Sunday, 11 Oct 2026 | 01:40 PM

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लौकी का लड्डू रेसिपी: लौकी की बर्फीली तो बहुत कड़वी होगी, एक बार का स्वाद लें ये लाजवाब लौकी के लड्डू; नोट करें आसान रेसिपी

लौकी का लड्डू रेसिपी

24 मई 2026 को 13:20 IST पर अद्यतन किया गया लौकी का लड्डू रेसिपी:अक्सर घर में बच्चा हो या बड़ा, लौकी की सब्जी देखकर मुंह बनाते हैं. लेकिन अगर आप इसी लोकी से कुछ मीठा और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो इस बार लोकी की बर्फी के बजाय बेहद लाजवाब ‘लोकी के मीडियम’ का स्वाद चखें। यह स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन नमूना है, जिसे त्योहारों से लेकर व्रत तक आसानी से खाया जा सकता है। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : सामग्री – लोकी, मावा, चीनी, घी, सूखे मेवे, बादाम, काजू और पिस्ता, इलायची आदि। छवि: इंस्टाग्राम सबसे पहले ताजी लौकी को अच्छे तरीके से धोकर उसका छिलका उतार लें। लौकी को मोटे कद्दू से कस लें ताकि लोध में अच्छे लच्छे आ जाएं। लौकी को मोटे कद्दू से कस लें ताकि लोध में अच्छे लच्छे आ जाएं। छवि: इंस्टाग्राम हाथों से कूल लौकी का अतिरिक्त पानी निकाला हुआ डिब्बा, इस व्यंजन में कम समय लगता है। छवि: इंस्टाग्राम एक भारी आटे की रोटी में घी गर्म करें। अब स्पष्टी हुई लौकी लगाई और मध्यम आंच पर 4-5 मिनट तक प्लाज्मा जब तक कि चाइस कोल महक न निकल जाए। छवि: इंस्टाग्राम जब लौकी का पानी सुख जाए, तब मावा में स्टैण्डलेट से स्टॉल। इलायची पाउडर और मेवे मैकेनिकल स्टॉक बंद कर दें। छवि: इंस्टाग्राम हीरे की मदद से बाज़ारे आकार के लोध लें। लोध को और खूबसूरत बनाने के लिए आप क्वेश्चन नारियल के बुरे में लपेट सकते हैं। छवि: इंस्टाग्राम द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 24 मई 2026 13:20 IST पर

सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल

सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल

कल 25 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ईरान-अमेरिका जंग रोकने के लिए शांति समझौता यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है और बाजार में तेजी आ सकती है। 2. विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री विदेशी निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। साल 2026 में FIIs अब तक कुल ₹2.22 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं। वे लगातार तीसरे महीने नेट सेलर्स रहे। चालू महीने में ही उन्होंने ₹30,374 करोड़ के शेयर बेचे हैं। 3. ग्लोबल मार्केट की चाल शुक्रवार को अमेरिकी बाजार के मुख्य सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। ट्रेजरी यील्ड में कमी आने से टेक और चिप कंपनियों के शेयरों को सहारा मिला। डाऊ जोन्स इंडेक्स 294 अंक (0.58%) बढ़कर 50,580 पर बंद हुआ। SP 500 भी 0.37% की बढ़त के साथ 7,473.47 पर रहा। हालांकि, टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट में 50.87 अंक (0.19%) की गिरावट दर्ज की गई। 4. टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स सेंसेक्स के आउटलुक पर इनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी ने कहा कि इंडेक्स 75,400–75,600 के दायरे के आसपास घूम रहा है। ऊपर की तरफ 75,800–76,000 के जोन के पास रेजिस्टेंस है। वहीं नीचे की तरफ 74,600–74,400 के पास सपोर्ट है। बाजार अब किस तरफ जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंडेक्स इस दायरे को तोड़कर किस तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है। निफ्टी 50 रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि इंडेक्स में अभी भी गिरावट का रुख बना हुआ है और इसका ट्रेडिंग दायरा नीचे की तरफ खिसक रहा है। यह घरेलू और वैश्विक स्तर से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार के असमंजस को दिखाता है। मिश्रा ने कहा, नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 23,150–23,250 के जोन के आसपास दिख रहा है, इसके बाद अगला सपोर्ट 22,900 के स्तर पर है। वहीं ऊपर की तरफ, 23,800–24,000 का जोन एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे को पार कर ऊपर की तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है, तो बाजार में नई तेजी आ सकती है जो इसे 24,500–24,650 के स्तर तक ले जा सकती है। 5. ब्रेंट क्रूड 103.54 डॉलर और अमेरिकी WTI 97 डॉलर प्रति बैरल पर घरेलू बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें अहम भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार को अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.67% गिरकर 97 प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 1.63% की बढ़त देखी गई और यह 103.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था 22 मई को सेंसेक्स 232 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 65 अंकों (0.27%) की तेजी रही, ये 23,719 पर पहुंच गया। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल

सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल

कल 25 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ईरान-अमेरिका जंग रोकने के लिए शांति समझौता यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है और बाजार में तेजी आ सकती है। 2. विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री विदेशी निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। साल 2026 में FIIs अब तक कुल ₹2.22 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं। वे लगातार तीसरे महीने नेट सेलर्स रहे। चालू महीने में ही उन्होंने ₹30,374 करोड़ के शेयर बेचे हैं। 3. ग्लोबल मार्केट की चाल शुक्रवार को अमेरिकी बाजार के मुख्य सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। ट्रेजरी यील्ड में कमी आने से टेक और चिप कंपनियों के शेयरों को सहारा मिला। डाऊ जोन्स इंडेक्स 294 अंक (0.58%) बढ़कर 50,580 पर बंद हुआ। SP 500 भी 0.37% की बढ़त के साथ 7,473.47 पर रहा। हालांकि, टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट में 50.87 अंक (0.19%) की गिरावट दर्ज की गई। 4. टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स सेंसेक्स के आउटलुक पर इनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी ने कहा कि इंडेक्स 75,400–75,600 के दायरे के आसपास घूम रहा है। ऊपर की तरफ 75,800–76,000 के जोन के पास रेजिस्टेंस है। वहीं नीचे की तरफ 74,600–74,400 के पास सपोर्ट है। बाजार अब किस तरफ जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंडेक्स इस दायरे को तोड़कर किस तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है। निफ्टी 50 रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि इंडेक्स में अभी भी गिरावट का रुख बना हुआ है और इसका ट्रेडिंग दायरा नीचे की तरफ खिसक रहा है। यह घरेलू और वैश्विक स्तर से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार के असमंजस को दिखाता है। मिश्रा ने कहा, नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 23,150–23,250 के जोन के आसपास दिख रहा है, इसके बाद अगला सपोर्ट 22,900 के स्तर पर है। वहीं ऊपर की तरफ, 23,800–24,000 का जोन एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे को पार कर ऊपर की तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है, तो बाजार में नई तेजी आ सकती है जो इसे 24,500–24,650 के स्तर तक ले जा सकती है। 5. ब्रेंट क्रूड 103.54 डॉलर और अमेरिकी WTI 97 डॉलर प्रति बैरल पर घरेलू बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें अहम भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार को अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.67% गिरकर 97 प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 1.63% की बढ़त देखी गई और यह 103.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था 22 मई को सेंसेक्स 232 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 65 अंकों (0.27%) की तेजी रही, ये 23,719 पर पहुंच गया। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

‘अराजकता फैलाने की साजिश’: ‘मोदी सरकार गिर जाएगी’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना की | भारत समाचार

Falta election result LIVE: Debangshu Panda of BJP leading

आखरी अपडेट:24 मई, 2026, 11:45 IST गोयल ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत के प्रति “नफरत” रखती है और पार्टी पर देश और उसके संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल. (फाइल फोटो: पीटीआई) विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस दावे के बाद कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अगले साल के भीतर गिर जाएगी, भाजपा ने तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। इस टिप्पणी पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने कांग्रेस और विपक्षी गुट पर देश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। गोयल ने कहा, “राहुल गांधी का बयान कांग्रेस के साथ-साथ सभी विपक्षी दलों और भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे टूलकिट गिरोह द्वारा देश के खिलाफ एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। यह कोई सामान्य बयान नहीं है बल्कि देश में अराजकता फैलाने की एक गंभीर साजिश है।” उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी एंड कंपनी को एहसास हुआ कि वे लोगों के दिलों से गतिशील प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को नहीं हटा सकते हैं और भाजपा को सीधे लोकतांत्रिक लड़ाई में नहीं हरा सकते हैं, तो अब वे देश भर में हिंसा भड़काना चाहते हैं।” गोयल ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस के मन में भारत के प्रति ”नफरत” है और उन्होंने पार्टी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और उसके संस्थानों को बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। “वे भारत के प्रति इतनी नफरत रखते हैं कि वे देश के लिए कुछ भी अच्छा होते हुए भी नहीं देख सकते। देश को बदनाम करना, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना, और विदेश जाकर विदेशी शक्तियों से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अपील करना – इससे पता चलता है कि कांग्रेस के असली इरादे क्या हैं?” उसने कहा। गोयल ने कहा, “देश की जनता समझदार है। वह राहुल गांधी, विपक्ष और देश के खिलाफ काम करने वाले टूलकिट गैंग को अच्छी तरह समझती है। जनता ने इन लोगों को बार-बार करारा जवाब दिया है। भारत को जलाने की INDI गठबंधन की साजिश कभी सफल नहीं होगी।” ‘पहली बार नहीं’ बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी पर उनकी आलोचना की, उन्होंने कांग्रेस नेता पर पीएम मोदी के खिलाफ बार-बार भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया। स्व-निर्मित वीडियो में पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बैठक के दौरान की गई अपनी टिप्पणियों से एक बार फिर सीमा लांघी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भड़काऊ बयान दिया है. राहुल गांधी ने कल एक बैठक में कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गिर जाएगी.” भाजपा नेता ने 2019 में कथित तौर पर राहुल गांधी द्वारा की गई एक पूर्व टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने ऐसी टिप्पणी की है। 2019 में भी उन्होंने कहा था कि एक समय आएगा जब लोग सड़कों पर आएंगे और प्रधानमंत्री मोदी को लाठियों से मारेंगे।” संसद में टिप्पणी पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया को याद करते हुए, पात्रा ने कहा, “यह संसद में कहा गया था, और प्रधान मंत्री ने बहुत शांति से जवाब दिया, कहा कि वह अधिक योग और प्राणायाम करेंगे, और अगर उनके बारे में ऐसी बातें कही गईं तो वह अपनी पीठ मजबूत करेंगे।” ‘उसका दिमाग फिर से खोना’ भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर उनकी आलोचना की और दावा किया कि कांग्रेस नेता “फिर से अपना दिमाग खो रहे हैं”। एक्स पर एक पोस्ट में, भंडारी ने राहुल गांधी की टिप्पणियों का मज़ाक उड़ाया और सवाल किया कि “विदेश यात्राओं से लौटने के बाद राहुल गांधी वास्तव में किस बात पर उत्साहित हैं”। गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए, भंडारी ने कहा कि पार्टी को “बार-बार चुनावी अपमान” का सामना करना पड़ा है, और कहा कि “कांग्रेस 99 चुनाव हार चुकी है”। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान राजनीतिक वास्तविकता से कटे हुए हैं, उन्होंने कहा, “वह भारत से जितना दूर जाते हैं, उनकी टिप्पणियां भारत की राजनीतिक वास्तविकता से उतनी ही अलग होती जाती हैं।” भंडारी ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की भविष्य की संभावनाओं पर भी विश्वास जताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग 2029 में “प्रचंड जनादेश के साथ” सत्ता में लौटेगा। राहुल गांधी ने क्या कहा? कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”अगले एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी”. उन्होंने आगे दावा किया कि बढ़ता आर्थिक असंतोष इसका कारण होगा. इस दौरान इमरान मसूद ने मुस्लिम वोटिंग को लेकर नैरेटिव बदलने और कांग्रेस की उपलब्धियों को समुदाय तक पहुंचाने पर जोर दिया. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘अराजकता फैलाने की साजिश’: ‘मोदी सरकार गिर जाएगी’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी मोदी सरकार का पतन(टी)राहुल गांधी का बयान(टी)मोदी सरकार का पतन(टी)बीजेपी की प्रतिक्रिया कांग्रेस(टी)पीयूष गोयल का आरोप(टी)विपक्ष भारत को अस्थिर कर रहा है(टी)संबित पात्रा की आलोचना(टी)प्रदीप भंडारी की टिप्पणी

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक आत्मघाती हमला किया गया, जिसकी चपेट में जाफर एक्सप्रेस आ गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के समय ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। विस्फोट इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद रेलवे ट्रैक के पास आग लग गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के असर से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं।

बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला, 26 मौतें:70 लोग घायल; जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

बलूचिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास आत्मघाती हमला:23 लोगों की मौत, 53 घायल, जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को चमन फाटक के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक आत्मघाती हमला किया गया, जिसकी चपेट में जाफर एक्सप्रेस आ गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा घायल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के समय ट्रेन क्वेटा कैंट की ओर जा रही थी। विस्फोट इतना जोरदार था कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद रेलवे ट्रैक के पास आग लग गई। फायर ब्रिगेड, पुलिस, रेस्क्यू टीम और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि विस्फोट के असर से आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। धमाके से जुड़ी 3 तस्वीरें… किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली बलूचिस्तान सरकार के गृह मामलों के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाने की अपील की। फिलहाल किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही हैं। जाफर एक्सप्रेस को पहले भी निशाना बनाया गया जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान रेलवे की एक लंबी दूरी की प्रमुख पैसेंजर ट्रेन है। यह ट्रेन बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा को पाकिस्तान के बड़े शहरों से जोड़ती है। यह बलूचिस्तान समेत कई संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है। हाल के सालों में बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक, सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर कई बड़े हमले हो चुके हैं। यह ट्रेन जिन इलाकों से गुजरती है वहां बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दबदबा है, इस वजह से इस ट्रेन को कई बार निशाने पर लिया गया है। पिछले साल BLA ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया। तब BLA ने 214 पैसेंजर्स को बंधक बनाने और 30 सैनिकों की हत्या की बात कही थी। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी क्या है बलूचिस्तान में कई लोगों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद वे एक आजाद देश के तौर पर रहना चाहते थे। लेकिन बिना उनकी मर्जी से उन्हें पाकिस्तान में शामिल कर दिया गया था। ऐसा नहीं हुआ इस वजह से बलूचिस्तान में सेना और लोगों का संघर्ष आज भी जारी है। BBC के मुताबिक बलूचिस्तान में आजादी की मांग करने वाले कई संगठन हैं मगर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) सबसे ताकतवर संगठन है। ये संगठन 70 के दशक में अस्तित्व में आया लेकिन 21वीं सदी में इसका प्रभाव बढ़ा है। BLA बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सरकार और चीन से मुक्ति दिलाना चाहता है। उनका मानना है कि बलूचिस्तान के संसाधनों पर उनका हक है। पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को 2007 में आतंकी संगठनों की सूची में शामिल किया था। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं। —————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कहावत है ‘जिन्ने लाहौर नहीं वेख्या, ओ जमिया ही नहीं’ (जिसने लाहौर नहीं देखा, उसका जन्म ही नहीं हुआ)। अमृतसर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लाहौर दशकों तक इस्लामीकरण के शिकंजे में रहने के बाद जड़ों की ओर लौट रहा है। पढ़ें पूरी खबर

अजमेर में IAS की प्री-एग्जाम में गुपचुप तरीके से एंट्री:कैंडिडेट को सेंटर के छोटे गेट से अंदर भेजा, ADM बोलीं- ये गलत, कार्रवाई होगी

अजमेर में IAS की प्री-एग्जाम में गुपचुप तरीके से एंट्री:कैंडिडेट को सेंटर के छोटे गेट से अंदर भेजा, ADM बोलीं- ये गलत, कार्रवाई होगी

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की आज सिविल सेवा (आईएएस) प्री-एग्जाम है। राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और अजमेर में परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं। अजमेर के एक सेंटर में कैंडिडेट को गुपचुप तरीके से एंट्री देने का मामला सामने आया है। दावा है कि यहां एक पुलिसकर्मी ने कुछ कैंडिडेट्स को एंट्री टाइम खत्म होने के बाद अंदर भेज दिया। गलत तरीके से कैंडिडेट को एंट्री देने पर एग्जाम को-ऑर्डिनेटर ने कहा है कि- मामले की जांच की जा रही है। किसी को एंट्री, किसी को नहीं मामला शहर के सिविल लाइंस के सावित्री स्कूल का है। जानकारी के अनुसार पहली पारी के लिए एंट्री का टाइम सुबह 9 तक था। लेकिन एक पुलिसकर्मी ने उसके बाद भी कैंडिडेट्स को सेंटर के दूसरे गेट से अंदर भेज दिया। एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें पुलिसकर्मी बैग सहित एक महिला कैंडिडेट को एंट्री करवा रहा है। वहीं, इस दौरान करीब 9 बजकर 10 मिनट पर कानपुर से आई एक युवती को एंट्री नहीं दी गई और वह वापस लौट गई। 3 से ज्यादा कैंडिडेट को अंदर भेजने का आरोप सेंटर के बाहर मौजूद कुछ कैंडिडेट्स के परिजनों ने बताया कि टाइम खत्म होने के बाद 3 से ज्यादा कैंडिडेट्स को अंदर भेजा गया है। जो सेंटर का मुख्य गेट था, वो तो 9 बजते ही बंद कर दिया गया था। इसी के पास एक और छोटा गेट है, जिससे लेट आए कैंडिडेट्स को अंदर भेजा रहा था। सेंटर के बाहर 3 पुलिसकर्मी थी, इनमें से कैंडिडेट्स को एंट्री करवा रहा था। 2 पारियों में एग्जाम संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को दो पारियों में हो रही है। अजमेर में इस बार 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 2600 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। पहली पारी सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक हुई। दूसरी पारी दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक चलेगी। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्रों के गेट बंद कर दिए। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है। …. ये खबर भी पढ़िए… कंप्यूटर अनुदेशक के पदों पर निकली वैकेंसी:2 विभागों में मिलेगी पोस्टिंग, जानें- कब से शुरू होंगे आवेदन, कौन कर सकता है अप्लाई राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग और संस्कृत शिक्षा विभाग में वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक और बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के कुल 3951 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़िए…

क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता हैं:ट्रम्प का दावा- ईरान जंग खत्म करने का समझौता लगभग फाइनल, मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की

क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता हैं:ट्रम्प का दावा- ईरान जंग खत्म करने का समझौता लगभग फाइनल, मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की

यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से कई देशों के नेताओं से की बात राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से एक जॉइंट कॉल की। इसमें उन्होंनें मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की। ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं, कहा- रुख बदल लेते हैं एक तरफ जहां पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल मतभेदों को कम करने के लिए तेहरान में है, वहीं ईरान ने ट्रम्प प्रशासन की विश्वसनीयता पर शक जताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, “हम कह सकते हैं कि हम समझौते के बहुत दूर भी हैं और बहुत करीब भी। हमारे पास अमेरिकी पक्ष का पुराना अनुभव है, जो अपनी ही बातों का खंडन करता है और रुख बदल लेता है। हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकते कि उनका यह नजरिया फिर नहीं बदलेगा।” न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे विवादित मुद्दों पर स्थिति साफ नहीं ट्रम्प ने जंग खत्म करने को लेकर पहले भी कई दावे किए हैं, लेकिन इस बार भी यह साफ नहीं है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई समाधान निकला है या नहीं। 28 फरवरी को शुरू हुई थी जंग, अप्रैल में हुआ था सीजफायर मिडिल ईस्ट में यह विवाद तब बढ़ा था, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद अप्रैल की शुरुआत में दोनों देश युद्धविराम के लिए राजी हुए और तब से पर्दे के पीछे से शांति समझौते की बातचीत चल रही है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से कच्चे तेल का दाम गिर सकते हैं इस जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ईरान ने बंद कर दिया था। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए लाइफलाइन की तरह है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां (20%) हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस रास्ते के दोबारा खुलने की उम्मीद से ही कच्चे तेल के बाजारों में नरमी के संकेत मिलने लगे हैं। 28 फरवरी को जब जंग की शुरुआत हुई थी तो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। मार्च-अप्रैल तक दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। फिर सीजफायर के ऐलान के बाद दामों में उतार-चढ़ाव रहा और ये 100 डॉलर से नीचे आ गए। अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।

वर्ल्ड अपडेट्स:मेटा के पूर्व इंजीनियर ने भेदभाव का आरोप लगाया, कहा- छंटनी में गैर-चीनी कर्मचारियों को टारगेट किया गया

वर्ल्ड अपडेट्स:मेटा के पूर्व इंजीनियर ने भेदभाव का आरोप लगाया, कहा- छंटनी में गैर-चीनी कर्मचारियों को टारगेट किया गया

फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा के एक पूर्व इंजीनियर ने कंपनी पर नस्लीय भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। जेरेमी बर्नियर नाम के इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट लिखकर अपने अनुभव साझा किए। उन्हें हाल ही में कंपनी की छंटनी में नौकरी से निकाल दिया गया था। बर्नियर का दावा है कि उनकी टीम में लगभग 90% कर्मचारी चीनी थे और गैर-चीनी कर्मचारियों को अक्सर अलग-थलग महसूस कराया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम में गैर-चीनी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया गया और छंटनी में भी उन्हें ज्यादा निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि जिन 7 कर्मचारियों को उन्होंने अपनी टीम में नौकरी जाते देखा उनमें से 6 गैर-चीनी थे। बर्नियर ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी टीम में ज्यादातर बातचीत मंदारिन भाषा में होती थी, जिससे बाकी लोग खुद को टीम से कटा हुआ महसूस करते थे। उनके मुताबिक, मीटिंग्स भले ही अंग्रेजी में होती थीं, लेकिन मीटिंग खत्म होते ही लोग तुरंत मंदारिन में बात करने लगते थे। उन्होंने लिखा, मैं एक-दो बातचीत की बात नहीं कर रहा, बल्कि लगभग हर बातचीत मंदारिन में होती थी। 10 से ज्यादा लोग मंदारिन में बात करते थे और दो गैर-चीनी कर्मचारी कुछ समझ नहीं पाते थे। बर्नियर ने अपने अनुभव की तुलना चीन की कंपनी हुआवेई से करते हुए कहा कि अगर वहां किसी दूसरी भाषा का इतना ज्यादा इस्तेमाल होता, तो चीन के लोग नाराज हो जाते। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… व्हाइट हाउस के पास फायरिंग, ट्रम्प अंदर मौजूद थे:सुरक्षाबलों ने संदिग्ध को गोली मारी, मौत अमेरिका के वॉशिंगटन में शनिवार को एक संदिग्ध शख्स ने व्हाइट हाउस के पास करीब 30 राउंड फायरिंग की। घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के संदिग्ध हमलावर ने सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर गोलियां चलाईं, जहां US सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे। अफसरों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर को गोली लगी। हॉस्पिटल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। इस गोलीबारी में एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि उसे हमलावर की गोली लगी या जवाबी फायरिंग के दौरान चोट पहुंची। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना से कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रम्प की बेटी को भी हत्या की धमकी मिली थी। इस मामले में एक इराकी युवक को गिरफ्तार किया गया था। वह ईरानी सेना से जुड़ा हुआ था। आरोपी के पास इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित घर का ब्लूप्रिंट यानी नक्शा भी मिला था। पढ़ें पूरी खबर…

‘छावा’ में रणदीप हुड्डा ने औरंगजेब का रोल ठुकराया था:बोले- उस वक्त बहुत ज्यादा हिंदू-मुस्लिम की बात चल रही थी; इसलिए मना किया

‘छावा’ में रणदीप हुड्डा ने औरंगजेब का रोल ठुकराया था:बोले- उस वक्त बहुत ज्यादा हिंदू-मुस्लिम की बात चल रही थी; इसलिए मना किया

एक्टर रणदीप हुड्डा ने हाल ही में बताया कि उनको फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने करने से मना कर दिया था। रणदीप ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैं लक्ष्मण उतेकर को एक डायरेक्टर और इंसान, दोनों तौर पर बहुत पसंद करता हूं। वो मेरे पास फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब के रोल के लिए आए थे। उस समय मेरा वजन काफी कम हो गया था और मैंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था। एक्टर ने आगे कहा, ‘मैंने उस समय फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ की शूटिंग खत्म की थी और उसके पोस्ट-प्रोडक्शन पर काम कर रहा था। इसी दौरान मैं एक कोर्ट केस से भी गुजर रहा था। उस वक्त हिंदू-मुस्लिम को लेकर काफी बातें हो रही थीं। इसलिए मैंने उस रास्ते पर आगे बढ़ने से मना कर दिया।’ ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल अक्षय खन्ना ने निभाया था साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में संभाजी महाराज का किरदार विक्की कौशल ने निभाया है, जबकि महारानी येशुबाई का रोल रश्मिका मंदाना ने प्ले किया था। औरंगजेब के रोल में अक्षय खन्ना नजर आए थे। फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और इसे मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजान ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और इसने दुनिया भर में ₹795 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। लक्ष्मण उतेकर की फिल्म में नजर आएंगे रणदीप रणदीप हुड्डा के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में वेब सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ में नजर आए हैं, जिसका प्रीमियर 15 मई को जियोसिनेमा पर हुआ है। इसके अलावा, वह जल्द ही लक्ष्मण उतेकर की अपकमिंग फिल्म ‘ईथा’ में भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे, जिसका हिस्सा श्रद्धा कपूर भी हैं। फिल्म ईथा मशहूर लावणी डांसर और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ नारायणगांवकर की बायोपिक है।