चौलाई का साग रेसिपी: पनीर-चिकन सब हो जाएगा फेल, घर में ऐसे बनाएं चौलाई का साग; गर्मी में खाने का स्वाद होगा दोगुना

सामग्री: 2 गुच्छे चौलाई का सागा, 1 टमाटर का साग, 2 टमाटर, 5-6 लहसुन की कलियां, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1/2 मोटा जीरा, 1/2 छोटा लाल मिर्च पाउडर, 1/4 मोटा हल्दी, स्वादानुसार नमक, घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चूली के दुकानदारों को अच्छे से धो लें ताकि साड़ी मिट्टी साफ हो जाए। अब इसे मोटा-मोटा काट लें। इसके बाद गैस पर एक कड़ाही रखें और इसमें थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें। छवि: एआई अब जीरा डालो। जब जीरा चटकने लगे तो सुमधुर कोटा ओंगैज ऑरेंज होने तक भुन लें। अब अदरक, लहसुन और हरी मिर्च स्टॉइल कुछ सेकंड तक का काम। फिर कटे हुए टमाटर और चिप्स के साथ बढ़िया से भून लें। छवि: एआई जब मसाला अच्छी तरह से तैयार हो जाए, तब इसमें कटी हुई चुलाई डाल दीजिए। ऊपर से नमक, हल्दी और लाल मिर्च नमक अच्छी तरह मिला लें। अब 10-15 मिनिट तक कच्चे ही को मसाले और कच्चे मकान पर पकाया जाता है. छवि: एआई बीच-बीच में रुकें ताकि नीचे न लगें। जब सागा पूरी तरह से नग्न हो जाए, तब गैस बंद कर दीजिए। अगर आप चाहें तो इसे पिक्चर मैश भी कर सकते हैं। शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक गरमा-गरम चौलाई का साग मक्के की रोटी, परांठे या सादी रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. ऊपर से छोटी सा सफेद मक्खन दाल, स्वाद और भी बढ़ जाएगा। आयरन की कमी दूर करने में सहायता मिलती है। छवि: एआई समुद्रतट में शरीर को शक्ति और ऊर्जा की पराकाष्ठा होती है। वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसका देसी स्वाद घर के सभी लोगों को बहुत पसंद आता है। छवि: एआई
जम गया खून का थक्का, बाहर आने लगी आंखें…कानपुर के डॉक्टरों का चमत्कार, दुनिया में पहली बार लौटी रोशनी

Last Updated:May 19, 2026, 21:06 IST Kanpur News : महिला मरीज आंखों में खून का थक्का जमने और आंखें बाहर निकलने जैसी गंभीर रोग से जूझ रही थी. कानपुर के डॉक्टरों ने इसे ठीक करने के लिए दिल में जमे खून के थक्के को गलाने वाले टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन का इस्तेमाल आंखों के इलाज में किया. मरीज जब अस्पताल पहुंची तो उसकी आंखें बाहर की तरफ निकल आई थीं. नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि कानपुर में ही नहीं बल्कि दुनिया में पहली बार इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल आंखों में जमे खून के थक्के हटाने के लिए किया गया है. इलाज सफल रहा. महिला की आंखों की रोशनी वापस आ गई है. कानपुर. यूपी स्थित कानपुर के एलएलआर अस्पताल में डॉक्टरों ने चमत्कार कर दिखाया है. आंखों में खून का खतरनाक थक्का जमने और आंखें बाहर निकलने जैसी गंभीर हालत से जूझ रही महिला मरीज की रोशनी डॉक्टरों ने लौटा दी. कहा जा रहा है कि ऐसा इलाज दुनिया में पहली बार इस तकनीक से किया गया. डॉक्टरों ने दिल में जमे खून के थक्के को गलाने वाले टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन का इस्तेमाल आंखों के इलाज में किया. इसके साथ सुप्रा कोरोडियल निडल तकनीक का सहारा लिया गया. इलाज सफल रहा और महिला की आंखों की रोशनी वापस आ गई. महिला मरीज जब अस्पताल पहुंची तो उसकी आंखें पूरी तरह लाल थीं और बाहर की तरफ निकल आई थीं. दर्द इतना ज्यादा था कि वह लगातार कराह रही थी. डॉक्टरों ने तुरंत जांच शुरू की तो पता चला कि आंखों के अंदर खून के थक्के जम चुके हैं और आंखों का प्रेशर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. हृदय रोग विशेषज्ञ की सलाह आई काम नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने मामले को गंभीर देखते हुए शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा से संपर्क किया. दिल में जमे खून के थक्कों को हटाने की प्रक्रिया समझने के बाद डॉक्टरों ने तय किया कि यही तकनीक आंखों में भी इस्तेमाल की जा सकती है. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन और सुप्रा कोरोडियल निडल की मदद से इलाज शुरू किया. कुछ ही समय में मरीज को आराम मिलने लगा. आंखों का प्रेशर सामान्य होने लगा और महिला की चली गई रोशनी लौट आई. डॉ. परवेज खान ने बताया कि विभाग में ही नहीं बल्कि दुनिया में पहली बार इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल आंखों में जमे खून के थक्के हटाने के लिए किया गया है. यह इलाज भविष्य में आंखों की गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक, महिला में ‘हेमोरेजिक किसिंग कोरोइड’ बीमारी जैसे लक्षण मिले थे. इस बीमारी में आंखों के अंदर सूजन बढ़ जाती है और खून के थक्के जमने लगते हैं. अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. मरीज से नहीं लिया कोई शुल्क इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि आमतौर पर इस बीमारी को ठीक होने में करीब 20 दिन लग जाते हैं, लेकिन नई तकनीक की मदद से मरीज को काफी जल्दी राहत मिल गई. इस इलाज की सबसे बड़ी बात यह रही कि महिला मरीज से किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया गया. डॉक्टरों की इस सफलता पर मेडिकल जगत में खूब चर्चा हो रही है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
भारत की सभी कंपनियां टॉप-100 ग्लोबल लिस्ट से बाहर:मार्केट वैल्यू में रिलायंस 73वें से 105वें नंबर पर आई; एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट-एपल टॉप-3 में शामिल

मार्केट वैल्यू के आधार पर दुनिया की टॉप 100 लिस्टेड कंपनियों की लिस्ट से अब भारत की सभी कंपनियां बाहर हो गई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत तक इस ग्लोबल लिस्ट में भारत की तीन कंपनियां- रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और TCS शामिल थीं, लेकिन आज इनमें से एक भी कंपनी टॉप 100 लिस्ट में नहीं है। घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी बिकवाली और भारी गिरावट के कारण इन भारतीय कंपनियों की वैल्यू घटी है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्लोबल रैंकिंग में फिसलकर अब 106वें स्थान पर आ गई है। यह कंपनी साल 2025 की शुरुआत में 57वें और साल 2026 की शुरुआत में 73वें स्थान पर थी। वहीं देश के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक की रैंक अब 190 हो गई है, जो साल 2025 की शुरुआत में 97वें नंबर पर थी। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल भी साल 2026 की शुरुआत में 164वें स्थान पर थी, जो अब गिरकर 202वें स्थान पर आ गई है। एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट दूसरे और एपल तीसरे नंबर पर जहां एक तरफ भारतीय कंपनियां रेंकिंग में पीछे हो गई हैं, वहीं ग्लोबल मार्केट्स में दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है। एनवीडिया वर्तमान में 5.33 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है। इसके बाद अल्फाबेट 4.7 ट्रिलियन डॉलर और एपल 4.3 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन चौथे और पांचवें नंबर पर है। ICICI, SBI और IT सेक्टर की कंपनियों की रैंकिंग भी घटी बैंक और आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की रैंकिंग भी तेजी से नीचे आई है। साल 2026 की शुरुआत में ICICI बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 215वें और 231वें स्थान पर थे, लेकिन अब वे गिरकर 274वें और 276वें स्थान पर पहुंच गए हैं। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी TCS की रैंकिंग में सबसे तेज गिरावट आई है। TCS की ग्लोबल रैंक साल 2025 की शुरुआत में 84वीं और 2026 की शुरुआत में 171वीं थी, जो अब गिरकर 314वें स्थान पर पहुंच गई है। भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT फर्म इन्फोसिस अब 590वें स्थान पर है, जबकि साल 2025 की शुरुआत में यह 198वें और 2026 की शुरुआत में 330वें स्थान पर थी। इसके अलावा ITC भी साल 2025 की शुरुआत में 296वें और 2026 की शुरुआत में 466वें स्थान से फिसलकर अब 702वें स्थान पर आ गई है। टॉप 500 में भारत की 15 कंपनियों में से सिर्फ 9 बचीं ग्लोबल मार्केट कैप के टॉप 500 की लिस्ट में भारत की कंपनियों की संख्या साल 2025 की शुरुआत में 15 और साल 2026 की शुरुआत में 13 थी, जो अब घटकर केवल 9 रह गई है। घरेलू स्तर पर भी 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा मार्केट कैप वाली लिस्टेड भारतीय कंपनियों का क्लब भी अब छोटा हो गया है। साल की शुरुआत में ऐसी करीब 6 कंपनियां थीं, जो अब घटकर सिर्फ 3 रह गई हैं। 100 बिलियन डॉलर क्लब में सिर्फ तीन कंपनियां बचीं भारतीय बाजार में लगातार गिरावट के कारण देश के दूसरे सबसे बड़े लेंडर ICICI बैंक, सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक SBI और TCS ने यह स्टेटस खो दिया है। अब सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और भारती एयरटेल है, जिनका मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का असर भारतीय बाजारों में इस गिरावट की शुरुआत 2024 के मीड से शुरू हो गई थी। ज्यादा वैल्युएशन, सुस्त अर्निंग्स, रुपए में कमजोरी और ट्रेड वार की चिंताओं के बीच विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयरों में गिरावट का लंबा दौर शुरू हुआ। इसके बाद अमेरिका-ईरान-इजराइल संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई बाजार पर दबाव बढ़ने का एक मुख्य कारण ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज का रेटिंग घटाना भी रहा। मार्च में UBS, मॉर्गन स्टेनली और नोमुरा ने भारतीय बाजारों पर अपनी रेटिंग घटाई है। जिसके बाद अप्रैल में जेपी मॉर्गन, HSBC और गोल्डमैन सैक्स ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई है। मई के पहले सप्ताह में सीटी बैंक भी इसमें शामिल हो गई। इन सभी रिपोर्ट्स में हाई वैल्युएशन प्रीमियम, तेल के कारण अर्निंग्स रिस्क, कमजोर होता रुपया और हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी व AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर में भारत के सीमित एक्सपोजर को लेकर समान चिंताएं जताई गई हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे बढ़े: 4 दिन पहले ₹3-3 बढ़ाए थे;
दुनिया की टॉप-100 कंपनियों में एक भी भारतीय नहीं:रिलायंस, एयरटेल और TCS की मार्केट वैल्यू घटी; शेयर मार्केट में लगातार गिरावट का असर

मार्केट वैल्यू के आधार पर दुनिया की टॉप-100 कंपनियों की लिस्ट में अब भारत की एक भी कंपनी नहीं बची है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत तक इस ग्लोबल लिस्ट में भारत की तीन कंपनियां- रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और TCS शामिल थीं, लेकिन अब इस लिस्ट में एक भी कंपनी शामिल नहीं है। घरेलू शेयर बाजार में लगातार गिरावट के कारण इन भारतीय कंपनियों की वैल्यू घटी है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्लोबल रैंकिंग में 106वें स्थान पर आ गई है। यह कंपनी 2025 की शुरुआत में 57वें और 2026 की शुरुआत में 73वें स्थान पर आ गई थी। देश के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक की रैंकिंग अब 190 हो गई है, जो 2025 की शुरुआत में 97वें नंबर पर थी। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल भी 2026 की शुरुआत में 164वें स्थान पर थी, जो अब गिरकर 202वें स्थान पर आ गई है। एनवीडिया नंबर-1, अल्फाबेट दूसरे और एपल तीसरे पर जहां एक तरफ भारतीय कंपनियां रेंकिंग में पीछे हो गई हैं, वहीं ग्लोबल मार्केट्स में दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है। एनवीडिया वर्तमान में 5.33 ट्रिलियन डॉलर (₹513 लाख करोड़) के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है। इसके बाद अल्फाबेट 4.7 ट्रिलियन डॉलर (₹455 लाख करोड़) और एपल 4.3 ट्रिलियन डॉलर (₹416 लाख करोड़) के मार्केट कैप के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन चौथे और पांचवें नंबर पर है। ICICI, SBI और IT सेक्टर की कंपनियों की रैंकिंग भी घटी टॉप 500 में भारत की 15 कंपनियों में सिर्फ 9 बचीं ग्लोबल मार्केट कैप के टॉप 500 की लिस्ट में भारत की कंपनियों की संख्या साल 2025 की शुरुआत में 15 और साल 2026 की शुरुआत में 13 थी, जो अब घटकर केवल 9 रह गई है। घरेलू स्तर पर भी 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा मार्केट कैप वाली लिस्टेड भारतीय कंपनियों का क्लब भी अब छोटा हो गया है। साल की शुरुआत में ऐसी करीब 6 कंपनियां थीं, जो अब घटकर सिर्फ 3 रह गई हैं। 100 बिलियन डॉलर क्लब में सिर्फ तीन कंपनियां बचीं भारतीय बाजार में लगातार गिरावट के कारण देश के दूसरे सबसे बड़े लेंडर ICICI बैंक, सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक SBI और TCS ने यह स्टेटस खो दिया है। अब सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक और भारती एयरटेल है, जिनका मार्केट कैप 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों का असर भारतीय बाजारों में इस गिरावट की शुरुआत 2024 के मीड से शुरू हो गई थी। ज्यादा वैल्युएशन, सुस्त अर्निंग्स, रुपए में कमजोरी और ट्रेड वार की चिंताओं के बीच विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयरों में गिरावट का लंबा दौर शुरू हुआ। इसके बाद अमेरिका-ईरान-इजराइल संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई बाजार पर दबाव बढ़ने का एक मुख्य कारण ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज का रेटिंग घटाना भी रहा। मार्च में UBS, मॉर्गन स्टेनली और नोमुरा ने भारतीय बाजारों पर अपनी रेटिंग घटाई है। जिसके बाद अप्रैल में जेपी मॉर्गन, HSBC और गोल्डमैन सैक्स ने भी भारतीय बाजार की रेटिंग घटाई है। मई के पहले सप्ताह में सीटी बैंक भी इसमें शामिल हो गई। इन सभी रिपोर्ट्स में हाई वैल्युएशन प्रीमियम, तेल के कारण अर्निंग्स रिस्क, कमजोर होता रुपया और हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी व AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर में भारत के सीमित एक्सपोजर को लेकर समान चिंताएं जताई गई हैं। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे बढ़े: 4 दिन पहले ₹3-3 बढ़ाए थे; 15 राज्यों में पेट्रोल ₹100 लीटर पार, डीजल 17 में ₹90 से ऊपर देश में पेट्रोल और डीजल आज 19 मई से औसतन 90 पैसे प्रति लीटर और महंगा हो गया है। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। यानी पांच दिन के भीतर में यह दूसरी बढ़ोतरी है। देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल 100 रुपए लीटर के ऊपर बिक रहा है। वहीं 17 में डीजल का दाम 90 रुपए लीटर से ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…
नौतपा 2026: कब से शुरू हो रहा है नौतपा? जिसमें सूर्य देवता उगलेंगे आग, भीषण गर्मी से बचने के लिए क्या करें?

नौतपा 2026 जानिए क्या करें और क्या नहीं: मई होने का आधा हिस्सा चुकाया गया है और सूर्य देवता के तेरह अभी से पता लग गए हैं। उत्तर भारत समेत कई देशों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। लेकिन असली परीक्षा तो अभी बाकी है। हर साल की तरह इस साल भी 9 सबसे हॉट दिन यानी ‘नौतपा’ आने वाले हैं। इस दौरान सूर्य देव मानो आकाश से उगलते हैं। तो जानिए इस साल नौतपा कब से शुरू हो रहा है, इसके पीछे क्या कारण है और इस भीषण गर्मी से खुद को कितना सुरक्षित रखें। नौतपा 2026 कब से शुरू हो रहा है? ज्योतिष गणना एवं पंचांग के अनुसार, इस वर्ष नौतपा 25 मई 2026, सोमवार से प्रारंभ हो रहा है और 2 जून 2026 तक जारी रहेगा। इतनी गर्मी क्यों है? 25 मई को सूर्य देव दोपहर लगभग 03:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य इस नक्षत्र में कुल 15 दिन तक रहते हैं, लेकिन इसके शुरुआती 9 दिनों में सूर्य का ताप चरम पर होता है। इसी अवधि को ‘नौतपा’ कहा जाता है। वैज्ञानिक कारण: इस समय पृथ्वी सूर्य के अत्यंत निकट और झिलमिलाती है, जिससे सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस कारण तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और गर्म हवाएं यानी ‘हीटवेव’ चलती हैं। धार्मिक और पारंपरिक पद्धतियों के अनुसार, नौतपा में जितनी तेज़ गर्मी होती है और धरती उतनी ही तापती है, धार्मिक और पारंपरिक पद्धतियों में उतनी ही अच्छी होती है और बारिश शानदार होती है। भीषण गर्मी और लू से बचने के अचूक उपाय नौतपा के इन 9 दिनों में सेहत का विशेष महत्व रखना जरूरी है क्योंकि जरा सी इंडस्ट्री डायहाइड्रेशन या हीट स्ट्रोक यानी लू की समस्या का कारण बन सकती है। यहां कुछ बेहद आसान और असरदार उपाय दिए गए हैं: शरीर में पानी की कमी नहीं होती रिजर्व में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीएं, भले ही आपको प्यास न लगी हो। रेस्तरां पानी के अलावा नींबू का पानी, नारियल का पानी, छाछ, लस्सी और आम पना का सेवन करें। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं। खान-पान में बदलाव इन 9 दिनों में भारी, ज्यादा तेल-मसालेदार और तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करें। ऐसा है शरीर का भंडार। अपने आहार में तरबूज़, खरबूजा, खेडा, ककड़ी और संतरा जैसे पानी से लेकर शानदार पेड़-पौधों को शामिल करें। दोपहर के खाने में प्याज का कूसा जरूर देखें। पेज लू से बचने के लिए रामबाण माना जाता है। प्रोडक्ट के चुनाव पर ध्यान बाहरी समय में हमेशा के लिए आलीशान रंग के, बाज़ार-ढाले और सूती यानी सूती कपड़े के कपड़े। गाजर का आटा नहीं सोया और त्वचा की सुंदरता को बढ़ाया जा सकता है। जब भी धूप में निकलें, अपने सिर और चेहरे को सूती कपड़े या गमछे से ढक कर रखें। धूप का चश्मा और छाते का इस्तेमाल जरूर करें। दोपहर की धूप से बचें दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, तो बहुत जरूरी नहीं है कि घर या ऑफिस से बाहर आगमन से। अगर बाहर काम ही करना पड़े, तो बीच-बीच में छांव या अनोखी जगह पर थोड़ा आराम जरूर लें। नौतपा प्रकृति का एक चक्र है, जिसमें चिंता की नहीं बल्कि सावधानी की जरूरत है। खुद को प्रमाणित सामान, घर के बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें और अपने परिवार और अपने आप को सुरक्षित रखें। यह अवश्य पढ़ें: अनुपूरक कैसे चुनें: आप स्वास्थ्य और सौंदर्य प्रसाधन क्या लेते हैं? इन बातों के खास नुस्खे, सेहत को हो सकता है भारी नुकसान! अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)नौतपा 2026(टी)नौतपा 2026(टी)त्वचा देखभाल युक्तियाँ(टी)गर्मियों में त्वचा की देखभाल(टी)निर्जलीकरण(टी)गर्मियों में क्या खाएं(टी)ग्रीष्मकालीन सर्वोत्तम आहार(टी)सन बर्न(टी)त्वचा टैनिंग(टी)गर्मियों के लिए स्वास्थ्य युक्तियाँ
राष्ट्रपति भवन में ‘आखिरी सवाल’ की स्क्रीनिंग:संजय दत्त स्टारर इस फिल्म का निर्देशन अभिजीत मोहन वारंग ने किया है

संजय दत्त स्टारर ‘आखिरी सवाल’ इन दिनों लगातार विवादों में बनी हुई है। यूएई में फिल्म पर कथित प्रतिबंध और भारत में दायर पीआईएल की खबरों के बीच अब इस फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार (17 मई) को राष्ट्रपति भवन में फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई. यह स्क्रीनिंग ऐसे समय में की गई, जब फिल्म अपनी रिलीज़ से जुड़े विवादों के कारण पहले से ही सुर्खियां बटोर रही है।. ‘आखिरी सवाल’ अपनी बेबाक कहानी और ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फ़िल्म 15 मई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई और तब से लेकर अब तक यह दर्शकों और समीक्षकों, दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर फिल्म की स्क्रीनिंग होने से फिल्म को लेकर इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ‘आखिरी सवाल’ को एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म बताया जा रहा है। फिल्म अपने विषय और उससे जुड़े राजनीतिक विमर्श की वजह से पहले ही सुर्खियों में थी। अब राष्ट्रपति भवन में स्क्रीनिंग ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। इस फिल्म का निर्देशन अभिजीत मोहन वारंग ने किया है और इसे उत्कर्ष नैथानी ने लिखा है।
Beauty tips: गर्मी में टैनिंग से हैं परेशान? चेहरे पर घुमा लें ये जादुई टुकड़ा, स्किन की हर प्रॉब्लम होगी छूमंतर!

Last Updated:May 19, 2026, 18:55 IST Beauty tips: ज्यादातर लोग सोचते हैं कि आइस क्यूब सिर्फ ठंडक देने या ड्रिंक में डालने के काम आता है, लेकिन असल में यह स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी टूल है. इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह कई स्किन प्रॉब्लम्स को हल कर सकता है और चेहरे को नेचुरल ग्लो दे सकता है. यह तरीका एक नेचुरल स्पॉट ट्रीटमेंट की तरह काम करता है. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा साफ, चमकदार और ग्लोइंग नजर आए. इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल्स लंबे समय में त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. ऐसे में घरेलू नुस्खे एक सुरक्षित और असरदार विकल्प बनकर सामने आते हैं, जो कम खर्च में बेहतर परिणाम देने में मदद करते हैं.इसी कड़ी में ब्यूटिशियन सुदर्शन सोलंकी एक बेहद आसान और सस्ता नुस्खा बताते हैं, जिसे आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं. यह नुस्खा इतना आसान है कि महज ₹2 में आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो मिल सकता है और नियमित इस्तेमाल से चेहरा साफ और चमकदार नजर आने लगता है. दरअसल, इस नुस्खे में बर्फ यानी आइस क्यूब का इस्तेमाल किया जाता है, जो गर्मियों में लगभग हर घर में आसानी से मिल जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप चाहें तो गुलाब जल और पानी को मिलाकर भी बर्फ जमा सकती हैं, जिससे इसका असर और बेहतर हो जाता है. इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि धूल और गंदगी पूरी तरह हट जाए. इसके बाद एक छोटा बर्फ का टुकड़ा लें और उसे हल्के-हल्के हाथ से पूरे चेहरे पर घुमाएं. करीब 2 से 3 मिनट तक मसाज करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो बर्फ को सीधे लगाने के बजाय कपड़े में लपेटकर इस्तेमाल करें. गर्मियों में इस उपाय को अपनाने से चेहरे को तुरंत ठंडक मिलती है और त्वचा फ्रेश महसूस करती है. इसके साथ ही स्किन के पोर्स टाइट होते हैं, चेहरा स्मूद नजर आता है और एक्स्ट्रा ऑयल कम होने लगता है. नियमित इस्तेमाल करने पर चेहरे पर नेचुरल ग्लो आने लगता है और त्वचा धीरे-धीरे शीशे जैसी चमकदार दिखने लगती है. हालांकि, इस नुस्खे को अपनाते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. बर्फ को ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न रखें और दिन में एक बार ही इसका इस्तेमाल करें. हमेशा साफ चेहरे पर ही इसे लगाएं और मसाज के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे. अगर आप भी बिना ज्यादा खर्च किए ग्लोइंग और हेल्दी स्किन पाना चाहती हैं, तो यह आसान घरेलू उपाय आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. नियमित रूप से अपनाने पर आपकी त्वचा में निखार आएगा और चेहरा नेचुरल तरीके से दमकने लगेगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सत्तू की एनर्जी बॉल्स रेसिपी: गर्मी में जिम लवर्स के लिए नया देसी पनीर आइटम, 5 मिनट में जानें हाई-प्रोटीन सत्तू एनर्जी बाइट्स

19 मई 2026 को 18:39 IST पर अपडेट किया गया सत्तू की एनर्जी बॉल्स रेसिपी: गर्मियों में बारिश के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा और प्रोटीन की जरूरत होती है। इस बार ट्राइकल्स के बजाय सत्तू से बनी यह जादुई रेसिपी। अनुसरण करना : इसे बनाने के लिए आपको सत्तू, थोड़ा सा गुड़ या शहद, चिप्स के चिप्स और बाइंडिंग के साथ-साथ पिसा सा पानी या देसी घी भी मिलना चाहिए। छवि: एआई एक मिक्सिंग बाउल में सत्तू पाउडर लें। इसमें परमाणु केट वाले प्लाज्मा और प्लास्टर डाले जाते हैं। यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला वैट वैटेरियनेशन वैल्यू भी दोगुना कर देगा। छवि: एआई अब इसमें स्वीट स्वीटनर के रूप में गुड़ का पाउडर या हील फ्रूट्स शामिल हैं। बंद करने के लिए आप एक देसी घी या पाउडर सा गुनगुना पानी का उपयोग कर सकते हैं। छवि: एआई सारे मिश्रण को अच्छे तरह हाथों से मैश कर लें। अब इस लैपटॉप के साइज की छोटी-छोटी बॉल्स बनाएं। आपके प्रोटीन बाइट्स तैयार हैं! छवि: एआई सत्तू की तासीर बेहद वांछनीय है। यह गर्मियों में पेट को ठंडा करता है, लू से मापा जाता है और बाद में शरीर के तापमान को तुरंत मापा जाता है। छवि: एआई सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और आहार होता है, जो जिम जाने वालों की मांसपेशियों में मदद करता है और लंबे समय तक पेट को भरा रखता है। छवि: एआई इन एनर्जी बॉल्स को आप एक बार देखने के लिए सप्ताह भर तक स्टोर कर सकते हैं। इसे प्री-वर्क्स आउट-बास्ट या पोस्ट-वर्क्स आउट-टू-मील के रूप में कैरी करना भी बेहद आसान है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 19 मई 2026, 18:39 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू एनर्जी बॉल्स रेसिपी(टी)सत्तू प्रोटीन बाइट्स कैसे बनाएं(टी)जिम के लिए हाई प्रोटीन देसी स्नैक(टी)5 मिनट का सत्तू एनर्जी बाइट्स(टी)समर फिटनेस डाइट इंडियंस(टी)घर का बना प्री वर्कआउट स्नैक(टी)गर्मियों में सत्तू के फायदे(टी)इंस्टेंट एनर्जी बॉल्स रेसिपी(टी)वजन घटाने के लिए स्वस्थ सत्तू लड्डू(टी)पौधे आधारित प्रोटीन स्नैक्स
ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार रात युवक और उसकी महिला मित्र बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बीजीपुर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद युवक को सड़क पर घसीटकर डंडों से पीटा गया। युवती अपने दोस्त को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इसके बावजूद हमलावर दोनों के पैरों पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देखिए घटना के 3 विजुअल्स…
ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार रात युवक और उसकी महिला मित्र बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बीजीपुर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद युवक को सड़क पर घसीटकर डंडों से पीटा गया। युवती अपने दोस्त को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इसके बावजूद हमलावर दोनों के पैरों पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देखिए घटना के 3 विजुअल्स… 6 लोग हिरासत में, पुरानी रंजिश का मामला पुलिस ने मामले में अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना रात करीब 9:30 बजे गिरी रोड के व्यस्त इलाके में हुई। पीड़ित युवक का नाम उमेश राठ है। शुरुआती जांच में घटना के पीछे दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और गैंगवार का एंगल सामने आया है। नवीन पटनायक बोले- राज्य में गुंडाराज मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्ष के नेता और पूर्व CM नवीन पटनायक ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घटना को अमानवीय बताया। नवीन पटनायक ने कहा- ओडिशा में गुंडाराज और अराजकता का माहौल है। अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में महिला की मौत-VIDEO:हाथियों को नहाते देख रही थी, नीचे दबी कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) जिले के डुबारे एलीफेंट कैंप में सोमवार को दो हाथियों की लड़ाई के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। एक हाथी धक्का लगने से बैलेंस खो बैठा और महिला के ऊपर गिर गया। इससे महिला की दबकर मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…







