Thursday, 17 Sep 2026 | 10:25 PM

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ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा

ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ ने रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अहम बातचीत की। यह बातचीत रूस के साथ चल रहे युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए हुई। दोनों की यह कीव की पहली यात्रा थी। इससे एक दिन पहले उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। बैठक के बाद विटकॉफ ने कहा, हमने बहुत सार्थक और महत्वपूर्ण बातचीत की। यह काफी गंभीर चर्चा थी। हम इससे बहुत उत्साहित हैं और जब तक जरूरत होगी, बातचीत जारी रखेंगे। कुशनर ने कहा कि इस यात्रा से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को काफी कुछ सीखने को मिला है। उम्मीद है कि इससे शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के नए रास्ते मिलेंगे। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

आज का एक्सप्लेनर:ट्रम्प के दामाद, दोस्त से लेकर CIA डायरेक्टर तक, मॉस्को क्यों जा रहे; क्या रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने वाली है

आज का एक्सप्लेनर:ट्रम्प के दामाद, दोस्त से लेकर CIA डायरेक्टर तक, मॉस्को क्यों जा रहे; क्या रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने वाली है

25 अगस्त को अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुखिया जॉन रैटक्लिफ ने मॉस्को की सीक्रेट विजिट की। 10 दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के 2 भरोसेमंद दूत- जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी मॉस्को पहुंचे और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिले। आखिर अमेरिकी अधिकारी एक के बाद एक मॉस्को क्यों जा रहे, बंद कमरों में क्या बात हो रही और क्या रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने वाली है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बीते दिनों ट्रम्प के किन अधिकारियों ने रूस का दौरा किया? जवाब: पिछले 2 हफ्तों में ट्रम्प के 3 बड़े अधिकारी मॉस्को पहुंचे… जेरेड और स्टीव के दौरे से पहले रूस ने कीव पर 72 घंटे के लिए हमले रोकने का ऐलान किया था। यूक्रेन ने भी मॉस्को पर ड्रोन-मिसाइल हमले न करने की बात कही है। सवाल-2: CIA डायरेक्टर रास्ते बदल-बदलकर क्यों पहुंचे मॉस्को, हुआ क्या? जवाब: CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ का मॉस्को दौर काफी सीक्रेट रहा। वे सामान्य प्लेन से सीधे मॉस्को नहीं पहुंचे, बल्कि उन्होंने अमेरिकी एयरफोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट से सफर किया। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि रैटक्लिफ के C-17 ने अमेरिका के मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज से लातविया के रीगा के लिए उड़ान भरी। फिर वे 25 अगस्त को मॉस्को के व्नुकोवो एयरपोर्ट पहुंचे। सिर्फ 8 घंटे मॉस्को में रहे। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रैटक्लिफ ने रूसी इंटेलिजेंस SVR के मुखिया सर्गेई नारिश्किन और घरेलू सुरक्षा एजेंसी FSB के चीफ अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव से बात की। बाद में पुतिन को इसकी जानकारी दी गई। अमेरिकी न्यूज आउटलेट एक्सियोस, न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सूत्रों के हवाले से लिखा… सवाल-3: ट्रम्प के दामाद और दोस्त ने पुतिन से क्या बात की? जवाब: गाजा-इजराइल और रूस-यूक्रेन जंग को अमेरिका की ओर से ट्रम्प के 2 भरोसेमंद दूत संभाल रहे हैं। एक तो हैं- ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और दूसरे उनके 30 साल पुराने दोस्त स्टीव विटकॉफ हैं। जेरेड ट्रम्प की बेटी इवांका के पति और बिजनेसमैन हैं। वहीं स्टीव उनके रियल एस्टेट बिजनेस में पार्टनर हैं। जेरेड और स्टीव की जोड़ी मौजूदा डिप्लोमेसी की दुनिया में काफी मशहूर है। 5 सितंबर को ये जोड़ी मॉस्को पहुंची। एयरपोर्ट पर रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने उनकी अगवानी की। इसके बाद दोनों क्रेमलिन गए, जहां वे पुतिन से मिले। 3 घंटे 10 मिनट मीटिंग चली और फिर डिनर भी हुआ। रूसी राष्ट्रपति के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने इस मीटिंग को पॉजिटिव, भरोसेमंद और नतीजा देने वाली बताया। बैठक में आर्थिक मुद्दों और रूस-अमेरिका के जॉइंट प्रोजेक्ट्स पर भी बात हुई। जेरेड और स्टीव के दौरे से पहले ट्रम्प ने कहा था कि दोनों जंग खत्म करने का नया प्रस्ताव लेकर जा रहे हैं और यह अच्छा मौका है कि हम यह कर पाएं। लेकिन दिमित्री पेस्कोव ने मीटिंग में कोई नई बात या चर्चा होने से इनकार किया। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में बड़ी बैठकें हो सकती हैं, जिनके अच्छे नतीजे होंगे। सवाल-4: अगर ट्रम्प, पुतिन और जेलेंस्की साथ बैठे तो क्या बात हो सकती है? जवाब: ऐसी चर्चा पहली बार नहीं हो रही है कि ट्रम्प, पुतिन और जेलेंस्की बातचीत की मेज पर एक साथ आएं। पहले भी ट्रम्प और जेलेंस्की इसके लिए राजी थे, लेकिन पुतिन इसे टालते रहे। अब रैटक्लिफ ने फिर से ये पेशकश की है। ऐसे में अगर तीनों के बीच बैठक हुई तो 4 बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है… सवाल-5: तो क्या जल्द ही रूस-यूक्रेन जंग रुकने वाली है? जवाब: खुद ईरान जंग में उलझा अमेरिका 8 महीने बाद फिर से रूस-यूक्रेन जंग रोकने के लिए लामबंदी कर रहा है। जेरेड और स्टीव पहली बार कीव भी जा रहे हैं, जो अब तक सिर्फ मॉस्को जाते रहे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जंग खत्म हो सकती है। पिछले महीने जेलेंस्की ने उम्मीद जताई थी कि सितंबर में बहुत कुछ बदल सकता है। अमेरिकी और रूसी अधिकारियों ने भी संभावना जताई है कि आने वाले दिनों पर सकारात्मक नतीजे मिल सकते हैं। 4 एक्सपर्ट्स से जानिए… ******* रिसर्च सहयोग- आदित्य रवि ———– ये भी खबर पढ़िए… क्या बांग्लादेश मक्का पैक्ट में शामिल होकर सऊदी-पाक-तुर्किये के साथ लड़ेगा; भारत के तीन तरफ से घिरने का खतरा हाल ही में सऊदी, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच मक्का में एक डिफेंस एग्रीमेंट हुआ। इसमें NATO की तरह करार है कि तीनों में से किसी एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। अब इसमें कुछ और इस्लामिक देशों के शामिल होने की अटकलें लग रही हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम है भारत का पड़ोसी- बांग्लादेश। पूरी खबर पढ़िए…

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा को खाली कराने की योजना पर बोले- यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, शांति प्रयासों को खतरा

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा को खाली कराने की योजना पर बोले- यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, शांति प्रयासों को खतरा

8 मुस्लिम बहुल देशों ने रविवार को इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर के बयानों की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की योजना बनाने की बात कही थी। सऊदी अरब, जॉर्डन, UAE, तुर्किये, कतर, मिस्र, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि ऐसे बयान और भड़काऊ प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय कानून, खासकर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ये फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए सीधा खतरा हैं। मंत्रियों ने चेतावनी दी कि जबरन विस्थापन की मांग को आधिकारिक नीति या व्यवहारिक कदमों में बदलने के गंभीर नतीजे होंगे। उनके मुताबिक, इससे शांति कायम करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा खाली कराने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, कहा- इससे शांति को खतरा

8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा खाली कराने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, कहा- इससे शांति को खतरा

8 मुस्लिम बहुल देशों ने रविवार को इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर के बयानों की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की योजना बनाने की बात कही थी। सऊदी अरब, जॉर्डन, UAE, तुर्किये, कतर, मिस्र, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि ऐसे बयान और भड़काऊ प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ये फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए सीधा खतरा हैं। मंत्रियों ने चेतावनी दी कि अगर गाजा के लोगों को जबरन हटाया गया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। इससे शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है। काट्ज ने कहा था- अमेरिका तैयार हुआ तो गाजा खाली करा देंगे इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 2 सितंबर को कहा था कि अगर अमेरिका मंजूरी देता है तो हम गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकाल देंगे। उन्होंने आगे कहा अब इजराइल अमेरिका के फैसले का इंतजार कर रहा है कि इन लोगों को कहां भेजा जाएगा। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' कहा:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' कहा:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कनाडा के साथ चल रही व्यापार वार्ता को लेकर आलोचना की है। उन्होंने कनाडा की तुलना बड़े कुत्ते को परेशान करने वाले छोटे भौंकने वाले कुत्ते से की। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि कनाडा के साथ व्यापार युद्ध का अमेरिका की कीमतों पर असर बहुत मामूली होगा। उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर बेहतरीन व्यापार समझौते को ठुकराने का आरोप भी लगाया। दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच अगस्त में हुए तीन दिन की ट्रेड बातचीत के बाद डील नहीं हो पाई थी। पीएम मार्क कार्नी का कहना था कि अमेरिका ने आखिरी समय पर डील की शर्तें बदल दी थी। वहीं अमेरिका के हिसाब से उन्होंने अच्छा ऑफर दिया था। खबर लगातर अपडेट हो रही है…

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' बताया:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को 'छोटा भौंकने वाला कुत्ता' बताया:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में हुई बातचीत नाकाम रही थी

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कनाडा के रवैये की आलोचना की है। उन्होंने कनाडा की तुलना बड़े कुत्ते को परेशान करने वाले छोटे भौंकने वाले कुत्ते से की। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि कनाडा के साथ व्यापार युद्ध का अमेरिका की कीमतों पर असर बहुत मामूली होगा। उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर बेहतरीन व्यापार समझौते को ठुकराने का आरोप भी लगाया। दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच 19-21 अगस्त में हुए तीन दिन की ट्रेड बातचीत के बाद डील नहीं हो पाई थी। पीएम मार्क कार्नी का कहना था कि अमेरिका ने आखिरी समय पर डील की शर्तें बदल दी थी। वहीं अमेरिका ने कहा कि उन्होंने अच्छा ऑफर दिया था। फॉक्स न्यूज ने जब बेसेंट से पूछा कि अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापार विवाद का आगे क्या होगा, तो बेसेंट ने कहा, बेंसेट बोले- कनाडाई टैरिफ का अमेरिका पर कोई असर नहीं अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने ट्रेड वॉर से अमेरिका में कीमतें बढ़ने की आशंका को लेकर भी चिंता नहीं जताई। बेसेंट ने कहा, “मैं चाहता हूं कि कोई मुझे यह दिखाए कि कनाडा के टैरिफ का अमेरिकी कीमतों पर कोई महत्वपूर्ण सांख्यिकीय असर है। मैं इस मुद्दे पर किसी से भी बहस करने के लिए तैयार हूं।” बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ समय से उनका और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का एक-दूसरे पर बयान देने का सिलसिला जारी है। इससे पहले भी बेसेंट ने कार्नी पर आरोप लगाया था कि वे कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए क्या बेहतर है, इसके बजाय अपनी राजनीतिक छवि की ज्यादा चिंता करते हैं। ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता न होने के बाद 22 अगस्त से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया था। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। पीएम कार्नी ने इस टैरिफ को कनाडा पर हमला बताया। उन्होंने अमेरिका के साथ बढ़ते ट्रेड विवाद को लेकर कहा, “हम जंग में हैं, क्योंकि हम पर हमला हुआ है।” कनाडा के अमेरिका पर जवाबी टैरिफ अमेरिका के 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका के टैरिफ का डॉलर-फॉर-डॉलर जवाब देगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया। अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं, इसलिए टैरिफ बढ़ने का असर दोनों देशों के कारोबार और सामान की कीमतों पर पड़ने का अनुमान है। —————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदला:’लेक ओंटारियो’ अब ‘लेक अमेरिका’ कहलाएगा; कनाडा बोला- हम पुराना नाम ही बोलेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर साइन किया। पूरी खबर पढ़ें…

Kangana Ranaut Manali Janmashtami Bhog Controversy

Kangana Ranaut Manali Janmashtami Bhog Controversy

10 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने जन्माष्टमी पर मनाली स्थित अपने घर में भोग तैयार करने का वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद उनके वीडियो को शेयर करते हुए एक X यूजर ने सवाल उठाया था कि खाना बनाते समय उन्होंने गैस चलाई भी थी या नहीं। यूजर ने कहा कि कंगना जिस बर्तन का इस्तेमाल कर रही थीं, वह पहले से काला था। जिसके बाद कंगना ने इस टिप्पणी का जवाब दिया। कंगना ने लिखा, “यह हलवा नहीं, भोग है। इस डिश की कई चीजें अलग-अलग तैयार की जाती हैं। इसके बाद इस स्टेज पर सभी चीजों को मिलाया जाता है। फिर इसे जमने के लिए रखा जाता है और टुकड़ों में काटा जाता है।” कंगना रनोट का कमेंट। इसके बाद कंगना ने कहा, “उन लोगों से खाना बनाने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने माता-पिता और इस धरती पर बोझ हैं। तुम सिर्फ खाने पर ध्यान दो, खाना बनाने की चिंता मत करो।” कंगना अक्सर त्योहारों और खास मौकों पर अपने घर की जिंदगी की झलक शेयर करती हैं। जन्माष्टमी पर उन्होंने अपने फॉलोअर्स को मनाली स्थित घर में हुए जश्न और भोग तैयार करने की झलक दिखाई थी। कंगना ने अधिकारियों को डांट लगाई कल कंगना रनोट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को डांट लगाई थी। हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर कहा था कि यह एक मजाक बनकर रह गया है। उन्होंने बैठक में सभी BDO को खड़ा कर कहा कि मैं नेशनल मीडिया में इस बारे में कुछ बोल नहीं पा रही हूं। लोग रील बना रहे हैं। मुझे निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने कहा- सांसद का काम फंड देना है, उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा। इन्हें लागू करना जरूरी है। 11 करोड़ रुपए में से अभी आधी राशि का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। आप लोग यहां केवल सैलरी उठाने आ जाते हैं। हिमाचल के मंडी में कमेटी की मीटिंग लेती हुई सांसद कंगना। पढ़िए बैठक में और क्या बोलीं कंगना… हमने अब तक क्या किया, टाइम वेस्ट क्यों कंगना ने कहा, ‘मीटिंग में जो भी बातें होती हैं, उन पर हमने अब तक क्या किया है। उसकी प्रोग्रेस भी होनी चाहिए। क्यों टाइम वेस्ट किया जा रहा है? कोई फॉर्मेलिटी है क्या ये? पिछली बार जो कहा था, इस बार भी वही कह रहे हैं। मैं ये पैटर्न हर चीज में, हर डिपार्टमेंट में देख रही हूं। पिछली बार मैंने कहा था आप लोगों से कि जो हम बात करते हैं, वो आगे बढ़नी चाहिए। हम वहीं रुककर नहीं रह सकते।’ इसे लागू कर रहे या सिर्फ सजेशन दे रहे कंगना ने कहा- ऐसा लगता है कि हम संकट की ओर जा रहे हैं। आप लोगों को किसी भी विषय पर मेरा सजेशन चाहिए? आपको इसे लागू करना होगा, ताकि हम अगले चरण पर जा सकें और यह देख सकें कि इसे लागू करने के बाद हमारे सामने क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। क्या हम सिर्फ सजेशन दे रहे हैं, जिनमें केवल आइडिया हैं और कोई प्रैक्टिकेलिटी और ग्राउंड नहीं है? हम ये कैसे एक्सेप्ट करेंगे? हम ये कैसे पता लगाएंगे, जब तक हम अगले चरण पर नहीं बढ़ते। मंडी की सांसद कंगना रनोट जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक करते हुए। पूरे देश की नजर मंडी पर, सभी BDO खड़े हो जाएं कंगना ने कहा- पूरे देश की नजर मंडी पार्लियामेंट की परफॉर्मेंस पर है। हमें इतनी मीडिया रिपोर्ट आती हैं। ये सारे डिपार्टमेंट में जो घोटाला चलता है, एक के बाद एक…यह स्वीकार्य नहीं है। पूरे देश में हम मजाक बनकर रह गए हैं। बीडीओ कौन-कौन है? सभी खड़े हो जाएं। जो भी एमपी लैड की पुअर परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार है, सभी खड़े हो। मुझे निठल्ली कह रहे, क्या जवाब दूं कंगना ने कहा- सारे देश में ये खबर चल रही है कि कंगना ने 11 करोड़ दिए हैं और काम एक भी नहीं हुआ। इतनी निठल्ली है, इतनी निकृष्ट है। क्या बोलूं मैं वहां मीडिया के सामने कि यहां पर ये सिर्फ तनख्वाह खाने के लिए आते हैं? हमारे प्रदेश के लोगों के बारे में क्या बोलूं मैं? पिछले महीने कंगना और रामदेव का विवाद चर्चा में रहा पिछले महीने कंगना रनोट और गुरु बाबा रामदेव के बीच का विवाद भी चर्चा में रहा था। दोनों के बीच बयानबाजी हुई थी और दोनों ने एक-दूसरे पर निजी टिप्पणियां भी कीं। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच सुलह हो गई। विवाद की शुरुआत कंगना के एक बयान से हुई थी। दरअसल, नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान युवाओं की भाषा और जीवनशैली को लेकर कंगना ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। कंगना के इस बयान पर बाबा रामदेव से न्यूज चैनल टीवी 9 भारतवर्ष को दिए इंटरव्यू में सवाल किया गया। जिस पर रामदेव ने कंगना के बयान की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटर’ कहना गलत है। उन्होंने इसे बिगड़े दिमाग की निशानी बताया। इसके साथ ही रामदेव ने कंगना के बचपन और जवानी का भी जिक्र किया। उनके इस बयान से विवाद और बढ़ गया। बाबा रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। कंगना ने लिखा कि उन्हें उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में दिन में सपने नहीं देखने चाहिए। कंगना ने इस दौरान पतंजलि से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों और दवाओं से जुड़े दावों पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया था। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा:50 हजार फीट ऊपर तक पहुंची राख, 301 उड़ानें प्रभावित, कई यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा:50 हजार फीट ऊपर तक पहुंची राख, 301 उड़ानें प्रभावित, कई यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ में रविवार को जोरदार विस्फोट हुआ। ज्वालामुखी से निकली राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गई। इससे जावा और सुमात्रा के कई इलाकों में हवाई यात्रा प्रभावित हुई। जकार्ता के मुख्य सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोकनी पड़ीं। एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, इससे 301 उड़ानें प्रभावित हुईं। इनमें 58 इंटरनेशनल फ्लाइट थीं। कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। राख के कारण रनवे पर उड़ानें रोकनी पड़ीं ज्वालामुखी की राख हवा के साथ उड़कर एयरपोर्ट तक पहुंच गई थी। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। सिंगापुर एयरलाइंस ने रविवार की जकार्ता आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दीं। एयरएशिया ने भी कई उड़ानें रद्द या री-शेड्यूल कीं। गरुड़ इंडोनेशिया ने यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति और आधिकारिक डिजिटल चैनल चेक करने को कहा। लोगों को सावधान रहने की सलाह ज्वालामुखी की राख आसपास के इलाकों में भी फैल गई। ज्वालामुखी फटने के बाद कई लोगों की आंखों में जलन भी हुई। राख के कारण मछुआरों ने भी समुद्र में जाना और मछली पकड़ना बंद कर दिया। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने लोगों से सावधान रहने को कहा है। लोगों को मास्क और आंखों पर चश्मा लगाने की सलाह दी गई है। इंडोनेशिया के 5 ज्वालामुखी अलर्ट लेवल-3 पर अनाक क्राकाटोआ में शुक्रवार देर रात से लगातार विस्फोट हो रहे हैं। यह 2 जुलाई से अलर्ट लेवल-3 पर है। इंडोनेशिया में यह दूसरा सबसे ऊंचा अलर्ट स्तर है। इसके अलावा माउंट सेमेरू, माउंट मेरापी, लेवोटोबी लाकी-लाकी और सिनाबुंग भी अलर्ट लेवल-3 पर हैं। रविवार को माउंट सेमेरू में भी विस्फोट हुआ। इससे ज्वालामुखी की चोटी से करीब 1 किलोमीटर ऊपर तक राख का गुबार पहुंच गया। ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी PVMBG ने लोगों को इसके क्रेटर से कम से कम 5 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने गर्म राख और लावा के बहाव को लेकर भी चेतावनी दी है। अभी सुनामी का खतरा नहीं अधिकारियों के मुताबिक, अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं है। यह ज्वालामुखी उस जगह के पास बना है, जहां कभी क्राकाटोआ नाम का ज्वालामुखी था। 1883 में क्राकाटोआ में हुए भीषण विस्फोट के बाद सुनामी आई थी। इसमें 36 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 2018 में अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से भी सुनामी आई थी। इसमें जावा और सुमात्रा द्वीपों पर 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा:50 हजार फीट ऊपर तक पहुंची राख, 301 उड़ानें प्रभावित, कई यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा:50 हजार फीट ऊपर तक पहुंची राख, 301 उड़ानें प्रभावित, कई यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ में रविवार को जोरदार विस्फोट हुआ। ज्वालामुखी से निकली राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गई। इससे जावा और सुमात्रा के कई इलाकों में हवाई यात्रा प्रभावित हुई। जकार्ता के मुख्य सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोकनी पड़ीं। एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, इससे 301 उड़ानें प्रभावित हुईं। इनमें 58 इंटरनेशनल फ्लाइट थीं। कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। राख के कारण रनवे पर उड़ानें रोकनी पड़ीं ज्वालामुखी की राख हवा के साथ उड़कर एयरपोर्ट तक पहुंच गई थी। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। सिंगापुर एयरलाइंस ने रविवार की जकार्ता आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दीं। एयरएशिया ने भी कई उड़ानें रद्द या री-शेड्यूल कीं। गरुड़ इंडोनेशिया ने यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति और आधिकारिक डिजिटल चैनल चेक करने को कहा। लोगों को सावधान रहने की सलाह ज्वालामुखी की राख आसपास के इलाकों में भी फैल गई। ज्वालामुखी फटने के बाद कई लोगों की आंखों में जलन भी हुई। राख के कारण मछुआरों ने भी समुद्र में जाना और मछली पकड़ना बंद कर दिया। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने लोगों से सावधान रहने को कहा है। लोगों को मास्क और आंखों पर चश्मा लगाने की सलाह दी गई है। इंडोनेशिया के 5 ज्वालामुखी अलर्ट लेवल-3 पर अनाक क्राकाटोआ में शुक्रवार देर रात से लगातार विस्फोट हो रहे हैं। यह 2 जुलाई से अलर्ट लेवल-3 पर है। इंडोनेशिया में यह दूसरा सबसे ऊंचा अलर्ट स्तर है। इसके अलावा माउंट सेमेरू, माउंट मेरापी, लेवोटोबी लाकी-लाकी और सिनाबुंग भी अलर्ट लेवल-3 पर हैं। रविवार को माउंट सेमेरू में भी विस्फोट हुआ। इससे ज्वालामुखी की चोटी से करीब 1 किलोमीटर ऊपर तक राख का गुबार पहुंच गया। ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी PVMBG ने लोगों को इसके क्रेटर से कम से कम 5 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने गर्म राख और लावा के बहाव को लेकर भी चेतावनी दी है। अभी सुनामी का खतरा नहीं अधिकारियों के मुताबिक, अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं है। यह ज्वालामुखी उस जगह के पास बना है, जहां कभी क्राकाटोआ नाम का ज्वालामुखी था। 1883 में क्राकाटोआ में हुए भीषण विस्फोट के बाद सुनामी आई थी। इसमें 36 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 2018 में अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से भी सुनामी आई थी। इसमें जावा और सुमात्रा द्वीपों पर 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

‘किंग’ का फाइनल कट लॉक नहीं:शूटिंग खत्म, लेकिन म्यूजिक-वीएफएक्स में काम अभी बाकी

‘किंग’ का फाइनल कट लॉक नहीं:शूटिंग खत्म, लेकिन म्यूजिक-वीएफएक्स में काम अभी बाकी

शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन फिल्म का फाइनल कट अभी लॉक नहीं हुआ है। फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एडिटिंग के साथ म्यूजिक, बैकग्राउंड स्कोर, साउंड डिजाइन और वीएफएक्स का काम अभी जारी है। बड़े स्तर की एक्शन फिल्म में शूटिंग खत्म होने के बाद एडिटिंग टेबल पर कई अहम फैसले लिए जाते हैं। इसमें तय होता है कि कौन-सा सीन कितना लंबा रहेगा, किस शॉट पर कट होगा और एक्शन सीक्वेंस की रफ्तार कैसी रखी जाएगी। ‘किंग’ के कुछ प्रमुख सीक्वेंस की फाइनल लेंथ पर अभी काम चल रहा है। म्यूजिक लॉक नहीं, नए गानों की शूटिंग बाकी फिल्म के म्यूजिक पर भी अभी काम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग धुनों और ट्रैक पर काम किया जा रहा है और फिल्म के सभी गाने अभी फाइनल नहीं हुए हैं। अब तक फिल्म की घोषणा के दौरान इस्तेमाल की गई थीम ट्यून ही सार्वजनिक तौर पर सामने आई है। नए गानों की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। पहली नजर में यह प्रोडक्शन में देरी लग सकती है, लेकिन बड़े बजट की फिल्मों में ऐसा क्रिएटिव वजहों से भी किया जाता है। गाना शूट करने से पहले कहानी पर फोकस बॉलीवुड में बड़े गानों की शूटिंग कई बार फिल्म की मुख्य कहानी के हिस्सों के बाद की जाती है। इसके बाद एडिटिंग टेबल पर फिल्म की असली रफ्तार और मूड सामने आता है। इससे यह तय करना आसान होता है कि गाना कहानी में कहां फिट होगा और उसका ट्रीटमेंट कैसा रखा जाए। अगर किसी हिस्से में इमोशनल असर बढ़ाने की जरूरत है तो गाने का म्यूजिक और विजुअल उसी हिसाब से तैयार किया जा सकता है। विजुअल्स पर काम अभी बाकी ‘किंग’ जैसी एक्शन-हैवी और इंटरनेशनल लोकेशन वाली फिल्म में वीएफएक्स का काम सिर्फ पोस्ट-प्रोडक्शन के आखिरी चरण में नहीं होता। शूटिंग के दौरान ही यह तय किया जाता है कि स्क्रीन पर क्या वास्तविक दिखेगा और किस हिस्से को डिजिटल तरीके से तैयार या बदला जाएगा। सेट का विस्तार, बैकग्राउंड बदलना, माहौल को बेहतर दिखाना, भीड़ बढ़ाना, गाड़ियों में डिजिटल बदलाव करना और दूसरे विजुअल सुधार जैसे काम वीएफएक्स का हिस्सा हो सकते हैं। एक्शन का फाइनल असर एडिटिंग और साउंड से बनेगा ‘किंग’ का फाइनल टोन और रफ्तार काफी हद तक एडिटिंग टेबल पर तय होगी। शाहरुख खान के एक्शन सीक्वेंस, अभिषेक बच्चन से जुड़े अहम नैरेटिव मोमेंट्स और दीपिका पादुकोण से जुड़े फ्लैशबैक को किस क्रम में रखा जाएगा, इसका सीधा असर फिल्म के सस्पेंस, इमोशनल इम्पैक्ट और पेसिंग पर पड़ेगा। यही वजह है कि सिर्फ शूट किए गए फुटेज के आधार पर किसी कलाकार के स्क्रीन टाइम का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।