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Le Pen, Farage & AfD Win in Germany

Le Pen, Farage & AfD Win in Germany

2 घंटे पहले कॉपी लिंक पूर्वी जर्मनी के छोटे से राज्य सैक्सोनी-अनहाल्ट में रविवार को दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने बड़ी जीत हासिल की। AfD के जीत की चर्चा सिर्फ जर्मनी तक सीमित नहीं रही। लंदन की डाउनिंग स्ट्रीट से लेकर पेरिस के एलिसी पैलेस तक इस नतीजे को लेकर चिंता जताई गई। यूरोप में शायद पहली बार हुआ है जब किसी राज्य चुनाव के नतीजे को लोकतंत्र के भविष्य से इतना जोड़कर देखा गया है। इसकी वजह जर्मनी का इतिहास है। नाजी शासन की तबाही के बाद जर्मनी ने लंबे समय तक दक्षिणपंथी और कट्टरपंथी दलों को राजनीतिक मुख्यधारा से दूर रखा। लेकिन 2013 में बनी AfD लगातार मजबूत होती गई। अब यह पार्टी जर्मनी की राजनीति में ही नहीं, बल्कि यूरोप की राजनीति में भी अपना असर बढ़ाती दिखाई दे रही है। जर्मनी में एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद AfD के मुख्य उम्मीदवार अलरिच जीगमंड (बीच में) जश्न मनाते हुए। AfD की जीत का असर दूसरे देशों पर भी पड़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि जर्मनी में AfD की सफलता दूसरे यूरोपीय देशों के दक्षिणपंथी दलों को भी बढ़ावा दे सकती है। यूरोप इस समय गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक संकट से जूझ रहा है। सरकारें महंगाई और बढ़ती रोजमर्रा की लागत जैसी समस्याओं को दूर नहीं कर पा रही हैं। इससे लोगों में मौजूदा सरकारों और राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। अगले साल यूरोप के कई देशों में चुनाव होने हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और स्पेन में दक्षिणपंथी पार्टियां महंगाई, रोजगार और इमिग्रेशन के मुद्दे पर सरकारों को घेर रही हैं। उनका कहना है कि मौजूदा पार्टियां आम लोगों की समस्याएं दूर नहीं कर पाई हैं। फ्रांस: मरीन ले पेन के जीतने की संभावना सबसे ज्यादा फ्रांस को लेकर यूरोप की सेंटर पार्टियों की चिंता और ज्यादा है। अगले साल देश में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इस चुनाव में दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन चौथी बार राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश करेंगी। ले पेन पिछले 14 साल से राष्ट्रपति चुनाव की राजनीति में सक्रिय हैं और इस बार उनकी स्थिति सबसे मजबूत मानी जा रही है।हालांकि, ले पेन की जीत अभी तय नहीं है। अगर सेंटर-राइट और सेंटर-लेफ्ट पार्टियां मिलकर मजबूत उम्मीदवार उतारती हैं तो उनके सामने कड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। लेकिन अगर सेंटर का वोट बंटा रहा तो ले पेन के लिए राष्ट्रपति चुनाव जीतने का रास्ता आसान हो सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर पेरिस में दक्षिणपंथी सरकार बनती है तो इसका असर पूरे यूरोपीय संघ पर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि फ्रांस यूरोप की बड़ी राजनीतिक और सैन्य ताकत है। वह परमाणु शक्ति भी है और यूरोपीय संघ की नींव रखने वाले देशों में शामिल रहा है। फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता और नेशनल रैली (RN) की सांसद मरीन ले पेन एक टीवी डिबेट के दौरान। (फाइल फोटो) ब्रिटेन: दक्षिणपंथी पार्टियां मजबूत हो रहीं ब्रिटेन में नाइजल फराज की अगुआई वाली रिफॉर्म यूके ने हाल के स्थानीय चुनावों में बड़ी सफलता हासिल की। पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर लेबर और कंजरवेटिव जैसी बड़ी पार्टियों को पीछे छोड़ दिया। वहीं, लेबर और कंजरवेटिव दोनों की सीटें घटीं। इससे साफ हुआ कि ब्रिटेन में पारंपरिक पार्टियों से नाराज मतदाताओं का एक हिस्सा अब फराज की पार्टी की ओर जा रहा है। हालांकि उनकी पार्टी के असंतुष्ट नेता रूपर्ट लोव अलग होकर एक अलग दक्षिणपंथी पार्टी बना चुके हैं। इससे दक्षिणपंथी वोटों के बंटने का खतरा पैदा हो गया है। ब्रिटेन की रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता नाइजल फराज 5 सितंबर को बर्मिंघम में पार्टी के कार्यक्रम के दौरान। इटली: मेलोनी को दक्षिणपंथी नेता से ही चुनौती इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को यूरोप की दूसरी दक्षिणपंथी पार्टियों के लिए एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी पार्टी की शुरुआत फासीवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने की थी। फासीवादी विचारधारा- ऐसी राजनीति जिसमें एक मजबूत नेता और मजबूत सरकार को सबसे ऊपर रखा जाता है, विरोध को दबाया जाता है और देश की पहचान के नाम पर दूसरे समूहों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जाता है। पिछले हफ्ते मेलोनी सरकार ने इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सत्ता में रहने का रिकॉर्ड बनाया है। इटली में अगले साल चुनाव होने हैं और मेलोनी के दोबारा सत्ता में आने की उम्मीद है। लेकिन उनके सामने उनसे भी ज्यादा दक्षिणपंथी नेता रॉबर्टो वान्नाची की चुनौती बढ़ रही है। वान्नाची की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए मेलोनी ने इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर अपना रुख और सख्त कर लिया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी 4 सितंबर 2026 को बारी में रैली के दौरान भाषण देती हुईं। हंगरी में दक्षिणपंथी सरकार की हार हंगरी में प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान की दक्षिणपंथी पार्टी फिदेज को अप्रैल में बड़ा झटका लगा। पार्टी करीब 16 साल तक सत्ता में रहने के बाद चुनाव हार गई। ओर्बान लंबे समय से हंगरी की राजनीति में मजबूत नेता माने जाते थे, लेकिन इस बार लोगों ने उनकी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। ओर्बान की सरकार के खिलाफ लोगों में कई मुद्दों को लेकर नाराजगी थी। इनमें भ्रष्टाचार, कमजोर होती अर्थव्यवस्था और महंगाई जैसी आर्थिक परेशानियां शामिल थीं। इसके अलावा यूरोपीय संघ के साथ सरकार का लगातार टकराव भी लोगों के बीच चर्चा का मुद्दा बना रहा। यानी हंगरी का उदाहरण यह बताता है कि सिर्फ दक्षिणपंथी मुद्दों पर राजनीति करने से किसी पार्टी की जीत हमेशा पक्की नहीं होती। अगर लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकार लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां दूर नहीं कर पाती, तो मतदाता उससे भी नाराज हो सकते हैं। ओर्बान की हार से यूरोप की मुख्यधारा की पार्टियों को भी उम्मीद मिली है। जर्मनी, फ्रांस और दूसरे देशों में दक्षिणपंथी पार्टियों के बढ़ते असर के बीच हंगरी का नतीजा यह दिखाता है कि दक्षिणपंथ का बढ़ना एकतरफा कहानी नहीं है। कहीं ऐसी पार्टियां मजबूत हो रही हैं, तो कहीं जनता उन्हें सत्ता से बाहर भी कर रही है। ————————– यह खबर भी पढ़ें… जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:ट्रम्प ने नतीजे की तस्वीर शेयर की, फ्रांस बोला- यह यूरोप के लिए गंभीर समय जर्मनी

रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

रिपोर्ट- ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा के 2 फ्लैट बिक्री पर:लंदन में इजराइली दूतावास से 50 मीटर की दूरी पर हैं; कीमत ₹459 करोड़

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से जुड़े माने जा रहे लंदन के दो अपार्टमेंट बिक्री के लिए रखे गए हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों फ्लैट ब्रिटिश राजधानी में इजराइली दूतावास के पास हैं। ये लग्जरी पेंटहाउस 3ए पैलेस ग्रीन में हैं। इन्हें 2014 और 2016 में कुल £36 मिलियन यानी करीब ₹459.54 करोड़ में खरीदा गया था। दोनों प्रॉपर्टी में स्टाफ के रहने की जगह और निजी रूफ टेरेस हैं। पहला पेंटहाउस 5 बेडरूम वाला डुप्लेक्स है। यह छठी और सातवीं मंजिल पर 3,944 वर्गफीट में फैला है और इसे £12 मिलियन से कम यानी करीब ₹153.17 करोड़ में बेचा जा रहा है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

Pakistan AI Video Controversy | Claims Against Indian Airbase & S-400

Pakistan AI Video Controversy | Claims Against Indian Airbase & S-400

इस्लामाबाद1 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तानी सेना ने यह AI से बना वीडियो शेयर किया, जिसमें मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष के दौरान भारतीय संसद पर हमला होने का दावा किया गया। पाकिस्तानी सेना ने मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में भारत की संसद पर हमला होते हुए दिखाया गया है। साथ ही, इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत के 32 एयरफोर्स बेस पर हमला किया, 8 भारतीय विमान गिराए और 2 S-400 एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट किए।वीडियो में ज्यादातर घटनाओं को AI, ग्राफिक्स और एनीमेशन के जरिए दिखाया गया है वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इसका मजाक बनने लगा। एक यूजर्स ने कहा कि वे हकीकत में नहीं जीत पाए तो AI का सहारा लेना पड़ा। वहीं दूसरे ने सवाल किया कि अगर इतनी बड़ी जीत हुई है तो सैटेलाइट तस्वीरें कहां हैं, क्यों सिर्फ ग्राफिक्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है। 32 एयरबेस पर हमले का सबूत नहीं पाकिस्तान ने 32 भारतीय एयरबेस को निशाना बनाने का दावा तो किया है, लेकिन वीडियो में इसके समर्थन में सैटेलाइट तस्वीरें या हमले के पहले और बाद की तस्वीरें नहीं दिखाई गई हैं। रनवे के नुकसान या नष्ट हुए हैंगर की ऐसी तस्वीरें भी नहीं हैं। इसके उलट, मई 2025 में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हुए भारतीय हमलों के बाद सैटेलाइट तस्वीरों से नुकसान की पुष्टि हुई थी। वॉशिंगटन पोस्ट ने 2 दर्जन से ज्यादा सैटेलाइट तस्वीरों और हमले के बाद के वीडियो का विश्लेषण किया था। इसमें पाकिस्तान के कम से कम 6 एयरफील्ड पर नुकसान मिला था। इनमें 3 बड़े हैंगर, 2 रनवे और पाकिस्तान एयरफोर्स की 2 मोबाइल इमारतों को नुकसान शामिल था। नूर खान, भोलारी, शाहबाज, सुक्कुर और मुशफ जैसे ठिकानों पर भी नुकसान दिखाई दिया था। भोलारी में एक एयरक्राफ्ट हैंगर में बड़ा छेद मिला था, जबकि शाहबाज में हैंगर और कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा था। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट करने का पुराना दावा दोहराया पाकिस्तान एयरफोर्स ने नए वीडियो में भारत के 2 S-400 एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट करने का दावा भी दोहराया है। मई 2025 के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत का एक S-400 सिस्टम नष्ट कर दिया है। भारत ने इसे खारिज किया था। PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने S-400 को नुकसान पहुंचने या नष्ट होने की खबरों को बेबुनियाद बताया था। रक्षा मंत्रालय ने भी पाकिस्तान पर S-400 और भारतीय एयरफील्ड को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया था। इसके कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन का दौरा किया था। वहां S-400 सिस्टम के सामने उनकी तस्वीरें जारी की गई थीं। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Ranveer Singh Pralay Movie Look

Ranveer Singh Pralay Movie Look

10 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की अगली फिल्म ‘प्रलय’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है। मुंबई में चल रही शूटिंग से रणवीर का पहला लुक सामने आया है। लंबे बालों में नजर आ रहे रणवीर की पीठ पर एक बच्चा भी दिखाई दे रहा है। लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे ‘धुरंधर’ के उनके किरदार जसकीरत से जोड़ना शुरू कर दिया। फिल्म में रणवीर के साथ कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आएंगी। लंबे बाल और पीठ पर बच्चा, रणवीर का नया अंदाज ‘प्रलय’ के सेट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रणवीर सिंह लंबे बालों वाले लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनकी पीठ पर एक बच्चा नजर आ रहा है। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार और बच्चे के बीच संबंध को लेकर मेकर्स की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सामने आई झलक ने फिल्म की कहानी को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह ने हमजा अली मजारी नाम के एक अंडरकवर भारतीय जासूस का किरदार निभाया है। फिल्म में बाद में खुलासा होता है कि उसका असली नाम जसकीरत सिंह रांगी है। फैंस को याद आया ‘धुरंधर’ का जसकीरत रणवीर का लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने उनकी तुलना ‘धुरंधर’ के किरदार जसकीरत से करनी शुरू कर दी। कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा कि ‘जसकीरत लौट आया’। लंबे बालों वाला रणवीर का लुक देखकर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कल्याणी प्रियदर्शन भी शूटिंग करती दिखीं सामने आए वीडियो में रणवीर सिंह के साथ अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आ रही हैं। दोनों फिल्म के एक सीन की शूटिंग करते दिखाई दिए। कल्याणी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रही हैं और उनकी मौजूदगी ने दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। ‘प्रलय’ पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जोम्बी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है। मुंबई में अगस्त से चल रही फिल्म की शूटिंग ‘प्रलय’ की शूटिंग मुंबई में अगस्त से शुरू हो चुकी है। फिल्म को सर्वाइवल और पोस्ट-एपोकैलिप्टिक थ्रिलर बताया गया है, जबकि हालिया रिपोर्टों में इसे जॉम्बी एक्शन थ्रिलर भी कहा गया है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। ‘धुरंधर’ के बाद रणवीर की नई चुनौती रणवीर सिंह हाल ही में ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ की सफलता के बाद अब ‘प्रलय’ में अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं। सेट से सामने आया लुक संकेत दे रहा है कि फिल्म में उनका किरदार काफी अलग और गंभीर हो सकता है। हालांकि, किरदार से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है। दूसरी बार पिता बनने की खबरों के बीच शूटिंग रणवीर सिंह की निजी जिंदगी भी इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। इसी बीच रणवीर ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। _________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर’ की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

4 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत 12-13 सितंबर को BRICS समिट की मेजबानी करने जा रहा है। समिट में कई देशों के नेता दिल्ली पहुंचेंगे। लेकिन पड़ोसी देश बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के के आने पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को खास मेहमान के तौर पर समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों में शेख हसीना का मुद्दा बड़ी अड़चन बना हुआ है। भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए भी न्योता दिया था। इसके जवाब में ढाका ने शर्त रखी कि पहले भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजा जाए। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

BRICS Summit Delhi | PM Modi Invite Tarique Rahman Controversy

20 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत 12-13 सितंबर को BRICS समिट की मेजबानी करने जा रहा है। समिट में कई देशों के नेता दिल्ली पहुंचेंगे। लेकिन पड़ोसी देश बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के के आने पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। बांग्लादेश BRICS का सदस्य नहीं है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को खास मेहमान के तौर पर समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता दिया है। हालांकि, दोनों देशों के रिश्तों में शेख हसीना का मुद्दा बड़ी अड़चन बना हुआ है। भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के लिए भी न्योता दिया था। इसके जवाब में ढाका ने शर्त रखी कि पहले भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजा जाए। तारिक की अगस्त में भारत यात्रा टली थी प्रधानमंत्री तारिक रहमान इससे पहले अगस्त में भारत दौरे पर आने वाले थे। लेकिन ढाका की शर्त थी कि भारत शेख हसीना को वापस भेजे। इसके बाद ही पीएम के भारत दौरे की तैयारियां आगे बढ़ेंगी। बांग्लादेशी अधिकारियों के मुताबिक, भारत की ओर से इस मुद्दे पर कुछ अच्छे संकेत मिले थे। लेकिन ढाका चाहता था कि भारत का रुख और स्पष्ट हो। तारिक के अगस्त के तीसरे हफ्ते में भारत आने की खबरें आई थीं। लेकिन स्पष्ट जवाब न मिलने की वजह से यह यात्रा टल गई थी। बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं। उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने के लिए मौत की सजा दी है। बाकी मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। ICT ने उन्हें 5 मामलों में आरोपी बनाया था। ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया था। इसी के चलते बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। इस पर भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के अनुरोध की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा कर रहा है। हसीना की दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तनाव बढ़ा दरअसल 5 अगस्त को शेख हसीना ने दिल्ली में वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और बांग्लादेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। इस पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। ढाका का कहना था कि भारत में रहते हुए हसीना का सार्वजनिक रूप से राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में भारत को पहले आगाह किया गया था लेकिन फिर भी भारत ने उन्हें यह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति दी। गौरतलब है कि भारत ने शेख हसीना का प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार कर दिया था। भारत ने कहा था कि उनका कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। BRICS क्या है? BRICS 11 प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक समूह है। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें शुरुआत में 4 देश थे, जिसे BRIC कहा जाता था। यह नाम 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने दिया था। भारत 2026 में BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही है। —————- यह खबर भी पढे़ं… जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

National Film Awards 2026 | Droupadi Murmu to Present in Ekta Nagar

National Film Awards 2026 | Droupadi Murmu to Present in Ekta Nagar

4 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में इस बार बदलाव होने जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह पहली बार नई दिल्ली से बाहर होगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) को चुना गया है। यहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 23 सितंबर के गुजरात दौरे के दौरान पुरस्कार प्रदान करने की संभावना है। नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 23 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा पहले ही हो चुकी है 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। ‘श्रीकांत’ बनी सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव की फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म चुना गया। ________________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड:कार्तिक आर्यन बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस, 72वें नेशनल अवॉर्ड का एलान फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गयाफिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

National Film Awards 2026 | Droupadi Murmu to Present in Ekta Nagar

National Film Awards 2026 | Droupadi Murmu to Present in Ekta Nagar

21 मिनट पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में इस बार बदलाव होने जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह पहली बार नई दिल्ली से बाहर होगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) को चुना गया है। यहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 23 सितंबर के गुजरात दौरे के दौरान पुरस्कार प्रदान करने की संभावना है। नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 23 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा पहले ही हो चुकी है 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। ‘श्रीकांत’ बनी सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव की फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म चुना गया। ________________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड:कार्तिक आर्यन बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस, 72वें नेशनल अवॉर्ड का एलान फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म ‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गयाफिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔