Saturday, 07 Nov 2026 | 10:45 PM

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PM Modi Bilateral Talks Liechtenstein

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Hindi News Career PM Modi Bilateral Talks Liechtenstein | Current Affairs 28 October 17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. भारत और लिकटेंस्टीन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई 27 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी और लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और प्रिंस एलोइस के बीच हैदराबाद हाउस में हाईलेवल वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से व्यापार और निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी पर बात हुई। इसके साथ ही रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी दोनों प्रमुखों ने बातचीत की और इसमें पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रिंस एलोइस ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति मुर्मू से भी मुलाकात की। प्रिंस अपनी वाइफ युवरानी सोफी और टॉप इंडस्टरलिस्ट व ऑफिसर्स के एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल के साथ चार दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। लिकटेंस्टीन पश्चिमी यूरोप में स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित एक बेहद छोटा और समृद्ध जमीन से घिरा एक लैंडलॉक देश है। प्रिंस एलोइस इससे पहले फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में हिस्सा लेने भारत आए थे। प्रिंस एलोइस की ये भारत यात्रा यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण भारत और लिकटेंस्टीन के बीच 1993 से डिप्लोमेटस रिलेशन हैं। 2. पीएम मोदी ने ESTIC 2026 का उद्घाटन किया 27 अक्टूबर को पीएम मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन किया। ESTIC दो दिन तक चलेगा। ये साइंस-इनोवेशन से जुड़ी एक नेशनल समिट है। इसकी शुरुआत 2025 में की गई थी। इसमें एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग, एनर्जी टेकनीक, मेरीटाइम टेकनीक जैसे टॉपिक पर बात होगी। इसमें तीन नोबेल विजेता मेडिसिन में नोबेल (1993) पाने वाले सर रिचर्ड जे राबर्ट्स, फिजिक्स में नोबेल (2010) पाने वायलर सर कॉन्सटेंटिव और केमिस्ट्री में क्रायो-इलेक्ट्रॉन के लिए नोबेल (2017) पाने वाले प्रो जोआखिम फ्रेंक इसमें स्पीकर होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) कर रही है। इसमें 13 मंत्रालय भी शामिल हैं। स्पोर्ट्स 3. हैरी केन, एलेक्सिया पुतेलास ‘बैलन डी’ओर अवार्ड’ 2026 जीते 26 अक्टूबर को इंग्लैंड के कप्तान और बायर्न म्यूनिख के स्टार स्ट्राइकर हैरी केन ने 2026 का बैलन डी’ओर अवार्ड जीता। हैरी ये अवॉर्ड हासिल करने वाले पहले इंग्लिश फुटबॉलर बने हैं। 25 साल बाद ये अवार्ड इंग्लैंड को मिला है। वोटिंग में हैरी ने फ्रांस के किलियान एम्बापे, स्पेन के लेमिन यामल, 2024 के विजेता रोड्री और रिकॉर्ड 8 बार के विजेता लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही यामल लगातार तीसरे साल बेस्ट यंग प्लेयर चुने। वर्ल्ड कप में भी केन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 6 गोल किए और इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल किए थे। पहली बार बैलन डी’ओर लंदन में आयोजित किया गया और 1956 में पहला बैलन डी’ओर जीतने वाले इंग्लैंड के स्टेनली मैथ्यूज को भी सम्मान दिया गया। हैरी ने पिछले सीजन क्लब और देश के लिए 73 गोल किए। वे यूरोप के टॉप स्कोरर रहे। 4. विमेंस कैटेगरी में एलेक्सिया पुतेलास की तीसरी बार जीतीं स्पेन की मिडफील्डर एलेक्सिया पुतेलास ने विमेंस बैलन डी’ओर का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। पुतेलास ने इससे पहले 2021 और 2022 में लगातार दो बार यह अवॉर्ड जीता था। पुतेलास ने पिछले सीजन अपनी पूर्व टीम बार्सिलोना को विमेंस चैंपियंस लीग सहित कई खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 32 साल की पुतेलास ने स्पेन की अपनी साथी एताना बोनमाटी के लगातार तीन साल के दबदबे को खत्म किया। बोनमाटी ने 2023, 2024 और 2025 में यह अवॉर्ड जीता था, लेकिन पैर में फ्रैक्चर के कारण इस बार शॉर्टलिस्ट में जगह नहीं बना सकीं। 32 साल की पुतेलास ने स्पेन की अपनी साथी एताना बोनमाटी के लगातार तीन साल के दबदबे को खत्म किया। पॉलिसी 5. रेलवे ने 45 पैसे ऑप्शनल बीमा योजना का विस्तार 27 अक्टूबर को इंडियन रेलवे ने अपनी ऑप्शनल बीमा स्कीम (OTIS) का विस्तार किया और पूरे देश में लागू किया है। अब रेलवे स्टेशन के आरक्षण (PRS) काउंटरों से कंफर्म या RAC टिकट लेने वाले यात्रियों को भी 45 पैसे प्रति यात्री में 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके तहत अगर यात्रा के दौरान कोई रेल दुर्घटना होती है, तो यात्री को ₹10 लाख तक का बीमा कवर मिलेगा। हादसे में मौत होने या हमेशा के लिए अपाहिज होने पर भी परिवार को ₹10 लाख मिलेंगे। इसमें अगर शरीर का कोई एक हिस्सा खराब होता है तो ₹7.50 लाख तक की मदद दी जाएगी। साथ ही इस स्कीम में दुर्घटना में घायल होने पर अस्पताल में इलाज और भर्ती के खर्च के लिए ₹2 लाख मिलेंगे। इसके साथ ही यदि यात्री की मृत्यु होती है तो शव को घर तक ले जाने के लिए ₹10,000 अलग से दिए जाएंगे। सबसे जरूरी बात ये है कि बीमा का फायदा तभी मिलेगा जब आप काउंटर पर टिकट के पैसे UPI, QR कोड या कार्ड से डिजिटल पेमेंट करेंगे, नकद देने पर यह बीमा नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के 6 अक्टूबर 2026 के आदेश के बाद रेलवे ने यह फैसला लिया है, ताकि ऑफलाइन टिकट लेने वालों को भी ऑनलाइन टिकट जैसी सुरक्षा मिल सके। निधन (DEATH) चित्रकार और राज्यसभा पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का निधन 26 अक्टूबर को मशहूर चित्रकार और राज्यसभा के पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। चौधरी भारत के सबसे प्रतिष्ठित समकालीन कलाकारों में से एक थे। वे 2014 से 2020 तक तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रहे और राज्यसभा में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व किया। चौधरी कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट से पढ़ाई की थी इसके बाद पेरिस से पढ़ाई की। चौधरी को 2001 में ‘कालिदास सम्मान’ से नवाजा गया था। वे उन्होंने राष्ट्रपति भवन में ‘कीपर ऑफ आर्ट’ और शांतिनिकेतन स्थित विश्व-भारती यूनिवर्सिटी के ‘कला भवन’ में प्रोफेसर भी रहे। चौधरी आधुनिक भारतीय चित्रकला में अपनी अनूठी शैली और रेखांकन के लिए प्रसिद्ध थे चौधरी को 2012 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें ‘बंग विभूषण’ से सम्मानित किया। मिसलीनियस केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव आर्मेनिया

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

टीवी शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री करुणा पांडे का अभिनय सफर थिएटर से फिल्मों और टीवी तक पहुंचा है। करीब साढ़े चार साल से चल रहे शो में पुष्पा को 28 साल बाद अपने उस बेटे के जिंदा होने का पता चला है, जिसे वह मृत समझती थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में करुणा ने शो की कहानी, इरफान खान की सलाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ पुरानी यादों, मुंबई में शुरुआती संघर्ष और राजश्री प्रोडक्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सवाल: ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की जिंदगी में आए इस नए मोड़ को आप कैसे देखती हैं? जवाब: 28 साल बाद पुष्पा को पता चलता है कि जिस बेटे को वह भूकंप के दौरान अस्पताल के इनक्यूबेटर में मरा हुआ समझती थी, वह जिंदा है। दूसरी ओर, बेटा सोचता है कि उसकी मां ने कभी उसे जानने या अपनाने की कोशिश नहीं की। दोनों के बीच गलतफहमी है, जिसे दूर करना चुनौतीपूर्ण है। सवाल: शो की सफलता का श्रेय किसे देंगी? जवाब: इसका श्रेय किस्मत, प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया, डायरेक्टर प्रदीप यादव, सोनी सब, राइटर्स, पूरी कास्ट और क्रू को जाता है। सभी ने मिलकर शो को यहां तक पहुंचाया है। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में आने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरे पिता आर्मी में थे, इसलिए हर दो साल में उनकी पोस्टिंग बदलती थी। बचपन से डांस का शौक था। चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ में डांस सिखाती थी। मेरी बहन ने थिएटर में मास्टर्स करने की सलाह दी। मैंने चंडीगढ़ में एक्टिंग की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम सेंटर की रेपर्टरी में एक साल और एनएसडी की रेपर्टरी में एक साल काम किया। 2005 में मुंबई आ गई। मेरे माता-पिता और बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। पिता ने डांस की प्रैक्टिस के लिए मुझे अलग कमरा तक दिया था। सवाल: इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अमित कुमार की शॉर्ट फिल्म ‘द बायपास’ में मेरा छोटा-सा रोल था। इसी फिल्म में इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग रेगिस्तान में हुई थी। हम रेत पर कपड़ा बिछाकर बैठते थे। उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस होता था। हालांकि, उस समय हमारी क्या बातचीत हुई थी, यह मुझे याद नहीं है। बाद में ‘मोटिचूर चकनाचूर’ के दौरान नवाज ने बताया कि ‘द बायपास’ के सेट पर इरफान मुझे छेड़ा करते थे। मैं तब बच्चों जैसी थी और मुझे याद नहीं कि वह क्या कहते थे। शायद पानी या किसी और चीज को लेकर कुछ कहते थे। मैं तब भी बच्चों जैसी थी और आज भी हूं। इतने साल बाद भी मुझे वैसा देखकर नवाज ने पूछा था कि मैं अब तक वैसी ही कैसे हूं। सवाल: इरफान खान ने आपको मुंबई आने की सलाह कब दी थी? जवाब: जब मैं एनएसडी रिपर्टरी में थी, तब इरफान भाई वहां आए थे। मैंने उन्हें अपना पोर्टफोलियो दिखाया। उन्होंने कहा, ‘यहां क्या घूम रही हो, इसको लेकर बंबई जाओ।’ उनकी बात मेरे मन में रह गई। 2005 में रिपर्टरी का काम पूरा होने के बाद मुंबई आने का फैसला कर लिया। मैं उनकी आभारी हूं। सवाल: ‘मोटिचूर चकनाचूर’ में काम कैसे मिला? जवाब: फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। आखिरी दौर में ऑडिशन के बाद मेरा और नवनी परिहार का चयन हुआ। बुंदेलखंडी लहजे की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मैं जल्दी एक्सेंट पकड़ लेती हूं। भोपाल में नवाज के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला। सवाल: मुंबई आने के बाद पहली फिल्म कैसे मिली? जवाब: मुंबई पहुंचने के अगले ही दिन मैंने राम गोपाल वर्मा की प्रोडक्शन फिल्म ‘जेम्स’ के लिए ऑडिशन दिया। फिल्म का डायरेक्शन रोहित जुगरा‍ज ने किया था। कुछ ही दिनों में शूटिंग शुरू हो गई। मेरा रोल छोटा था, लेकिन मैंने बाइक के स्टंट खुद किए। उस समय मेरे पिता को कैंसर था, इसलिए काम मिलना मेरे लिए बहुत अहम था। सवाल: राजश्री प्रोडक्शन के साथ आपका सफर कैसा रहा? जवाब: टीवी पर मेरी शुरुआत ‘वो रहने वाली महलों की’ से हुई। इसके बाद ‘यहां मैं घर घर खेली’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे शो किए। फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में भी काम किया। ‘भागे रे मन’ में लीड रोल निभाया और ‘देवांशी’ में निगेटिव रोल किया। सवाल: जिंदगी और काम को लेकर आपका नजरिया क्या है? जवाब: मैं भौतिक चीजों के पीछे नहीं भागती। मुझे लगता है कि जिंदगी अस्थायी है। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन हर चीज हासिल करने की बेचैनी नहीं है। मैं आज भी अपने अंदर के बच्चे को जिंदा रखती हूं और जिंदगी को सहजता से जीने की कोशिश करती हूं।

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

टीवी शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री करुणा पांडे का अभिनय सफर थिएटर से फिल्मों और टीवी तक पहुंचा है। करीब साढ़े चार साल से चल रहे शो में पुष्पा को 28 साल बाद अपने उस बेटे के जिंदा होने का पता चला है, जिसे वह मृत समझती थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में करुणा ने शो की कहानी, इरफान खान की सलाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ पुरानी यादों, मुंबई में शुरुआती संघर्ष और राजश्री प्रोडक्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सवाल: ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की जिंदगी में आए इस नए मोड़ को आप कैसे देखती हैं? जवाब: 28 साल बाद पुष्पा को पता चलता है कि जिस बेटे को वह भूकंप के दौरान अस्पताल के इनक्यूबेटर में मरा हुआ समझती थी, वह जिंदा है। दूसरी ओर, बेटा सोचता है कि उसकी मां ने कभी उसे जानने या अपनाने की कोशिश नहीं की। दोनों के बीच गलतफहमी है, जिसे दूर करना चुनौतीपूर्ण है। सवाल: शो की सफलता का श्रेय किसे देंगी? जवाब: इसका श्रेय किस्मत, प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया, डायरेक्टर प्रदीप यादव, सोनी सब, राइटर्स, पूरी कास्ट और क्रू को जाता है। सभी ने मिलकर शो को यहां तक पहुंचाया है। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में आने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरे पिता आर्मी में थे, इसलिए हर दो साल में उनकी पोस्टिंग बदलती थी। बचपन से डांस का शौक था। चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ में डांस सिखाती थी। मेरी बहन ने थिएटर में मास्टर्स करने की सलाह दी। मैंने चंडीगढ़ में एक्टिंग की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम सेंटर की रेपर्टरी में एक साल और एनएसडी की रेपर्टरी में एक साल काम किया। 2005 में मुंबई आ गई। मेरे माता-पिता और बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। पिता ने डांस की प्रैक्टिस के लिए मुझे अलग कमरा तक दिया था। सवाल: इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अमित कुमार की शॉर्ट फिल्म ‘द बायपास’ में मेरा छोटा-सा रोल था। इसी फिल्म में इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग रेगिस्तान में हुई थी। हम रेत पर कपड़ा बिछाकर बैठते थे। उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस होता था। हालांकि, उस समय हमारी क्या बातचीत हुई थी, यह मुझे याद नहीं है। बाद में ‘मोटिचूर चकनाचूर’ के दौरान नवाज ने बताया कि ‘द बायपास’ के सेट पर इरफान मुझे छेड़ा करते थे। मैं तब बच्चों जैसी थी और मुझे याद नहीं कि वह क्या कहते थे। शायद पानी या किसी और चीज को लेकर कुछ कहते थे। मैं तब भी बच्चों जैसी थी और आज भी हूं। इतने साल बाद भी मुझे वैसा देखकर नवाज ने पूछा था कि मैं अब तक वैसी ही कैसे हूं। सवाल: इरफान खान ने आपको मुंबई आने की सलाह कब दी थी? जवाब: जब मैं एनएसडी रिपर्टरी में थी, तब इरफान भाई वहां आए थे। मैंने उन्हें अपना पोर्टफोलियो दिखाया। उन्होंने कहा, ‘यहां क्या घूम रही हो, इसको लेकर बंबई जाओ।’ उनकी बात मेरे मन में रह गई। 2005 में रिपर्टरी का काम पूरा होने के बाद मुंबई आने का फैसला कर लिया। मैं उनकी आभारी हूं। सवाल: ‘मोटिचूर चकनाचूर’ में काम कैसे मिला? जवाब: फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। आखिरी दौर में ऑडिशन के बाद मेरा और नवनी परिहार का चयन हुआ। बुंदेलखंडी लहजे की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मैं जल्दी एक्सेंट पकड़ लेती हूं। भोपाल में नवाज के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला। सवाल: मुंबई आने के बाद पहली फिल्म कैसे मिली? जवाब: मुंबई पहुंचने के अगले ही दिन मैंने राम गोपाल वर्मा की प्रोडक्शन फिल्म ‘जेम्स’ के लिए ऑडिशन दिया। फिल्म का डायरेक्शन रोहित जुगरा‍ज ने किया था। कुछ ही दिनों में शूटिंग शुरू हो गई। मेरा रोल छोटा था, लेकिन मैंने बाइक के स्टंट खुद किए। उस समय मेरे पिता को कैंसर था, इसलिए काम मिलना मेरे लिए बहुत अहम था। सवाल: राजश्री प्रोडक्शन के साथ आपका सफर कैसा रहा? जवाब: टीवी पर मेरी शुरुआत ‘वो रहने वाली महलों की’ से हुई। इसके बाद ‘यहां मैं घर घर खेली’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे शो किए। फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में भी काम किया। ‘भागे रे मन’ में लीड रोल निभाया और ‘देवांशी’ में निगेटिव रोल किया। सवाल: जिंदगी और काम को लेकर आपका नजरिया क्या है? जवाब: मैं भौतिक चीजों के पीछे नहीं भागती। मुझे लगता है कि जिंदगी अस्थायी है। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन हर चीज हासिल करने की बेचैनी नहीं है। मैं आज भी अपने अंदर के बच्चे को जिंदा रखती हूं और जिंदगी को सहजता से जीने की कोशिश करती हूं।

FWICE President Threatens To Shift Shooting To UP From Mumbai

FWICE President Threatens To Shift Shooting To UP From Mumbai

26 मिनट पहले कॉपी लिंक टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा न मिलने पर बॉलीवुड को उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने की चेतावनी दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में FWICE प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि इस बार टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि जान से मारने के इरादे से की गई थी। उन्होंने बताया कि यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस कमिश्नर और प्रोड्यूसर बॉडीज को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर मुंबई में भयमुक्त माहौल नहीं बना, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे सुरक्षित राज्यों में शिफ्ट हो सकती है। यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। डराने के लिए नहीं, जान लेने की नीयत से हुई फायरिंग बीएन तिवारी ने कहा कि इससे पहले सलमान खान या रोहित शेट्टी जैसे कलाकारों को धमकियां मिलती थीं या दीवारों पर गोलियां चलाई जाती थीं। लेकिन टाइगर श्रॉफ के मामले में हमलावरों ने सीधे जान लेने की नीयत से गोलियां चलाई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है और पूरी इंडस्ट्री इस समय खौफ के माहौल में काम कर रही है। तिवारी ने कहा कि पिछले 6 महीनों के भीतर इंडस्ट्री के कई लोगों को धमकियां मिली हैं और कई मामले तो सामने भी नहीं आ पाए हैं। FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी। 1-2 या 10 शूटरों को पकड़ने से समस्या खत्म नहीं होगी बीएन तिवारी ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जड़ तक जाकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल 2, 5 या 10 शूटरों को गिरफ्तार कर लेने से अपराध खत्म नहीं होगा, जब तक कि इस पूरे सिंडिकेट और जड़ को समाप्त नहीं किया जाता। तिवारी के मुताबिक, बॉलीवुड को सॉफ्ट टारगेट समझा जाता है क्योंकि यहां करोड़ों रुपए का काम होता है। उन्होंने कहा कि जब तक कलाकारों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक वे खुलकर अभिनय या डांस नहीं कर पाएंगे। मुंबई में डर का माहौल रहा तो यूपी शिफ्ट हो सकती है इंडस्ट्री बीएन तिवारी ने कहा कि महाराष्ट्र बॉलीवुड का बेस है और कोई भी नहीं चाहता कि इंडस्ट्री यहां से बाहर जाए। लेकिन अगर कलाकारों और क्रू मेंबर्स की जान ही जोखिम में रहेगी, तो लोग काम करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में भयमुक्त वातावरण है और अगर मुंबई में सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म मेकर्स को यूपी में जाकर शूटिंग शुरू करनी पड़ेगी। 8 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई उस घटना के बाद शुरू हुआ, जब बाइक सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस स्टेशन के पास और भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात में टाइगर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया था। अब समझिए FWICE क्या है? फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। ये खबर भी पढ़ें टाइगर पर हमले से पहले शूटर्स ने की प्रैक्टिस:आरे जंगल में 3-4 दिन निशाना लगाना सीखा, अब फिल्मों के सेट पर सुरक्षा के लिए सख्ती बरती जाएगी टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों संदिग्ध शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में हैं। क्राइम ब्रांच को जांच में पता चला है कि उन्होंने वारदात से पहले आरे के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस की थी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

FWICE President Threatens To Shift Shooting To UP From Mumbai

FWICE President Threatens To Shift Shooting To UP From Mumbai

2 घंटे पहले कॉपी लिंक टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा न मिलने पर बॉलीवुड को उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने की चेतावनी दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में FWICE प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि इस बार टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि जान से मारने के इरादे से की गई थी। उन्होंने बताया कि यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस कमिश्नर और प्रोड्यूसर बॉडीज को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर मुंबई में भयमुक्त माहौल नहीं बना, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे सुरक्षित राज्यों में शिफ्ट हो सकती है। यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। डराने के लिए नहीं, जान लेने की नीयत से हुई फायरिंग बीएन तिवारी ने कहा कि इससे पहले सलमान खान या रोहित शेट्टी जैसे कलाकारों को धमकियां मिलती थीं या दीवारों पर गोलियां चलाई जाती थीं। लेकिन टाइगर श्रॉफ के मामले में हमलावरों ने सीधे जान लेने की नीयत से गोलियां चलाई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है और पूरी इंडस्ट्री इस समय खौफ के माहौल में काम कर रही है। तिवारी ने कहा कि पिछले 6 महीनों के भीतर इंडस्ट्री के कई लोगों को धमकियां मिली हैं और कई मामले तो सामने भी नहीं आ पाए हैं। FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी। 1-2 या 10 शूटरों को पकड़ने से समस्या खत्म नहीं होगी बीएन तिवारी ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जड़ तक जाकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल 2, 5 या 10 शूटरों को गिरफ्तार कर लेने से अपराध खत्म नहीं होगा, जब तक कि इस पूरे सिंडिकेट और जड़ को समाप्त नहीं किया जाता। तिवारी के मुताबिक, बॉलीवुड को सॉफ्ट टारगेट समझा जाता है क्योंकि यहां करोड़ों रुपए का काम होता है। उन्होंने कहा कि जब तक कलाकारों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक वे खुलकर अभिनय या डांस नहीं कर पाएंगे। मुंबई में डर का माहौल रहा तो यूपी शिफ्ट हो सकती है इंडस्ट्री बीएन तिवारी ने कहा कि महाराष्ट्र बॉलीवुड का बेस है और कोई भी नहीं चाहता कि इंडस्ट्री यहां से बाहर जाए। लेकिन अगर कलाकारों और क्रू मेंबर्स की जान ही जोखिम में रहेगी, तो लोग काम करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में भयमुक्त वातावरण है और अगर मुंबई में सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म मेकर्स को यूपी में जाकर शूटिंग शुरू करनी पड़ेगी। 8 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई उस घटना के बाद शुरू हुआ, जब बाइक सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस स्टेशन के पास और भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात में टाइगर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया था। अब समझिए FWICE क्या है? फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। ये खबर भी पढ़ें टाइगर पर हमले से पहले शूटर्स ने की प्रैक्टिस:आरे जंगल में 3-4 दिन निशाना लगाना सीखा, अब फिल्मों के सेट पर सुरक्षा के लिए सख्ती बरती जाएगी टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों संदिग्ध शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में हैं। क्राइम ब्रांच को जांच में पता चला है कि उन्होंने वारदात से पहले आरे के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस की थी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

CBSE Schools AI Course Launch

CBSE Schools AI Course Launch

Hindi News Career CBSE Schools AI Course Launch | Classes 3 To 12 Computational Thinking 8 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयासरत है। इसके तहत इस साल से कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और AI का नया कोर्स लागू किया गया है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए भी AI और संबंधित विषयों की पढ़ाई के लिए मॉड्यूल तैयार हैं। स्पेशल एक्टिविटी-बेस्ड मॉड्यूल लॉन्च राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और AI का 20 घंटे का एक स्पेशल एक्टिविटी-बेस्ड मॉड्यूल लॉन्च किया है। इस मॉड्यूल को IIT मद्रास, IIT जोधपुर और NCERT के एक्सपर्ट ने मिलकर तैयार किया है। इस विषय की एग्जाम अलग से नहीं होगी कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार 20 घंटे के शुरुआती मॉड्यूल का एसेसमेंट स्कूल लेवल पर किया जाएगा। कक्षा 9 में CT और AI मॉड्यूल जरूरी है। जबकि 10वीं के स्टूडेंट्स पुरानी व्यवस्था के अनुसार पढ़ाई जारी रखेंगे। स्टूडेंट्स को बनाना होगी क्यूरियस नोटबुक AI की प्रैक्टिस के लिए स्टूडेंट्स को अपनी एक्टिविटीज रिकॉर्ड करने के लिए एक क्यूरियस नोटबुक बनानी होगी। इसके अलावा, जिन स्कूलों में कंप्यूटर या इंटरनेट की कमी है, वहां टीचर पेपर और ग्रुप डिस्कशन के जरिए इसे अनप्लग मोड में भी पढ़ा सकेंगे। CBSE ने कक्षा 3 से 5 लिए AI को अलग विषय के बजाय मैथ्स और ‘द वर्ल्ड अराउंड अस’ (TWAU) जैसे विषयों के साथ गेम, पहेलियों और गतिविधियों के जरिए पढ़ाया जा रहा है। इसके लिए साल में लगभग 50 घंटे तय किए गए है। इससे विद्यार्थियों को कोडिंग, डेटा साइंस, डिजिटल तकनीक और AI से जुड़े करियर के लिए बुनियादी तैयारी करने में मदद मिल सकती है। कक्षा 3 से 8 के लिए AI लर्निंग का नोटिफिकेशन लिंक CBSE स्किल एजुकेशन पोर्टल लिंक ये खबर भी पढ़ें अशोक सेन ‘ऑस्कर क्लेन मेडल’ पाने वाले पहले भारतीय बने:IIT कानपुर से फिजिक्स में मास्टर्स किया, 2001 में पद्म श्री मिला जानें पूरी प्रोफाइल फिजिक्स साइंटिस्ट अशोक सेन को प्रतिष्ठित ‘ऑस्कर क्लेन मेडल’ से सम्मानित किया गया है। अशोक ये सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

इमरान खान को देश छोड़ने के नोटिस पर राहत:हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक रोक लगाई; केंद्र सरकार ने दिया कार्रवाई न करने का आश्वासन

इमरान खान को देश छोड़ने के नोटिस पर राहत:हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक रोक लगाई; केंद्र सरकार ने दिया कार्रवाई न करने का आश्वासन

अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। केंद्र सरकार की ओर से 28 अक्टूबर तक लीव इंडिया नोटिस पर हाईकोर्ट ने 2 नवंबर दोपहर 3 बजे तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई करते हुए अगली तारीख तय की। केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिया है कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अमेरिकी नागरिक और OCI कार्ड धारक इमरान खान ने FRRO के इस नोटिस को मनमाना बताते हुए याचिका दायर की थी। केंद्र ने मांगा समय, कोर्ट ने 2 नवंबर तक टाली सुनवाई लीगल पोर्टल बार एंड बेंच के मुताबिक, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। इमरान के वकील वेंकटेश धोंड ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि नोटिस के अनुसार उनके मुवक्किल को मंगलवार तक देश छोड़ना था। इस पर ASG ने मौखिक आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद पीठ ने नोटिस के अमल को 2 नवंबर तक स्थगित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी। CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे यह पूरा मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। SIR के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहने के कारण मुंबई पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और चचेरी बहन जैन मैरी खान को हिरासत में ले लिया था। 14 अक्टूबर को मिला देश छोड़ने का नोटिस हिरासत में लिए जाने के चार दिन बाद, 14 अक्टूबर को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान खान को लीव इंडिया नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ इमरान ने अपने वकीलों ज़ुलफिकार मेमन, परवेज़ मेमन और कुणाल वजानी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया है कि कोई भी आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और न ही कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस की प्रक्रिया का पालन किया गया। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के दिया गया यह आदेश पूरी तरह से असंगत और मनमाना है। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। इमरान की कमबैक फिल्म की रिलीज पर असर मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की कमबैक फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ की रिलीज और प्रमोशन पर असर पड़ सकता है। फिल्म को दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना थी। इमरान दिवाली के बाद इसका प्रमोशन शुरू करने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात के कारण योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की टीम स्थिति साफ होने तक प्रमोशन शुरू नहीं करना चाहती। हालांकि, फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अब तक सामने नहीं आई है। इमरान आखिरी बार 2015 में आई फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में नजर आए थे। करीब 11 साल बाद वह भूमि पेडनेकर के साथ फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ से वापसी करने वाले हैं।

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री के स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री के स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

एक्ट्रेस ईशा देओल ने जया बच्चन और अपनी मां हेमा मालिनी के साथ पैपराजी के व्यवहार और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। ईशा ने कहा कि पैपराजी के व्यवहार के लिए सिर्फ तस्वीरें खींचने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इसके पीछे काम करने वाली एजेंसियों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी है। ‘तस्वीरें खींचने वाले लड़के की व्यक्तिगत गलती नहीं’ ईशा ने एक बातचीत में कहा, “एक बच्चा बड़ा होकर टीनएजर बनता है। अगर वह अच्छे से बर्ताव नहीं करता, तो आप किसे दोष देते हैं? माता-पिता को। कहते हैं कि उसकी परवरिश ठीक से नहीं हुई।” उन्होंने आगे कहा कि पैपराजी कल्चर में भी कुछ बड़े लोग हैं, जो तस्वीरें खींचने वालों को कंट्रोल करते हैं और उन्हें निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक, एजेंसियां ज्यादा लाइक्स और सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पाने के लिए इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देती हैं। ईशा ने कहा कि इस समस्या की असली वजह को समझने और सुधारने की जरूरत है। ‘इंडस्ट्री के स्तंभों का सम्मान करना चाहिए’ ईशा ने कहा कि एक परिवार के तौर पर हम इन सब चीजों से गुजर चुके हैं। अगर आप मुझसे सच पूछें, तो मुझे यह बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं लगता। बिना किसी का नाम लिए कहूं, तो ये सभी लोग हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने ही आपको सिनेमा दिया है। इसलिए उन्हें वह सम्मान दीजिए, जिसके वे हकदार हैं। ईशा ने यह भी कहा कि कुछ कलाकार पैपराजी के साथ हंसी-मजाक करना पसंद करते हैं, लेकिन हर किसी के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपनी सीमाएं समझने और दूसरों की सहजता का सम्मान करने की अपील की। जया पैपराजी के व्यवहार पर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं जया बच्चन सार्वजनिक जगहों पर पैपराजी के व्यवहार और अपनी प्राइवेसी को लेकर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं। एक फैशन शो में उन्होंने पैपराजी को चुपचाप तस्वीरें लेने की हिदायत दी थी। बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में जब जया से सवाल पूछा गया कि आपका मीडिया से कैसा रिश्ता है? तो इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, “मेरा मीडिया के साथ रिश्ता बहुत अच्छा है। यह सच है कि मैं खुद मीडिया की ही देन हूं, लेकिन मेरा पैपराजी से कोई रिश्ता नहीं है, वह जीरो है। ये लोग कौन हैं? क्या ये इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं? आप इन्हें मीडिया कहते हैं?” जनवरी में हेमा मालिनी की ट्रोलिंग हुई थी वहीं, जनवरी 2026 में मथुरा में सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान हेमा मालिनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बिना मुस्कुराए छात्रों को मेडल बांटती नजर आईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को ट्रोल किया था। इसके बाद मुंबई में BMC चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं हेमा ने पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा था, “मैं मुस्कुरा रही हूं, ठीक है? अब शिकायत मत करना कि मैं मुस्कुराती नहीं हूं।”

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री की स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री के स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

एक्ट्रेस ईशा देओल ने जया बच्चन और अपनी मां हेमा मालिनी के साथ पैपराजी के व्यवहार और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। ईशा ने कहा कि पैपराजी के व्यवहार के लिए सिर्फ तस्वीरें खींचने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इसके पीछे काम करने वाली एजेंसियों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी है। ‘तस्वीरें खींचने वाले लड़के की व्यक्तिगत गलती नहीं’ ईशा ने IANS के साथ बातचीत में कहा, “एक बच्चा बड़ा होकर टीनएजर बनता है। अगर वह अच्छे से बर्ताव नहीं करता, तो आप किसे दोष देते हैं? माता-पिता को। कहते हैं कि उसकी परवरिश ठीक से नहीं हुई।” उन्होंने आगे कहा कि पैपराजी कल्चर में भी कुछ बड़े लोग हैं, जो तस्वीरें खींचने वालों को कंट्रोल करते हैं और उन्हें निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक, एजेंसियां ज्यादा लाइक्स और सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पाने के लिए इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देती हैं। ईशा ने कहा कि इस समस्या की असली वजह को समझने और सुधारने की जरूरत है। ‘इंडस्ट्री के स्तंभों का सम्मान करना चाहिए’ ईशा ने कहा कि एक परिवार के तौर पर हम इन सब चीजों से गुजर चुके हैं। अगर आप मुझसे सच पूछें, तो मुझे यह बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं लगता। बिना किसी का नाम लिए कहूं, तो ये सभी लोग हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने ही आपको सिनेमा दिया है। इसलिए उन्हें वह सम्मान दीजिए, जिसके वे हकदार हैं। ईशा ने यह भी कहा कि कुछ कलाकार पैपराजी के साथ हंसी-मजाक करना पसंद करते हैं, लेकिन हर किसी के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपनी सीमाएं समझने और दूसरों की सहजता का सम्मान करने की अपील की। जया पैपराजी के व्यवहार पर नाराजगी जता चुकी हैं जया बच्चन सार्वजनिक जगहों पर पैपराजी के व्यवहार और अपनी प्राइवेसी को लेकर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं। एक फैशन शो में उन्होंने पैपराजी को चुपचाप तस्वीरें लेने की हिदायत दी थी। बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में जब जया से सवाल पूछा गया था कि आपका मीडिया से कैसा रिश्ता है? तो इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, “मेरा मीडिया के साथ रिश्ता बहुत अच्छा है। यह सच है कि मैं खुद मीडिया की ही देन हूं, लेकिन मेरा पैपराजी से कोई रिश्ता नहीं है, वह जीरो है। ये लोग कौन हैं? क्या ये इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं? आप इन्हें मीडिया कहते हैं?” जनवरी में हेमा मालिनी की ट्रोलिंग हुई थी वहीं, जनवरी 2026 में मथुरा में सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान हेमा मालिनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बिना मुस्कुराए छात्रों को मेडल बांटती नजर आईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को लेकर उन्हें ट्रोल किया था। इसके बाद मुंबई में BMC चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं हेमा ने पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा था, “मैं मुस्कुरा रही हूं, ठीक है? अब शिकायत मत करना कि मैं मुस्कुराती नहीं हूं।”

CID शो बनाने वाले बीपी सिंह का हार्ट-अटैक से निधन:सुबह ली अंतिम सांस; 'आहट' शो से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान

CID शो बनाने वाले बीपी सिंह का हार्ट-अटैक से निधन:सुबह ली अंतिम सांस; 'आहट' शो से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान

टीवी शो ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह (बीपी सिंह) का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर यह जानकारी दी। अशोक पंडित ने बताया कि बीपी सिंह को सुबह बड़ा हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर को किया जाएगा। दो दशकों तक चले अपराध आधारित शो ‘सीआईडी’ से बीपी सिंह को देशभर में पहचान मिली थी। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि बीपी सिंह एक बेहतरीन निर्माता-निर्देशक थे, जिन्होंने ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ जैसे शोज के जरिए दर्शकों को बांधकर रखा। इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान अशोक पंडित उनके साथ करीबी रूप से काम कर चुके थे। अशोक पंडित ने बीपी सिंह के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। देहरादून में हुआ था जन्म, 1998 में शुरू किया था ‘सीआईडी’ देहरादून में जन्मे बृजेंद्र पाल सिंह ने भारतीय टेलीविजन को सबसे लंबे समय तक चलने वला क्राइम शो ‘सीआईडी’ बनाया था। यह शो साल 1998 में शुरू हुआ था और लगातार दो दशकों तक प्रसारित हुआ। इस शो में बीपी सिंह ने केवल निर्माण और निर्देशन ही नहीं किया, बल्कि समय-समय पर डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। साल 2010 में उनके शो की ओर से ‘सीआईडी गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी की गई थी। ‘आहट’ से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान बीपी सिंह का योगदान केवल ‘सीआईडी’ तक सीमित नहीं था। उन्होंने साल 1995 में हॉरर शो ‘आहट’ की शुरुआत की थी, जो 2015 तक टीवी पर प्रसारित हुआ। भारतीय टेलीविजन पर हॉरर जॉनर को स्थापित करने में इस शो की बड़ी भूमिका रही। इसके अलावा उन्होंने ‘खाकी’, ‘अभय’ और ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन्स’ जैसे कई चर्चित शोज का निर्माण और निर्देशन किया था। 111 मिनट का सिंगल शॉट एपिसोड, गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम बीपी सिंह ने ‘सीआईडी’ के जरिए टेलीविजन इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कराया था। अक्टूबर 2004 में उन्होंने शो का एक विशेष एपिसोड बिना किसी कट के लगातार 111 मिनट के सिंगल शॉट में शूट किया था। इस प्रयोग के लिए शो का नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया था। किसी टीवी शो में इतने लंबे समय तक बिना रुके शूटिंग करने का यह अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड था।