जंगली कुत्ते मादा की तलाश में 4000 km घूमे:9 महीने तक जोड़ीदार तलाशते रहे, अब तक की सबसे लंबी दूरी तय की

साथी की तलाश में जाम्बिया के तीन अफ्रीकी जंगली कुत्तों ने करीब 4,126 किलोमीटर का सफर तय किया। ये तीनों भाई 2025 के बीच में अपने पुराने इलाके से निकले और करीब 9 महीने तक लगातार घूमते रहे। अप्रैल 2026 तक उन्होंने यह दूरी पूरी कर ली थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन पर रहने वाले किसी अफ्रीकी स्तनधारी के साथी की तलाश में दर्ज की गई यह अब तक की सबसे लंबी दूरी है। इन तीनों को मायूकूयूकू मेल्स (Mayukuyuku males) के नाम से पहचाना गया है। उनका सफर सिर्फ लंबा नहीं था, बल्कि बेहद मुश्किल भी था। रास्ते में उन्हें जंगलों के साथ-साथ सड़कें, शहर, खेती और औद्योगिक इलाके भी मिले। वे इनसे बचते हुए बार-बार अपना रास्ता बदलते रहे। 420 किमी की दूरी, लेकिन सफर 4 हजार किमी का अगर नक्शे पर दोनों छोरों के बीच सीधी लाइन खींचें तो तीनों भाइयों ने करीब 260 मील यानी 420 किमी की दूरी तय की। लेकिन असल में वे करीब 2,485 मील यानी 4 हजार किमी घूमे। सोचिए, मंजिल 420 किमी दूर हो और वहां पहुंचने के लिए 4 हजार किमी का चक्कर लगाना पड़े। इन जंगली कुत्तों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। वे जहां इंसानी गतिविधियां ज्यादा देखते, वहां से रास्ता बदल लेते। इस तरह जंगलों और दूसरे प्राकृतिक इलाकों के बीच घूमते हुए उन्होंने एक लंबा घुमावदार रास्ता तय किया। वैज्ञानिक इस तरह अपने जन्म वाले झुंड या इलाके को छोड़कर साथी की तलाश में निकलने को डिस्पर्सल कहते हैं। यह माइग्रेशन से अलग है। माइग्रेशन में जानवर आमतौर पर मौसम के साथ भोजन या रहने की जगह की तलाश में एक इलाके से दूसरे इलाके जाते हैं और फिर लौटते हैं। डिस्पर्सल में जानवर नए साथी या नए इलाके की तलाश में निकलता है। अपने ही झुंड में जोड़ी नहीं बनाते अफ्रीकी जंगली कुत्ते झुंड में रहने वाले बेहद सामाजिक जानवर हैं। वे साथ मिलकर शिकार करते हैं और झुंड के बच्चों की देखभाल भी करते हैं। लेकिन वे आमतौर पर अपने जन्म वाले झुंड में प्रजनन नहीं करते। इसलिए बड़े होने पर उनके सामने दो रास्ते होते हैं। वे अपने झुंड में रहकर इंतजार करें और आगे चलकर उसी झुंड का हिस्सा बने रहें, या फिर करीब 2 से 3 साल की उम्र में साथी की तलाश में बाहर निकल जाएं। जाम्बिया में इन तीन भाइयों ने साथी की तलाश में निकलने का रास्ता चुना। राजधानी लुसाका से भी बचकर निकले तीनों का रास्ता सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं था। वे जाम्बिया के अलग-अलग वन्यजीव इलाकों के बीच घूमे। इस दौरान उन्होंने राजधानी लुसाका और भारी औद्योगिक विकास वाले इलाकों के आसपास से भी रास्ता बनाया। सड़कों, शहरों और खेती की वजह से कई प्राकृतिक इलाके एक-दूसरे से कट गए हैं। ऐसे में किसी जानवर के लिए एक जंगल से दूसरे जंगल तक जाना आसान नहीं है। इसके बावजूद तीनों भाइयों ने इन बाधाओं के बीच रास्ता निकाला। वैज्ञानिकों के लिए यह एक अहम संकेत है। इससे पता चलता है कि पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में जंगली कुत्तों की अलग-अलग आबादियां शायद पहले के अनुमान से ज्यादा एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। तीन बहनें भी साथी की तलाश में निकलीं, 2 की मौत इसी रिसर्च में तीन मादा जंगली कुत्तों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई। उन्होंने भी साथी की तलाश में लंबी दूरी तय करना शुरू किया था। लेकिन उनका सफर पूरा नहीं हो सका। तीनों में से एक शिकारी के लगाए तार के फंदे यानी स्नेर में फंस गई। बाद में तीनों में से दो की मौत हो गई। दूसरी की मौत की जानकारी नहीं मिल पाई है। रिसर्चर्स ने इन जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनके गले में GPS कॉलर लगाए थे। इससे पता चला कि बची हुई मादा जंगली कुत्तियां बार-बार उसी जगह लौट रही थीं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसा व्यवहार अक्सर तब देखा जाता है जब झुंड का कोई साथी मर जाता है। हालांकि, यह पूरी तरह तय नहीं है कि वे साथी को खोज रही थीं या उस जगह से उनका जुड़ाव बना हुआ था। इस रिसर्च में GPS कॉलर लगाए गए कुछ दूसरे जंगली कुत्तों की मौत भी अवैध शिकार के लिए लगाए गए फंदों में फंसने से हुई। जंगलों में करीब 6 हजार ही जंगली कुत्ते बचे अफ्रीकी जंगली कुत्ते अफ्रीका के सबसे दुर्लभ शिकारी जानवरों में शामिल हैं। जंगलों में इनकी संख्या करीब 6 हजार ही बची है। इनके लिए खतरा सिर्फ शिकारियों से नहीं है। सड़कें, शहर और खेती उनके रहने वाले इलाकों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट रहे हैं। इससे साथी की तलाश में एक इलाके से दूसरे इलाके तक जाना मुश्किल हो सकता है। फिर भी इस रिसर्च में तीन भाइयों का 4 हजार किमी का सफर यह दिखाता है कि ये जानवर इंसानों से बदले हुए इलाकों के बीच भी रास्ता खोज सकते हैं। मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्कॉट क्रील, जो इस रिसर्च के प्रमुख लेखक हैं और 1991 से अफ्रीकी जंगली कुत्तों का अध्ययन कर रहे हैं, इसे सावधानी के साथ उम्मीद जगाने वाला नतीजा मानते हैं। उनके मुताबिक, पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में बाड़ से घिरे इलाकों को छोड़ दें तो जंगली कुत्तों की लगभग सभी बड़ी आबादियां एक-दूसरे से जुड़ी हो सकती हैं। लेकिन उनके मुताबिक तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। जानवर इतनी लंबी दूरी तय कर सकते हैं, लेकिन रास्ते में इंसानों की वजह से पैदा हुए खतरे भी हैं। इनमें सबसे बड़ा खतरा शिकारियों के लगाए फंदों का है। सिर्फ जंगल बचाना काफी नहीं, उनके बीच के रास्ते भी जरूरी यह रिसर्च इकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसके नतीजे बताते हैं कि वन्यजीवों के लिए सिर्फ संरक्षित जंगल बचाना पर्याप्त नहीं है। मान लीजिए दो बड़े जंगल हैं, लेकिन उनके बीच सड़क, शहर और खेती इतनी बढ़ गई कि जानवर एक से दूसरे तक पहुंच ही नहीं सकते। ऐसे में दोनों जंगल धीरे-धीरे अलग-अलग छोटे द्वीप जैसे बन जाएंगे। द नेचर कंजरवेंसी से जुड़े और रिसर्च के सह-लेखक ब्रूस एलेंडर के मुताबिक, जंगली कुत्तों और हाथियों जैसे बड़े इलाके में घूमने वाले जानवरों को जिंदा रहने के लिए जुड़े हुए प्राकृतिक इलाके चाहिए। इसलिए संरक्षण का मतलब सिर्फ जंगल
सलमान खान ने एंटीलिया में लिया बप्पा का आशीर्वाद:तिलक लगवाकर फूल अर्पण किए, सिद्धार्थ-कियारा ने भी दर्शन किए; राधिका मर्चेंट की भक्तिमय परफॉर्मेंस में डूबे मेहमान

सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। एंटीलिया में हुए गणपति सेलिब्रेशन की शुरुआत में राधिका मर्चेंट ने भक्तिमय प्रस्तुति दी। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए। राधिका मर्चेंट ने गणपति सेलिब्रेशन में क्लासिकल भक्तिमय भरतनाट्यम परफॉर्मेंस दी, जिसे पॉपुलर कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने कोरियोग्राफ किया है। वैभवी ने सोशल मीडिया से राधिका का वीडियो पोस्ट किया। देखिए राधिका मर्चेंट की डांस परफॉर्मेंस की झलक- एंटीलिया के गणपति सेलिब्रेशन की ये इनसाइड झलकियां भी देखिए- विक्की-कटरीना, सिद्धार्थ-कियारा ने भी लिया आशीर्वाद विक्की कौशल और कटरीना कैफ ने भी एंटीलिया में बप्पा का आशीर्वाद लिया और फूल अर्पित किए। नए पेरेंट्स बने सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी भी हाथ जोड़े बप्पा के दर्शन करते नजर आए। गणपति पूजा में साथ दिखा अंबानी परिवार इस सेलिब्रेशन से पहले अंबानी परिवार में पूजा आयोजित की गई, जिसमें महज परिवार के सदस्य और चंद करीबी शामिल हुए थे। एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत गणपति बप्पा के स्वागत के लिए एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाईदार एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।
ट्रम्प की डाक वोटिंग सख्त करने की कोशिश पर रोक:सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज खिलाफ; वोटरों की जानकारी USPS को देने का था आदेश

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डाक से वोटिंग के नियम सख्त करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिश पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जज ट्रम्प के नियमों के खिलाफ रहे। मामला नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से जुड़ा है। ट्रम्प ने मार्च में आदेश जारी किया था। वे चाहते थे कि डाक से वोट भेजने वाले लोगों की लिस्ट राज्यों को अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को दी जाए। ट्रम्प का कहना था कि डाक से वोटिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम जरूरी हैं। विरोध करने वालों ने कहा कि इन नियमों से सही वोट भी रुक सकते हैं और राष्ट्रपति राज्यों के चुनावी सिस्टम में जरूरत से ज्यादा दखल दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रम्प के नियम लागू करने की अनुमति नहीं दी। ट्रम्प के नियम के तहत USPS रोक सकता था बैलेट अगर कोई बैलेट नए नियमों के मुताबिक नहीं होता या वोट देने वाले का नाम तय लिस्ट में नहीं मिलता, तो USPS उस बैलेट को रोक सकता था। डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार वाले राज्यों और वोटिंग अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इन नियमों का विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे चुनाव के दौरान लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
अंबानी परिवार की गणेश पूजा में पहुंचे सलमान खान:विक्की-कटरीना, आलिया रणबीर समेत कई सेलेब्स शामिल हुए, देखिए तस्वीरें

अंबानी परिवार ने अपने घर एंटीलिया में गणेश चतुर्थी 2026 का जश्न मनाया। परिवार ने गणपति बप्पा का स्वागत किया, जिन्हें प्यार से ‘एंटीलिया चा राजा’ कहा जाता है। इस मौके पर बॉलीवुड की कई हस्तियां मुकेश अंबानी के घर पहुंचीं। सलमान खान, कटरीना कैफ-विक्की कौशल, कियारा आडवाणी-सिद्धार्थ मल्होत्रा और कई सितारे सेलिब्रेशन में शामिल हुए। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।
ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि संकट खत्म होने के बाद उन देशों को अमेरिका को पैसा देना चाहिए, जिन्होंने उसकी मदद नहीं की। ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके मुताबिक, अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की जगह दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता रहा है। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज से तेल की आवाजाही से जिन देशों को फायदा हो रहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन देशों को अमेरिका को पैसा देना चाहिए, जिन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मदद नहीं की। ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके मुताबिक, अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की जगह दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता रहा है। ट्रम्प ने कहा, दुनिया के जिन देशों ने हमारी बिल्कुल मदद नहीं की, उन्हें इस SCAM संकट के खत्म होने पर अमेरिका को भुगतान करना चाहिए और वे ऐसा करेंगे। ट्रम्प ने अमेरिका में महंगाई के लिए बाइडेन को जिम्मेदार बताया ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर अमेरिका में बढ़ती कीमतों और तेल के दाम के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि बाइडेन के कार्यकाल में तेल की कीमत अभी से ज्यादा थी। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया। ट्रम्प बोले- ईरान जल्द समझौता करना चाहता है ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और जल्द समझौता करने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका ईरान से बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला वही करेंगे। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज से तेल की आवाजाही से जिन देशों को फायदा हो रहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
दिल्ली हाईकोर्ट ने विमल इलायची की याचिका खारिज की:अजय देवगन, शाहरुख को जारी नोटिस रद्द करने की मांग थी; जज बोले- ये महाराष्ट्र का मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को विमल इलायची कंपनी की याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में कंपनी के ब्रांड एंबेसडर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को मिले नोटिस रद्द करने की मांग की गई थी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का क्षेत्रीय अधिकार नहीं बनता। नोटिस से जुड़ी शिकायत के लिए महाराष्ट्र की अदालतें ज्यादा सही और सुविधाजनक मंच हैं। दरअसल महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 14 अगस्त को तीनों कलाकारों को विमल इलायची के विज्ञापनों में उत्पाद की गलत प्रस्तुति के आरोप में कारण बताओ नोटिस भेजे थे। FDA का आरोप है कि ये विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार करते हैं। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं।
इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा ने की दूसरी शादी:पूर्व PAK प्रधानमंत्री से तलाक के 22 साल बाद आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति को जीवनसाथी बनाया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने 52 साल की उम्र में दूसरी शादी कर ली है। जेमिमा ने 62 साल के आयरिश-ऑस्ट्रेलियाई करोड़पति कैमरन ओ’राइली से शादी की है। दोनों की शादी इमरान खान से तलाक के 22 साल बाद हुई है। इमरान और जेमिमा का तलाक 2004 में हुआ था। हालांकि, जेमिमा और कैमरन ने खुद अपनी शादी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। जेमिमा की भाभी जेमिमा जोन्स ने इसकी जानकारी दी। जोन्स, जेमिमा के भाई बेन गोल्डस्मिथ की पत्नी हैं। उन्होंने 13 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
सऊदी अरब में 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला:मदीना में रेयर अर्थ मिनरल्स भी मिले; परमाणु ऊर्जा पर बढ़ा सऊदी का फोकस

सऊदी अरब के मदीना इलाके में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिलने की जानकारी सामने आई है। यहां यूरेनियम के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स भी पाए गए हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सम्मेलन में इसकी घोषणा की। ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, यह खोज मदीना के जबल सैयद प्रोजेक्ट में हुई है। यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा बनाने में किया जाता है। सऊदी अरब लंबे समय से परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तेल के अलावा दूसरे स्रोतों को भी बढ़ावा देना चाहता है। मदीना में यूरेनियम के साथ रेयर अर्थ भी जबल सैयद प्रोजेक्ट में यूरेनियम के अलावा भारी रेयर अर्थ एलिमेंट्स भी पाए गए हैं। इन खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और दूसरी आधुनिक तकनीकों में किया जाता है। सऊदी अरब तेल पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए खनन और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहा है। सरकार देश में मौजूद खनिज संसाधनों को विकसित करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने पर भी जोर दे रही है। खबर अपडेट हो रही है…
सऊदी अरब में 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला:मदीना में रेयर अर्थ मिनरल्स भी मिले; परमाणु ऊर्जा पर बढ़ा सऊदी का फोकस

सऊदी अरब के मदीना इलाके में करीब 11 करोड़ टन यूरेनियम वाला खनिज मिला है। यहां यूरेनियम के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स भी पाए गए हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह खोज मदीना के जबल सैयद प्रोजेक्ट में हुई है। यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा बनाने में होता है। सऊदी अरब पहले से ही परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। वह तेल पर अपनी निर्भरता कम करके ऊर्जा के दूसरे स्रोतों को भी बढ़ावा देना चाहता है। खबर अपडेट हो रही है…







