में स्वतंत्रता सेनानी लाला हरदयाल का

'बिग बॉस' में नकुल ढुल-गुल्लू के बीच हाथापाई:घटना के बाद माही विज चिल्लाईं, प्रोमो में नकुल के बाहर जाने का इशारा

'बिग बॉस' में नकुल ढुल-गुल्लू के बीच हाथापाई:घटना के बाद माही विज चिल्लाईं, प्रोमो में नकुल के बाहर जाने का इशारा

बिग बॉस 20 के घर में नकुल ढुल और गुल्लू के बीच बहस के दौरान हाथापाई हो गई। माही विज इस दौरान चिल्लाती और रोती नजर आईं। यह विवाद काजी तौकीर की कथित टिप्पणियों से शुरू हुआ था। घरवालों ने तुरंत दोनों को अलग किया। लेटेस्ट एपिसोड के अंत में एक प्रोमो दिखाया गया। इसमें संकेत मिला कि वाइल्डकार्ड से आए नकुल को घर से बाहर जाने के लिए कहा गया है। हालांकि, मेकर्स ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एपिसोड खत्म होने तक इस मामले का नतीजा सामने नहीं आया। काजी तौकीर की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद मामला तब शुरू हुआ, जब नकुल ने स्काउट OP से काजी की कथित टिप्पणियों के बारे में बात की। नकुल ने कहा कि काजी, स्काउट के कान में थूकने वाली घटना के बारे में बात कर रहे थे। इसके बाद स्काउट ने काजी से इस बारे में सवाल किया। काजी ने कहा कि उन्होंने यह बात मजाक में कही थी। नकुल ने इसे मजाक नहीं माना। इसके बाद बातचीत तनावपूर्ण हो गई। काजी ने गुल्लू से कहा कि वह नकुल को मामला समझाए। नकुल ने गुल्लू के बीच में आने पर आपत्ति जताई। गुल्लू ने नकुल से पूछा कि वह मामला क्यों बढ़ा रहे हैं। इसके बाद दोनों के बीच बहस तेज हो गई। बहस के दौरान धक्का-मुक्की दोनों के आमने-सामने बहस करते रहने के दौरान नकुल ने गुल्लू को धक्का दिया। बाकी घरवाले तुरंत वहां पहुंचे और दोनों को अलग करने की कोशिश की। झगड़े के दौरान नकुल ने यह भी कहा कि उसके भाई पहले गुल्लू से सामना करने के लिए गुरुग्राम गए थे। नकुल ने दावा किया कि गुल्लू तब “भागकर गोवा चला गया था।” माही विज इस पूरी घटना के दौरान रोती और चिल्लाती दिखीं। वह बार-बार पूछ रही थीं कि नकुल ने गुल्लू को क्यों मारा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या नकुल इसी वजह से घर में आया था। पहले से एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे थे यह झगड़ा ऐसे समय हुआ, जब नकुल और गुल्लू नकुल के घर में आने के बाद से एक-दूसरे से दूरी बनाए हुए थे। नकुल को ऑनलाइन मिट्ठू डॉन के नाम से भी जाना जाता है। वह टेलीविजन अभिनेता मनीष गोयल के साथ बिग बॉस 20 में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर शामिल हुआ था। नकुल के बाहर जाने की चर्चा रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस झगड़े के बाद नकुल को घर से बाहर जाने के लिए कहा गया। हालांकि, मेकर्स ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेटेस्ट एपिसोड में भी इस मामले का नतीजा नहीं बताया गया।

Bigg Boss 20 Controversy | Mahi Vij Screams After Fight With Nakul

Bigg Boss 20 Controversy | Mahi Vij Screams After Fight With Nakul

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नकुल ढुल उर्फ ‘मिट्ठू डॉन’ ने बिग बॉस-20 में वाइल्डकार्ड एंट्री ली है। बिग बॉस 20 के घर में दो कंटेस्टेंट्स नकुल ढुल और गुल्लू के बीच बहस के दौरान हाथापाई हो गई। माही विज इस दौरान चिल्लाती और रोती नजर आईं। यह विवाद काजी तौकीर की कथित टिप्पणियों से शुरू हुआ था। घरवालों ने तुरंत दोनों को अलग किया। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि झगड़े के बाद नकुल को घर से बाहर जाने के लिए कहा गया। वहीं, आज के एपिसोड के प्रोमो में नकुल धुल को घर से बाहर भेजने के संकेत मिले। प्रोमो में कहा गया, “आज घर में एक अप्रिय वाकया हुआ। घर के सबसे अहम नियम का उल्लंघन हुआ।” हालांकि, मेकर्स ने अब तक नकुल को घर से बाहर निकालने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। काजी तौकीर की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद मामला तब शुरू हुआ, जब नकुल ने स्काउट OP से काजी की कथित टिप्पणियों के बारे में बात की। नकुल ने कहा कि काजी, स्काउट के कान में थूकने वाली घटना के बारे में बात कर रहे थे। इसके बाद स्काउट ने काजी से इस बारे में सवाल किया। काजी ने कहा कि उन्होंने यह बात मजाक में कही थी। नकुल ने इसे मजाक नहीं माना। इसके बाद बातचीत तनावपूर्ण हो गई। नकुल और गुल्लू के बीच झगड़े के दौरान घरवाले दोनों को अलग करते हुए। वहीं, काजी तौकीर बैठे नजर आए। काजी ने गुल्लू से कहा कि वह नकुल को मामला समझाए। नकुल ने गुल्लू के बीच में आने पर आपत्ति जताई। गुल्लू ने नकुल से पूछा कि वह मामला क्यों बढ़ा रहे हैं। इसके बाद दोनों के बीच बहस तेज हो गई। बहस के दौरान धक्का-मुक्की दोनों के आमने-सामने बहस करते रहने के दौरान नकुल ने गुल्लू को धक्का दिया। बाकी घरवाले तुरंत वहां पहुंचे और दोनों को अलग करने की कोशिश की। झगड़े के दौरान नकुल ने यह भी कहा कि उसके भाई पहले गुल्लू से सामना करने के लिए गुरुग्राम गए थे। नकुल ने दावा किया कि गुल्लू तब “भागकर गोवा चला गया था।” माही विज इस पूरी घटना के दौरान रोती और चिल्लाती दिखीं। वह बार-बार पूछ रही थीं कि नकुल ने गुल्लू को क्यों मारा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या नकुल इसी वजह से घर में आया था। पहले से एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे थे यह झगड़ा ऐसे समय हुआ, जब नकुल और गुल्लू नकुल के घर में आने के बाद से एक-दूसरे से दूरी बनाए हुए थे। नकुल को ऑनलाइन मिट्ठू डॉन के नाम से भी जाना जाता है। वह टेलीविजन अभिनेता मनीष गोयल के साथ बिग बॉस 20 में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर शामिल हुआ था। नकुल-गुल्लू की लड़ाई पर एल्विश यादव का तंज यूट्यूबर और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट एल्विश यादव ने शो में नकुल और गुल्लू के बीच हुई लड़ाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर लिखा, “इतने समय बाद आज बिग बॉस देखा। शायद अब नियम बदल गए हैं। अब जो पिट रहा है, उसी को बाहर करें। दुखद।” ………….. यह खबर भी पढ़ें… ‘लड़कियों से कौन डरता है यार, नीचा जेंडर है…’: कहने वाले हरियाणवी ‘मिट्ठू डॉन’ की बिग बॉस में एंट्री, सलमान के सामने दी सफाई नकुल ढुल महिलाओं पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर विवादों में आए थे। फरवरी 2026 में वायरल वीडियो में उन्होंने लड़कियों को ‘नीचा जेंडर’ कहा था। इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था। बिग बॉस 20 में नकुल ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात को गलत संदर्भ में लिया गया। उन्होंने खुद को ‘प्रो-फेमिनिस्ट’ बताया था। मामले की जांच जारी थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IIFA 2028 Hollywood Expansion | Andre Timmins Reveals Salman Shahrukh Secrets

IIFA 2028 Hollywood Expansion | Andre Timmins Reveals Salman Shahrukh Secrets

5 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के मकसद से साल 2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा आज 27 साल का सफर तय कर चुका है। अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान, सलमान खान और ऋतिक रोशन तक, बॉलीवुड के कई बड़े सितारों की मौजूदगी ने इस मंच को खास बनाया है। अबू धाबी में होने वाले आगामी आईफा में भी कई नई चीजें देखने को मिलेंगी। सलमान खान का मल्टी-स्टारर परफॉर्मेंस, जान्हवी कपूर का मां श्रीदेवी को ट्रिब्यूट, डिजिटल मंच पर मिर्जापुर गैंग की मेजबानी और हिमेश रेशमिया की पहली आईफा परफॉर्मेंस इस बार के खास आकर्षण होंगे। आईफा के सह-संस्थापक आंद्रे टिमिन्स ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इसके 27 साल के सफर, शुरुआती चुनौतियों, बड़े सितारों से जुड़े दिलचस्प किस्सों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि 2028 में लॉस वेगास में आईफा वर्ल्डवाइड लॉन्च करने की योजना है, जहां भारतीय और हॉलीवुड सिनेमा को एक मंच पर सम्मानित किया जाएगा। सवाल: 2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा आज 27 साल का सफर तय कर चुका है। क्या आपने कभी सोचा था कि यह इतना बड़ा मंच बन जाएगा? जवाब: सच कहूं तो हमने शुरुआत में इतने बड़े सफर की कल्पना नहीं की थी। हमारा मकसद भारतीय सिनेमा को ग्लोबल मंच पर ले जाना और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना था। लंदन में हमारी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमिताभ बच्चन और उस साल मिस वर्ल्ड बनीं युक्ता मुखी मौजूद थीं। इसके बाद मीडिया में आईफा की चर्चा शुरू हो गई। मिलेनियम डोम में हुए पहले आयोजन में करीब 2,500 खास मेहमान शामिल हुए थे। अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, दिलीप कुमार, सुनील दत्त, लता मंगेशकर, आशा भोसले, शाहरुख खान, यश चोपड़ा, यश जौहर और अनिल कपूर जैसे दिग्गजों ने हमारा साथ दिया। अंतरराष्ट्रीय सितारों में एंजेलिना जोली, जैकी चैन, थोरा बर्च और काइली मिनोग भी पहुंचे। उस समय करीब 400 लोगों के दल को संभालना, सभी की व्यवस्था करना और शो को तय समय पर शुरू करना बड़ी चुनौती थी। अक्षय कुमार का शाओलिन मॉन्क्स के साथ परफॉर्मेंस यादगार रहा। इसके अंत में जैकी चैन का स्टेज पर आना भी खास था। आईफा के संस्थापक आंद्रे टिमिन्स बोले- शुरुआत में नहीं सोचा था कि भारतीय सिनेमा का ग्लोबल सफर 27 साल तक चलेगा सवाल: आईफा का विचार आखिर आया कहां से? जवाब : इससे पहले हम आठ-नौ साल तक घरेलू स्तर पर अवॉर्ड शो कर रहे थे। साल 2000 में हमने सोचा कि भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाना चाहिए। हमारे सामने क्रिकेट और सिनेमा जैसे विकल्प थे, लेकिन हमने सिनेमा चुना। हिंदी फिल्मों में संगीत, भावनाएं और ड्रामा लोगों को जोड़ते हैं। विदेशों में रहने वाली भारतीय मूल की दूसरी और तीसरी पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना भी हमारा उद्देश्य था। हम भारतीय सिनेमा को एक ग्लोबल ब्रांड बनाना चाहते थे। शुरुआत में नहीं सोचा था कि यह 27 साल तक चलेगा। सवाल: पहले आयोजन के बाद आईफा को आगे बढ़ाना कितना मुश्किल था? जवाब: लंदन के बाद सबसे बड़ा सवाल था कि इसे आगे कैसे चलाया जाए। किसी बड़े आयोजन के लिए केवल जुनून काफी नहीं होता, उसका कमर्शियल मॉडल भी जरूरी होता है। हमने सन सिटी, साउथ अफ्रीका में आयोजन किया। वहां सोनी चैनल ने आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ खरीदी थी। हमने फिल्म का प्रीमियर आईफा के साथ करने का फैसला किया। इससे आयोजन दो दिन का हो गया। आमिर खान, जो आमतौर पर अवॉर्ड शो से दूरी रखते हैं, ‘लगान’ के प्रीमियर के लिए वहां आए। इसके बाद साउथ अफ्रीका में हिंदी सिनेमा को लेकर उत्साह बढ़ा। धीरे-धीरे हमने फिल्म प्रीमियर, वर्कशॉप, फिल्म फेस्टिवल और बिजनेस फोरम को भी जोड़ा। स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और विदेशी सरकारों के सहयोग से आईफा का एक टिकाऊ मॉडल तैयार हुआ। आईफा में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और अभिषेक बनर्जी संभालेंगे डिजिटल मंच की कमान सवाल: इतने सालों में आईफा की पहचान बनी रही। किन चीजों से आप कभी समझौता नहीं करते? जवाब: सबसे जरूरी है सम्मान और भरोसा। इंडस्ट्री को पता है कि हमारी नीयत साफ है और हम भारतीय सिनेमा को दुनिया में सम्मान दिलाना चाहते हैं। दूसरी चीज क्वालिटी है। कलाकारों को भुगतान करने के साथ हम स्टेज, प्रोडक्शन और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी बड़ा निवेश करते हैं। तीसरी बात है नए प्रयोग। हमने साउथ इंडियन सिनेमा के लिए आईफा उत्सवम, डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए डिजिटल अवॉर्ड्स और क्रिएटर्स के लिए आईफा इनसाइडर जैसे कॉन्सेप्ट शुरू किए हैं। अब गुजराती सिनेमा के लिए आईफा रंगीलो और मराठी सिनेमा से जुड़े आयोजनों की भी योजना है। सवाल: इस बार अबू धाबी में आईफा की सबसे बड़ी खासियत क्या होगी? जवाब: इस बार हम पारंपरिक अवॉर्ड शो के साथ डिजिटल दर्शकों को भी जोड़ रहे हैं। मेन स्टेज पर वरुण धवन होस्ट करेंगे। डिजिटल मंच पर पंकज त्रिपाठी, अली फजल और अभिषेक बनर्जी होस्टिंग करेंगे। ‘मिर्जापुर’ से जुड़े इन कलाकारों को एक अलग अंदाज में देखना दिलचस्प होगा। परफॉर्मेंस में सलमान खान, करीना कपूर, शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना जैसे सितारे शामिल होंगे। जान्हवी कपूर अपनी मां श्रीदेवी को खास ट्रिब्यूट देंगी। वरुण धवन के साथ करण जौहर, मनीष पॉल और पहली बार अनन्या पांडे भी को-होस्टिंग करेंगी। इसके अलावा डिजिटल अवॉर्ड्स में हिमेश रेशमिया पहली बार आईफा में परफॉर्म करेंगे। उनके एक्ट को लेकर हमारी बड़ी योजनाएं हैं। सवाल: पिछले साल ओटीटी और इस बार यूट्यूब लाइव के जरिए डिजिटल दर्शकों को जोड़ने की क्या रणनीति है? जवाब: पारंपरिक टीवी और डिजिटल, दोनों की अपनी अहमियत है। टीवी का दर्शक वर्ग व्यापक है, जबकि यूट्यूब पर युवा पीढ़ी ज्यादा सक्रिय है। हम दोनों को साथ लेकर चलना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य आईफा की मूल पहचान को बरकरार रखना है- संगीत, डांस, मस्ती और सिनेमा का उत्सव। डिजिटल मंच के जरिए उन दर्शकों तक भी पहुंचना चाहते हैं जो पारंपरिक टीवी से अलग तरीके से मनोरंजन देखते हैं। सवाल: सलमान खान के परफॉर्मेंस को लेकर हर बार उत्सुकता रहती है। इस बार क्या नया होगा? जवाब: हम सलमान से मिलने वाले हैं। वे भी अपने एक्ट में कुछ नया और अलग करना चाहते हैं। इस

IIFA 2028 Hollywood Expansion | Andre Timmins Reveals Salman Shahrukh Secrets

IIFA 2028 Hollywood Expansion | Andre Timmins Reveals Salman Shahrukh Secrets

38 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के मकसद से साल 2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा आज 27 साल का सफर तय कर चुका है। अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान, सलमान खान और ऋतिक रोशन तक, बॉलीवुड के कई बड़े सितारों की मौजूदगी ने इस मंच को खास बनाया है। अबू धाबी में होने वाले आगामी आईफा में भी कई नई चीजें देखने को मिलेंगी। सलमान खान का मल्टी-स्टारर परफॉर्मेंस, जान्हवी कपूर का मां श्रीदेवी को ट्रिब्यूट, डिजिटल मंच पर मिर्जापुर गैंग की मेजबानी और हिमेश रेशमिया की पहली आईफा परफॉर्मेंस इस बार के खास आकर्षण होंगे। आईफा के सह-संस्थापक आंद्रे टिमिन्स ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इसके 27 साल के सफर, शुरुआती चुनौतियों, बड़े सितारों से जुड़े दिलचस्प किस्सों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि 2028 में लॉस वेगास में आईफा वर्ल्डवाइड लॉन्च करने की योजना है, जहां भारतीय और हॉलीवुड सिनेमा को एक मंच पर सम्मानित किया जाएगा। सवाल: 2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा आज 27 साल का सफर तय कर चुका है। क्या आपने कभी सोचा था कि यह इतना बड़ा मंच बन जाएगा? जवाब: सच कहूं तो हमने शुरुआत में इतने बड़े सफर की कल्पना नहीं की थी। हमारा मकसद भारतीय सिनेमा को ग्लोबल मंच पर ले जाना और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना था। लंदन में हमारी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमिताभ बच्चन और उस साल मिस वर्ल्ड बनीं युक्ता मुखी मौजूद थीं। इसके बाद मीडिया में आईफा की चर्चा शुरू हो गई। मिलेनियम डोम में हुए पहले आयोजन में करीब 2,500 खास मेहमान शामिल हुए थे। अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, दिलीप कुमार, सुनील दत्त, लता मंगेशकर, आशा भोसले, शाहरुख खान, यश चोपड़ा, यश जौहर और अनिल कपूर जैसे दिग्गजों ने हमारा साथ दिया। अंतरराष्ट्रीय सितारों में एंजेलिना जोली, जैकी चैन, थोरा बर्च और काइली मिनोग भी पहुंचे। उस समय करीब 400 लोगों के दल को संभालना, सभी की व्यवस्था करना और शो को तय समय पर शुरू करना बड़ी चुनौती थी। अक्षय कुमार का शाओलिन मॉन्क्स के साथ परफॉर्मेंस यादगार रहा। इसके अंत में जैकी चैन का स्टेज पर आना भी खास था। आईफा के संस्थापक आंद्रे टिमिन्स बोले- शुरुआत में नहीं सोचा था कि भारतीय सिनेमा का ग्लोबल सफर 27 साल तक चलेगा सवाल: आईफा का विचार आखिर आया कहां से? जवाब : इससे पहले हम आठ-नौ साल तक घरेलू स्तर पर अवॉर्ड शो कर रहे थे। साल 2000 में हमने सोचा कि भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाना चाहिए। हमारे सामने क्रिकेट और सिनेमा जैसे विकल्प थे, लेकिन हमने सिनेमा चुना। हिंदी फिल्मों में संगीत, भावनाएं और ड्रामा लोगों को जोड़ते हैं। विदेशों में रहने वाली भारतीय मूल की दूसरी और तीसरी पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना भी हमारा उद्देश्य था। हम भारतीय सिनेमा को एक ग्लोबल ब्रांड बनाना चाहते थे। शुरुआत में नहीं सोचा था कि यह 27 साल तक चलेगा। सवाल: पहले आयोजन के बाद आईफा को आगे बढ़ाना कितना मुश्किल था? जवाब: लंदन के बाद सबसे बड़ा सवाल था कि इसे आगे कैसे चलाया जाए। किसी बड़े आयोजन के लिए केवल जुनून काफी नहीं होता, उसका कमर्शियल मॉडल भी जरूरी होता है। हमने सन सिटी, साउथ अफ्रीका में आयोजन किया। वहां सोनी चैनल ने आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ खरीदी थी। हमने फिल्म का प्रीमियर आईफा के साथ करने का फैसला किया। इससे आयोजन दो दिन का हो गया। आमिर खान, जो आमतौर पर अवॉर्ड शो से दूरी रखते हैं, ‘लगान’ के प्रीमियर के लिए वहां आए। इसके बाद साउथ अफ्रीका में हिंदी सिनेमा को लेकर उत्साह बढ़ा। धीरे-धीरे हमने फिल्म प्रीमियर, वर्कशॉप, फिल्म फेस्टिवल और बिजनेस फोरम को भी जोड़ा। स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और विदेशी सरकारों के सहयोग से आईफा का एक टिकाऊ मॉडल तैयार हुआ। आईफा में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और अभिषेक बनर्जी संभालेंगे डिजिटल मंच की कमान सवाल: इतने सालों में आईफा की पहचान बनी रही। किन चीजों से आप कभी समझौता नहीं करते? जवाब: सबसे जरूरी है सम्मान और भरोसा। इंडस्ट्री को पता है कि हमारी नीयत साफ है और हम भारतीय सिनेमा को दुनिया में सम्मान दिलाना चाहते हैं। दूसरी चीज क्वालिटी है। कलाकारों को भुगतान करने के साथ हम स्टेज, प्रोडक्शन और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी बड़ा निवेश करते हैं। तीसरी बात है नए प्रयोग। हमने साउथ इंडियन सिनेमा के लिए आईफा उत्सवम, डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए डिजिटल अवॉर्ड्स और क्रिएटर्स के लिए आईफा इनसाइडर जैसे कॉन्सेप्ट शुरू किए हैं। अब गुजराती सिनेमा के लिए आईफा रंगीलो और मराठी सिनेमा से जुड़े आयोजनों की भी योजना है। सवाल: इस बार अबू धाबी में आईफा की सबसे बड़ी खासियत क्या होगी? जवाब: इस बार हम पारंपरिक अवॉर्ड शो के साथ डिजिटल दर्शकों को भी जोड़ रहे हैं। मेन स्टेज पर वरुण धवन होस्ट करेंगे। डिजिटल मंच पर पंकज त्रिपाठी, अली फजल और अभिषेक बनर्जी होस्टिंग करेंगे। ‘मिर्जापुर’ से जुड़े इन कलाकारों को एक अलग अंदाज में देखना दिलचस्प होगा। परफॉर्मेंस में सलमान खान, करीना कपूर, शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना जैसे सितारे शामिल होंगे। जान्हवी कपूर अपनी मां श्रीदेवी को खास ट्रिब्यूट देंगी। वरुण धवन के साथ करण जौहर, मनीष पॉल और पहली बार अनन्या पांडे भी को-होस्टिंग करेंगी। इसके अलावा डिजिटल अवॉर्ड्स में हिमेश रेशमिया पहली बार आईफा में परफॉर्म करेंगे। उनके एक्ट को लेकर हमारी बड़ी योजनाएं हैं। सवाल: पिछले साल ओटीटी और इस बार यूट्यूब लाइव के जरिए डिजिटल दर्शकों को जोड़ने की क्या रणनीति है? जवाब: पारंपरिक टीवी और डिजिटल, दोनों की अपनी अहमियत है। टीवी का दर्शक वर्ग व्यापक है, जबकि यूट्यूब पर युवा पीढ़ी ज्यादा सक्रिय है। हम दोनों को साथ लेकर चलना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य आईफा की मूल पहचान को बरकरार रखना है- संगीत, डांस, मस्ती और सिनेमा का उत्सव। डिजिटल मंच के जरिए उन दर्शकों तक भी पहुंचना चाहते हैं जो पारंपरिक टीवी से अलग तरीके से मनोरंजन देखते हैं। सवाल: सलमान खान के परफॉर्मेंस को लेकर हर बार उत्सुकता रहती है। इस बार क्या नया होगा? जवाब: हम सलमान से मिलने वाले हैं। वे भी अपने एक्ट में कुछ नया और अलग करना चाहते हैं। इस

Actor Amit Dubey Statement | Hanuman Ansh 2 Movie Release Update 2027

Actor Amit Dubey Statement | Hanuman Ansh 2 Movie Release Update 2027

52 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक फिल्म ‘हनुमान अंश’ में टीसी का किरदार निभाने वाले एक्टर अमित दुबे के मुताबिक, इसके दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। स्क्रिप्ट पर अभी काम पूरा नहीं हुआ है। लेखक विशाल चतुर्वेदी चाहते हैं कि अगला पार्ट भी अच्छी कहानी और बेहतर प्रस्तुति के साथ आए। अमित के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ या ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी कोई फिल्म आ सकती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म की सफलता, शूटिंग के अनुभव, संघर्ष और एक्टिंग करियर पर भी बात की। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसके दूसरे पार्ट की चर्चा हो रही है। दर्शकों को कब तक इंतजार करना पड़ सकता है? जवाब: फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी जी ने स्पष्ट किया है कि अभी ‘हनुमान अंश 2’ पर काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है कि पहली फिल्म हिट हो गई, तो तुरंत दूसरा पार्ट बना दिया जाए। वे चाहते हैं कि अगली फिल्म की कहानी और प्रस्तुति भी अच्छी हो। पहली फिल्म के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी और कई गाने भी इसमें इस्तेमाल किए गए। अगली कहानी को बेहतर बनाने में समय लगेगा। मेरी जानकारी के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ नाम की फिल्म आ सकती है। हालांकि, अभी मुझे ‘राम बोला’ के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है। सवाल: फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी, इसकी उम्मीद थी? जवाब: शूटिंग के दौरान हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी और रिकॉर्ड तोड़ेगी। मुझे लगता है कि इसका श्रेय लेखक विशाल चतुर्वेदी की मेहनत और उनकी भक्ति भावना को जाता है। फिल्म बनाने का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि महाराज जी के जीवन और उनकी यात्राओं को लोगों तक पहुंचाना था। शायद इसी भावना के कारण दर्शक फिल्म से जुड़ पाए। अमित दुबे ने फिल्म हनुमान अंश में टीसी का किरदार निभाया है। सवाल: आपको फिल्म में टीसी का किरदार कैसे मिला? जवाब: नवंबर 2025 में मुझे इस किरदार की स्क्रिप्ट मिली। मैंने ऑडिशन दिया और फिर बताया गया कि मेरा चयन हो गया है। फिल्म का बजट कम था, इसलिए कलाकारों की फीस भी कम थी। लेकिन महाराज जी का नाम जुड़ा था, इसलिए मैंने मना करना ठीक नहीं समझा। मुझे सुबह 5:30 बजे चित्रकूट पहुंचना था। उस समय मैं मुंबई में था। रात में फ्लाइट लेकर लखनऊ पहुंचा और वहां से कार चलाकर चित्रकूट गया। सुबह करीब 5 बजे सेट पर पहुंच गया। फिल्म के लिए मेरा खर्च मेरी फीस से भी ज्यादा था। लेकिन मेरे लिए यह काम पैसों से ज्यादा श्रद्धा का विषय था। सवाल: शूटिंग के दौरान कैसा माहौल था? जवाब: शूटिंग चित्रकूट के परसौजा गांव में हुई थी। वहां आज भी ज्यादातर घर कच्चे हैं और दरवाजे छोटे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि घर में प्रवेश करते समय मंदिर की तरह झुककर जाना चाहिए, इसलिए दरवाजे छोटे बनाए जाते हैं। वहां बहुत सकारात्मक माहौल था। मेरे एक सीन में मुझे महाराज जी से माफी मांगनी थी। भावनाओं को सही तरीके से दिखाने के लिए इस सीन के कई टेक हुए। निर्देशक चाहते थे कि हर दृश्य में भाव पूरी तरह उभरकर आए। इसी मेहनत से फिल्म के दृश्य प्रभावशाली बने। सवाल: कम बजट और दूसरी परेशानियों के बीच फिल्म कैसे पूरी हुई? जवाब: शूटिंग के दौरान कई समस्याएं आईं। मेकअप का सामान चोरी हो गया, एक मुख्य कलाकार ने फिल्म छोड़ दी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी चले गए। शूटिंग का कार्यक्रम 28 दिन का था, लेकिन फिल्म 22 दिनों में पूरी करनी पड़ी। ऐसे समय में सभी ने मिलकर काम किया। किसी ने गाना गाया, किसी ने अभिनय किया और सबने अपनी जिम्मेदारी निभाई। लगा कि यह हम सभी का अपना काम है। मुझे एक पंक्ति याद आती है- ‘अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में।’ हमने भी पूरी श्रद्धा के साथ काम किया। अमित दुबे आईआईटी-जेईई व नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाते भी हैं। सवाल: आपने एक्टिंग के लिए टीचिंग जैसे पेशे को क्यों नहीं छोड़ा? जवाब: मैं केमिस्ट्री का शिक्षक हूं और आईआईटी-जेईई व नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाता हूं। मैंने कई विद्यार्थियों को इंजीनियर और डॉक्टर बनने में मदद की है। एक्टिंग के शुरुआती दिनों में छोटे रोल मिलते थे और एक दिन के काम के लिए करीब 2,000 से 3,000 रुपए मिलते थे। इतने पैसों में खर्च चलाना मुश्किल था, इसलिए पढ़ाना जारी रखा। मैं लखनऊ से मुंबई आने-जाने में अपनी बचत का काफी हिस्सा खर्च करता था। साथ ही थिएटर करता था। भरोसा था कि मेहनत करता रहूंगा, तो एक दिन अच्छा मौका जरूर मिलेगा। सवाल: एक्टिंग में आने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: मैं महेंद्र सिंह धोनी का बड़ा फैन हूं। एक बार मैंने उनके जैसे बाल रंगवा लिए, लेकिन मुझे अपना लुक पसंद नहीं आया। बच्चों को कह दिया कि एक छोटे से रोल के लिए ऐसा किया है। बाद में बच्चों ने पूछा कि वह रोल कब आएगा। उस बात को सच साबित करने के लिए मुंबई आया और ऑडिशन देने लगा। मुझे ‘तुलसी’ नाम के सीरियल में डॉक्टर का छोटा-सा रोल मिला। सेट पर काम करने का अनुभव अच्छा लगा। इसके बाद थिएटर करना शुरू किया और एक साल में छह-सात नाटक किए। धीरे-धीरे छोटे रोल मिलने लगे। सवाल: ‘हनुमान अंश’ के बाद आपके करियर में क्या बदलाव आया? जवाब: मैंने ‘वॉर 2’ और ‘पति पत्नी और वो 2’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ‘अनुपमा’ और ‘सीआईडी’ जैसे सीरियल भी किए हैं। पहले सोशल मीडिया पर मेरे करीब 10 फॉलोअर्स थे। अब मेरी पहचान बढ़ी है और लोग मुझे जानने लगे हैं। ‘हनुमान अंश’ मेरे लिए बहुत खास है। मैं इसे अभाव का प्रभाव कहता हूं, क्योंकि कम संसाधनों के बावजूद सभी ने मिलकर इसे बनाया। अब दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए आगे कोई भी प्रोजेक्ट चुनते समय ज्यादा जिम्मेदारी महसूस करूंगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Actor Amit Dubey Statement | Hanuman Ansh 2 Movie Release Update 2027

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1 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक फिल्म ‘हनुमान अंश’ में टीसी का किरदार निभाने वाले एक्टर अमित दुबे के मुताबिक, इसके दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। स्क्रिप्ट पर अभी काम पूरा नहीं हुआ है। लेखक विशाल चतुर्वेदी चाहते हैं कि अगला पार्ट भी अच्छी कहानी और बेहतर प्रस्तुति के साथ आए। अमित के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ या ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी कोई फिल्म आ सकती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म की सफलता, शूटिंग के अनुभव, संघर्ष और एक्टिंग करियर पर भी बात की। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसके दूसरे पार्ट की चर्चा हो रही है। दर्शकों को कब तक इंतजार करना पड़ सकता है? जवाब: फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी जी ने स्पष्ट किया है कि अभी ‘हनुमान अंश 2’ पर काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है कि पहली फिल्म हिट हो गई, तो तुरंत दूसरा पार्ट बना दिया जाए। वे चाहते हैं कि अगली फिल्म की कहानी और प्रस्तुति भी अच्छी हो। पहली फिल्म के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी और कई गाने भी इसमें इस्तेमाल किए गए। अगली कहानी को बेहतर बनाने में समय लगेगा। मेरी जानकारी के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ नाम की फिल्म आ सकती है। हालांकि, अभी मुझे ‘राम बोला’ के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है। सवाल: फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी, इसकी उम्मीद थी? जवाब: शूटिंग के दौरान हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी और रिकॉर्ड तोड़ेगी। मुझे लगता है कि इसका श्रेय लेखक विशाल चतुर्वेदी की मेहनत और उनकी भक्ति भावना को जाता है। फिल्म बनाने का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि महाराज जी के जीवन और उनकी यात्राओं को लोगों तक पहुंचाना था। शायद इसी भावना के कारण दर्शक फिल्म से जुड़ पाए। अमित दुबे ने फिल्म हनुमान अंश में टीसी का किरदार निभाया है। सवाल: आपको फिल्म में टीसी का किरदार कैसे मिला? जवाब: नवंबर 2025 में मुझे इस किरदार की स्क्रिप्ट मिली। मैंने ऑडिशन दिया और फिर बताया गया कि मेरा चयन हो गया है। फिल्म का बजट कम था, इसलिए कलाकारों की फीस भी कम थी। लेकिन महाराज जी का नाम जुड़ा था, इसलिए मैंने मना करना ठीक नहीं समझा। मुझे सुबह 5:30 बजे चित्रकूट पहुंचना था। उस समय मैं मुंबई में था। रात में फ्लाइट लेकर लखनऊ पहुंचा और वहां से कार चलाकर चित्रकूट गया। सुबह करीब 5 बजे सेट पर पहुंच गया। फिल्म के लिए मेरा खर्च मेरी फीस से भी ज्यादा था। लेकिन मेरे लिए यह काम पैसों से ज्यादा श्रद्धा का विषय था। सवाल: शूटिंग के दौरान कैसा माहौल था? जवाब: शूटिंग चित्रकूट के परसौजा गांव में हुई थी। वहां आज भी ज्यादातर घर कच्चे हैं और दरवाजे छोटे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि घर में प्रवेश करते समय मंदिर की तरह झुककर जाना चाहिए, इसलिए दरवाजे छोटे बनाए जाते हैं। वहां बहुत सकारात्मक माहौल था। मेरे एक सीन में मुझे महाराज जी से माफी मांगनी थी। भावनाओं को सही तरीके से दिखाने के लिए इस सीन के कई टेक हुए। निर्देशक चाहते थे कि हर दृश्य में भाव पूरी तरह उभरकर आए। इसी मेहनत से फिल्म के दृश्य प्रभावशाली बने। सवाल: कम बजट और दूसरी परेशानियों के बीच फिल्म कैसे पूरी हुई? जवाब: शूटिंग के दौरान कई समस्याएं आईं। मेकअप का सामान चोरी हो गया, एक मुख्य कलाकार ने फिल्म छोड़ दी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी चले गए। शूटिंग का कार्यक्रम 28 दिन का था, लेकिन फिल्म 22 दिनों में पूरी करनी पड़ी। ऐसे समय में सभी ने मिलकर काम किया। किसी ने गाना गाया, किसी ने अभिनय किया और सबने अपनी जिम्मेदारी निभाई। लगा कि यह हम सभी का अपना काम है। मुझे एक पंक्ति याद आती है- ‘अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में।’ हमने भी पूरी श्रद्धा के साथ काम किया। अमित दुबे आईआईटी-जेईई व नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाते भी हैं। सवाल: आपने एक्टिंग के लिए टीचिंग जैसे पेशे को क्यों नहीं छोड़ा? जवाब: मैं केमिस्ट्री का शिक्षक हूं और आईआईटी-जेईई व नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाता हूं। मैंने कई विद्यार्थियों को इंजीनियर और डॉक्टर बनने में मदद की है। एक्टिंग के शुरुआती दिनों में छोटे रोल मिलते थे और एक दिन के काम के लिए करीब 2,000 से 3,000 रुपए मिलते थे। इतने पैसों में खर्च चलाना मुश्किल था, इसलिए पढ़ाना जारी रखा। मैं लखनऊ से मुंबई आने-जाने में अपनी बचत का काफी हिस्सा खर्च करता था। साथ ही थिएटर करता था। भरोसा था कि मेहनत करता रहूंगा, तो एक दिन अच्छा मौका जरूर मिलेगा। सवाल: एक्टिंग में आने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: मैं महेंद्र सिंह धोनी का बड़ा फैन हूं। एक बार मैंने उनके जैसे बाल रंगवा लिए, लेकिन मुझे अपना लुक पसंद नहीं आया। बच्चों को कह दिया कि एक छोटे से रोल के लिए ऐसा किया है। बाद में बच्चों ने पूछा कि वह रोल कब आएगा। उस बात को सच साबित करने के लिए मुंबई आया और ऑडिशन देने लगा। मुझे ‘तुलसी’ नाम के सीरियल में डॉक्टर का छोटा-सा रोल मिला। सेट पर काम करने का अनुभव अच्छा लगा। इसके बाद थिएटर करना शुरू किया और एक साल में छह-सात नाटक किए। धीरे-धीरे छोटे रोल मिलने लगे। सवाल: ‘हनुमान अंश’ के बाद आपके करियर में क्या बदलाव आया? जवाब: मैंने ‘वॉर 2’ और ‘पति पत्नी और वो 2’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ‘अनुपमा’ और ‘सीआईडी’ जैसे सीरियल भी किए हैं। पहले सोशल मीडिया पर मेरे करीब 10 फॉलोअर्स थे। अब मेरी पहचान बढ़ी है और लोग मुझे जानने लगे हैं। ‘हनुमान अंश’ मेरे लिए बहुत खास है। मैं इसे अभाव का प्रभाव कहता हूं, क्योंकि कम संसाधनों के बावजूद सभी ने मिलकर इसे बनाया। अब दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए आगे कोई भी प्रोजेक्ट चुनते समय ज्यादा जिम्मेदारी महसूस करूंगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tanushree Datta Questions Nana Patekar Funeral

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14 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन और उनके अंतिम संस्कार के समय पर सवाल खड़े किए हैं। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान तनुश्री ने दावा किया कि बॉलीवुड या मीडिया से किसी भी व्यक्ति ने नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर नहीं देखा। उन्होंने देर रात 11:28 बजे अंतिम संस्कार किए जाने की जल्दबाजी पर भी आपत्ति जताई है। तनुश्री ने आरोप लगाया है कि कानूनी मामलों से बचने के लिए यह नाटक रचा गया हो सकता है। 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से नाना पाटेकर का निधन हुआ था। इंस्टाग्राम लाइव में अंतिम संस्कार पर उठाए सवाल तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा कि बॉलीवुड और मीडिया के लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई प्रार्थना सभा आयोजित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है, लेकिन नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर की रात 11:28 बजे पुणे के पास डोन्जे गांव वाले फार्महाउस पर किया गया। तनुश्री ने सवाल उठाया कि इतनी रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करने की क्या जल्दी थी और क्या उनके परिवार ने भी चेहरा ठीक से देखा था। ‘अस्पताल ले जाने के वीडियो और फोटो क्यों नहीं हैं’ तनुश्री ने इंस्टाग्राम लाइव में अस्पताल से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ था, तब भी फोटो और वीडियो सामने आए थे। हालांकि, नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाने, वहां मृत घोषित करने और पोस्टमार्टम किए जाने का एक भी वीडियो या फोटो सामने नहीं आया। उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के समय चेहरा ढका हुआ था, जिससे किसी को असलियत पता नहीं चली। विदेश में जिंदा होने का दावा, डीएनए टेस्ट की मांग तनुश्री दत्ता ने यह भी दावा किया कि जिस शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, वह नाना पाटेकर का नहीं था। उन्होंने आशंका जताई कि कानूनी मुकदमों और पुलिस जांच से बचने के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया गया हो सकता है और अभिनेता सिंगापुर या मलेशिया में मौजूद हो सकते हैं। तनुश्री दत्ता ने 2004 में फेमिना मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीता था। मीटू आंदोलन से शुरू हुआ था विवाद तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद साल 2008 से चला आ रहा है। तनुश्री ने फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साल 2018 में जब भारत में मीटू (#MeToo) आंदोलन शुरू हुआ, तब यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया। तनुश्री के वकील नितिन सतपुते ने अक्टूबर 2018 में मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में अर्जी देकर नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, प्रोड्यूसर समी सिद्दीकी और डायरेक्टर राकेश सारंग का नार्को-एनालिसिस और लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। हालांकि, जून 2019 में पुलिस ने जांच के बाद नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी थी। नाना पाटेकर ने आरोपों पर बात की थी साल 2024 में लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में नाना पाटेकर से पूछा गया था कि तनुश्री द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने पर उन्हें गुस्सा आया था। इस पर नाना ने कहा था, “झूठ है, तो गुस्सा किस बात का? अब जो बातें हो गई थीं, उसके बारे में क्या बोलें। मुझे गुस्सा नहीं आया।” एफआईआर के सवाल पर नाना ने कहा था, “वो तो ठीक है, वो बाकी का कुछ भी होता है, उसके लिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अभी इतने सामने अगर कोई एक बच्चा-बच्ची बोले कि हमने… इसने हमसे ज्यादती की, अब सभी मालूम है न सबको क्या हुआ है। कुछ नहीं मालूम, ही नहीं कुछ हुआ ही नहीं था, तो हमें क्या मालूम हुआ होता? हुआ होता तो कुछ हम बयान करते थे, बताते। कोई कहता है कि आपने ऐसे किया, हम क्या कहेंगे? हमने नहीं किया, इसके अलावा क्या कह सकते हैं।” ये खबर भी पढ़ें नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई:हार्ट की नस में खून का थक्का जमने से आया था हार्ट अटैक नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ था। गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के एक सीनियर डॉक्टर ने रविवार को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tanushree Datta Questions Nana Patekar Funeral

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2 घंटे पहले कॉपी लिंक अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन और उनके अंतिम संस्कार के समय पर सवाल खड़े किए हैं। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान तनुश्री ने दावा किया कि बॉलीवुड या मीडिया से किसी भी व्यक्ति ने नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर नहीं देखा। उन्होंने देर रात 11:28 बजे अंतिम संस्कार किए जाने की जल्दबाजी पर भी आपत्ति जताई है। तनुश्री ने आरोप लगाया है कि कानूनी मामलों से बचने के लिए यह नाटक रचा गया हो सकता है। 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से नाना पाटेकर का निधन हुआ था। इंस्टाग्राम लाइव में अंतिम संस्कार पर उठाए सवाल तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा कि बॉलीवुड और मीडिया के लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई प्रार्थना सभा आयोजित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है, लेकिन नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर की रात 11:28 बजे पुणे के पास डोन्जे गांव वाले फार्महाउस पर किया गया। तनुश्री ने सवाल उठाया कि इतनी रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करने की क्या जल्दी थी और क्या उनके परिवार ने भी चेहरा ठीक से देखा था। ‘अस्पताल ले जाने के वीडियो और फोटो क्यों नहीं हैं’ तनुश्री ने इंस्टाग्राम लाइव में अस्पताल से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ था, तब भी फोटो और वीडियो सामने आए थे। हालांकि, नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाने, वहां मृत घोषित करने और पोस्टमार्टम किए जाने का एक भी वीडियो या फोटो सामने नहीं आया। उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के समय चेहरा ढका हुआ था, जिससे किसी को असलियत पता नहीं चली। विदेश में जिंदा होने का दावा, डीएनए टेस्ट की मांग तनुश्री दत्ता ने यह भी दावा किया कि जिस शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, वह नाना पाटेकर का नहीं था। उन्होंने आशंका जताई कि कानूनी मुकदमों और पुलिस जांच से बचने के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया गया हो सकता है और अभिनेता सिंगापुर या मलेशिया में मौजूद हो सकते हैं। तनुश्री दत्ता ने 2004 में फेमिना मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीता था। मीटू आंदोलन से शुरू हुआ था विवाद तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद साल 2008 से चला आ रहा है। तनुश्री ने फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साल 2018 में जब भारत में मीटू (#MeToo) आंदोलन शुरू हुआ, तब यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया। तनुश्री के वकील नितिन सतपुते ने अक्टूबर 2018 में मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में अर्जी देकर नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, प्रोड्यूसर समी सिद्दीकी और डायरेक्टर राकेश सारंग का नार्को-एनालिसिस और लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। हालांकि, जून 2019 में पुलिस ने जांच के बाद नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी थी। नाना पाटेकर ने आरोपों पर बात की थी साल 2024 में लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में नाना पाटेकर से पूछा गया था कि तनुश्री द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने पर उन्हें गुस्सा आया था। इस पर नाना ने कहा था, “झूठ है, तो गुस्सा किस बात का? अब जो बातें हो गई थीं, उसके बारे में क्या बोलें। मुझे गुस्सा नहीं आया।” एफआईआर के सवाल पर नाना ने कहा था, “वो तो ठीक है, वो बाकी का कुछ भी होता है, उसके लिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अभी इतने सामने अगर कोई एक बच्चा-बच्ची बोले कि हमने… इसने हमसे ज्यादती की, अब सभी मालूम है न सबको क्या हुआ है। कुछ नहीं मालूम, ही नहीं कुछ हुआ ही नहीं था, तो हमें क्या मालूम हुआ होता? हुआ होता तो कुछ हम बयान करते थे, बताते। कोई कहता है कि आपने ऐसे किया, हम क्या कहेंगे? हमने नहीं किया, इसके अलावा क्या कह सकते हैं।” ये खबर भी पढ़ें नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई:हार्ट की नस में खून का थक्का जमने से आया था हार्ट अटैक नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ था। गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के एक सीनियर डॉक्टर ने रविवार को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IIT Kanpur Alumnus Gautam Dev Struggles in Dallas

IIT Kanpur Alumnus Gautam Dev Struggles in Dallas

Hindi News Career IIT Kanpur Alumnus Gautam Dev Struggles In Dallas | Jobless Gig Worker 5 मिनट पहले कॉपी लिंक 61 साल के IIT कानपुर के एक्स स्टूडेंट गौतम देव अमेरिका के डलास शहर में रहते हैं और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने 2 साल पहले नौकरी छोड़ी थी लेकिन 20 साल के अनुभव के बाद भी अब तक उन्हें कोई भी नौकरी नहीं मिल पाई है। IIT से पढ़ने के बाद भी वे एक गिग वर्कर के तौर पर काम करने को मजबूर हैं। नौकरी नहीं मिली, टैक्सी चलाई, डिलीवरी बॉय का काम किया देव को जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने ऊबर (Uber) चलाई, डोरवाश (DoorDash) और वालमार्ट स्पार्क जैसे डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए भी काम किया। हालांकि कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। साथ ही, भारी सामान न उठा पाने की वजह से वे हर तरह की डिलीवरी का काम नहीं कर सकते थे। इसके साथ ही उन्होंने पैसे कमाने के दूसरे तरीके भी आजमाए। उन्होंने ‘डे ट्रेडिंग’ की कोशिश की, शुरुआत में तो फायदा हुआ, लेकिन बाद में उन्हें नुकसान होने लगा। देव की अब सभी सेविंग्स खत्म होने हो गई हैं। उनका कहना है कि सोशल सिक्योरिटी का समय भी अब करीब आ रहा है तो अब वे अमेरिका में रहने और भारत वापस लौटने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। IT सेक्टर में दो दशक का अनुभव IT सेक्टर में दो दशक से ज्यादा का अनुभव होने के बावजूद, देव को उम्मीद थी कि उन्हें कुछ ही महीनों में कोई दूसरी नौकरी मिल जाएगी। उन्होंने लिंकडिन पर भी नौकरी की तलाश की और अपने परिचितों को भी कॉन्टेक्ट किया कि किसी तरह नौकरी मिल सके। लेकिन कई लोगों ने कहा कि उनकी कंपनियां अभी हायरिंग नहीं कर रही हैं। कई सारे इंटरव्यू देने के बाद भी किसी ने भी उन्हें फुल-टाइम नौकरी ऑफर नहीं की। हालांकि गौतम मानते हैं कि उनकी उम्र और वजह से शायद उनके नौकरी पाने के मौका नहीं मिल रहा है। IIT टॉपर रहे, TCS में काम किया देव ने IIT कानपुर से MSC फिजिक्स में टॉपर रहे। इसके बाद न्यूयॉर्क की स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी से थ्योरेटिकल कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स में PhD की। इसके बाद उन्होंने सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाया। लंबे समय तक बेरोजगार रहने से उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। उन्हें किराया और रोजमर्रा के दूसरे खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी बचत खत्म करनी पड़ी और क्रेडिट कार्ड का कर्ज भी लेना पड़ा। खर्च के लिए फंड रेज भी किया वे डलास में किसी सस्ती जगह पर रहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें चिंता है कि पक्की आमदनी न होने की वजह से उन्हें किराए पर दूसरा घर मिलना मुश्किल हो सकता है। घर बदलने के लिए उन्हें डिलीवरी के काम से समय निकालना होगा, जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। जनवरी में, देव को अपने बिल चुकाने में मदद के लिए ‘गोफंडमी’ (GoFundMe) पर एक फंडडरेजर शुरू किया और 9,000 डॉलर से ज्यादा रकम जुटाई। उन्होंने माना कि आर्थिक मदद मांगना मुश्किल काम था, लेकिन कहा कि कुछ लोग उनकी मदद के लिए आगे आए। गिग वर्क ही आखिरी रास्ता देव जनवरी में 62 साल के हो जाएंगे। उन्हें उम्मीद है कि इन भुगतानों और अपने ‘गिग वर्क’ से होने वाली कमाई को मिलाकर वे अपने रहने-सहने का खर्च उठा पाएंगे। वे दो दशक से भी ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं और अगर उन्हें कोई रास्ता नहीं मिलता है तो वे दोबारा भारत लौटने का ऑप्शन तलाशेंगे। —————— ये खबर भी पढ़ें.. जंतर-मंतर पर डिटेन हुए अर्थशास्‍त्री ज्‍यां द्रेज कौन हैं:भारत में MGNREGA, RTI लाए; 1979 से भारत में रह रहे दिल्ली में इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर हे विरोध प्रदर्शन चल रहा है। हाल ही में इस विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति को डिटेन करने का वीडियो सामने आया। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…