Thursday, 09 Jul 2026 | 12:00 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सूजन से लेकर वेट लॉस तक…कच्ची हल्दी सेहत का सोना, इम्युनिटी बूस्टर के लिए वरदान – Uttar Pradesh News

इम्युनिटी बूस्टर

Last Updated:

भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली कच्ची हल्दी इन दिनों सेहत की दुनिया में फिर सुर्खियां बटोर रही है. आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान कहा गया है. इसमें करक्यूमिन और शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं. यह कई रोगों से निजात दिला सकती है.

इम्युनिटी बूस्टर

कच्ची हल्दी को इम्यूनिटी बूस्टर कहा गया है. इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में सहायक होते हैं. इसके नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे मौसमी बीमारियों के खतरे की संभावना कम रहती हैं.

जोड़ों के दर्द और सूजन

कच्ची हल्दी जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए भी फायदेमंद होती है. इसकी सूजनरोधी क्षमता गठिया जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है. कच्ची हल्दी के करक्यूमिन तत्व सूजन को कम करने में मदद करते है, जिससे जोड़ों की जकड़न और दर्द में आराम मिलता हैं.

गैस, अपच और ब्लोटिंग

कच्ची हल्दी का पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी योगदान बेहद महत्वपूर्ण है. यह गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को कम करने में लाभकारी सिद्ध हो सकती है. इसके नियमित सेवन से आंतों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है, जिससे दिनभर शरीर ऊर्जावान रहता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हानिकारक तत्व बाहर

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, कच्ची हल्दी की भूमिका शरीर को डिटॉक्स करने में खास मानी जाती है. यह लिवर की कार्यक्षमता को समर्थन दे सकती है और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकती है. खून को साफ करने में भी इसके गुण उपयोगी होते हैं, जिससे त्वचा पर भी सकारात्मक असर दिखता है.

सर्दी-खांसी और गले में खराश

कच्ची हल्दी का गुनगुना दूध या काढ़ा सर्दी-खांसी या गले में खराश को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो गले को आराम देने में सहायक हो सकती है. कई घरों में बदलते मौसम में इसे रोगों से बचाव के उपाय के तौर पर प्रयोग किया जाता है. कच्ची हल्दी एक शानदार औषधि है.

वजन और सूजन

वजन को कंट्रोल करने में भी कच्ची हल्दी लाभकारी है. यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है, जिससे कैलोरी बर्न की प्रक्रिया शानदार होती है. यही नहीं, कच्ची हल्दी सूजन कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं.

सेवन और सावधानी

कच्ची हल्दी को कद्दूकस कर दूध में उबालकर, चाय में मिलाकर या सुबह गुनगुने पानी के साथ सेवन जा सकता है. हालांकि, यदि किसी को पित्त की पथरी, मधुमेह या खून पतला करने वाली दवाएं चल रही हों, तो सेवन से पहले आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूरी ले. क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकती हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मुरैना में बिना रजिस्ट्रेशन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल-सीएनजी:प्रभारी कलेक्टर बोले- क्राइम रोकने लिया फैसला, फ्यूल देने पर संचालक पर होगी कार्रवाई

April 16, 2026/
11:33 am

अब मुरैना में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को पेट्रोल,डीजल,सीएनजी नहीं मिलेगा। ऐसा करना पेट्रोल पंप संचालकों के लिए अपराध होगा।...

जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब

April 21, 2026/
12:17 pm

देश के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में नौकरियों का बाजार फिर चमकने लगा है। साल 2026 की चौथी मार्च तिमाही...

अमेरिका ने वेनेजुएला का हाईली एनरिच्ड यूरेनियम निकाला:13.5 किलो न्यूक्लियर मटेरियल वॉशिंगटन लाया गया, अब इसे अमेरिका खुद प्रोसेस करेगा

May 9, 2026/
2:11 pm

अमेरिका ने वेनेजुएला से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम हटाया है। यह यूरेनियम कई साल से वहां के एक पुराने...

अंजड़ के 5 वार्डों में दूषित जल आपूर्ति:रहवासी बोले- नलों से आ रहा बदबूदार पानी; 8 हजार लोगों को बीमारियों का खतरा

April 30, 2026/
3:20 pm

बड़वानी जिले के अंजड़ नगर के वार्ड क्रमांक 7, 8, 9, 14 और 15 में पिछले कई महीनों से नलों...

बेंगलुरु पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंचा:कोलकाता की प्लेऑफ राह मुश्किल हुई, पंजाब के लिए आज जीत जरूरी; IPL में प्लेऑफ का गणित

May 14, 2026/
5:10 am

IPL 2026 के लीग स्टेज में अब 13 मैच बाकी हैं। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ से बाहर...

राजनीति

सूजन से लेकर वेट लॉस तक…कच्ची हल्दी सेहत का सोना, इम्युनिटी बूस्टर के लिए वरदान – Uttar Pradesh News

इम्युनिटी बूस्टर

Last Updated:

भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली कच्ची हल्दी इन दिनों सेहत की दुनिया में फिर सुर्खियां बटोर रही है. आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान कहा गया है. इसमें करक्यूमिन और शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं. यह कई रोगों से निजात दिला सकती है.

इम्युनिटी बूस्टर

कच्ची हल्दी को इम्यूनिटी बूस्टर कहा गया है. इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में सहायक होते हैं. इसके नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे मौसमी बीमारियों के खतरे की संभावना कम रहती हैं.

जोड़ों के दर्द और सूजन

कच्ची हल्दी जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए भी फायदेमंद होती है. इसकी सूजनरोधी क्षमता गठिया जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है. कच्ची हल्दी के करक्यूमिन तत्व सूजन को कम करने में मदद करते है, जिससे जोड़ों की जकड़न और दर्द में आराम मिलता हैं.

गैस, अपच और ब्लोटिंग

कच्ची हल्दी का पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी योगदान बेहद महत्वपूर्ण है. यह गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को कम करने में लाभकारी सिद्ध हो सकती है. इसके नियमित सेवन से आंतों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है, जिससे दिनभर शरीर ऊर्जावान रहता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हानिकारक तत्व बाहर

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, कच्ची हल्दी की भूमिका शरीर को डिटॉक्स करने में खास मानी जाती है. यह लिवर की कार्यक्षमता को समर्थन दे सकती है और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकती है. खून को साफ करने में भी इसके गुण उपयोगी होते हैं, जिससे त्वचा पर भी सकारात्मक असर दिखता है.

सर्दी-खांसी और गले में खराश

कच्ची हल्दी का गुनगुना दूध या काढ़ा सर्दी-खांसी या गले में खराश को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो गले को आराम देने में सहायक हो सकती है. कई घरों में बदलते मौसम में इसे रोगों से बचाव के उपाय के तौर पर प्रयोग किया जाता है. कच्ची हल्दी एक शानदार औषधि है.

वजन और सूजन

वजन को कंट्रोल करने में भी कच्ची हल्दी लाभकारी है. यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है, जिससे कैलोरी बर्न की प्रक्रिया शानदार होती है. यही नहीं, कच्ची हल्दी सूजन कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं.

सेवन और सावधानी

कच्ची हल्दी को कद्दूकस कर दूध में उबालकर, चाय में मिलाकर या सुबह गुनगुने पानी के साथ सेवन जा सकता है. हालांकि, यदि किसी को पित्त की पथरी, मधुमेह या खून पतला करने वाली दवाएं चल रही हों, तो सेवन से पहले आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूरी ले. क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकती हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.