Messi, Ronaldo & Mbappe Feature; France vs Senegal After 24 Years
Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Messi, Ronaldo & Mbappe Feature; France Vs Senegal After 24 Years स्पोर्ट्स डेस्क28 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप में आज के मुकाबलों में दिग्गज खिलाड़ी नजर आएंगे। फ्रांस 24 साल बाद सेनेगल से भिड़ेगा। फ्रांस के स्टार और 2022 वर्ल्डकप में हैट्रिक लगाने वाले एम्बाप्पे से फैंस को काफी उम्मीदें होंगी। पिछला वर्ल्डकप जीतने वाली मेसी की अर्जेंटीना का मुकाबला अल्जीरिया से है। अल्जीरिया बराबरी की टीम तो नहीं है, लेकिन मैदान पर मेसी की मौजूदगी ही दर्शकों का रोमांच बढ़ाने के लिए काफी है। अमेरिका के ह्यूस्टन में खेले जाने वाले मैच पर सबकी नजरें होंगी। कैप्टन क्रिश्चियानो रोनाल्ड की अगुआई में पुर्तगाल कांगो पर जीत के साथ वर्ल्डकप की शुरुआत करना चाहेगी। फ्रांस-सेनेगल का मुकाबला भारतीय टाइम के हिसाब से रात 12.30 बजे से न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी में शुरू होगा। इराक और नॉर्वे के बीच रात 3:30 बजे से मैच बोस्टन स्टेडियम में होगा। अर्जेंटीना सुबह 6:30 बजे कंसास सिटी स्टेडियम में अल्जीरिया के खिलाफ खेलगी। ऑस्ट्रिया और जॉर्डन सुबह 9:30 बजे सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में भिड़ेंगे। वहीं पुर्तगाल और डीआर कांगो के बीच मुकाबला रात 10:30 बजे ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच-17: 2002 की हार का बदला लेना चाहेगा फ्रांस ग्रुप-I में शामिल फ्रांस और सेनेगल के बीच यह दूसरा वर्ल्ड कप मुकाबला होगा। दोनों टीमें आखिरी बार 2002 वर्ल्ड कप में भिड़ी थीं, जहां टूर्नामेंट में डेब्यू कर रही सेनेगल ने मौजूदा चैंपियन फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। फ्रांस की टीम स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे के दम पर जीत के साथ अभियान शुरू करना चाहेगी। दूसरी ओर सेनेगल की उम्मीदें अनुभवी स्ट्राइकर सादियो माने पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: फ्रांस: माइग्नन, कुंडे, कोनाते, सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, राबियो, ओलिसे, डेम्बेले, एम्बाप्पे, थुराम। सेनेगल: मेंडी, मेंडी, कुलिबाली, नियाखाते, जैकोब्स, गुएये, लामिन कामारा, पापे सार, इस्माइला सार, माने, निकोलस जैक्सन। मैच-18: हालैंड पर टिकी रहेंगी नॉर्वे की उम्मीदें ग्रुप-I में शामिल इराक और नॉर्वे पहली बार किसी इंटरनेशनल मुकाबले में आमने-सामने होंगे। 1998 के बाद वर्ल्ड कप में लौटी नॉर्वे की टीम अपने स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के दम पर जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं इराक ने प्लेऑफ के जरिए वर्ल्ड कप में जगह बनाई है और वह उलटफेर की उम्मीद के साथ मैदान पर उतरेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इराक: जलाल हसन, हुसैन अली, रेबिन सुलाका, जायद तहसीन, मर्चास डोस्की, जिदान इकबाल, अमीर अल अम्मारी, इब्राहिम बायेश, अली जासिम, अयमेन हुसैन, अली अल हमादी। नॉर्वे: नायलैंड, रायर्सन, अयेर, ओस्टिगार्ड, ब्योर्कान, बर्गे, ओडेगार्ड, ऑर्सनेस, नुसा, सोरलोथ, हालैंड। मैच-19: खिताब बचाने के मिशन पर अर्जेंटीना ग्रुप-J में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना अल्जीरिया से होगा। लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना टीम जीत के साथ अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत करना चाहेगी। वहीं अल्जीरिया की टीम अपने स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद अमौरा के दम पर चौंकाने की कोशिश करेगी। दोनों टीमें वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज, मोलिना, रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज, टैग्लियाफिको, डी पॉल, एंजो फर्नांडीज, मैक एलिस्टर, मेसी, जूलियन अल्वारेज, लॉटारो मार्टिनेज। अल्जीरिया: बेनबोट, आइसा मांडी, बेलाइड, बेन्सेबैनी, ऐत-नूरी, बेंटालेब, आउआर, माजा, महरेज, अमौरा, गौइरी। मैच-20: वर्ल्ड कप डेब्यू में जॉर्डन ग्रुप-J में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के बीच मुकाबला खेला जाएगा। पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही जॉर्डन की टीम के सामने यूरोप की मजबूत ऑस्ट्रियाई टीम की चुनौती होगी। ऑस्ट्रिया को मार्सेल साबित्जर और मार्को अर्नाटोविच से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं जॉर्डन की नजर अपने स्टार खिलाड़ी मौसा तमारी पर रहेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ऑस्ट्रिया: श्लागर, म्वेने, अलाबा, लिनहार्ट, लाइमर, सेवाल्ड, श्लागर, साबित्जर, श्मिड, ग्रेगोरिट्श, अर्नाटोविच। जॉर्डन: अबुलाइला, याजन अल अरब, नसीब, सलीम ओबैद, अबू ताहा, अल राशदान, अल रावाबदेह, हद्दाद, फखौरी, अली ओलवान, मौसा तमारी। मैच-21: रोनाल्डो की अगुआई में उतरेगा पुर्तगाल ग्रुप-K में शामिल पुर्तगाल का सामना डीआर कांगो से होगा। 41 साल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की अगुआई वाली टीम जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज करना चाहेगी। पुर्तगाल के पास ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा और वितिन्हा जैसे स्टार खिलाड़ी हैं। वहीं डीआर कांगो की टीम उलटफेर के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: पुर्तगाल: डियोगो कोस्टा, जोआओ कैंसलो, रूबेन डायस, गोंकालो इनासियो, नूनो मेंडेस, जोआओ नेवेस, ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा, बर्नार्डो सिल्वा, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, पेड्रो नेटो। डीआर कांगो: लियोनेल म्पासी, आरोन वान-बिसाका, स्टीव कापुआडी, एक्सेल तुआंजेबे, चांसल मबेम्बा, आर्थर मासुआकू, सैमुअल मूटूसामी, नोआ सादिकी, नगाल’आयेल मुकाउ, योआने विस्सा, सेड्रिक बाकाम्बू। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में डबल हेडर आज:न्यूजीलैंड-श्रीलंका, इंग्लैंड-आयरलैंड में मुकाबला; डिफेंडिंग चैंपियन को पहली जीत की तलाश
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को साउथम्पटन के रोज बाउल ग्राउंड पर डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड का सामना श्रीलंका से रात 7 बजे से होगा। फिर रात 11 बजे से मेजबान इंग्लैंड और आयरलैंड दूसरे मुकाबले में आमने-सामने होंगे। न्यूजीलैंड और श्रीलंका दोनों ही टीमें अपना पहला मैच हार चुकी हैं। न्यूजीलैंड को वेस्टइंडीज ने हराया था, जबकि श्रीलंका को इंग्लैंड ने मात दी थी। आयरलैंड को स्कॉटलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच अब तक 16 महिला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले पूरे हुए हैं। इनमें न्यूजीलैंड ने 14 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका सिर्फ 2 मुकाबले जीत सकी है। एक मैच नो रिजल्ट रहा है। हालांकि, पिछले चार मैचों में श्रीलंका ने दो बार न्यूजीलैंड को हराया है, जिससे मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। सुजी बेट्स और ताहुहू की वापसी पर नजर न्यूजीलैंड की अनुभवी बल्लेबाज सुजी बेट्स वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला मैच नहीं खेल सकी थीं। यह पहला मौका था जब न्यूजीलैंड ने उनके बिना महिला टी-20 वर्ल्ड कप का मैच खेला। टीम मैनेजमेंट उन्हें श्रीलंका के खिलाफ प्लेइंग-11 में वापस ला सकता है। अनुभवी तेज गेंदबाज लिया ताहुहू की वापसी भी संभव है। न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया कर टीम की सबसे अहम खिलाड़ी होंगी। उन्होंने इस साल 11 पारियों में 477 रन बनाए हैं और 12 मैचों में 11 विकेट भी लिए हैं। पहले मैच में नाकाम रहने के बाद उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। श्रीलंका बदलाव कर सकती है इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद श्रीलंका अपनी बैटिंग ऑर्डर में बदलाव कर सकती है। ओपनर हसिनी परेरा की वापसी पर विचार किया जा सकता है। कप्तान चमारी अट्टापट्टू के साथ टीम को हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी से भी बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी। श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस साल पांच पारियों में 147 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 148.48 रहा है। पिछले चार मैचों में उनके बल्ले से दो बार 40 से ज्यादा रन निकले हैं। इंग्लैंड की नजर लगातार दूसरी जीत पर दिन के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड की टीम आयरलैंड से भिड़ेगी। इंग्लैंड ने पहले मैच में श्रीलंका को हराकर टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की थी। टीम ने तीन प्रमुख स्पिनरों के साथ खेला था। आयरलैंड के लिए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। टीम अब तक महिला टी-20 वर्ल्ड कप में 18 मैच खेल चुकी है, लेकिन एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। हालांकि 2024 में आयरलैंड ने इंग्लैंड को टी-20 मुकाबले में हराया था, इसलिए वह उलटफेर की उम्मीद लेकर उतरेगी। इंग्लैंड की ऑफ स्पिनर चार्ली डीन 2025 की शुरुआत से 23 विकेट ले चुकी हैं, जो इस पीरियड में किसी भी इंग्लिश स्पिनर द्वारा सबसे ज्यादा हैं। वहीं आयरलैंड की कप्तान गैबी लुईस पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी होगी। मौसम और पिच रिपोर्ट साउथम्पटन में मंगलवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। शाम के समय हल्की बारिश की संभावना है और तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस मैदान पर टूर्नामेंट का अब तक एक ही मैच खेला गया है, जिसमें वेस्टइंडीज ने 163 रन का लक्ष्य चेज किया था। पिच पर घास मौजूद है, जिससे तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिल सकती है। पॉसिबल प्लेइंग-11 पहला मैच न्यूजीलैंड: जॉर्जिया प्लिमर, सुजी बेट्स/इज़ी गेज, मेली केर (कप्तान), सोफी डिवाइन, ब्रूक हॉलिडे, मैडी ग्रीन, इज़ी शार्प, जेस केर, नेन्सी पटेल, रोजमेरी मेयर, लिया ताहुहू। श्रीलंका: विश्मी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कविशा दिलहारी, निलाक्षिका सिल्वा, कौशिनी नुथ्यांगना, सुगंधिका कुमारी, माल्की मदारा, मिथाली अयोध्या। दूसरा मैच इंग्लैंड: डैनी वायट-हॉज, एमी जोन्स, नैट साइवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसी स्मिथ, लॉरेन बेल। आयरलैंड: एमी हंटर, अलाना डालजेल, गैबी लुईस (कप्तान), ऑर्ला प्रेंडरगास्ट, रेबेका स्टोकेल, लिया पॉल, एलिस टेक्टर, आर्लीन केली, एवा कैनिंग, कारा मरे, एमी मैग्वायर। ————————————— विमेंस वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारतीय खिलाड़ियों ने 11वीं बार पाकिस्तानियों से हाथ नहीं मिलाया भारत ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में अपने पहले मैच में पाकिस्तान को 64 रन से हराया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस के समय पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। अब टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बन गई हैं। पढ़ें पूरी खबर
मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए
कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं…, ये बेहतरीन सदाबहार डायलॉग हैं डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के जो आज 76 साल के हो चुके हैं। बीते साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से हुई भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। मिथुन चक्रवर्ती ही वो पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से- किस्सा- 1 गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया। हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। लेकिन कोर्स शुरू होने में समय था, तो वो शख्स बहन की शादी के लिए मुंबई जाने वाला था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और शक्ति भी उस लड़के के साथ मुंबई चले गए। मुंबई में उन्हें पता चला कि वो शादी उस वक्त के मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना की है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे। शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति और उनके दोस्त को होस्टल छोड़ने गए। गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’ वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए। रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थक हारकर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे नहीं बनना एक्टर। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए। किस्सा- 2 सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं। एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था। किस्सा- 3 रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, “मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें। किस्सा- 4 रूममेट ने घर से निकाला, बाथरूम साफ करने की शर्त रखी गई मुंबई में रहते हुए उन्हें एक दोस्त ने अपने कमरे में जगह दे दी। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने भी मिथुन को घर से निकाल दिया। ऐसे में मिथुन कई दिनों तक फुटपाथ में ही गुजारा करते रहे। मिथुन बाथरूम इस्तेमाल करने के लिए एक जिम जाते थे, ऐसे में जिम के मालिक ने शर्त रखी थी कि अगर बाथरूम यूज करना है, तो रोज आकर सफाई करनी पड़ेगी। ये किस्सा मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। डांस इंडिया डांस शो में मिथुन ने बताया कि उन्होंने कई रातें भूख में फुटपाथ में सोकर गुजारीं। यही वजह है कि वो कभी नहीं चाहते कि उनकी बायोपिक बने, क्योंकि उनकी कहानी, लोगों को तोड़ देगी। किस्सा-5 फ्लर्ट करते देख मृणाल सेन ने दी पहली फिल्म मृगया मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 की फिल्म मृगया से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म के लिए उन्हें कॉलेज के दिनों में ही कास्ट कर लिया गया था। दरअसल, हुआ कुछ यूं कि जिस समय मिथुन पुणे के FTII में पढ़ रहे थे, तब डायरेक्टर मृणाल
Messi, Ronaldo & Mbappe Feature; France vs Senegal After 24 Years
Hindi News Sports FIFA World Cup 2026: Messi, Ronaldo & Mbappe Feature; France Vs Senegal After 24 Years स्पोर्ट्स डेस्क2 घंटे पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप में आज के मुकाबलों में दिग्गज खिलाड़ी नजर आएंगे। फ्रांस 24 साल बाद सेनेगल से भिड़ेगा। फ्रांस के स्टार और 2022 वर्ल्डकप में हैट्रिक लगाने वाले एम्बाप्पे से फैंस को काफी उम्मीदें होंगी। पिछला वर्ल्डकप जीतने वाली मेसी की अर्जेंटीना का मुकाबला अल्जीरिया से है। अल्जीरिया बराबरी की टीम तो नहीं है, लेकिन मैदान पर मेसी की मौजूदगी ही दर्शकों का रोमांच बढ़ाने के लिए काफी है। अमेरिका के ह्यूस्टन में खेले जाने वाले मैच पर सबकी नजरें होंगी। कैप्टन क्रिश्चियानो रोनाल्ड की अगुआई में पुर्तगाल कांगो पर जीत के साथ वर्ल्डकप की शुरुआत करना चाहेगी। फ्रांस-सेनेगल का मुकाबला भारतीय टाइम के हिसाब से रात 12.30 बजे से न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी में शुरू होगा। इराक और नॉर्वे के बीच रात 3:30 बजे से मैच बोस्टन स्टेडियम में होगा। अर्जेंटीना सुबह 6:30 बजे कंसास सिटी स्टेडियम में अल्जीरिया के खिलाफ खेलगी। ऑस्ट्रिया और जॉर्डन सुबह 9:30 बजे सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में भिड़ेंगे। वहीं पुर्तगाल और डीआर कांगो के बीच मुकाबला रात 10:30 बजे ह्यूस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच-17: 2002 की हार का बदला लेना चाहेगा फ्रांस ग्रुप-I में शामिल फ्रांस और सेनेगल के बीच यह दूसरा वर्ल्ड कप मुकाबला होगा। दोनों टीमें आखिरी बार 2002 वर्ल्ड कप में भिड़ी थीं, जहां टूर्नामेंट में डेब्यू कर रही सेनेगल ने मौजूदा चैंपियन फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। फ्रांस की टीम स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे के दम पर जीत के साथ अभियान शुरू करना चाहेगी। दूसरी ओर सेनेगल की उम्मीदें अनुभवी स्ट्राइकर सादियो माने पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: फ्रांस: माइग्नन, कुंडे, कोनाते, सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, राबियो, ओलिसे, डेम्बेले, एम्बाप्पे, थुराम। सेनेगल: मेंडी, मेंडी, कुलिबाली, नियाखाते, जैकोब्स, गुएये, लामिन कामारा, पापे सार, इस्माइला सार, माने, निकोलस जैक्सन। मैच-18: हालैंड पर टिकी रहेंगी नॉर्वे की उम्मीदें ग्रुप-I में शामिल इराक और नॉर्वे पहली बार किसी इंटरनेशनल मुकाबले में आमने-सामने होंगे। 1998 के बाद वर्ल्ड कप में लौटी नॉर्वे की टीम अपने स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के दम पर जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं इराक ने प्लेऑफ के जरिए वर्ल्ड कप में जगह बनाई है और वह उलटफेर की उम्मीद के साथ मैदान पर उतरेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इराक: जलाल हसन, हुसैन अली, रेबिन सुलाका, जायद तहसीन, मर्चास डोस्की, जिदान इकबाल, अमीर अल अम्मारी, इब्राहिम बायेश, अली जासिम, अयमेन हुसैन, अली अल हमादी। नॉर्वे: नायलैंड, रायर्सन, अयेर, ओस्टिगार्ड, ब्योर्कान, बर्गे, ओडेगार्ड, ऑर्सनेस, नुसा, सोरलोथ, हालैंड। मैच-19: खिताब बचाने के मिशन पर अर्जेंटीना ग्रुप-J में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना अल्जीरिया से होगा। लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना टीम जीत के साथ अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत करना चाहेगी। वहीं अल्जीरिया की टीम अपने स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद अमौरा के दम पर चौंकाने की कोशिश करेगी। दोनों टीमें वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज, मोलिना, रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज, टैग्लियाफिको, डी पॉल, एंजो फर्नांडीज, मैक एलिस्टर, मेसी, जूलियन अल्वारेज, लॉटारो मार्टिनेज। अल्जीरिया: बेनबोट, आइसा मांडी, बेलाइड, बेन्सेबैनी, ऐत-नूरी, बेंटालेब, आउआर, माजा, महरेज, अमौरा, गौइरी। मैच-20: वर्ल्ड कप डेब्यू में जॉर्डन ग्रुप-J में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के बीच मुकाबला खेला जाएगा। पहली बार वर्ल्ड कप खेल रही जॉर्डन की टीम के सामने यूरोप की मजबूत ऑस्ट्रियाई टीम की चुनौती होगी। ऑस्ट्रिया को मार्सेल साबित्जर और मार्को अर्नाटोविच से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं जॉर्डन की नजर अपने स्टार खिलाड़ी मौसा तमारी पर रहेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ऑस्ट्रिया: श्लागर, म्वेने, अलाबा, लिनहार्ट, लाइमर, सेवाल्ड, श्लागर, साबित्जर, श्मिड, ग्रेगोरिट्श, अर्नाटोविच। जॉर्डन: अबुलाइला, याजन अल अरब, नसीब, सलीम ओबैद, अबू ताहा, अल राशदान, अल रावाबदेह, हद्दाद, फखौरी, अली ओलवान, मौसा तमारी। मैच-21: रोनाल्डो की अगुआई में उतरेगा पुर्तगाल ग्रुप-K में शामिल पुर्तगाल का सामना डीआर कांगो से होगा। 41 साल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की अगुआई वाली टीम जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज करना चाहेगी। पुर्तगाल के पास ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा और वितिन्हा जैसे स्टार खिलाड़ी हैं। वहीं डीआर कांगो की टीम उलटफेर के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: पुर्तगाल: डियोगो कोस्टा, जोआओ कैंसलो, रूबेन डायस, गोंकालो इनासियो, नूनो मेंडेस, जोआओ नेवेस, ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा, बर्नार्डो सिल्वा, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, पेड्रो नेटो। डीआर कांगो: लियोनेल म्पासी, आरोन वान-बिसाका, स्टीव कापुआडी, एक्सेल तुआंजेबे, चांसल मबेम्बा, आर्थर मासुआकू, सैमुअल मूटूसामी, नोआ सादिकी, नगाल’आयेल मुकाउ, योआने विस्सा, सेड्रिक बाकाम्बू। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
40% Companies Prefer Degree+AI Skills; China Scraps 12K Degrees, Launches AI Courses
Hindi News National 40% Companies Prefer Degree+AI Skills; China Scraps 12K Degrees, Launches AI Courses नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक देश में आईटी, कानून, वाणिज्य, अनुवाद, डिजाइन और पुस्तकालय विज्ञान जैसे क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर शुरू हो चुका है। AI के टूल्स ने उन कामों को या तो खत्म कर दिया है या बेहद सिकोड़ दिया है, जिनके लिए लाखों छात्र हर साल डिग्रियां लेते हैं। टीमलीज जैसी बड़ी एचआर कंपनी का कहना है कि 40% कंपनियां ‘हाइब्रिड स्किल’ यानी डिग्री के साथ AI टूल्स की जानकारी को अनिवार्य मानती हैं। नैस्कॉम की 2024 की रिपोर्ट कहती है कि देश में 82% बीसीए और एमसीए स्नातकों को AI टूल्स की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार, नौकरियां उन लोगों के पास रहेंगी जो AI टूल का उपयोग करके उत्पादकता 40% तक बढ़ा सकते हैं। आईबीएम इंस्टीट्यूट फॉर बिजनेस वैल्यू की रिपोर्ट कहती है कि AI लोगों की जगह नहीं लेगा, पर जो AI का उपयोग करते हैं, वे उनकी जगह ले लेंगे जो ऐसा नहीं करते। ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के अनुसार, 2030 तक 22% नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। इधर, चीन ने 2021 और 2025 के बीच अपने विश्वविद्यालयों ने 12,200 से अधिक स्नातक (अंडरग्रेजुएट) कार्यक्रमों को रद्द या निलंबित कर दिया, जबकि लगभग 10,200 नए कार्यक्रम शुरू किए। एक्सपर्ट बोले- तरीका नहीं बदला तो डिग्रियों की कोई वैल्यू नहीं रहेगी दैनिक भास्कर ने टेक कंपनी ‘पीपुलस्ट्रॉन्ग’ और ‘टैग्ड’ के सह-संस्थापक और एचआर पंकज बंसल से AI के असर पर चर्चा की और उनके 10 सवाल किए, जिन्हें उन्होंने जवाब दिए हैं। पारंपरिक डिग्री वालों का क्या होगा?पारंपरिक डिग्रियां पूरी तरह बेकार नहीं होंगी, लेकिन उनका स्वरूप अप्रासंगिक हो रहा है। पढ़ाई का तरीका और कंटेंट न बदला, तो उन डिग्रियों की कोई वैल्यू नहीं बचेगी। बाजार में केवल थ्योरी या रट्टा वाले औसत छात्रों की जरूरत खत्म हो रही है। अपग्रेड करना होगा। जो डिग्री ले रहे हैं, वे क्या कर सकते हैं?जो छात्र अभी सेकंड या थर्ड ईयर में हैं, वे लाइव प्रोजेक्ट पर काम शुरू करें। AI टूल्स का प्रोफेशनल लाइसेंस लें, उस पर 6 महीने रात-दिन काम करें और सॉफ्टवेयर या वेबसाइट्स बनाएं। जो डिग्री पूरी कर चुके हैं, वे क्या करें?सबसे बेहतरीन रास्ता है- इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट। अगर आपको किसी बड़ी कंपनी में मौका नहीं मिल रहा है, तो छोटे स्टार्टअप, एनजीओ या अपने स्थानीय क्षेत्र की किसी फैक्ट्री या दुकान के पास जाएं। उनकी समस्याओं को समझें और AI से उन्हें सुलझाएं। ‘ग्रेजुएशन’ की वैल्यू कितनी बचेगी?भारत में अभी नौकरी के आवेदन शॉर्टलिस्ट करने के लिए ग्रेजुएशन की ‘स्टैम्पिंग’ जरूरी है और यह स्थिति अगले 3 से 5 साल तक बनी रहेगी। लेकिन इसके बाद न्यू एजुकेशन पॉलिसी (NEP) का ‘5.5 क्रेडिट स्कोर’ इसे रिप्लेस कर देगा, जहां प्रैक्टिकल काम और प्रोफेशनल कोर्सेज के जरिए अंक मिलेंगे। आने वाले समय में लोग पूछेंगे कि आप ‘5.5 स्केलर’ हैं या नहीं। टेक वर्ल्ड में पहली नौकरी के बाद कोई आपकी डिग्री नहीं पूछेगा। ऐसे में जॉब पाने का अच्छा तरीका क्या?सबसे अच्छा तरीका है कि आप ‘10x इंजीनियर’ या ‘10x प्रोफेशनल’ बनें, यानी जो अकेले 10 सामान्य लोगों का काम संभाल सके। अगर आप AI की मदद से किसी कंपनी का समय और लागत बचा सकते हैं, तो जहां पहले 5 लाख रु. का शुरुआती पैकेज मिलता था, वहां आज कंपनियां 25 लाख रु. की शुरुआती तनख्वाह देने को तैयार हैं। कंपनियों को ‘औसत’ लोग नहीं, बल्कि काम के लोग चाहिए। AI कोर्सेज से जॉब के दावे सही हैं?बिल्कुल नहीं। नुक्कड़ पर चल रहे किसी भी संस्थान से AI का सर्टिफिकेट ले लेने से नौकरी की कोई गारंटी नहीं मिलती। AI सर्टिफिकेट सीवी को शॉर्टलिस्ट होने में मदद कर सकता है, पर नौकरी तभी मिलेगी जब बुनियादी योग्यता होगी, AI का व्यावहारिक ज्ञान होगा और असेसमेंट टेस्ट क्लियर करेंगे। एंट्री लेवल यानी फ्रेशर्स की जॉब्स पर इसका क्या और कितना असर पड़ रहा है?शुरुआती दौर में दबाव जरूर है क्योंकि जो बुनियादी काम पहले 10 लोग मिलकर करते थे, वह अब दो लोग AI की मदद से निपटा रहे हैं। इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी ट्रेडिशनल कंपनियों ने शुरुआत में फ्रेशर्स की हायरिंग रोकी या टाली है। लेकिन यह केवल शॉर्ट-टर्म ट्रेंड है, लॉन्ग-टर्म में जॉब मार्केट में नेट एडिशन (नौकरियों की बढ़ोतरी) ही होने वाला है। जब आईटी कंपनियां भर्तियां रोक रही हैं, तो नए युवाओं को जॉब कहां मिलेगी?भारत में इस समय ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी (GCCs) की बाढ़ आई हुई है। देश में 4000 से ज्यादा जीसीसी हैं और हर हफ्ते दो नए सेंटर खुल रहे हैं। ये सेंटर्स AI स्किल्स वाले युवाओं को बहुत भारी पैकेज और ऊंची सैलरी पर हायर कर रहे हैं। इसके अलावा धीरे-धीरे ट्रेडिशनल कंपनियों में भी नियुक्तियां दोबारा खुलने लगी हैं। क्या AI इंसानों को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा, क्या इसकी लागत इंसानों से कम है?वैश्विक संगठनों को समझ आने लगा है कि AI की कॉस्ट (टोकन और जीपीयू प्रोसेसिंग लागत) इंसानी लागत से कम नहीं है। कई स्टार्टअप्स का AI बिल इतना ज्यादा आ रहा है कि वे AI टूल्स के बजाय दो इंसानों को हायर करना बेहतर समझ रहे हैं। इसके अलावा, जिन कामों में मानवीय निर्णय और लोगों से जुड़ने की जरूरत होती है, वहां AI कभी रिप्लेस नहीं कर सकता। वो कौन-सी मानवीय खूबियां और सेक्टर्स हैं, जहां इंसान ही सबसे आगे रहेंगे?AI के दौर में चार मानवीय खूबियां सबसे कीमती हो गई हैं- एग्रीगेशन एबिलिटी (चीजों को आपस में जोड़ने की समझ), डिसीजन मेकिंग (निर्णय क्षमता), हाई ईक्यू (इमोशनल कोशेंट) और अपनी बात को प्रभावी ढंग से बयां करने का हुनर। अगर सेक्टर्स की बात करें, तो हॉस्पिटैलिटी, डेटा साइंसेज, सेल्स और AI-असिस्टेड स्पेशलिस्ट्स (जैसे डॉक्टर या जर्नलिस्ट जो AI जानते हों) के रोल्स हमेशा सुरक्षित और मजबूत रहेंगे। चीन ने 12 हजार डिग्रियां खत्म कीं, AI कोर्स शुरू चीन ने 2021 और 2025 के बीच अपने विश्वविद्यालयों ने 12,200 से अधिक स्नातक (अंडरग्रेजुएट) कार्यक्रमों को रद्द या निलंबित कर दिया, जबकि लगभग 10,200 नए कार्यक्रम शुरू किए। इनमें से कई कटौतियां कला, मानविकी, विदेशी भाषाओं और प्रबंधन में केंद्रित थीं, क्योंकि चीन सरकार विश्वविद्यालयों पर AI, सेमीकंडक्टर्स, रोबोटिक्स
Spain Held by Cape Verde in FIFA World Cup 2026 Qualifier
अटलांटा14 मिनट पहले कॉपी लिंक मैच समाप्त होने के बाद केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने जश्न मनाया। FIFA वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन को डेब्यू कर रही केप वर्डे ने 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। ग्रुप-H के मुकाबले में स्पेन ने पूरे मैच में दबदबा बनाया, लेकिन केप वर्डे के 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा और मजबूत डिफेंस के सामने एक भी गोल नहीं कर सकी। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने 74% बॉल पोजेशन रखा और 27 शॉट लगाए, लेकिन टीम गोल करने में नाकाम रही। दूसरी ओर, वर्ल्ड कप में पहला मैच खेल रही केप वर्डे ने एक अंक हासिल कर लिया। ग्रुप-H में अब स्पेन का अगला मुकाबला उरुग्वे से होगा, जबकि केप वर्डे की टीम सऊदी अरब के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। मैच खत्म होते ही केप वर्डे के खिलाड़ियों ने ड्रॉ की जीत जैसी खुशी मनाई। मैच में खास वर्ल्ड कप में डेब्यू कर रही केप वर्डे ने अपने पहले ही मैच में यूरो 2024 चैंपियन स्पेन को ड्रॉ पर रोक दिया। 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा ने 7 शानदार सेव कर स्पेन को गोल से दूर रखा। स्पेन ने 27 शॉट लगाए, लेकिन एक भी गोल नहीं कर सकी। यह वर्ल्ड कप इतिहास में उसके सबसे निराशाजनक आक्रामक प्रदर्शनों में से एक रहा। वोजिन्हा की दीवार नहीं तोड़ सकी स्पेन स्पेन ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन केप वर्डे डिफेंडर्स लगातार उसके हमलों को रोकते रहे। 39वें मिनट में फेरान टोरेस गोल करने के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। रीबाउंड पर मिकेल ओयारजाबाल के हेडर को वोजिन्हा ने शानदार अंदाज में बचा लिया। इसके बाद पहले हाफ के अंत में वोजिन्हा ने टोरेस और आयमेरिक लापोर्टे के प्रयासों को भी नाकाम कर दिया। यामाल भी नहीं बदल सके मैच का नतीजा दूसरे हाफ में स्पेन ने दबाव और बढ़ाया। 71वें मिनट में स्टार विंगर लामिन यामाल को मैदान पर उतारा गया। यामाल के आने से स्पेन के हमलों में तेजी आई, लेकिन केप वर्डे का डिफेंस अडिग रहा। 73वें मिनट में मिकेल मेरिनो का शॉट वोजिन्हा ने बचाया, जबकि 88वें मिनट में ओयारजाबाल के लगभग तय गोल को डिफेंडर पिको लोप्स ने लाइन के सामने ब्लॉक कर दिया। लामिन यामाल स्पेन के लिए गोल नहीं कर सके। केप वर्डे जीत भी सकता था मैच के इंजरी टाइम में केप वर्डे ने भी इतिहास रचने का मौका बनाया। 90वें मिनट में डाइनी बोर्गेस को कॉर्नर पर हेडर का मौका मिला, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव कर दिया। आंकड़ों में स्पेन की निराशा स्पेन ने 27 शॉट लगाए, लेकिन गोल नहीं कर सकी। स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबाल ने मैच के पहले 30 मिनट तक गेंद को छुआ तक नहीं। स्पेन लगातार चौथे वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच में जीत दर्ज नहीं कर सकी। वोजिन्हा वर्ल्ड कप डेब्यू मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल हो गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Spain Held by Cape Verde in FIFA World Cup 2026 Qualifier
अटलांटा7 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप में डेब्यू कर रही केप वर्डे ने 2010 की चैंपियन स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया है। ग्रुप-H के एक अन्य मुकाबले में सऊदी अरब ने 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे को अंक साझा करने पर विवश कर दिया। यह मैच 1-1 की बराबरी पर छूटा। मंगलवार को ग्रुप-एच के पहले मैच में स्पेन का दबदबा रहा, लेकिन 2010 की वर्ल्ड चैंपियन स्पेन केप वर्डे के 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा और मजबूत डिफेंस को भेद नहीं सकी। उसने अटलांटा स्टेडियम में 74% बॉल पोजेशन रखा और 27 शॉट लगाए, लेकिन गोल नहीं आया। दूसरी ओर फ्लोरिडा के मियामी स्टेडियम में उरुग्वे ने गोल करने के 29 प्रयास किए। इनमें से 11 ऑन टारगेट थे। लेकिन, सऊदी अरब के गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस ने 10 मौकों पर सफल बचाव किया और टीम के लिए एक अंक हासिल किया। इन मैचों के बाद उरुग्वे ग्रुप-एच की पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर आ गई है। सऊदी अरब दूसरे, स्पेन तीसरे और केप वर्डे चौथे स्थान पर है। इस ग्रुप का अगला मुकाबला स्पेन-उरुग्वे के बीच होगा। साथ ही केप वर्डे की टीम सऊदी अरब के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। मैच खत्म होते ही केप वर्डे के खिलाड़ियों ने ड्रॉ की जीत जैसी खुशी मनाई। मैच में खास वर्ल्ड कप में डेब्यू कर रही केप वर्डे ने अपने पहले ही मैच में यूरो 2024 चैंपियन स्पेन को ड्रॉ पर रोक दिया। 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा ने 7 शानदार सेव कर स्पेन को गोल से दूर रखा। स्पेन ने 27 शॉट लगाए, लेकिन एक भी गोल नहीं कर सकी। यह वर्ल्ड कप इतिहास में उसके सबसे निराशाजनक आक्रामक प्रदर्शनों में से एक रहा। वोजिन्हा की दीवार नहीं तोड़ सकी स्पेन स्पेन ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन केप वर्डे डिफेंडर्स लगातार उसके हमलों को रोकते रहे। 39वें मिनट में फेरान टोरेस गोल करने के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। रीबाउंड पर मिकेल ओयारजाबाल के हेडर को वोजिन्हा ने शानदार अंदाज में बचा लिया। इसके बाद पहले हाफ के अंत में वोजिन्हा ने टोरेस और आयमेरिक लापोर्टे के प्रयासों को भी नाकाम कर दिया। यामाल भी नहीं बदल सके मैच का नतीजा दूसरे हाफ में स्पेन ने दबाव और बढ़ाया। 71वें मिनट में स्टार विंगर लामिन यामाल को मैदान पर उतारा गया। यामाल के आने से स्पेन के हमलों में तेजी आई, लेकिन केप वर्डे का डिफेंस अडिग रहा। 73वें मिनट में मिकेल मेरिनो का शॉट वोजिन्हा ने बचाया, जबकि 88वें मिनट में ओयारजाबाल के लगभग तय गोल को डिफेंडर पिको लोप्स ने लाइन के सामने ब्लॉक कर दिया। लामिन यामाल स्पेन के लिए गोल नहीं कर सके। बोर्गेस हेडर पर गोल नहीं कर सके मैच के इंजरी टाइम में केप वर्डे ने भी इतिहास रचने का मौका बनाया। 90वें मिनट में डाइनी बोर्गेस को कॉर्नर पर हेडर का मौका मिला, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव कर दिया। आंकड़ों में स्पेन की निराशा स्पेन ने 27 शॉट लगाए, लेकिन गोल नहीं कर सकी। स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबाल ने मैच के पहले 30 मिनट तक गेंद को छुआ तक नहीं। स्पेन लगातार चौथे वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच में जीत दर्ज नहीं कर सकी। वोजिन्हा वर्ल्ड कप डेब्यू मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल हो गए। मैच-13: सऊदी अरब Vs उरुग्वे, स्कोरलाइन 1-1 अमरी ने रिबाउंड पर गोल किया, सऊदी को बढ़त मैच की शुरुआत में उरुग्वे ने आक्रामक खेल दिखाया। मैक्सी अराउजो और फेडेरिको विनास ने शुरुआती मौकों पर सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस की परीक्षा ली, लेकिन वे गोल नहीं कर सके। सऊदी अरब ने कॉर्नर किक के जरिए दबाव बनाया। एक सेट पीस पर उरुग्वे के गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने शानदार बचाव किया, लेकिन अगली बार वही रणनीति कारगर रही। हसन अल तंबाक्ती के हेडर को मुस्लेरा पूरी तरह नहीं रोक सके और रिबाउंड पर अब्दुलेलाह अल अमरी ने गेंद को गोल में भेजकर सऊदी अरब को 1-0 की बढ़त दिला दी। अब्दुलेलाह अल अमरी ने मैच का पहला गोल दागा और सऊदी को बढ़त दिलाई। अराउजो ने दागा बराबरी का गोल दूसरे हाफ में उरुग्वे लगातार बराबरी के लिए प्रयास करता रहा। मैनुअल उगार्टे का लंबी दूरी का जोरदार शॉट पोस्ट से टकराकर लौट आया। फेडेरिको विनास ने भी कई मौके बनाए, लेकिन सफलता नहीं मिली। मैच के 80वें मिनट में आखिरकार उरुग्वे को बराबरी मिली। विनास के हेडर को सऊदी गोलकीपर अल ओवैस पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके और रिबाउंड पर मैक्सी अराउजो ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया। मैक्सी अराउजो ने भी रिबाउंड पर गोल स्कोर किया। 39 साल और 364 दिन की उम्र में फर्नांडो मुस्लेरा वर्ल्ड कप में उरुग्वे का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने उरुग्वे के पूर्व कप्तान डिएगो गोडिन का रिकॉर्ड तोड़ा। मुस्लेरा ने गोडिन से तीन साल से अधिक उम्र में वर्ल्ड कप मैच खेलकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। —————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
आपत्तिजनक वीडियो पर सिख पादरी ने भगवंत मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया | भारत समाचार
आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 22:44 IST सिखों की सर्वोच्च लौकिक पीठ अकाल तख्त ने एक आपत्तिजनक वीडियो पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (छवि: पीटीआई फ़ाइल) अकाल तख्त के सिख पादरी ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर एक आपत्तिजनक वीडियो को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ करार दिया। अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च अस्थायी सीट है। अमृतसर में पांच सिंह साहिबान (सिख पादरी) की एक बैठक के बाद अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने ‘फसील’ (अकाल तख्त का मंच) से यह घोषणा की। पादरी ने बेअदबी विरोधी कानून के संबंध में 29 जून को अकाल तख्त के समक्ष सभी सिख विधायकों, चाहे वे किसी भी पार्टी से हों, और पंजाब कैबिनेट को भी बुलाया। क्या हुआ? जनवरी में सिख श्रद्धालुओं के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में अकाल तख्त ने मान को तलब किया था। इसने आम आदमी पार्टी (आप) नेता से उस वीडियो के बारे में भी सवाल किया जिसमें उनके जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं की छवियों पर शराब छिड़कता हुआ देखा गया था। मुख्यमंत्री ने आरोप से इनकार करते हुए कहा था कि वीडियो एआई-जनरेटेड है और इसकी जांच की जानी चाहिए। हालाँकि, अकाल तख्त ने कहा कि वीडियो को दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं द्वारा “प्रामाणिक” पाया गया, जिससे पता चला कि यह एआई-जनरेटेड नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि अकाल तख्त सचिवालय ने जनवरी में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था जब मान ने घोषणा की थी कि वह वीडियो की फोरेंसिक जांच के लिए तैयार हैं; हालाँकि, उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। गर्गज ने दावा किया, “मुख्यमंत्री का पद सम्मानजनक है। लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह (मान) ने अकाल तख्त पर (वीडियो के बारे में) झूठ बोला।” उन्होंने कहा, पांच सिंह साहिबानों ने मुख्यमंत्री को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया। बेअदबी विरोधी कानून, जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के संबंध में, गर्गज ने कहा कि सिख विधायकों, चाहे उनकी पार्टी कुछ भी हो, और पंजाब कैबिनेट को 29 जून को अकाल तख्त के सामने पेश होना होगा। जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026, 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास सहित कड़ी सजा का प्रावधान शामिल है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल ने मान के इस्तीफे की मांग की अकाल तख्त की घोषणा के बाद कई राजनीतिक दलों ने भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने एक्स को संबोधित करते हुए कहा कि मान को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए आदेश का पालन करते हुए इस सरकार और सत्तारूढ़ दल में शामिल सभी सिख सदस्यों को तुरंत अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।” और भी बहुत कुछ 🙏ਕੁੱਝ ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਸਾਡੇ एक और अधिक पढ़ें और अधिक पढ़ें मेरे पास एक अच्छा विचार है, और मुझे यह भी याद रखना चाहिए और भी बहुत कुछ और भी बहुत कुछ… pic.twitter.com/q1OPmyzKuB – सुखबीर सिंह बादल (@officeofssbadal) 15 जून, 2026 पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी वीडियो को प्रामाणिक घोषित किए जाने के बाद नैतिक आधार पर मान का इस्तीफा मांगा। भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब सरकार में कार्यरत किसी भी सिख व्यक्ति को मान के साथ नहीं जुड़ना चाहिए और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, आप ने कहा कि भले ही वीडियो असली हो, लेकिन इसमें दिख रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अवीक बनर्जी अवीक बनर्जी News18 में वरिष्ठ उप संपादक हैं। ग्लोबल स्टडीज में मास्टर की डिग्री के साथ नोएडा में रहने वाले अवीक के पास डिजिटल मीडिया और न्यूज क्यूरेशन में तीन साल से अधिक का अनुभव है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं…और पढ़ें जगह : चंडीगढ़, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया सिख पादरी ने आपत्तिजनक वीडियो पर भगवंत मान को ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भगवंत मान अकाल तख्त विवाद(टी)अकाल तख्त निर्णय(टी)गुरु दोखी घोषणा(टी)खालसा पंथ विरोधी(टी)पंजाब मुख्यमंत्री घोटाला(टी)सिख पादरी सम्मन(टी)बेअदबी विरोधी कानून पंजाब(टी)गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी
काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी पर ‘बार-बार दुर्व्यवहार’ करने का आरोप लगाया, लोकसभा से उनके निष्कासन की मांग की | भारत समाचार
आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 22:15 IST काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कल्याण बनर्जी को कथित स्त्रीद्वेषी कदाचार के लिए निष्कासित करने का आग्रह किया। बनर्जी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इनकार करते हैं। कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है. (छवि: पीटीआई) बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की लोकसभा नेता काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सांसद कल्याण बनर्जी पर संसद के अंदर बार-बार कदाचार और स्त्रीद्वेषपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें निष्कासित करने की मांग की है। सोमवार को सार्वजनिक रूप से सामने आए 10 जून के पत्र में दस्तीदार ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने उनके और अन्य महिला सांसदों के खिलाफ बार-बार अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है। दस्तीदार ने बनर्जी पर महिला सांसदों के खिलाफ ‘अपमानजनक’ भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया उन्होंने लिखा, “कई मौकों पर, श्री कल्याण बनर्जी ने सदन की बैठकों और कार्यवाही के दौरान मेरे और अन्य महिला सदस्यों के खिलाफ आपत्तिजनक, अपमानजनक और अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है। ऐसा आचरण एक संसद सदस्य के लिए अशोभनीय है और निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपेक्षित संसदीय बहस की गरिमा, मर्यादा और मानकों को कमजोर करता है।” पीटीआई सूचना दी. संविधान के अनुच्छेद 105 का हवाला देते हुए उन्होंने तर्क दिया कि संसदीय विशेषाधिकार व्यक्तिगत दुरुपयोग या साथी सदस्यों को कमजोर करने वाले आचरण की अनुमति नहीं देते हैं। बारासात सीट से असंतुष्ट टीएमसी सांसद ने पत्र में आगे लिखा, “इस तरह का व्यवहार मजबूत राजनीतिक असहमति या संसदीय बहस की सीमा से परे चला जाता है और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के दायरे में प्रवेश करता है। आचरण ने न केवल व्यक्तिगत पीड़ा पैदा की है, बल्कि एक ऐसा माहौल भी बनाया है जो संसदीय कार्यवाही में महिलाओं की स्वतंत्र भागीदारी को हतोत्साहित करता है।” बनर्जी ने आरोपों को खारिज किया यह शिकायत टीएमसी के भीतर बढ़ते विभाजन के बीच आई है। रविवार को, दस्तीदार ने 20 असंतुष्ट टीएमसी सांसदों के एक समूह का नेतृत्व किया, जिन्होंने अध्यक्ष से मुलाकात की, लोकसभा में एक अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की और नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के साथ अपने विलय की घोषणा की। इस बीच, बनर्जी ने आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया है। “मैंने वास्तव में उनके साथ दुर्व्यवहार कब किया? उन्होंने मुझे ‘बार-बार अपराधी’ कहा। इसलिए, उन्हें यह बताना होगा कि क्या मैंने 15वीं, 16वीं या 17वीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान ऐसा किया था? या यह 18वीं लोकसभा के दौरान किया था?” उसने कहा। उन्होंने सवाल किया कि पहले कोई शिकायत क्यों दर्ज नहीं की गई और सुझाव दिया कि दस्तीदार को लोकसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक के पद से हटाए जाने के बाद ही आरोप सामने आए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मनीषा रॉय मनीषा रॉय News18.com के जनरल डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक हैं। उन्हें मीडिया उद्योग में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह राजनीति और अन्य कठिन समाचारों को कवर करती है। उनसे मनीष पर संपर्क किया जा सकता है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी पर ‘बार-बार दुर्व्यवहार’ करने का आरोप लगाया, उन्हें लोकसभा से निष्कासित करने की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)काकोली घोष दस्तीदार दुर्व्यवहार शिकायत(टी)कल्याण बनर्जी निष्कासन(टी)टीएमसी विद्रोही सांसद(टी)गलत व्यवहार संसद(टी)लोकसभा कदाचार(टी)संसदीय विशेषाधिकारों का दुरुपयोग(टी)महिला सांसदों का उत्पीड़न(टी)तृणमूल कांग्रेस विभाजित
‘विधानसभा में कोई गठबंधन नहीं’: ऋतब्रत बनर्जी ने एनसीपीआई विलय से बागी टीएमसी विधायकों को दूर किया | भारत समाचार
आखरी अपडेट:15 जून, 2026, 21:21 IST ऋतब्रत बनर्जी का कहना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में 65 बागी विधायक एनसीपीआई में विलय नहीं करेंगे। ऋतब्रत बनर्जी ने बागी टीएमसी विधायकों के लिए एनसीपीआई विलय से इनकार कर दिया है। (छवि: एएनआई/फ़ाइल) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर गहराते संकट के बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और निष्कासित टीएमसी नेता रीतब्रत बनर्जी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 20 बागी टीएमसी सांसदों का नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का निर्णय राज्य विधानसभा में विद्रोही विधायकों पर लागू नहीं होता है। असंतुष्ट सांसदों की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, बनर्जी ने कहा, “लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के साथ विलय का फैसला किया है। यह उनका निर्णय है… जहां तक हमारे सामूहिक का सवाल है, हमारा ऐसा कोई विचार नहीं है। बंगाल विधानसभा में टीएमसी विधायकों के एनसीपीआई में विलय का कोई सवाल ही नहीं है… फिलहाल, हमें 65 बागी विधायकों का समर्थन प्राप्त है।” #देखें | कोलकाता: 20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई (नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया) में विलय पर पश्चिम बंगाल के एलओपी और निष्कासित टीएमसी नेता रीतब्रत बनर्जी का कहना है, “लोकसभा के 20 सांसदों ने नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का फैसला किया है। यह उनका फैसला है…हमारा… pic.twitter.com/Cz18fg2w3t– एएनआई (@ANI) 15 जून, 2026 ’65 विधायकों ने हमारा समर्थन किया’ उन्होंने आगे कहा, “…हमने स्पीकर को एक पत्र दिया है कि अगर नाम सार्वजनिक होते हैं, तो यह विशेषाधिकार का उल्लंघन है…” बागी विधायक की टिप्पणी असंतुष्ट सांसदों के एक समूह द्वारा एनसीपीआई के साथ विलय और बाद में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने की योजना की घोषणा के एक दिन बाद आई है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीपीआई को मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दिल्ली में असंतुष्ट नेताओं की बैठक के बाद इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा, “हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।” चुनाव में हार के बाद टीएमसी में दरार बढ़ी काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, अरूप चक्रवर्ती, सायोनी घोष, माला रॉय, बापी हलदर और प्रसून बनर्जी समेत कई बागी सांसद रविवार को केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के आवास पर एक बैठक में शामिल हुए। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे. इसके बाद विद्रोही खेमा एक और बैठक के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास की ओर चला गया। यह विद्रोह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद हुआ है और इसने पार्टी के भीतर बढ़ते विभाजन को उजागर कर दिया है। जबकि सांसद एनसीपीआई के माध्यम से एक नया राजनीतिक रास्ता तय करने के लिए तैयार हैं, बनर्जी की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि बागी विधायक फिलहाल विलय में शामिल होने के बजाय विधानसभा के भीतर अपनी ताकत मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में मनीषा रॉय मनीषा रॉय News18.com के जनरल डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक हैं। उन्हें मीडिया उद्योग में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह राजनीति और अन्य कठिन समाचारों को कवर करती है। उनसे मनीष पर संपर्क किया जा सकता है…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया ‘विधानसभा में कोई गठबंधन नहीं’: ऋतब्रत बनर्जी ने एनसीपीआई विलय से बागी टीएमसी विधायकों को दूर किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद(टी)टीएमसी संकट(टी)ऋताब्रता बनर्जी(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)एनसीपीआई विलय(टी)बागी टीएमसी विधायक(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए









