पेट फूलने और गैस से परेशान? नींबू का ये देसी नुस्खा झटपट देगा आराम – News18 हिंदी
X Health Tips:पेट फूलने और गैस से परेशान? नींबू का ये देसी नुस्खा झटपट देगा आराम Health Tips: रांची में लोग पेट में गैस होने पर तुरंत दवाइयों या डॉक्टर के पास जाने के बजाय घरेलू उपाय अपनाते हैं. ऐसा ही एक आसान नुस्खा है, जिसे अपनाकर 2-3 घंटे में राहत मिल सकती है. आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे (बीएएमएस, 20 साल का अनुभव) बताते हैं कि गैस होने पर एक नींबू लें और उसे आधा काट लें. इसके बाद आधे नींबू को चिमटे की मदद से गैस पर अच्छी तरह गर्म कर लें. जब नींबू गर्म हो जाए, तो उसे उतारकर उसमें एक-एक चुटकी काला नमक और जीरा पाउडर डालें. अब इस नींबू का रस सीधे जीभ पर लें और 2-3 मिनट तक मुंह में ही रहने दें. इसके बाद हल्का गुनगुना पानी पी सकते हैं. इस तरीके से कुछ ही घंटों में पेट हल्का महसूस होने लगता है और गैस से राहत मिलती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
घायल फैन का प्रीति जिंटा ने पूछा हालचाल:अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किया वीडियो कॉल, प्रियांश आर्य के शॉट से लगी थी चोट

प्रियांश आर्य के छक्के से घायल हुए बुजुर्ग फैन कृष्णचंद को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद टीम की को-ओनर प्रीति जिंटा ने वीडियो कॉल पर उनसे बात की और उनका हालचाल पूछा। इस बातचीत का वीडियो पंजाब किंग्स के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर किया, साथ ही लिखा, फैंस हमेशा पहले आते हैं। कृष्ण चंद जी के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं। उन्हें बेहतर होते देखकर खुशी हुई। बता दें कि यह घटना मंगलवार को पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मैच के दौरान हुई थी। मैच में प्रियांश आर्य के बल्ले से निकला एक ऊंचा शॉट सीधे स्टैंड्स में जाकर गिरा, जहां मौजूद बुजुर्ग फैन कृष्णचंद के चेहरे पर गेंद लग गई। घटना के तुरंत बाद उनका चेहरा लहूलुहान हो गया। आसपास बैठे दर्शकों ने तुरंत मदद की और उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के बाद अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। घटना के बाद प्रीति जिंटा और खिलाड़ी प्रियांश आर्य ने वीडियो कॉल के जरिए कृष्णचंद से बातचीत की। इस दौरान प्रियांश ने कहा कि उन्हें टेंशन हो गई थी कि कृष्णचंद जी को ज्यादा चोट तो नहीं लगी। इस पर प्रीति ने कहा कि उन्होंने भी चिंता की थी। धर्मशाला में मैच देखने के लिए बुलाया वीडियो कॉल के दौरान प्रीति जिंटा ने उन्हें धर्मशाला में होने वाले अगले मैच के लिए इनवाइट किया। साथ ही हल्के अंदाज में एक्ट्रेस ने कहा कि अगली बार आपको हेलमेट पहना देंगे, ताकि कोई बॉल आए तो आप सुरक्षित रहें। प्रीति ने कहा, “आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा, आप सेफ रहें और हम आपका धर्मशाला में इंतजार करेंगे।” इस आईपीएल में पंजाब किंग्स अपने होम ग्राउंड धर्मशाला में तीन मुकाबले खेलेगी, जो 11 मई, 14 मई और 17 मई को होंगे।
घायल फैन का प्रीति जिंटा ने पूछा हालचाल:अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किया वीडियो कॉल, प्रियांश आर्य के शॉट से लगी थी चोट

प्रियांश आर्य के छक्के से घायल हुए बुजुर्ग फैन कृष्णचंद को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद टीम की को-ओनर प्रीति जिंटा ने वीडियो कॉल पर उनसे बात की और उनका हालचाल पूछा। इस बातचीत का वीडियो पंजाब किंग्स के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर शेयर किया, साथ ही लिखा, फैंस हमेशा पहले आते हैं। कृष्ण चंद जी के जल्दी ठीक होने की कामना करते हैं। उन्हें बेहतर होते देखकर खुशी हुई। बता दें कि यह घटना मंगलवार को पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मैच के दौरान हुई थी। मैच में प्रियांश आर्य के बल्ले से निकला एक ऊंचा शॉट सीधे स्टैंड्स में जाकर गिरा, जहां मौजूद बुजुर्ग फैन कृष्णचंद के चेहरे पर गेंद लग गई। घटना के तुरंत बाद उनका चेहरा लहूलुहान हो गया। आसपास बैठे दर्शकों ने तुरंत मदद की और उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के बाद अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। घटना के बाद प्रीति जिंटा और खिलाड़ी प्रियांश आर्य ने वीडियो कॉल के जरिए कृष्णचंद से बातचीत की। इस दौरान प्रियांश ने कहा कि उन्हें टेंशन हो गई थी कि कृष्णचंद जी को ज्यादा चोट तो नहीं लगी। इस पर प्रीति ने कहा कि उन्होंने भी चिंता की थी। धर्मशाला में मैच देखने के लिए बुलाया वीडियो कॉल के दौरान प्रीति जिंटा ने उन्हें धर्मशाला में होने वाले अगले मैच के लिए इनवाइट किया। साथ ही हल्के अंदाज में एक्ट्रेस ने कहा कि अगली बार आपको हेलमेट पहना देंगे, ताकि कोई बॉल आए तो आप सुरक्षित रहें। प्रीति ने कहा, “आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा, आप सेफ रहें और हम आपका धर्मशाला में इंतजार करेंगे।” इस आईपीएल में पंजाब किंग्स अपने होम ग्राउंड धर्मशाला में तीन मुकाबले खेलेगी, जो 11 मई, 14 मई और 17 मई को होंगे।
विजय टीवीके विधायकों को जिताने के लिए ‘रिसॉर्ट’ पर विचार कर रहे हैं क्योंकि तमिलनाडु संभावित त्रिशंकु विधानसभा के लिए तैयार है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 11:51 IST 2026 के तमिलनाडु चुनाव में संभावित त्रिशंकु फैसले की अटकलें बढ़ने के साथ, विजय की टीवीके पहले से ही परिणाम के बाद के परिदृश्य के लिए तैयारी कर रही है। विजय ने पार्टी पदाधिकारियों को मामल्लपुरम के पास पूंजेरी में एक रिसॉर्ट बुक करने का निर्देश दिया है (फाइल तस्वीर/पीटीआई) तमिलनाडु चुनाव 2026: अपनी फिल्मों की तरह, जहां वह अक्सर खलनायक से दो कदम आगे रहते हैं, विजय उसी प्रवृत्ति को राजनीति में लाते नजर आते हैं। हालांकि राजनीतिक क्षेत्र में नया, “थलपति” खेल में आगे रहने के लिए उत्सुक दिखता है। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में संभावित त्रिशंकु फैसले की अटकलें बढ़ने के साथ, विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) पहले से ही परिणाम के बाद के परिदृश्य की तैयारी कर रही है। की एक रिपोर्ट के मुताबिक द न्यू इंडियन एक्सप्रेसपार्टी ने अपने जीते हुए विधायकों को चेन्नई के पास एक रिसॉर्ट में ले जाने की व्यवस्था की है। सूत्रों ने प्रकाशन को बताया कि विजय ने पार्टी पदाधिकारियों को विजयी उम्मीदवारों को ठहराने के लिए मामल्लापुरम के पास पूंजेरी में एक रिसॉर्ट बुक करने का निर्देश दिया है, खंडित जनादेश की स्थिति में अवैध शिकार को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर यह कदम देखा जा रहा है। विजय ने पहले टीवीके उम्मीदवारों से कहा था कि वे सीट जीतने के बाद कहीं न जाएं। एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल अनुमान में भविष्यवाणी की गई है कि टीवीके 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 80-120 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। 5 टाइम्स एक्सिस माई इंडिया ने बोल्ड एग्ज़िट पोल भविष्यवाणियों से सभी को चौंका दिया और सही साबित हुए विजय खुद चेन्नई की पेरम्बूर सीट और त्रिची पूर्व से चुनाव लड़ रहे हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विजय टीवीके विधायकों को जिताने के लिए ‘रिसॉर्ट’ पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि तमिलनाडु संभावित त्रिशंकु विधानसभा के लिए तैयार है। अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)विजय राजनीति(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके पार्टी रणनीति(टी)त्रिशंकु विधानसभा तमिलनाडु(टी)रिसॉर्ट राजनीति चेन्नई(टी)एमएलए अवैध शिकार रोकथाम(टी)थलपति विजय पार्टी
भिवाड़ी में गूंजे ठहाके; ‘हंसी’ है हर बीमारी की पक्की दवा, डॉक्टर ने बताया फिट रहने का मंत्र, Video

X भिवाड़ी में गूंजे ठहाके; ‘हंसी’ है हर बीमारी की पक्की दवा, Video Alwar Video: विश्व हास्य दिवस 2026 के अवसर पर भिवाड़ी के बाबा मोहन राम मंदिर में लोगों ने सामूहिक रूप से ठहाके लगाकर तनाव दूर करने का संदेश दिया. डॉ. रूप सिंह ने बताया कि रोज़ाना 10 मिनट हंसने से कोर्टिसोल हार्मोन कम होता है, जिससे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा टलता है. यह दिवस विशेष रूप से कॉरपोरेट क्षेत्र के तनावग्रस्त कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया गया. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|
भास्कर अपडेट्स:नासिक TCS केस की आरोपी निदा की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज

नासिक कोर्ट ने शनिवार को TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी निदा खान की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी। निदा अब तक फरार है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने बताया कि निदा खान इस केस की मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। FIR के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह दी थी। यह मामला कंपनी के अंदर कथित धार्मिक दबाव और उत्पीड़न से जुड़ा बताया गया है। इसी मामले में नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच कर रही है। टीम ने अब तक 9 FIR दर्ज की हैं, जो महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… नवी मुंबई में 86 लाख रुपए की ड्रग्स के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार महाराष्ट्र के नवी मुंबई शहर में एक व्यक्ति के पास से 86 लाख रुपए कीमत की मेफेड्रोन जब्त की गई है। शनिवार-रविवार रात करीब 2 बजे पुलिस की टीम ने गश्त के दौरान उल्वे इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा था। जांच करने पर उसके पास से 344 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुई। उल्वे पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान स्थानीय निवासी रवि खटीक के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि दो व्यक्तियों ने उसे यह ड्रग बेचने के लिए दी थी। दोनों आरोपियों की तलाश जारी है।
’10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे…’, फाल्टा के सभी मतदान प्रस्ताव पर वोट को लेकर भड़के अभिवावक बैंगन

पश्चिम बंगाल में अब नई राजनीतिक मैराथन देखने को मिल रही है। चुनाव आयोग ने 144-फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान आयोग को मतदान का आदेश दिया है। सभी सहायक मतदान अभिकर्ताओं पर भी नए इंजीनियर से वोट डालेंगे। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चुनाव आयोग और 24 मई को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल के 293 प्रारंभिक चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किये जायेंगे, वहीं फाल्टा को इस घोषणा से अलग रखा जाएगा। चुनाव आयोग ने क्यों लिया ये फैसला? 29 अप्रैल को मतदान के दौरान हुई वोटिंग के दौरान निर्वाचक मंडल और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर स्टिकर चिपकाने के मामले को लेकर चुनाव आयोग ने ये फैसला लिया। इस घटना ने अनौपचारिक कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा नेताओं के बीच राजनीतिक बहस शुरू कर दी है। भाजपा नेताओं अमित आंतरराष्ट्रीय ने बंगाल की ममता सरकार पर मजबूत जातीय समूह। उन्होंने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल के पुनर्निर्माण का भुगतान किया जा चुका है। भड़के अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा? पार्टी के रिकॉर्ड का बचाव करते हुए पार्टी के रिकॉर्ड को लेकर विपक्ष की ओर से विपक्ष को चुनौती दी गई। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बनर्जी ने कहा कि उनके डायमंड हार्बर मॉडल को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, खासकर विरोधी गुजराती गैंग को झटका लगेगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा करने के लिए 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे। राहुल गांधी के खिलाफ चल रहा मुकदमा, 11 मई को सुल्तानपुर कोर्ट में सुनवाई, जानिए क्या है मामला अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी नेताओं को फाल्टा से चुनावी लड़ाई की चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनकी हिम्मत है तो वे सभी अपनी-अपनी कुछ हिस्सेदारी देख लें और अपनी सबसे मजबूत दावेदारी को मैदान में उतारें। बता दें कि फाल्टा विधानसभा डायमंड हार्बर क्षेत्र में आती है, जो राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए पुनर्मतदान के आदेश ने राजनीतिक संतों के बीच आरक्षण की शर्त को और बढ़ाया है। ऐसे में अब सभी के विपक्ष फाल्टा पर टिकी हैं कि निर्माता जा रहे हैं वोटिंग में वोटर किसको विजयी हैं। ये भी पढ़ें बंगाल चुनाव आयोग को लेकर बड़ा फैसला, 165 डेविल्स काउंटी और 77 पुलिस ऑब्जर्वर की नियुक्ति
गर्मियों में दही खा रहे हैं? जान लें सही तरीका, मीठा खाएं या नमक डालकर? वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Summer Curd Tips: गर्मी शुरू होते ही घरों में दही, छाछ और लस्सी की मांग बढ़ जाती है. लोग इसे ठंडक देने वाला सुपरफूड मानकर रोज खाने लगते हैं, लेकिन कई बार यही दही कुछ लोगों के लिए परेशानी भी बन जाता है. किसी को पेट फूलने लगता है, किसी को मुंहासे निकल आते हैं, तो किसी को शरीर में गर्मी महसूस होने लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दही, जिसे हमेशा ठंडा माना गया, वह नुकसान कैसे कर सकता है? दरअसल, मामला दही खाने के तरीके और समय से जुड़ा है, अगर सही ढंग से सेवन किया जाए तो दही गर्मियों में बेहद फायदेमंद है, लेकिन गलत तरीके से खाने पर यह शरीर को सूट नहीं करता. इसलिए सिर्फ दही खाना काफी नहीं, उसे सही तरह खाना ज्यादा जरूरी है. आइए जानते हैं गर्मियों में दही खाने का सही तरीका क्या है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. क्यों कुछ लोगों को दही से होती है परेशानीदही में प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह पेट के लिए अच्छा माना जाता है और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, लेकिन हर शरीर की प्रकृति अलग होती है. यही वजह है कि कुछ लोगों को दही खाने के बाद गैस, भारीपन या स्किन प्रॉब्लम होने लगती है. कई लोग फ्रिज से निकालकर तुरंत ठंडी दही खा लेते हैं. इससे पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है. वहीं कुछ लोग रात में दही खाते हैं, जो कई बार बलगम, गले की दिक्कत या अपच का कारण बन सकता है. दही की तासीर को लेकर क्या कहते हैं जानकारआयुर्वेद में दही को भारी माना गया है. यानी यह हर समय और हर मात्रा में सबको सूट करे, ऐसा जरूरी नहीं. खासतौर पर गर्मियों में अगर ज्यादा मात्रा में गाढ़ी दही खाई जाए तो कुछ लोगों को शरीर में गर्मी, त्वचा पर दाने या आलस महसूस हो सकता है. यही कारण है कि पुराने समय से दही को सीधे खाने के बजाय छाछ या लस्सी के रूप में लेने की सलाह दी जाती रही है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. गर्मियों में दही खाने का सबसे सही तरीका1. छाछ बनाकर पिएंदही में पानी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें और हल्का नमक, भुना जीरा डाल दें. इससे यह हल्की हो जाती है और पचने में आसान रहती है. दोपहर के खाने के साथ छाछ लेना बेहतर माना जाता है. 2. मीठी लस्सी सीमित मात्रा मेंअगर मीठी लस्सी पसंद है तो कम चीनी डालकर लें. ज्यादा मीठी लस्सी वजन बढ़ाने और सुस्ती देने का कारण बन सकती है. 3. कमरे के तापमान पर खाएंफ्रिज से निकालकर तुरंत दही खाने के बजाय कुछ देर बाहर रखें. बहुत ठंडी चीजें पेट पर असर डाल सकती हैं. किस समय दही खाना बेहतर हैदोपहर का समय दही खाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस समय पाचन क्षमता बेहतर रहती है. सुबह भी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है, लेकिन रात में दही खाने से बचना बेहतर रहता है, खासकर जिन लोगों को सर्दी, खांसी या साइनस की शिकायत रहती है. किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए1. स्किन एलर्जी वाले लोगअगर दही खाने के बाद बार-बार मुंहासे या खुजली होती है तो मात्रा कम करें और डॉक्टर से सलाह लें. 2. कमजोर पाचन वाले लोगजिन्हें गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की दिक्कत रहती है, वे गाढ़ी दही की जगह पतली छाछ लें. 3. वजन घटाने वाले लोगबिना चीनी की दही या लो-फैट दही बेहतर विकल्प हो सकती है. घरों में अपनाया जाने वाला आसान तरीकाकई घरों में गर्मियों में दोपहर के खाने के साथ जीरा छाछ दी जाती है. गांवों और छोटे शहरों में आज भी यह आदत आम है. इससे शरीर हल्का रहता है और डिहाइड्रेशन का खतरा भी कम होता है. दही खराब नहीं है, बस उसका सही उपयोग जरूरी है, अगर आप इसे सीधे भारी मात्रा में खाने के बजाय छाछ या लस्सी बनाकर लेते हैं, सही समय पर खाते हैं और अपनी बॉडी के हिसाब से सेवन करते हैं, तो गर्मियों में यह बेहतरीन फूड साबित हो सकता है.
किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पर्यटकों का हुड़दंग:चलती कार से बाहर निकलकर बीयर पीते दिखे युवक; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

किरतपुर-मनाली फोरलेन पर एक बार फिर पर्यटकों की लापरवाही का मामला सामने आया है। बैहना और चक्कर क्षेत्र के बीच का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें हरियाणा नंबर (HR 26F Y9792) की एक कार में सवार दो युवक चलती गाड़ी की खिड़की से बाहर निकलकर बीयर पीते नजर आ रहे हैं। यह घटना 2 मई की है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार में बैठे युवक आधे शरीर को खिड़की से बाहर निकालकर स्टंट करते हुए शराब का सेवन कर रहे हैं। यह न केवल यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन है, बल्कि इसमें शामिल युवकों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता था। 20 सेकंड के इस वीडियो में युवक बीयर पीकर उसे खुले में फेंकते भी दिख रहे हैं, जिससे सड़क पर अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती थी। वीडियो वायरल होने पर लोगों में रोष बताया जा रहा है कि यह वीडियो पीछे चल रही एक अन्य गाड़ी में सवार लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जिसके बाद इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ पर्यटक हिमाचल के शांत वातावरण को खराब करने में लगे हैं, जिससे प्रदेश की छवि भी प्रभावित होती है। एसपी बोले- सख्त कार्रवाई करेगी पुलिस स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मांग की जा रही है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। एसपी मंडी विनोद कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और उचित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पहले भी आ चुके कई मामले सामने गौरतलब है कि इससे पहले भी कई बार पर्यटकों द्वारा हिमाचल में यातायात नियमों की अनदेखी और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासनहीनता के मामले सामने आ चुके हैं। पूर्व में भी इसी तरह की स्टंटबाजी से कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं।
विंध्य के 9 जिलों में सिक्के नहीं चलते:भास्कर के स्टिंग में दुकानदार बोले-बैंक ही नहीं लेती; पंडित-पुरोहित ने कहा-एक रुपए का शगुन खत्म

मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, सिंगरौली, उमरिया, मऊगंज, मैहर और अनूपपुर जिलों के दुकानदार RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा जारी सिक्के नहीं ले रहे हैं। ये स्थिति बीते करीब 5 साल से है। जिसके चलते सिक्के आर्थिक व्यवहार से बाहर हो गए हैं। मतलब साफ है कि विंध्य के इन 9 जिलों में RBI नहीं, दुकानदारों के अपने नियम चलते हैं। प्रशासन भी इन पर नकेल नहीं कस पा रहा है। सिक्के न लेने का कारण कोई भी दुकानदार खुलकर नहीं बताता इसलिए भास्कर रिपोर्टर ने स्टिंग ऑपरेशन किया। रिपोर्टर आम ग्राहक बनकर दुकानों पर पहुंचा और सिक्कों से भुगतान करने की कोशिश की, जिससे जमीनी सच्चाई सामने आ सके। पढ़िए, रिपोर्ट… पंडित-पुरोहितों ने भी किया इनकार भास्कर रिपोर्टर पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, डेयरी, फल, जूस और किराना स्टोर पर पहुंचा। सामान खरीदने के बदले में सिक्कों से भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन हर जगह लगभग एक जैसा जवाब मिला- सिक्के नहीं लेंगे। यहां तक कि पंडित-पुरोहितों ने भी सिक्के लेने में रुचि नहीं दिखाई। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक सिक्के तो दे जाते हैं, लेकिन आगे उन्हें कोई स्वीकार नहीं करता, जिससे उनका पैसा फंस जाता है। बैंक भी बड़ी मात्रा में सिक्के जमा करने में आनाकानी करते हैं। 7 जगहों पर जांची सिक्कों की जमीनी हकीकत पेट्रोल पंप पर नोट लिए, सिक्का वापस किया भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले विश्वविद्यालय सिरमौर रोड स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर पहुंचा। यहां उसने अपनी गाड़ी में 310 रुपए का पेट्रोल डलवाया। बदले में 300 रुपयों के नोट दिए और बाकी 10 रुपए का एक सिक्का दिया। पेट्रोल पंप कर्मी ने नोट तो रख लिए लेकिन सिक्के लेने से मना कर दिया। कहने लगा- भैया सिक्के मत दीजिएगा। जब उससे इसके पीछे का कारण पूछा गया तो बोला कि कई सालों से ऐसा ही चल रहा है। रिपोर्टर ने सिक्का देने की कोशिश की लेकिन उसके बाद भी वह नहीं माना। इसके बाद मजबूरी में 10 रुपए का नोट ही देना पड़ा। कोरोना के बाद से सिक्के नहीं ले रहे व्यापारी इसके बाद रिपोर्टर अनंतपुर में एक डेयरी पर पहुंचा। यहां उसने दही खरीदा। भुगतान करते हुए सिक्के देने चाहे तो दुकानदार ने लेने से साफ मना कर दिया। कहा कि कोरोनाकाल के बाद से यहां सिक्के नहीं चल रहे हैं। बातचीत में दुकानदार ने बड़े व्यापारियों को इसकी वजह बताया। बोला कि वो नहीं तो लेते हम क्यों लें? यहां से रिपोर्टर बजरंग नगर में एक फल और जूस की दुकान पर पहुंचा। दो गिलास आम का जूस खरीदा। 40 रुपए का बिल बना। रिपोर्टर ने 30 रुपए के नोट दिए, बाकी बचे 10 रुपए के सिक्के दिए। दुकानदार हैरान होकर बोला कि भैया, ये सिक्के यहां नहीं चलते। इसका कारण पूछा तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला। दुकानदार ने यही कहा कि मैं क्या, कोई भी यहां सिक्के नहीं लेता। किराना स्टोर संचालक बोला- सिक्के काम के नहीं रिपोर्टर केके बाजार रोड स्थित एक किराना स्टोर पहुंचा। 60 रुपए का व्रत वाला सेंधा नमक खरीदा। इसके बाद में संचालक को सिक्के देकर टॉफी लेने की कोशिश की। दुकानदार से सिक्के लेने से मना कर दिया। कहने लगा कि भैया ये सिक्के निकालिए ही मत। किसी काम के नहीं हैं। जब उससे इसके पीछे की वजह पूछ तो ज्यादा कुछ नहीं बोला। बस इतना ही कहा- कई सालों से यही हाल है। मेडिकल संचालक बोला- मैं खुद बाहर जाकर चला रहा सिक्का चलाने की कोशिश करने रिपोर्टर दो मेडिकल स्टोर्स पर पहुंचा। सिरमौर चौराहे के मेडिकल स्टोर पर विक्स की गोलियां लीं, लेकिन सिक्के देने पर दुकानदार ने मना कर दिया। उसने कहा कि सिक्के चलते ही नहीं हैं। मैं खुद बाहर ले जाकर चलाता हूं। लाइफ केयर हॉस्पिटल के पास एक दूसरी मेडिकल स्टोर पर रिपोर्टर पहुंचा। ईनो और सिर दर्द की दवा खरीदी। यहां भी दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा- भैया सिक्के नहीं चल पाएंगे, कोरोना काल से बंद हैं। जब उनसे कारण पूछा तो बताया लोग नहीं लेते, इसलिए मैं भी नहीं लेता। डिलीवरी बॉय ने भी नहीं लिए सिक्के स्टिंग ऑपरेशन के तहत रिपोर्टर ने फूड ऑर्डर किया। डिलीवरी बॉय जब ऑर्डर लेकर पहुंचा तो बिल का आंशिक रूप से भुगतान करने सिक्कों को देने की कोशिश की। डिलीवरी बॉय ने जैसे ही सिक्के देखे उसने तुरंत उन्हें लेने से मना कर दिया। उसने कहा- सर, सिक्के मैं नहीं ले पाऊंगा। कंपनी में जमा करने में दिक्कत होती है। वहां भी कोई नहीं लेता। सिक्के ले भी लेता हूं तो बाद में मुझे ही परेशानी होती है। इसलिए अब सीधे मना ही कर देता हूं। ऑटो ड्राइवर बोला- सिक्के चलाना मुश्किल सिक्के न लेने की वजह जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने सिरमौर चौराहा से नए बस स्टैंड तक ऑटो से सफर किया। उतरते समय सिक्कों में भुगतान करने की कोशिश की तो ऑटो चालक ने हाथ खड़े कर दिए। उसने कहा- भैया सिक्के लेकर क्या करूंगा, कोई लेता ही नहीं है। पूछने पर उसने बताया कि दिनभर की कमाई में अगर सिक्के इकट्ठे हो जाएं तो उन्हें चलाना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में या तो छोटे दुकानदार ढूंढने पड़ते हैं या फिर नोट में ही लेनदेन करना पड़ता है। आखिरकार हमें नोट में ही किराया देना पड़ा। पंडित बोले- शगुन का धीरे-धीरे हो रहा खात्मा पंडित राजेश शास्त्री ने कहा- शुभ कार्यों में शगुन के तौर पर एक रुपए के सिक्के का विशेष महत्व होता था, लेकिन अब लोग नोट में ही पूरी राशि देने लगे हैं। पुरानी परंपरा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। कियोस्क संचालक बोला- बैंक अस्वीकार कर देती है कियोस्क संचालक ने कहा- काफी ग्राहक सिक्के लेकर आते हैं, लेकिन इन्हें बैंक में आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता। एक-दो बार ज्यादा मात्रा में सिक्के ले जाने पर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार वापस लौटा दिया जाता है। इसी वजह से अब मजबूरी में ग्राहकों से सिक्के लेने से मना करना पड़ता है। अगर बैंक स्तर पर सरल व्यवस्था हो जाए तो सिक्के लेने में कोई दिक्कत नहीं है। लोग बोले- बाजार में सिक्के चलाना समस्या बना स्थानीय निवासी अमित तिवारी ने कहा कि बाजार में सिक्के लेकर जाना समस्या बन






