Thursday, 22 Oct 2026 | 08:43 PM

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बड़वानी में वॉटर एटीएम बंद, रात में नहीं मिलता पानी:मरीज-छात्र परेशान, कहा-अधिकतर नहीं मिलता है पानी; नपा पर लापरवाही का आरोप

बड़वानी में वॉटर एटीएम बंद, रात में नहीं मिलता पानी:मरीज-छात्र परेशान, कहा-अधिकतर नहीं मिलता है पानी; नपा पर लापरवाही का आरोप

बड़वानी में गर्मी के साथ पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में लगे वॉटर एटीएम में पानी की सप्लाई ठीक से नहीं हो रही है। खासकर रात के समय ये एटीएम बंद रहते हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ मरीज और छात्र भी परेशान हैं। रात में पानी के लिए भटक रहे लोग स्थानीय निवासी मनोहर शर्मा ने बताया कि वे रोज रात में कोर्ट चौराहे से गुजरते हैं, जहां लोगों को पानी के लिए भटकते देखा जा सकता है। यहां लगा वॉटर एटीएम अधिकतर बंद ही रहता है। दिन में कुछ समय पानी मिलता है, लेकिन शाम के बाद हालात खराब हो जाते हैं। अस्पताल क्षेत्र में सबसे ज्यादा दिक्कत, छात्र भी परेशान सबसे गंभीर स्थिति अस्पताल के आसपास है। यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बाहर से पढ़ने आए छात्र भी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। वे वॉटर एटीएम पर बोतल भरने पहुंचते हैं, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ता है। पैसे देने के बाद भी नहीं मिला पानी मनोहर शर्मा ने बताया कि उन्होंने वॉटर एटीएम में पैसे भी डाले, लेकिन पानी नहीं मिला और बाद में पैसे वापस आ गए। उन्होंने इसे नगर पालिका की लापरवाही बताया है। शहर के मुख्य चौक और पुराने थाने क्षेत्र में भी वॉटर एटीएम बंद पड़े हैं। लोगों का कहना है कि यह समस्या रोज की बन गई है। तेज गर्मी में पानी की कमी से जीवन मुश्किल हो गया है। लोगों में बढ़ रहा गुस्सा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। नगर पालिका की सीएमओ सोनाली शर्मा ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वॉटर एटीएम में नियमित पानी देने की व्यवस्था है, लेकिन अगर कहीं दिक्कत है तो उसे ठीक कराया जाएगा।

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिये रोज की डाइट में जरूर करें इन चीजों को शामिल, जानिये

अमेरिका जितने में बेचता है एक कार, चीन वाले उतने में दे देते हैं 5 EV!

गर्मी का मौसम आते ही शरीर में थकान, चिड़चिड़ापन, पसीना, डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में सिर्फ ठंडा पानी पीना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही ठंडी तासीर वाले और पानी से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करना भी जरूरी होता है. ये फूड्स शरीर का तापमान संतुलित रखते हैं और एनर्जी भी बनाए रखते हैं.आइए जानते हैं गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखने वाले परफेक्ट फूड्स के बारे में. 1. खीराखीरा लगभग 95% पानी से बना होता है. यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और पेट को ठंडक देता है. रोज सलाद या रायते के रूप में खीरा खाने से गर्मी से राहत मिलती है. 2. तरबूजतरबूज गर्मी का सबसे बेहतरीन फल माना जाता है. इसमें पानी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ‑साथ डिहाइड्रेशन से बचाता है. 3. दही और छाछदही और इससे बनी छाछ पाचन को दुरुस्त रखती है और शरीर की गर्मी कम करती है. दोपहर के भोजन के साथ छाछ पीना लू से बचाव में मददगार होता है. 4. नारियल पानीनारियल पानी को नैचुरल एनर्जी ड्रिंक कहा जाता है. यह इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और शरीर को तुरंत ठंडक देता है. रोज 1 गिलास नारियल पानी गर्मी में बहुत फायदेमंद है. 5. पुदीनापुदीने की तासीर ठंडी होती है. पुदीने की चटनी, जलजीरा या पुदीना पानी पीने से शरीर में ठंडक और ताजगी बनी रहती है. 6. सत्तूसत्तू को गर्मी का सुपरफूड कहा जाता है. सत्तू का शरबत पेट को ठंडा रखता है, शरीर को एनर्जी देता है और देर तक भूख नहीं लगने देता. 7. ककड़ी और लौकीककड़ी और लौकी दोनों ही पानी से भरपूर और हल्की सब्जियां हैं. ये पचाने में आसान होती हैं और शरीर का तापमान संतुलित रखती हैं. 8. आम पन्नाकच्चे आम से बना आम पन्ना लू से बचाने में बेहद असरदार होता है. यह शरीर में नमक और पानी का संतुलन बनाए रखता है. किन चीजों से बचेंगर्मी में बहुत ज्यादा तला‑भुना, मसालेदार, कैफीन और शराब से दूरी बनाना बेहतर रहता है, क्योंकि ये शरीर की गर्मी बढ़ाते हैं. अगर आप गर्मी में खुद को स्वस्थ, एक्टिव और ठंडा रखना चाहते हैं, तो इन फूड्स को रोजमर्रा की डाइट में जरूर शामिल करें. सही खान‑पान से गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है.

दही पुदीना धनियापत्ता की चटनी रेसिपी: गरमा गरम ताजा पुदीना, धनिया और दही का अनोखा नाम, हर स्वाद का स्वाद बढ़ा दे दोगुना

दही पुदीना धनियापत्ता की चटनी रेसिपी

28 अप्रैल 2026 को 11:51 IST पर अपडेट किया गया दही पुदीना धनियापत्ता चटनी: गर्मी के मौसम में जब चिलचिलाती धूप और पिज्जा कम कर मिलता है, तब दही, पुदीना और धनिया की चटनी की थाली में नई जान आती है। यह केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसका औषधीय गुण शरीर को बेहतर ठंडक भी प्रदान करता है। अनुसरण करना : गर्मी के मौसम में पुदीना और दही का पेट ठंडा हो जाता है। धनिया और पुदीने की तासीर मशहूर है। विटामिन ए, सी और आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है। छवि: मेटा एआई निर्माण के लिए – 1 कप ताजा हरा धनिया, पुदीना, हरी मिर्च, अदरक का टुकड़ा लें। छवि: मेटा एआई 1 कप कोलेजन दही, काला नमक और सफेद नमक, अन्य जीरा पाउडर, नींबू का रस लें। धनिया, पुदीना, काली मिर्च और अदरक को अच्छी तरह धो लें। छवि: मेटा एआई असल में सैद्धांतिक पेट्रोलियम के रस के साथ नेपोलियन पीस लें। एक दही में दही होने तक अच्छी तरह से फेंटें। पिसा हुआ पेस्ट दही में अवशेष और अवशेष। अच्छी तरह से मिश्रण करें और निवेशक-ठंडी सर्व करें! छवि: मेटा एआई टुकड़े का गहरा हरा रंग 1-2 बर्फ के टुकड़े के टुकड़े बनाने के लिए रख लीजिये. इससे जुड़े छात्रों की गर्मी से धनिया काला नहीं। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित : आर्या पांडे प्रकाशित 28 अप्रैल 2026 11:51 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)दही पुदीना धनिया पत्ता चटनी रेसिपी(टी)दही पुदीना धनिया पत्ता चटनी सामग्री(टी)बिरयानी के लिए पुदीना दही चटनी(टी)धनिया पुदीना दही चटनी रेसिपी(टी)पराठे के लिए दही चटनी(टी)पुदीना दही चटनी रेसिपी(टी)दही पुदीना धनियापत्ता चटनी(टी)ताजा पुदीना धनिया और दही(टी)दही पुदीना धनियापत्ता की चटनी रेसिपी

‘उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस महिला विरोधी है’: शशि थरूर पर किरण रिजिजू की बड़ी टिप्पणी | भारत समाचार

Trump is not satisfied with Iran's proposal on lifting the blockade on Strait of Hormuz. (Courtesy: Reuters)

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 11:49 IST किरण रिजिजू ने कहा कि शशि थरूर ने उनसे निजी बातचीत में माना था कि कांग्रेस महिला विरोधी हो सकती है. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि शशि थरूर ने माना कि कांग्रेस महिला विरोधी है. साभार: पीटीआई केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को महिला विरोधी होने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और यह भी कहा कि उनकी पार्टी के सांसद शशि थरूर ने संसद सत्र के बाद दोनों नेताओं के बीच एक निजी बातचीत के दौरान इस तथ्य को “एक तरह से स्वीकार” किया था। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में रिजिजू ने कहा, “संसद सत्र समाप्त होने के बाद, थरूर ने (संसद) हॉल में मुझसे कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला विरोधी हो सकती है, लेकिन कोई भी महिला शशि थरूर को महिला विरोधी नहीं मानेगी। इसलिए मैंने कहा, हां, मैं सहमत हूं कि कोई भी आपको महिला विरोधी नहीं कहेगा, लेकिन आपकी पार्टी महिला विरोधी है।” #घड़ी | एएनआई को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू कहते हैं, “संसद सत्र खत्म होने के बाद शशि थरूर ने मुझसे कहा कि कांग्रेस भले ही महिला विरोधी हो, लेकिन कोई भी महिला शशि थरूर को महिला विरोधी नहीं मानेगी. मैंने जवाब दिया कि हां, मैं मानता हूं कि कोई आपको नहीं कहेगा…” pic.twitter.com/vwc1eLm4VP– एएनआई (@ANI) 28 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे कहा कि थरूर ने “एक तरह से स्वीकार कर लिया” कि उनकी पार्टी कांग्रेस का महिला विरोधी रुख है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, “उनका मतलब था कि भले ही कांग्रेस महिला विरोधी हो, लेकिन महिलाएं शशि थरूर को महिला विरोधी नहीं मानेंगी। तो इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि, एक तरह से, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस महिला विरोधी है। और मैंने यह भी स्वीकार किया कि वह व्यक्तिगत रूप से महिला विरोधी नहीं हो सकते हैं, लेकिन उनकी पार्टी महिला विरोधी है।” महिला आरक्षण बिल के खिलाफ वोट करने के बाद बीजेपी कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है. विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने के बाद रिजिजू ने आरोप लगाया था कि महिलाओं को उनके अधिकारों से ”वंचित” करने के बाद कांग्रेस जश्न के मूड में है। रिजिजू ने पहले कहा था, “यह स्थापित हो गया है कि कांग्रेस महिला विरोधी है। उसे देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने के बाद विपक्ष इसे अपनी जीत मान रहा है। लेकिन देश की महिलाएं उन्हें अच्छा सबक सिखाएंगी।” संविधान (131वां संशोधन) विधेयक में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास के बाद, 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को “परिचालित” करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव किया गया था। हालाँकि, विपक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण कानून सीटों की संख्या में वृद्धि के बिना भी लागू किया जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार का प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास देश के चुनावी मानचित्र को इस तरह से फिर से तैयार करने का एक प्रयास था जिससे भाजपा को फायदा होगा। विपक्षी दलों ने यह भी आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया दक्षिणी राज्यों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हो सकती है, जिन्होंने प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण उपायों को लागू किया है। चूंकि विपक्ष ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया, इसलिए बिल को ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका. रिजिजू के अनुसार, मुख्य मुद्दा यह नहीं था कि महिलाएं हमारा समर्थन करती हैं या विरोध करती हैं, बल्कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “राजनीतिक चश्मे से इसका विश्लेषण न करें। इसका विरोध करने पर उन्हें महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।” इस आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि भाजपा शुरू से जानती थी कि विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होगा, रिजिजू ने कहा, “कौन सोचेगा कि कोई महिलाओं के खिलाफ वोट करेगा? किसने सपने में भी सोचा होगा कि कांग्रेस, टीएमसी और एसपी इसका विरोध करेंगे?” उसने कहा। विधेयक से जुड़े परिसीमन पर चिंताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यह प्रावधान पहले से ही 2023 अधिनियम का हिस्सा था। उन्होंने तब इसका विरोध क्यों नहीं किया?” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 28 अप्रैल, 2026, 11:47 IST न्यूज़ इंडिया ‘उन्होंने मान लिया कि कांग्रेस महिला विरोधी है’: शशि थरूर पर किरण रिजिजू की बड़ी टिप्पणी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस का महिला विरोधी रुख(टी)किरेन रिजिजू साक्षात्कार(टी)शशि थरूर की टिप्पणी(टी)महिला आरक्षण बिल(टी)बीजेपी बनाम कांग्रेस(टी)33 प्रतिशत कोटा(टी)लोकसभा महिला सीटें(टी)परिसीमन विवाद

0 से 16 साल के बच्चों को लू से कैसे बचाएं, क्या खिलाएं, किन गलतियों से बचें, माता-पिता रखें इन बातों का ध्यान?

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Kids Heatwave Safety Tips: गर्मियों का मौसम आते ही धूप की तीखी तपिश हर किसी को परेशान करने लगती है, लेकिन सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है. खासकर 0 से 16 साल तक के बच्चे लू की चपेट में जल्दी आ जाते हैं, क्योंकि उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में उतना सक्षम नहीं होता. ऐसे में माता-पिता के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि बच्चों को लू से कैसे बचाया जाए, उनका खानपान कैसा हो और दिनचर्या में क्या बदलाव किए जाएं. यह सिर्फ सावधानी का मामला नहीं है, बल्कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा सवाल है. अगर थोड़ी समझदारी से कदम उठाए जाएं, तो गर्मी के इस मौसम को बच्चों के लिए सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकता है. बच्चों पर लू का असर क्यों ज्यादा होता है?बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है. वे खेलते-खेलते पानी पीना भूल जाते हैं और धूप में ज्यादा देर रहने से उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है. छोटे बच्चों को यह समझ भी नहीं होता कि कब उन्हें आराम करना चाहिए. रोजमर्रा की छोटी गलतियां बनती हैं बड़ी वजहअक्सर देखा गया है कि बच्चे दोपहर में बाहर खेलते रहते हैं या पानी कम पीते हैं. कई बार माता-पिता भी उनकी दिनचर्या पर ध्यान नहीं दे पाते. यही छोटी-छोटी लापरवाहियां लू का कारण बनती हैं. क्या खिलाएं और क्या न खिलाएं?गर्मियों में बच्चों का खानपान हल्का और हाइड्रेटिंग होना चाहिए.उन्हें ताजे फल जैसे तरबूज, खीरा, आम का पना और नारियल पानी देना फायदेमंद होता है. घर का बना दही, छाछ और नींबू पानी भी शरीर को ठंडा रखते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किन चीजों से रखें दूरी?बाजार के पैकेज्ड जूस, ज्यादा मीठे पेय और तली-भुनी चीजें बच्चों के शरीर में गर्मी बढ़ा सकती हैं. आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन भी नुकसानदेह हो सकता है, भले ही वो तुरंत राहत देते हों. गर्मियों में बच्चों का सही रूटीनबच्चों की दिनचर्या में थोड़ा बदलाव बहुत फर्क ला सकता है.सुबह जल्दी उठना, हल्की एक्सरसाइज या खेल और फिर दोपहर में घर के अंदर आराम करना जरूरी है. 11 बजे से 4 बजे के बीच बच्चों को बाहर न जाने दें. कपड़ों और नींद का भी रखें ध्यानबच्चों को ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं. रात में अच्छी नींद भी जरूरी है ताकि उनका शरीर दिनभर की थकान से उबर सके. माता-पिता के लिए जरूरी सुझावबच्चों को बार-बार पानी पीने के लिए याद दिलाएं. अगर बच्चा बाहर जा रहा है तो उसे टोपी या छाता जरूर दें. स्कूल जाने वाले बच्चों के बैग में पानी की बोतल और हल्का खाना जरूर रखें. कई बार बच्चों में लू के शुरुआती लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या तेज बुखार दिखते हैं. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और बच्चे को ठंडी जगह पर आराम देना चाहिए. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

स्कूल में महापौर का स्वच्छता सरप्राइज टेस्ट:मेयर ने छात्रों से पूछा- इंदौर स्वच्छता ब्रांड कैसे बना? बताया जनभागीदारी का फॉर्मूला

स्कूल में महापौर का स्वच्छता सरप्राइज टेस्ट:मेयर ने छात्रों से पूछा- इंदौर स्वच्छता ब्रांड कैसे बना? बताया जनभागीदारी का फॉर्मूला

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को चोइथराम स्कूल में स्टूडेंट के साथ स्वच्छता संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ‘सरप्राइज टेस्ट’ लेकर छात्रों की स्वच्छता संबंधी समझ परखी और शहर के लगातार स्वच्छता में नंबर-1 रहने के कारणों पर चर्चा की। ‘अ फॉरवर्ड स्टेप विद मेयर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस संवाद में महापौर ने क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि इंदौर लगातार स्वच्छता में अव्वल क्यों है। इस पर छात्रों ने जवाब दिया कि जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन इसकी सबसे बड़ी वजह है। महापौर ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इंदौर अब एक स्वच्छता ब्रांड बन चुका है, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका आम नागरिकों और खासतौर पर युवाओं की है। उन्होंने सेग्रीगेशन (कचरा अलग-अलग करने) के महत्व को समझाया और छात्रों से शहर के बारे में उनकी जानकारी भी परखी। सीवरेज पर बड़ा खुलासा, स्टूडेंट्स ने पूछे सवाल महापौर ने बताया कि शहर में रोजाना करीब 900 एमएलडी सीवरेज निकलता है, जबकि इसे ट्रीट करने की क्षमता सिर्फ 500 एमएलडी है। बाकी सीवरेज शहर की दो प्रमुख नदियों में चला जाता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद के दौरान छात्रों ने सोलर एनर्जी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, ट्रैफिक और फुटपाथ पर अवैध पार्किंग जैसे मुद्दों पर सवाल किए। साथ ही उन्होंने महापौर से यह भी पूछा कि वे नेगेटिविटी और क्रिटिसिज्म को कैसे हैंडल करते हैं। मेयर की अपील महापौर ने छात्रों से अपील की कि वे स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनें और शहर को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट को भी सुझाव दिया कि ऐसे विषयों पर नियमित चर्चा कराई जाए।

पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर मिसाइल अटैक, 7 की मौत:75 घायल; 6 PAK सैनिकों की मौत के बाद किया जवाबी हमला

पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर मिसाइल अटैक, 7 की मौत:75 घायल; 6 PAK सैनिकों की मौत के बाद किया जवाबी हमला

अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। बीबीसी के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि राजधानी असदाबाद में घरों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। तालिबान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया है कि ये हमले पाकिस्तान की तरफ से किए गए। उनका कहना है कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुए इन हमलों में मोर्टार और रॉकेट दागे गए। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। पाकिस्तान के 6 सैनिकों की मौत, एक बंधक इससे पहले रविवार को अफगानिस्तान के कंधार इलाके में पाकिस्तान के साथ सीमा पर फिर हिंसक झड़प की घटना हुई थी। खामा प्रेस ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि स्पिन बोल्डक इलाके में रात के दौरान दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई। इसमें पाकिस्तान के छह सैनिक मारे गए। यह भी कहा गया कि एक सैनिक को बंधक बनाकल ले गए। आधी रात चलाए गए इस ऑपरेशन में तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी सैनिकों के हथियार भी लेकर चले गए थे। हालांकि इन दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि झड़प तब शुरू हुई जब देर रात पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार फायरिंग हुई, जिसमें एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद तालिबान ने जवाबी हमला किया। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो भी वायरल है… मार्च में दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ यह घटनाएं ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान ने मार्च में राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर भी हमला किया था, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया था। दोनों देशों ने मार्च में एक संघर्षविराम (सीजफायर) किया था, जिससे कई हफ्तों से चल रही खूनखराबे वाली झड़पें रुकी थीं, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। चीन के अलावा तुर्किए, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी इस विवाद को खत्म कराने की कोशिश कर चुके हैं। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस साल संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए।

पन्ना में दीवार गिरी, एक महिला की मौत:बारिश से बचने रुकी थी, 3 लोग घायल

पन्ना में दीवार गिरी, एक महिला की मौत:बारिश से बचने रुकी थी, 3 लोग घायल

पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के कचौरी गांव में सोमवार और मंगलवार (27 अप्रैल) की दरमियानी रात एक दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शी निर्भय सिंह ने बताया कि अचानक मौसम बदलने से तेज आंधी और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान माया सिंह (40), जो पास की एक पेपर कार्टन फैक्ट्री से काम कर घर लौट रही थीं, बारिश से बचने के लिए निर्भय सिंह के घर के पास रुकीं। उनके साथ एक शादी समारोह से लौट रहे कुछ अन्य ग्रामीण भी बारिश से बचने के लिए वहीं खड़े थे, तभी हवा के तेज झोंके से पक्की ईंटों की दीवार ढह गई। मलबे में दबने से घायल हुई माया सिंह (40 वर्ष, पति प्रेम सिंह, निवासी कचौरी) की कटनी में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना में निर्भय सिंह (42 वर्ष, पिता शंकर सिंह, निवासी कचौरी), रवि शंकर सिंह (35 वर्ष, पिता रोहाणी सिंह, निवासी खमतरा) और परसोत्तम सिंह (35 वर्ष, पिता ईश्वर दीन सिंह, निवासी चोपरा) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज चल रहा है। दीवार गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर शाहनगर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन द्वारा नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे कचौरी गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर शादी की खुशियां थीं, तो दूसरी ओर इस हादसे ने मातम पसार दिया। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

उमा बोलीं-आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता:राष्ट्रपति-पीएम के परिवार के लोग सरकारी स्कूल नहीं जाएंगे, तब तक रहेगा; यही शिवराज भी कह चुके

उमा बोलीं-आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता:राष्ट्रपति-पीएम के परिवार के लोग सरकारी स्कूल नहीं जाएंगे, तब तक रहेगा; यही शिवराज भी कह चुके

भोपाल के जम्बूरी मैदान में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने मंगलवार को राजा हिरदे शाह लोधी की शौर्य यात्रा में कहा- देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है। उमा भारती ने कहा- जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी। शिवराज ने भी यही बयान दिया था, फिर भाजपा को हार मिली थी आरक्षण के मसले पर 12 जून 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बयान दिया था। शिवराज अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा था- हमारे रहते हुए कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। नया कानून आने तक यह जारी रहेगा। बयान के बाद सवर्ण समाज नाराज, सपाक्स संघ का गठन हुआ शिवराज के इस बयान के बाद सवर्ण समाज नाराज हो गया। सपाक्स संघ का गठन हुआ, जिसने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उसका साथ करणी सेना ने दिया। उज्जैन, भोपाल सहित प्रदेश के बड़े शहरों में बड़े आंदोलन हुए और रैलियां निकाली गईं। 2018 के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर भाजपा के पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने मंदसौर में कहा था– यदि माई के लाल जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया होता तो एमपी में भाजपा की 10 से 15 सीटें स्वत: बढ़ जाती। कांग्रेस से कड़े मुकाबले जैसी स्थिति नहीं बनती। यदि भाजपा की हार होती है तो इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह चौहान की होगी। बता दें कि इस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। एक ने राम मंदिर के लिए, दूसरे ने तिरंगे के लिए कुर्सी छोड़ी उमा ने कहा- अब मैं आजादी की दूसरी लड़ाई के बारे में बताती हूं। मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो एक अमेरिकी अखबार के एडिटर ने लिखा ‘अंग्रेज तो चले गए, लेकिन कुछ ‘काले अंग्रेज’ छोड़ गए।’ हम मॉर्डनाइज हो रहे हैं, लेकिन वेस्टर्नाइज नहीं हो रहे। जनसंघ के बाद जब भाजपा बनी, तो इसे पिछड़ी और विरोधी पार्टी कहा जाता था। पहली बार ऐसा हुआ, जब एक व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। दूसरे ने तिरंगे के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। इसके बाद एक समुदाय ने इस भ्रम को तोड़ दिया कि भाजपा पिछड़ा विरोधी पार्टी है। आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के लिए होनी चाहिए उमा भारती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़, पहाड़ और जीव-जंतुओं तक की पूजा की जाती है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। देश ने आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन अब आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के अधिकार के लिए लड़ी जानी चाहिए। उमा ने कहा- लोधी समाज की संख्या काफी अधिक है और उनकी भागीदारी से सरकारें बनती हैं। यह समाज सरकार बनाने की ताकत रखता है। सीएम बोले- पाठ्यक्रम में शामिल होगा शाह का जीवन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राजा हिरदे शाह ने बुंदेला-गोंड समाज को एकजुट कर अपनी अलग पहचान बनाई और अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। उनके जीवन पर शोध कराया जाएगा। उनके संघर्षमय जीवन को शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। प्रीतम बोले- भारत में कम से कम एक लोधी सीएम बने पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कहा- जब हेमा मालिनी के धर्मेंद्र को भारत रत्न मिल सकता है तो हमारे कल्याण सिंह को क्यों नहीं मिल सकता? प्रीतम ने कहा- जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। मैं जब जवानी देखने निकलता हूं तो आज की जवानी ताश के पत्तों में मिलती है। शराब की दुकान में मिलती है। हम जब जवान हुआ करते थे, तब हमारे समाज के दो-दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे। आज जीरो हैं। भारत में कम से कम एक लोधी तो मुख्यमंत्री होना चाहिए। सीएम के भाषण के दौरान गिरा PSO, गर्मी से बिगड़ी तबीयत मुख्यमंत्री जब मंच से भाषण दे रहे थे, उसी दौरान उनके पीछे खड़ा PSO गर्मी के कारण मंच पर ही गिर गया। आसपास खड़े लोगों ने उसे संभाला। खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

महिला से एंबुलेंस साफ कराने पर दो कर्मचारी बर्खास्त:पायलट और EMT की सेवाएं समाप्त; एजेंसी ने की सख्त कार्रवाई

महिला से एंबुलेंस साफ कराने पर दो कर्मचारी बर्खास्त:पायलट और EMT की सेवाएं समाप्त; एजेंसी ने की सख्त कार्रवाई

कटनी जिला अस्पताल परिसर में एक महिला से एम्बुलेंस साफ कराने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग की अनुशंसा पर संबंधित एजेंसी ने एम्बुलेंस के पायलट और ईएमटी (EMT) को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया है। घटना बीते शुक्रवार की है। उमरिया-बरही रोड स्थित खितौली के पास एक अज्ञात वाहन ने करेला ग्राम निवासी 32 वर्षीय राहुल बर्मन को टक्कर मार दी थी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें डायल 112 की मदद से पहले बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। मरीज की पत्नी से कराया था एंबुलेंस साफ बरही से कटनी लाते समय मरीज राहुल ने अत्यधिक पीड़ा और चोट के कारण एम्बुलेंस की खिड़की से उल्टी कर दी थी। आरोप है कि एम्बुलेंस (क्रमांक CG 04 NV 6385) के जिला अस्पताल पहुंचते ही, वहां तैनात ईएमटी मोहित खटीक ने मरीज की पत्नी पर एम्बुलेंस साफ करने का दबाव डाला। महिला को विवश होकर एम्बुलेंस में पानी डालकर सफाई करनी पड़ी। इस घटना का वीडियो 25 अप्रैल को सामने आया, जिससे स्वास्थ्य विभाग की छवि पर सवाल उठे। वीडियो संज्ञान में आने के दो दिन बाद मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर ने मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए जाने पर जे.ए.ई.एस. प्रोजेक्ट्स प्रा. लिमिटेड कंपनी ने अपने दो कर्मचारियों-पायलट देवा साहू और ईएमटी मोहित खटीक-की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।