Saturday, 20 Jun 2026 | 01:42 PM

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बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

सलमान खान के करीबी दोस्त बाबा सिद्दीकी की 2024 में हत्या कर दी गई। उस समय सलमान फिल्म सिंकदर शूट कर रहे थे। करीबी दोस्त के गुजर जाने के बाद सलमान खान इमोशनली और फिजिकली दर्द में थे, इसके बावजूद वो सिकंदर की शूटिंग कर रहे थे। अब उनके सिकंदर को-स्टर विशाल वशिष्ठ ने बताया है कि सलमान दर्द में थे। तभी उन्हें रिब इंजरी भी हुई, वो कुर्सी से उठ भी नहीं पाते थे, उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद वो रोज सेट पर पूरी मेहनत करते थे। एक्टर विशाल वशिष्ठ ने पीटीआई शोबिज को दिए इंटरव्यू में सिंकदर की शूटिंग पर बात की। उन्होंने कहा, ‘सिकंदर बहुत मुश्किल समय में पूरी हुई है, खासकर सलमान सर के लिए। ये कोई छिपी हुई बात नहीं है। वह मेंटली और इमोशनली पूरी तरह थक चुके थे, और शारीरिक रूप से भी काफी परेशानियों से गुजर रहा था। हमने यह सब अपनी आंखों से देखा था। यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी, बल्कि हकीकत थी। वह धीरे-धीरे चलते थे और किसी तरह अपना सीन पूरा करता था। जैसे ही ‘कट’ बोलता, वह वापस जाकर फिजियोथेरेपी करवाने लगते थे।’ आगे उन्होंने कहा, ‘एक चीज जो मैंने सीखी, वो ये कि कितने सालों में उनके बैकग्राउंड में कितना कुछ चल रहा था, लेकिन फिर भी वो यहां हैं, शूटिंग कर रहे हैं। वह दर्द में थे, लेकिन फिर भी काम करते रहे। बाहर उनकी जिंदगी में खतरा पैदा करने वाली परिस्थितियां थीं, लेकिन इसके बावजूद वह शूटिंग पर पहुंचते रहे। यह सब उसके लिए बेहद मुश्किल था।’ सलमान के घर पर हुई फायरिंग, सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई 12 अक्टूबर 2024 को NCP नेता बाबा सिद्दीकी बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर निकले थे। तभी उन पर 6 गोलियां चलाई गईं। 2 गोली सिद्दीकी के पेट पर और एक सीने पर लगी। उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात 11.27 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एक आरोपी ने खुलासा किया कि बाबा सिद्दीकी से पहले सलमान खान उनकी हिटलिस्ट में थे, लेकिन एक्टर की सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या की गई। इससे ठीक पहले 14 अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में फायरिंग की गई थी।

बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

बाबा सिद्दीकी की मौत से टूट गए थे सलमान:को-स्टार बोले- दर्द में कुर्सी से उठ नहीं पाते थे, धमकियां मिलीं, फिर भी शूटिंग करने आए

सलमान खान के करीबी दोस्त बाबा सिद्दीकी की 2024 में हत्या कर दी गई। उस समय सलमान फिल्म सिंकदर शूट कर रहे थे। करीबी दोस्त के गुजर जाने के बाद सलमान खान इमोशनली और फिजिकली दर्द में थे, इसके बावजूद वो सिकंदर की शूटिंग कर रहे थे। अब उनके सिकंदर को-स्टर विशाल वशिष्ठ ने बताया है कि सलमान दर्द में थे। तभी उन्हें रिब इंजरी भी हुई, वो कुर्सी से उठ भी नहीं पाते थे, उन्हें धमकियां भी मिल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद वो रोज सेट पर पूरी मेहनत करते थे। एक्टर विशाल वशिष्ठ ने पीटीआई शोबिज को दिए इंटरव्यू में सिंकदर की शूटिंग पर बात की। उन्होंने कहा, ‘सिकंदर बहुत मुश्किल समय में पूरी हुई है, खासकर सलमान सर के लिए। ये कोई छिपी हुई बात नहीं है। वह मेंटली और इमोशनली पूरी तरह थक चुके थे, और शारीरिक रूप से भी काफी परेशानियों से गुजर रहा था। हमने यह सब अपनी आंखों से देखा था। यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी, बल्कि हकीकत थी। वह धीरे-धीरे चलते थे और किसी तरह अपना सीन पूरा करता था। जैसे ही ‘कट’ बोलता, वह वापस जाकर फिजियोथेरेपी करवाने लगते थे।’ आगे उन्होंने कहा, ‘एक चीज जो मैंने सीखी, वो ये कि कितने सालों में उनके बैकग्राउंड में कितना कुछ चल रहा था, लेकिन फिर भी वो यहां हैं, शूटिंग कर रहे हैं। वह दर्द में थे, लेकिन फिर भी काम करते रहे। बाहर उनकी जिंदगी में खतरा पैदा करने वाली परिस्थितियां थीं, लेकिन इसके बावजूद वह शूटिंग पर पहुंचते रहे। यह सब उसके लिए बेहद मुश्किल था।’ सलमान के घर पर हुई फायरिंग, सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या हुई 12 अक्टूबर 2024 को NCP नेता बाबा सिद्दीकी बेटे जीशान के दफ्तर के बाहर निकले थे। तभी उन पर 6 गोलियां चलाई गईं। 2 गोली सिद्दीकी के पेट पर और एक सीने पर लगी। उन्हें तुरंत लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात 11.27 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एक आरोपी ने खुलासा किया कि बाबा सिद्दीकी से पहले सलमान खान उनकी हिटलिस्ट में थे, लेकिन एक्टर की सिक्योरिटी के चलते पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या की गई। इससे ठीक पहले 14 अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में फायरिंग की गई थी।

कर्नाटक के मंत्री ने मेकेदातु परियोजना का बचाव किया, तमिलनाडु के हितों की रक्षा का आश्वासन दिया |News18

कर्नाटक के मंत्री ने मेकेदातु परियोजना का बचाव किया, तमिलनाडु के हितों की रक्षा का आश्वासन दिया |News18

कर्नाटक के एक मंत्री ने मेकेदातु परियोजना का बचाव करते हुए आश्वासन दिया कि कावेरी जल मुद्दे पर नए सिरे से बहस के बीच तमिलनाडु के हित सुरक्षित रहेंगे। मंत्री का कहना है कि इस परियोजना को कर्नाटक की पेयजल और बिजली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि यह भी कहा गया है कि तमिलनाडु के पानी का उचित हिस्सा प्रभावित नहीं होगा। यह आश्वासन तब आया है जब मेकेदातु परियोजना कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच एक संवेदनशील टकराव बिंदु बनी हुई है। विवाद अंतर-राज्य जल बंटवारे, कावेरी नदी प्रबंधन, कानूनी मंजूरी और क्या दोनों राज्य एक सहकारी समाधान ढूंढ सकते हैं, पर सवाल उठा रहा है। -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 19 जून, 2026, 15:52 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)कावेरी विवाद(टी)कावेरी नदी(टी)कावेरी जल(टी)कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)पेयजल परियोजना(टी)पनबिजली परियोजना(टी)भारत जल विवाद(टी)अंतरराज्यीय जल विवाद(टी)कर्नाटक(टी)कर्नाटक मंत्री(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)कर्नाटक तमिलनाडु पानी विवाद

शिवसेना यूबीटी के विभाजन की अफवाहें तेज होने पर आदित्य ठाकरे ने चुप्पी तोड़ी | महाराष्ट्र राजनीति

शिवसेना यूबीटी के विभाजन की अफवाहें तेज होने पर आदित्य ठाकरे ने चुप्पी तोड़ी | महाराष्ट्र राजनीति

पार्टी के भीतर संभावित विभाजन की अफवाहें तेज होने के बाद से शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे पहली बार बोले हैं। उनकी प्रतिक्रिया महाराष्ट्र में दलबदल, आंतरिक दबाव और राजनीतिक चालबाजी पर बढ़ती अटकलों के बीच आई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को अपनी संख्या और एकता पर नए सिरे से सवालों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि संभावित अलगाव की चर्चा राजनीतिक हलकों में हावी है।आदित्य की टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है कि वे यूबीटी की रणनीति, मनोबल और अगले कदमों के बारे में क्या संकेत देते हैं। -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube

ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे सुनील ग्रोवर:त्रिवेणी घाट में साधुओं और श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी, लोगों ने सादगी की सराहना की

ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे सुनील ग्रोवर:त्रिवेणी घाट में साधुओं और श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी, लोगों ने सादगी की सराहना की

अपनी एक्टिंग, कॉमेडी और मिमिक्री से लोगों को हंसाने वाले सुनील ग्रोवर उत्तराखंड स्थित संत नगरी ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट पर सोए दिखे। सुनील ग्रोवर ने वीडियो को शेयर कर लिखा है- तारे जमीन पर। सुनील ग्रोवर की नेटवर्थ करोड़ों में है। सुनील ग्रोवर ने ऋषिकेश में घाट पर सोने वालों घुमक्कड़ साधुओं और विरक्त श्रद्धालुओं के साथ रात गुजारी। जिस जगह सुनील ग्रोवर चादर बिछाकर सोते दिखे वो त्रिवेणी घाट का इलाका है। ऋषिकेश को मोक्ष स्थान माना जाता है। कई हिट फिल्मों में निभा चुके हैं भूमिका हाल के दिनों में अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर की मिमिक्री करके सुनील ग्रोवर ने काफी वाहवाही बटोरी थी। एक कार्यक्रम में जब उन्होंने जावेद अख्तर के सामने ही उनकी मिमिक्री की तो मशहूर शायर भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। सुनील ग्रोवर अब तक भारत, जवान, गब्बर इज बैक, बागी, गजनी और द लेजेंड ऑफ भगत सिंह जैसी हिट फिल्मों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। करोड़ों की नेटवर्थ के मालिक गुत्थी से अपनी पहचान बनाने वाले सुनील ग्रोवर अपनी जड़ों से जुड़े हैं। सुनील की पॉपुलैरिटी पिछले 9 साल में बेतहाशा बढ़ी है। यही वजह है कि उनकी नेटवर्थ भी इन्हीं 9 सालों में सबसे ज्यादा बढ़ी है। फिल्म में काम करने के सुनील को 50 से 60 लाख रुपए मिलते हैं जबकि टीवी पर एक एपिसोड की शूटिंग के लिए वह 10 से 15 लाख रुपए चार्ज करते हैं। सुनील ग्रोवर को 2022 में पड़ा था दिल का दौरा सुनील की वाइफ आरती पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं और दोनों का एक बेटा भी है। साल 2022 में सुनील को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उनकी चार बायपास सर्जरी हुई थीं। डॉक्टरों ने उन्हें एक महीने का आराम दिया, लेकिन वे केवल 25 दिन में ही काम पर लौट आए थे। अब ग्राफिक्स में समझिए सुनील ग्रोवर के करियर के बारे में…

Jodhpur Blackbuck Movie Director Amit Jani Threatened; Salman Khan Alleged

Jodhpur Blackbuck Movie Director Amit Jani Threatened; Salman Khan Alleged

राजस्थान के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद जारी है। फिल्म के प्रोड्यूसर अमित ज्याणी को पाकिस्तान नंबरों से जान से मारने की धमकी मिली है। अमित का आरोप है कि मुझे सलमान खान के इशारे पर धमकी दी गई है। . इसे लेकर गुरुवार को जोधपुर के रातानाड़ा थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि अमित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मूवी से हटने की बात कही है। ‘मुझे दो साल से धमकी मिल रही है’ इधर, इस पूरे मामले को लेकर अमित ज्याणी ने वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने बताया- पिछले दो साल से मुझे गला काटने, जान से मारने, घर उड़ाने और पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। 28 अक्टूबर 2025 को भी मुझे धमकी मिली थी। उदयपुर में भी मुझे बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसकी भी शिकायत मैंने की थी। उन्होंने बताया- मैं गुरु जम्भेश्वर के दर्शन करने गया था। सलमान खान हमारे खिलाफ हाईकोर्ट में है। जैसे ही मैं जोधपुर पहुंचा तो शहजाद भट्टी ने मुझे कॉल किया और मैसेज करते हुए मुझे ‘काला हिरण’ प्रोजेक्ट को छोड़ने की बात कही। धमकी देते हुए कहा- प्रोजेक्ट से हट जाओ, हमारे हाथ बहुत लंबे हैं। जब मैंने कहा- मैं तुम्हें नहीं जानता, उसने मुझे अपनी पुरानी खबरों के लिंक भेजे। हथियारों के साथ फोटो भेजते हुए कहा- ये हमारे घर पर रहते हैं। सलमान के कहने पर शहजाद भट्‌टी दे रहा धमकी अमित ने कहा- मैंने बताया कि मैं किसी गैंग का हिस्सा नहीं हूं। सभी आतंकवादियों पर फिल्म बना रहे हैं। मैं ‘बहारों फूल बरसाओ’ गाने नहीं लिख सकता हूं। कुछ-कुछ होता है, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे.. ऐसी फिल्म नहीं बना सकता। मेरा सब्जेक्ट ये ही है। मैं आतंकवादी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर नहीं हूं। मैं भारत देश का नागरिक हूं। शहजाद भट्टी घोषित आतंकवादी है। उन्होंने कहा- सलमान खान दो मोर्चे पर क्यों खेल रहे हैं? मुझे समंदर में फेंकने और काट देने की धमकी दे चुके हैं। उनकी फैन फॉलोइंग और टूल किट से धमकी दे रहे हैं। सलमान खान के कहने पर शहजाद भट्टी मुझे धमकी दे रहा है। 12 जून को फिल्म का फर्स्ट लुक रिलीज किया गया था। थानाधिकारी बोले- हमने मामला दर्ज कर लिया है थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया- अमित ज्याणी ने धमकी देने की शिकायत दी है। शिकायत में बताया कि कॉलर ने अपने आप को शहजाद भट्टी बताया। उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं। धमकी देने वाले ने कहा है कि मूवी से हट जाओ, नहीं तो अच्छा नहीं होगा। इसे लेकर हमने मामला दर्ज कर लिया है। कॉलर के बारे में पता लगा रहे हैं। … यह खबर भी पढ़ें… नेशनल कंज्यूमर फोरम से भी सलमान खान को राहत:कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे; अगली सुनवाई 14 जुलाई को राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में सलमान खान को नेशनल कंज्यूमर फोरम (NCDC) से भी राहत मिली है। फिलहाल सलमान खान को FSL जांच के लिए कोटा नहीं आना पड़ेगा। नेशनल कंज्यूमर फोरम ने सलमान खान के खिलाफ कोटा कंज्यूमर फोरम में चल रही कार्रवाई पर स्टे दे दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)

Allu Arjun Court Summons | Hyderabad Pushpa 2 Stampede Case

Allu Arjun Court Summons | Hyderabad Pushpa 2 Stampede Case

18 मिनट पहले कॉपी लिंक हैदराबाद की नम्पल्ली कोर्ट ने तेलुगु फिल्म स्टार अल्लू अर्जुन को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समन जारी किया है। यह कानूनी कार्रवाई दिसंबर 2024 में उनकी फिल्म ‘पुष्पा 2: द रूल’ के स्पेशल शो के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ी है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। पुलिस की तरफ से दाखिल की गई चार्जशीट में अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 (A11) बनाया गया है। कोर्ट ने भीड़ प्रबंधन में लापरवाही और सुरक्षा फेल होने के इस मामले की सुनवाई के लिए अभिनेता समेत अन्य आरोपियों को 22 जून को खुद हाजिर होने का आदेश दिया है। चार्जशीट में आरोपी नंबर 11 बने अल्लू अर्जुन पुलिस ने इस हादसे को लेकर कोर्ट में एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चार्जशीट में कुल 23 लोगों को नामजद किया गया है। इसमें संध्या थिएटर के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को आरोपी नंबर 1 से 10 (A1 से A10) बनाया गया है, जबकि अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 (A11) के रूप में लिस्ट किया गया है। कोर्ट ने मामले में आगे बढ़ते हुए 19 आरोपियों को नोटिस जारी किया है और उन्हें अदालत के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। दिसंबर 2024 में हुआ था हादसा यह पूरा मामला 4 दिसंबर 2024 का है। उस समय हैदराबाद के संध्या थिएटर में फिल्म ‘पुष्पा 2’ की रिलीज के मौके पर एक बेनिफिट शो का आयोजन किया गया था। इस शो के दौरान थिएटर परिसर में क्षमता से अधिक लोग जमा हो गए थे। स्थिति अनियंत्रित होने की वजह से वहां भारी भगदड़ मच गई। इस हादसे में रेवती नाम की एक महिला की जान चली गई थी, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे आयोजनों में भीड़ नियंत्रण को लेकर काफी बहस हुई थी। अल्लू अर्जुन को देखने के लिए उमड़ी थी भीड़ पुलिस जांच के अनुसार, हादसे वाले दिन अल्लू अर्जुन खुद थिएटर पहुंचे थे। उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ थिएटर के एंट्री गेट की तरफ भागी, जिससे वहां दबाव बढ़ गया और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। चार्जशीट में थिएटर अधिकारियों, सुरक्षा गार्ड और इवेंट मैनेजमेंट के लोगों की लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है। हालांकि, इस घटना के बाद अल्लू अर्जुन ने पीड़ित परिवार से संपर्क किया था और घायल बच्चे के इलाज के लिए वित्तीय और मेडिकल मदद भी पहुंचाई थी। भगदड़ मामले में 13 दिसंबर को गिरफ्तार हुए थे अल्लू 4 दिसंबर को हुए भगदड़ केस में अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर की दोपहर 12 बजे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद 4 बजे उन्हें लोकल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया था। अल्लू ने अंतरिम जमानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट में अपील की थी।शाम 5 बजे उन्हें 50 हजार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर अंतरिम जमानत मिल गई थी। इसी दौरान अल्लू को चंचलगुडा सेंट्रल जेल ले जाया गया था। एक्टर को अगले दिन शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे चंचलगुडा सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था। इस दौरान अल्लू करीब 18 घंटे कस्टडी में रहे थे। रिहाई के बाद की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस रिहाई के बाद अल्लू अर्जुन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘ये सब एक हादसा था। मैं परिवार के साथ सिनेमाघर में फिल्म देखने गया था। ये घटना बाहर घटी है। इस घटना का मुझसे कोई सीधा कनेक्शन नहीं है। मैं बिल्कुल महिला के परिवार के साथ हूं, जिस भी तरीके से होगा मैं उनकी मदद करूंगा।’अल्लू अर्जुन आगे कहा, ‘मैं उस सिनेमाघर में पिछले 20 साल से 30 बार से ज्यादा बार जा चुके हैं। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हुआ है। ये बिल्कुल ही दुर्भाग्य से हुआ है। मैं इस घटना को लेकर मैं बहुत सॉरी करता हूं।’ इससे जुड़ी खबरें पढ़िए.. पुष्पा-2 भगदड़ केस- तेलंगाना CM बोले- एक्टर अपनी जिम्मेदारी समझें:अनुराग ठाकुर ने कहा- तेलुगु फिल्मों का बड़ा नाम, कांग्रेस इसे जमीन पर लाना चाहती है अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा- 2 के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ का मामला बढ़ता जा रहा है। अब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि भीड़ को और फैंस को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी एक्टर्स की ही है। पूरी खबर पढ़ें.. भगदड़ केस-अल्लू अर्जुन से 3 घंटे से ज्यादा पूछताछ हुई:पुलिस सीन री-क्रिएट कर सकती है; संध्या थिएटर का नया वीडियो सामने आया पुष्पा-2 के प्रीमियर के दौरान भगदड़ केस में पुलिस ने मंगलवार को अल्लू अर्जुन से 3 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। हैदराबाद सेंट्रल जोन डीसीपी के नेतृत्व वाली टीम ने एक्टर से सवाल किए। पूरी खबर पढ़ें.. 2. पुष्पा-2 एक्टर अल्लू अर्जुन 18 घंटे बाद रिहा:घर पर नजर उतारी गई; मां के गले लगकर अंदर गए; बोले- कानून का हमेशा सम्मान पुष्पा-2 एक्टर अल्लू अर्जुन शनिवार सुबह करीब 6.30 बजे चंचलगुडा सेंट्रल जेल से रिहा हुए। उनके पिता अल्लू अरविंद और ससुर कंचरला चंद्रशेखर रेड्डी उन्हें लेने जेल पहुंचे थे। अल्लू करीब 18 घंटे कस्टडी में रहे। रिहाई के बाद अल्लू गीता आर्ट्स प्रोडक्शन हाउस पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

एक्टर्स की पेमेंट रोके जाने पर भड़कीं शिल्पा शिंदे:एक्टर शहजादा धामी के 30 लाख रोके जाने पर बोलीं- सब्जी बेचूंगी, लेकिन प्रोड्यूसर की नहीं चाटूंगी

एक्टर्स की पेमेंट रोके जाने पर भड़कीं शिल्पा शिंदे:एक्टर शहजादा धामी के 30 लाख रोके जाने पर बोलीं- सब्जी बेचूंगी, लेकिन प्रोड्यूसर की नहीं चाटूंगी

टीवी इंडस्ट्री में फिर एक नॉन पेमेंट का विवाद छिड़ गया है। टीवी एक्टर शहजादा धामी 2023 से ये रिश्ता क्या कहलाता है में लीड रोल निभा रहे थे, लेकिन अनप्रोफेशनल होने का आरोप लगाते हुए उन्हें अचानक शो से निकाल दिया गया और उनकी पेमेंट रोक दी गई। शहजादा ने शो के प्रोड्यूसर राजन शाही के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन 3 साल बाद भी उन्हें 30 लाख रुपए की बकाया पेमेंट नहीं मिली है। उन्होंने इस मामले पर सवाल उठाए तो एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने उनके सपोर्ट में प्रोड्यूसर्स को माफिया कहते हुए जमकर भड़ास निकाली। शिल्पा शिंदे ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो जारी की, जिसमें उन्होंने कहा, ‘देखा आपने कि आर्टिस्ट एसोसिएशन ही आर्टिस्ट के साथ नहीं होती। ये जो टीवी इंडस्ट्री के प्रोड्यूसर होते हैं वो माफियागिरी करते हैं। जो प्रोड्यूसर साथ नहीं देते, उन्हें भी काम रोकने के लिए धमकाया जाता है। हम आर्टिस्ट ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे 90 दिनों का पेमेंट प्रोड्यूसर के पास होता है, वो रोक दिया जाता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आर्टिस्ट एसोसिएशन के जो एक्टर्स होते हैं, वो प्रोड्यूसर्स की चाटते हैं। उन्हें काम चाहिए होता है, तो वो उनका साथ देते हैं। तो आर्टिस्ट का साथ कौन देगा। आज किसी एक्टर की डेथ के बाद आप आकर इंस्टाग्राम पर रो रहे हो, वीडियो डाल रहे हो। इसका मतलब नहीं है। वही लोग हैं ये जो किसी के मरने के बाद कैंडल लेकर इंसाफ मांगते हो। फुटेज खाते हो बेमतलब।’ फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट केस पर बोलीं- एक्ट्रेस सोकर झूठा रेप केस करती हैं शिल्पा शिंदे ने हाल ही में बताया है कि उन्होंने भाभीजी घर पर हैं शो की पेमेंट रोके जाने पर प्रोड्यूसर के खिलाफ फर्जी सेक्शुल हैरेसमेंट का केस किया था। इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरा उस वक्त किसी ने साथ नहीं दिया। मजबूरी होगी, मैंने कुछ नहीं कहा। आज मैंने मौका दिया। आज मैंने छाती ठोककर रहा कि मैंने गलत किया। मैंने ये पैसे के लिए नहीं किया था। एक्ट्रेस लोगों के साथ सोकर आती हैं और मेडिकल चेकअप करवाकर बोलती हैं कि मेरा रेप हुआ है। जिन लोगों ने मुझ पर गलत इल्जाम लगाए हैं, वो इस कानून को समझें। ये नॉन-बेलेबल एक्ट है। हमारा मसला खत्म हो गया था, मैं 10 साल बाद काम कर रही हूं। जो मैंने किया, वो नहीं करती तो इससे निकल नहीं पाती। किसी और में ये करने की हिम्मत नहीं है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘जिन भी लोगों ने मुझ पर लांछन लगाए हैं, मैं उन्हें कहना चाहूंगी कि तुम लोगों में दम नहीं है खुद का इंसाफ लेने के लिए। नहीं तो सुसाइड करना पड़ता है। आज आकर रोते। मैंने पहले भी राजन जी के खिलाफ शहजादा के लिए आवाज उठाई थी। कुछ एक्टर करते हैं प्रोड्यूसर को परेशान। प्रोड्यूसर से तो मुझे कोई मतलब नहीं है। वो घटिया होते हैं, मुझे करना भी नहीं है उनके साथ काम। जब मैंने आवाज उठाई तो मीडिया ने कहा कि हम ये नहीं चला सकेंगे क्योंकि ऊपर से प्रेशर आएगा।’ आखिर में एक्ट्रेस ने कहा- ‘मुझे इस घटिया इंडस्ट्री में काम करना ही नहीं है रास्ते में सब्जी बेचूंगी, लेकिन ऐसे लोगों की नहीं चाटूंगी।’ क्या है प्रोड्यूसर पर शहजादा धामी का आरोप? एक्टर शहजादा धामी 2023 से टीवी शो ये रिश्ता क्या कहलाता है से जुड़े, लेकिन एक साल बाद ही उन्हें शो से निकाल दिया गया। प्रोड्यूसर राजन शाही ने इसकी वजह एक्टर का अनप्रोफेशनल रवैया बताया, लेकिन शहजादा की मानें तो प्रोड्यूसर ने उन्हें पूरी यूनिट के सामने अपमानित किया और उनके पेरेंट्स पर आपत्तिजनक कमेंट किए। शो से हटाए जाने के बाद शहजादा की पेमेंट रोक दी गई। जिसके बाद उन्होंने आर्टिस्ट एसोसिएशन में इसकी शिकायत दर्ज की। शिकायत के बावजूद प्रोड्यूसर के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब तीन साल बाद शहजादा ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि उनकी 30 लाख की पेमेंट अब तक चुकाई नहीं गई है। उन्होंने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से लिखा, कलाकारों को अलग-अलग कारणों से बैन किया जा रहा है, उनका बहिष्कार किया जा रहा है और उन्हें जज किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि कलाकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की बात करने वाली संस्थाएं आखिर क्या कर रही हैं? आगे उन्होंने लिखा, ‘कई साल पहले मैंने अपने शो के निर्माता के खिलाफ बकाया पैसे न मिलने की शिकायत की थी। आज भी मेरे लगभग 30 लाख रुपये बाकी हैं। इसके बावजूद उस व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह आज भी इंडस्ट्री में खुलेआम काम कर रहा है।’ ‘मेरा सवाल है कि जब मेरी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो न कोई बैन हुआ, न बहिष्कार और न ही किसी की जवाबदेही तय हुई, ऐसा क्यों?’ आखिर में उन्होंने लिखा, ‘अगर कोई इंसान सिर्फ अपने परिवार का पेट पालने, बच्चों का भविष्य बनाने और मेहनत से काम करने की कोशिश कर रहा है, तो उससे आखिर लोग क्या चाहते हैं? क्या किसी पेशेवर मतभेद या मनमुटाव की वजह से किसी की पूरी जिंदगी और करियर बर्बाद कर देना सही है? क्या सिर्फ इसलिए किसी की सफलता से परेशानी होनी चाहिए क्योंकि कभी रिश्ते अच्छे नहीं रहे?’ ‘फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को प्रतिभा, प्रोफेशनलिज्म और निष्पक्षता के आधार पर चलना चाहिए, न कि व्यक्तिगत दुश्मनी, अहंकार या किसी को नीचे गिराने की मानसिकता पर।’ अगर कलाकारों से जवाबदेही की उम्मीद की जाती है, तो ताकत और अधिकार रखने वाले लोगों से भी उतनी ही जवाबदेही की उम्मीद होनी चाहिए।’

छह विद्रोही शिवसेना (यूबीटी) सांसद 21 जून को शिंदे गुट में जाने की घोषणा कर सकते हैं | भारत समाचार

BAN vs AUS Live Score: Follow latest updates from 2nd T20I. (AP Photo)

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 13:19 IST कथित तौर पर सांसद अपने अगले राजनीतिक कदम की घोषणा करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह – जो उसकी संसदीय ताकत का दो-तिहाई हिस्सा बनाने के लिए पर्याप्त हैं – कथित तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विलय की तैयारी कर रहे हैं। शिवसेना यूबीटी संकट: सूत्रों ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने वाले छह शिव सेना (यूबीटी) सांसद 21 जून को औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना में शामिल हो सकते हैं, जिससे महाराष्ट्र में विपक्षी गुट और कमजोर हो सकता है। न्यूज18 इंडिया के अनुसार, सूत्रों का हवाला देते हुए, छह सांसदों के शनिवार को दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है और वे शिवसेना (यूबीटी) द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई संभावित अयोग्यता कार्यवाही के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। कथित तौर पर सांसद अपने अगले राजनीतिक कदम की घोषणा करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। देश में चल रहे सियासी ड्रामे में 21 जून को अहम तारीख के तौर पर देखा जा रहा है. 2022 में इसी दिन एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ अपना विद्रोह शुरू किया था, जिससे अविभाजित शिवसेना में विभाजन हो गया और अंततः महाराष्ट्र में एक नई सरकार का गठन हुआ। सूत्रों ने संकेत दिया कि बागी सांसद शनिवार को एक बड़ी राजनीतिक घोषणा कर सकते हैं, जिससे अटकलें तेज हो गई हैं कि वे औपचारिक रूप से शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। यह चर्चा उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया था कि शुक्रवार को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान छह सांसदों को शिवसेना में शामिल किया जाएगा। हालाँकि, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उद्धव ठाकरे खेमे दोनों ने इस बात से इनकार किया कि कार्यक्रम के दौरान किसी को शामिल करने की योजना बनाई गई थी। छह सांसद – नागेश पाटिल-आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे – व्हिप जारी होने के बावजूद गुरुवार को नई दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति ने “ऑपरेशन टाइगर” के बारे में अटकलों को हवा दे दी, जो कि शिंदे खेमे द्वारा उद्धव ठाकरे गुट के और अधिक नेताओं को अपने पाले में लाने का एक कथित प्रयास था। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए, जिससे सेना (यूबीटी) के भीतर गहराते विभाजन का पता चला। बहिष्कार के बाद, शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने घोषणा की कि छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और पार्टी दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेगी। राउत ने कहा, “कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” औपचारिक बदलाव की संभावना को तब बल मिला जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि छह सांसदों ने शिंदे के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है और उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं। यदि यह कदम सफल होता है, तो यह 2022 के विभाजन के बाद से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण झटका होगा, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार दिया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया छह बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसद 21 जून को शिंदे गुट में जाने की घोषणा कर सकते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शिवसेना यूबीटी संकट(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)उद्धव ठाकरे गुट(टी)महाराष्ट्र की राजनीति(टी)पार्टी नेतृत्व विवाद(टी)शिवसेना विभाजन(टी)मुंबई राजनीतिक संकट(टी)भारतीय क्षेत्रीय दल

लोकसभा चुनाव 2029: 2029 लोकसभा चुनाव के लिए ECI ने बनाया टैग प्लान, सरकार से 500 करोड़ रुपये, मगर क्यों?

लोकसभा चुनाव 2029: 2029 लोकसभा चुनाव के लिए ECI ने बनाया टैग प्लान, सरकार से 500 करोड़ रुपये, मगर क्यों?

चुनाव आयोग ने 2029 के लिए नामांकन की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसके लिए आयोग ने नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की खरीद के लिए केंद्र सरकार से 500 करोड़ रुपये से अधिक की मांग की है। इसकी बड़ी वैलनेस वोटिंग प्लांट्स की बहुलता और पुरानी संख्या का समय पूरा कर लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के आम चुनाव में देश में करीब 10.53 लाख मतदान केंद्र थे। साल 2029 तक युसी की संख्या लगभग 15.39 लाख होने का अनुमान है। मतदान में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई चुनाव आयोग को अतिरिक्त पुष्टि की आवश्यकता महसूस हो रही है। आयोग की योजना करीब 3.57 मिलियन बैलेट यूनिट (बीयू) और 1.25 मिलियन कंट्रोल यूनिट (सीयू) की कमी है। इन सोसायटी की खरीद पर कुल खर्च 500 करोड़ रुपये से ज्यादा आने का अनुमान है। बताया गया है कि खर्च विभाग ने इस खरीद के लिए करीब 512.4 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दे दी है। वर्तमान चुनाव आयोग के पास लगभग 30.77 मिलियन बैलेट यूनिट और 22.14 मिलियन कंट्रोल यूनिट उपलब्ध हैं। यह भी पढ़ें : NEET पेपर लीक: कॉकरोच जनता पार्टी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, अभिजीत डाइके ने सरकार से कहा NEET मामले में कर दी बड़ी डील विवरण बैलेट यूनिट (बीयू) नियंत्रण इकाई (सीयू) 15.39 लाख मतदान आवेदन की आवश्यकता 26,31,068 19,23,295 कुल आवश्यकता (राष्ट्रीय रिजर्व सहित) 30,48,039 21,92,557 वर्तमान में उपलब्ध वस्तु 30,78,000 22,14,000 घाटियाँ: 2013-14 की सेवा अवधि पूर्ण कराधान निगम 3,57,000 1,25,000 शुद्ध 27,21,000 20,89,000 कमी (शॉर्टफॉल) 3,27,039 1,03,557 बबमी की जरूरत2013-14 में कई बेरोजगार हुए 2029 तक प्रति 15 वर्ष की निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर लेगी। इसके कारण करीब 3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट उपलब्ध नहीं है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 15.39 लाख वोटिंग के लिए 26.31 लाख बैलेट यूनिट और 19.23 लाख कंट्रोल यूनिट की जरूरत होगी। नेशनल रिज़र्व और अन्य संस्थाओं को जोड़ने पर कुल मांग 30.48 लाख बैलेट यूनिट और 21.92 लाख कंट्रोल यूनिट तक पहुंचेगी। इसके बाद भी लगभग 3.27 मिलियन बैलेट यूनिट और 1.03 मिलियन कंट्रोल यूनिट की कमी रह सकती है। रियासत माँगरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि भविष्य में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ योजना लागू होती है तो अंकित की मांग और वृद्धि हो सकती है। अनुमान है कि विपक्ष और विधानसभा चुनाव एक साथ की स्थिति में करीब 48 लाख बैलेट यूनिट, 35 लाख कंट्रोल यूनिट और 34 लाख वीआईपी सुविधा की आवश्यकता होगी। इससे खर्च 5,300 करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंचा जा सकता है। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक नई मशीनरी का निर्माण और आपूर्ति पूरी कर ली जाए, ताकि 2029 के चुनाव के निर्वाचन में किसी तरह की परेशानी न आए। यह भी पढ़ें: राम मंदिर में चढ़वा चोरी मामले के बीच अयोध्या में सीएम योगी का पहला बयान, कहा- तब अपमान नहीं हुआ जब…