Saturday, 10 Oct 2026 | 12:33 PM

Trending :

EXCLUSIVE

सात्विक-चिराग सिंगापुर ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे:दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराया; कोरिया के वर्ल्ड चैंपियंस को 21-19, 21-18 से हराया

सात्विक-चिराग सिंगापुर ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे:दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराया; कोरिया के वर्ल्ड चैंपियंस को 21-19, 21-18 से हराया

भारत की मेंस डबल्स जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। चौथी वरीयता वाली भारतीय जोड़ी ने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में दुनिया की नंबर-1 साउथ कोरियाई जोड़ी किम वोन हो और सियो सेउंग जे को 21-19 और 21-18 से हरा दिया। 52 मिनट तक चले मुकाबले में सात्विक और चिराग ने 21-19, 21-18 से जीत दर्ज की। यह भारतीय जोड़ी की किम और सियो के खिलाफ पहली जीत भी है। पहले गेम में पिछड़ने के बाद वापसी की मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले गेम के मिड-गेम ब्रेक तक कोरियाई जोड़ी 13-11 से आगे थी। हालांकि, सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने लगातार अंक जुटाए और वापसी करते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी सात्विक और चिराग 11-14 से पीछे चल रहे थे। फिर वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। रविवार को दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से मुकाबला अब भारतीय जोड़ी दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से रविवार को भिड़ेगी। दूसरा सेमीफाइनल इंडोनेशिया की फजार अल्फियान-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी जोड़ी और चीन की लियांग वेई कांग-चांग वांग के बीच होगा। मिश्रित युगल में भारत को निराशा मिश्रित युगल वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी है। ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। भारतीय जोड़ी को जापान के युइची शिमोगामी और सयाका होबारा के खिलाफ 16-21, 21-17, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में ध्रुव और तनिषा ने दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन आखिरी गेम में जापानी जोड़ी ने बाजी मार ली। ——————————– स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट को हराने वाली मीनाक्षी गोयत की कहानी:मां के कैंसर से टूटीं, खुद के पैर में चोट, डॉक्टरों ने कहा था- चल नहीं पाएगी “पहले मां को कैंसर हुआ। फिर खुद के पैर में चोट लगी। डॉक्टरों ने कहा था कि सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो सकता है, तब लगा था कि सब खत्म हो गया, लेकिन हार नहीं मानी।” हरियाणा के जींद जिले की 25 साल की पहलवान मीनाक्षी गोयत की यह कहानी संघर्ष, जज्बे और मेहनत की मिसाल है। पूरी खबर पढ़ें…

IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल

IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रविवार को IPL का फाइनल खेला जाएगा। देशभर से हजारों फैंस मैच देखने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। स्टेडियम के टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लगी हैं। कई फैंस ने टिकट बुकिंग को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई है। इस बीच रॉयल चैलेंजर्स के खिलाड़ी और बड़ौदा के रहने वाले क्रुणाल पंड्या मैच से पहले रूपल स्थित वर्दायिनी माता मंदिर पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चे के साथ पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। देशभर से फैंस पहुंचे, कोहली नाम की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही स्टेडियम के बाहर दोनों टीमों की टी-शर्ट की बिक्री भी तेज हो गई है। मुंबई से टी-शर्ट बेचने आए विष्णु पवार ने बताया कि वह स्टेडियम के बाहर टी-शर्ट बेचने आए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा बिक्री विराट कोहली के नाम वाली टी-शर्ट की हुई है। बेंगलुरु से आई दिव्याबेन ने कहा कि वह अपने बेटे के साथ फाइनल देखने पहुंची हैं। उन्होंने पहले से होटल बुक कर रखा है। उन्हें उम्मीद है कि बेंगलुरु के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और टीम जीतेगी। हैदराबाद से आई हर्षिता ने कहा कि वह अपने दोस्त के साथ फाइनल देखने आई हैं। उनके सभी दोस्त बेंगलुरु को सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि गुजरात टाइटन्स फाइनल जीतेगी। ऑनलाइन टिकट बुकिंग को लेकर कई शिकायतें झारखंड से आए राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने डिस्ट्रिक्ट ऐप से करीब 10 टिकट बुक किए थे और उनके खाते से करीब 10 हजार रुपए भी कट गए। इसके बावजूद स्टेडियम पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि टिकट बुक नहीं हुए हैं। राजेश ने बताया कि ऐप में टिकट बुक दिख रहे हैं, लेकिन मौके पर उन्हें टिकट नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसी परेशानी कई लोगों के साथ हो रही है और अभी तक कोई समाधान नहीं मिला है। हैदराबाद से आए शरद ने बताया कि उनके पास टिकट था, लेकिन स्टेडियम पहुंचने पर पता चला कि टिकट लेने के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टिकट काउंटर और फोटोकॉपी दोनों जगह लंबी लाइनें थीं, जिससे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, क्रिकेट प्रशंसक मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने टिकट ऑनलाइन बुक किए थे और सुबह 10 बजे से ऑफलाइन टिकट मिलने का इंतजार कर रही थीं। काफी मशक्कत के बाद उन्हें टिकट मिले। उन्होंने कहा कि टिकट न मिलने की चिंता थी, लेकिन टिकट मिलते ही खुशी दोगुनी हो गई। समापन समारोह में अरविंद वेगड़ा की प्रस्तुति फाइनल मुकाबले के समापन समारोह में गुजराती गायक अरविंद वेगड़ा प्रस्तुति देंगे। उनके लोकप्रिय गुजराती गीतों पर दर्शकों के झूमने की उम्मीद है। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। इसी बीच, BCCI की ओर से भी विशेष लाइट शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी की गई है। करीब 10 मिनट के अंतराल में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। दर्शकों की सुविधा के लिए दो मेडिकल अस्पताल और आठ मेडिकल काउंटर भी बनाए गए हैं। जीसीए सचिव बोले- दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्टेडियमों में शामिल गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अनिल पटेल ने दिव्य भास्कर से बातचीत में कहा कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम देश ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्टेडियमों में गिना जाता है। उनके मुताबिक यहां खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अनिल पटेल ने कहा कि फाइनल के लिए तैयार की गई पिच भी उच्च गुणवत्ता की है। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध सुविधाओं और आयोजन व्यवस्था ने दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने जय शाह का धन्यवाद करते हुए कहा कि बहुत कम समय में चौथी बार आईपीएल फाइनल की मेजबानी का मौका मिला है। ————————————- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट एशियन गेम्स ट्रायल में हारीं:बोलीं- पूरे सिस्टम से लड़ी, वापसी करूंगी; बैन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल की मंजूरी दी थी ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट शनिवार को एशियन गेम्स ट्रायल का सेमीफाइनल मैच हार गईं। 53 किलो कैटेगरी में लगातार दो बाउट जीतने के बाद उन्हें जींद की मीनाक्षी गोयत ने हराया। विनेश अब एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल

IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रविवार को IPL का फाइनल खेला जाएगा। देशभर से हजारों फैंस मैच देखने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। स्टेडियम के टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लगी हैं। कई फैंस ने टिकट बुकिंग को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई है। इस बीच रॉयल चैलेंजर्स के खिलाड़ी और बड़ौदा के रहने वाले क्रुणाल पंड्या मैच से पहले रूपल स्थित वर्दायिनी माता मंदिर पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चे के साथ पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। देशभर से फैंस पहुंचे, कोहली नाम की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही स्टेडियम के बाहर दोनों टीमों की टी-शर्ट की बिक्री भी तेज हो गई है। मुंबई से टी-शर्ट बेचने आए विष्णु पवार ने बताया कि वह स्टेडियम के बाहर टी-शर्ट बेचने आए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा बिक्री विराट कोहली के नाम वाली टी-शर्ट की हुई है। बेंगलुरु से आई दिव्याबेन ने कहा कि वह अपने बेटे के साथ फाइनल देखने पहुंची हैं। उन्होंने पहले से होटल बुक कर रखा है। उन्हें उम्मीद है कि बेंगलुरु के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और टीम जीतेगी। हैदराबाद से आई हर्षिता ने कहा कि वह अपने दोस्त के साथ फाइनल देखने आई हैं। उनके सभी दोस्त बेंगलुरु को सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि गुजरात टाइटन्स फाइनल जीतेगी। ऑनलाइन टिकट बुकिंग को लेकर कई शिकायतें झारखंड से आए राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने डिस्ट्रिक्ट ऐप से करीब 10 टिकट बुक किए थे और उनके खाते से करीब 10 हजार रुपए भी कट गए। इसके बावजूद स्टेडियम पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि टिकट बुक नहीं हुए हैं। राजेश ने बताया कि ऐप में टिकट बुक दिख रहे हैं, लेकिन मौके पर उन्हें टिकट नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसी परेशानी कई लोगों के साथ हो रही है और अभी तक कोई समाधान नहीं मिला है। हैदराबाद से आए शरद ने बताया कि उनके पास टिकट था, लेकिन स्टेडियम पहुंचने पर पता चला कि टिकट लेने के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टिकट काउंटर और फोटोकॉपी दोनों जगह लंबी लाइनें थीं, जिससे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, क्रिकेट प्रशंसक मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने टिकट ऑनलाइन बुक किए थे और सुबह 10 बजे से ऑफलाइन टिकट मिलने का इंतजार कर रही थीं। काफी मशक्कत के बाद उन्हें टिकट मिले। उन्होंने कहा कि टिकट न मिलने की चिंता थी, लेकिन टिकट मिलते ही खुशी दोगुनी हो गई। समापन समारोह में अरविंद वेगड़ा की प्रस्तुति फाइनल मुकाबले के समापन समारोह में गुजराती गायक अरविंद वेगड़ा प्रस्तुति देंगे। उनके लोकप्रिय गुजराती गीतों पर दर्शकों के झूमने की उम्मीद है। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। इसी बीच, BCCI की ओर से भी विशेष लाइट शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी की गई है। करीब 10 मिनट के अंतराल में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। दर्शकों की सुविधा के लिए दो मेडिकल अस्पताल और आठ मेडिकल काउंटर भी बनाए गए हैं। जीसीए सचिव बोले- दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्टेडियमों में शामिल गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अनिल पटेल ने दिव्य भास्कर से बातचीत में कहा कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम देश ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्टेडियमों में गिना जाता है। उनके मुताबिक यहां खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अनिल पटेल ने कहा कि फाइनल के लिए तैयार की गई पिच भी उच्च गुणवत्ता की है। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध सुविधाओं और आयोजन व्यवस्था ने दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने जय शाह का धन्यवाद करते हुए कहा कि बहुत कम समय में चौथी बार आईपीएल फाइनल की मेजबानी का मौका मिला है। ————————————- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट एशियन गेम्स ट्रायल में हारीं:बोलीं- पूरे सिस्टम से लड़ी, वापसी करूंगी; बैन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल की मंजूरी दी थी ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट शनिवार को एशियन गेम्स ट्रायल का सेमीफाइनल मैच हार गईं। 53 किलो कैटेगरी में लगातार दो बाउट जीतने के बाद उन्हें जींद की मीनाक्षी गोयत ने हराया। विनेश अब एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…

डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के राज्यपाल से मुलाकात की, अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया | भारत समाचार

UEFA Champions League Final, PSG Vs Arsenal LIVE Score And Updates.

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 20:49 IST शिवकुमार ने राज्यपाल से उन्हें मुख्यमंत्री और अन्य को मंत्रिपरिषद के रूप में शपथ दिलाने का अनुरोध किया। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार से एक पत्र मिला, क्योंकि बाद में उन्होंने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। (पीटीआई छवि) कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, जिन्हें शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से अगले कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में चुना गया, ने लोक भवन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और औपचारिक रूप से राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। शिवकुमार के साथ निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता भी थे। राज्यपाल गहलोत ने उन्हें 3 जून को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया. लाइव अपडेट का पालन करें राज्यपाल ने शिवकुमार को लिखे पत्र में कहा, “मुझे आपका 30 मई, 2026 का पत्र मिला है, जिसमें सरकार बनाने का दावा किया गया है। मैं आपको टीम के सदस्यों के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित करता हूं।” शपथ कब होगी? पत्र के अनुसार, शपथ समारोह 3 जून 2026 को शाम 4:05 बजे लोक भवन परिसर में होगा। राज्यपाल को अपना दावा पेश करते हुए लिखे अपने पत्र में, शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक सीएलपी जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 135 सदस्य, 2 संबद्ध सदस्य और 1 रायता संघ विधायक शामिल थे, ने सर्वसम्मति से उन्हें कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चुना था। उन्होंने राज्यपाल से उन्हें मुख्यमंत्री और अन्य को मंत्रिपरिषद के रूप में शपथ दिलाने का अनुरोध किया। शिवकुमार सीएलपी नेता चुने गए विधानसौधा में आयोजित कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में, शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया, जिससे उनके लिए राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया। बैठक में सीएलपी सचिव अल्लमप्रभु पाटिल, एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भाग लिया। 28 मई को इस्तीफा देने वाले निवर्तमान सीएम सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को अगले सीएलपी नेता के रूप में प्रस्तावित और घोषित किया, जिसका गृह मंत्री जी परमेश्वर ने समर्थन किया। उन्होंने एक्स पर कहा, “आज विधान सौध में आयोजित सीएलपी बैठक में सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने पर विनम्र हूं। श्री @सिद्धारमैया और अन्य नेताओं के साथ, मैंने माननीय राज्यपाल श्री @टीसीजीईएचएलओटी से मुलाकात की और औपचारिक रूप से कर्नाटक में सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया।” आज विधान सौधा में आयोजित सीएलपी बैठक में सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने पर विनम्र महसूस हुआ। श्री @siddaramaiah और अन्य नेताओं के साथ, मैंने माननीय राज्यपाल श्री @TCGEHLOT से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया… pic.twitter.com/cbq3Gn7wHU – डीके शिवकुमार (@DKशिवकुमार) 30 मई, 2026 बाद में पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि कर्नाटक में सत्ता का सुचारु परिवर्तन हुआ और शिवकुमार के नेतृत्व में पार्टी फिर से राज्य की सत्ता में लौटेगी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के राज्यपाल से मुलाकात की, अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक के मुख्यमंत्री का इस्तीफा(टी)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)डीके शिवकुमार सबसे आगे(टी)कांग्रेस विधायक दल की बैठक(टी)कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन(टी)कर्नाटक की नई सरकार(टी)थावरचंद गहलोत राज्यपाल(टी)कर्नाटक सीएम समाचार

‘बीजेपी की राजनीति के बारे में बहुत कुछ बताता है’: विपक्ष ने बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की | भारत समाचार

India Women vs England Women Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with IND-W vs ENG-W Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Bristol. (Picture Credit: X/@BCCIWomen)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 18:26 IST सोनारपुर में उत्तेजित भीड़ ने अभिषेक बनर्जी पर हमला कर दिया, लोगों ने उन पर अंडे और ईंटें फेंकी और उन्हें “चोर” कहा। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके जाने के बाद उन्होंने हेलमेट पहना। (पीटीआई) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर के दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हिंसक हमले की निंदा की और क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की कमी पर सवाल उठाया। अभिषेक बनर्जी को शनिवार को सोनारपुर की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान शत्रुतापूर्ण विरोध का सामना करना पड़ा, जहां एक उत्तेजित भीड़ ने सांसद पर पथराव और अंडे फेंके, जब वह बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर गए थे। गुस्साई भीड़ ने अभिषेक बनर्जी का विरोध किया और उनके खिलाफ “चोर-चोर” के नारे भी लगाए। बनर्जी को फटी सफेद शर्ट और क्रिकेट हेलमेट पहने देखा गया, कई लोगों ने उन्हें धक्का दिया और पकड़ लिया। सांसद के सुरक्षा दस्ते ने उन्हें बचाने के लिए उनके चारों ओर एक सुरक्षात्मक घेरा बनाया। बाद में बनर्जी ने भाजपा पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया। वीडियो | दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट, ‘बांग्लादेशी’ कहा गया; सोनारपुर निवासियों द्वारा पत्थरों और अंडों से हमला किया गया। बनर्जी कहते हैं, “यह भाजपा सरकार द्वारा प्रायोजित है, अदालत जाएंगे; बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं है।” (पूरा वीडियो… pic.twitter.com/Nuo0OHyQe1 – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 30 मई, 2026 इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों ने हमले की निंदा की एक्स को संबोधित करते हुए, खड़गे ने बनर्जी पर “चौंकाने वाले हमले” की निंदा की और सांसद के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “एक प्रमुख विपक्षी नेता के लिए जानबूझकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की कमी भाजपा की प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति के बारे में बहुत कुछ कहती है। पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार को सभी विपक्षी नेताओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। राजनीतिक मतभेद कभी भी किसी भी प्रकार की हिंसा को उचित नहीं ठहरा सकते।” सोनारपुर में सांसद श्री अभिषेक बनर्जी पर हुए चौंकाने वाले हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जब वह राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे। एक प्रमुख विपक्षी नेता के लिए जानबूझकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की कमी भाजपा के बारे में बहुत कुछ कहती है… – मल्लिकार्जुन खड़गे (@खरगे) 30 मई, 2026 समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर बनर्जी पर ”जानलेवा हमला” कराने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्स पर कहा, “बंगाल में अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफरत भरी, नकारात्मक, हिंसक राजनीति के अलावा कुछ भी करने में सक्षम नहीं है। ऐसे संवेदनशील माहौल में भी पुलिस व्यवस्था का अभाव एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।” बंगाल में नागालैंड कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता श्री अभिषेक मोदी जी के ऊपर मानवाधिकारवादी हमला करवाकर बंगाल की झूठी भाजपा सरकार ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा नफरत से भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति और कुछ भी नहीं कर सकती है। तीसरे संवेदनशील संस्थान में भी पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी…—अखिलेश यादव (@yadavkhiresh) May 30, 2026 टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी कहा कि अभिषेक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला किया और सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के दिन उनकी सुरक्षा क्यों वापस ले ली गई। ‘उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की’ घटना के तुरंत बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया और इसे लोकतंत्र के उनके संस्करण का स्पष्ट उदाहरण बताया। हालांकि, भाजपा ने बनर्जी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन विपक्षी टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ जनता के गुस्से की एक सहज अभिव्यक्ति थी। बनर्जी ने स्थानीय प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही चुनाव चक्र समाप्त हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन अराजकता के शुरुआती क्षणों में पुलिस कहीं नजर नहीं आई। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वे मुझे मारना चाहते थे। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। हम निश्चित रूप से उच्च न्यायालय को इस बारे में बताएंगे। हम राज्यपाल को भी इस बारे में बताएंगे। मैं निश्चित रूप से अदालत जाऊंगा।” बनर्जी ने कहा, “उन्होंने ईंट फेंकी, अंडा फेंका और पथराव किया। कृपया मुझे बताएं कि यह क्या है… उन्होंने मेरी आंख पर ईंट मारी और मैं अपनी आंख नहीं खोल पा रही हूं। उन्होंने मेरी पीठ, छाती, बांह और पैर पर मुक्का मारा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘भाजपा की राजनीति के बारे में बहुत कुछ बताता है’: विपक्ष ने बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हमले की निंदा की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिषेक बनर्जी पर हमला(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)टीएमसी सांसद पर हमला(टी)सोनारपुर हिंसा(टी)चुनाव बाद हिंसा बंगाल(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे प्रतिक्रिया(टी)अखिलेश यादव का बयान

अभिषेक बनर्जी को बंगाल के सोनारपुर में भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा: हिंसक विरोध के दौरान पत्थर, अंडे फेंके गए | भारत समाचार

Pakistan vs Australia 1st ODI Live Score: Follow scorecard and live updates from Rawalpindi. (Picture Credit: cricket.com.au)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 17:53 IST स्पष्ट रूप से उद्दंड अभिषेक बनर्जी ने भाजपा की आलोचना करते हुए व्यवधान को पूरी तरह से सुनियोजित हमला करार दिया। सत्तारूढ़ दल ने दावे को खारिज कर दिया बनर्जी ने स्थानीय प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही चुनाव चक्र समाप्त हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन अराजकता के शुरुआती क्षणों में पुलिस कहीं नजर नहीं आई। छवि/न्यूज़18 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान बड़े पैमाने पर विरोध का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति तेजी से हिंसा में बदल गई जब बनर्जी पश्चिम बंगाल में हाल ही में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे तो उत्तेजित भीड़ ने उन पर पत्थर और अंडे फेंके। स्थानीय पुलिस की तैनाती को जनता के गुस्से के अचानक फैलने को रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जिसके कारण तीव्र सुरक्षा झड़पें हुईं और चोटों को रोकने के लिए सांसद के सुरक्षा विस्तार को उनके चारों ओर एक सुरक्षात्मक घेरा बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। घटना के तुरंत बाद मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से उद्दंड अभिषेक बनर्जी ने व्यवधान को पूरी तरह से सुनियोजित हमला करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह हमला उनके लोकतंत्र के संस्करण का एक स्पष्ट उदाहरण है। बंगाल में अब क्या हो रहा है दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के लोकसभा नेता @AITCofficial चुनाव बाद हिंसा में भाजपा द्वारा मारे गए एक व्यक्ति के परिवार से मिलने गए। कुछ भाजपा समर्थकों ने @ अभिषेकएआईटीसी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जान जोखिम में. पुलिस कहां है…- डेरेक ओ’ब्रायन | ডেরেক ও’ব্রায়েন (@derekobrienmp) 30 मई, 2026 बंगाल में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल की जनता का भारी गुस्सा सड़कों पर…… pic.twitter.com/jN80NiPDFc– प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 30 मई, 2026 बनर्जी ने स्थानीय प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही चुनाव चक्र समाप्त हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन अराजकता के शुरुआती क्षणों में पुलिस कहीं नजर नहीं आई। टीएमसी नेतृत्व ने उस खुफिया विफलता की तत्काल जांच की मांग की है, जिसके कारण हाई-प्रोफाइल सांसद को पथराव करने वाली भीड़ का सामना करना पड़ा। सोनारपुर में हुई हिंसा पश्चिम बंगाल में अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य को रेखांकित करती है, जो चुनाव के बाद भी जारी है। भाजपा ने आंदोलन को प्रायोजित करने के बनर्जी के आरोपों का जोरदार खंडन किया है और कहा है कि विरोध प्रदर्शन विपक्षी टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ जनता के गुस्से की एक सहज अभिव्यक्ति थी। स्थानीय पुलिस ने सोनारपुर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए दंगा-रोधी दस्तों सहित बड़े पैमाने पर सुदृढीकरण तैनात किया है। जैसा कि तृणमूल ने अपने राष्ट्रीय महासचिव पर हमले के विरोध में सड़कों पर उतरने की कसम खाई है, इस टकराव से कानून-व्यवस्था मशीनरी पर और दबाव पड़ेगा और राज्य भर में गहरे बैठे राजनीतिक विभाजन को और गहरा किया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया अभिषेक बनर्जी को बंगाल के सोनारपुर में भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा: हिंसक विरोध के दौरान पत्थर, अंडे फेंके गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

कौन है मिनाक्षी, जिसने विनेश को हराया:रिश्तेदारों ने मारे ताने, जॉन सीना से प्रेरित होकर 10 साल की उम्र से खेल रही कुश्ती

कौन है मिनाक्षी, जिसने विनेश को हराया:रिश्तेदारों ने मारे ताने, जॉन सीना से प्रेरित होकर 10 साल की उम्र से खेल रही कुश्ती

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल खेल स्टेडियम में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में शनिवार को कुश्ती जगत का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। अदालती जंग जीतकर 53 किलोग्राम भारवर्ग के मैट पर उतरीं दिग्गज ओलंपियन विनेश फोगाट को हरियाणा के जींद की रहने वाली युवा पहलवान मीनाक्षी ने सेमीफाइनल मुकाबले में 6-4 से करारी शिकस्त दे दी। विनेश जैसी धाकड़ पहलवान को हराकर मीनाक्षी ने न केवल सबको हैरान कर दिया, बल्कि विनेश का एशियन गेम्स खेलने का सपना भी तोड़ दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अचानक सुर्खियों में आईं मीनाक्षी की सफलता के पीछे कड़े संघर्ष, रिश्तेदारों के तानों और माता-पिता के बेजोड़ त्याग की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी छिपी है। सेमीफाइनल में दिखाया आक्रामक और रक्षात्मक खेल का बेजोड़ संतुलन ट्रायल्स में लगातार दो बाउट जीतकर आत्मविश्वास से लबरेज विनेश फोगाट के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में मीनाक्षी ने शुरुआत से ही आक्रामक और रक्षात्मक (डिफेंसिव) रणनीति का बेजोड़ संतुलन दिखाया। विनेश जैसी अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की दिग्गज पहलवान के सामने मीनाक्षी ने जरा भी दबाव महसूस नहीं किया। पूरे मैच के दौरान दोनों के बीच एक-एक अंक बटोरने की कड़ी जंग चली। लेकिन मीनाक्षी ने अपनी फुर्ती और बेहतरीन दांव-पेंच के दम पर विनेश को बैकफुट पर धकेल दिया और यह हाई-वोल्टेज मुकाबला 6-4 से जीतकर इतिहास रच दिया। अब यहां पढ़िए, मीनाक्षी के करियर की कहानी… WWE के ‘जॉन सीना’ हैं फेवरेट, 10 साल की उम्र से शुरू की कुश्ती अपनी इस कामयाबी पर मीनाक्षी बताती हैं कि कुश्ती के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था। उन्होंने कहा, “WWE के मशहूर रेसलर जॉन सीना मेरे सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। टीवी पर उन्हें देखकर ही मुझे प्रेरणा मिली और मैंने महज 10 साल की उम्र से ही कुश्ती की बारीकियां सीखनी और ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।” मीनाक्षी ने शुरुआत में जींद जिले के अपने पैतृक गांव नडानी के स्थानीय कुश्ती सेंटर से प्रैक्टिस शुरू की थी। रिश्तेदार कहते थे- लड़की को बाहर भेजना सही नहीं मीनाक्षी के लिए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। समाज और रिश्तेदारों की रूढ़िवादी सोच उनके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बनी। मीनाक्षी ने बताया, जब मेरे माता-पिता ने मुझे बेहतर ट्रेनिंग दिलाने के लिए घर से दूर हॉस्टल भेजने का फैसला किया, तो रिश्तेदारों ने इसका कड़ा विरोध किया। वे मेरे पैरंट्स को ताने मारते थे कि लड़की को कुश्ती सिखाना और घर से बाहर भेजना ठीक नहीं है। लेकिन मीनाक्षी ने हार नहीं मानी। जब दंगल में जीतने लगी पैसे, तो रिश्तेदारों के बदले सुर जल्द ही उन्होंने कैडेट वर्ग में मेडल जीता, जिसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें कैश अवॉर्ड (नकद पुरस्कार) मिलने लगे। मीनाक्षी जब दंगल में जाकर पैसे जीतने लगीं, तो रिश्तेदारों ने फिर सुर बदल लिए और ताना मारा कि पैरंट्स अपनी लड़की को सिर्फ पैसे कमाने के लिए कुश्ती में भेजते हैं। हालांकि, मीनाक्षी और उनके माता-पिता ने इन नकारात्मक बातों को हमेशा नजरअंदाज किया। बेटी के सपनों के लिए पिता ने बदली जगह, सोनीपत में चलाते हैं डेयरी मीनाक्षी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। अपनी होनहार बेटी की कुश्ती में गहरी रुचि और प्रतिभा को देखकर उनके परिवार ने एक बड़ा फैसला लिया। मीनाक्षी को देश के सबसे बेहतरीन रेसलिंग हब (सोनीपत) में ट्रेनिंग मिल सके, इसके लिए पूरा परिवार जींद छोड़कर सोनीपत शिफ्ट हो गया। मीनाक्षी के घर का पूरा खर्च और उनकी डाइट का जिम्मा उनके पिता उठाते हैं, जो सोनीपत में ही एक डेयरी चलाते हैं। मीनाक्षी ने खेलों के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी प्रभावित नहीं होने दिया, उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए (BA) की डिग्री हासिल की है।

डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे | भारत समाचार

Pakistan vs Australia 1st ODI Live Score: Follow scorecard and live updates from Rawalpindi. (Picture Credit: cricket.com.au)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 17:17 IST ऐसा तब हुआ जब कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (पीटीआई छवि) डीके शिवकुमार को विधान सौध में एक उच्च-स्तरीय बैठक में औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के रूप में चुना गया था और 3 जून को अगले कर्नाटक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की उम्मीद है। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में सीएलपी सचिव अल्लमप्रभु पाटिल, एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भाग लिया। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जिन्होंने 28 मई को इस्तीफा दे दिया था, ने डीके शिवकुमार को अगले सीएलपी नेता के रूप में प्रस्तावित और घोषित किया। सीएलपी नेता के रूप में शिवकुमार के चुनाव की पुष्टि करने वाला आधिकारिक पत्र लोक भवन भेजा जाएगा और फिर वह राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शिवकुमार ने पहले कहा था कि शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को होगा। यह एक विकासशील प्रति है. अधिक विवरण जोड़े जाने हैं. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया डीके शिवकुमार औपचारिक रूप से सीएलपी नेता चुने गए, 3 जून को कर्नाटक के सीएम के रूप में शपथ लेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म से बाहर होने के बाद रणवीर ने फरहान के साथ रिश्ते सुधारने और भविष्य में किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। Indiaforums की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर और उनके प्रोडक्शन पार्टनर रितेश सिधवानी को किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दोनों पक्ष मिलकर चुनते। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि फरहान अख्तर और उनकी बहन जोया अख्तर फिलहाल रणवीर के साथ दोबारा काम करने के इच्छुक नहीं हैं। जानिए क्या है विवाद? धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 अचानक छोड़ दी, जिसकी घोषणा 2023 में रणवीर के साथ हुई थी। मेकर्स का दावा है कि इससे उनका 45 करोड़ का नुकसान हुआ। पहले इस मामले की शिकायत प्रोड्यूसर गिल्ड में की गई, जिसके बाद ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार फेडरेशन ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया। ऐसे में रणवीर विवाद खत्म होने तक कोई नई फिल्म नहीं शूट कर सकेंगे। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।” डॉन 3 का ऐलान 2023 में हुआ था। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। रणवीर की आने वाली फिल्मों पर क्या असर होगा? इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में ‘किंग’ (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की ‘बैजू बावरा’ शामिल हैं। शूटिंग में रुकावट: रणवीर की जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। मेकर्स की परेशानी: रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन बात नहीं बनी:दावा- फरहान अख्तर और जोया अख्तर अब एक्टर के साथ काम नहीं करना चाहते

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म से बाहर होने के बाद रणवीर ने फरहान के साथ रिश्ते सुधारने और भविष्य में किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुई। Indiaforums की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर और उनके प्रोडक्शन पार्टनर रितेश सिधवानी को किसी नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे दोनों पक्ष मिलकर चुनते। हालांकि, सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया गया। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि फरहान अख्तर और उनकी बहन जोया अख्तर फिलहाल रणवीर के साथ दोबारा काम करने के इच्छुक नहीं हैं। जानिए क्या है विवाद? धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 अचानक छोड़ दी, जिसकी घोषणा 2023 में रणवीर के साथ हुई थी। मेकर्स का दावा है कि इससे उनका 45 करोड़ का नुकसान हुआ। पहले इस मामले की शिकायत प्रोड्यूसर गिल्ड में की गई, जिसके बाद ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार फेडरेशन ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया। ऐसे में रणवीर विवाद खत्म होने तक कोई नई फिल्म नहीं शूट कर सकेंगे। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे।” डॉन 3 का ऐलान 2023 में हुआ था। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। रणवीर की आने वाली फिल्मों पर क्या असर होगा? इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में ‘किंग’ (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की ‘बैजू बावरा’ शामिल हैं। शूटिंग में रुकावट: रणवीर की जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। मेकर्स की परेशानी: रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।