Friday, 23 Oct 2026 | 01:58 AM

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बिना आईडी मेहमान ठहराने पर होटल संचालक गिरफ्तार:पुलिस से अभद्रता, जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लंघन भी किया

बिना आईडी मेहमान ठहराने पर होटल संचालक गिरफ्तार:पुलिस से अभद्रता, जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लंघन भी किया

देवास के औद्योगिक क्षेत्र स्थित होटल गुलमोहर के संचालक अनवर खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अनदेखी करते हुए बिना पहचान पत्र (आईडी) के मेहमानों को ठहराने और पुलिस टीम के साथ अभद्रता करने का आरोप है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस की टीम ने ए.बी. रोड स्थित होटल गुलमोहर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि संचालक अनवर खान, निवासी जयप्रकाश मार्ग, देवास, नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। होटल में ठहरने वाले व्यक्तियों का न तो कोई रिकॉर्ड रजिस्टर संधारित किया गया था, न ही उनका कोई पहचान पत्र लिया गया था और न ही इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस से अभद्रता की कार्रवाई के दौरान होटल संचालक ने न केवल जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अवहेलना की, बल्कि पुलिस टीम के साथ अभद्रता करते हुए रौब भी दिखाया। आरोपी ने चिल्लाते हुए कहा कि वह किसी आदेश को नहीं मानता और बिना आईडी के ही व्यक्तियों को ठहराएगा। इस घटना से मौके पर शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने आरोपी अनवर खान के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों का उल्लंघन करने और शांति भंग करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी को एसडीएम न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर दमोदर यादव भड़के:आजाद समाज पार्टी के नेता बोले- माफी न मांगने पर प्रदेशभर में करेंगे विरोध प्रदर्शन

धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर दमोदर यादव भड़के:आजाद समाज पार्टी के नेता बोले- माफी न मांगने पर प्रदेशभर में करेंगे विरोध प्रदर्शन

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव मंडल बैतूल पहुंचे। बालाघाट दौरे से लौटते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने धार्मिक मंचों से दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाए। दामोदर यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि है, इसलिए इसे संविधान की धरती के रूप में पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश को आडंबर और पाखंड का केंद्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विरोध में उनकी पार्टी ने प्रदेशव्यापी जागृति अभियान शुरू किया है। चार बच्चों वाले बयान पर दिया जवाब दमोदर ने धीरेन्द्र शास्त्री के हालिया बयान पर भी निशाना साधा। यादव ने कहा कि जिस मंच से ‘चार बच्चे पैदा करने’ की बात की जा रही है, उसी विचारधारा से जुड़े लोग अविवाहित रहने की सलाह देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज को जिम्मेदारी भरा संदेश देना चाहिए और देशहित से जुड़ी बातें करनी चाहिए, जैसे युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना। दामोदर यादव ने छत्रपति महाराज को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यादव ने कहा कि यदि जल्द माफी नहीं दी गई तो उनकी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। यादव ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ साधु-संत एक विशेष राजनीतिक दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही। राजनीतिक संदर्भ में, दामोदर यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात की गई थी, लेकिन अब धार्मिक मुद्दों को आगे बढ़ाकर मूल समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर ‘दुकानें’ चलाई जा रही हैं, जिन्हें बंद कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।

देवास के बीराखेड़ी में नाले से मिला महिला का शव:2–3 दिन पुराना शव, महिला की नहीं हो सकी पहचान; पीएम के लिए भेजा गया

देवास के बीराखेड़ी में नाले से मिला महिला का शव:2–3 दिन पुराना शव, महिला की नहीं हो सकी पहचान; पीएम के लिए भेजा गया

देवास के बीराखेड़ी क्षेत्र में सोमवार देर शाम ईंट भट्टों के पीछे स्थित नाले में एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही औद्योगिक थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नाले तक पहुंचने का रास्ता कठिन होने के कारण स्थानीय लोगों की मदद ली गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने लाठी-लकड़ियों की मदद से शव तक पहुंचकर रात करीब साढ़े आठ बजे उसे नाले से बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार शव करीब दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। मौके पर मौजूद लोगों से शिनाख्ती कराई गई, लेकिन महिला की पहचान नहीं हो सकी। महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच बताई गई प्रारंभिक अनुमान के अनुसार महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। पानी में रहने के कारण शव फूल चुका था, जिससे पहचान और मुश्किल हो गई। औद्योगिक थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि महिला की पहचान के प्रयास जारी हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।

भाजपा नेता अक्षय बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत:हत्या के प्रयास का आरोप हटा, पिता को भी राहत; दो साल पहले जुड़ी थी धारा

भाजपा नेता अक्षय बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत:हत्या के प्रयास का आरोप हटा, पिता को भी राहत; दो साल पहले जुड़ी थी धारा

इंदौर के भाजपा नेता अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने बहुचर्चित इस केस में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) को हटाने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद दोनों इस गंभीर आरोप से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए धारा 307 हटाने का महत्वपूर्ण निर्णय दिया। साथ ही पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप समाप्त हो गया। यह प्रकरण 4 अक्टूबर 2007 की एक घटना से संबंधित है। उस समय दर्ज मामले में हत्या के प्रयास की धारा शामिल नहीं थी। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस मामले में धारा 307 और धारा 149 जोड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे सेशन कोर्ट और बाद में हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। राजनीतिक साजिश के आरोप अक्षय बम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश के तहत सामने लाया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर दबाव बनाकर मामला आगे बढ़ाया गया, जिससे उन्हें चुनावी प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ा। हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने पहले बम की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मामले में बंदूक के उपयोग और गोली चलाने के आरोपों के आधार पर धारा 307 और 149 के तहत ट्रायल उचित है। शपथपत्र बना विवाद का केंद्र मामले में उस समय नया मोड़ आया जब अक्षय बम द्वारा दायर एक शपथपत्र में राजनीतिक साजिश के आरोप लगाए गए। बाद में यह शपथपत्र विवाद का कारण बना और बम ने अपनी पुरानी याचिका वापस लेकर नए सिरे से संशोधित याचिका दायर की। दो साल बाद मिली राहत करीब दो वर्षों तक चले कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस बहुचर्चित मामले को नया मोड़ दिया है। धारा 307 हटने के साथ ही बम परिवार को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से चल रहे विवाद पर विराम लग गया है।

बुरहानपुर में कल दो दर्जन क्षेत्रों में बिजली कटौती:आजाद नगर उपकेंद्र के मेंटेनेंस कार्य के चलते सुबह 8 से 9:30 बजे तक बंद रहेगी बिजली

बुरहानपुर में कल दो दर्जन क्षेत्रों में बिजली कटौती:आजाद नगर उपकेंद्र के मेंटेनेंस कार्य के चलते सुबह 8 से 9:30 बजे तक बंद रहेगी बिजली

बुरहानपुर में 33-11 केवी आजाद नगर उपकेंद्र के रखरखाव कार्य के कारण मंगलवार, 28 अप्रैल को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह मेंटेनेंस किया जाएगा। सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक, कुल डेढ़ घंटे के लिए विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे उपकेंद्र से निकलने वाले चार 11 केवी फीडर प्रभावित होंगे, जिनमें नागझिरी फीडर, आजाद नगर फीडर, गुजराती स्कूल प्रथम और गुजराती स्कूल द्वितीय फीडर शामिल हैं। इस बिजली कटौती से दो दर्जन से अधिक क्षेत्र प्रभावित होंगे। इनमें उदासीन आश्रम, नागझिरी घाट, इतवारा, बंगड़ीवाला, बैरी मैदान, बुधवारा चौराहा, कादरिया स्कूल, बीबी की मस्जिद, कड़वी बाजार, अख्तर कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, टीआईटी कॉलोनी, हनुमान साइजिंग, आलमगंज क्षेत्र, सिंधीपुरा गेट, आजाद नगर चौराहा, ग्रामीण क्षेत्र की एल लाइन, बड़ी मजार, लोहार मंडी, सोनार पट्टी, सिंधी धर्मशाला, गुजराती स्कूल, कांच मंदिर क्षेत्र, सरदार पटेल कॉलोनी और खैरखानी वार्ड शामिल हैं। सहायक यंत्री एचटी मेंटेनेंस रोहित भारती ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय कम या ज्यादा किया जा सकता है।

बंगाल के लिए उच्च दांव की लड़ाई के बीच राहुल गांधी बनाम ममता बनर्जी तेज हो गई है कौन है बीजेपी की बी टीम?

बंगाल के लिए उच्च दांव की लड़ाई के बीच राहुल गांधी बनाम ममता बनर्जी तेज हो गई है कौन है बीजेपी की बी टीम?

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक लड़ाई गर्म होती जा रही है क्योंकि प्रमुख दल बड़े दांव वाले चुनावी मुकाबले के लिए कमर कस रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नए सिरे से दबाव का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वह एक और कार्यकाल चाहती हैं, जबकि भाजपा ने भवानीपुर जैसे प्रमुख युद्धक्षेत्रों में अपनी चुनौती बढ़ा दी है। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों ने ताजा राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और भारत ब्लॉक के भीतर एकता के बारे में सवाल उठ रहे हैं। दुनिया. CNN-News18 आपके लिए नवीनतम समाचार, रुझान और अंतर्दृष्टि लाने के लिए समर्पित है, जो आपको सूचित और अद्यतन रहने में मदद करता है। अभी सदस्यता लें और हमारे जानकार और लगे हुए दर्शकों के समुदाय में शामिल हों। हमें Google पर फ़ॉलो करें: news18.co/cn18g CNN News18 को X पर फ़ॉलो करें: https://x.com/CNNnews18 Instagram पर CNN News18 को फ़ॉलो करें: https://www.instagram.com/cnnnews18/Facebook पर CNN News18 को फ़ॉलो करें: facebook.com/cnnnews18 राजनीति, खेल और मनोरंजन पर नवीनतम सुर्खियों के साथ news18.comन्यूज़18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 27 अप्रैल, 2026, 21:11 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)#राहुलगांधी(टी)एंटीइनकंबेंसी(टी)भबानीपुर(टी)बीजेपी(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)ताजा समाचार(टी)ममताबनर्जी(टी)न्यूज18(टी)टीएमसी

शादी में शामिल होने गए युवक का शव मिला:धार के राजगढ़ में पेड़ से लटका मिला, पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

शादी में शामिल होने गए युवक का शव मिला:धार के राजगढ़ में पेड़ से लटका मिला, पुलिस ने जताई आत्महत्या की आशंका

धार के राजगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम धुलेट में सोमवार को एक युवक का शव इमली के पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने खेत की ओर जाते समय शव देखा, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। शव दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत राजगढ़ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की गई और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। 26 वर्षीय धीरज के रूप में हुई पहचान मृतक की पहचान 26 वर्षीय धीरज पिता गणपत, निवासी धुलेट के रूप में हुई है। मृतक की शादी दो साल पहले हुई थी और उसकी एक छोटी बच्ची भी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, धीरज रविवार को इंडोरामा में एक बारात में शामिल होने गया था। वह रात करीब 8 बजे घर लौटा और फिर दुकान जाने की बात कहकर निकला। रात 10 बजे वापस आने के बाद वह फिर घर से बाहर गया और लौटकर नहीं आया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2025: ‘बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार’, नितिन नवीन का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल चुनाव 2025: 'बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार', नितिन नवीन का बड़ा दावा

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नोटबंदी नवीन ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है. उन्होंने पार्टी के वकीलों को बधाई देते हुए कहा कि 4 मई का दिन पश्चिम बंगाल के लिए बेहद ऐतिहासिक साबित होगा। उनके अनुसार यह दिन राज्य में नई ताकत, नई उमंग और नई उड़ान का प्रतीक बनेगा। जयपुर दौरे पर परमाणु ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बंगाल में बदलाव के लिए वहां की जनता जिस तरह से सड़कों पर उतरकर सामने आई है, वह अपने आप में बड़ा संकेत है। उन्होंने कहा कि बीजेपी महासचिव ने लंबे समय तक संघर्ष किया है और उसी मेहनत का नतीजा 4 मई को देखने को मिलेगा. उन्होंने दावा किया कि उस दिन निश्चित रूप से भाजपा का भगवा विद्रोह होगा और राज्य में पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत का पुरा स्मारक स्मारक, ग्राउंड लेवल पर लगातार काम किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी का संकल्प पंचायत से लेकर संसद तक हर स्तर पर भगवान बनने का है और इसके लिए संगठन लगातार काम कर रहा है। पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव पर क्या बोले पेंटोइन नवीन राजस्थान के कैथोलिकों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वे अभी से पंचायत और नगर निकायों के चुनाव में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यह चुनावी पार्टी नई दिशा देने वाले साबित होगी। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनाइजेशन की वर्कशॉप एसोसिएशन की मेहनत से ही संभव है और यही प्रयास भाजपा लगातार आगे बढ़ा रही है। नवीन ने बंगाल से लेकर राजस्थान तक के सभी राजभवनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पार्टी हर राज्य में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का उपहार और परिश्रम ही भाजपा की सबसे बड़ी वस्तु है। नेपोलियन नवीन ने कांग्रेस पर सैद्धांतिक अध्ययन किया अपने एक दिव्य राजस्थान दौरे के दौरान मालदीव के नवीन टोंक जिले में उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य में पार्टी के सात जिले का उद्घाटन किया, जबकि नागौर जिले में नये कार्यालय का भी उद्घाटन किया। टोंक में आयोजित समारोहों का वर्णन करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी सैद्धांतिक सार प्रस्तुत किया। यह क्षेत्र कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी कॉन्स्टैंट अपना संगठन मजबूत कर रही है, जबकि कांग्रेस कमजोर बनी हुई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नवीन का यह पहला राजस्थान दौरा है, जिसमें संगठन की अपील को काफी अहम माना जा रहा है। उनके दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी पूरे समय उनके साथ मौजूद रहे। शाम करीब 4 बजे परमाणु ऊर्जा संयंत्र न्यू टोंक जयपुर एयरपोर्ट से आया, जहां पार्टी के प्रमुख नेताओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट के बाहर भी उन्होंने चरित्र चित्रण किया और उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि राजस्थान में पार्टी की सत्यता कंपनी की बेरोजगारी ही संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि अब इसी तरह की मेहनत बंगाल में भी जीत दिलाएगी. यह भी पढ़ें: ईरान से मिला रूस का साथ, गेलाइन ने अराघची से की मुलाकात, खामेनेई को अंतिम शुभकामनाएं

बंगाल चुनाव अभियान समाप्त: पीएम मोदी का घुसपैठिया ‘अनुस्मारक’, सीएम ममता का ‘आहार, विभाजनकारी’ तंज | चुनाव समाचार

Josh Hazlewood celebrate with teammates the wicket of Delhi Capitals' KL Rahul (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 21:04 IST राजनीतिक दिग्गजों ने 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए मतदाताओं से अपनी अंतिम अपील की है, क्योंकि शेष 142 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपना वोट डालने के लिए उत्सुक हैं। उच्च-ऑक्टेन चुनाव अभियान, जिसमें सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच तीव्र प्रतिद्वंद्विता देखी गई, अक्सर भ्रष्टाचार से लेकर घुसपैठ और पश्चिम बंगाल के भविष्य के विकास के मुद्दों पर लगातार आगे-पीछे होने जैसा महसूस हुआ। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार का आखिरी दिन सोमवार को समाप्त हो गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के लोगों के नाम पत्र और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भाजपा की “विभाजनकारी” राजनीति के खिलाफ चेतावनी के साथ। उच्च-ऑक्टेन चुनाव अभियान, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच तीव्र प्रतिद्वंद्विता देखी गई, अक्सर भ्रष्टाचार से लेकर घुसपैठ और पश्चिम बंगाल के भविष्य के विकास के मुद्दों पर लगातार आगे-पीछे होने जैसा महसूस हुआ। राजनीतिक दिग्गजों ने 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए मतदाताओं से अपनी अंतिम अपील की है, क्योंकि शेष 142 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपना वोट डालने के लिए उत्सुक हैं। लेकिन जो विचारधाराओं की प्रतिस्पर्धा के रूप में शुरू हुआ, वह वास्तव में शब्दों के भीषण युद्ध में बदल गया। टीएमसी बनाम बीजेपी कैसे चली? पूरे अभियान के दौरान, टीएमसी और बीजेपी ने तीखे आरोप लगाए हैं, भगवा पार्टी ने लगातार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर पश्चिम बंगाल को “घुसपैठियों के लिए स्वर्ग” में बदलने और “सिंडिकेट राज” चलाने का आरोप लगाया है। इस बीच, बनर्जी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा “विभाजनकारी राजनीति” में लिप्त है। बयानबाजी के एक और अजीब मोड़ में, उन्होंने मछली और अंडे – मांसाहारी भोजन – जो कि बंगाली आहार का मुख्य हिस्सा हैं, की खपत को हतोत्साहित करने का भी आरोप लगाया। प्रधानमंत्री मोदी, जिन्होंने पूरे बंगाल में बड़े पैमाने पर प्रचार किया, ने इस चुनाव को राज्य को बदलने के मिशन के रूप में तैयार किया है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन लोगों को संबोधित एक हार्दिक सार्वजनिक पत्र में, उन्होंने अपनी रैलियों के दौरान अनुभव की गई एक “अद्वितीय ऊर्जा” की बात की और इसे “तीर्थयात्रा” बताया। मोदी ने लिखा, ”बंगाल के सामने आने वाली हर चुनौती को अवसर में बदलना एक ऐसा काम है जो मेरी नियति और जिम्मेदारी दोनों है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा। वह विशेष रूप से मटुआ समुदाय तक पहुंचे, और उनसे नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के संबंध में टीएमसी के “झूठ” को नजरअंदाज करने और सभी शरणार्थियों को स्थायी निवास का वादा करने का आग्रह किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने “आतंकवाद, दंगों और घुसपैठियों” से मुक्त “विकसित बंगाल” (विक्सित बंगाल) का वादा करके इस दृष्टिकोण को पूरा किया। अमित शाह ने कसम खाई कि यदि भाजपा सरकार बनाती है, तो वह पशु तस्करी को समाप्त करने और पशुधन की रक्षा के लिए एक “विशेष दस्ते” की स्थापना करेगी, साथ ही कथित “भाइपो टैक्स” को भी समाप्त करेगी – जो मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रभाव का संदर्भ है। अपील को मधुर बनाने के लिए, उन्होंने महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए 3,000 रुपये मासिक भत्ते के साथ-साथ महिलाओं के लिए मुफ्त राज्य परिवहन का वादा किया। हालाँकि, बनर्जी सर्वोच्च आत्मविश्वास की मुद्रा में रहते हुए इन वादों से अप्रभावित रहे हैं। भबनीपुर में एक रैली में बोलते हुए, जहां वह फिर से चुनाव की मांग कर रही हैं, उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के बाद पहले ही 100 सीटों का आंकड़ा पार कर चुकी है। बनर्जी ने भाजपा की चुनौती को खारिज करते हुए कहा, ”अगर आप सभी हमें वोट देंगे तो हमें दो-तिहाई बहुमत मिलेगा।” जैसा कि उन्होंने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत से किया है, उन्होंने भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) और केंद्र पर भी निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। सुरक्षा कैसी दिखती है? दूसरे चरण में 142 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 3,21,73,837 मतदाता मतदान करने के पात्र हैं। इसे प्रबंधित करने के लिए, चुनाव आयोग ने 41,001 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें से सभी को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वेबकास्टिंग द्वारा कवर किया जाएगा। मतदान की निगरानी 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक करेंगे। शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, सात जिलों में केंद्रीय सैनिकों की 2,321 कंपनियों की एक विशाल सेना तैनात की गई है। अकेले कोलकाता में सुरक्षा की सबसे अधिक सघनता देखी गई है, शहर में केंद्रीय बलों की 273 कंपनियां तैनात हैं। मतदान प्रक्रिया की निगरानी करने और संभावित उपद्रवियों को रोकने के लिए हवाई निगरानी के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले कैमरों से लैस ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। क्या चुनाव पूर्व कोई हिंसा हुई है? चुनाव प्रचार के अंतिम दिन की शुरूआत हिंसा की ताज़ा घटनाओं से प्रभावित हुई। हुगली जिले में, टीएमसी सांसद मिताली बाग पर गोघाट में एक रैली के लिए जाते समय कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया था। उनके वाहन में तोड़फोड़ के बाद बैग को टूटे हुए शीशे से चोटें आईं, जिसे उन्होंने “फासीवादी भाजपा द्वारा आश्रय प्राप्त गुंडों” द्वारा किया गया कृत्य बताया। भगवा पार्टी ने इस घटना को ”नाटक” बताकर खारिज कर दिया है। उत्तर 24 परगना के भाटपारा इलाके में एक अन्य घटना में, भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह के आवास के बाहर गोलीबारी की घटना के दौरान एक सीआईएसएफ जवान – जिसकी पहचान योगेश शर्मा के रूप में हुई है – के पैर में गोली लग गई। एक टीएमसी पार्षद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। हाबरा निर्वाचन क्षेत्र में एक अलग घटना में, मतदान केंद्र के रूप में नामित एक प्राथमिक विद्यालय के परिसर में आठ देशी बम पाए गए। जहां टीएमसी ने भाजपा पर मतदान को बाधित करने के लिए विस्फोटक लगाने का आरोप लगाया, वहीं भगवा पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रहा है। यह मानते हुए कि मोटरसाइकिल रैलियां अक्सर अशांति के लिए उत्प्रेरक रही हैं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने

ग्वालियर निगम में नारी शक्ति वंदन पर हंगामा:भाजपा ने काले कपड़े पहने, कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार किया

ग्वालियर निगम में नारी शक्ति वंदन पर हंगामा:भाजपा ने काले कपड़े पहने, कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार किया

सोमवार को ग्वालियर नगर निगम की परिषद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सियासी हंगामा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार सहित कांग्रेस के सभी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सदन में विरोध का अनोखा दृश्य दिखा। भाजपा की महिला पार्षद ने सभापति की कुर्सी पर बैठकर बैठक का संचालन किया। अन्य भाजपा पार्षद भी काले कपड़ों में मौजूद थे। यह विरोध प्रदर्शन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक पत्र के बाद हुआ। भाजपा पार्षदों ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से संबंधित घटनाक्रम को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश किया था। इसी प्रस्ताव के समर्थन में भाजपा ने यह विरोध जताया। पुरुष पार्षद काली टी-शर्ट और काली पट्टी बांधकर आए, जबकि महिला पार्षदों ने काली साड़ियां पहनीं। उनका कहना था कि यह मुद्दा महिलाओं के सम्मान और अस्मिता से जुड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कांग्रेस का बहिष्कार रहा। महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार की कुर्सी खाली थी और कांग्रेस का कोई भी पार्षद बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। कांग्रेस ने इस विशेष बैठक का पूरी तरह बहिष्कार कर भाजपा के प्रस्ताव का विरोध किया। पिछली बैठक में महापौर और कांग्रेस पार्षदों ने भारी हंगामा किया था। ऐसे में, जब भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहती थी, तब कांग्रेस की अनुपस्थिति को एक सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ग्वालियर नगर निगम में हुए इस घटनाक्रम ने शहर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस का बहिष्कार दोनों पक्षों के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी को दर्शाता है। आशंका है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ सकता है, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।