हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रोड सेफ्टी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब ओला-उबर जैसी सेवाएं कुछ मिनट में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती? कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजन बेंच ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है। कोर्ट ने पूछा जब कैब सर्विस मिनटों में उपलब्ध हो सकती है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं? डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सड़कों पर भी ओला-उबर की तरह रियल टाइम एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कट-प्वाइंट्स को भी हादसों की बड़ी वजह बताया गया है। हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स याचिकाकर्ता ने भोपाल-जबलपुर हाईवे का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस की समय पर आवाजाही बाधित होती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। अब आगे क्या हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। हालांकि, बाद में सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का समय दिया गया है। इस मामले में बाकी 29 आरोपियों को बरी कर दिया गया। दरअसल, मामला 4 जुलाई 2019 का है। उन्होंने NHAI के सब-डिविजनल इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को मुंबई-गोवा हाईवे चौड़ीकरण के काम का निरीक्षण करने के लिए बुलाया था। सड़क की खराब हालत और जलभराव को लेकर वे नाराज हो गए। राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर पर कीचड़ डाल दिया। उन्हें कीचड़ भरे पानी में चलने के लिए मजबूर किया। उस समय नितेश राणे कांग्रेस में थे। कोर्ट ने सत्ता का दुरुपयोग बताया अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.एस. देशमुख ने कहा कि काम की खराब गुणवत्ता और लोगों की परेशानी के खिलाफ आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी सरकारी कर्मचारी का सार्वजनिक रूप से अपमान नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामले जारी रहे तो सरकारी कर्मचारी गरिमा के साथ काम नहीं कर पाएंगे। ये सत्ता का दुरुपयोग है। इसलिए ऐसी प्रवृत्ति पर रोक जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़ित NHAI में उच्च पद पर थे, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो साफ तौर पर अपमानजनक था। शेडेकर को कीचड़ में चलने के लिए मजबूर करना जानबूझकर किया गया अपमान था। इससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी। 30 पर केस था, 29 लोग बरी इस केस में नितेश राणे समेत 30 लोगों पर दंगा, सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगे थे। उनके साथ कांकावली के तत्कालीन महापौर समीर नलावडे, उपमहापौर बाबू गायकवाड़, संजय कामटेकर, पं. स. सदस्य मिलिंद मेहते, नरेशकर, अभि मुसले, मेधा गांगण, स्वाभिमान शहर अध्यक्ष राकेश राणे, संदीप नलावडे, निखिल आचरेकर, राजन परब, वागड़े के पूर्व सरपंच संदीप सावंत, पूर्व उपसरपंच लक्ष्मण घाडीगांवकर, बबन हडवे, विठ्ठल देसाई, किशोर राणे, शिवसुंदर देसाई, सचिन पारधीये पर केस हुआ था। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इन ज्यादातर आरोपों से सभी को बरी कर दिया। हालांकि नितेश राणे को IPC की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत दोषी ठहराते हुए एक महीने की सजा दी गई। ———- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद:2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की थी कर्नाटक के भाजपा नेता योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
फ्लैट फ़्लोर कूलिंग टिप्स: टॉप फ्लोर की गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया? बिना बिजली बिल बढ़ाया इन 8 मिनिस्ट्री से ठंडा रखा अपना कमरा

सबसे ज्यादा गर्मी छत के रास्ते आती है। अपनी छत पर ‘सोलर रिफ्लैक्ट व्हाइट पेंट’ या चूने की पुताई करवाएं। सफेद रंग सूरज की किरण को सोखने के बजाय रिफ्लेक्ट कर देता है। छवि: मेटा एआई छत पर गमले और छोटे उपकरण। मिट्टी और हरितसंरचना का काम करती है। कारखाने में डाला गया पानी वाष्पित हो जाता है, जिससे छत की सतह ठंडी हो जाती है। छवि: मेटा एआई पुराने जमाने के मसालों या मोटे जूट के टुकड़ों पर आधारित। अंतिम संस्कार से बाहर के गर्म हवा वाले कमरे में प्रवेश करने का समय निश्चित हो जाता है। यह एक प्राकृतिक वायु अनादि की तरह काम करता है। छवि: मेटा एआई शाम के समय जब बाहर का तापमान गिरता है, तब घर का दरवाजा खुलता है और दरवाज़ा खुलता है। इससे ‘क्रॉस वॉशिंगटन’ और कमरे के अंदर फंसी हुई हवा गर्म बाहर निकलेगी। छवि: मेटा एआई किचन में ही नहीं, बल्कि सिर्फ कमरे के ऊपरी हिस्से में भी इकोवेस्ट पंखे लगाए गए हैं। विस्तारित गर्म हवा का खिलौना ऊपर उठती है, एकलौस्ट प्रशंसक उसे बाहर घर और कमरे में मुकेश कम होगी। छवि: मेटा एआई अगर आपके कमरे में कांच की दुकानें हैं, तो वहां ‘हिट रिडस्टिंग फिल्म’ लगाएं। यह सूरज की रोशनी वाले कमरे के अंदर एक से रुकती है, जिससे बिजली के कमरों में बिना कमरे के ठंडा रहता है। छवि: मेटा एआई साधारण पीली बल्ब और हैलोजन लाइट्स काफी गर्म पैदा होती हैं। जगह-जगह एलईडी बल्बों का प्रयोग करें। ये न केवल बिजली बचाते हैं, बल्कि कमरे के तापमान को बढ़ाने में भी योगदान नहीं देते। छवि: मेटा एआई सोने से पहले किश्त पर ठंडा पानी से पोछा। अगर मॅनिकाज़ हो, तो शाम को छत पर पानी का साज़िश करो। इससे संबंधित गर्मी शांत हो जाती है और रात में कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है। छवि: मेटा एआई यदि आपके पास टेबल का पंखा है, तो ठीक है आगे एक बड़े टुकड़े में बर्फ के टुकड़े या जमा हुआ ठंडा पानी रख दें। यूरोप की हवा-बर्फ से ज्वालामुखी पूरे कमरे में यूक्रेनी फ़ुहार के रूप में पिशाच। छवि: मेटा एआई दर्शन के बाहर की तरफ गहरे रंग के शेड्स या बांस की चिक सजावट। यह सूरज की रोशनी को सीधे खिड़की के कांच तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है, जिससे कमरा लंबे समय तक ठंडा बना रहता है। छवि: मेटा एआई (टैग्सटूट्रांसलेट) बिना एसी के गर्मियों में कमरे को ठंडा कैसे रखें(टी)टॉप फ्लोर कूलिंग हैक्स(टी) दिल्ली नोएडा हीटवेव टिप्स(टी)फ्लैट्स के लिए प्राकृतिक कूलिंग तरीके(टी)क्रॉस वेंटिलेशन लाभ(टी)घर के लिए रिफ्लेक्टिव विंडो फिल्म(टी)DIY एयर कंडीशनर हैक्स(टी)टॉप फ्लोर अपार्टमेंट के लिए हीट मैनेजमेंट(टी)ग्रीष्म जीवन हैक्स इंडिया(टी)बिना एसी रूम कूल कैसे बनाएं
सागर में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश:गढ़ाकोटा मंडी में भीगा किसानों का गेहूं और चना, आज भी बादल छाने का अनुमान

सागर में इस समय मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। सुबह से झुलसाने वाली धूप से लोग हलाकान है। लेकिन दोपहर के बाद मौसम बदलने से आसमान बादल छा रहे हैं। बादलों के बीच बारिश का दौर भी जारी है। पिछले दो दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में शाम के समय बारिश हो रही है। सोमवार को भी दिनभर तल्ख धूप रही। लेकिन शाम को मौसम बदला। आसमान में बादल छा गए। हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। इस दौरान शहर में बूंदाबांदी हुई। लेकिन ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिली। गढ़ाकोटा में अचानक हुई बारिश से मंडी में रखा किसानों की गेहूं और चना की उपज भीग गई। इसके अलावा बड़ा क्षेत्र में भी बारिश हुई। बारिश से शाम के समय मौसम खुशनुमा रहा। बाजार में हवाओं में ठंडक रही। लेकिन घरों के अंदर उमस से लोग परेशान रहे। सोमवार को सागर का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री और न्यूनतम पारा 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। दिन का पारा सामान्य से 3 डिग्री और रात का तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आया है। मंगलवार को भी सागर जिले समेत संभाग के जिलों में बादल छाने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तीन दिनों से पारा 43-44 डिग्री के बीच सागर में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन का तापमान पिछले तीन दिनों से 43-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 9 बजे से ही तल्ख धूप का असर शुरू हो रहा है। दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी के तेवर बढ़ रहे हैं। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग परेशान हैं। गर्मी से बचने लोग आम दिनों की अपेक्षा घरों से कम निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजार में सन्नाटा पसरा रहता है।
छिंदवाड़ा नगर निगम के कर्मचारी नहीं मानते SDM का ऑर्डर:कई जगहों से अतिक्रमण हटाया पर चिकन दुकान पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

छिंदवाड़ा नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त सीपी राय के निर्देश पर टीम ने एमएलबी स्कूल के बाजू वाली गली से लेकर गुलाबरा मेन रोड तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। इसके बाद कार्रवाई परासिया रोड तक पहुंची, जहां बीएसएनएल कार्यालय के सामने, सत्कार तिराहा, पंकज टॉकीज के पास, सीओ साहब के बंगले के सामने, पूजा लॉज के पास नाले किनारे और परासिया चौक स्थित एमपीईवी कार्यालय के आसपास से अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। नगर निगम ने परासिया रोड से बस स्टैंड (इंदिरा तिराहा) तक स्थायी रूप से बनी गुमटियों को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाने का अल्टीमेटम दिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए गुमटियां हटाई जाएंगी। नागपुर रोड पर कार्रवाई पर उठे सवाल इधर, नागपुर रोड पर पिछले दो महीनों में करीब 10 बार कार्रवाई किए जाने के बावजूद एक चिकन बेचने वाले दुकानदार पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदार मुख्य मार्ग किनारे दुकान लगाकर चिकन के पीस और डिश बेच रहा है, लेकिन हर बार निगम टीम केवल समझाइश देकर लौट जाती है। स्थानीय दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इस दुकान पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि अन्य अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जा रहा है। एसडीएम के निर्देश के बाद भी नहीं बदली स्थिति जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे चिकन बिक्री की शिकायत पर एसडीएम सुधीर जैन ने स्वयं नगर निगम आयुक्त को निर्देश देकर दो बार कार्रवाई भी करवाई थी। इसके बावजूद संबंधित दुकान अब भी रोज संचालित हो रही है।
सतना के वन स्टॉप सेंटर से 3 नाबालिग फरार:9 माह पहले हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट, फिर भी हुई सुरक्षा में चूक

सतना के वन स्टॉप सेंटर से रविवार रात तीन नाबालिग लड़कियां फरार हो गईं। लड़कियां खिड़की की ग्रिल निकालकर और तार की साढ़े पांच फीट ऊंची बाड़ी फांदकर भागी हैं। इस घटना ने सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (PIU) द्वारा किए गए भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि 9 महीने पहले ही इस सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया था। नाबालिग लड़कियों ने भागने के लिए सेंटर की सुरक्षा खामियों का सीधा फायदा उठाया। वन स्टॉप सेंटर और जिला कल्याण समिति (CWC) के बीच कंक्रीट की दीवार के बजाय सिर्फ साढ़े पांच फीट ऊंची तार की बाड़ी लगी हुई है। इसी बाड़ी के पास एक पुराना पेड़ गिरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि लड़कियों ने इसी गिरे हुए पेड़ का इस्तेमाल कर बाड़ी को पार किया और भागने में सफल रहीं। 9 महीने पहले ही हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने जुलाई में सतना का कार्यभार संभालने के बाद सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की चहारदीवारी के ऊपर कंटीले तारों की फेंसिंग भी करवाई थी, लेकिन सुरक्षा के ये सभी उपाय नाकाफी साबित हुए। भवन निर्माण की गुणवत्ता की खुली पोल वन स्टॉप सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग की प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) ने कराया था। चार साल पहले यह भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया था। लड़कियों ने भागने के लिए जिस खिड़की की ग्रिल को दीवार से अलग किया, उसका हुक दीवार में ठीक से फिक्स ही नहीं किया गया था। इस खुलासे ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले भी भागी थी एक लड़की सेंटर से लड़कियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले भी यहां से एक लड़की फरार हुई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से खिड़कियों में जाली लगवाई गई थी, लेकिन 27 अप्रैल की घटना में यह उपाय भी काम नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक, मैहर की ‘पिपरा सेवा दल बिरादरी संस्थान’ वन स्टॉप सेंटर को मानव संसाधन (स्टाफ) उपलब्ध कराने का काम करती है।
ED के आने से पहले, I-PAC का राजस्व 35% कम हो गया: भारत का चुनाव विघ्नकर्ता कैसे अलग हुआ | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 08:00 IST अपने स्वयं के वित्तीय रिकॉर्ड के अनुसार, I-PAC ने एक तीव्र वित्तीय उलटफेर देखा क्योंकि इसकी पिछली वृद्धि 2025 में इसके कोलकाता कार्यालय में छापे से पहले ही गिरावट में आ गई थी। I-PAC की कहानी इस क्षण में किसी अभियान के साथ नहीं, बल्कि संख्याओं के एक समूह के साथ प्रवेश करती है जो कठिन प्रश्न खड़े करते हैं। (छवि: न्यूज18/फ़ाइल) पश्चिम बंगाल में शोर और दृश्यमान चुनावी मुकाबले से परे, पृष्ठभूमि में एक और महत्वपूर्ण कथा सामने आ रही है – वह जो उम्मीदवारों के बारे में कम और उस मशीनरी के बारे में अधिक बोलती है जिसने एक बार दावा किया था कि वह चुनावी नतीजों की पटकथा लिख सकती है। I-PAC की कहानी इस क्षण में किसी अभियान के साथ नहीं, बल्कि संख्याओं के एक समूह के साथ प्रवेश करती है जो कठिन प्रश्न खड़े करते हैं। चूंकि प्रवर्तन निदेशालय ने I-PAC – या इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड की जांच जारी रखी है, क्योंकि यह 2015 में कंपनी रजिस्ट्रार, कोलकाता के साथ पंजीकृत है। न्यूज18 विशेष पहुंच प्राप्त की और कंपनी की नवीनतम वित्तीय स्थिति का विश्लेषण किया। रिकॉर्ड के अनुसार, इसमें तीव्र वित्तीय उलटफेर देखा गया क्योंकि इसके पहले विकास में 2025 में गिरावट आई थी, यहां तक कि इसके कोलकाता कार्यालय में छापे से पहले भी। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ दायर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए I-PAC के ऑडिटेड लाभ और हानि विवरण के अनुसार, इसने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए एक नाटकीय वित्तीय उलटफेर की सूचना दी है, जो 18.32 करोड़ रुपये के लाभ से 2.42 करोड़ रुपये के शुद्ध घाटे तक पहुंच गया है। इसके संचालन से राजस्व में 35 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई, जो वित्त वर्ष 2014 में 206.59 करोड़ रुपये से तेजी से गिरकर वित्त वर्ष 2015 में केवल 133.48 करोड़ रुपये रह गई – एक वित्तीय वर्ष के भीतर शीर्ष-पंक्ति आय में लगभग 73 करोड़ रुपये की गिरावट। टॉपलाइन ढह गई, लागत स्थिर रही कॉर्पोरेट मामलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गिरावट का पैमाना I-PAC के मुख्य व्यवसाय संचालन में गंभीर व्यवधान की ओर इशारा करता है। तनाव शीर्ष रेखा से अधिक गहरा होता है। अकेले वित्त लागत 62.28 करोड़ रुपये है, जो कुल राजस्व का लगभग 46 प्रतिशत है। भले ही आय में तेजी से गिरावट आई हो, खर्चों में केवल 27.5 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे लागत संरचना उजागर हो गई है जो संचालन के सिकुड़ते पैमाने के साथ तालमेल बिठाने में विफल रही है। जो कंपनी कभी अपनी कार्यकुशलता पर गर्व करती थी, अब वह अपनी ही वास्तुकला के कारण दब गई है। वित्त वर्ष 2015 में कर्मचारी लाभ व्यय बढ़कर 13.65 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 4.61 करोड़ रुपये का नकारात्मक आंकड़ा था – यह पूर्व-वर्ष के महत्वपूर्ण उलटफेर को दर्शाता है जिसने वित्त वर्ष 2014 की पुस्तकों को कृत्रिम रूप से प्रभावित किया था। प्रति शेयर आय नकारात्मक (0.02) होने, शून्य कर देयता के कारण कोई वसूली योग्य लाभ नहीं होने और 5 सितंबर, 2025 को लेखा परीक्षकों के हस्ताक्षर करने के साथ, I-PAC को अब अपने ऋण का पुनर्गठन करने, राजस्व में गिरावट को रोकने और निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। 31 मार्च, 2025 को समाप्त अवधि के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए नकदी प्रवाह विवरण के अनुसार, कंपनी ने 2.21 करोड़ रुपये का शुद्ध परिचालन नकदी प्रवाह उत्पन्न किया – जो वित्त वर्ष 24 में 8.95 करोड़ रुपये से तेज गिरावट है। ऑपरेटिंग इंजन अभी भी चल रहा है, लेकिन मुश्किल से। निवेश के मोर्चे पर, कंपनी ने 1.03 करोड़ रुपये का शुद्ध बहिर्वाह दर्ज किया, जो मुख्य रूप से मौजूदा व्यापार निवेश में लगाए गए 2.05 करोड़ रुपये और लंबी अवधि के ऋण और अग्रिमों से प्राप्त 1.05 करोड़ रुपये की आंशिक भरपाई थी। अचल संपत्ति की खरीदारी न्यूनतम 0.04 करोड़ रुपये थी – जो पूंजीगत व्यय पर लगभग पूर्ण रोक का संकेत है, जो संकट में एक क्लासिक रक्षात्मक मुद्रा है। जांच के अधीन, फिर भी ज़मीन पर यह वित्तीय तनाव गहन जांच के साथ है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आईपीएसी से जुड़ी संस्थाओं में अपनी जांच जारी रखी है। कंपनी के तीन निदेशकों में से एक को एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे पर प्रवर्तन छापे मारे गए हैं – ऐसे घटनाक्रम ने परिचालन में गिरावट के समय कानूनी और प्रतिष्ठित दबाव बढ़ा दिया है। और फिर भी, बैलेंस शीट कमजोर होने और निगरानी सख्त होने के बावजूद, I-PAC की छाप जमीन से पूरी तरह से फीकी नहीं हुई है, खासकर पश्चिम बंगाल में। आधिकारिक तौर पर, बंगाल में आईपीएसी से जुड़े ऑपरेशन रोक दिए गए हैं। अनौपचारिक रूप से, राजनीतिक हलकों के कई खातों से पता चलता है कि डेटा टीमें कम, कम दिखाई देने वाली क्षमता में सक्रिय रहती हैं। बूथ स्तर के इनपुट को ट्रैक किया जाना जारी है। मैसेजिंग को अभी भी परिष्कृत किया जा रहा है. जैसे-जैसे राज्य पहले चरण से इस निर्णायक चरण में आगे बढ़ता है, पिछले दशक में निर्मित बुनियादी ढांचा बिना किसी आरोप के, बिना दृश्यता के काम करता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन प्रभाव के बिना भी नहीं। इस क्षण को समझने के लिए, इसे I-PAC के स्वयं के विकास के आर्क के सामने रखना आवश्यक है। व्यवधान से तनाव तक: I-PAC ARC 2014 में, प्रशांत किशोर के नेतृत्व में, I-PAC ने डेटा, स्केल और परिशुद्धता पर आधारित चुनाव प्रचार का एक नया व्याकरण पेश करके खुद को एक विघटनकारी के रूप में स्थापित किया। यह सिर्फ एक अभियान परामर्श नहीं था, यह एक दावा था कि राजनीति को व्यवस्थित किया जा सकता है। लेकिन उस दावे को विरोध का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय मंच से लेकर बिहार तक शुरुआती सफलताओं के बाद अन्य जगहों पर असमान नतीजे आए। पारंपरिक राजनीतिक संरचनाएँ बाहरी रणनीतिकारों को नियंत्रण देने में अनिच्छुक साबित हुईं। सत्ता तक पहुंचने के लिए एक मानकीकृत, डेटा-संचालित मार्ग का विचार क्षेत्रीय राजनीति, नेतृत्व अहंकार और मजबूत नेटवर्क की जटिलताओं के खिलाफ चला। हालाँकि,
सागर में ऑटो से बछड़ा उठा ले गए बदमाश, VIDEO:गोपालगंज थाना प्रभारी बोले- फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी

सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में स्थित एकता कॉलोनी से गाय का बछड़ा चोरी हो गया। बदमाश सवारी ऑटो लेकर आए और जबरदस्ती बछड़े को पकड़ा और ऑटो में बैठाकर भाग गए। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही गौरक्षकों ने थाने पहुंचकर शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी आशीष दुबे निवासी गायत्री नगर ने थाने में आकर शिकायत की। शिकायत में बताया कि सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें सवारी ऑटो का चालक अपने एक साथी के साथ गाय को बछड़ा चोरी कर ले जाते हुए दिख रहा है। फुटेज की हकीकत जानने की कोशिश की। पता लगने पर एकता कॉलोनी पहुंचे। कॉलोनी के रहवासियों ने बताया कि 26 अप्रैल की रात करीब 3.30 से 4 बजे के बीच अज्ञात आरोपी ऑटो रिक्शा लेकर आए थे। वे बछड़ा ऑटो में उठाकर ले गए है। वारदात की पुष्टि होने के बाद थाने में शिकायत की। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रहे शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी शहर में ऑटो से गाय चोरी करने के मामले सामने आ चुके हैं। गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि सवारी ऑटो से गाय का बछड़ा चोरी करने की शिकायत मिली है। अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई है। फुटेज के आधार पर और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पचोर के पास सड़क हादसा, दो महिला की मौत:पिकअप-ट्रक भिड़ंत में 20 घायल, 6 इंदौर रेफर; अस्पताल में घायलों का इलाज जारी

राजगढ़ जिले के पचोर के पास सड़क हादसे में घायल सभी लोगों को गंभीर अवस्था में शाजापुर जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक महिला-पुरुष घायल हैं। इनमें से 6 लोगों से अधिक घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। बांकि घायलों का इलाज शाजापुर जिला अस्पताल में जारी है। राजगढ़ जिले के पचोर क्षेत्र के कचनारिया के पास सोमवार रात करीब 11 बजे एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक पिकअप वाहन और ट्रक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में पिकअप में सवार करीब 20 महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान भगवती बाई पति चंद्र सिंह निवासी मवासा और अवंती बाई पति गोपाल निवासी मवासा,जिला राजगढ़ के रूप में हुई है। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रखा गया है,जिनका मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही शाजापुर जिला अस्पताल में आपात स्थिति बना दी गई। सिविल सर्जन,सहित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखकर घायलों का तत्काल इलाज शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को इंदौर रेफर किया गया है। सभी शादी समारोह में ममेरा लेकर जा रहे थे रेफर किए गए मरीजों में हुकम सिंह,रामलखन,राधाबाई, कोमलबाई,कलाबाई,गीताबाई,कलाबाई सहित अन्य शामिल हैं। वहीं पिकअप वाहन के चालक देव सिंह को भी गंभीर हालत में पचोर से भोपाल रेफर किया गया है। घायल धीरप सिंह यादव ने बताया कि सभी लोग मवासा गांव से ब्यावर के पास बरखेड़ा में आयोजित शादी समारोह में “ममेरा” लेकर जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे पिकअप पलट गई और सभी घायल हो गए। घायलों में कांताप्रसाद,लक्ष्मी नारायण ,महेश, गीताबाई प्रेम सिंह, होकम सिंह,संजू बाई, मंजू बाई, भगवती,पवन ,धीरप,कलाबाई, इन सभी घायलों का शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस चौकी शाजापुर जिला अस्पताल के प्रधान आरक्षक पदम सिंह ने बताया कि दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टर अरुण पाटीदार के अनुसार गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नोटों की गड्डी का लालच देकर ठगी, 3दिन में 3वारदात:ऊपर असली नोट, नीचे कागज की कतरन; विश्वास में लेकर उतरवाए जेवर; CCTV में आरोपी कैद

ग्वालियर में बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाली गैंग सक्रिय हो गई है। ठग पहले पता पूछने के बहाने बात शुरू करते हैं, फिर नोटों की गड्डी का लालच देकर गहने उतरवा लेते हैं। पिछले तीन दिनों में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें महिलाएं लाखों के जेवर गंवा चुकी हैं। रविवार को सामने आए मामले के बाद सोमवार को दो और वारदातों का खुलासा हुआ है। मुरार घोसीपुरा निवासी उषा राणा सोमवार दोपहर मुरार के सदर बाजार आई थीं। जब वह वापस लौट रही थी तो चिक संतर में एक लड़के ने पहले पता पूछा फिर महिला से बातचीत करने लगा। इसी समय दो और लड़के उसकी मदद के लिए आ गए। नोटों की गड्डी दिखाकर महिला को लालच दिया। विश्वास दिलाने के लिए महिला का मंगलसूत्र, कान के बाले व अंगुठियां रूमाल में रखवा लीं। इसके बाद नोटों की गड्डी देकर तीनों युवक चले गए। कुछ देर बाद जब महिला ने बैग खोला तो उसमें जेवर नहीं थे। साथ ही नोटों की गड्डी में सिर्फ ऊपर का नोट असली था बाकी सभी कागज की कतरन थे। मामले की शिकायत मुरार थाना में की गई है। रविवार को भी हो चुकी ऐसी ही वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र के हुजरात पुल के पास 60 वर्षीय वफातन बेगम 26 अप्रैल की दोपहर 3 बजे तानसेन नगर से अपने मायके आई थी। वे यहां से दवा लेने के लिए जा रही थीं। एक युवक ने डबरा का पता पूछकर रोका। बातचीत के दौरान उसके दो साथी और आ गए। उन्होंने महिला को थैले में रखी 500-500 रुपए की गड्डियां दिखाकर कहा कि उन्हें पकड़े जाने का डर है, इसलिए वह यह रकम महिला के पास सुरक्षित रखना चाहते हैं। विश्वास दिलाने के नाम पर आरोपियों ने महिला से कहा कि वह अपने जेवर रूमाल में रख दे। महिला उनके झांसे में आ गई और कान के बाले व चेन उतारकर दे दिए। आरोपी नोटों की गड्डी देकर मौके से चले गए। बाद में पता चला कि गड्डी में ऊपर एक असली नोट था, जबकि बाकी कागज की कतरन थी और जेवर गायब हो चुके थे। सीसीटीवी में कैद आरोपी कोतवाली क्षेत्र में हुई वारदात के दौरान एक आरोपी का चेहरा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्ध की तलाश कर रही है। तीनों मामलों को जांच में लेकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे करते हैं ठगी पहले पता पूछने या मदद मांगने के बहाने बातचीत शुरू करते हैं फिर दो-तीन साथी मिलकर सहानुभूति का माहौल बनाते हैं नोटों की गड्डी दिखाकर लालच देते हैं विश्वास के नाम पर जेवर उतरवाकर रूमाल में रखवाते हैं नकली नोट देकर मौके से फरार हो जाते हैं पुलिस ने कहा सावधान रहें किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने जेवर या सामान न दें नोटों की गड्डी या पैसे के लालच में बिल्कुल न आएं सुनसान जगह पर किसी के साथ न जाएं संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें यह खबर भी पढ़ें ग्वालियर में लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी:खेड़ापति मंदिर ले जाकर उतरवाए जेवर ग्वालियर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली महिला के साथ मंदिर परिसर में ठगी का अजीब मामला सामने आया है। लोन दिलाने का झांसा देकर आरोपी महिला उसे खेड़ापति मंदिर ले गई और चालाकी से उसके जेवरात लेकर फरार हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ई-रिक्शा से मंदिर ले जाकर जाल बिछाया








