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सिंगरौली में तीन सूने घरों में चोरी:ताले तोड़कर घुसे चोरों ने लाखों का सामान चुराया; एक स्कूटी भी लेकर फरार

सिंगरौली में तीन सूने घरों में चोरी:ताले तोड़कर घुसे चोरों ने लाखों का सामान चुराया; एक स्कूटी भी लेकर फरार

सिंगरौली जिले के विंध्यनगर थाना अंतर्गत जयंत चौकी क्षेत्र में स्थित एनसीएल जयंत परियोजना की CWS कॉलोनी में चोरी की वारदात हुई है। जिले की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इस कॉलोनी में सोमवार रात अज्ञात चोरों ने तीन बंद पड़े आवासों को निशाना बनाया। चोरों ने घरों के ताले तोड़कर अंदर जमकर उत्पात मचाया। जिन घरों में चोरी हुई, उनके परिवार बच्चे की छुट्टियों और शादी-विवाह के कारण अपने पैतृक गांव गए हुए थे। सूने मकानों का फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। तीनों घरों के लॉकर तोड़ दिए गए और सामान बिखरा मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चोरों ने काफी समय लेकर घरों की तलाशी ली। कॉलोनी से एक स्कूटी भी ले गए चोर चोर कॉलोनी से एक स्कूटी भी चोरी कर ले गए, लेकिन किसी भी गेट पर उसकी एंट्री दर्ज नहीं हुई। इस घटना ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जाता है कि कॉलोनी में करीब 15 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जिनकी भूमिका पर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में भारी आक्रोश है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में ऐसी वारदात हो सकती है, तो अन्य इलाकों की सुरक्षा का क्या होगा। मामले में थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और घर खाली छोड़ते समय पड़ोसियों व सुरक्षा कर्मियों को सूचित करने की सलाह दी है।

मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई:मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस

मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर SC में सुनवाई:मुस्लिम बोर्ड ने कहा था- वे घर पर ही इबादत करें, महिलाओं के खतना पर भी होगी बहस

केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सबरीमाला पर बहस 22 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। अब मुस्लिम धर्म में महिलाओं से जुड़े रीति-रिवाजों पर बहस जारी है। 23 अप्रैल को पिछली सुनवाई में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कोर्ट से कहा था कि इस्लाम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद आने से नहीं रोकता है, लेकिन यह बेहतर है कि वे घर पर ही इबादत करें। उधर मुस्लिम महिलाओं में एफजीएम (फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन) यानि खतना से जुड़ी प्रथा पर भी बहस होगी। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं

झाबुआ में पारा 43.8°C पहुंचा, लू का प्रकोप:सड़कों पर सन्नाटा; डॉक्टरों ने धूप से बचने, हाइड्रेटेड रहने की दी सलाह

झाबुआ में पारा 43.8°C पहुंचा, लू का प्रकोप:सड़कों पर सन्नाटा; डॉक्टरों ने धूप से बचने, हाइड्रेटेड रहने की दी सलाह

झाबुआ में पिछले सात दिनों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में भीषण गर्मी और लू का असर देखा जा रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 3.6°C की बढ़ोतरी हुई है। हफ्ते की शुरुआत में तापमान 40.2°C (22 अप्रैल) था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। 25 अप्रैल को पारा 41.8°C तक पहुंच गया। 26 और 27 अप्रैल को अधिकतम तापमान 43.8°C दर्ज किया गया, जो सप्ताह का सर्वाधिक था। इन दिनों में न्यूनतम तापमान भी 25.5°C से 26.0°C के बीच रहा, जिससे रातें भी गर्म रहीं। 24 अप्रैल को 40.4°C दर्ज किए गए तापमान में 48 घंटों के भीतर 3.4°C की वृद्धि हुई, और 26 अप्रैल को यह 43.8°C पर पहुंच गया। इस तीव्र वृद्धि ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। हफ्ते की शुरुआत में न्यूनतम तापमान 20.6°C (24 अप्रैल) था, लेकिन हफ्ते के अंत तक इसमें 5 डिग्री से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इससे रात के समय भी गर्मी से राहत मिलना मुश्किल हो गया। पिछले दो दिनों की तुलना में आज तापमान में कमी आज मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.2°C दर्ज किया गया। यह पिछले दो दिनों की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। मौसम में इस अचानक बदलाव के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखा गया। डॉक्टरों ने बढ़ते तापमान और लू के मद्देनजर लोगों को हाइड्रेटेड रहने और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।

शकीरा के शो से पहले क्रू मेंबर की मौत:ब्राजील में स्टेज तैयार करते समय हुआ हादसा, सिंगर ने दुख जताया

शकीरा के शो से पहले क्रू मेंबर की मौत:ब्राजील में स्टेज तैयार करते समय हुआ हादसा, सिंगर ने दुख जताया

ब्राजील में सिंगर शकीरा के अपकमिंग कॉन्सर्ट की तैयारियों के दौरान एक हादसा हो गया। रविवार को शो के लिए स्टेज तैयार करते समय गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो नाम का एक क्रू मेम्बर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। कॉन्सर्ट के ऑर्गनाइजर्स ने इसकी पुष्टि की है। ब्राजील के रियो डी जनेरियो में शकीरा का यह कॉन्सर्ट 2 मई 2026 को होने वाला है। पीपल मैगजीन के अनुसार, यह हादसा रविवार दोपहर को हुआ, जब कर्मचारी शो के लिए स्ट्रक्चर तैयार करने वाली टीम का हिस्सा था। ऑर्गनाइजर्स ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि मृतक स्टेज बनाने का काम करता था और हादसे के बाद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शकीरा ने दुख जताया वहीं, एंटरटेनमेंट वीकली के अनुसार, एक बयान में शकीरा ने कहा, ‘मैं गैब्रियल डी जीसस फिरमिनो के परिवार, दोस्तों और साथ काम करने वालों के लिए बहुत दुखी हूं।’ ऑर्गनाइजर्स ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर मौजूद फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स ने शुरुआती मदद दी। इसके बाद फायर डिपार्टमेंट को बुलाया गया और घायल कर्मचारी को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्टेट फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, हादसा लिफ्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते समय हुआ। इस दौरान कर्मचारी के पैर बुरी तरह कुचल गए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। आयोजकों ने कहा कि पीड़ित के परिवार, संबंधित कंपनी और इस घटना से प्रभावित टीम के सदस्यों को हर संभव सहायता दी जा रही है।

4 माह का मासूम 3 फीट ऊंचे बेड से गिरा:चचेरी बहन की गोद से छूटा, इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

4 माह का मासूम 3 फीट ऊंचे बेड से गिरा:चचेरी बहन की गोद से छूटा, इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

इंदौर के आजाद नगर इलाके में एक दर्दनाक हादसे में 4 माह के मासूम की मौत हो गई। बच्चा अपनी 6 साल की चचेरी बहन की गोद से फिसलकर जमीन पर गिर गया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आजाद नगर थाना क्षेत्र के भील कॉलोनी में मंगलवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे यह हादसा हुआ। 4 माह का रियाश अपनी 6 साल की चचेरी बहन की गोद में था। बच्ची उसे लेकर करीब 3 फीट ऊंचे बेड पर बैठी थी। इसी दौरान खेलते समय रियाश अचानक हाथ से छूटकर नीचे मुंह के बल गिर गया। गिरते ही बच्चे की सांसें थमने लगीं। घबराई बच्ची ने तुरंत इसकी जानकारी परिजनों को दी। उस समय मां बाथरूम में थी। बाहर आकर उसने सास और अन्य परिजनों को बताया, जिसके बाद सभी उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन बच्चे को एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। परिजनों के मुताबिक हादसे के वक्त मां और दादी घर के काम में व्यस्त थीं। बच्ची रियाश को खिलाने के लिए गोद में लेकर आई थी। रियाश का एक 4 साल का बड़ा भाई भी है। पिता राजकुमार निजी कंपनी में काम करते हैं।

फोटो-ऑप के बाद वापस लौटे वाहन: कर्नाटक की स्वावलंबी सारथी योजना पर विवाद | राजनीति समाचार

Trump is not satisfied with Iran's proposal on lifting the blockade on Strait of Hormuz. (Courtesy: Reuters)

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 10:26 IST जबकि सरकार ने इसे ‘प्रतीकात्मक कार्यक्रम’ कहा, भाजपा ने कल्याण का झांसा देने का आरोप लगाया, क्योंकि कार्यक्रम में प्रदर्शित वाहनों को कथित तौर पर शोरूम में वापस भेज दिया गया था। यह योजना कैब और माल वाहन खरीदने के लिए उच्च सब्सिडी की पेशकश करके सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समुदायों के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई थी। (एक्स) कर्नाटक की स्वावलंबी सारथी स्व-रोज़गार योजना पर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब आरोप सामने आए कि ओबीसी, एससी/एसटी और अल्पसंख्यक युवाओं के लिए कल्याण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किए गए वाहनों को आधिकारिक लॉन्च कार्यक्रम के कुछ ही घंटों बाद शोरूम में वापस कर दिया गया था। मार्च 2025 के राज्य बजट में घोषित इस योजना को कैब और माल वाहन खरीदने के लिए उच्च सब्सिडी की पेशकश करके सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समुदायों के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया था। पहल के तहत, लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त होने की उम्मीद है ताकि वे वाहन खरीद सकें और परिवहन और रसद क्षेत्रों में आजीविका के अवसर पैदा कर सकें। हालाँकि, उन रिपोर्टों के बाद विवाद छिड़ गया, जिनमें दावा किया गया था कि 26 मार्च को कार्यक्रम स्थल पर लाई गई कई कारों और वाणिज्यिक वाहनों को कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर शोरूम में वापस ले जाया गया था, जिससे यह सवाल उठने लगा कि क्या वितरण वास्तव में हुआ था या एक औपचारिक प्रदर्शन के रूप में किया गया था। कल्याण लॉन्च या फोटो-ऑप अभ्यास?स्वावलंबी सारथी योजना के तहत ओबीसी, एससी/एसटी और अल्पसंख्यक युवाओं के लिए प्रदर्शित वाहनों को कथित तौर पर आधिकारिक कार्यक्रम के कुछ घंटों के भीतर शोरूम में वापस भेज दिया गया था। मंत्री कहते हैं कि यह केवल प्रतीकात्मक था, बाद में लाभ देने का वादा किया। #कर्नाटक pic.twitter.com/In3h8uW5DQ – हरीश उपाध्या (@हरिशुपाध्या) 27 अप्रैल 2026 घटना के एक महीने बाद जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा, आरोपों का जवाब देते हुए, पिछड़ा वर्ग विकास मंत्री शिवराज तंगदागी ने स्वीकार किया कि वाहन केवल प्रदर्शन के उद्देश्य से लाए गए थे और इस घटना को प्रतीकात्मक बताया। उन्होंने कहा, “हम उन वाहनों को कार्यक्रम के लिए लाए हैं। हमने लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली है, और डीबीटी होगी, और हम उन्हें वाहन देंगे। हमारे पास लाभार्थियों की सूची है। हमने कार्यक्रम थोड़ा पहले आयोजित किया क्योंकि हमें मुख्यमंत्री के साथ तारीखें नहीं मिल सकीं। अगले कुछ दिनों में, हमें शोरूम से वाहनों की सूची प्राप्त होगी।” तंगादगी ने कहा कि योजना का कार्यान्वयन अभी भी चल रहा है और जोर देकर कहा कि लाभार्थियों को अनुमोदित प्रक्रिया के अनुसार जल्द ही वाहन प्राप्त होंगे। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम औपचारिक रूप से पहल शुरू करने और योजना के तहत वितरित किए जाने वाले वाहनों के प्रकार को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। हालाँकि, विपक्षी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया और उस पर वास्तविक लाभ पहुंचाने के बजाय प्रचार करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता अशोक गौड़ा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए धन की कमी है और वह प्रतीकात्मक घोषणाओं का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार का खजाना खाली हो गया है। उनके पास कल्याणकारी योजनाओं का समर्थन करने के लिए धन नहीं है। यहां जो हुआ उससे पता चलता है कि यह केवल एक फोटो-ऑप था।” स्वावलंबी सारथी योजना को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अल्पसंख्यक समुदायों के बेरोजगार युवाओं को लक्षित करने वाली एक प्रमुख कल्याणकारी पहल के रूप में देखा जाता है, जिसका लक्ष्य सब्सिडी वाले वाहन स्वामित्व के माध्यम से आजीविका में सुधार और बेरोजगारी को कम करना है। सरकार ने अपनी व्यापक कल्याण प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण बजटीय आवंटन का संकेत दिया था। मंत्री द्वारा इस वादे के साथ कि लाभार्थियों की सूची तैयार है और शोरूमों से वाहन विवरण जल्द ही सत्यापित किया जाएगा, इस प्रकरण ने राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया है, विपक्ष ने योजना के तहत आवंटन, लाभार्थी चयन और वास्तविक वाहन वितरण पर पारदर्शिता की मांग की है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 28 अप्रैल, 2026, 10:26 IST समाचार राजनीति फोटो-ऑप के बाद वापस लौटे वाहन: कर्नाटक की स्वावलंबी सारथी योजना पर विवाद अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)स्वावलंबी सारथी योजना(टी)कर्नाटक स्वरोजगार योजना(टी)ओबीसी एससी एसटी अल्पसंख्यक कल्याण(टी)वाहन सब्सिडी कार्यक्रम(टी)डीबीटी लाभार्थी विवाद(टी)कांग्रेस सरकार कल्याण(टी)भाजपा विपक्ष की आलोचना(टी)कर्नाटक राजनीतिक विवाद

तेजप्रताप बोले- बाबा मेरा राजनीतिक भविष्य देख लीजिएगा:बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के साथ सामने आई VIDEO चैट, मांगा आशीर्वाद

तेजप्रताप बोले- बाबा मेरा राजनीतिक भविष्य देख लीजिएगा:बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के साथ सामने आई VIDEO चैट, मांगा आशीर्वाद

‘जनशक्ति जनता दल’ (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बीच वीडियो कॉल पर हुई बातचीत का एक वीडियो सामने आया है। बातचीत में तेज प्रताप यादव ने धीरेंद्र शास्त्री से अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में पूछा। वीडियो इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि तेज प्रताप यादव पहले धीरेंद्र शास्त्री के मुखर आलोचक रहे हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को ‘डरपोक’ और ‘देशद्रोही’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था। अब उनकी यह बातचीत बिहार के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। तेज प्रताप बोले- बाबा मेरा राजनीतिक देख लीजिएगा वीडियो में तेज प्रताप यादव धीरेंद्र शास्त्री से कहते हैं, “बाबा मेरा राजनीतिक देख लीजिएगा, राजनीतिक…” इसके जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “बिलकुल पक्का! हम और आप बैठेंगे, जब आप यहां आएंगे”। तेज प्रताप यादव ने इस पर सहमति जताई और धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे एक-दो घंटे साथ बैठेंगे। 2023 में दी थी कड़ी चेतावनी साल 2023 में जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पटना के नौबतपुर में कथा करने वाले थे, तब तेज प्रताप यादव ने कड़ा विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि बिहार गांधी और बुद्ध की धरती है। यहां अगर कोई हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने आएगा तो उसे वापस लौटना होगा। तेज प्रताप ने यहां तक कह दिया था कि जरूरत पड़ी तो वे पटना एयरपोर्ट का घेराव करेंगे। उस वक्त उनका यह बयान काफी सुर्खियों में था और इसे धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ खुली चेतावनी माना गया था। हम बहुत बड़े बाबा हैं…वाला बयान भी हुआ था वायरल इसी दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री रहते हुए तेज प्रताप यादव ने एक कार्यक्रम में बिना नाम लिए धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था,‘बहुत बाबा आए, लेकिन हम बहुत बड़े बाबा हैं। हम जमीन से लेकर पाताल तक नाप देंगे।’ राम रहीम और आसाराम से की थी तुलना तेज प्रताप यादव ने एक एजेंसी में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तुलना राम रहीम और आसाराम बापू से भी की थी। उन्होंने कहा था कि धीरेंद्र शास्त्री भी वैसे ही बाबा हैं, जैसे राम रहीम और आसाराम।

दंपती बोले-बेटी ने जहर देकर मारने की कोशिश की:तीन ऑडियो सामने आए; प्रेमी से नाबालिग कह रही- आज मौका है, चूहामार दवा ले आओ

दंपती बोले-बेटी ने जहर देकर मारने की कोशिश की:तीन ऑडियो सामने आए; प्रेमी से नाबालिग कह रही- आज मौका है, चूहामार दवा ले आओ

बेटी पर प्रेम इस कदर हावी है कि वह रात में छत से कूदकर प्रेमी के पास जाती है। हद तब हुई, जब उसने माता-पिता को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की। ये मुरैना के पोरसा में रहने वाले 47 वर्षीय मोहन (परिवर्तित नाम) और उनकी 40 वर्षीय पत्नी की कहानी है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी नाबालिग बेटी प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच डालेगी। जहर मिली रोटी का स्वाद अजीब लगा और समय पर इलाज से उनकी जान बच गई। अब वे बेटी से डरते हैं। नाबालिग प्रेमी के साथ वह फरार है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पूरे घटनाक्रम पर माता-पिता और पुलिस से बात की गई। पिता ने कुछ ऑडियो क्लिप दिए, जिनमें लड़की प्रेमी से जहर मंगवाती सुनाई दे रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले ये दो तस्वीरें देखिए… सबसे पहले ऑडियो के दौरान हुई वो बातचीत, जिसमें जहर देकर मारने की बात का खुलासा हुआ…। ऑडियो – 1 लड़की : हेलो, तुमको चूहा मार दवाई नहीं मिल रही। लड़का : नहीं क्यों। लड़की : अटेर रोड पर मिलती है। लड़का : @@@ को भेज कर मंगवा लो। लड़की : बच्ची को नहीं देंगे। बड़ों को ही देते हैं, अटेर रोड पर मिल जाएगी। लड़का : अटेर रोड पर कहां? लड़की : जहां तीन-चार खाद की दुकानें हैं। मौका आज ही है। लड़का : क्यों। लड़की : मैं कह रही हूं। इन लोगों का कोई भरोसा नहीं है। लड़का : कल कहां गई थी। लड़की : कल ले गए थे, गाड़ी में डाल कर सांकल से बंद कर, फिर लौट आए। लड़का : तू निकल वहां से। आज अगर चार बीघा पर नहीं आई तो मैं बोलूंगा नहीं, कल सूरत चला जाऊंगा। लड़की : मैं जो कह रही हूं, वह सुनो, जाओ दवा ले आओ। मैं आज रोटी बना रही हूं। लड़का : रोटी अब तू ही बनाती है क्या? लड़की : नहीं, आज पहली बार बना रही हूं। आज मौका है, जल्दी ले आओ। लड़का : ठीक है। ऑडियो – 2 लड़का : हैलो, गल्ला मंडी में हूं। लड़की : पुलिया पर आ गई हूं। लड़का : गल्ला मंडी होकर आ जाओ। लड़का : चूहा मार दवा और दीमक मारने की दवा है। लड़की : मम्मी को भूख नहीं लग रही, डोकरा (पिता) भूखा है। लड़का : काली पॉलीथिन में रखी है, उसे फेंक देना। लड़का : गल्ला मंडी आ जा टीन शेड में, जहां गेहूं की ट्रॉली लगती है। सब्जी लगती है। ऑडियो – 3 लड़का : कहां है? लड़का : घर @@@ आ गया है। लड़का : खाना खा लिया। लड़की : नहीं अभी नहीं, सब कुछ मिला कर रख दिया है, खाने वाले हैं। तुमने खाना खा लिया। लड़का : हमने नहीं खाया। लड़की : एक आद रोटी खा लेते। लड़का : अभी निकल आ मौका देखकर। लड़की : अभी आंगन में बैठे हैं। लड़का : फिर ताला डाल देंगे। लड़की : सब गली वाले यहीं पर बात कर रहे हैं। लड़का : दूसरी छत पर कूद कर आ जा। लड़की : उस दिन तुम आए थे, देखा था। लड़का : अगर नहीं निकल पाई तो। लड़की : (गाली देते हुए…) बाहर से कुंडी डालकर आंगन में सभी को बंद कर भागूंगी। तुम 10 तारीख तक नौकरी पर मत जाओ। लड़का : मैं जाऊंगा, मेरा तीन दिन से दिमाग खराब है। लड़की : तुम मुझे बता देना, रोटी देने जा रही हूं। लड़का : क्या-क्या मिलाया है। लड़की : मैंने तो काली वाली पूरी दवा मिला दी है। लड़का : वो वाली नहीं मिलाई क्या। लड़की : मैंने तो पूरी मिला दी है। लड़का : खाना खाने के बाद कुछ नहीं हुआ फिर… लड़की : होगा, कुछ तो होगा… उल्टी वगैरह। !@#$$ ये सब %^** करवा रहा है। लड़का : नहीं आई तो समझना। लड़की : मरू या कुछ करू… आऊंगी जरूर। माता-पिता ने सुनाई पूरी कहानी अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी की जंग लड़े पिता ने बताया कि वे पोरसा के पास गांव के रहने वाले हैं। पहले जमीन थी, लेकिन बिक गई। वे परिवार के साथ पोरसा में किराए के मकान में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं—17 साल की बेटी और दो बेटे 12 व 9 साल के। बेटी के प्रेम संबंध के कारण परेशानी थी और उसने जहर दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर पोरसा, मुरैना और फिर ग्वालियर में इलाज हुआ। 5 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ी और डॉक्टरों ने बचा लिया। अब वे बेटी और उसके प्रेमी से डरते हैं। केस वापस लेने की धमकी भी मिल रही है। बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी पिता बताते हैं कि 29 मार्च को बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी। रात में खाना परोसा। अंधेरा होने पर आंगन में खाना खाया। रोटी का स्वाद अजीब लगा, फिर भी खा ली। टॉर्च की रोशनी में देखा तो रोटियां काली थीं। कुछ देर बाद चक्कर और उल्टी शुरू हुई। साला घर आया हुआ था। तबीयत खराब होता देख उसने तत्काल डाॅयल 112 बुलाई। पुलिसवालों ने हमसे जानकारी चाही। मैंने उन्हें रोटी दिखाते हुए कुछ बात बताई, इसके बाद बेहोश हो गया। अचानक पत्नी को भी उल्टियां होने लगीं। पुलिस पहले थाने, फिर पोरसा, मुरैना और ग्वालियर अस्पताल ले गई। 5 दिन इलाज चला और 2 अप्रैल को छुट्टी मिली। कुछ दिन रिश्तेदारी में बिताने के बाद अपने घर लौटे। बेटी छत से कूदकर प्रेमी से मिलने जाती थी नाबालिग की मां ने कहा कि बेटी काबू में नहीं है। इसलिए धौलपुर में रिश्ता तय किया था। 30 मार्च को सगाई के लिए जाना था। हमने किराए से कार भी कर ली थी। लड़के का परिवार अच्छा है, इसीलिए हम यह रिश्ता करना चाहते थे। बेटी को भी इसके बारे में बताया था। सगाई रोकने के लिए उसने प्रेमी सुदामा के साथ मिलकर जहर देने की साजिश रची। पहले भी भागी, पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर भेजा था मां का कहना कि 2025 में भी बेटी प्रेमी के साथ भाग गई थी। पुलिस ने पकड़कर वन स्टॉप सेंटर भेजा और प्रेमी जेल गया। बाद में दोनों फिर मिलने लगे। वह

शादी से लौट रहे मां-बेटे को वाहन ने मारी टक्कर:गंभीर घायल अस्पताल में भर्ती; शाजापुर नेशनल हाईवे पर हादसा

शादी से लौट रहे मां-बेटे को वाहन ने मारी टक्कर:गंभीर घायल अस्पताल में भर्ती; शाजापुर नेशनल हाईवे पर हादसा

शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे 52 पर सोमवार रात करीब 11 बजे सड़क हादसा हो गया। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक पर सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। वे पलसावद सोन गांव निवासी अर्जुन और उनकी मां कालीबाई थे, जो बोल्डी गांव में एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। टक्कर से दोनों घायल सड़क पर गिर गए हादसा गोलवा के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलने पर नेशनल हाईवे एंबुलेंस 1033 के पायलट किशोर पटेल और ईएमटी कुलदीप आर्य तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया। हालांकि, परिजनों ने उन्हें इंदौर ले जाने की बजाय शाजापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में अर्जुन के सिर में चोट आई है, जबकि उनकी मां कालीबाई के पैर में गंभीर चोट लगी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 12 बजे बारात के बीच से वाहन निकालने के विवाद में एक 24 वर्षीय युवक को कट्टे से गोली मार दी गई। घटना पतेरी स्थित क्रिस्टकुला चौराहे के पास की है। गोली युवक के पैर में लगी है, जिसे उपचार के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात महदेवा चौराहे के पास क्रिस्टकुला स्कूल से एक बारात मिलन मैरिज गार्डन की ओर जा रही थी। पूरी बारात सड़क के बीच में चल रही थी। इसी दौरान जवाहर निवासी राहुल उर्फ अनुराग द्विवेदी (24) अपने एक साथी के साथ वहां से गुजर रहा था। अपने वाहन को निकालने के लिए राहुल ने बारातियों को किनारे हटने को कहा था। कहासुनी के बाद मारपीट, फिर कट्टे से किया फायर रास्ता मांगने की बात पर राहुल का बारातियों में शामिल कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। कहासुनी का मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधा राहुल के पैर में जाकर लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गया। अस्पताल पहुंचा दो थानों का बल, जांच जारी गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह और सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। कार्रवाई को लेकर सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि, “घायल के बयान के आधार पर घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।”