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पंजाबी सिंगर की हत्या, लाश नहर में मिली:लुधियाना से गनपॉइंट पर किडनैप किया; आरोपी जबरन शादी करना चाहता था

पंजाबी सिंगर की हत्या, लाश नहर में मिली:लुधियाना से गनपॉइंट पर किडनैप किया; आरोपी जबरन शादी करना चाहता था

लुधियाना में पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर (29) की हत्या कर दी गई। आज सुबह 11 बजे उनका शव नीलो नहर में मिला। इंदर को 6 दिन पहले गन गनपॉइंट पर किडनैप किया गया, जिसके बाद से परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ था। परिवार ने कहा कि मोगा का रहने वाला व्यक्ति जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था। मना करने पर उसने किडनैप कर लिया था। फिर हत्या करने के बाद वह कनाडा भाग है। वह हत्या करने के लिए ही कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया था, फिर इसी रास्ते वापस भाग गया। तीन साल पहले दोनों की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी, लेकिन जैसे ही इंदर को पता चला कि आरोपी शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं, तो उसने शादी करने से मना कर दिया था, इसी बात से आरोपी खुन्नस रखने लगा था। फिलहाल पुलिस ने मृतका के शव को नहर से बाहर निकलवा लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए समराला के सिविल अस्पताल में भेज दिया है। इंदर के माता-पिता और दो भाई कोरिया में रहते हैं। जबकि उसका एक भाई लुधियाना के जमालपुर में रहता है। बाजार से घर का राशन-पानी लेने गई थी सिंगर के भाई जोतइंदर सिंह ने कहा कि, इंदर कौर 13 मई को रात करीब साढ़े 6 बजे अपनी सफेद रंग की फोर्ड फिगो कार लेकर बाजार से घर का राशन-पानी (ग्रॉसरी) लेने निकली थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी। जब लड़की वापस नहीं आई, तो परिवार वालों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। छानबीन के दौरान उन्हें पता चला कि यशइंदर की दोस्ती सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा नाम के एक व्यक्ति से थी, जो मूल रूप से मोगा का रहने वाला है, लेकिन अभी अपने परिवार के साथ कनाडा में रहता है। 13 मई की रात को सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा, उसके पिता प्रीतम सिंह, उसके दोस्त करमजीत सिंह और कुछ अन्य अज्ञात साथियों ने मिलकर यशइंदर कौर को गन-पॉइंट पर जान से मारने की नीयत से अगवा कर लिया। कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया आरोपी भाई ने कहा कि सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा, यशइंदर कौर पर जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था और इस काम में सुक्खा के पिता प्रीतम सिंह भी उसका साथ दे रहे थे। दूसरी तरफ, यशइंदर को पता चल चुका था कि सुखविंदर पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं, इसलिए वह इस शादी के लिए साफ मना कर रही थी। उन्होंने कहा कि इसी बात का बदला लेने के लिए उसका अपहरण किया गया। आरोपी कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया था। मोगा से वह दो टैक्सियां किराए पर लेकर आया। यहां आकर उसने उसकी बहन को गन पॉइंट पर किडनैप किया। इसके बाद आरोपी सुखविंदर सिंह ने नहर के किनारे बहन की हत्या की और उसके बाद फिर से नेपाल के रास्ते कनाडा भाग गया है। 5 साल पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी पांच साल पहले इंदर कौर ने सिंगिंग छोड़ दी थी और अब बुटीक व मेकअप आर्टिस्ट का काम कर रही थी। बहन और आरोपी सुखविंदर की इंस्टाग्राम पर पिछले 5 साल से दोस्ती थी। वो घर आता जाता रहता था। उसका कनाडा में कंस्ट्रक्शन का काम था। मेरी भी उससे बातचीत होती रहती थी। जब पता चला कि वो शादीशुदा है, तो फिर बहन ने शादी से इनकार कर दिया। 13 मई को आखिरी बार 10 बजे रात को इंदर कौर से बात हुई। उसने कहा कि मैं घर आ रही हूं। उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। उसके बाद नहीं पता कि क्या हो गया। इंदर के जन्मदिन पर भी आया था आरोपी रिश्तेदार और पूर्व पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने बताया कि सुखविंदर और इंदर की दोस्ती करीब 5-6 साल पुरानी थी। 13 जनवरी को इंदर के जन्मदिन पर भी सुखविंदर आया था। मार्च में उसने इंदर से शादी करने का वादा किया था, लेकिन बाद में कहने लगा कि कुछ समय बाद शादी करेंगे। बाद में परिवार को पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। उन्होंने बताया कि सुखविंदर कनाडा के कैलगरी में रहता है और वहां का PR होल्डर है। उसकी उम्र 37 साल है। दोनों की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। जसपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सुखविंदर ने ही इंदर की हत्या की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार और शव दोनों बरामद कर लिए हैं, जबकि दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। किडनैपिंग वाली बात नहीं है। सुखविंदर ने कहा कि वो विदेश जा रहा है, तो इंदर उसे अपनी कार से छोड़ने जा रही थी। रास्ते में दोनों में क्या हुआ पता नहीं और उसने उसकी हत्या कर दी। मामले की जांच कर रही पुलिस थाना जमालपुर के एसएचओ बलबीर सिंह ने कहा कि नीलो नहर में से लाश मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त के लिए परिवार को बुलाया गया। जिसके बाद उसकी पहचान की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नहाने से पहले बालों में लगा लीजिए यह देसी चीज, शैम्पू की नहीं पड़ेगी जरूरत, हेयरफॉल से मिलेगी राहत

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Last Updated:May 19, 2026, 12:55 IST Curd Remedy for Hair: दही को बालों में लगाने से स्कैल्प को पोषण मिल सकता है और बाल मुलायम व चमकदार बन सकते हैं. यह घरेलू उपाय हेयरफॉल कम करने और केमिकल वाले शैम्पू के इस्तेमाल को घटाने में मदद कर सकता है. अगर आपको बालों से जुड़ी ज्यादा समस्या है, तो डॉक्टर से मिलकर जांच कराना जरूरी है. बालों में दही लगाने से कई समस्याएं कम हो सकती हैं. Natural Hair Care Tips: बालों से जुड़ी समस्याएं आजकल तेजी से बढ़ रही हैं. बदलती लाइफस्टाइल, धूल-मिट्टी, प्रदूषण, गलत खानपान और केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स की वजह से कई लोग कमजोर और टूटते बालों से परेशान रहते हैं. ऐसे में लोग महंगे शैम्पू और हेयर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इनका असर ज्यादा समय तक नहीं टिकता. अगर आप बालों को प्राकृतिक तरीके से मजबूत और साफ रखना चाहते हैं, तो दही एक बेहतरीन देसी उपाय माना जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार नहाने से पहले बालों में दही लगाने से स्कैल्प को पोषण मिल सकता है और कई लोगों को हेयरफॉल में राहत मिल सकती है. यूपी के हाथरस स्थित प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल और आयुर्वेदाचार्य डॉ. सरोज गौतम ने News18 को बताया दही में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन-B5 और अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो स्कैल्प और बालों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. यह स्कैल्प को मॉइश्चर देने में मदद कर सकता है, जिससे रूखापन और डैंड्रफ कम हो सकता है. दही बालों को प्राकृतिक रूप से मुलायम और चमकदार बनाने में भी मदद कर सकता है. यही वजह है कि कई घरेलू हेयर पैक में दही का इस्तेमाल किया जाता है. दही स्कैल्प की गंदगी और अतिरिक्त तेल को साफ करने में मदद कर सकता है. एक्सपर्ट के अनुसार अगर बाल ज्यादा गंदे न हों, तो कई लोग दही लगाने के बाद सिर्फ पानी से बाल धो लेते हैं. इससे कैमिकल वाले शैम्पू का इस्तेमाल कम हो सकता है, जो बार-बार इस्तेमाल करने पर बालों को ड्राई बना सकते हैं. कमजोर स्कैल्प और ड्राइनेस की वजह से भी बाल टूटने लगते हैं. दही स्कैल्प को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत महसूस हो सकती हैं. हालांकि हेयरफॉल के पीछे हार्मोनल बदलाव, तनाव, पोषण की कमी और मेडिकल कारण भी हो सकते हैं. इसलिए अगर बाल ज्यादा झड़ रहे हों, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. अब सवाल है कि दही बालों में कैसे लगाएं? डॉक्टर सरोज ने बताया कि सबसे पहले एक कटोरी ताजा दही लें. चाहें तो इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल या मेथी पाउडर भी मिला सकते हैं. अब इसे स्कैल्प और बालों की लंबाई पर अच्छी तरह लगाएं. करीब 20 से 30 मिनट तक इसे बालों में लगा रहने दें और फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें. जरूरत महसूस हो तो हल्के माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर किसी को दही या डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी हो, तो इसका इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. बहुत ज्यादा देर तक दही बालों में लगाकर रखने से कुछ लोगों को चिपचिपापन महसूस हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

लग्जरी की नई दीवानगी, एक घड़ी के लिए हंगामा:लॉन्च होते ही बवाल; कहीं पुलिस बुलाई़ तो कहीं आंसू गैस छोड़ी

लग्जरी की नई दीवानगी, एक घड़ी के लिए हंगामा:लॉन्च होते ही बवाल; कहीं पुलिस बुलाई़ तो कहीं आंसू गैस छोड़ी

स्विस कंपनी स्वॉच और लग्जरी वॉच मेकर ऑडेमर्स पिग्वे की नई लिमिटेड एडिशन ‘रॉयल पॉप’ पॉकेट घड़ी के लिए दुनियाभर में अनूठा क्रेज दिख रहा है। 16 मई को लॉन्च की घोषणा से पहले लोग इसे खरीदने के लिए कई-कई दिन से स्टोर्स के बाहर लाइन लगाकर बैठे रहे । 16 मई को लॉन्चिंग के बाद यूरोप, अमेरिका और मध्य-पूर्व और के कई शहरों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। कहीं झगड़े हुए, कहीं स्टोर्स बंद करने पड़े और कई जगह हालात संभालने के लिए पुलिस तक बुलानी पड़ी। दो दिन बाद भी कई शहरों में स्वॉच के स्टोर्स बंद हैं। स्वॉच ने सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों से बड़ी संख्या में स्टोरों पर न आने का अनुरोध किया है। आमतौर पर ऑडेमर्स पिग्वे की घड़ियां लाखों-करोड़ों रुपए की होती हैं, लेकिन विशेष पॉकेट वॉच काफी कम कीमत में मिल रही है। लोगों को उम्मीद है कि बाद में इसे ज्यादा दाम में बेचा जा सकेगा। इसी वजह से युवा खरीदार, कलेक्टर और रीसेलर बड़ी संख्या में इसे खरीदने पहुंच रहे हैं। कई वेबसाइट्स पर इसकी रीसेल कीमत लॉन्च प्राइस से कई गुना ज्यादा बताई जा रही है। घड़ियों को ऑनलाइन 20 लाख रु. तक में बेचा गया इनमें ऑडेमर्स पिग्वे की प्रसिद्ध ‘रॉयल ओक’ सीरीज की ऑक्टागोनल डिजाइन और स्वॉच की 80 के दशक की ‘पॉप’ शैली का मिश्रण है। पहली बार स्वॉच ने अपने प्रतिष्ठित सिस्टम51 यांत्रिक मूवमेंट को हाथ से चाबी भरने वाले कैलिबर में बदलकर इनमेंं शामिल किया है। इनमें पारदर्शी सैफायर केसबैक, ओपन मेनस्प्रिंग बैरल और प्रीमियम सुपर-लुमिनोवा कोटिंग है जो रात में भी अच्छी विजिबिलिटी देती है। ऑडेमर्स पिग्वे की करोड़ों रुपए वाली घड़ियों के डिजाइन कॉपी करके बनी ये घड़ियां करीब 350 पाउंड (45 हजार रु.) में मिल रही हैं। इन घड़ियों को ऑनलाइन 16,000 पाउंड (20 लाख रुपए) तक में बेचा गया है। लंदन, पेरिस में भीड़ संभालने पुलिस बुलाई न्यूयॉर्क में स्टोर के बाहर डेरा डाले कई लोग बीमार पड़ गए। लंदन में पुलिस डॉग्स तैनात करने पड़े। पेरिस में पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। मिलान में भी पुलिस बुलानी पड़ी। दुबई सहित कई शहरों में लॉन्च इवेंट रद्द करने पड़े। भारत : मुंबई-दिल्ली में भारी भीड़, इवेंट हुआ रद्द भारत में मुंबई के पैलेडियम मॉल स्थित स्वॉच बुटीक और दिल्ली के सेलेक्ट सिटीवॉक स्टोर पर भारी भीड़ जुटी। दोनों शहरों में लॉन्च से कई घंटे पहले ही लंबी कतारें लग गई थीं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए लॉन्च इवेंट ही निरस्त कर दी गई।

ट्विशा डेथ केसःको-स्टार बोला- वो पढ़ना चाहती थी:उसे एहसास हो गया कि फिल्में उसके बस की बात नहीं ; आत्महत्या से पहले मां से मांगी मदद

ट्विशा डेथ केसःको-स्टार बोला- वो पढ़ना चाहती थी:उसे एहसास हो गया कि फिल्में उसके बस की बात नहीं ; आत्महत्या से पहले मां से मांगी मदद

भोपाल के कटारा हिल्स में पूर्व जज गिरिबाला की बहू और पूर्व एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा ने 11 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी मदद मांगने वाली चैट वायरल होने के बाद केस चर्चा में आ गया, जिसके बाद परिजनों जमकर हंगामा किया और ससुराल पर दहेज के लिए हत्या के आरोप लगाए। ट्विशा शर्मा, एक एक्ट्रेस थीं, जो कई एड फिल्म्स और साउथ फिल्मों का हिस्सा रही थीं। अब इस घटना के बाद अब ट्विशा के साथ फिल्म मुग्गुरू मोनागल्लू में काम कर चुके दीक्षित शेट्टी ने हाल ही में दावा किया है कि ट्विशा आगे पढ़ना चाहती थीं। एक्टर दीक्षित शेट्टी ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह बेहद चौंकाने वाली खबर है। मैं उन्हें हमेशा एक समर्पित और मेहनती लड़की के रूप में जानता था, जिसे अपने हर काम के प्रति जुनून था। वह जिंदगी से भरपूर थीं और यह जानकर बेहद हैरानी होती है कि उन्होंने अपनी जान ले ली।” आगे उन्होंने कहा, “मुझे तो यह भी नहीं पता था कि उसकी शादी हो गई थी। हमने साथ में सिर्फ एक फिल्म में काम किया था और फिर वह अपने घर लौट गई। उसने मुझसे कहा था कि वह अपनी मास्टर्स की पढ़ाई करना चाहती है और अभिनय वैसा नहीं था जैसा वह उम्मीद कर रही थी। उसका भाई आर्मी में था और उसे एहसास हो गया था कि यह उसके बस की बात नहीं है, इसलिए वह वापस जाकर अपने परिवार के साथ बसना चाहती थी।” आखिर में दीक्षित कहते हैं, “मैं हमारी फिल्म की स्क्रीनिंग वाले दिन उनके माता-पिता से मिला था और वे सभी बहुत अच्छे लोग थे। उनके निधन की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है।” कौन थीं ट्विशा शर्मा, क्या है पूरा मामला? 33 साल की ट्विशा शर्मा नोएडा की रहनेवाली थीं। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई कर मॉडलिंग करियर शुरू किया था। वो मिस पुणे भी रह चुकी थीं। इसके बाद उन्होंने जारा संभल के (2018), मुग्गरु मोनागल्लू (2021) जैसी कुछ फिल्मों में काम भी किया था। एक्टिंग करियर में सफलता न मिलने पर उन्होंने दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी की। दिल्ली में रहते हुए ट्विशा की ऑनलाइन डेटिंग एप की मदद से भोपाल के रहनेवाले एडवोकेट समर्थ सिंह से जान-पहचान हुई। कुछ समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में परिवार के आशीर्वाद से शादी की थी। शादी के महज 5 महीने बाद ही 12 मई को ट्विशा के घरवालों को जानकारी मिली की उनकी बेटी का निधन हो गया है। परिवार वालों ने समर्थ के परिवार पर हत्या के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई। घटना के बाद से ही समर्थ अंडरग्राउंड हो चुके हैं। भोपाल में ट्विशा का पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन हत्या की जांच के बिना परिवार ने उनका शव लेने से इनकार कर दिया। ट्विशा की सास और पूर्व जज को घटना के बाद गिरफ्तार किया गया, लेकिन फिर उन्हें जमानत दे दी गई। ट्विशा की वॉट्सएप चैट भी वायरल हुई है। इसमें उसने लिखा “मुझे बहुत घुटन हो रही है मां… ये लोग न रोने देंगे, न हंसने की वजह देंगे।” बताया जा रहा है कि वो रात को मां से बात करने छत गई थीं, जिसके कुछ समय बाद उनका शव मिला। ट्विशा ने मौत से ठीक पहले अबॉर्शन भी करवाया था। इसी बीच उनकी सास गिरिबाला ने दावा किया है कि ट्विशा ड्रग्स लेती थीं और इसके चलते कई बार घर से घंटों बाहर रहती थीं। अब उस रात की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें ट्विशा अकेले छत पर जाती दिख रही हैं। इसके ठीक बाद कुछ लोग उनका शव नीचे लाते दिखे।

ट्विशा डेथ केसःको-स्टार बोला- वो पढ़ना चाहती थी:उसे एहसास हो गया कि फिल्में उसके बस की बात नहीं ; आत्महत्या से पहले मां से मांगी मदद

ट्विशा डेथ केसःको-स्टार बोला- वो पढ़ना चाहती थी:उसे एहसास हो गया कि फिल्में उसके बस की बात नहीं ; आत्महत्या से पहले मां से मांगी मदद

भोपाल के कटारा हिल्स में पूर्व जज गिरिबाला की बहू और पूर्व एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा ने 11 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी मदद मांगने वाली चैट वायरल होने के बाद केस चर्चा में आ गया, जिसके बाद परिजनों जमकर हंगामा किया और ससुराल पर दहेज के लिए हत्या के आरोप लगाए। ट्विशा शर्मा, एक एक्ट्रेस थीं, जो कई एड फिल्म्स और साउथ फिल्मों का हिस्सा रही थीं। अब इस घटना के बाद अब ट्विशा के साथ फिल्म मुग्गुरू मोनागल्लू में काम कर चुके दीक्षित शेट्टी ने हाल ही में दावा किया है कि ट्विशा आगे पढ़ना चाहती थीं। एक्टर दीक्षित शेट्टी ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह बेहद चौंकाने वाली खबर है। मैं उन्हें हमेशा एक समर्पित और मेहनती लड़की के रूप में जानता था, जिसे अपने हर काम के प्रति जुनून था। वह जिंदगी से भरपूर थीं और यह जानकर बेहद हैरानी होती है कि उन्होंने अपनी जान ले ली।” आगे उन्होंने कहा, “मुझे तो यह भी नहीं पता था कि उसकी शादी हो गई थी। हमने साथ में सिर्फ एक फिल्म में काम किया था और फिर वह अपने घर लौट गई। उसने मुझसे कहा था कि वह अपनी मास्टर्स की पढ़ाई करना चाहती है और अभिनय वैसा नहीं था जैसा वह उम्मीद कर रही थी। उसका भाई आर्मी में था और उसे एहसास हो गया था कि यह उसके बस की बात नहीं है, इसलिए वह वापस जाकर अपने परिवार के साथ बसना चाहती थी।” आखिर में दीक्षित कहते हैं, “मैं हमारी फिल्म की स्क्रीनिंग वाले दिन उनके माता-पिता से मिला था और वे सभी बहुत अच्छे लोग थे। उनके निधन की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है।” कौन थीं ट्विशा शर्मा, क्या है पूरा मामला? 33 साल की ट्विशा शर्मा नोएडा की रहनेवाली थीं। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई कर मॉडलिंग करियर शुरू किया था। वो मिस पुणे भी रह चुकी थीं। इसके बाद उन्होंने जारा संभल के (2018), मुग्गरु मोनागल्लू (2021) जैसी कुछ फिल्मों में काम भी किया था। एक्टिंग करियर में सफलता न मिलने पर उन्होंने दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी की। दिल्ली में रहते हुए ट्विशा की ऑनलाइन डेटिंग एप की मदद से भोपाल के रहनेवाले एडवोकेट समर्थ सिंह से जान-पहचान हुई। कुछ समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में परिवार के आशीर्वाद से शादी की थी। शादी के महज 5 महीने बाद ही 12 मई को ट्विशा के घरवालों को जानकारी मिली की उनकी बेटी का निधन हो गया है। परिवार वालों ने समर्थ के परिवार पर हत्या के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई। घटना के बाद से ही समर्थ अंडरग्राउंड हो चुके हैं। भोपाल में ट्विशा का पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन हत्या की जांच के बिना परिवार ने उनका शव लेने से इनकार कर दिया। ट्विशा की सास और पूर्व जज को घटना के बाद गिरफ्तार किया गया, लेकिन फिर उन्हें जमानत दे दी गई। ट्विशा की वॉट्सएप चैट भी वायरल हुई है। इसमें उसने लिखा “मुझे बहुत घुटन हो रही है मां… ये लोग न रोने देंगे, न हंसने की वजह देंगे।” बताया जा रहा है कि वो रात को मां से बात करने छत गई थीं, जिसके कुछ समय बाद उनका शव मिला। ट्विशा ने मौत से ठीक पहले अबॉर्शन भी करवाया था। इसी बीच उनकी सास गिरिबाला ने दावा किया है कि ट्विशा ड्रग्स लेती थीं और इसके चलते कई बार घर से घंटों बाहर रहती थीं। अब उस रात की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें ट्विशा अकेले छत पर जाती दिख रही हैं। इसके ठीक बाद कुछ लोग उनका शव नीचे लाते दिखे।

‘ऑपरेशन टाइगर’ फिर दहाड़ रहा है? सांसद उद्धव की एकनाथ शिंदे से मुलाकात से शुरू हुई दलबदल की चर्चा | भारत समाचार

Bangladesh vs Pakistan Live Score: Follow latest updates from Day 4 of the 2nd Test. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 12:18 IST हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर के बारे में पहले भी कहा गया था कि वे महायुति के नेताओं के संपर्क में हैं और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। नागेश पाटिल अष्टिकर (एक्स) चूंकि महाराष्ट्र में बहुचर्चित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर राजनीतिक चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है, ऐसे में शिवसेना (यूबीटी) के एक सांसद द्वारा कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात के बाद नई अटकलें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर ने हाल ही में शिंदे से उनके मुंबई स्थित आवास नंदनवन में मुलाकात की। हालांकि बैठक के सटीक एजेंडे का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के भीतर संभावित दरार को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब शिंदे की शिवसेना के नेता आक्रामक रूप से “ऑपरेशन टाइगर” की कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं – एक राजनीतिक कदम जिसका उद्देश्य कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी ठाकरे खेमे के नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने पाले में लाना है। पिछले कुछ हफ्तों में अटकलें तेज हो गई हैं कि ठाकरे गुट के कई सांसद अंततः पाला बदल सकते हैं। हालांकि, अष्टिकर के समर्थकों ने राजनीतिक अटकलों को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि बैठक पूरी तरह से विकास कार्यों और हिंगोली निर्वाचन क्षेत्र में परियोजनाओं के लिए धन सुरक्षित करने से संबंधित थी। स्पष्टीकरण के बावजूद, बैठक के परिदृश्य ने महाराष्ट्र के सत्ता गलियारों में नई राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। यह पहली बार नहीं है जब अष्टिकर का नाम राजनीतिक क्रॉसओवर अफवाहों में सामने आया है। पहले भी ऐसी खबरें आई थीं कि हिंगोली सांसद महायुति गठबंधन के नेताओं के संपर्क में थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अष्टिकर को व्यक्तिगत रूप से फोन कर जन्मदिन की बधाई देने के बाद इन अटकलों को बल मिला। इस इशारे ने राजनीतिक हलकों में गहन चर्चा छेड़ दी थी, जिसके तुरंत बाद उद्धव ठाकरे भी सांसद के पास पहुंचे और उनसे बात की। इस बीच, ठाकरे खेमे के भीतर स्थानीय स्तर पर क्षरण के संकेत भी दिखाई देने लगे हैं। मुंबई में सेना (यूबीटी) नेता अनिल परब के करीबी समर्थक माने जाने वाले रामशरण चंदेलिया हाल ही में 500 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए। पदभार ग्रहण समारोह शिंदे और स्थानीय पार्टी नेताओं की मौजूदगी में आयोजित किया गया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि इस तरह के घटनाक्रम से शिंदे खेमे को इस धारणा को मजबूत करने में मदद मिल रही है कि “ऑपरेशन टाइगर” सक्रिय है, भले ही अब तक आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा दलबदल नहीं हुआ है। महाराष्ट्र की राजनीति अनिश्चितता के एक और चरण में प्रवेश करने के साथ, गहरे संकेतों के लिए अब हर बैठक और राजनीतिक इशारे पर कड़ी नजर रखी जा रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘ऑपरेशन टाइगर’ फिर दहाड़ रहा है? एकनाथ शिंदे के साथ सांसद उद्धव की मुलाकात से दलबदल की चर्चा शुरू हो गई है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ऑपरेशन टाइगर महाराष्ट्र(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)एकनाथ शिंदे मुलाकात(टी)नागेश पाटिल अष्टिकर(टी)उद्धव ठाकरे गुट(टी)महाराष्ट्र राजनीतिक अटकलें(टी)महायुति गठबंधन राजनीति(टी)शिवसेना दलबदल

उत्तराखंड के दो बार CM रहे बीसी खंडूरी का निधन:कल हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार, तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा

उत्तराखंड के दो बार CM रहे बीसी खंडूरी का निधन:कल हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार, तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है। वह 91 साल के थे और पिछले करीब 50 दिनों से देहरादून के मैक्स सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती थे। लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे खंडूरी ने मंगलवार सुबह 11:10 बजे अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए देहरादून स्थित आवास पर रखा गया है, जबकि बुधवार को हरिद्वार में अंतिम संस्कार होगा। राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। खंडूरी के निधन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नेताओं में शोक की लहर है। उनके आवास पर नेताओं और समर्थकों का पहुंचना लगातार जारी है। सेना से जुड़े अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उनके पुत्र मनीष खंडूरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- वह मेरे सब कुछ थे, मेरे पिता, मेरे भगवान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीसी खंडूरी ने सेना से लेकर राजनीति तक बहुमूल्य योगदान दिया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने उत्तराखंड के विकास और देशभर में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए लगातार काम किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके निधन को उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। तस्वीरें देखिए- पूर्व सीएम के निधन पर किसने क्या कहा… अब पूर्व सीएम के बारे में जानिए…. पूर्व सीएम के निधन से जुड़ी हर अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….

Foods for Better Mood: सड़े हुए मूड को भी शानदार बना सकते हैं ये 5 डिलीशियस फूड, खाते ही एनर्जी से हो जाएंगे लबरेज

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Last Updated:May 19, 2026, 11:08 IST How to boost your mood: मूड खराब होना आजकल रोज का संकट बन गया है. रोज ऑफिस में काम को लेकर चिकचिक और अत्यधिक प्रेशर अक्सर मूड को खराब कर देते हैं. जब मूड खराब रहता है तो सब कुछ उल्टा-पुल्टा हो जाता है. इतना ही नहीं इससे शरीर भी साथ नहीं देता है. हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती है. ऐसे में यह वैज्ञानिक रूप से साबित हो चुका है कि कुछ फूड इस प्रकार के होते हैं जिनसे मूड बहुत जल्दी बेहतर हो जाता है. मूड बूस्टिंग फूड. आजकल का जो माहौल है उसमें मूड का खराब होना आम है. आप जिस काम पर रहते हैं, चाहे वह ऑफिस हो या शॉपिंग वाला काम हो, सब में हमेशा दबाव रहता है. उपर का प्रेशर इतना ज्यादा रहता है कि हमेशा आप तनाव में रहते हैं. इस तनाव के कारण किसी का भी मूड खराब हो सकता है. ऐसे में जब आप घर आते हैं और अच्छा खाना नहीं मिलता तो और भी मूड चिड़चिड़ा हो जाता है. इसलिए आपको चाहिए ऐसे जादुई भोजन जो आपके मूड को स्पार्क कर सके. आइए ऐसे 5 फूड के बारे में जानते हैं जो आपके मूड को शानदार बना सकता है. मूड और एनर्जी बढ़ाने वाले 5 जादुई फूड्स फैटी फिश-अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं तो आप घर जाने पर फैटी फिश का सेवन करें. फैटी फिश का मतलब है कि जिस मछली में तेल की मात्रा ज्यादा हो. यह तेल कुदरती होता है. जैसे सेलमन, टूना, ट्रॉट, देसी में ग्रास काट, रोहू, कतला आदि. इसे हल्का फ्राई कर लें और ग्रेवी के साथ खाएं. इन मछलियों में अच्छा वाला फैट होता है जो सीधे दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को सक्रिय करता है. इन मछलियों में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा भी ज्यादा होती है जो हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद है. ये मछलियां हर तरह से आपके मूड को बूस्ट करेगी. इसलिए समय-समय पर इन मछलियों का सेवन करते रहें. बैरीज-बैरीज फलों का सेवन करने से भी आपका मूड शानदार बनेगा. बैरीज फलों में आप स्ट्रॉबेरी, रस्पबेरी, ब्लूबेरी, देसी फलों में जामुन, शहतूत आदि का सेवन करने से दिमाग के तंतु सक्रिय होते हैं. इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो ब्रेन के इंफ्लामेशन को खत्म करने में मदद करते हैं. बैरीज का सेवन करने के बाद आपके शरीर में बहुत जल्दी थकान और कमजोरी मिटने लगेगी. इससे आप तरोताजा महसूस करेंगे और आपका मूड भी सही होगा. डार्क चॉकलेट-डार्क चॉकलेट मूड को बेहतर बनाने के लिए एक शक्तिशाली सुपरफूड मानी जाती है. वैज्ञानिक शोधों के अनुसार डार्क चॉकलेट में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है. सेरोटोनिन को हैप्पी हार्मोन भी कहा जाता है क्योंकि जब दिमाग में सेरोटोनिन की संतुलित मात्रा होती है तो इंसान इससे खुश रहता है. इसमें मौजूद फ्लेवनोल्स ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर मानसिक तनाव कम करते हैं. इसके अलावा चॉकलेट खाने से मस्तिष्क में एंडोर्फिन का स्राव होता है, जो दर्द कम कर खुशी का अहसास कराता है. इसमें फिनाइलेथिलामाइन भी होता है, जिसे लव केमिकल कहा जाता है क्योंकि यह प्यार में होने जैसा उत्साह पैदा करता है. अध्ययन के मुताबिक 70% से अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को कम करने में प्रभावी है. इसलिए यह तनाव को भी कम करता है. अखरोट और बादाम-अखरोट और बादाम तो हर तरह से सेहत के लिए सुपरफूड है लेकिन यह दिमाग के लिए सबसे ज्यादा असरदार है. इसमें कई तरह के मूड बूस्टिंग गुण होते हैं. अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड की प्रचुर मात्रा होती है. ओमेगा 3 मस्तिष्क की कोशिकाओं की संरचना बनाए रखने और न्यूरोट्रांसमीटर के संचार को सुचारू करने में मदद करता है. इससे एंग्जाइटी और डिप्रेशन का जोखिम कम होता है. वहीं बादाम में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते जो मूड को बूस्ट करता है. इसमें मैग्नीशियम उच्च मात्रा में पाया जाता है. मैग्नीशियम शरीर में कोर्टिसोल को नियंत्रित करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. इससे मानसिक थकान दूर होती है. जब मानसिक थकान दूर होगी तो मूड बेहतर बनेगा ही. बादा में मौजूद प्रोटीन और हेल्दी फैट ब्लड शुगर को संतुलित रखते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन कम होता है और एनर्जी बनी रहती है. केला– केला बेहतरीन मूड लिफ्टर फ्रूट है. मूड बूस्टिंग फूड में यह सबसे सस्ता है. केले में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जिसे शरीर सेरोटोनिन में बदल देता है. यह मस्तिष्क का मुख्य हैप्पी हार्मोन है जो खुशी और सुकून का अहसास कराता है.केला में विटामिन B6 होता है. विटामिन B6 की उच्च मात्रा दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के संश्लेषण के लिए आवश्यक है. केला में प्राकृतिक शुगर और फाइबर खून में ग्लूकोज के स्तर को अचानक बढ़ने या घटने नहीं देते. शुगर लेवल स्थिर रहने से मूड में आने वाले उतार-चढ़ाव और चिड़चिड़ापन कम होता है. केला में सबसे ज्यादा पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है. ये हार्ट की गति को नियंत्रित करने और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करते हैं, जिससे मानसिक तनाव कम होता है. केला शरीर में एनर्जी लेवल को स्थिर रखता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

पंजाब- ट्रक में घुसी कार, 4 दोस्तों की मौत:2 लाशें ड्राइविंग सीट पर फंसी, एक-दूसरे से चिपकीं, कटर से काटकर निकालीं

पंजाब- ट्रक में घुसी कार, 4 दोस्तों की मौत:2 लाशें ड्राइविंग सीट पर फंसी, एक-दूसरे से चिपकीं, कटर से काटकर निकालीं

गुरदासपुर में नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह ऑल्टो कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इससे कार सवार 4 दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। 2 की लाशें ड्राइवर सीट पर फंस गईं। लोगों के अनुसार हादसे के दौरान जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद सुबह पुलिस को बुलाया गया, फिर लाशों को बाहर निकालने के लिए कार की बॉडी को कटर से काटा गया। शवों को निकालने में डेढ़ घंटे का समय लग गया। सभी एक दूसरे से चिपके हुए मिले। पुलिस जांच के अनुसार, तीन युवक हिमाचल प्रदेश के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र से रात को ही फरार हुए थे। केंद्र से भागने के बाद उन्होंने पठानकोट में रहने वाले चौथे दोस्त को कार समेत साथ लिया, जिसके बाद तड़के करीब 4 बजे यह हादसा हो गया। पुलिस अब उस ट्रक को ट्रेस करने में जुटी है, जिसके पीछे यह कार टकराई थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पॉस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इनमें से एक युवक 2 बच्चों का पिता था। बताया जा रहा है कि कार की स्पीड 80 से 100 के आसपास थी। चश्मदीद ने क्या बताया, 4 पॉइंट में पढ़िए… इन 4 युवकों की हुई मौत पुलिस के अनुसार हादसे में मारे गए युवकों की पहचान पठानकोट के भदरोआ स्थित टीचर कॉलोनी निवासी विक्रम उर्फ विक्की (31), गंदला लाहड़ी (सुजानपुर) निवासी नरेश कुमार, सरना निवासी विनोद कुमार और जम्मू निवासी राही के रूप में हुई है। हिमाचल में नशा मुक्ति केंद्र से भागे विनोद, राही और नरेश ने विक्रम से संपर्क किया था। इसके बाद विक्रम अपनी ऑल्टो कार लेकर उनके साथ चला गया। एक मृतक दो बच्चों का पिता था विक्रम उर्फ विक्की (31) के रूप में हुई है। वह पठानकोट में स्लीपवेल मैट्रेस के शोरूम में काम करता था और कुछ दिन पहले दोस्तों के साथ घूमने गया था। विक्की के 2 बच्चे हैं। पत्नी को फोन कर कहा था- लेट हो जाऊंगा विक्रम उर्फ विक्की ने देर रात को पठानकोट में अपनी पत्नी को फोन किया था। विक्की ने पत्नी को कहा था कि वो सुबह लेट हो जाएगा। काम पर जाना है। साथ ही उसने अपने कपड़े प्रेस करने के लिए भी कहा था। नशा मुक्ति केंद्र से भागे थे तीन युवक मामले की जांच कर रहे ASI बलजीत सिंह ने बताया कि 3 युवक हिमाचल प्रदेश में स्थित संजीवनी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती थे।। जहां से ये बीती रात चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने जब नशा मुक्ति केंद्र के मालिक से संपर्क साधा तो उसने पुष्टि की कि ये तीनों युवक रात के समय अपना बैग और सामान लेकर मोटरसाइकिल पर केंद्र से चुपके से निकल गए थे। गुरदासपुर-बटाला साइड से आ रहे थे प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये चारों युवक ऑल्टो कार में सवार होकर गुरदासपुर से बटाला साइड की तरफ जा रहे थे। नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्झा सिंह के पास एक ट्रक खड़ा था। जिसमें इनकी कार पीछे से टकरा गई। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया हम हाईवे और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे हैं, ताकि उस ट्रक को ट्रेस किया जा सके, जिसके पीछे कार टकराई थी। परिजनों के बयानों पर भी होगी कार्रवाई पुलिस के अनुसार युवक नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा को भेदकर वहां से बाहर कैसे निकले, इस बात की जांच संबंधित क्षेत्र की पुलिस करेगी। वहीं हादसे का शिकार हुए युवकों के परिजनों से भी संपर्क कर लिया गया है। परिवारों के बयानों पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। —— ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में 3 बच्चों की मां ने किया सुसाइड: मरने से पहले भाई को किया फोन; जेठ-जेठानी पर तंग करने का आरोप; पति विदेश में रहता लुधियाना के थाना मेहरबान के अंतर्गत आते गांव जीवनपुर में एक 32 वर्षीय विवाहिता ने ससुराल वालों से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान पूजा कौर के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा कल लगाए गए धरने (प्रदर्शन) के बाद पुलिस हरकत में आई और आज जेठ, जेठानी सहित 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। (पढ़ें पूरी खबर)

गर्मियों में पेशाब पीला क्यों हो जाता है? क्या हीट की वजह से होता है ऐसा, डॉक्टर से जान लीजिए

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Last Updated:May 19, 2026, 10:15 IST Yellow Urine During Heatwave: गर्मियों में शरीर से ज्यादा पानी निकलने की वजह से पेशाब का रंग गहरा पीला हो सकता है. डॉक्टर अमरेंद्र पाठक के अनुसार पीला पेशाब अक्सर डिहाइड्रेशन का संकेत होता है. कुछ मेडिकल कंडीशन की वजह से भी ऐसा हो जाता है. इस परेशानी से बचने के लिए गर्म मौसम में पर्याप्त पानी और फ्लूड डाइट लेना बेहद जरूरी है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन की वजह से पेशाब पीला हो जाता है. Summer Dehydration Signs: जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब इसका सीधा असर सेहत पर पड़ता है. गर्मियों के मौसम में कई लोग नोटिस करते हैं कि उनके पेशाब का रंग सामान्य की तुलना में ज्यादा पीला हो गया है. कुछ लोगों को पीले पेशाब के साथ तेज स्मेल, हल्की जलन या बार-बार प्यास लगने जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं. ऐसे में अक्सर लोग घबरा जाते हैं और सोचते हैं कि कहीं यह किसी बीमारी का संकेत तो नहीं है. डॉक्टर्स की मानें तो गर्मियों में पेशाब पीला होना अधिकतर मामलों में सामान्य माना जाता है, क्योंकि इस मौसम में शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकलता है. अगर इसके साथ अन्य लक्षण भी नजर आएं, तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसी कंडीशन में डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया गर्मियों में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है. पसीने के जरिए शरीर का पानी और कुछ जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. अगर इस दौरान व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता, तो शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने लगता है. डिहाइड्रेशन की वजह से पेशाब कंसंट्रेट हो जाता है और इसका रंग गहरा पीला हो जाता है. जब शरीर में पानी कम होने लगता है, तो किडनी शरीर के पानी को बचाने की कोशिश करती है. इसी वजह से पेशाब ज्यादा गाढ़ा और पीला दिखाई देता है. डॉक्टर के मुताबिक पेशाब का रंग यूरोक्रोम नाम के एक प्राकृतिक पिगमेंट की वजह से हल्का पीला होता है. सामान्य स्थिति में जब शरीर पूरी तरह हाइड्रेटेड रहता है, तो पेशाब का रंग हल्का पीला दिखाई देता है. जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो पेशाब में मौजूद यूरोक्रोम ज्यादा कंसंट्रेटेड हो जाता है. इससे पेशाब का रंग गहरा पीला या डार्क दिखने लगता है. यही वजह है कि पर्याप्त पानी पीने के बाद अक्सर पेशाब का रंग हल्का होने लगता है. एक्सपर्ट की मानें तो गर्मी और डिहाइड्रेशन पेशाब पीला होने की सबसे कॉमन वजह हैं. हालांकि हर बार इसका कारण सिर्फ हीट नहीं होता. कई बार कुछ दवाइयां और विटामिन सप्लीमेंट्स भी पेशाब का रंग बदल सकते हैं. खासकर विटामिन-B सप्लीमेंट लेने के बाद कई लोगों का पेशाब चमकीला पीला दिखाई दे सकता है. इसके अलावा कुछ मामलों में लिवर की बीमारी, यूरिन इंफेक्शन या किडनी से जुड़ी समस्या भी पेशाब का रंग गहरा कर सकती है. अगर लंबे समय तक पेशाब का रंग गहरा पीला बना रहे, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें