Saturday, 07 Nov 2026 | 10:34 PM

Trending :

IIT रोपड़ ने बिना थीसिस वाला PhD प्रोग्राम लॉन्च किया:अब अपना स्टार्टअप मॉडल दिखाकर सीधे ले सकेंगे डिग्री

IIT रोपड़ ने बिना थीसिस वाला PhD प्रोग्राम लॉन्च किया:अब अपना स्टार्टअप मॉडल दिखाकर सीधे ले सकेंगे डिग्री

IIT रोपड़, पंजाब ने PhD स्टूडेंट्स के लिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमें स्टूडेंट्स को अब सालों तक लंबी थीसिस लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इसके बजाय एक अपने ही प्रोडक्ट को बेचकर, उसका प्राफिट इंस्टीट्यूट को दिखाकर डिग्री हासिल कर सकते हैं। IIT रोपड़ इस नए तरीके को अपनाने वाला देश का पहला IIT बन गया है। प्रोडक्ट/स्टार्टअप-ड्रिवन PhD IIT रोपड़ ने ‘प्रोडक्ट/स्टार्टअप-ड्रिवन PhD’ पाथवे की शुरुआत की है, यानी एक ऐसा मॉडल जिससे रिसर्च स्कॉलर्स को PhD की डिग्री हासिल करने के लिए सालों-साल बैठकर 200-300 पन्नों की लंबी और भारी-भरकम थीसिस लिखने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय स्टूडेंट्स इंडस्ट्रीज में होने वाले रोज के चैलेंजस से कैसे डील करते हैं और उसके लिए किस तरह का बिजनेस मॉडल या कहें स्टार्ट-अप खड़ा करते हैं उसके बेसिस पर उन्हें PhD की डिग्री मिल सकेगी। ये किसी भी IIT का अपने तरह का पहला और अनोख प्रोग्राम है। क्या होता है स्टार्टअप-ड्रिवन इस नए मॉडल में कोई भी रिसर्चर को रिसर्च से उपयोगी प्रोडक्ट बनाने, पेटेंट हासिल करने या स्टार्टअप शुरू करने पर फोकस कर सकता है। इस स्टार्टअप-ड्रिवन का उद्देश्य रिसर्च को उद्योग और समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना है। जिससे असल में कोई बदलाव हो सके। अगर हम इसे एक उदाहरण से समझें तो, सप्लाई चेन की बर्बादी से कैसे बचा जाए। दरअसल दवा और फूड इंडस्ट्री में सामान के खराब होने या नकली प्रोडक्ट बाजार में आने से हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता था। वहीं टेंपरेचर में जरा सा बदलाव होने पर दवाएं बेकार हो जाती थीं। ऐसे में इन दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए इन कंपनियों ने IoT (Internet of Things) सेंसर्स और ब्लॉकचेन का इस्तेमाल किया। जिससे दवाओं की लाइव ट्रैकिंग हो सकी। जिससे कंपनियों को सामान का टेंपरेचर, उसकी ट्रेकिंग की सही जानकारी मिल सकी। मानसिक दबाव को खत्म करेगा नया मॉडल IIT रोपड़ के प्रोफेसर के मुताबिक पुराने रिसर्च पेपर को पब्लिश करने का भारी दाबाव होता है, जिसमें कई बार डेटा में बदलाव या चोरी जैसे मामले भी सामने आते है। नया मॉडल इस मानसिक दबाव को खत्म करेगा और स्टूडेंट्स कुछ नया बनाने के लिए भी प्रेरित करेगा। चीनी मॉडल से सीख, BITS पिलानी में भी ऐसा मॉडल चीन ने फरवरी 2026 में इसी मॉडल पर एक सिविल इंजीनियरिंग स्कॉलर को बिना थीसिस लिखे, ब्रिज-पाइलन (पुल के खंभे का नया डिजाइन) का प्रैक्टिकल प्रोडक्ट बनाने पर PhD की डिग्री दी थी। हालांकि ये डिग्री किसी खास परस्थिति में दी गई थी। भारत में ऐसा ही प्रोग्राम (WHILSP) BITS पिलानी में चलाया जा रहा है। ये नया मॉडल न सिर्फ भारत के रिसर्च कल्चर को बदलेगा, बल्कि हजारों स्कॉलर्स को सिर्फ मोटी-मोटी थीसिस लिखने की बजाय देश के लिए नए रोजगार और टेक्नोलॉजी बनाने के लिए भी प्रेरित करेगा। PhD 3 से 6 साल तक की हो सकती है PhD किसी भी सबजेक्ट में शिक्षा की सर्वोच्च डिग्री है। इPhD करने का मुख्य उद्देश्य किसी खास विषय में गहराई से रिसर्च करना और उस क्षेत्र में नया ज्ञान या समाधान जोड़ना होता है। भारत में UGC यानी, यूनियन ग्रांट कमीशन के मुताबिक, PhD न्यूनतम 3 साल का होता है और ये अधिकतम 6 साल तक का हो सकता है। 3 साल में कोर्स वर्क शामिल होता है। 1 साल के बाद थीसिस लिखे जाते हैं। —————————— ये खबर भी पढ़ें.. CBSE स्कूलों में AI की पढ़ाई:कक्षा 3 से 8 तक नया कोर्स लागू; 9वीं से 12वीं के लिए 20 घंटे का मॉड्यूल लॉन्च केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए इस साल से कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और AI का नया कोर्स लागू किया है। पूरी खबर पढ़ें..

Katrina Kaif Statement on Body Shaming

Katrina Kaif Statement on Body Shaming

17 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस कटरीना कैफ ने मां बनने के बाद उनके शारीरिक बदलावों और वजन को लेकर हो रही ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है। मैगजीन वोग इंडिया को दिए इंटरव्यू में कटरीना ने महिलाओं पर प्रेग्नेंसी के तुरंत बाद पुराने लुक में लौटने के सामाजिक दबाव पर सवाल उठाए हैं। कटरीना ने कहा कि वे जिंदगी के इस खूबसूरत दौर का आनंद ले रही हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से फिटनेस हासिल करेंगी। कटरीना पति विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में शामिल हुई थीं, बढ़े हुए वजन के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। उनकी तस्वीरों की तुलना की जाने लगी थी। ‘बाउंस बैक’ शब्द पर कटरीना ने उठाए सवाल कटरीना ने महिलाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द बाउंस बैक (पुराने शेप में लौटना) को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “बाउंस बैक कहां से? मैंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़कर वह हासिल किया है, जिसकी मुझे लंबे समय से चाहत थी। फिर मैं पीछे क्यों जाना चाहूंगी?” कटरीना ने बताया कि बेटे विहान के जन्म के शुरुआती दिनों में उसे देखना एक अलग अहसास था, जिसने उनके और विक्की के 4 साल के लंबे इंतजार और संघर्ष को पूरा कर दिया। यूके में अपने कॉस्मेटिक ब्रांड के कार्यक्रम में भी कटरीना ने ट्रोलिंग पर जवाब दिया था। कठोर नजरिए से देखना लोगों की निजी पसंद सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग पर बात करते हुए कटरीना ने कहा कि आज का समाज में हर कोई जानता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में क्या बदलाव आते हैं। इसके बावजूद अगर लोग उस शरीर को बुरे नजरिए से देखना चाहते हैं, तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। इसे जानकारी की कमी नहीं कहा जा सकता क्योंकि अब इंटरनेट पर सब जानकारी उपलब्ध है। अपनी रफ्तार से हासिल करूंगी फिटनेस लक्ष्य कटरीना ने साफ किया कि वे अपनी फिटनेस को लेकर जागरूक हैं और जानती हैं कि उनका शरीर किस स्तर पर सबसे अच्छा महसूस करता है। वे बिना किसी दबाव के अपनी गति से उस फिटनेस गोल तक पहुंचेंगी। इंटरव्यू में साल 1990 की मशहूर किताब ‘द ब्यूटी मिथ’ का भी जिक्र किया गया, जिसमें बताया गया था कि कैसे समाज में महिलाओं के स्वाभाविक बदलावों और प्रेग्नेंसी के बाद के शारीरिक स्वरूप को गलत नजरिए से देखा जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन कटरीना कैफ अपने पति विक्की कौशल के साथ मुंबई में अंबानी परिवार के आवास ‘एंटीलिया’ के उत्सव में शामिल हुई थीं। अंबानी परिवार के गणेशोत्सव से शुरू हुई थी ट्रोलिंग कटरीना कैफ और विक्की कौशल 14 सितंबर को अंबानी परिवार के गणेश उत्सव कार्यक्रम में पहुंचे थे। मां बनने के बाद कटरीना की यह पहली बड़ी पब्लिक अपीयरेंस थी। कार्यक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी पुरानी और नई तस्वीरों के कोलाज बनाकर तुलना करनी शुरू कर दी थी। कई यूजर्स ने बढ़ते वजन को लेकर कटरीना को ट्रोल करने की कोशिश की, जिसके बाद कई महिलाओं और फैंस ने बॉडी शेमिंग का विरोध करते हुए कटरीना का समर्थन किया था। कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के थे सलमान टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में ट्रोलर्स पर जमकर भड़के थे। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि कटरीना को ट्रोल किया गया। उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। सलमान ने फिटनेस को ट्रोल करने वाले को जवाब देते हुए जैकेट और टी-शर्ट उतारकर अपने एब्स दिखाए। नवंबर 2025 में दिया बेटे को जन्म कटरीना कैफ ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, ‘हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की।’ अब तक कपल ने बेटे की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है। ये खबर भी पढ़ें मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

एक्टर प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ के टीजर को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। चंद्र कुमार बोस ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के टीजर को हटाने और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग करते हुए टीजर में सुधार करने की अपील की है। सूचना-प्रसारण मंत्री को खत लिखकर जताई आपत्ति मंगलवार को चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए पत्र की कॉपी साझा की। पत्र में उन्होंने टीजर के उस सीन पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एडॉल्फ हिटलर से बातचीत करते हुए और प्रभास के काल्पनिक किरदार ‘फौजी’ का परिचय कराते दिखाया गया है। टीजर की आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इसमें नेताजी और हिटलर को एक काल्पनिक किरदार की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रीय प्रतीक और स्वतंत्रता सेनानियों के मामूली चित्रण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सेंसर बोर्ड (CBFC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने संवेदनशील और आपत्तिजनक कंटेंट को पास कैसे कर दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले की जांच कराने, टीजर को तुरंत हटवाने और सेंसर बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील, मेकर्स को दी सलाह चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि फिल्म के टीजर को वापस लेकर, उसमें जरूरी सुधार के बाद ही दोबारा जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के सम्मान से जुड़ी चिंताओं का समाधान कर दिया जाता है, तो उनकी ओर से अभिनेता प्रभास और ‘फौजी’ की पूरी टीम को शुभकामनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी मामले की गंभीरता को समझेंगे। प्रभास के जन्मदिन पर जारी हुआ था ‘फाइल नंबर 25’ टीजर 23 अक्टूबर को अभिनेता प्रभास के 47वें जन्मदिन पर फिल्म ‘फौजी’ के मेकर्स ने ‘फाइल नंबर 25’ नाम से एक वीडियो टीजर जारी किया था। 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस क्लिप में दिखाया गया है कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन मांगने हिटलर से मिलते हैं। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। हालांकि, विवाद गहराने के बावजूद फिल्म के मेकर्स और निर्देशक हनु राघवपुडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें

प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

एक्टर प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ के टीजर को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। चंद्र कुमार बोस ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के टीजर को हटाने और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग करते हुए टीजर में सुधार करने की अपील की है। सूचना-प्रसारण मंत्री को खत लिखकर जताई आपत्ति मंगलवार को चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए पत्र की कॉपी साझा की। पत्र में उन्होंने टीजर के उस सीन पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एडॉल्फ हिटलर से बातचीत करते हुए और प्रभास के काल्पनिक किरदार ‘फौजी’ का परिचय कराते दिखाया गया है। टीजर की आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इसमें नेताजी और हिटलर को एक काल्पनिक किरदार की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रीय प्रतीक और स्वतंत्रता सेनानियों के मामूली चित्रण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सेंसर बोर्ड (CBFC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने संवेदनशील और आपत्तिजनक कंटेंट को पास कैसे कर दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले की जांच कराने, टीजर को तुरंत हटवाने और सेंसर बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील, मेकर्स को दी सलाह चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि फिल्म के टीजर को वापस लेकर, उसमें जरूरी सुधार के बाद ही दोबारा जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के सम्मान से जुड़ी चिंताओं का समाधान कर दिया जाता है, तो उनकी ओर से अभिनेता प्रभास और ‘फौजी’ की पूरी टीम को शुभकामनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी मामले की गंभीरता को समझेंगे। प्रभास के जन्मदिन पर जारी हुआ था ‘फाइल नंबर 25’ टीजर 23 अक्टूबर को अभिनेता प्रभास के 47वें जन्मदिन पर फिल्म ‘फौजी’ के मेकर्स ने ‘फाइल नंबर 25’ नाम से एक वीडियो टीजर जारी किया था। 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस क्लिप में दिखाया गया है कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन मांगने हिटलर से मिलते हैं। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। हालांकि, विवाद गहराने के बावजूद फिल्म के मेकर्स और निर्देशक हनु राघवपुडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें

फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कार्तिक आर्यन निभाएंगे लीड रोल:विवेक अग्निहोत्री करेंगे डायरेक्ट; पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी कहानी

फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कार्तिक आर्यन निभाएंगे लीड रोल:विवेक अग्निहोत्री करेंगे डायरेक्ट; पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी कहानी

एक्टर कार्तिक आर्यन डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में लीड रोल निभाएंगे। वैरायटी इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ‘टाइनी’ ढिल्लों की किताब ‘ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान’ पर आधारित होगी। विवेक अग्निहोत्री ने मार्च में सोशल मीडिया पर इस फिल्म का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि फिल्म की कहानी पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी। इसके लिए भारतीय सेना की अलग-अलग टीमों के साथ मिलकर रिसर्च की गई है। विवेक के मुताबिक, फिल्म में उस सैन्य अभियान की कहानी दिखाई जाएगी, जिसका असर पूरे इलाके की सुरक्षा पर पड़ा। फिल्म में असली घटनाओं को तथ्यों के साथ दिखाने की कोशिश की जाएगी। फिल्म को लेकर भूषण कुमार ने कहा था कि यह कहानी खुद सामने आई है और इसे जिम्मेदारी के साथ दिखाना जरूरी है। उन्होंने इसे देश की एक अहम घटना को दर्ज करने की कोशिश बताया। टी-सीरीज और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस करेंगे निर्माण फिल्म का निर्माण भूषण कुमार की टी-सीरीज और विवेक अग्निहोत्री के बैनर आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस मिलकर करेंगे। यह पहली बार है, जब विवेक अग्निहोत्री और कार्तिक आर्यन किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। विवेक इससे पहले ‘द ताशकंद फाइल्स’, ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘द वैक्सीन वॉर’ और ‘द बंगाल फाइल्स’ जैसी फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर का मकसद हमले के जिम्मेदार आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। इन फिल्मों में भी नजर आएंगे कार्तिक कार्तिक इन दिनों शिमित अमीन की फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ की शूटिंग कर रहे हैं। यमन में हूती संघर्ष की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर काम शुरू करेंगे। कार्तिक की अगली फिल्म ‘नागजिला’ 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। करण जौहर और महावीर जैन के निर्माण में बन रही इस फिल्म का निर्देशन मृगदीप सिंह लांबा कर रहे हैं। इससे प्रीति मुखुंदन हिंदी फिल्मों में डेब्यू करेंगी। इसके अलावा, अनुराग बसु के निर्देशन में बन रही कार्तिक और श्रीलीला की अनटाइटल्ड म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म 30 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी। इस फिल्म के निर्माता भूषण कुमार हैं। कार्तिक, कबीर खान के साथ एक अनटाइटल्ड बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा में भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म कश्मीर की युवा खिलाड़ी तजामुल इस्लाम की जिंदगी से प्रेरित है, जो दो बार किकबॉक्सिंग में विश्व चैंपियन बन चुकी हैं। फिल्म का सह-निर्माण अप्लॉज एंटरटेनमेंट और कार्तिक आर्यन करेंगे। इसके अलावा, कार्तिक के पास अनीस बज्मी की ‘भूल भुलैया 4’ और करण जौहर की ‘कालिया’ भी हैं।

‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म’:CID के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर 'ACP प्रद्युम्न' हुए इमोशनल, बोले- उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था

‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म’:CID के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर 'ACP प्रद्युम्न' हुए इमोशनल, बोले- उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था

CID में ACP प्रद्युम्न का किरदार निभाने वाले एक्टर शिवाजी साटम ने शो के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर दुख जताया। बीपी सिंह का मंगलवार को हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया। शिवाजी साटम ने उन्हें अपना मेंटर, दोस्त और शिक्षक बताया। उन्होंने कहा कि बीपी सिंह के निधन के बाद उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया। CID में दया का किरदार निभाने वाले दयानंद शेट्टी और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी बीपी सिंह को श्रद्धांजलि दी। शिवाजी साटम ने वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया। वह महान इंसान और अच्छे दोस्त थे। मैंने उनसे सब कुछ सीखा। मैं थिएटर से आया था और स्टेज पर एक्टिंग करना जानता था। लेकिन बीपी सिंह ने मुझे कैमरे के सामने एक्टिंग करना सिखाया। साटम ने बताया कि CID की टीम ने एक ही टेक में 111 मिनट लंबा एपिसोड शूट कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने कहा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद सिंह लगातार काम करते रहे। हार्ट सर्जरी के सिर्फ तीन महीने बाद वह जंगल में कैमरा लेकर चेज सीक्वेंस शूट कर रहे थे। साटम ने बताया कि दूसरी सर्जरी के छह-सात महीने बाद सिंह ने 111 मिनट का सिंगल-शॉट एपिसोड तैयार किया। उन्होंने कैमरामैन नितिन राव को पूरे शूट के दौरान मार्गदर्शन दिया था। बता दें कि इस उपलब्धि को ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया था। शिवाजी साटम ने भारतीय टेलीविजन में बीपी सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा, “उन जैसे इंसान को पद्मश्री मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें इसकी कभी परवाह नहीं रही। वह कहते थे, ‘छोड़ो, इससे क्या फर्क पड़ता है? हमारे दर्शक हमारे साथ हैं, है ना?’ आज भी दर्शक हमारे साथ हैं। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।” दयानंद शेट्टी ने भी दी श्रद्धांजलि दयानंद शेट्टी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बीपी सिंह को याद किया। शेट्टी ने कहा, “बीपी सिंह जी की जिंदगी में कंटेंट बनाने के अलावा कुछ और नहीं था। वह अपने काम के लिए समर्पित थे और उनमें बहुत जुनून था।” उन्होंने कहा, “वह हमारे सबसे अच्छे कैमरामैन में से एक थे। वह काफी समय से बीमार थे और मंगलवार सुबह नहीं उठे।” शेट्टी ने बताया कि सिंह का निधन उम्र से जुड़ी वजहों के कारण हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सिंह लंबे समय से अस्वस्थ थे। देहरादून में हुआ था जन्म, 1998 में शुरू किया था ‘सीआईडी’ बीपी सिंह का जन्म 1949 में देहरादून में हुआ था। उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से पढ़ाई की। साल 1973 में उन्होंने दूरदर्शन में न्यूज कैमरामैन के तौर पर करियर शुरू किया। करीब 10 साल तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई आ गए। उन्होंने दूरदर्शन के लिए मर्डर मिस्ट्री फिल्म ‘सिर्फ चार दिन’ बनाई। इस दौरान पुलिस की क्राइम ब्रांच में उनकी दिलचस्पी बढ़ी। बाद में उन्होंने ‘एक शून्य शून्य’ और कई मराठी सीरियल भी बनाए। साल 1995 में उनका हॉरर शो ‘आहट’ प्रसारित होना शुरू हुआ। शुरुआत में यह सस्पेंस पर आधारित था, लेकिन बाद में इसमें भूत-प्रेत की कहानियां भी दिखाई जाने लगीं। साल 1998 में उन्होंने ‘सीआईडी’ की शुरुआत की। इस शो में बीपी सिंह ने केवल निर्माण और निर्देशन ही नहीं किया, बल्कि समय-समय पर डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। साल 2010 में उनके शो की ओर से ‘सीआईडी गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी की गई थी। उन्होंने ‘गुटुर गू’, ‘रात होने को है’, ‘सूर्या द सुपर कॉप’ और ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपरविलेन्स’ जैसे शो भी बनाए। साथ ही, वेब सीरीज ‘अभय’ को भी प्रोड्यूस किया था। बैंक से लोन मिला, उसी पैसे से बनाया CID का पायलट एपिसोड शो CID बनाने वाले बीपी सिंह का सफर आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें कई साल तक काम नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। देवांग भट्ट को दिए इंटरव्यू में बीपी सिंह ने अपने संघर्ष, CID की शुरुआत और शो के कलाकारों से जुड़े कई दिलचस्प किस्से सुनाए थे। बीपी सिंह ने बताया था कि उनके करियर में सफलता और मुश्किलें, दोनों आईं। उनका एक मराठी सीरियल काफी हिट हुआ था, लेकिन 31 एपिसोड के बाद वह बंद हो गया। इसके बाद करीब चार-पांच साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। जब बैंक से मिला 40 लाख रुपए का लोन बीपी सिंह ने इंटरव्यू में एक दिलचस्प किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया था कि एक दिन उनके घर पर सिटी बैंक का एक कर्मचारी आया। उसने कहा कि बैंक उन्हें लोन देना चाहता है। दरअसल, बीपी सिंह ने पहले कार लोन लिया था और उसकी सभी किस्तें समय पर चुकाई थीं। इसी वजह से बैंक ने उन्हें पर्सनल लोन देने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में बीपी सिंह को भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन बैंक कर्मचारी ने उन्हें सोचने का समय दिया और दोबारा घर आया। आखिरकार, उन्हें करीब 40 लाख रुपए का लोन मिला। उन्होंने अपनी बचत के करीब पांच लाख रुपए भी इसमें जोड़ दिए। इस तरह लगभग 45 लाख रुपए जुटाकर उन्होंने CID का पायलट एपिसोड बनाया। बीपी सिंह ने इस मदद को अपने मुश्किल समय में मिली बड़ी राहत बताया था। एक डॉक्टर की बात से आया CID का आइडिया बीपी सिंह ने बताया कि CID का विचार उन्हें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी एक बातचीत के दौरान आया था। उनकी मुलाकात एक फॉरेंसिक डॉक्टर फतनानी से हुई थी। डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि मुर्दा कभी झूठ नहीं बोलेगा, जिनसे अपराध का पता लगाया जा सकता है। यह बात बीपी सिंह को बेहद दिलचस्प लगी। उन्होंने सोचा कि अगर इन वैज्ञानिक तरीकों को कहानियों के जरिए दिखाया जाए, तो दर्शकों को कुछ नया देखने को मिलेगा। इसके बाद उन्होंने फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी किताबें पढ़ीं। उन्होंने अपने लेखकों को भी इस बारे में जानकारी दी। इसी सोच ने CID की कहानियों को एक अलग पहचान दी। शिवाजी साटम और दया की कास्टिंग कैसी हुई थी बीपी सिंह ने बताया कि ACP प्रद्युम्न के किरदार के लिए शिवाजी साटम उनकी

Naseeruddin Shah Controversy | Statement On Dimagi Naxal Video News

Naseeruddin Shah Controversy | Statement On Dimagi Naxal Video News

11 मिनट पहले कॉपी लिंक नसीरुद्दीन शाह लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं। एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने कहा कि वो फख्र से कहते हैं कि वो दिमागी नक्सल हैं। नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, “मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।” उन्होंने आगे कहा, “टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?” उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Naseeruddin Shah Controversy | Statement On Dimagi Naxal Video News

Naseeruddin Shah Controversy | Statement On Dimagi Naxal Video News

26 मिनट पहले कॉपी लिंक नसीरुद्दीन शाह लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं। एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने कहा कि वो फख्र से कहते हैं कि वो दिमागी नक्सल हैं। नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, “मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या।” उन्होंने आगे कहा, “टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?” उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tiger Shroff Firing Case | Mumbai Police Invokes MCOCA Against Accused

Tiger Shroff Firing Case | Mumbai Police Invokes MCOCA Against Accused

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राज तिलक रौशन ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद संगठित अपराध से जुड़े एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। मामला 18 अक्टूबर को मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग से जुड़ा है। घटना के एक दिन बाद, 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) यानी हत्या के प्रयास और धारा 3 और 25 यानी साझा मंशा के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को सभी आरोपियों पर MCOCA की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) भी जोड़ दी गई हैं। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार फायरिंग के बाद मौके से फरार हुए तीन आरोपियों फूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक महतो को 19 अक्टूबर को कोटा रेलवे स्टेशन पर जयपुर जा रही ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित हथियार सप्लायर राधा वर्मा, बबीता राव, कुणाल जामिनसिंह और सुमित सरोलिया को गिरफ्तार किया। इसके बाद लॉजिस्टिक मदद और फंडिंग करने के आरोप में सरपंच खटक उर्फ अंकित, समीर खत्री और जतिन पंचाल को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया। बाद में प्रांजल ठकराल को इंदौर से पकड़ा गया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग की वजह बताई टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग के पीछे की वजह बताई थी। पुलिस के मुताबिक, यह फायरिंग पैसे वसूलने, गैंग का दबदबा बढ़ाने और लोगों में डर पैदा करने के लिए की गई थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के लॉरेंस गैंग से संबंध हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग ने अपना असर बढ़ाने, लोगों को डराने और वसूली के जरिए पैसे कमाने के लिए टाइगर को निशाना बनाया। लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव मुख्य आरोपी पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने सोशल मीडिया के जरिए अभिनेता पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। उसे लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव बताया जा रहा है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस, बॉलीवुड की मुंबई छोड़ने की चेतावनी: FWICE प्रेसिडेंट बोले- सुरक्षा नहीं मिली तो उत्तर प्रदेश में शूटिंग करेंगे, डर में एक्टिंग नहीं होगी टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में शिफ्ट हो सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tiger Shroff Firing Case | Mumbai Police Invokes MCOCA Against Accused

Tiger Shroff Firing Case | Mumbai Police Invokes MCOCA Against Accused

1 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मामले में सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राज तिलक रौशन ने बताया कि सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद संगठित अपराध से जुड़े एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। 18 अक्टूबर को टाइगर की कार पर हुई फायरिंग के एक दिन बाद, 19 अक्टूबर को मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) यानी हत्या के प्रयास और धारा 3(5) यानी साझा मंशा के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सभी आरोपियों पर MCOCA की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) भी जोड़ दी गई हैं। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार फायरिंग के बाद मौके से फरार हुए तीन आरोपियों फूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक महतो को 19 अक्टूबर को कोटा रेलवे स्टेशन पर जयपुर जा रही ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित हथियार सप्लायर राधा वर्मा, बबीता राव, कुणाल और सुमित सरोलिया को गिरफ्तार किया। इसके बाद लॉजिस्टिक मदद और फंडिंग करने के आरोप में सरपंच खटक उर्फ अंकित, समीर खत्री और जतिन पंचाल को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया। बाद में प्रांजल ठकराल को इंदौर से पकड़ा गया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग की वजह बताई टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग के पीछे की वजह बताई। पुलिस के मुताबिक, यह फायरिंग पैसे वसूलने, गैंग का दबदबा बढ़ाने और लोगों में डर पैदा करने के लिए की गई थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के लॉरेंस गैंग से संबंध हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग ने अपना असर बढ़ाने, लोगों को डराने और वसूली के जरिए पैसे कमाने के लिए टाइगर को निशाना बनाया। लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव मुख्य आरोपी पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने सोशल मीडिया के जरिए अभिनेता पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। उसे लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव बताया जा रहा है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस, बॉलीवुड की मुंबई छोड़ने की चेतावनी: FWICE प्रेसिडेंट बोले- सुरक्षा नहीं मिली तो उत्तर प्रदेश में शूटिंग करेंगे, डर में एक्टिंग नहीं होगी टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में शिफ्ट हो सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔