रेसलर विनेश फोगाट मामले में हाईकोर्ट से WFI को फटकार:कहा- मशहूर खिलाड़ियों को छूट मिलती रही है, विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों?

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट का आकलन करने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को “बदले की भावना” से काम नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से बताया गया कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से कहा कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर विनेश की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह ट्रायल में हिस्सा ले सकें। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की गई है। यहां पढ़िए विनेश के वकील ने क्या दीं दलीलें…. दिल्ली हाईकोर्ट हरियाणा की रेसलर विधायक विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को सिंगल बैंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद इस वर्ष के एशियाई खेलों के लिए 30-31 मई को होने वाले सिलेक्शन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी के मुद्दे पर उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया था। विनेश फोगाट के सीनियर वकील ने पीठ से उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि 9 मई को, गोंडा में एक घरेलू कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से एक दिन पहले, उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस दर्शाता है कि कोई उन्हें पद से हटाने के लिए बेबुनियाद कोशिश कर रहा है। हाईकोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए दावा किया कि पेरिस ओलंपिक में फोगाट की अयोग्यता राष्ट्रीय शर्म थी और सवाल उठाया कि यह क्यों नहीं माना जाना चाहिए कि डब्ल्यूएफआई ने उसके लिए चयन मानदंड बदल दिए थे। विनेश के वकील ने ये उठाए सवाल 3 पॉइंट्स में जानिए विवाद क्या… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। विनेश ने पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण पर फिर आरोप लगाए थे इसके बाद विनेश फोगाट ने 3 मई को WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा था- यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर कॉम्पिटीशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा। कहा था- मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक हैं। बृजभूषण भाजपा के पूर्व सांसद हैं। वर्तमान में उनका एक बेटा यूपी से सांसद और एक विधायक है। विनेश ने वीडियो जारी ये बातें कहीं थीं… पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी ताजा विवाद के बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था- आप सब को नमस्कार। जैसा कि सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रही हूं। बड़ी ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं। देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीने पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो यूपी का गोंडा जिला है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ी नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। केस कोर्ट में पेंडिंग
लौकी इमली की सब्जी रेसिपी: स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रहस्य…ऐसी है लोकी और इमली की खट्टी-मीठी और स्वादिष्ट सब्जी, नोट करें आसान रेसिपी

सामग्री – लोकी, इमली, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, जीरा, राई, गर्म मसाला, गुड़, तेल, राई, हींग, कैरी पत्ता आदि। छवि: इंस्टाग्राम सबसे पहले लोकी को अच्छे से छीन लें और बराबर क्यूब्स में काट लें। नमक लगाएं 10 मिनट रुकें, फिर ढोकर पानी की परिभाषा लें। छवि: इंस्टाग्राम आटा बनाएं तेल, राई, जीरा, हींग, करी पत्ता फिर ओएनजीसी सोलोमन होना गरम तक। छवि: इंस्टाग्राम टमाटरों की सभी कृतियों के कलाकारों से भून लें जब तक तेल न छूटने लगे। मसाला अच्छे से भुन जाने के बाद लौकी डाल दे। 2-3 मिनट तेजी से बढ़त पर, फिर तेजी से बढ़त पर बढ़त। छवि: इंस्टाग्राम जब लौकी नर हो जाए और मसाला सुखाकर फैक्ट्री लगे तो निंदा तैयार है। छवि: इंस्टाग्राम (टैग्सटूट्रांसलेट)पंजाबी लौकी इमली की सब्जी रेसिपी(टी)आसान लौकी इमली की सब्जी रेसिपी(टी)लौकी रसम रेसिपी भारतीय(टी)बॉटल लौकी रसम दक्षिण भारतीय(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष दोपहर के भोजन के विचार(टी)स्वस्थ लौकी रेसिपी होम(टी)स्वादिष्ट रसम कैसे बनाएं(टी)स्वस्थ पाचन ग्रीष्मकालीन भोजन(टी)वजन घटाने वाली लौकी सूप(टी)त्वरित दोपहर के भोजन के व्यंजन शाकाहारी
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल फिर चर्चा में:बिना सुनवाई के 600 लोगों को मौत की सजा दी, गोली मारते खुद ही देखते थे

अमेरिकी कोर्ट में हत्या और अमेरिकी नागरिकों की जान लेने की साजिश रचने का गंभीर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो फिर चर्चा में हैं। जुलाई 1953 से जनवरी 1959 तक चले क्यूबा में क्रांतिकारी आंदोलन में तीसरा सबसे बड़ा चेहरा रहे राउल बड़े भाई फिदेल कास्त्रो की योजनाओं के मुख्य शिल्पकार माने जाते हैं। 1959 में जैसे ही कास्त्रो भाइयों ने क्यूबा की सत्ता संभाली, उन्होंने बतिस्ता सरकार के पूर्व अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जासूसों पर मुकदमे चलाए। ‘ला काबाना’ किले के प्रभारी के रूप में राउल ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, 500-600 लोगों को मौत के घाट उतारने के आदेश दिए। वे फायरिंग स्क्वॉड द्वारा लोगों को गोली मारते देखते थे। 2008 से 2018 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे राउल की पहचान क्रूर नेता की है। रक्षा मंत्री के रूप में विरोधियों का सफाया किया 1960 के दशक में जब क्यूबा में क्रांति के बाद विरोधियों पर कार्रवाई शुरू हुई, तब फायरिंग स्क्वॉड और सैन्य ट्रायल की पूरी व्यवस्था रक्षा मंत्री के रूप में राउल ने ही की थी। जून 1958 में बतिस्ता की सेना को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के जवानों समेत 50 नागरिकों को बंधक बना लिया था। 1960-70 के दशक में हजारों लोगों को बिना निष्पक्ष सुनवाई जेलों और श्रम शिविरों में भेजा गया। पूर्व सीआईए विश्लेषक ब्रायन कहते हैं कि फिदेल सार्वजनिक मंच से भाषण देते थे, लेकिन आदेशों को लागू कराने वाला दिमाग राउल का था। बचपन में राउल को स्कूल में शिक्षक ने किसी बात पर थप्पड़ मार दिया, तो उसे धक्का देकर गिरा दिया और बच्चों को उस शिक्षक के खिलाफ इकट्ठा कर लिया। इसके लिए उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। स्कूल से पिता को नोटिस भेजा गया कि ये लड़का नहीं सुधरेगा। 6 की उम्र में तानाशाह को अपनी शर्त पर झुकाया था 1938 में क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता ने एक सैनिक स्कूल का दौरा किया। तब 6 वर्षीय राउल को स्वागत भाषण देना था। राउल ने भाषण पढ़ने के बजाय निडरता से शर्त रखी कि पहले उसके शिक्षक को पदोन्नत कर ‘लेफ्टिनेंट’ बनाया जाए। इसके 20 साल बाद (1959 में) राउल ने अपने भाई फिदेल के साथ मिलकर उसी बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। दुनिया के किसी भी देश के सबसे लंबे समय (लगभग 49 साल) तक रक्षा मंत्री रहे राउल ने होटल, पर्यटन, बंदरगाह और विदेशी मुद्रा से जुड़ा 60% से अधिक कारोबार सैन्य कंपनियों को सौंप दिया था।
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल फिर चर्चा में:बिना सुनवाई के 600 लोगों को मौत की सजा दी, गोली मारते खुद ही देखते थे

अमेरिकी कोर्ट में हत्या और अमेरिकी नागरिकों की जान लेने की साजिश रचने का गंभीर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो फिर चर्चा में हैं। जुलाई 1953 से जनवरी 1959 तक चले क्यूबा में क्रांतिकारी आंदोलन में तीसरा सबसे बड़ा चेहरा रहे राउल बड़े भाई फिदेल कास्त्रो की योजनाओं के मुख्य शिल्पकार माने जाते हैं। 1959 में जैसे ही कास्त्रो भाइयों ने क्यूबा की सत्ता संभाली, उन्होंने बतिस्ता सरकार के पूर्व अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जासूसों पर मुकदमे चलाए। ‘ला काबाना’ किले के प्रभारी के रूप में राउल ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, 500-600 लोगों को मौत के घाट उतारने के आदेश दिए। वे फायरिंग स्क्वॉड द्वारा लोगों को गोली मारते देखते थे। 2008 से 2018 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे राउल की पहचान क्रूर नेता की है। रक्षा मंत्री के रूप में विरोधियों का सफाया किया 1960 के दशक में जब क्यूबा में क्रांति के बाद विरोधियों पर कार्रवाई शुरू हुई, तब फायरिंग स्क्वॉड और सैन्य ट्रायल की पूरी व्यवस्था रक्षा मंत्री के रूप में राउल ने ही की थी। जून 1958 में बतिस्ता की सेना को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के जवानों समेत 50 नागरिकों को बंधक बना लिया था। 1960-70 के दशक में हजारों लोगों को बिना निष्पक्ष सुनवाई जेलों और श्रम शिविरों में भेजा गया। पूर्व सीआईए विश्लेषक ब्रायन कहते हैं कि फिदेल सार्वजनिक मंच से भाषण देते थे, लेकिन आदेशों को लागू कराने वाला दिमाग राउल का था। बचपन में राउल को स्कूल में शिक्षक ने किसी बात पर थप्पड़ मार दिया, तो उसे धक्का देकर गिरा दिया और बच्चों को उस शिक्षक के खिलाफ इकट्ठा कर लिया। इसके लिए उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। स्कूल से पिता को नोटिस भेजा गया कि ये लड़का नहीं सुधरेगा। 6 की उम्र में तानाशाह को अपनी शर्त पर झुकाया था 1938 में क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता ने एक सैनिक स्कूल का दौरा किया। तब 6 वर्षीय राउल को स्वागत भाषण देना था। राउल ने भाषण पढ़ने के बजाय निडरता से शर्त रखी कि पहले उसके शिक्षक को पदोन्नत कर ‘लेफ्टिनेंट’ बनाया जाए। इसके 20 साल बाद (1959 में) राउल ने अपने भाई फिदेल के साथ मिलकर उसी बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। दुनिया के किसी भी देश के सबसे लंबे समय (लगभग 49 साल) तक रक्षा मंत्री रहे राउल ने होटल, पर्यटन, बंदरगाह और विदेशी मुद्रा से जुड़ा 60% से अधिक कारोबार सैन्य कंपनियों को सौंप दिया था।
आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।
आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।
‘विदेशी हस्तक्षेप, समन्वित अशांति’: क्यों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:22 मई, 2026, 12:29 IST इस सप्ताह चिंताएँ तब और बढ़ गईं जब केंद्र ने “राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं” का हवाला देते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के इनपुट के बाद एक्स को भारत में समूह के संचालन को रोकने का निर्देश दिया। अभिजीत डुबके ने कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की। (स्रोत: एक्स) बेरोजगारी और सत्ता-विरोधी हास्य के इर्द-गिर्द एक व्यंग्यपूर्ण मीम आंदोलन के रूप में शुरू हुए आंदोलन ने अब भारत के सुरक्षा प्रतिष्ठान का ध्यान आकर्षित किया है, एजेंसियां तेजी से वायरल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) पारिस्थितिकी तंत्र को बड़े पैमाने पर लामबंदी, विदेशी हस्तक्षेप और समन्वित अशांति के संभावित मंच के रूप में देख रही हैं। इस सप्ताह चिंताएँ तब और बढ़ गईं जब केंद्र ने “राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं” का हवाला देते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के इनपुट के बाद एक्स को भारत में समूह के संचालन को रोकने का निर्देश दिया। लेकिन मीम्स और वायरल पोस्ट से परे, जांचकर्ता अब सीजेपी के पीछे नेटवर्क की उत्पत्ति और तेजी से विकास की बारीकी से जांच कर रहे हैं। वायरल पेजों की उत्पत्ति पर नज़र रखने वाली एजेंसियां सीएनएन-न्यूज़18 द्वारा प्राप्त इनपुट और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा समीक्षा की गई अन्य रिपोर्टों के अनुसार, “कॉकरोच जनता पार्टी” के बैनर तले काम करने वाले सबसे प्रमुख समूहों में से एक ने इस साल 21 मई को अपनी वर्तमान ब्रांडिंग को अपनाने से पहले कई वर्षों में कई पहचान परिवर्तन किए हैं। यह भी पढ़ें | कॉकरोच जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर जैकपॉट मारा, 5 दिनों में 11 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हो गए जांचकर्ताओं का कहना है कि समूह मूल रूप से फरवरी 2021 में गुजराती नाम “આમ આદમી પાર્ટી ગુજરાત” (आम आदमी पार्टी गुजरात) के तहत बनाया गया था, यह सुझाव देता है कि यह शुरू में गुजरात में AAP पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े एक प्रशंसक या समर्थन पृष्ठ के रूप में कार्य कर सकता है। कथित तौर पर पेज ने बाद में कई बार नाम बदले, जिसमें अक्टूबर 2021 में कुछ समय के लिए “સંબંધ નો સર્વાનો” के तहत संचालन करना, AAP गुजरात ब्रांडिंग में लौटने से पहले और अंततः 21 मई को खुद को “कॉकरोच जनता पार्टी” के रूप में पुनः ब्रांड करना शामिल था। यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आम आदमी पार्टी के साथ बीच में काम किया था। 2020 और 2023, जहां वह सोशल मीडिया रणनीति और चुनाव प्रचार में शामिल थे। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक संदेश और युवा आउटरीच पर केंद्रित मेम-आधारित डिजिटल अभियानों पर काम किया। अधिकारी बार-बार पहचान में बदलाव को एक संभावित लाल झंडे के रूप में देखते हैं, विशेष रूप से पेज के एक क्षेत्रीय राजनीतिक प्रशंसक समुदाय से राष्ट्रव्यापी स्थापना-विरोधी मेम आंदोलन में अचानक परिवर्तन को देखते हुए, जो कुछ ही दिनों में लाखों अनुयायियों को आकर्षित करता है। सुरक्षा एजेंसियाँ क्यों चिंतित हैं? सुरक्षा अधिकारी व्यंग्य के बारे में कम और आंदोलन के पैमाने, गति और अप्रत्याशितता के बारे में अधिक चिंतित हैं। कथित तौर पर समूह ने बेहद कम समय में 15 मिलियन से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स बना लिए, जो कई मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के फॉलोअर्स की संख्या को भी पार कर गए। एजेंसियों को डर है कि इस तरह की तीव्र, विकेन्द्रीकृत वृद्धि शत्रुतापूर्ण अभिनेताओं द्वारा हेरफेर के लिए उपजाऊ जमीन तैयार करती है, खासकर जब बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और युवा हताशा जैसे भावनात्मक मुद्दों से प्रेरित हो। अधिकारियों का मानना है कि हास्य और मीम्स के आसपास बनाए गए आंदोलन अक्सर वास्तविक दुनिया के लामबंदी अभियानों में विकसित होने से पहले, शुरुआत में राजनीतिक रूप से हानिरहित दिखाई दे सकते हैं। खुफिया आकलन कथित तौर पर विश्व स्तर पर जेन जेड के नेतृत्व वाले ऑनलाइन आंदोलनों का उदाहरण देते हैं जो इंटरनेट व्यंग्य के रूप में शुरू हुए लेकिन बाद में विरोध प्रदर्शन, परिसर में अशांति और व्यापक स्थापना विरोधी अभियानों में बदल गए। विदेश-आधारित खातों पर चिंताएँ आंतरिक रूप से चिह्नित एक अन्य प्रमुख चिंता भारत के बाहर आंदोलन के डिजिटल पदचिह्न से संबंधित है। कथित तौर पर सुरक्षा एजेंसियां संबंधित टेलीग्राम और सोशल मीडिया चैनलों पर विदेशी-आधारित अनुयायियों और प्रतिभागियों की उपस्थिति की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि लिंक किए गए टेलीग्राम समूहों में कई शुरुआती सदस्य विदेशी नामों का उपयोग करते दिखाई दिए, जिनमें से कुछ खाते कथित तौर पर पाकिस्तान सहित भारत के बाहर से उत्पन्न हुए थे। जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आंदोलन से जुड़े कुछ टेलीग्राम बुनियादी ढांचे फरवरी में पहले से मौजूद “रेडी-मेड” चैनल रहे होंगे, जिन्हें बाद में सीजेपी-संबंधित लामबंदी के लिए पुन: उपयोग किया गया था। ऑनलाइन क्रोध के ऑफ़लाइन हो जाने का डर कथित तौर पर आंदोलन पर नज़र रखने वाले अधिकारियों का मानना है कि बड़ा जोखिम डिजिटल वायरलिटी से भौतिक गतिशीलता में संक्रमण में है। चिंता की बात यह है कि जो वर्तमान में मेम-संचालित क्रोध के रूप में मौजूद है, वह ऑफ़लाइन विरोध प्रदर्शन, छात्र आंदोलन या संस्थानों और सरकारों से जवाबदेही की मांग करने वाले शिथिल समन्वित अभियान में विकसित हो सकता है। हास्य और व्यंग्य के माध्यम से राजनीतिक हताशा को उजागर करके, सीजेपी उस चीज़ को बनाने में कामयाब रही है जिसे एजेंसियां कथित तौर पर शहरी युवाओं के बीच असंतोष के लिए “सामान्यीकृत रैली बिंदु” के रूप में वर्णित करती हैं। सुरक्षा अधिकारियों को डर है कि इस तरह की गतिविधियां धीरे-धीरे संस्थानों में विश्वास को कमजोर कर सकती हैं, जबकि एक आंतरिक नोट में कथित तौर पर इसे “असंगठित भय” और अस्थिरता के रूप में वर्णित किया गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘विदेशी हस्तक्षेप, समन्वित अशांति’: क्यों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कॉकरोच जनता पार्टी(टी)सीजेपी मेम आंदोलन(टी)व्यवस्था विरोधी हास्य(टी)भारतीय सुरक्षा एजेंसियां(टी)सोशल
घंटों बैठकर करते हैं लैपटॉप पर काम, तो पड़ सकता है रीढ़ की हड्डी के लिए भारी..यहां जानिए डॉक्टर की सलाह

Last Updated:May 22, 2026, 12:22 IST आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठकर काम करना लोगों की रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर डाल रहा है. फरीदाबाद के स्पाइन विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष तोमर के अनुसार गलत पोश्चर, लगातार स्क्रीन देखने और व्यायाम की कमी से गर्दन और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है. नियमित वॉक, योग और सही तरीके से बैठना स्पाइन हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है. फरीदाबाद: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना लोगों की मजबूरी बन गया है. दफ्तर हो या घर लगातार मोबाइल और लैपटॉप पर काम करने की आदत अब आम हो चुकी है. लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर हमारी रीढ़ की हड्डी पर पड़ रहा है. शुरुआत में लोग गर्दन, पीठ या कमर में हल्का दर्द समझकर इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन धीरे-धीरे यही परेशानी बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है. लंबे वक्त तक बैठकर काम करने से नुकसान Local18 से बातचीत में डॉक्टर आशीष तोमर फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में ऑर्थोपेडिक्स और मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी विभाग के निदेशक बताते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की बैक मसल्स कमजोर होने लगती हैं. हमारी मांसपेशियों का काम रीढ़ की हड्डी को सही स्थिति में बनाए रखना होता है लेकिन जब व्यक्ति लगातार बैठा रहता है तो ये मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाती हैं. क्या है काम करने का सही तरीका डॉक्टर आशीष तोमर बताते हैं बैठने के तरीके का भी सीधा असर कमर पर पड़ता है. अगर कोई व्यक्ति सीधे बैठता है तो कमर पर दबाव कम बनता है, लेकिन झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ता है. यही वजह है कि आगे चलकर डिस्क खिसकने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. कुर्सी पर सीधा बैठने से कमर पर लगभग डेढ़ गुना कम दबाव पड़ता है. गर्दन और कमर दर्द आज के समय में बहुत आम समस्या बन चुकी है. लगातार स्क्रीन देखने और गर्दन झुकाकर लैपटॉप पर काम करने से गर्दन पर काफी दबाव बढ़ जाता है. यही कारण है कि लोगों में गर्दन दर्द, अकड़न और पीठ दर्द तेजी से बढ़ रहा है. रोज थोड़ा बहुत व्यायाम करना बेहद जरूरी डॉक्टर आशीष बताते हैं शरीर को मजबूत रखने के लिए रोज थोड़ा बहुत व्यायाम करना बेहद जरूरी है. रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टर आशीष तोमर बताते हैं मैं लोगो को रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाने की सलाह देता हूं.शरीर की कोर मसल्स और पीठ की मांसपेशियां सबसे ज्यादा जरूरी होती हैं. इन्हें मजबूत रखने के लिए भुजंग आसन जैसे योग करने चाहिए. इसके अलावा नियमित रूप से टहलना और लंबे समय तक लगातार न बैठना भी जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति आधे घंटे या एक घंटे से ज्यादा समय तक बैठा है तो उसे बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना चाहिए. नजरअंदाज नहीं करना चाहिए शरीर के संकेत डॉक्टर आशीष तोमर बताते हैं कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे गर्दन का दर्द हाथों तक जाने लगे…हाथों में सुन्नपन महसूस हो, कमजोरी आए, रात में दर्द के कारण नींद न आए या गर्दन दबाने पर ज्यादा दर्द हो तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए. इसी तरह कमर दर्द अगर पैरों तक पहुंचने लगे तो यह भी गंभीर संकेत हो सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana
स्मिता पाटिल और राज बब्बर के रिश्ते पर बोले आर्य:कहा- किसे अच्छा लगेगा उसके पापा का अफेयर हो; सौतेले भाई प्रतीक बब्बर से जारी अनबन

राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।
स्मिता पाटिल और राज बब्बर के रिश्ते पर बोले आर्य:कहा- किसे अच्छा लगेगा उसके पापा का अफेयर हो; सौतेले भाई प्रतीक बब्बर से जारी अनबन

राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।








