Skin Care Tips: तेज धूप में कहीं झुलस न जाए त्वचा, इन देसी नुस्खों को आजमाएं, साफ होगी टैनिंग चेहरे पर आएगा निखार

Last Updated:May 15, 2026, 08:25 IST Skin Care Tips: मई महीने में और भी ज्यादा प्रचंड होने वाली है. ऐसे में जब धूप स्किन पर डायरेक्ट लगे तो बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है. तेज धूप में दिन भर घूमने से स्किन टैन हो जाती है. आप हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों को जरूर फॉलो करें. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मियों की तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस भरा मौसम त्वचा के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. इस मौसम में लापरवाही आपकी स्किन को डैमेज कर सकती है, जिससे टैनिंग, सनबर्न और मुहांसों जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं लेकिन अगर सही समय पर सही देखभाल की जाए, तो यही मौसम आपकी त्वचा को नैचुरल ग्लो भी दे सकता है. लोकल 18 से बातचीत में सतना के विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और चमकदार बनाए रख सकते हैं. कामदगिरि आयुर्वेद क्लिनिक के डॉ सूरज कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में सबसे जरूरी है त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना. वहीं शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद अहम है, इसलिए भरपूर पानी पीना और रसदार फलों का सेवन करना चाहिए. धूप में निकलते समय चेहरे को कपड़े या स्कार्फ से ढकना स्किन प्रोटेक्शन के लिए बेहद कारगर उपाय है. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद में गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं की मुख्य वजह बनता है. ज्यादा धूप में रहना, मसालेदार भोजन और कम पानी पीना इस समस्या को और बढ़ा सकता है. इससे बचने के लिए लोगों को छांव में रहना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. गर्मियों में पसीने की ग्रंथियां बंद होने से घमौरियां हो जाती हैं, जिसमें लाल दाने, खुजली और जलन की समस्या होती है. इससे राहत पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा बर्फ को कपड़े में लपेटकर प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है. वहीं नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या पेस्ट बनाकर लगाना भी एंटीबैक्टीरियल असर देता है. तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा झुलस जाती है और काली पड़ने लगती है, जिसे सनबर्न और टैनिंग कहा जाता है. इससे बचने के लिए ताजा एलोवेरा जेल त्वचा पर लगाने से जलन और लालिमा कम होती है. इसके अलावा दही और बेसन का पेस्ट टैनिंग हटाने में असरदार माना जाता है. वहीं खीरे का रस त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन देता है, जिससे स्किन फ्रेश बनी रहती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बार-बार पेट दर्द को गैस समझकर न करें नजरअंदाज, हो सकती है गंभीर बीमारी.. यहां जानिए सही इलाज

आज के समय में पेट दर्द और गैस की समस्या लगभग हर घर में आम हो चुकी है. लोग अक्सर पेट दर्द को केवल गैस की समस्या समझकर नजर अंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि हर पेट दर्द गैस की वजह से नहीं होता. बदलती जीवनशैली, बाहर का खाना, ज्यादा तेल-मसाले का सेवन और खराब खानपान की आदतें पेट संबंधी बीमारियों को तेजी से बढ़ा रही हैं. गर्मियों के मौसम में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है. तेजी से बदल रही खानपान की आदतें इसी विषय पर डॉक्टर रिद्धि पांडे ने LOCAL 18 से बातचीत में बताया कि आजकल हर 5 में से 1 व्यक्ति पेट दर्द की समस्या से परेशान है. उन्होंने कहा कि पेट दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इसे सामान्य गैस समझकर अनदेखा करना कई बार गंभीर बीमारी को जन्म दे सकता है. उन्होंने बताया कि लोगों की खानपान की आदतें तेजी से बदल रही हैं. बाहर का तला-भुना खाना, ज्यादा मसालेदार भोजन और अनियमित दिनचर्या पेट की बीमारियों को बढ़ा रही है. अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है बीमारी डॉक्टर रिद्धि पांडे ने बताया कि कई बार लोगों की आंतों में संक्रमण या अन्य गंभीर समस्याएं हो जाती हैं, लेकिन वे इसे सामान्य गैस या हल्के पेट दर्द की तरह लेकर दवाइयों से दबा देते हैं. इससे बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. उन्होंने एक मरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके पास गोवा से एक बच्चा इलाज के लिए आया था. बच्चे को लगातार पेट दर्द और बुखार की शिकायत थी. परिवार वाले लंबे समय से केवल बुखार का इलाज करवा रहे थे. जब डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया, तो पता चला कि बच्चे की आंतों में गंभीर संक्रमण था. सही इलाज शुरू होने के बाद केवल 2 दिनों में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया. पहले से संकेत देता है कई बार शरीर डॉक्टर ने कहा कि कई बार शरीर हमें पहले से संकेत देता है, लेकिन लोग उसे समझ नहीं पाते. अगर किसी व्यक्ति को हर दो-तीन दिन में पेट दर्द हो रहा हो, हल्का बुखार बना रहता हो, भूख कम लग रही हो या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए. समय रहते अल्ट्रासाउंड या अन्य जरूरी जांच कराने से बीमारी की सही वजह पता चल सकती है. इन चीजों का सेवन करना बेहद जरूरी उन्होंने बताया कि पेट की समस्याओं का सीधा संबंध हमारी आंतों और पाचन तंत्र से होता है. खराब भोजन, गंदे हाथों से खाना खाना, बाहर का अस्वच्छ भोजन और दूषित तेल-मसालों का सेवन पेट की बीमारियों को बढ़ाता है. इसलिए साफ-सफाई और सही खानपान बेहद जरूरी है. डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी कि जितना हो सके बाहर का खाना खाने से बचें. घर पर भी कम तेल और कम मसाले वाला भोजन करें. गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने वाली चीजों का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है. उन्होंने कहा कि छाछ, दही और नींबू पानी पेट के लिए काफी लाभकारी हैं. ये न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं. गैस की समस्या में भी मिलती है राहत उन्होंने कहा कि गर्मियों में बच्चों और बड़ों दोनों को नियमित रूप से छाछ और दही का सेवन करना चाहिए. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. साथ ही पेट दर्द और गैस की समस्या में भी राहत मिलती है. डॉक्टर ने यह भी बताया कि शादी-ब्याह और गर्मियों के आयोजनों में लोग ज्यादा बाहर का खाना खाते हैं, जिससे गैस और पेट दर्द की शिकायत बढ़ जाती है. शरीर को स्वस्थ रखने में करते हैं मदद ऐसे समय में हल्का भोजन करना और ज्यादा पानी पीना जरूरी है. नींबू पानी, छाछ और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. उन्होंने कहा कि पेट दर्द को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर समस्या लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. सही समय पर जांच और संतुलित खानपान से पेट संबंधी कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है.
आज भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला, धार में अलर्ट जारी:जुमे की नमाज के दिन 12 लेयर में बंटी सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

धार के भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच शुक्रवार को फैसला सुना सकती है। लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया में उलझे इस मामले में पूरे मध्य प्रदेश की नजर है। फैसले के मद्देनजर धार जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। शुक्रवार होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 12 लेयर सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात धार पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने कंट्रोल रूम पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पुलिस बल को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि धार शहर की सुरक्षा 12 लेयर में की गई है। दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। 2022 में दायर हुई थी याचिका यह मामला 2022 में शुरू हुआ, जब रंजना अग्निहोत्री और अन्य ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की। याचिका में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार, परिसर में नमाज पर रोक, ट्रस्ट गठन और ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने जैसी मांगें शामिल हैं। ASI ने किया था 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी। हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र बताते हुए ऐतिहासिक दस्तावेज, ASI सर्वे, शिलालेख, स्थापत्य अवशेष और वसंत पंचमी पर पूजा की परंपरा का हवाला दिया। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ समरांगण सूत्रधार का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें वर्णित मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले के विपरीत भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति मौजूद नहीं है। याचिका में ये हैं प्रमुख मांगें वर्षों से बदलती रही व्यवस्था भोजशाला को लेकर वर्षों से विवाद और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बदलती रही हैं। 2003 से यहां हर मंगलवार और वसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा तथा शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी जाती है। बाकी दिनों में परिसर पर्यटकों के लिए खुला रहता है। 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ पड़ने पर यहां तनाव की स्थिति भी बन चुकी है। ऐसे में आज का फैसला भोजशाला विवाद की आगे की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तमिलनाडु के सीएम आवास ही विजय ने लिखी पीएम मोदी की चिट्ठी, जानिए क्या है हटाने की अपील

तमिल के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विक्ट्री ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य के कच्चे माल की आबादी और खाद्य क्षेत्र के कारण गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने एक पत्र में लिखा है कि सीएम मोदी ने कहा है कि विशाल पैमाने पर विशाल पैकेज ने प्लास्टिक के कलाकारों पर दबाव डाला है और इस क्षेत्र पर अविश्वसनीय अंधविश्वास की रोजी-रोटी को खतरे में डाल दिया है। तमिलनाडु को भारत का सबसे बड़ा कपड़ा और निजी उपभोक्ता बनाने वाला राज्य के कर्मचारी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि पेट्रोलियम उद्योग, कपड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग में भारी गिरावट के कारण एक गंभीर संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति अब केवल आयात के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन कंसीलर पर स्थिर 11 प्रतिशत दर के कारण मूल्य और उद्योग के लिए एक अचूक साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो महीनों में सिक्के की कीमत 54,700 रुपये से लेकर यूरो 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान, वगेरह के शोरूम भी 301 रुपये प्रति रेस से बढ़कर 330 रुपये प्रति रेस हो गए। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पीएम मोदी(टी)तमिलनाडु(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु(टी)थलपति विजय(टी) पीएम मोदी
पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा:दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर, डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर हुआ

पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है । दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर के भाव पर मिलेगा।
‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।
‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।
केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को होने की संभावना है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्रियों और अन्य केंद्रीय राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं के अलावा, मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस सरकार ने 10 जून, 2024 को शपथ ली थी। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल जून के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। इसके अलावा पीएम बैठक में बचत की अपील पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल पीएम ने 10-11 मई को दो रैलियों में लोगों से ईंधन बचाने, सोना न खरीदने की अपील की थी। 2 दिन-2 जगह: पीएम की पेट्रोल खपत कम करने की अपील 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की अहम बैठकें…. 10 जून 2024: पहली कैबिनेट बैठक- मोदी सरकार बनने के एक दिन बाद पहली बैठक हुई। मुख्य फैसले: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 3 करोड़ नए घरों को मंजूरी, किसानों के लिए योजनाओं की समीक्षा और सरकार के शुरुआती 100 दिन के एजेंडे पर चर्चा। जुलाई 2024: बजट से पहले कैबिनेट बैठकें- संसद के मानसून सत्र और केंद्रीय बजट से पहले बैठक मुख्य मुद्दे: बजट प्रस्ताव, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, रोजगार और ग्रामीण योजनाएं, राज्यों के साथ समन्वय 27 जुलाई 2024: नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक- प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक। फोकस: विकसित भारत 2047, राज्यों की विकास रणनीति, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस। अगस्त–दिसंबर 2024: पीएम की अध्यक्षता में कई कैबिनेट बैठकें बड़े फैसले: रेलवे और हाईवे परियोजनाएं, रक्षा खरीद प्रस्ताव, किसानों और गरीबों से जुड़ी योजनाएं, डिजिटल इंडिया और AI मिशन और नई शिक्षा और स्किल योजनाएं। 5. 2025 के दौरान प्रमुख बैठकें मुख्य एजेंडे: लोकसभा/राज्यसभा सत्र रणनीति, आर्थिक सुधार, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट के असर की समीक्षा और सरकारी खर्च नियंत्रण। —————————– ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। पूरी खबर पढ़े…
केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को होने की संभावना है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्रियों और अन्य केंद्रीय राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं के अलावा, मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस सरकार ने 10 जून, 2024 को शपथ ली थी। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल जून के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। इसके अलावा पीएम बैठक में बचत की अपील पर भी चर्चा कर सकते हैं। दरअसल पीएम ने 10-11 मई को दो रैलियों में लोगों से ईंधन बचाने, सोना न खरीदने की अपील की थी। 2 दिन-2 जगह: पीएम की पेट्रोल खपत कम करने की अपील 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की अहम बैठकें…. 10 जून 2024: पहली कैबिनेट बैठक- मोदी सरकार बनने के एक दिन बाद पहली बैठक हुई। मुख्य फैसले: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत 3 करोड़ नए घरों को मंजूरी, किसानों के लिए योजनाओं की समीक्षा और सरकार के शुरुआती 100 दिन के एजेंडे पर चर्चा। जुलाई 2024: बजट से पहले कैबिनेट बैठकें- संसद के मानसून सत्र और केंद्रीय बजट से पहले बैठक मुख्य मुद्दे: बजट प्रस्ताव, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, रोजगार और ग्रामीण योजनाएं, राज्यों के साथ समन्वय 27 जुलाई 2024: नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक- प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक। फोकस: विकसित भारत 2047, राज्यों की विकास रणनीति, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस। अगस्त–दिसंबर 2024: पीएम की अध्यक्षता में कई कैबिनेट बैठकें बड़े फैसले: रेलवे और हाईवे परियोजनाएं, रक्षा खरीद प्रस्ताव, किसानों और गरीबों से जुड़ी योजनाएं, डिजिटल इंडिया और AI मिशन और नई शिक्षा और स्किल योजनाएं। 5. 2025 के दौरान प्रमुख बैठकें मुख्य एजेंडे: लोकसभा/राज्यसभा सत्र रणनीति, आर्थिक सुधार, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट के असर की समीक्षा और सरकारी खर्च नियंत्रण। —————————– ये खबर भी पढ़ें… केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया: 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA-DR 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। पूरी खबर पढ़े…
उदयनिधि बोले- हम भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं:लोग मंदिरों में जाएं; सनातन खत्म का मतलब, भेदभाव वाली सोच का अंत

तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने सनातन खत्म वाले अपने बयान पर 2 दिन बाद सफाई दी। उदयनिधि ने कहा- मेरे बयान को गलत समझा जा रहा है। मैं लोगों के मंदिर जाने के खिलापु नहीं बस वहां जाति के आधार पर जो भेदभाव होता है, उस सोच को खत्म करना होगा। उदयनिधि स्टालिन ने 12 मई को विधानसभा में कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। यह लोगों को बांटता है। उन्होंने पहले 2023 में भी सनातन को डेंगू, मलेरिया बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई थी। उदयनिधि ने सोशल मीडिया पर सफाई दी, कहा- मैं आलोचना से डरने वाला नहीं उदयनिधि ने सोशल मीडिया X पर लिखा- तमिलनाडु विधानसभा में जब मैंने कहा था कि ‘लोगों को बांटने वाले सनातन को खत्म होना चाहिए’ तो कुछ लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन मैं ऐसी आलोचनाओं से डरने वाला नहीं हूं। द्रविड़ आंदोलन हमेशा विरोध के बीच ही आगे बढ़ा है। इसलिए मैं सिर्फ एक छोटी-सी बात साफ करना चाहता हूं। जब मैं कहता हूं कि सनातन खत्म होना चाहिए, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कोई मंदिर न जाए। इसका मतलब यह है कि मंदिरों में ही नहीं, बल्कि समाज में भी सभी लोगों को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। मैं उस सोच को खत्म करने की बात कर रहा हूं, जो लोगों को ऊंची और नीची जाति में बांटती है। मैं वही विचार रख रहा हूं, जिनकी बात पेरियार, अंबेडकर, अन्ना और करुणानिधि ने की थी। हम किसी की भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन असमानता और उत्पीड़न का हम कड़ा विरोध करेंगे। तिरुवल्लुवर ने कहा था- सभी जीव जन्म से समान हैं, यही हमारा रास्ता है। 2 सितंबर 2023: उदयनिधि ने सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बताया था उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया था। उदयनिधि ने कहा- सनातन धर्म मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना जैसा है, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है। विवाद बढ़ने पर उदयनिधि ने कहा कि मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे। अतीत में कई मौकों पर अंबेडकर, पेरियार भी इसके बारे में बोलते रहे हैं। सनातन धर्म के कड़े विरोध के कारण ही महिलाएं घर से बाहर निकल सकीं और सती जैसी सामाजिक कुरीतियां समाप्त हुईं। उन्होंने कहा- वास्तव में, DMK की स्थापना ही उन सिद्धांतों पर हुई थी जो ऐसी सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था- उदयनिधि की बातें नरसंहार जैसी मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन की सनातन के खिलाफ की गईं बातें हेट स्पीच के दायरे में आती हैं। कोर्ट ने यह टिप्पणी स्टालिन के तीन साल पुराने बयान को लेकर की। सनातन को खत्म करने जैसे शब्दों का अर्थ सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे मानने वालों के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है, जो हेट स्पीच की श्रेणी में आता है। स्टालिन का यह बयान नरसंहार या संस्कृतिक नरसंहार का संकेत देता है। तमिल शब्द “Sanathana Ozhippu” का मतलब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि पूरी तरह मिटाना है। उदयनिधि को सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकारा था सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च 2025 को उदयनिधि स्टालिन को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि स्टालिन ने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है। स्टालिन कोई आम आदमी नहीं है। उन्हें बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… उदयनिधि स्टालिन बोले- संस्कृत मरी हुई भाषा: मोदी को तमिल की चिंता तो हिंदी क्यों थोप रहे तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने संस्कृत भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। DMK लीडर ने केंद्र सरकार की आलोचन करते हुए कहा कि तमिल डेवलपमेंट के लिए सिर्फ 150 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। जबकि संस्कृत जो एक मरी हुई भाषा है, उसे 2400 करोड़ रुपए मिलते हैं। पूरी खबर पढ़ें…







