तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर तोड़ी चुप्पी:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। NDTV के एक इवेंट में तमन्ना से उनके रंग और बॉडी पर हुई टिप्पणियों के बारे में पूछा गया। एक्ट्रेस से यह भी पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें सिर्फ स्क्रीन प्रेजेंस और बोल्ड इमेज से अलग देखें। उनसे हालिया फिल्मों को इमेज बदलने की कोशिश के तौर पर भी सवाल किया गया। तमन्ना ने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए सुनना जरूरी है। इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि किस बात को रखना है और किसे नजरअंदाज करना है। तमन्ना ने कहा, “आप भी एक महिला हैं, इसलिए समझ सकती हैं कि अगर हम ऐसी बातों को महत्व देने लगें, तो शायद जिंदगी में आगे बढ़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती। मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं उस चीज पर ध्यान देती हूं, जिसे बनाना चाहती हूं। मैं अपने एक्टिंग करियर पर ध्यान देती हूं।” तमन्ना ने अपने काम करने के तरीके पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं अपना काम सेवा की तरह करना चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करती भी हूं। शायद इसी वजह से मेरा काम लोगों तक पहुंचता है, क्योंकि कहीं न कहीं यह सही जगह से आता है।” क्या है पूरा मामला दरअसल, पिछले साल शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में अन्नू कपूर ने फिल्म ‘स्त्री 2’ के सुपरहिट गाने ‘आज की रात’ को लेकर बात की थी। शुभांकर ने अन्नू से पूछा था कि क्या उन्हें यह गाना पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तमन्ना को पसंद करते हैं। इस पर अन्नू ने कहा था, “माशाअल्लाह, क्या दूधिया बदन है।” उन्होंने आगे कहा था, “बहन, अपने गाने से, अपने शरीर से, अपने दूधिया चेहरे से हमारे बच्चों को सुलाती हैं… बहुत अच्छी बात है।” अन्नू ने कहा था, “यह देश पर कृपा होगी, अगर हमारे देश के बच्चे अच्छी और स्वस्थ नींद सोएं।” उन्होंने आगे कहा था, “अगर और भी कुछ इच्छा है, तो भगवान उन्हें समर्थ करें कि उनकी इच्छा पूरी हो। यह मेरा उनके लिए आशीर्वाद है।” अन्नू कपूर ने बाद में अपने बयान पर सफाई दी थी अन्नू कपूर के कमेंट को लेकर उनकी ट्रोलिंग हुई थी। इसके बाद एक्टर अन्नू कपूर ने ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर सफाई दी थी। सिद्धार्थ कनन को दिए एक इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने कहा था, “लोगों ने मुझे गालियां दीं, खूसट बूढ़ा और सठिया गया जैसी बातें कहीं। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर मैं ‘दूधिया बदन’ कहता हूं, तो बवाल मच जाता है, लेकिन अगर यही बात इंग्लिश में ‘मिल्की बॉडी’ कही जाए, तो किसी को कोई परेशानी नहीं होती।” अपनी सफाई के दौरान अन्नू ने यह भी कहा था कि अगर तमन्ना भाटिया खुद उनसे इस बारे में पूछेंगी, तो वे अपनी बात पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा, “अगर तमन्ना को मेरी बात बुरी लगी है, तो मैं उनके पैर छूने के लिए भी तैयार हूं। अगर एक 71 साल का आदमी उनके पैर छुएगा, तो वे क्या कहेंगी? मेरा इरादा बिल्कुल साफ है और मुझे अपनी सच्चाई पता है।”
तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। NDTV के एक इवेंट में तमन्ना से उनके रंग और बॉडी पर हुई टिप्पणियों के बारे में पूछा गया। एक्ट्रेस से यह भी पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें सिर्फ स्क्रीन प्रेजेंस और बोल्ड इमेज से अलग देखें। उनसे हालिया फिल्मों को इमेज बदलने की कोशिश के तौर पर भी सवाल किया गया। तमन्ना ने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए सुनना जरूरी है। इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि किस बात को रखना है और किसे नजरअंदाज करना है। तमन्ना ने कहा, “आप भी एक महिला हैं, इसलिए समझ सकती हैं कि अगर हम ऐसी बातों को महत्व देने लगें, तो शायद जिंदगी में आगे बढ़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती। मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं उस चीज पर ध्यान देती हूं, जिसे बनाना चाहती हूं। मैं अपने एक्टिंग करियर पर ध्यान देती हूं।” तमन्ना ने अपने काम करने के तरीके पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं अपना काम सेवा की तरह करना चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करती भी हूं। शायद इसी वजह से मेरा काम लोगों तक पहुंचता है, क्योंकि कहीं न कहीं यह सही जगह से आता है।” क्या है पूरा मामला दरअसल, पिछले साल शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में अन्नू कपूर ने फिल्म ‘स्त्री 2’ के सुपरहिट गाने ‘आज की रात’ को लेकर बात की थी। शुभांकर ने अन्नू से पूछा था कि क्या उन्हें यह गाना पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तमन्ना को पसंद करते हैं। इस पर अन्नू ने कहा था, “माशाअल्लाह, क्या दूधिया बदन है।” उन्होंने आगे कहा था, “बहन, अपने गाने से, अपने शरीर से, अपने दूधिया चेहरे से हमारे बच्चों को सुलाती हैं… बहुत अच्छी बात है।” अन्नू ने कहा था, “यह देश पर कृपा होगी, अगर हमारे देश के बच्चे अच्छी और स्वस्थ नींद सोएं।” उन्होंने आगे कहा था, “अगर और भी कुछ इच्छा है, तो भगवान उन्हें समर्थ करें कि उनकी इच्छा पूरी हो। यह मेरा उनके लिए आशीर्वाद है।” अन्नू कपूर ने बाद में अपने बयान पर सफाई दी थी अन्नू कपूर के कमेंट को लेकर उनकी ट्रोलिंग हुई थी। इसके बाद कपूर ने अपने कमेंट पर सफाई दी थी। सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में कपूर ने कहा था, “लोगों ने मुझे गालियां दीं, खूसट बूढ़ा और सठिया गया जैसी बातें कहीं। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर मैं ‘दूधिया बदन’ कहता हूं, तो बवाल मच जाता है, लेकिन अगर यही बात इंग्लिश में ‘मिल्की बॉडी’ कही जाए, तो किसी को कोई परेशानी नहीं होती।” अपनी सफाई के दौरान अन्नू ने यह भी कहा था कि अगर तमन्ना भाटिया खुद उनसे इस बारे में पूछेंगी, तो वे अपनी बात पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा था, “अगर तमन्ना को मेरी बात बुरी लगी है, तो मैं उनके पैर छूने के लिए भी तैयार हूं। अगर एक 71 साल का आदमी उनके पैर छुएगा, तो वे क्या कहेंगी? मेरा इरादा बिल्कुल साफ है और मुझे अपनी सच्चाई पता है।”
India-Mexico Toll Pass Agreement | TOR Signed

Hindi News Career India Mexico Toll Pass Agreement | TOR Signed | Current Affairs 2026 5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ के बीच वार्ता 28 अक्टूबर को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के युद्ध सचिव (Secy of War) पीट हेगसेथ ने फिलिपींस के सेबू में मुलाकात की। दोनों प्रमुखों के बीच ये बैठक 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (13th ADMM-Plus) के दौरान हुई। इस वार्ता में भारत-अमेरिका डिफेंस फ्रेमवर्क की प्रगति की समीक्षा की गई। इस वार्ता में दोनों देशों ने बेहतर डिफनेस टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस वार्ता में इंडो-पैसिफिक सेक्टर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर जोर दिया गया। इस वार्ता में डिफेंस सप्लाई चैन को और ज्यादा सुरक्षित करने पर चर्चा हुई। इसके साथ दोनों देशों की सेनाओं के बीच आगामी संयुक्त अभ्यासों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना और साझा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजना है। ADMM-Plus में 10 आसियान सदस्य देश और 8 कम्युनिकेशन पार्टनर देश जैसे भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस वार्ता में भारत-अमेरिका ग्लोबल पॉलिसी डिफेंस पार्टनरशिप पर भी बात हुई। 2. भारत-मैक्सिको ने ‘प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट’ के लिए ToR साइन किया 28 अक्टूबर को भारत और मैक्सिको ने ‘प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट’ (PTA) के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ पर साइन किया। टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) एक ऐसा दस्तावेज होता है, जो किसी समझौते पर बातचीत के उद्देश्य, दायरे और प्रक्रिया की रूपरेखा तय करता है। भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और मैक्सिको की ओर से विदेश व्यापार उप-सचिव लुइस रोसेंडो गुटिएरेज रोमानो ने इस पर साइन किए। इस MoU के पूरे होने पर दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और निर्यात के अवसर बढ़ सकेंगे। इस बातचीत में माल की बाजार तक पहुंच, देशों के नियम और कस्टम ड्यूटी, को आसान बनाना है। ऑटोमोबाइल, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, चिकित्सा उपकरण और महत्वपूर्ण खनिज इसमें शामिल हैं। बता दें कि PTA में आम तौर पर चुनिंदा वस्तुओं पर व्यापारिक रियायतें दी जाती हैं, जबकि FTA का दायरा ज्यादा बड़ा होता है। वहीं ToR पर साइन का अर्थ वार्ता शुरू करना है, न कि समझौते का लागू हो जाना। जून 2025 में कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और मैक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर सहमति जताई थी। इस ToR के बाद व्यापार समझौते पर बात होगी। 3. कैप्टन मच्छर को UAE का सबसे बड़ा ‘जायद II- फर्स्ट क्लास’ सम्मान 28 अक्टूबर को UAE ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को ‘जायद II- फर्स्ट क्लास’ से सम्मानित किया। कैप्टन मच्छर को ये सम्मान UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दिया। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान भी इस दौरान मौजूद रहे। जायद-II, UAE के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है। बता दें कि फ्लाईदुबई फ्लाइट के पायलट मच्छर ने 30 सितंबर को प्लेन क्रैश कराने की कोशिश नाकाम की थी। यह प्लेन दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इस दौरान को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे चालक दल और यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने का मौका मिला। कैप्टन मच्छर ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) में सुरक्षित उतारा गया। इस दौरान UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मच्छर को गले लगाया। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन 28 अक्टूबर को तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन हो गया। वे 42 साल के थे। कोच का दावा है कि उनकी मौत जहर खाने से हुई है। नीरज डोपिंग के चलते 4 साल से प्रतिबंधित थे। नीरज यादव पैरा एथलेटिक्स की एफ-55 कैटेगरी में हिस्सा लेने वाले एथलिट थे। इसमें खिलाड़ी बैठकर थ्रो करने वाले इवेंट में हिस्सा लेते हैं। नीरज ने 2023 में हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में जेवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीते थे। 2023 में ही उन पर डोपिंग मामले में 4 साल का बैन लगा दिया गया था और उनके मेडल छीन लिए गए थे। नेशनल (NATIONAL) 5. BvS10 ‘सिंधु’ ऑल-टेरेन व्हीकल भारत में बनेंगे 28 अक्टूबर को L&T ने भारतीय सेना के लिए BvS10 ‘सिंधु’ ऑल-टेरेन व्हीकल (ATV) का स्वदेशी उत्पादन शुरू करने का ऐलान किया। ये वाहन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य आवाजाही और परिवहन के लिए उपयोगी होते हैं। BvS10 सिंधु वाहनों के पहले 18 यूनिट के ऑर्डर को लद्दाख और कच्छ सेक्टर के लिए तैनात किए जाएंगे। इसका निर्माण गुजरात के हजीरा स्थित L&T के आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। इसमें ब्रिटिश कंपनी BAE सिस्टम्स हैग्लंड्स तकनीकी और डिजाइन सहायता देगी। यह व्हीकल ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों, बर्फ, रेगिस्तान, दलदली जमीन और पानी वाले क्षेत्रों में भी चल सकेंगे। BAE सिस्टम्स ने भारतीय सेना के लिए BvS10 ‘सिंधु’ के लाइसेंस-आधारित स्वदेशी निर्माण के अनुबंध की घोषणा 19 नवंबर 2025 को की थी। ये डील ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पहल का हिस्सा है। मिसलीनियस 6. टोल प्लाजा के पास रहने वालों को सस्ता पास मिलेगा 27 अक्टूबर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय यानी NHAI ने 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए टोल पास की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के तहत प्राइवेट या पर्सनल गाड़ियों के मालिक चालू फास्टैग होने पर किसी खास टोल प्लाजा से आने-जाने के लिए एनुअल पास ले सकते हैं। ये सुविधा 1 नवंबर से लागू होगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, नगर निकाय या स्थानीय कस्बे की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए इस पास की सालाना फीस 1500 रुपए होगी। साथ ही नगर की सीमा के अंदर स्थित टोल प्लाजा के लिए ये कीमत 3000 रुपए होगी। ये पास फास्टैग (FASTag) अकाउंट से सीधे लिंक रहेगा और इसके जरिए पूरे साल की अनलिमिटेड ट्रिप
Diljit Dosanjh Delhi Concert Controversy

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी गई है। पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ दिल्ली कॉन्सर्ट को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उनके कॉन्सर्ट को लेकर शिकायत दी गई है, जिसमें शराब और नशे से जुड़े सॉन्ग गाने पर रोक लगाने की मांग की गई है। . इनमें ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’ और ‘जेब विचों फीम लब्बीया’ जैसे सॉन्ग शामिल है। इसके साथ ही कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को स्टेज पर आमंत्रित करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। बता दें कि, दिलजीत दोसांझ के ऑरा इंडिया टूर 2026 के तहत दिल्ली में 30 अक्टूबर को लाइव कॉन्सर्ट होगा। यह कार्यक्रम जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। दिलजीत दोसांझ करीब 2 साल बाद फिर से इंडिया टूर कर रहे हैं। उनका पिछला भारत दौरा दिल-लुमिनाटी टूर 2024 में हुआ था। इसके बाद उन्होंने विदेश में कई कॉन्सर्ट किए। चंडीगढ़ निवासी डॉ. पंडितराव धरेनावर, जिन्होंने शिकायत दी है। शिकायत में क्या कहा गया है… नशे से जुड़े गानों पर रोक लगे: चंडीगढ़ निवासी डॉ. पंडितराव धरेनावर ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी (साउथ-ईस्ट) को 27 अक्टूबर को लेटर लिखा है। उन्होंने ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’ और ‘जेब विचों फीम लब्बीया’ जैसे सॉन्ग गाने पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि इन गानों के शब्द बदलकर गाने की अनुमति भी नहीं दी जानी चाहिए। बच्चों को मंच पर न बुलाएं: शिकायत में कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को स्टेज पर आमंत्रित करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने तेज आवाज और फ्लैशिंग लाइट्स को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से हानिकारक बताया है। बुलेट बेल्ट पहनने पर प्रतिबंध: कॉन्सर्ट के दौरान छाती पर सिल्वर बुलेट बेल्ट यानी नकली कारतूसों की पट्टी पहनने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गन जेस्चर और इस तरह की वस्तुएं हिंसा को बढ़ावा देने का संदेश दे सकती हैं। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया डॉ. पंडितराव धरेनावर ने अपनी शिकायत में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के आदेश का हवाला दिया है। उन्होंने शराब, नशीले पदार्थों और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गीतों पर रोक लगाने की बात कही है। शिकायत में नशा मुक्त भारत अभियान का भी उल्लेख किया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिकायतकर्ता ने 120 डेसिबल से अधिक तेज आवाज और 5 से 30 हर्ट्ज की फ्लैशिंग लाइट्स का जिक्र किया है। उनका कहना है कि कॉन्सर्ट में इस तरह के प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। मांगों पर कार्रवाई करने की अपील फिलहाल शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस से इन मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की है। शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। —————– यह भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ बोले- 30 को दिल्ली में मिलूंगा:लाइव आकर कहा- परमिशन मिल गई है, हवा में तीर मत चलाओ पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ का 30 तारीख को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाला कॉन्सर्ट अब तय है। परमिशन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दिलजीत ने खुद सामने आकर साफ कर दिया है कि शो रद नहीं होगा। पढ़ें पूरी खबर
‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।
‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए केसी बोकाडिया:बोले- पहली बार किसी के जाने पर झटका लगा; उनके जैसा कोई दूसरा एक्टर नहीं

बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे। बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की। आम आदमी के अभिनय के प्रतीक थे नाना पाटेकर केसी बोकाडिया ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी। निधन पर लगा था गहरा झटका नाना पाटेकर के साथ अपने निजी और भावनात्मक जुड़ाव पर बात करते हुए केसी बोकाडिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार किसी के जाने से उन्हें इतना बड़ा मानसिक झटका लगा था। बोकाडिया ने बताया कि वे जल्द ही उनके घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात करेंगे और अपना दुख व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने एक महान कलाकार को बहुत जल्दी बुला लिया, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। सिनेमाघरों से दूर हुआ पारिवारिक दर्शक वर्ग थिएटर्स से टीवी का रुख करने के सवाल पर केसी बोकाडिया ने कहा कि अब सिनेमाघरों का माहौल बदल गया है। अच्छी पारिवारिक फिल्मों के अभाव में परिवार अब थिएटर्स में फिल्में देखने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग टिकट खिड़की पर लाइन लगाकर फिल्में देखते थे। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ जैसी उनकी फिल्मों को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ती थी। जीवन में गलतियों को रोकने का काम करते हैं संस्कार इंटरव्यू के दौरान केसी बोकाडिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, तो उसकी जिंदगी में गलतियां होना तय है। संस्कार इंसान को गलत कदम उठाने और गलत फैसले लेने से रोकते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदर्शन पर चल रहे उनके शो ‘संस्कार’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में दर्शन जरीवाला, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, राकेश बेदी, सुप्रिया कारनिक, मुग्धा गोडसे और जरीना वहाब जैसे कई वरिष्ठ और मंजे हुए कलाकार काम कर रहे हैं। संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए केसी बोकाडिया:बोले- पहली बार किसी के जाने पर झटका लगा; उनके जैसा कोई दूसरा एक्टर नहीं

बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे। बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की। आम आदमी के अभिनय के प्रतीक थे नाना पाटेकर केसी बोकाडिया ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी। निधन पर लगा था गहरा झटका नाना पाटेकर के साथ अपने निजी और भावनात्मक जुड़ाव पर बात करते हुए केसी बोकाडिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार किसी के जाने से उन्हें इतना बड़ा मानसिक झटका लगा था। बोकाडिया ने बताया कि वे जल्द ही उनके घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात करेंगे और अपना दुख व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने एक महान कलाकार को बहुत जल्दी बुला लिया, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। सिनेमाघरों से दूर हुआ पारिवारिक दर्शक वर्ग थिएटर्स से टीवी का रुख करने के सवाल पर केसी बोकाडिया ने कहा कि अब सिनेमाघरों का माहौल बदल गया है। अच्छी पारिवारिक फिल्मों के अभाव में परिवार अब थिएटर्स में फिल्में देखने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग टिकट खिड़की पर लाइन लगाकर फिल्में देखते थे। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ जैसी उनकी फिल्मों को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ती थी। जीवन में गलतियों को रोकने का काम करते हैं संस्कार इंटरव्यू के दौरान केसी बोकाडिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, तो उसकी जिंदगी में गलतियां होना तय है। संस्कार इंसान को गलत कदम उठाने और गलत फैसले लेने से रोकते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदर्शन पर चल रहे उनके शो ‘संस्कार’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में दर्शन जरीवाला, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, राकेश बेदी, सुप्रिया कारनिक, मुग्धा गोडसे और जरीना वहाब जैसे कई वरिष्ठ और मंजे हुए कलाकार काम कर रहे हैं। संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।
नेपोटिज्म पर बोलीं सारा अली खान:बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था, करियर में पिता ने कभी सिफारिश नहीं की

एक्ट्रेस सारा अली खान ने बॉलीवुड में अपने सफर, नेपोटिज्म और स्टार किड होने पर खुलकर बात की है। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा कि उनका बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था। हालांकि उन्होंने माना कि पटौदी परिवार से होने के कारण उन्हें आसानी से पहचान और मौके मिले, लेकिन काम पाने के लिए उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी से सिफारिश नहीं की। सारा ने बताया कि वे अपनी सिंगल मदर अमृता सिंह के साथ रहती हैं और पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ के दौरान आई दिक्कतों को उन्होंने खुद ही सुलझाया था। नेपोटिज्म शब्द से मेहनत पर पड़ता है असर सारा ने कहा कि वे इस बात से इनकार नहीं कर सकतीं कि उनके सरनेम ने उनके लिए दरवाजे खोले और एक्टर बनने से पहले ही पहचान दिलाई। हालांकि, वे इस बात से असहज महसूस करती हैं कि ‘नेपोटिज्म’ को एक बुरा शब्द बना दिया गया है। सारा के मुताबिक, इस शब्द की वजह से कलाकारों की अपनी मेहनत और कोशिशों को नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों, जान्हवी कपूर हों या अनन्या पांडे, किसी ने यह नहीं चुना कि वे किसके घर पैदा होंगी। पिता ने नहीं की फिल्मों के लिए सिफारिश अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर बात करते हुए सारा ने कहा कि फिल्मी परिवार से होने का मतलब यह नहीं है कि करियर का हर रास्ता आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी डायरेक्टर के दफ्तर जाकर उनके लिए रोल नहीं मांगे और न ही उनके कॉन्ट्रैक्ट्स पर बातचीत की। 2004 में माता-पिता के अलग होने के बाद से वे अपनी मां अमृता सिंह के साथ रह रही हैं और इंडस्ट्री में उन्होंने अपने फैसले खुद लिए हैं। ‘केदारनाथ’ विवाद का खुद किया सामना सारा ने 2018 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ का जिक्र करते हुए बताया कि जब शूटिंग के दौरान दिक्कतें आई थीं, तो उन्होंने खुद ही मामला सुलझाया था। उस वक्त उनके साथ कोई नहीं खड़ा था। उन्होंने कहा कि 8 साल के करियर के बाद भी लोगों को यह बातें समझानी पड़ती हैं, जो सही नहीं है। डेब्यू का मौका मिलना एक अलग बात है, लेकिन आगे का सफर अपनी काबिलियत पर ही तय होता है। 1991 में हुई थी सैफ और अमृता की शादी सारा अली खान के पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनकी मां अमृता सिंह 80 और 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस रही हैं। अमृता सिंह ने 1991 में सैफ अली खान से शादी की थी। शादी के 13 साल बाद 2004 में दोनों का तलाक हो गया था। सारा का जन्म 1995 में और उनके भाई इब्राहिम का जन्म 2001 में हुआ था। बाद में सैफ अली खान ने 2012 में करीना कपूर से शादी कर ली थी। हालिया रिलीज फिल्म ‘उड़ता तीर’ में आईं नजर करियर पर बात करें तो सारा अली खान की हालिया फिल्म ‘उड़ता तीर’ सिनेमाघरों में चल रही है। आकाश कौशिक के निर्देशन में बनी इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में हैं। ‘केदारनाथ’ से डेब्यू करने के बाद सारा ने ‘सिम्बा’, ‘अतरंगी रे’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘ऐ वतन मेरे वतन’ जैसी फिल्मों में काम किया है। सारा के बारे में जानने के लिए गूगल पर सर्च किया, जिसके बाद वह ट्रेंड करने लगीं ये खबर भी पढ़ें सारा अली खान-3 दिन से केदारनाथ में कर रहीं आरती:दोस्तों के साथ बनाई रील; लोगों के साथ पी चाय, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान 3 दिन के बाद उत्तराखंड से मुंबई लौट गई हैं। मंगलवार को तीसरे दिन भी केदारनाथ धाम में दिखाई दीं। वह रविवार को हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। पूरी खबर पढ़ें
नेपोटिज्म पर बोलीं सारा अली खान:बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था, करियर में पिता ने कभी सिफारिश नहीं की

एक्ट्रेस सारा अली खान ने बॉलीवुड में अपने सफर, नेपोटिज्म और स्टार किड होने पर खुलकर बात की है। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा कि उनका बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था। हालांकि उन्होंने माना कि पटौदी परिवार से होने के कारण उन्हें आसानी से पहचान और मौके मिले, लेकिन काम पाने के लिए उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी से सिफारिश नहीं की। सारा ने बताया कि वे अपनी सिंगल मदर अमृता सिंह के साथ रहती हैं और पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ के दौरान आई दिक्कतों को उन्होंने खुद ही सुलझाया था। नेपोटिज्म शब्द से मेहनत पर पड़ता है असर सारा ने कहा कि वे इस बात से इनकार नहीं कर सकतीं कि उनके सरनेम ने उनके लिए दरवाजे खोले और एक्टर बनने से पहले ही पहचान दिलाई। हालांकि, वे इस बात से असहज महसूस करती हैं कि ‘नेपोटिज्म’ को एक बुरा शब्द बना दिया गया है। सारा के मुताबिक, इस शब्द की वजह से कलाकारों की अपनी मेहनत और कोशिशों को नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों, जान्हवी कपूर हों या अनन्या पांडे, किसी ने यह नहीं चुना कि वे किसके घर पैदा होंगी। पिता ने नहीं की फिल्मों के लिए सिफारिश अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर बात करते हुए सारा ने कहा कि फिल्मी परिवार से होने का मतलब यह नहीं है कि करियर का हर रास्ता आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी डायरेक्टर के दफ्तर जाकर उनके लिए रोल नहीं मांगे और न ही उनके कॉन्ट्रैक्ट्स पर बातचीत की। 2004 में माता-पिता के अलग होने के बाद से वे अपनी मां अमृता सिंह के साथ रह रही हैं और इंडस्ट्री में उन्होंने अपने फैसले खुद लिए हैं। ‘केदारनाथ’ विवाद का खुद किया सामना सारा ने 2018 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ का जिक्र करते हुए बताया कि जब शूटिंग के दौरान दिक्कतें आई थीं, तो उन्होंने खुद ही मामला सुलझाया था। उस वक्त उनके साथ कोई नहीं खड़ा था। उन्होंने कहा कि 8 साल के करियर के बाद भी लोगों को यह बातें समझानी पड़ती हैं, जो सही नहीं है। डेब्यू का मौका मिलना एक अलग बात है, लेकिन आगे का सफर अपनी काबिलियत पर ही तय होता है। 1991 में हुई थी सैफ और अमृता की शादी सारा अली खान के पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनकी मां अमृता सिंह 80 और 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस रही हैं। अमृता सिंह ने 1991 में सैफ अली खान से शादी की थी। शादी के 13 साल बाद 2004 में दोनों का तलाक हो गया था। सारा का जन्म 1995 में और उनके भाई इब्राहिम का जन्म 2001 में हुआ था। बाद में सैफ अली खान ने 2012 में करीना कपूर से शादी कर ली थी। हालिया रिलीज फिल्म ‘उड़ता तीर’ में आईं नजर करियर पर बात करें तो सारा अली खान की हालिया फिल्म ‘उड़ता तीर’ सिनेमाघरों में चल रही है। आकाश कौशिक के निर्देशन में बनी इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में हैं। ‘केदारनाथ’ से डेब्यू करने के बाद सारा ने ‘सिम्बा’, ‘अतरंगी रे’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘ऐ वतन मेरे वतन’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ये खबर भी पढ़ें सारा अली खान-3 दिन से केदारनाथ में कर रहीं आरती:दोस्तों के साथ बनाई रील; लोगों के साथ पी चाय, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान 3 दिन के बाद उत्तराखंड से मुंबई लौट गई हैं। मंगलवार को तीसरे दिन भी केदारनाथ धाम में दिखाई दीं। वह रविवार को हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। पूरी खबर पढ़ें









