Tuesday, 13 Oct 2026 | 12:41 AM

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अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

मियामी में 50 करोड़ रुपए का वॉटरफ्रंट अपार्टमेंट हो, न्यूयॉर्क में पेंटहाउस हो या नैशविले में इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी। अमेरिका के इन टॉप-एंड रियल एस्टेट बाजार में अब एक नया चेहरा दिख रहा है। और यह चेहरा युवा महिलाओं का है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के मुताबिक अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स की हिस्सेदारी 21% है, जबकि सिंगल पुरुष खरीदार महज 9% ही हैं। इतना ही नहीं, सिंगल महिला होमबायर्स में 29 वर्ष की युवतियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 35% पहुंच गई है। 2 करोड़ से ज्यादा सिंगल महिलाएं अमेरिका में घर की मालकिन हैं। पुरुषों के मामले में यह संख्या 1.4 करोड़ है। जहां बात 40 करोड़ से ऊपर की प्रॉपर्टी की हो, वहां तस्वीर और भी दिलचस्प है। कोल्डवेल बैंकर की रिपोर्ट कहती है कि 50 लाख डॉलर (करीब ~ 48 करोड़) नेटवर्थ वाली महिलाएं 15% लग्जरी घरों की मालकिन हैं। सिर्फ घर नहीं, पूरे ‘लाइफस्टाइल इकोसिस्टम’ पर बढ़ा फोकस मैनहट्टन में प्राइवेट इक्विटी बैकग्राउंड की जेन शी ने अपनी बिल्डिंग पांच बार विजिट करने के बाद खरीदारी का फैसला किया और वह भी फिनिशिंग देखने नहीं, बल्कि यह जांचने कि रोज की जिंदगी कैसे चलती है। महिलाएं उस ‘इनविजिबल वैल्यू’ को ज्यादा समझती हैं जो अच्छे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर से आती है। मियामी के फोर सीजन्स प्राइवेट रेसिडेंस (कीमत 50 करोड़ से शुरू) में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर क्रिस्टीन मार्टिनेज डे कास्त्रो कहती हैं, ‘अगर वाइफ को फोर सीजन्स पसंद आ गया, तो बस। फिर कोई बातचीत नहीं होती। ’नंबरों में देखिए महिलाओं की बढ़ती ताकत कैटेगरी – आंकड़ा अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स – 21% सिंगल पुरुष होमबायर्स – 9% घर की मालकिन सिंगल महिलाएं – 2 करोड़+ घर के मालिक सिंगल पुरुष – 1.4 करोड़ 42 करोड़+नेटवर्थ महिलाओं का लग्जरी होम शेयर – 15% अमीर महिला खरीदार क्या चाहती हैं ? फुल-सर्विस बिल्डिंग – बटलर, कंसियर्ज, हाउसकीपिंग वेलनेस अमेनिटी – स्पा, पूल, योगा सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर – कम्युनिटी स्पेस, एंटरटेनिंग एरिया लॉन्ग-टर्म वैल्यू – जेनरेशनल वेल्थ की सोच प्राइवेसी, सिक्योरिटी – 24/7 सुरक्षा, मैनेज्ड इकोसिस्टम

अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में दिलचस्प ट्रेंड:लाइफस्टाइल इकोसिस्टम और जेनरेशनल वेल्थ के लिए प्रॉपर्टी में निवेश कर रहीं महिलाएं

मियामी में 50 करोड़ रुपए का वॉटरफ्रंट अपार्टमेंट हो, न्यूयॉर्क में पेंटहाउस हो या नैशविले में इन्वेस्टमेंट प्रॉपर्टी। अमेरिका के इन टॉप-एंड रियल एस्टेट बाजार में अब एक नया चेहरा दिख रहा है। और यह चेहरा युवा महिलाओं का है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के मुताबिक अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स की हिस्सेदारी 21% है, जबकि सिंगल पुरुष खरीदार महज 9% ही हैं। इतना ही नहीं, सिंगल महिला होमबायर्स में 29 वर्ष की युवतियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 35% पहुंच गई है। 2 करोड़ से ज्यादा सिंगल महिलाएं अमेरिका में घर की मालकिन हैं। पुरुषों के मामले में यह संख्या 1.4 करोड़ है। जहां बात 40 करोड़ से ऊपर की प्रॉपर्टी की हो, वहां तस्वीर और भी दिलचस्प है। कोल्डवेल बैंकर की रिपोर्ट कहती है कि 50 लाख डॉलर (करीब ~ 48 करोड़) नेटवर्थ वाली महिलाएं 15% लग्जरी घरों की मालकिन हैं। सिर्फ घर नहीं, पूरे ‘लाइफस्टाइल इकोसिस्टम’ पर बढ़ा फोकस मैनहट्टन में प्राइवेट इक्विटी बैकग्राउंड की जेन शी ने अपनी बिल्डिंग पांच बार विजिट करने के बाद खरीदारी का फैसला किया और वह भी फिनिशिंग देखने नहीं, बल्कि यह जांचने कि रोज की जिंदगी कैसे चलती है। महिलाएं उस ‘इनविजिबल वैल्यू’ को ज्यादा समझती हैं जो अच्छे सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर से आती है। मियामी के फोर सीजन्स प्राइवेट रेसिडेंस (कीमत 50 करोड़ से शुरू) में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर क्रिस्टीन मार्टिनेज डे कास्त्रो कहती हैं, ‘अगर वाइफ को फोर सीजन्स पसंद आ गया, तो बस। फिर कोई बातचीत नहीं होती। ’नंबरों में देखिए महिलाओं की बढ़ती ताकत कैटेगरी – आंकड़ा अमेरिका में सिंगल महिला होमबायर्स – 21% सिंगल पुरुष होमबायर्स – 9% घर की मालकिन सिंगल महिलाएं – 2 करोड़+ घर के मालिक सिंगल पुरुष – 1.4 करोड़ 42 करोड़+नेटवर्थ महिलाओं का लग्जरी होम शेयर – 15% अमीर महिला खरीदार क्या चाहती हैं ? फुल-सर्विस बिल्डिंग – बटलर, कंसियर्ज, हाउसकीपिंग वेलनेस अमेनिटी – स्पा, पूल, योगा सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर – कम्युनिटी स्पेस, एंटरटेनिंग एरिया लॉन्ग-टर्म वैल्यू – जेनरेशनल वेल्थ की सोच प्राइवेसी, सिक्योरिटी – 24/7 सुरक्षा, मैनेज्ड इकोसिस्टम

एक्स करण कुंद्रा-तेजस्वी की सगाई के बाद किया क्रिप्टिक पोस्ट:अब अनुषा दांडेकर ने दी सफाई, कहा- मुझे कुछ कहना होता है, तो साफ कहती हूं

एक्स करण कुंद्रा-तेजस्वी की सगाई के बाद किया क्रिप्टिक पोस्ट:अब अनुषा दांडेकर ने दी सफाई, कहा- मुझे कुछ कहना होता है, तो साफ कहती हूं

एक्ट्रेस, वीजे और सिंगर अनुषा दांडेकर ने हाल ही में अपनी उस पोस्ट पर सफाई दी है, जो उन्होंने एक्स बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की सगाई की खबरों के बीच की थी। उन्होंने साफ किया है कि उनकी क्रिप्टिक पोस्ट का करण-तेजस्वी की सगाई से कोई लेना-देना नहीं था। अनुषा दांडेकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, “हे भगवान, साफ है कि आपको कुछ पता ही नहीं है, खासकर आर्टिकल्स के बारे में। जब मैं किसी खास चीज के बारे में बात करती हूं, तो मैं साफ कहती हूं। अगर मैं अपनी वजहों से भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हूं, तो भी आप उसे उसी बात से जोड़ देते हैं और फिर अपनी ही धारणाओं के आधार पर मुझ पर सवाल उठाते हैं।” आगे अनुशा ने लिखा है, “कमाल है। और जितने भी प्यारे डीएम आए, मैंने सब देखे और मैं सहमत हूं। अब सब लोग मान सकते हैं कि आपने मुझे क्या लिखा था। लव यू ऑल।” अनुषा ने किस पोस्ट पर दी सफाई दरअसल, एक समय में अनुषा दांडेकर और करण कुंद्रा रिलेशनशिप में थे। दोनों ने एमटीवी लव स्कूल भी साथ होस्ट किया था, हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इस दौरान खबरें रहीं कि करण कुंद्रा, अनुषा से कमिटेड नहीं थे। इसके बाद बिग बॉस 15 में करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों पिछले 5 सालों से रिलेशनशिप में हैं। हाल ही में करण कुंद्रा और तेजस्वी की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिसमें करण, तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते दिखे हैं। तस्वीरें वायरल होने के बीच ही अनुषा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘भगवान का शुक्र है। iykyk (अगर आप जानते हैं, तो जान जाएंगे)।’ अनुषा की इस पोस्ट को करण-तेजस्वी की सगाई से जोड़कर देखा जाने लगा। एक वजह ये भी रही कि करण से ब्रेकअप के बाद अनुषा ने उनके खिलाफ कई बयान दिए थे।

कम या ज्यादा पका केला क्या है सेहत के लिये ज्यादा फायदेमंद? जानिये इसका सच

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केला एक ऐसा फल है जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं. लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि कम पका फायदेमंद है या ज्यादा पका (पीला-भूरा) केला? इसका जवाब आपकी सेहत की जरूरत पर निर्भर करता है, क्योंकि दोनों ही तरह के केले में अलग-अलग पोषक तत्व और फायदे होते हैं. कम पके केले के फायदेकच्चे या कम पके केले में रेजिस्टेंट स्टार्च ज्यादा मात्रा में होता है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है. पाचन के लिए बेहतर: कच्चा केला आंतों के लिए अच्छा होता है और गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है.ब्लड शुगर कंट्रोल: यह धीरे-धीरे पचता है, जिससे शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता.वजन नियंत्रण में सहायक: इसमें फाइबर ज्यादा होता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है.डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा: कच्चा केला ग्लाइसेमिक इंडेक्स में कम होता है. अगर आप वजन घटाना चाहते हैं या शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं, तो कच्चा केला ज्यादा फायदेमंद है. ज्यादा पके केले के फायदेजब केला पूरी तरह पक जाता है, तो उसमें स्टार्च शुगर में बदल जाता है, जिससे वह ज्यादा मीठा और मुलायम हो जाता है. तुरंत ऊर्जा देता है: पका केला जल्दी पचता है और तुरंत एनर्जी देता है.पाचन में आसान: कमजोर या बुजुर्ग लोगों के लिए पका केला ज्यादा उपयुक्त होता है.इम्युनिटी बढ़ाता है: इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अधिक हो जाती है.मसल्स के लिए अच्छा: इसमें पोटैशियम होता है, जो मांसपेशियों को मजबूत करता है. अगर आपको तुरंत ताकत चाहिए या कमजोरी महसूस हो, तो पका केला आपके लिये ज्यादा फायदेमंद है. किसे कौन खाना चाहिए?डायबिटीज या वजन कम करने वाले: कच्चा या कम पका केलाखिलाड़ी या ज्यादा मेहनत करने वाले: पका केलाकमजोर, बुजुर्ग या बच्चे: पका केला बेहतरडाइजेशन सुधारना चाहते हैं: कच्चा केला मददगार ध्यान रखने वाली बातेंबहुत ज्यादा कच्चा केला खाने से कब्ज हो सकता है.ज्यादा पका केला अधिक मात्रा में लेने से शुगर बढ़ सकती है.दोनों का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए.

सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स:सिर्फ हिंदी रिलीज के लिए 450 करोड़ रुपए की मांग, डिस्ट्रीब्यूटर्स परेशान; किंग का टूट सकता है रिकॉर्ड

सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स:सिर्फ हिंदी रिलीज के लिए 450 करोड़ रुपए की मांग, डिस्ट्रीब्यूटर्स परेशान; किंग का टूट सकता है रिकॉर्ड

रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मल्टीस्टारर फिल्म रामायण कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की कगार में है। फिल्म पहले ही 700 करोड़ रुपए की ओटीटी डील ठुकरा चुकी है, जिसके बाद अब रिपोर्ट्स हैं कि इस पैन इंडिया फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के राइट्स की डील 450 करोड़ में की जा रही है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अनिल थडाणी और जयंतीलाल गडा जैसे कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स का मानना है कि 450 करोड़ एक फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के लेना एक बड़ी कीमत है। उन्होंने निर्माताओं को इसमें कटौती करने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि फिल्म के मेकर्स को फिल्म की सक्सेस पर पूरा भरासो है और वो इस रकम पर अड़े हुए हैं। फिलहाल मेकर्स की करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, AA फिल्म्स और पेन स्टूडियो से प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की इस डील पर बात चल रही है। ट्रेड एक्सपर्स्ट्स के अनुसार, फिल्म रामायण सिर्फ भारत में 1000 से 1500 करोड़ तक का कलेक्शन कर इतिहास रच सकती है। वहीं वर्ल्डवाइड इसके 2500 करोड़ तक कमाई करने के अनुमान हैं। फिल्म को बड़े स्केल में तैयार किया गया है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- देखिए फिल्म रामायण की खास झलक-

सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स:सिर्फ हिंदी रिलीज के लिए 450 करोड़ रुपए की मांग, डिस्ट्रीब्यूटर्स परेशान; किंग का टूट सकता है रिकॉर्ड

सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स:सिर्फ हिंदी रिलीज के लिए 450 करोड़ रुपए की मांग, डिस्ट्रीब्यूटर्स परेशान; किंग का टूट सकता है रिकॉर्ड

रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मल्टीस्टारर फिल्म रामायण कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की कगार में है। फिल्म पहले ही 700 करोड़ रुपए की ओटीटी डील ठुकरा चुकी है, जिसके बाद अब रिपोर्ट्स हैं कि इस पैन इंडिया फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के राइट्स की डील 450 करोड़ में की जा रही है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अनिल थडाणी और जयंतीलाल गडा जैसे कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स का मानना है कि 450 करोड़ एक फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के लेना एक बड़ी कीमत है। उन्होंने निर्माताओं को इसमें कटौती करने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि फिल्म के मेकर्स को फिल्म की सक्सेस पर पूरा भरासो है और वो इस रकम पर अड़े हुए हैं। फिलहाल मेकर्स की करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, AA फिल्म्स और पेन स्टूडियो से प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की इस डील पर बात चल रही है। ट्रेड एक्सपर्स्ट्स के अनुसार, फिल्म रामायण सिर्फ भारत में 1000 से 1500 करोड़ तक का कलेक्शन कर इतिहास रच सकती है। वहीं वर्ल्डवाइड इसके 2500 करोड़ तक कमाई करने के अनुमान हैं। फिल्म को बड़े स्केल में तैयार किया गया है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें- देखिए फिल्म रामायण की खास झलक-

'आईपीएल में बिहार की भी अपनी टीम होनी चाहिए':वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने उठाई मांग, CM सम्राट बोले- निश्चित ही सकारात्मक निर्णय लेंगे

'आईपीएल में बिहार की भी अपनी टीम होनी चाहिए':वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने उठाई मांग, CM सम्राट बोले- निश्चित ही सकारात्मक निर्णय लेंगे

आईपीएल 2026 में बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे वह पटना की ईशान किशन हो, समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी या फिर गोपालगंज के साकिब हुसैन। सभी अपने शानदार परफॉर्मेंस से चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार के अपनी खुद की टीम बनाने की मांग की है। बिहार के अनिल अग्रवाल ने कहा कि, ‘अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए- अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, ‘क्या आपको नहीं लगता चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की तरह बेमिसाल बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए? बिहार की मिट्टी ने देश को बहुत से बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए हैं। पटना में जन्मे ईशान किशन ने सबसे कम गेंदों में ODI डबल सेंचुरी लगाई। समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। गोपालगंज के साधारण परिवार में जन्मे साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी पर आज पूरी दुनिया की नज़रें हैं।’ बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी- अनिल अग्रवाल बिहार की अपनी आईपीएल क्रिकेट टीम नहीं होने को लेकर अफसोस जाहिर करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा, ‘एक बात मुझे हमेशा खलती है कि हमारे बिहार को क्रिकेट में अब भी वह नाम और पहचान क्यों नहीं मिल पा रही, जिसके हम हकदार हैं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मेरा हमेशा से यह सपना और प्रयास रहा है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले, हमारे खिलाड़ियों को भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट बिहार में ही मिलना चाहिए।’ अनिल अग्रवाल ने विश्वास जताते हुए कहा कि, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमारे बच्चों को सही प्रेरणा और सुविधाएं मिलें, तो हमारे बिहार से बनने वाली टीम दुनिया की बेस्ट टीम होगी।’ हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे – अनिल अग्रवाल अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं इस काम में बिहार के युवाओं के साथ पूरी मज़बूती से खड़ा हूं। बिहार की क्रिकेट टीम और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपनी तरफ से कंडीशनल सपोर्ट दूंगा। बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक इमोशन है। और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।’ सीएम सम्राट ने क्रिकेट टीम को लेकर दिया भरोसा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडियो एक्स पर पोस्ट कर सीएम सम्राट ने लिखा, ‘आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूं। बिहार के क्रिकेट “इमोशन” के लिए सरकार स्पष्ट “विजन” के साथ “मिशन” मोड में कार्यरत है। आपके सहयोग से निश्चित ही बिहार की क्रिकेट टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।’

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्‌टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्‌टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली हाईकोर्ट से विनेश फोगाट को राहत:WFI को फटकार लगाई; कहा- मशहूर खिलाड़ियों को छूट मिलती रही है, विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों?

दिल्ली हाईकोर्ट से विनेश फोगाट को राहत:WFI को फटकार लगाई; कहा- मशहूर खिलाड़ियों को छूट मिलती रही है, विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों?

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट का आकलन करने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को “बदले की भावना” से काम नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से बताया गया कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से कहा कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर विनेश की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह ट्रायल में हिस्सा ले सकें। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की गई है। यहां पढ़ते हैं विनेश के वकील ने क्या दीं दलीलें…. दिल्ली हाईकोर्ट हरियाणा की रेसलर विधायक विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को सिंगल बैंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद इस वर्ष के एशियाई खेलों के लिए 30-31 मई को होने वाले सिलेक्शन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी के मुद्दे पर उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया था। विनेश फोगाट के सीनियर वकील ने पीठ से उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि 9 मई को, गोंडा में एक घरेलू कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से एक दिन पहले, उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस दर्शाता है कि कोई उन्हें पद से हटाने के लिए बेबुनियाद कोशिश कर रहा है। हाईकोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए दावा किया कि पेरिस ओलंपिक में फोगाट की अयोग्यता राष्ट्रीय शर्म थी और सवाल उठाया कि यह क्यों नहीं माना जाना चाहिए कि डब्ल्यूएफआई ने उसके लिए चयन मानदंड बदल दिए थे। विनेश के वकील ने ये उठाए सवाल 3 पॉइंट्स में जानिए विवाद क्या…