पेट भरा और फिट महसूस करना चाहते हैं? पाचन, इम्यूनिटी और वजन नियंत्रण में मददगार, जानिए चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 23, 2026, 18:06 IST अनन्नास स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. इसमें पाचन, इम्यूनिटी और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी पोषक तत्व मौजूद हैं. गर्मियों में जूस के रूप में सेवन करने पर यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी प्रदान करता है. स्वादिष्ट फल अनन्नास न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषक तत्वों से भरपूर यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. यदि संतुलित मात्रा में अनन्नास का सेवन किया जाए तो यह शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है. अनन्नास एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है. यदि इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो यह शरीर को अंदर से मजबूत और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. पाचन तंत्र के लिए भी अनन्नास बेहद लाभकारी है. इसमें ब्रोमेलिन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है और पेट में गैस, अपच व सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. जिन लोगों को कब्ज या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए अनन्नास का सीमित सेवन फायदेमंद हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि अनन्नास में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है. बदलते मौसम में होने वाली सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव में यह फल काफी कारगर माना जाता है. इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है. हड्डियों की मजबूती के लिए भी अनन्नास अच्छा विकल्प है. इसमें मैंगनीज, कैल्शियम और अन्य जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह फल लाभकारी माना जाता है. वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए भी अनन्नास एक बेहतर विकल्प है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती. इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है. डॉक्टर के मुताबिक अनन्नास का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को एसिडिटी या एलर्जी की समस्या हो सकती है. खासकर गर्भवती महिलाओं और किसी विशेष बीमारी से ग्रसित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए. अनानास का जूस पीने से गर्मी के मौसम में शरीर में ठंडक रहती है और इसके ठोस भाग को खाने की अपेक्षा यदि इसके जूस को पिया जाए तो यह शरीर में काफी लाभ पहुंचता है. ऐसे में अनानास का सेवन न सिर्फ हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे हमारे शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. First Published : March 23, 2026, 18:06 IST
इस सब्जी के आगे चिकन, मटन भी फेल, पोषक तत्वों का खजाना, इम्यूनिटी बढ़ाए, कब्ज का करे जड़ से इलाज, जानते हैं नाम?

kathal health benefits: कई तरह की मार्केट में सब्जियां मिलती हैं, जिनमें कुछ ऐसी सब्जी होती है, जिसका सेवन लोग रेगुलर नहीं करते हैं. किसी खास मौके, पार्टी-फंक्शन या त्योहारों में ही कुछ सब्जियां विशेष रूप से बनाई जाती हैं. ऐसी एक सब्जी है कटहल. भारी-भरकम सा दिखने वाला कटहल का स्वाद ऐसा होता है कि यदि सही तरीके से तेल-मसाले डाल कर इसकी सब्जी बनाई जाए तो इसके आगे नॉनवेज भी फेल लगता है. इन दिनों बाजार में कटहल काफी मिलने लगा है. अलग-अलग राज्यों में लोग इसे अपने तरीके से बनाना पसंद करते हैं. कटहल की ग्रेवी वाली सब्जी हो या फिर कटहल का कोफ्ता, देखते ही मुंह में पानी आ जाता है. इसके स्वाद के मामले में इसका कोई सानी नहीं है. हालांकि, इसे काटना थोड़ा मुश्किल काम कई लोगों को लगता है, क्योंकि जब आप इसे काटते हैं तो हाथों पर इससे निकलने वाला चिपचिपा सा पदार्थ चिपकने लगता है. चाहे जो भी कटहल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है. चलिए जानते हैं कटहल खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं. कटहल में मौजूद पोषक तत्वकटहल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी, विटामिन सी, फाइटोकेमिकल्स आदि पाए जाते हैं. कटहल खाने के स्वास्थ्य लाभ (kathal ke fayde in hindi) – कटहल न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि इसमें कई तरह के पोषक तत्वों की प्रचुरता भी होती है. इसे’सब्जियों का सुपरफूड’ भी कहते हैं. विशेष रूप से यह फाइबर का एक बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत है. फाइबर से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. कब्ज की समस्या नहीं होती है. पाचन तंत्र हेल्दी रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -आयुर्वेद में कटहल को भारी और चिकनाई वाली सब्जी माना गया है, जो शरीर के पोषण की जरूरतों को पूरा करता है. कटहल को सही तरीके से पका कर खाया जाए तो यह शरीर में वात का संतुलन कर सकता है. -अगर पाचन अग्नि मंद है तो इसका सेवन कम से कम करें, क्योंकि इसे पचाने में पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. भारी और चिकनाई युक्त होने की वजह से इसके पाचन में लंबा समय लगता है. -ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह सब्जी फायदेमंद है. इसका ‘ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ कम होता है. इस वजह से ब्लड में ग्लूकोज लेवल कंट्रोल में रहता है. कटहल की सब्जी हृदय के लिए भी लाभकारी होती है. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है. इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होती है, जो हृदय से जुड़े रोगों के खतरे को कम करता है. -फाइबर से भरपूर कटहल आंतों में जमी गंदगी को बाहर निकाल कर आंतों को हेल्दी रखता है. आप कब्ज से बचे रहते हैं. यह आंतों के लिए एक ब्रश की तरह काम करता है, जो गंदगी को जल्दी से जल्दी शरीर से बाहर निकालता है. पेट के साथ-साथ यह सब्जी सौंदर्य को बढ़ाने में भी लाभकारी है. -इसमें मौजूद विटामिन ए और सी मिलकर स्किन और बालों को निखारने का काम करते हैं. इसके साथ ही कुछ लोगों को कटहल के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए. गैस या मंद पाचन वाले लोगों को इसका सेवन कम ही करना चाहिए. अगर शरीर में वात की अधिकता है, तो इसे कम मसालों के साथ बनाएं और सीमित मात्रा में ही खाएं.
रोज सुबह पिए ये खास ड्रिंक, बढ़ेगी इम्युनिटी और एनर्जी, आएगा स्किन पर अनोखा ग्लो

Last Updated:March 20, 2026, 15:11 IST Chia Seeds Special Drinks: स्वस्थ रहने के लिए लोग अब प्राकृतिक और आसान घरेलू उपायों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इन्हीं में से एक है सुबह खाली पेट चिया सीड्स का पानी पीना. पोषक तत्वों से भरपूर यह ड्रिंक शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकती है. आइए जानते हैं खास रेसिपी… बदलती लाइफस्टाइल और मौसम के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है. ऐसे में चिया सीड्स बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते है. रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. यह ड्रिंक शरीर में सूजन कम करने और सेल्स को फ्री रेडिकल्स से बचाने में भी मददगार मानी जाती है. नियमित सेवन से थकान कम महसूस हो सकती है, शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है. खासकर बदलते मौसम में यह आदत इम्युनिटी को बनाए रखने में उपयोगी है. चिया सीड्स का पानी वजन घटाने या नियंत्रित रखने वालों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. इसमें मौजूद फाइबर पानी सोखकर जेल जैसा बन जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है. इससे बार-बार खाने या स्नैकिंग की आदत कम हो सकती है. कम कैलोरी और ज्यादा पोषण वाला यह ड्रिंक डाइट प्लान में आसानी से शामिल किया जा सकता है. सुबह खाली पेट सेवन करने से मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मदद मिलती है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. हालांकि, केवल इस ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जरूरी है. पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज, गैस या अपच आजकल आम हो गई हैं. चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती है. जब इसे पानी में भिगोया जाता है तो यह एक मुलायम जेल बनाता है, जो भोजन के पाचन को आसान बना सकता है. सुबह इसका सेवन करने से पेट साफ रहने में मदद मिल सकती है और आंतों की सेहत बेहतर हो सकती है. साथ ही यह गट हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है. Add News18 as Preferred Source on Google चिया सीड्स पानी को अच्छी तरह सोख लेते हैं, धीरे-धीरे शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं. गर्मियों या ज्यादा मेहनत वाले दिनों में यह खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है. सुबह इसका पानी पीने से शरीर में हाइड्रेशन का स्तर बेहतर बना रह सकता है, जिससे सिरदर्द, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं. यह ड्रिंक इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को भी सपोर्ट कर सकती है. जो लोग कम पानी पीते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है. नियमित सेवन से त्वचा और शरीर दोनों तरोताजा महसूस कर सकते हैं. चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. सुबह इसका सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही यह ब्लड प्रेशर संतुलन और रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है. हेल्दी डाइट के साथ इसे शामिल करने से हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि जिन लोगों को पहले से दिल से जुड़ी समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसे नियमित रूप से लेना चाहिए. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चिया सीड्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं. सुबह खाली पेट इसका पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है, जिससे त्वचा साफ और हेल्दी दिख सकती है. यह ड्रिंक स्किन को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी मदद कर सकती है, जिससे रूखापन और बेजानपन कम हो सकता है. नियमित सेवन के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, तभी त्वचा पर बेहतर असर देखने को मिल सकता है. चिया सीड्स का अधिकतम लाभ पाने के लिए एक चम्मच बीज को रातभर या कम से कम 30 मिनट पानी में भिगोना चाहिए. सुबह खाली पेट इस पानी को पीना फायदेमंद माना जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस या थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है. ध्यान रखें कि इसे सूखा न खाएं, क्योंकि इससे गले या पाचन में दिक्कत हो सकती है. शुरुआत में कम मात्रा से सेवन शुरू करें और शरीर की प्रतिक्रिया को समझें. गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका नियमित उपयोग करें. First Published : March 20, 2026, 15:09 IST
Benefits of moringa I इम्यूनिटी, हड्डियां और ब्लड शुगर के लिए सुपरफूड

Last Updated:March 19, 2026, 20:43 IST सहजन, जिसे मोरिंगा या शीगरू भी कहते हैं, एक देसी सुपरफूड है. इसके पत्ते, फली और छाल में भरपूर पोषण और औषधीय गुण हैं. यह इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. सही मात्रा में सेवन से यह कई बीमारियों से बचाव में भी लाभकारी है. बलिया. सहजन या मोरिंगा, जिसे शीगरू के नाम से भी जाना जाता हैं, एक ऐसा देसी सुपरफूड है, जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. इसके पत्ते, फल (ड्रमस्टिक) और छाल तीनों रूप में ही पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर हैं. अगर इम्युनिटी मजबूत करना आप चाह रहे हैं, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखना चाहते हैं या फिर हड्डियों को ताकत देना चाहते हैं, तो सहजन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह अनेकों बीमारियों को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. काया चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर डॉ. स्नेहामई मिश्रा ने कहा कि, वह उड़ीसा की रहने वाली है, जो अभी फिलहाल शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बांसडीह रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत मझौली बलिया में एक साल से कार्यरत हैं. चीज एक, लेकिन फायदे अनेक सबसे पहले बात करते हैं सहजन के पत्ते की, ये आयरन, कैल्शियम, विटामिन A, C और E का अच्छा स्रोत हैं. ये न केवल एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाने में मददगार हैं. जिन लोगों को हाई ब्लड शुगर या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनके लिए ये पत्ते रामबाण है. यहीं नहीं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो सूजन कम कर जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं. यह दिमाग के लिए भी किसी टॉनिक से कम नहीं है. यह याददाश्त बेहतर बनाने में सहायक होता है. अगर बात सहजन की फली की करे, तो इसे हम ड्रमस्टिक के नाम से जानते हैं. यह फली फाइबर से भरपूर होती हैं, जो पाचन को दुरुस्त कर कब्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाती है. इसमें कैल्शियम और फास्फोरस पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करते हैं. इसके एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से भी बचाते हैं. सहजन की छाल और तना भी अद्भुत फायदे देते हैं. इसका काढ़ा गठिया, साइटिका और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देता है. यह पाचन सुधारने और ब्लड शुगर कम करने में भी मददगार है. हालांकि, गर्भवती महिलाओं को इसकी जड़ या छाल का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह नुकसानदायक हो सकता है. पत्तों का साग या काढ़ा, फली की सब्जी या सांभर और छाल का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता हैं. लेकिन उपयोग से पहले आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह बहुत जरूरी है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Ballia,Uttar Pradesh First Published : March 19, 2026, 20:43 IST
गर्मी में ताजगी का राज… ये 5 फल खाओ, डॉक्टर की नहीं पड़ेगी जरूरत, हाइड्रेट और इम्यूनिटी बूस्ट करना भी आसान!

Last Updated:March 19, 2026, 15:26 IST गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है, जिससे थकान, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में सही फलों का सेवन करना बेहद जरूरी है, जो न केवल शरीर को ठंडक दें बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करें. तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, संतरा और अनानास जैसे पानी से भरपूर फल गर्मियों में हाइड्रेशन, इम्यूनिटी और ताजगी बनाए रखने के लिए सबसे फायदेमंद माने जाते हैं. गर्मी शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है, जिससे थकान, चक्कर और कमजोरी महसूस होती है. ऐसे में खानपान का सही ध्यान रखना जरूरी हो जाता है, खासकर उन फलों का सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है और जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं. गर्मियों में सही फल खाने से शरीर हाइड्रेट रहता है, इम्यूनिटी मजबूत होती है और बीमारियों से बचाव होता है. इसलिए अपनी डाइट में पानी से भरपूर फलों को शामिल करना सबसे आसान और असरदार तरीका है. गर्मी में सबसे फायदेमंद फल तरबूज माना जाता है, क्योंकि इसमें लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है. यह शरीर को तुरंत ठंडक देता है और पानी की कमी को तेजी से पूरा करता है. तरबूज में विटामिन A और C भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को हेल्दी रखने और इम्युनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं. इसके नियमित सेवन से शरीर में ताजगी बनी रहती है और लू से बचाव होता है. गर्मियों में दिन के समय तरबूज खाना सबसे फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा, खरबूजा भी गर्मियों के लिए बेहतरीन फल है, जो शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाता है. इसमें फाइबर, पोटैशियम और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं. खरबूजा खाने से पेट की समस्याएं कम होती हैं और शरीर में पानी का संतुलन बना रहता है. गर्मी के दिनों में इसे सुबह या दोपहर के समय खाने से शरीर को अधिक फायदा मिलता है और दिनभर तरोताजा महसूस होता है. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं, ककड़ी को भी गर्मियों में जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि इसमें लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है. यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और अंदर से ठंडक पहुंचाता है. ककड़ी को सलाद के रूप में या हल्के नमक के साथ खाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर में ताजगी बनी रहती है. इसके अलावा, संतरा भी पानी और विटामिन C का अच्छा स्रोत है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और थकान दूर करने में मदद करता है. संतरा खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. इसके साथ ही, अनानास भी गर्मी के मौसम में काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें पानी के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स और एंजाइम्स होते हैं, जो पाचन को सुधारते हैं और शरीर को मजबूत बनाते हैं. अनानास का सेवन करने से शरीर में ताजगी बनी रहती है और कमजोरी दूर होती है. कुल मिलाकर, अगर आप गर्मी के मौसम में इन फलों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो न केवल पानी की कमी दूर होगी बल्कि शरीर भी फिट और हेल्दी रहेगा, जिससे आप पूरे दिन एक्टिव और ऊर्जावान महसूस करेंगे. First Published : March 19, 2026, 15:26 IST
इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं? यहां देखिए पूरी लिस्ट, सेहत में आएगा सुधार

Last Updated:March 19, 2026, 15:05 IST Best Foods to Boost Immunity: बदलते मौसम में निरोगी रहने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है. डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार खट्टे फल, हल्दी और अदरक शरीर के डिफेंस सिस्टम को एक्टिव करते हैं. इन चीजों का सेवन करना फायदेमंद होता है. जबकि अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड व्हाइट ब्लड सेल्स की कार्यक्षमता को घटा देते हैं. इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. बीमारियों से बचने के लिए हेल्दी खानपान जरूरी होता है. बदलते मौसम और संक्रमण के बढ़ते खतरों के बीच इम्यूनिटी हमारे शरीर को बचाती है. अगर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है, तो शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होता है, जिससे आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते. इम्यूनिटी रातों-रात नहीं बनती, बल्कि यह हमारे खान-पान और लाइफस्टाइल का परिणाम है. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा से जानते हैं कि इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कौन से फूड्स का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए. इम्यूनिटी की बात हो और विटामिन C का जिक्र न हो, ऐसा मुमकिन नहीं है. संतरा, नींबू, मौसंबी और कीवी जैसे खट्टे फल सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने के लिए अनिवार्य हैं. विटामिन-C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है. चूंकि हमारा शरीर विटामिन-C को स्टोर नहीं कर सकता, इसलिए इसे रोजाना डाइट में शामिल करना जरूरी है. भारतीय मसालों में छिपे औषधीय गुण इम्यूनिटी के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. लहसुन में एलिसिन नामक यौगिक होता है, जो संक्रमण और सूजन से लड़ता है. अदरक गले की खराश और इन्फ्लेमेशन को कम करने में सहायक है. वहीं, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. रात को गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर पीना सदियों पुराना और सबसे प्रभावी नुस्खा है. Add News18 as Preferred Source on Google हमारी इम्यूनिटी का लगभग 70 से 80% हिस्सा हमारे गट हेल्थ में होता है. दही और प्रोबायोटिक फूड्स शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं. ये बैक्टीरिया न केवल पाचन सुधारते हैं, बल्कि बाहरी कीटाणुओं को शरीर पर हावी होने से भी रोकते हैं. दोपहर के भोजन में एक कटोरी ताजा दही शामिल करना आंतों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अत्यंत लाभकारी है. बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और सूरजमुखी के बीज विटामिन E, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड के बेहतरीन स्रोत हैं. विटामिन-E एक घुलनशील एंटीऑक्सीडेंट है, जो इम्यून फंक्शन को सुचारू बनाए रखने में मदद करता है. जिंक की कमी से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, इसलिए मुट्ठी भर सूखे मेवे रोज खाने चाहिए. पालक, ब्रोकली और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां न केवल विटामिन-C बल्कि विटामिन-A और आयरन से भी भरपूर होती हैं. ये सब्जियां शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखती हैं और कोशिकाओं के पुनर्जनन में मदद करती हैं. ब्रोकली को कम से कम पकाकर खाना चाहिए ताकि इसके पोषक तत्व बरकरार रहें. यह शरीर को डिटॉक्स करने और संक्रमण रोकने में मदद करती है. इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि क्या चीज उसे कमजोर करती है. अत्यधिक चीनी का सेवन शरीर की सफेद रक्त कोशिकाओं की कीटाणुओं को मारने की क्षमता को कुछ घंटों के लिए कम कर देता है. इसी तरह प्रोसेस्ड फूड, पैकेट बंद स्नैक्स और सोडा में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम दूसरी बीमारियों से लड़ने के बजाय खुद को ठीक करने में उलझ जाता है. शराब का अधिक सेवन फेफड़ों के स्वास्थ्य को बिगाड़ता है और शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को धीमा कर देता है. धूम्रपान श्वसन तंत्र की सुरक्षात्मक परतों को नष्ट कर देता है, जिससे वायरस के लिए शरीर में प्रवेश करना आसान हो जाता है. अगर आप अपनी इम्यूनिटी को लेकर गंभीर हैं, तो इन नशीले पदार्थों से दूरी बनाना पहला कदम होना चाहिए. केवल खाना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना जरूरी है. पानी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है. इसके साथ ही रात की 7-8 घंटे की गहरी नींद इम्यून सेल्स के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है. नींद की कमी शरीर को थका देती है, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. First Published : March 19, 2026, 15:05 IST
Imli Ke fayde: खट्टी-मीठी इमली इम्यूनिटी बढ़ाए, पाचन का रखे ख्याल, जानें सेवन के फायदे और नुकसान

होली में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं, जिसमें एक है खट्टी-मीठी इमली की चटनी. काफी लोग होली पर गुड़ डालकर इमली की चटनी बनाते हैं. इमली न सिर्फ स्वाद में खट्टी-मिठी होती है, भोजन का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ ही इमली कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है. इमली में मौजूद न्यूट्रिएंट्स और इसके सेवन से होने वाले फायदों के बारे में जानें यहां… इमली में मौजूद पोषक तत्वइमली में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जैसे मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन बी1, पोटैशियम, आयरन, विटामिन सी आदि. इमली स्वाद और सेहत का खजाना है.यह प्रकृति की अनमोल देन है. इमली के वृक्ष की शाखाएं झुकी हुई और छाल खुरदरी भूरी होती है, जिससे इसे पहचानने में आसानी होती है. इमली का खट्टा-मीठा गूदा भोजन में स्वाद बढ़ाता है. आमतौर पर इमली चटनी, सांभर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का मुख्य हिस्सा है. इमली खाने के फायदे -इमली का पारंपरिक चिकित्सा में सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है. यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है. इसके सेवन से शरीर में सूजन कम होती है. विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है. -इमली में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सुधारती है. इसके सेवन से कब्ज की समस्या ठीक होती है. लैक्सेटिव प्रभाव से पेट साफ रखती है. -इमली खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है. बैड कोलेस्ट्रॉल कम होने से हार्ट डिजीज होने का जोखिम कम हो जाता है. गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के लिए आप इमली खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में इसका सेवन है फायदेमंद. इससे हार्ट हेल्दी रहता है. -इमली में पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनॉएड्स होते हैं, जो इंफ्लेमेशन कम करने में कारगर हो सकते हैं. लिवर के लिए भी हेल्दी मानी गई है इमली.यह ब्लड शुगर लेवल संतुलित रखने में मददगार हो सकती है. साथ ही उनके लिए भी फायदेमंद है, जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं. -इमली की पत्तियां, छाल और बीज ये सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों वाली इमली बैक्टीरिया और फंगस से लड़ने में मदद करती है. इमली अधिक खाने के नुकसानइमली का सेवन अगर एक बार में ही अधिक कर लिया तो आपको दस्त और पेट दर्द हो सकता है. डायबिटीज के मरीज इमली खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें. एसिडिक होने से दांतों की इनेमल को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए पानी से कुल्ला करें. प्रेग्नेंट लेडीज और अपने शिशु को स्तनपान कराने वाली महिलाएं, किडनी मरीज, किसी तरह की दवा ले रहे लोग डॉक्टर से जरूर बात कर लें. जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है, उन्हें खुजली, रैशेज भी हो सकती है. ऐसे में एक बारे में ही अधिक सेवन से बचना चाहिए.
5 Superfruits for Glowing Skin and Strong Immunity | Natural Beauty Tips | चेहरे पर निखार और दमदार इम्यूनिटी के लिए खाएं ये 5 फल

Top Fruits for Flawless Skin: फलों को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इनमें अनगिनत नेचुरल पोषक तत्व होते हैं. अगर आप फल खाते हैं, तो ये अंदरूनी अंगों के साथ आपकी स्किन को भी चमकदार बना देते हैं. विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फलों का सेवन करने से स्किन पर निखार आ सकता है. कुछ खास फल न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि वे विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना भी हैं. इनका नियमित सेवन न केवल आपके चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाता है, बल्कि आपकी इम्यूनिटी को भी इतना मजबूत कर देता है कि आप मौसमी बीमारियों से डटकर लड़ सकें. यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि स्किन हमारी इंटरनल हेल्थ का आईना होती है. जब हम पोषक तत्वों से भरपूर फल खाते हैं, तो उनमें मौजूद विटामिन C कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है, जो स्किन की इलास्टिसिटी बनाए रखने और झुर्रियों को रोकने के लिए जरूरी है. फलों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं, जो स्किन सेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके अलावा फलों में मौजूद फाइबर हमारे पाचन तंत्र को साफ रखता है. जब शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, तो खून साफ होता है और चेहरे पर एक अलग ही चमक नजर आने लगती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाएंगे ये 5 फल पपीता : यह फल स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें पपेन नामक एंजाइम होता है, जो डेड स्किन सेल्स को हटाने और बंद पोर्स को खोलने में मदद करता है. विटामिन A और C से भरपूर होने के कारण यह इम्यूनिटी को बूस्ट करता है और चेहरे के दाग-धब्बों को हल्का करता है. रोज एक कटोरी पपीता खाने से पेट साफ रहता है और स्किन की रंगत सुधरती है. संतरा : यह खट्टा-मीठा फल विटामिन C का पावरहाउस है. यह एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की रक्षा करता है. संतरा खाने से शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स का निर्माण बढ़ता है, जो इम्यूनिटी के लिए भी जरूरी है. इसके नियमित सेवन से त्वचा में कसावट आती है और चेहरा चमकदार और फ्रेश नजर आता है. कीवी : यह एक ऐसा सुपरफ्रूट है, जो संतरा से भी अधिक विटामिन C प्रदान करता है. इसमें विटामिन E भी प्रचुर मात्रा में होता है, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है और उसे समय से पहले बूढ़ा होने से बचाता है. कीवी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइटोकेमिकल्स शरीर की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं. इसके पोषक तत्व इसे खूबसूरती के लिए बेस्ट बनाते हैं. अनार : यह खून बढ़ाने और निखार लाने वाला फल है. अनार को एंटी-एजिंग फल माना जाता है. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे चेहरे पर गुलाबी निखार आता है. इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हार्ट हेल्थ और इम्यूनिटी को भी बेहतर बनाते हैं. अनार के दाने स्किन सेल्स के नवीनीकरण में मदद करते हैं, जिससे चेहरा जवान दिखता है. सेब : स्किन के लिए एप्पल को बढ़िया माना जाता है. सेब में विटामिन B और C के साथ-साथ पोटैशियम भी होता है, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन कंट्रोल रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहती है. सेब का सेवन त्वचा की बनावट में सुधार करता है और उसे चमक देता है.
सूजन से लेकर वेट लॉस तक…कच्ची हल्दी सेहत का सोना, इम्युनिटी बूस्टर के लिए वरदान – Uttar Pradesh News

Last Updated:February 20, 2026, 23:56 IST भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली कच्ची हल्दी इन दिनों सेहत की दुनिया में फिर सुर्खियां बटोर रही है. आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान कहा गया है. इसमें करक्यूमिन और शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं. यह कई रोगों से निजात दिला सकती है. कच्ची हल्दी को इम्यूनिटी बूस्टर कहा गया है. इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में सहायक होते हैं. इसके नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे मौसमी बीमारियों के खतरे की संभावना कम रहती हैं. कच्ची हल्दी जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए भी फायदेमंद होती है. इसकी सूजनरोधी क्षमता गठिया जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है. कच्ची हल्दी के करक्यूमिन तत्व सूजन को कम करने में मदद करते है, जिससे जोड़ों की जकड़न और दर्द में आराम मिलता हैं. कच्ची हल्दी का पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी योगदान बेहद महत्वपूर्ण है. यह गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को कम करने में लाभकारी सिद्ध हो सकती है. इसके नियमित सेवन से आंतों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है, जिससे दिनभर शरीर ऊर्जावान रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, कच्ची हल्दी की भूमिका शरीर को डिटॉक्स करने में खास मानी जाती है. यह लिवर की कार्यक्षमता को समर्थन दे सकती है और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकती है. खून को साफ करने में भी इसके गुण उपयोगी होते हैं, जिससे त्वचा पर भी सकारात्मक असर दिखता है. कच्ची हल्दी का गुनगुना दूध या काढ़ा सर्दी-खांसी या गले में खराश को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो गले को आराम देने में सहायक हो सकती है. कई घरों में बदलते मौसम में इसे रोगों से बचाव के उपाय के तौर पर प्रयोग किया जाता है. कच्ची हल्दी एक शानदार औषधि है. वजन को कंट्रोल करने में भी कच्ची हल्दी लाभकारी है. यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है, जिससे कैलोरी बर्न की प्रक्रिया शानदार होती है. यही नहीं, कच्ची हल्दी सूजन कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं. कच्ची हल्दी को कद्दूकस कर दूध में उबालकर, चाय में मिलाकर या सुबह गुनगुने पानी के साथ सेवन जा सकता है. हालांकि, यदि किसी को पित्त की पथरी, मधुमेह या खून पतला करने वाली दवाएं चल रही हों, तो सेवन से पहले आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूरी ले. क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकती हैं. First Published : February 20, 2026, 23:56 IST









