भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें

एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। उन्होंने समाज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय समाज शादी के बाद बेटियों को उनके हाल पर छोड़ देता है। सोशल मीडिया पर दी करियर बनाने की सलाह कंगना रनोट ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि हर दिन शादीशुदा युवा महिलाओं से संबंधित दुखद खबरें सामने आ रही हैं। कई शिक्षित महिलाएं इस दम घोंटू माहौल से निकलने के लिए अपने माता-पिता से मदद मांगती हैं, लेकिन हमारा समाज शादी के बाद बेटियों का साथ छोड़ देता है। कंगना ने कहा कि सोशल मीडिया या शादी-मेकअप इंडस्ट्री महिलाओं को यह बात नहीं सिखाएगी, लेकिन आपका करियर आपकी लाइफ में सबसे ज्यादा जरूरी है। खुद की हीरो खुद बनें महिलाएं अपनी पोस्ट में कंगना ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने लिखा कि जब आप पूरी तरह से स्वतंत्र हो जाएं, तभी शादी के बारे में सोचें। आपको खुद अपनी हीरो बनना होगा क्योंकि कोई भी आपको बचाने नहीं आएगा। आप लाइफ में क्या करती हैं और क्या हैं, यह इस बात से ज्यादा जरूरी है कि आपने किससे शादी की है। अपनी मर्जी से अपनी लाइफ बनाएं और किसी की फालतू बातों पर ध्यान न दें। भोपाल सुसाइड केस के बाद बयान आया कंगना का यह बयान भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में हुए एक सुसाइड केस के बाद आया है। 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने 11 और 12 मई की दरमियानी रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मायके पक्ष ने ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। दोनों के खिलाफ 15 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इसी को आधार बनाकर मायके पक्ष लगातार जांच पर सवाल उठा रहा है। ये खबर भी पढ़ें भोपाल में रिटायर्ड जज की प्रेग्नेंट बहू ने लगाई फांसी:आखिरी कॉल मेजर भाई को, बोली- अब बर्दाश्त नहीं होता, मुझे ले चलिए भैया भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रिटायर्ड महिला जज की प्रेग्नेंट बहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के हाथ और कान पर चोट के नीले निशान हैं। पूरी खबर पढ़ें
भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें

एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। उन्होंने समाज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय समाज शादी के बाद बेटियों को उनके हाल पर छोड़ देता है। सोशल मीडिया पर दी करियर बनाने की सलाह कंगना रनोट ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि हर दिन शादीशुदा युवा महिलाओं से संबंधित दुखद खबरें सामने आ रही हैं। कई शिक्षित महिलाएं इस दम घोंटू माहौल से निकलने के लिए अपने माता-पिता से मदद मांगती हैं, लेकिन हमारा समाज शादी के बाद बेटियों का साथ छोड़ देता है। कंगना ने कहा कि सोशल मीडिया या शादी-मेकअप इंडस्ट्री महिलाओं को यह बात नहीं सिखाएगी, लेकिन आपका करियर आपकी लाइफ में सबसे ज्यादा जरूरी है। खुद की हीरो खुद बनें महिलाएं अपनी पोस्ट में कंगना ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने लिखा कि जब आप पूरी तरह से स्वतंत्र हो जाएं, तभी शादी के बारे में सोचें। आपको खुद अपनी हीरो बनना होगा क्योंकि कोई भी आपको बचाने नहीं आएगा। आप लाइफ में क्या करती हैं और क्या हैं, यह इस बात से ज्यादा जरूरी है कि आपने किससे शादी की है। अपनी मर्जी से अपनी लाइफ बनाएं और किसी की फालतू बातों पर ध्यान न दें। भोपाल सुसाइड केस के बाद बयान आया कंगना का यह बयान भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में हुए एक सुसाइड केस के बाद आया है। 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने 11 और 12 मई की दरमियानी रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मायके पक्ष ने ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। दोनों के खिलाफ 15 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इसी को आधार बनाकर मायके पक्ष लगातार जांच पर सवाल उठा रहा है। ये खबर भी पढ़ें भोपाल में रिटायर्ड जज की प्रेग्नेंट बहू ने लगाई फांसी:आखिरी कॉल मेजर भाई को, बोली- अब बर्दाश्त नहीं होता, मुझे ले चलिए भैया भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रिटायर्ड महिला जज की प्रेग्नेंट बहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के हाथ और कान पर चोट के नीले निशान हैं। पूरी खबर पढ़ें
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए, और उन्हें देश से बाहर भगाया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है।
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को मत लाओ, वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए। वे अपराधी होते हैं, उन्हें देश में न आने दिया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय मजदूरों पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग जब भारत और ताइवान के बीच भारतीय मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था, तब भी ताइवान में इसे लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों ने डर जताया था कि भारतीय मजदूरों के आने से अपराध बढ़ सकते हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ताइवान पीपुल्स पार्टी के नेता को वेन-जे ने भी कहा था कि भारत से आने वाले मजदूरों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि “भाग जाने वाले विदेशी मजदूर” पहले से ही ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुके हैं। दरअसल ताइवान फ्यूजिटिव वर्कर्स की समस्या से जूझ रहा है। इसमें प्रवासी मजदूर कानूनी तौर पर किसी कंपनी या काम के लिए ताइवान आते हैं, लेकिन बाद में अपना तय काम छोड़कर गायब हो जाते हैं। फिर वे बिना अनुमति के दूसरी जगह काम करने लगते हैं या अवैध रूप से रहने लगते हैं। ताइवान के कई नेता इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। इस बहस के दौरान एक और विवाद तब हुआ जब उस समय की ताइवान की श्रम मंत्री हसू मिंग-चुन ने कहा कि शुरुआत में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों से मजदूर भर्ती किए जा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि वहां के लोगों की स्किन कलर, खानपान और धार्मिक आदतें ताइवान के लोगों से ज्यादा मिलती-जुलती हैं। उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई और लोगों ने इसे नस्लवादी और भेदभावपूर्ण बताया। विवाद बढ़ने के बाद ताइवान के विदेश मंत्रालय को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी।
पेप्सिको 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी:मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में नए प्लांट लगेंगे; फूड-स्नैक्स बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस

फूड और बेवरेजेस सेक्टर की दिग्गज ग्लोबल कंपनी पेप्सिको साल 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने फूड्स बिजनेस की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए करेगी। यह जानकारी पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ (CEO) जागृत कोटेचा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दी। पेप्सिको के लिए भारत दुनिया के टॉप 13 मार्केट्स में शामिल है, जिसके चलते कंपनी यहां लगातार अपने कदम बढ़ा रही है। मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में प्लांट लगेंगे सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया कि साल 2025 से 2030 के बीच निवेश की जाने वाली यह ₹5,700 करोड़ की रकम मुख्य रूप से देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में लगाई जाएगी। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश में बन रहे कंसंट्रेट्स प्लांट और असम व तमिलनाडु में स्थापित होने वाले स्नैक्स प्लांट्स पर खर्च किया जा रहा है। अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएंगे दो बड़े प्लांट कंपनी के विस्तार की योजनाएं बहुत तेजी से जमीन पर उतर रही हैं। सीईओ कोटेचा के मुताबिक, इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स अगले कुछ महीनों में ही लाइव (शुरू) होने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश का कंसंट्रेट्स प्लांट और पूर्वोत्तर के राज्य असम का प्लांट अगले कुछ महीनों में पूरी तरह से कामकाज शुरू कर देगा। इसके अलावा, कंपनी ने दक्षिण भारत में भी स्नैक्स बिजनेस का एक बड़ा फुटप्रिंट तैयार करने की तैयारी कर ली है। साउथ इंडिया में स्नैक्स का बड़ा मार्केट बनाएगी पेप्सिको ने दक्षिण भारत के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए तमिलनाडु में कदम आगे बढ़ाए हैं। कोटेचा ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में तमिलनाडु में जमीन की खरीदारी पूरी की है। इस जमीन पर एक बड़ा स्नैक्स प्लांट लगाया जाएगा, जो कंपनी को दक्षिण भारत के बाजार में अपना दायरा बड़े स्तर पर फैलाने में मदद करेगा। भारत को क्यों चुना: बढ़ती इनकम और राजनीतिक स्थिरता भारत में निवेश के कारणों को स्पष्ट करते हुए जागृत कोटेचा ने कहा कि पेप्सिको भारत को असीम संभावनाओं वाले एक मजबूत बाजार के रूप में देखती है, क्योंकि यहां अभी भी ग्रोथ के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने इसके लिए देश में लोगों की लगातार बढ़ रही इनकम (आय) और भारत की राजनीतिक व आर्थिक स्थिरता को सबसे बड़ी वजह बताया। एक स्थिर देश होने के कारण यहां विदेशी निवेश का रास्ता बहुत आसान हो जाता है। कंपनी को लगातार दूसरे साल मिली डबल डिजिट ग्रोथ साल 2025 में कंपनी के प्रदर्शन पर बात करते हुए सीईओ ने कहा कि लगातार दूसरे साल पेप्सिको ने भारतीय बाजार में मजबूत डबल डिजिट (दहाई अंक) ग्रोथ हासिल की है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुए 12 महीनों के आंकड़ों के अनुसार, पेप्सिको इंडिया ने ₹9,789 करोड़ के कुल रेवेन्यू के साथ ₹905 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। फूड सेगमेंट 11% बढ़ा, लेकिन बेवरेजेस में चुनौतियों पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ (CFO) सविता बालचंद्रन ने वित्तीय नतीजों पर अधिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साल 2025 के दौरान कंपनी के बिजनेस में फूड सेगमेंट का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और इसने करीब 11% की बेहद मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, दूसरी तरफ बेवरेजेस सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीएफओ बालचंद्रन ने कहा कि खराब मौसम के कारण पेय पदार्थों के बाजार में कुछ सुस्ती का असर देखा गया। इसके साथ ही इस दौरान बाजार में कॉम्पिटिशन भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि कंपनी के दोनों ही सेग्मेंट्स ने कुल मिलाकर काफी मजबूत और बेहतर प्रदर्शन किया। बैलेंस शीट मजबूत, लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर फोकस कंपनी ने साल 2025 के इसी मजबूत मोमेंटम के साथ नए साल 2026 में प्रवेश किया है। सीएफओ सविता बालचंद्रन के अनुसार, वर्तमान में कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत और हेल्दी नजर आ रही है। पेप्सिको के बुक्स पर इस समय ₹1,600 करोड़ से ज्यादा का भारी कैश मौजूद है। भविष्य की योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन को पूरी तरह से बनाए रखेगी, ताकि ग्रोथ की क्वालिटी और इसकी रफ्तार पर कोई असर न पड़े। कंपनी का पूरा ध्यान अब लॉन्ग-टर्म के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार इन्वेस्टमेंट करने पर फोकस रहेगा। क्या होता है कंसंट्रेट्स प्लांट? कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य बेवरेजेस बनाने के लिए सबसे पहले एक खास मुख्य लिक्विड फॉर्मूला तैयार किया जाता है, जिसे ‘कंसंट्रेट’ कहते हैं। कंसंट्रेट प्लांट में इसी मुख्य फॉर्मूले को पूरी शुद्धता और सीक्रेट रेसिपी के साथ बनाया जाता है। बाद में इसे देश के अलग-अलग बॉटलिंग प्लांट्स में भेजा जाता है, जहां इसमें पानी, चीनी और गैस (सोडा) मिलाकर फाइनल ड्रिंक तैयार की जाती है। क्या होता है बैलेंस शीट में कैश ऑन बुक्स? इसका सीधा मतलब होता है कि किसी कंपनी के पास वर्तमान में बैंक खातों या लिक्विड फंड्स के रूप में कितनी नकदी (कैश) तुरंत उपलब्ध है। जिस कंपनी के पास जितना ज्यादा कैश ऑन बुक्स होता है, उसकी वित्तीय स्थिति उतनी ही मजबूत मानी जाती है क्योंकि वह बिना किसी कर्ज के नए प्रोजेक्ट्स में तुरंत पैसा लगा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… वोडाफोन-आइडिया का शेयर 6% चढ़ा: SBI से ₹35,000 करोड़ के कर्ज की खबर से तेजी आई, 3-साल में ₹45,000 करोड़ का निवेश करेगी वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयर 19 मई (मंगलवार) को कारोबार के दौरान 6% तक बढ़ गए। मार्केट क्लोजिंग पर कंपनी का शेयर 4.59% की तेजी के साथ 13.45 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के CEO अभिजीत किशोर ने बताया कि वे 35,000 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए SBI के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम (समूह) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस वजह से ही कंपनी के शेयर में यह तेजी आई है। पूरी खबर पढ़ें…
भाजपा मोदी सरकार के ’12 साल, 12 उपलब्धियों’ के रिपोर्ट कार्ड के साथ मेगा राष्ट्रीय आउटरीच अभियान शुरू करेगी | भारत समाचार

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 17:39 IST प्रशासन के शासन रिकॉर्ड को सीधे नागरिकों तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया, महीने भर चलने वाला आउटरीच अभियान 9 जून से 9 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। भाजपा नेतृत्व इस मील के पत्थर को केवल एक उत्सव के अवसर के रूप में नहीं बल्कि संरचनात्मक सार्वजनिक संवाद और सार्वजनिक जुड़ाव बनाने के अवसर के रूप में देखता है। प्रतीकात्मक छवि जैसे ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे करने जा रही है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी उपलब्धियों का एक अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। प्रशासन के शासन रिकॉर्ड को सीधे नागरिकों तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया एक महीने का आउटरीच अभियान 9 जून से 9 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जो “12 साल, शीर्ष 12 उपलब्धियों” पर केंद्रित होगा। इस व्यापक सार्वजनिक पहुंच अभ्यास की तैयारी में, रणनीति को सुव्यवस्थित करने और सरकार और पार्टी संगठन के बीच निर्बाध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों से विस्तृत प्रदर्शन रिपोर्ट का अनुरोध किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 मई को मंत्रिपरिषद की बैठक भी बुलाई है. भाजपा नेतृत्व इस मील के पत्थर को केवल एक उत्सव के अवसर के रूप में नहीं बल्कि संरचनात्मक सार्वजनिक संवाद और सार्वजनिक जुड़ाव बनाने के अवसर के रूप में देखता है। पूरे एक महीने तक, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं सहित पार्टी कैडरों की एक सेना मोदी सरकार के 12 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिए मैदान में उतरेगी। भाजपा के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, इस आउटरीच का मूल मोदी सरकार की उपलब्धि के 12 प्रमुख स्तंभों के आसपास बनाया जाएगा। 1. नक्सल मुक्त भारत: सुरक्षा और विकास मॉडल के माध्यम से निर्णायक नक्सली उन्मूलन। 2. ऑपरेशन सिन्दूर और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस: सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट से लेकर नई सैन्य रणनीतियों और नए सिद्धांत विकसित करने तक। 3. जीएसटी से जीएसटी सुधार 2.0 तक: आर्थिक एकीकरण एवं कर संरचना का सरलीकरण। 4. वक्फ संशोधन एवं प्रमुख सुधारात्मक निर्णय: पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम. 5. विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: वैश्विक संकटों के बीच आर्थिक लचीलापन। 6. आत्मनिर्भर भारत और रक्षा स्वदेशीकरण: पीएलआई योजनाएं, तेजस, ब्रह्मोस, आकाश और घरेलू विनिर्माण। 7. बुनियादी ढांचा क्रांति: भारतमाला, सागरमाला, राजमार्ग, बुलेट ट्रेन और आधुनिक हवाई अड्डे। 8. डिजिटल इंडिया: डिजिटल सेवाओं और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार। 9. गरीबों के लिए कल्याण योजनाएं: आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन। 10. राष्ट्रीय एकता: अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण। 11. सांस्कृतिक पुनर्जागरण: अयोध्या राम मंदिर और राष्ट्रीय सांस्कृतिक अस्मिता को नई ताकत। 12. निर्णायक नेतृत्व की निरंतरता: स्वच्छ भारत, कोविड प्रबंधन, दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान और मजबूत प्रशासनिक निर्णय। 9 जून को शुरू होने वाले अभियान के साथ, भाजपा में कई लोगों का कहना है कि महीने भर चलने वाली यह पहल नियमित प्रदर्शन समीक्षा और प्रचार अभियान से कहीं आगे तक फैली हुई है। भारतीय राजनीति की वास्तुकला में, सरकार का रिपोर्ट कार्ड नियमित रूप से भविष्य की चुनावी लड़ाई के लिए मूलभूत कथा के रूप में कार्य करता है। इस व्यापक सार्वजनिक पहुंच को व्यापक रूप से अपनी राजनीतिक पूंजी को मजबूत करने और 2027 के महत्वपूर्ण चुनावी चक्र से पहले कथा को आकार देने के लिए भाजपा के रणनीतिक शुरुआती कदम के रूप में देखा जाता है, जिसमें 7 राज्यों में चुनाव होने हैं, जिससे यह तय करना मतदाताओं पर छोड़ दिया जाता है कि क्या यह पहल एक वास्तविक प्रशासनिक संवाद है या अगले प्रमुख राजनीतिक टकराव की शुरुआती स्क्रिप्ट है। ”हमारे सभी केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए विभिन्न प्रारूपों का उपयोग करते हुए एक राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान में भाग लेंगे। इस अभियान में मंत्रियों द्वारा राष्ट्रव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस, घर-घर पहुंच, सार्वजनिक चौपाल और सम्मेलन शामिल होंगे, जिसमें विकसित भारत संकल्प सभाओं के माध्यम से पहली बार और जेन जेड मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय के प्रदर्शन पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी। कार्यक्रमों की तैयारी में शामिल एक शीर्ष भाजपा नेता ने कहा, “इसके अलावा, अभियान देश भर के नागरिकों के लिए पार्टी के हालिया चुनावी उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करेगा, जिसमें पश्चिम बंगाल में जीत और बिहार में भाजपा के पहले स्वतंत्र मुख्यमंत्री की स्थापना शामिल है।” यह मेगा-अभियान स्थायी चुनाव तैयारी की स्थिति में रहने के भाजपा के ट्रेडमार्क दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्रियों से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक सभी की भागीदारी को अनिवार्य करके, नेतृत्व एक मील के पत्थर की सालगिरह को एक गहन सार्वजनिक ऑडिट में बदल रहा है। स्थानीयकृत मंत्रालय प्रदर्शन पुस्तिकाओं का वितरण, उच्च-दृश्यता चौपालों के साथ मिलकर, यह सुनिश्चित करता है कि एक विकसित भारत की कथा सीधे पार्टी की फील्ड मशीनरी से जुड़ी रहे, जिससे संगठनात्मक रैंक और फाइल को अगले प्रमुख राजनीतिक चक्र से पहले गहराई से प्रेरित किया जा सके। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया भाजपा मोदी सरकार के ’12 साल, 12 उपलब्धियों’ के रिपोर्ट कार्ड के साथ मेगा राष्ट्रीय आउटरीच अभियान शुरू करेगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक 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भरवा चिचिंडा रेसिपी: घर में ऐसे खास चटपटी भरवां चिचिंडा की सब्जी, अंगलियां चाट-चाट खाएंगे; विधि नोट करें

सामग्री: 5 चिचिंडा, 2 बड़ा बेसन, 1 बड़ा चम्मच अदरक, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच अदरक पाउडर, 1 बड़ा चम्मच नमक, 2 छोटा चम्मच तेल, चुटकीभर हींग छवि: एआई बनाने की आसान विधि: सबसे पहले चिचिंडा को अच्छी तरह धो लें और छीन लें। अब उदाहरण 2-3 इंच के दबाव में काट लें और बीच में चीरा लगाकर अंदर का हिस्सा थोड़ा खाली कर दें। छवि: फ्रीपिक अब एक पैन में बेसन को अंधेरा होने तक भून लें। इसके बाद इन्फ़, धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च, अमचूर और नमक का घटक अच्छा सौ तरह मिला लें। यह मसाला स्टफिंग के लिए तैयार होगा। छवि: फ्रीपिक अब इस सार को चिचिंडा के अंदर भर दें। इसके बाद मसाले में तेल गरम कर लीजिए और इसमें हींग डाल दीजिए. अब स्टफ किए गए चिचिंडा को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे के टुकड़ों में पकाया जाता है और टुकड़ों में पकाया जाता है। छवि: एआई बीच-बीच में पलटते रहें ताकि हर तरफ से अच्छे से पक जाएं। करीब 15-20 मिनट में भरवां चिचिंडा नरभ और प्रभाव क्रिस्प हो जाएगा। गरमा-गरम भरवां चिचिंडा की सब्जी को रोटी, परांठे या दाल-चावल के साथ सर्व करें। छवि: एआई ऊपर से छोटी हरी धनिया का स्वाद और भी बढ़ेगा। इसमें चटपटी और पिज्जा शामिल है। इसके अलावा यह हल्की और आसानी से पचने वाली रेसिपी है। छवि: एआई समुद्रतट में शरीर को कपड़े की दुकान में आराम मिलता है। इसे कम तेल में भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद है एक वाली यूनिक डिश। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)भरवां चिचिंडा रेसिपी(टी)भरवा चिचिंडा रेसिपी(टी)स्नेक लौकी रेसिपी(टी)स्नेक लौकी(टी)भरवां चिचिंडा रेसिपी(टी)भारतीय रेसिपी
गंदे गैस बर्नर की सफाई: मुफ़्त में बनाएं इस गैस से चमकाने वाली गैस का बर्नर, दूर से चमकेगी रसोई; बचेंगे सर्विस डिलिवरी के पैसे

19 मई 2026 को 16:37 IST पर अपडेट किया गया गैस बर्नर क्लीनिंग टिप्स: रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला गैस बर्नर कुछ ही दिनों में काला और जैम लगता है। तेल, साबुत अनाज और कूड़ा-करकट की वजह से इसकी लौ भी खराब हो जाती है। ऐसे में लोग बर्नर साफ-सफाई के लिए पैसा खर्च करते हैं, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है। मौजूद है सिर्फ एक आसान चीज से आप गैस बर्नर को नया जैसा घर पर चमका सकते हैं। यह तरीका बेहद सस्ता, आसान और प्रभावशाली है। अनुसरण करना : बर्नर साफ करने के लिए: 1 कटोरी गरम पानी और 1 बड़ा मसाला का रस छवि: एआई सबसे पहले गैस बर्नर को स्टोव से हटा लें। अब एक पोएट्री में गर्म पानी लें और मिश्रण का रस मिला। इसके बाद बर्नर को इस नाक में 20-25 मिनट तक डब्बेकर छोड़ दें। छवि: फ्रीपिक जब मोटा नर हो जाए, तब पुराना टूथब्रश या पॉटर की मदद से पतले हाथों से राँगें। कुछ ही मिनटों में जमा कालापन और लन्हाई साफ होना हॉस्टल। आख़िर में साफ़ पानी से धोकर ग़रीब शायरी से पुतले लें। छवि: एआई प्रयोगशाला में मौजूद प्राकृतिक एसिड जमी हुई धूल और गंदगी को आसानी से ऊपर उठाया जा सकता है। इससे बर्नर के छोटे-छोटे छेद भी साफ हो जाते हैं और गैस की लौ पहले जैसी तेज जलने लगती है। छवि: फ्रीपिक बर्नर नई चमक जैसी जगह। गैस की लौ तेज और बराबर होगी। रसोई साफ और चमकदार। सेवा समाप्ति के पैसे बचेंगे। बताएं कि यह कौन सी दवा है जो पूरी तरह से घरेलू और रसायन मुक्त है। छवि: फ्रीपिक अगर आप भी बिना ज्यादा मेहनत और खर्च के गैस बर्नर चमकाना चाहते हैं तो ये आसान घरेलू उपाय जरूर अपनाएं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 19 मई 2026 16:37 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)गैस बर्नर सफाई टिप्स(टी)गैस बर्नर(टी)गैस बर्नर सफाई(टी)गंदा गैस बर्नर(टी)चिपचिपा गैस बर्नर(टी)रसोई सफाई टिप्स
अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान:बुमराह-जडेजा को आराम; वनडे में ईशान की वापसी, सुथार, बरार और हर्ष को पहली बार मौका

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। मंगलवार को टेस्ट टीम से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है। मानव सुथार, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की वनडे टीम में वापसी हुई है। अफगानिस्तान की टीम 6 जून से भारत दौरे पर आएगी, जहां दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट और 3 वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। वनडे मैच धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में 14, 17 और 20 जून को होंगे। बुमराह और जडेजा को टेस्ट से आराम वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को टेस्ट टीम से आराम दिया गया है। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल विकेटकीपर चुने गए हैं। देवदत्त पडिक्कल की नंबर-3 पर वापसी हुई है। उनके साथ साई सुदर्शन भी हैं। पडिक्कल दो टेस्ट खेल चुके हैं। उन्होंने आखिरी टेस्ट 2024 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। ईशान की 3 साल बाद वनडे टीम में वापसी विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की 3 साल बाद भारतीय वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे मुकाबला 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेला था। ईशान ने भारत के लिए अब तक 27 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 42.40 की औसत और 102.19 के स्ट्राइक रेट से 933 रन बनाए हैं। ईशान के नाम वनडे में एक दोहरा शतक और 7 अर्धशतक भी दर्ज हैं। भारतीय टेस्ट टीम शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल। भारतीय वनडे टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रियांश यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।
भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें, आ गई आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी, क्या खाएं, क्या पीएं?

Last Updated:May 19, 2026, 15:58 IST भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है. इस दौरान आयुष ने आयुर्वेद सहित कई चिकित्सा पद्धतियों में दिए गए उपायों के बारे में जानकारी दी है. इस दौरान हल्के कपड़े, शीतल पेय, मौसमी फल खाने की सलाह, संवेदनशील समूहों पर खास ध्यान, हीटस्ट्रोक पर 108/102 कॉल करने की सलाह दी है. हीटवेव को लेकर आयुष मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी. कैसे करें बचाव. Ayush Advisory on Heat: झुलसाते मौसम का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. भीषण गर्मी और लू से शरीरों का पानी सुखा रही है. इससे लोगों में कई मौसम संबंधी गभीर बीमारियां भी हो रही हैं. हालांकि इसे लेकर अब आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी आ गई है. जिसमें इस मौसम में खुद को बचाने के लिए अलग-अलग पद्धतियों में दी गई सलाह लोगों को दी गई है. इस एडवाइजरी में आम लोगों से लेकर संवेदनशील समूहों, कंपनियों, मजदूरों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों या खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले लोगों के लिए गर्मी से होने वाले तनाव और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सिफारिशें की गई हैं. लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय में सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा मौसमी फलों और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है. इन लोगों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत परामर्श में यह भी बताया गया है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व्यक्ति, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति लू की स्थिति में विशेष रूप से अधिक संवेदनशील होते हैं तथा उन्हें अतिरिक्त देखभाल एवं निगरानी की आवश्यकता होती है. ये हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्यधिक तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पडना-बेहोशी ये है आपातकालीन हेल्पलाइन हीटस्ट्रोक एक चिकित्सा इमरजेंसी है. इसके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है. अगर आपको ऐसा कोई गंभीर मामला दिखाई दे तो तुरंत 108/102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं. सभी पद्धतियों में ये हैं बचाव के उपाय आयुर्वेद विभाग की मानें तो इस मौसम में शीतल आहार लेना जरूरी है. इस दौरान मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेय जैसे शरीर को तरलता प्रदान करते हैं. इसके अलावा निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका सहित पारंपरिक चीजें भी उपयोग करने की सलाह दी जाती है. ताकि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित करने में सहायता मिले. सिद्ध और योग पद्धति में ठंडक देने वाले पेय और प्राणायामों की सलाह दी गई है. इनमें शीतली प्राणायाम और हल्के योग अभ्यासों को अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर में संतुलित बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके. यूनानी पद्धति धूप से झुलसने और डीहाईड्रेशन को रोकने के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह देती है, जबकि होम्योपैथी अत्यधिक भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय करने की सिफारिश करती है. ये चीजें अपने आहार में शामिल करें लोगों को गर्मी के मौसम में अपने दैनिक आहार में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसी हाइड्रेटिंग और शीतलता देने वाले पारंपरिक खाद्य सामग्रियों को शामिल करने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अनुमानों पर नियमित रूप से ध्यान देने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi







