अभिनेत्री निकिता दत्ता ने किए महाकाल दर्शन:उज्जैन में नंदी के कान में कही मनोकामना; बोलीं- यहां जो मिलता है, वह कहीं और नहीं

अभिनेत्री निकिता दत्ता ने उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना व्यक्त की। महाकाल के दरबार में निकिता दत्ता भक्ति में लीन नजर आईं। उनके माथे पर त्रिपुंड के साथ ‘महाकाल’ लिखा हुआ था, जो उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने हाथ में कलावा भी बंधवाया और पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न करवाई। अभिनेत्री सादगी भरे अंदाज में सलवार-सूट पहनकर मंदिर पहुंची थीं। उज्जैन का यह पहला दौरा दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में निकिता दत्ता ने बताया कि यह उनका उज्जैन का पहला दौरा था। उन्होंने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें गहरी शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उनके अनुसार- ‘यहां आकर जो महसूस होता है, वह कहीं और नहीं मिलता।’ अभिनेत्री ने आगे कहा कि उन्हें बहुत अच्छे से दर्शन हुए और महाकाल के साथ समय बिताने का अवसर मिला। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि वह जल्द ही दोबारा उज्जैन आएंगी और उनकी मांगी हुई मनोकामना जल्द पूरी होगी। मंदिर की स्वच्छता व्यवस्था से हुईं प्रभावित निकिता दत्ता ने मंदिर की स्वच्छता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग सोचते हैं कि मंदिर साफ नहीं होते, लेकिन यहां आकर उन्होंने बेहद स्वच्छ और व्यवस्थित व्यवस्था देखी, जिससे वह काफी प्रभावित हुईं। निकिता दत्ता ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और वह फेमिना मिस इंडिया 2012 की फाइनलिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने फिल्म ‘लेकर हम दीवाना दिल’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने टीवी धारावाहिक ‘ड्रीम गर्ल’, ‘एक दूजे के वास्ते’ और ‘हासिल’ से पहचान बनाई। फिल्म ‘कबीर सिंह’ में उनकी भूमिका को भी दर्शकों ने सराहा था।
रतलाम में उधारी के रुपए चुकाने बाइक चोरी की:खुद की बाइक गिरवी रखी, रतलाम का निकला चोर; 24 घंटे में पकड़ाया

रतलाम पुलिस ने एक बाइक चोर को पकड़ा है। चोर ने उधारी के रुपए चुकाने के लिए बाइक चोरी की। जबकि चोर के परिवार के सदस्य सक्षम है। चोरी की घटना के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने बाइक चोर को गिरफ्तार कर लिया। बाइक को भी बरामद कर लिया है। माणकचौक थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर राकेश मेहरा ने बताया अजय मेहता पिता शांतीलाल मेहता निवासी श्रीमाली वास रतलाम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 25 अप्रैल की मध्य रात्रि अपने घर के सामने स्थित गैरेज से अज्ञात व्यक्ति उसकी लाल रंग की होंडा साइन बाइक क्रमांक MP09 NR 9147 चोरी कर ले गया। फरियादी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच प्रारंभ की। घटना स्थल के देखे सीसीटीवी पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जांचे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश की। प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी को धराड़ क्षेत्र से राउंडअप कर पूछताछ की, जिसमें उसने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। रतलाम का रहने वाला निकला चोर पुलिस ने बाइक चोर आरोपी गुंजन प्रजापत (25) पिता विजय प्रजापत निवासी गांधीनगर रतलाम को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी गई बाइक को मथुरी रोड रतलाम क्षेत्र से बरामद कर जप्त की। खुद की बाइक गिरवी रखी थी आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि उसकी खुद की बाइक एक जगह करीब 8 हजार रुपए में गिरवी रखी थी। बाइक छुड़ाने के लिए रुपए नहीं होने पर आरोपी ने बाइक चोरी की। आरोपी को बाइक चलाने का भी शौक है। इसी कारण उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह भी जानकारी सामने आई कि आरोपी के परिवार के सदस्य सक्षम है। पुलिस आरोपी से अन्य संभावित वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
नॉन वेज वाले खाद्य पदार्थों से बचें: बिरयानी के बाद तरबूज खाने से हो सकती है मौत? यहां पढ़ें नॉनवेज के साथ क्या-क्या नहीं खाना चाहिए

उत्पाद उत्पादों से जिम्मेदारी: बिरयानी खाने के तुरंत बाद दूध, दही या लस्सी के मसाले को सही नहीं माना जाता है। नॉनवेज दूध और का कॉम्बिनेशन पाचन पर भारी पड़ सकता है। इससे गैस, अपच या पेट दर्द हो सकता है। छवि: फ्रीपिक ईसाई फल तुरंत नहीं: इलेक्ट्रॉन फल बिरयानी के बाद तुरंत भोजन से वंचित। ये पेट में एसिडिटी बढ़ा सकते हैं। पाचन प्रक्रिया का विघटन हो सकता है। छवि: फ्रीपिक नौकरियाँ न लें: बिरयानी खाने के बाद नारियल या ठंडा ढांचा सही नहीं है। गर्म और खाने के बाद भारी मात्रा में पोषक तत्व पाचन को धीमा कर देते हैं। इससे पेट भारी और बेचैनी महसूस हो सकती है। छवि: फ्रीपिक फल खाने में थोड़ा सा गैप: स्वस्थ्य ही फल स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन नॉनवेज खाने के तुरंत बाद फल खाने से गैस बन सकती है। कम से कम 1-2 घंटे का अंतर। छवि: एआई चाय या कॉफ़ी तुरंत न पियें: बिरयानी के बाद तुरंत चाय या कॉफी पीने से शरीर में आयरन का अवशोषण कम हो सकता है। पाचन पर भी पड़ता है असर। छवि: फ्रीपिक भारी मिठाइयों से दूरी: बिरयानी खुद एक भारी भोजन है, इसके बाद भारी मिठाई खाने से कैलोरी अधिक हो जाती है। पेट में भारीपन और अपच हो सकता है। छवि: फ्रीपिक बिरयानी खाने के बाद प्रभाव गुनगुना पानी पिएं। इसके अलावा लिटिल वॉक लें ताकि पाचन अच्छा रहे। 1-2 घंटे बाद ही कुछ और स्थिर। छवि: फ्रीपिक नॉनवेज बिरयानी का मजा तभी सही है जब आप उसे सही तरीके से सेस्ट करें। खाने के बाद कुछ गलत चीजें लेने से स्वाद का मजा तो बुरा होता है, साथ ही स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
चंबल नदी किनारे शराब पार्टी में विवाद:कहासुनी के बाद चलाई गोली, युवक के पैर में दो गोली लगी, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर

भिंड के अटेर क्षेत्र में चंबल नदी किनारे दोस्तों के साथ दाल टिक्कर की पार्टी के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मामला फायरिंग तक पहुंच गया। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके पैर में दो गोलियां लगी हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, अटेर रोड स्थित बंबा किनारा निवासी 35 वर्षीय पूरन सिंह कुशवाह पुत्र रामरतन सिंह सोमवार शाम अपने कुछ साथियों के साथ चंबल नदी किनारे दाल टिक्कर और शराब की पार्टी मनाने गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर आपस में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और विवाद में बदल गई। युवक के पैर में लगी गोली बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान मौजूद आरोपियों में से एक ने अचानक बंदूक निकालकर फायरिंग कर दी। गोली पूरन सिंह के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। बताया गया है कि उसके पैर में दो गोलियां लगी हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद साथियों ने घायल पूरन को तुरंत अटेर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है। तीन पर केस दर्ज इस मामले में आरोपी राजेश कुशवाह, रक्षपाल सिंह तोमर और संदीप भदौरिया निवासी ग्वालियर बताए जा रहे हैं। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
धुरंधर की सफलता के बाद रणवीर सिंह का पहला बयान:बोले- खिलजी से ज्यादा मुश्किल था हमजा का रोल निभाना; मुझे अपना 300% देना पड़ा

‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की जबरदस्त कामयाबी के बाद फिल्म के लीड एक्टर रणवीर सिंह का पहला बयान सामने आया है। रणवीर ने कहा है कि फिल्म में हमजा का रोल निभाना उनके लिए पद्मावत के अलाउद्दीन खिलजी से ज्यादा मुश्किल था। रणवीर सिंह के बिजनेस पार्टनर निकुंज बियानी ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निकुंज ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ देखने के बाद रणवीर से पूछा था कि क्या यह किरदार ‘पद्मावत’ के अलाउद्दीन खिलजी जितना ही चुनौतीपूर्ण था? इस पर रणवीर ने जवाब दिया, “एक कलाकार के तौर पर यह कैरेक्टर मेरे लिए खिलजी से कहीं ज्यादा चैलेंजिंग रहा है। इसने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। इस रोल के लिए मुझे अपनी गहराई में जाना पड़ा और अपना 300% देना पड़ा। खिलजी के लिए खुद को कमरे में किया था बंद रणवीर का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि 2018 में आई ‘पद्मावत’ के खिलजी रोल को उनका सबसे कठिन काम माना जाता रहा है। उस वक्त रणवीर ने बताया था कि खिलजी के किरदार में ढलने के लिए उन्होंने खुद को गोरेगांव के एक घर में 21 दिनों तक बंद कर लिया था। उन्होंने बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटकर खुद को उस अंधेरे और लालची किरदार में ढाला था। हालांकि, अब रणवीर का मानना है कि ‘धुरंधर’ के हमजा ने उनसे कहीं ज्यादा मेहनत कराई है। तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है।
धुरंधर की सफलता के बाद रणवीर सिंह का पहला बयान:बोले- खिलजी से ज्यादा मुश्किल था हमजा का रोल निभाना; मुझे अपना 300% देना पड़ा

‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की जबरदस्त कामयाबी के बाद फिल्म के लीड एक्टर रणवीर सिंह का पहला बयान सामने आया है। रणवीर ने कहा है कि फिल्म में हमजा का रोल निभाना उनके लिए पद्मावत के अलाउद्दीन खिलजी से ज्यादा मुश्किल था। रणवीर सिंह के बिजनेस पार्टनर निकुंज बियानी ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निकुंज ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ देखने के बाद रणवीर से पूछा था कि क्या यह किरदार ‘पद्मावत’ के अलाउद्दीन खिलजी जितना ही चुनौतीपूर्ण था? इस पर रणवीर ने जवाब दिया, “एक कलाकार के तौर पर यह कैरेक्टर मेरे लिए खिलजी से कहीं ज्यादा चैलेंजिंग रहा है। इसने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। इस रोल के लिए मुझे अपनी गहराई में जाना पड़ा और अपना 300% देना पड़ा। खिलजी के लिए खुद को कमरे में किया था बंद रणवीर का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि 2018 में आई ‘पद्मावत’ के खिलजी रोल को उनका सबसे कठिन काम माना जाता रहा है। उस वक्त रणवीर ने बताया था कि खिलजी के किरदार में ढलने के लिए उन्होंने खुद को गोरेगांव के एक घर में 21 दिनों तक बंद कर लिया था। उन्होंने बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटकर खुद को उस अंधेरे और लालची किरदार में ढाला था। हालांकि, अब रणवीर का मानना है कि ‘धुरंधर’ के हमजा ने उनसे कहीं ज्यादा मेहनत कराई है। तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है।
जिस तरह बिजली जरूरी, वैसे ही पानी भी:अपर आयुक्त बोले; जितनी जल्दी हो, नई टेक्नोलॉजी अपना लें, जलकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर आयुक्त दिव्यांक सिंह ने सोमवार को नगर पालिका परिषद गुना के सभा कक्ष में जिले की सभी नगरीय निकायों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और पोर्टलों का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी। समीक्षा के दौरान दिव्यांक सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि निकाय जितनी जल्दी नई तकनीक को अपनाएं, उतनी ही तेजी से प्रगति होगी और काम आसान होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन निर्माण अनुमति, संपत्ति कर और जलकर वसूली जैसे सभी कार्य अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए जाएं। अपर आयुक्त ने ई-फाइलिंग का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा, “पोर्टल के माध्यम से हम भोपाल बैठकर भी हर गतिविधि देख सकते हैं, लेकिन आपसे रूबरू होने और स्थानीय समस्याओं को समझने के लिए यह बैठक आयोजित की गई है।” जलकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश अपर आयुक्त ने संपत्ति कर और जलकर वसूली में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिजली जरूरी है, उसी तरह पानी भी महत्वपूर्ण है, इसलिए नागरिकों को प्रेरित कर जलकर वसूली का प्रतिशत बढ़ाया जाए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर उन्होंने वन-टू-वन चर्चा की और स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने के लिए आसान सुझाव साझा किए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल को देखते हुए किसी भी क्षेत्र में पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए। बैठक में सीएमओ आरोन दिनेश सोनी, सीएमओ मधुसूदनगढ़ वीरेंद्र चक्रवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रियंक कानूनगो बोले-वेटिंग टिकट रिफंड में कटौती रेलवे नहीं करता:NHRC सदस्य ने कहा- यह पैसे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को मिलते हैं

रेलवे यात्रा से जुड़े मानवाधिकार, सुविधाओं और शिकायतों को लेकर सोमवार को आयोजित जागरूकता संवाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे में मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और उपस्थित लोगों के सवालों के जवाब भी दिए। साथ ही रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव और शिकायतें भी आमंत्रित कीं। टिकट कन्फर्म न होने पर कटने वाला पैसा रेलवे को नहीं जाता टिकट कन्फर्म न होने पर रिफंड में होने वाली कटौती को लेकर उठे सवाल पर कानूनगो ने स्पष्ट किया कि यह राशि रेलवे के खाते में नहीं जाती। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यह शुल्क लेते हैं। जो लोग यह सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं, वे भी गरीब हैं और उन्हें भी इसके लिए कुछ पैसा मिलना चाहिए। महिलाओं के लिए कोच में सैनिटरी पैड की व्यवस्था पर चर्चा संवाद में महिलाओं के लिए रेलवे कोच में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने का सुझाव भी सामने आया। इस पर कानूनगो ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि सभी प्लेटफॉर्म पर मेडिकल शॉप में सैनिटरी पैड उपलब्ध हों। साथ ही, रेलवे के प्रत्येक कोच में वेंडिंग मशीन लगाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में महिलाओं को परेशानी न हो। RAC टिकट के किराए की वापसी पर भी होगा विचार RAC टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को किराया वापस मिलने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस पर उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग इस विषय पर विचार करेगा और नीति में आवश्यक बदलाव के लिए प्रयास किए जाएंगे। रेलवे में चोरी: शिकायत के बिना कार्रवाई संभव नहीं रेलवे में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठे। इस पर कानूनगो ने कहा कि जब तक आयोग के पास लिखित शिकायत नहीं आती, तब तक कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा मानवाधिकार आयोग के पास कोई ‘अलादीन का चिराग’ नहीं है कि बिना सूचना के हर घटना का पता चल सके।” पैंट्री में ‘चॉइस फूड’ की सुविधा जरूरी उन्होंने कहा कि रेलवे की पैंट्री व्यवस्था में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार भोजन मिलना चाहिए और किसी पर भी भोजन थोपना नहीं चाहिए। नागरिकों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी कानूनगो ने कहा कि लेडीज टॉयलेट, स्वच्छता और हाइजीन की कमी मानवाधिकार का उल्लंघन है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कई बार रेलवे के चादर चोरी होने जैसी घटनाएं नागरिक कर्तव्यों की अनदेखी को दर्शाती हैं। इसलिए नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। यात्रियों ने उठाए कई मुद्दे कानूनगो ने स्टेशनों पर कूली की समस्या और रेलवे के ट्रेन लेट होने की सूचना न देने को भी मानवाधिकार का हनन बताया। संवाद के दौरान लोगों ने जनरल कोच में गद्देदार सीट न होने, रेलवे पास न बनने जैसी समस्याएं उठाईं। कानूनगो ने सभी से लिखित शिकायत ईमेल के माध्यम से भेजने को कहा और अपना ईमेल आईडी साझा किया। यह कार्यक्रम उपयोगकर्ता सलाहकार समिति, पश्चिम मध्य रेलवे मंडल के सदस्य कमलेश सेन ने आयोजित किया था।
मुंबई में तरबूज खाने से पति-पत्नी, दो बेटियों की मौत:फूड पॉइजनिंग की आशंका; घर पर मेहमानों के साथ बिरयानी खाई, फिर फल खाए थे

मुंबई के जे.जे. मार्ग इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो गई। मृतकों में अब्दुल्ला अब्दुल कादर (40), उनकी पत्नी नसरिन (35) और उनकी बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) शामिल हैं। पुलिस ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को परिवार ने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर पार्टी रखी थी। इसमें कुछ रिश्तेदार आए थे। परिवार ने मेहमानों के साथ बिरयानी खाई थी। इसके बाद कपल और उनकी दोनों बेटियों ने तरबूज खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। मेहमानों के जाने तक परिवार को कोई दिक्कत नहीं थी NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला मोबाइल एक्सेसरी की दुकान चलाते थे। शनिवार रात करीब 10:30 बजे अब्दुल्ला के घर पर पांच रिश्तेदार डिनर के लिए इकट्ठा हुए थे। खाने में बिरयानी थी।डिनर के बाद रिश्तेदार अपने घर लौट गए। उस समय तक अब्दुल्ला, उनकी पत्नी या बेटियों को कोई दिक्कत नहीं थी। इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह करीब 5 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे। परिवार ने डॉक्टर को तरबूज खाने की जानकारी दी थी शुरुआत में एक स्थानीय डॉक्टर ने उनका इलाज किया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। उसकी मां और बड़ी बहन के बाद पिता की मौत रविवार रात करीब 10:30 बजे हुई। परिवार का इलाज करने वाले डॉ. जियाद कुरैशी ने बताया कि सभी की हालत बहुत खराब थी। डॉक्टर के मुताबिक, परिवार ने खुद ही बताया कि सभी लोगों ने तरबूज खाया था, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई है। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से लिए गए सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं। घर से आधा खाया हुआ तरबूज भी जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। 1 अप्रैल : गुजरात में डोसा से 2 बच्चियों का मौत का दावा अहमदाबाद में अप्रैल की शुरुआत में डोसा खाने से दो बच्चियों की मौत का दावा किया गया था। शुरुआती तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच में बच्चियों के पेरेंट्स के ब्लड सैंपल में जहरीले पदार्थ के संकेत मिले। जानकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल को बच्चियों के पिता विमल प्रजापति बैटर लेकर आए थे। इससे बना डोसा खाने के बाद पत्नी और दोनों बेटियों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 3 महीने की बच्ची की 3 अप्रैल को मौत हो गई, जबकि 4 साल की बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। नगर निगम ने बैटर के सैंपल जांच के लिए भेजे, लेकिन अन्य ग्राहकों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस को शक हुआ। शक और गहरा इसलिए भी था क्योंकि छोटी बच्ची सिर्फ 3 महीने की थी। ऐसे में उसे डोसा खिलाने के दावे पर सवाल उठे। टॉक्सिकोलॉजी जांच में माता-पिता के शरीर में एल्युमिनियम फॉस्फाइड जैसे जहरीले पदार्थ के अंश मिले। FSL रिपोर्ट में डोसा भी ठीक निकला। बाद में पुलिस को घर से एक डायरी भी मिली, जिसमें महिला ने बेटे की इच्छा जताई थी। इसके बाद मामला फूड पॉइजनिंग से हटकर जहर के एंगल से जांच के दायरे में आ गया। पुलिस अभी भी इस केस की जांच कर रही है।
मुंबई में तरबूज खाने से पति-पत्नी, दो बेटियों की मौत:फूड पॉइजनिंग की आशंका; घर पर मेहमानों के साथ बिरयानी खाई, फिर फल खाए थे

मुंबई के जे.जे. मार्ग इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने से मौत हो गई। मृतकों में अब्दुल्ला अब्दुल कादर (40), उनकी पत्नी नसरिन (35) और उनकी बेटियां जैनब (13) और आयशा (16) शामिल हैं। पुलिस ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। पुलिस के मुताबिक, 25 अप्रैल को परिवार ने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर पार्टी रखी थी। इसमें कुछ रिश्तेदार आए थे। परिवार ने मेहमानों के साथ बिरयानी खाई थी। इसके बाद कपल और उनकी दोनों बेटियों ने तरबूज खाया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चारों परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। मेहमानों के जाने तक परिवार को कोई दिक्कत नहीं थी NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला मोबाइल एक्सेसरी की दुकान चलाते थे। शनिवार रात करीब 10:30 बजे अब्दुल्ला के घर पर पांच रिश्तेदार डिनर के लिए इकट्ठा हुए थे। खाने में बिरयानी थी।डिनर के बाद रिश्तेदार अपने घर लौट गए। उस समय तक अब्दुल्ला, उनकी पत्नी या बेटियों को कोई दिक्कत नहीं थी। इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह करीब 5 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे। परिवार ने डॉक्टर को तरबूज खाने की जानकारी दी थी शुरुआत में एक स्थानीय डॉक्टर ने उनका इलाज किया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। उसकी मां और बड़ी बहन के बाद पिता की मौत रविवार रात करीब 10:30 बजे हुई। परिवार का इलाज करने वाले डॉ. जियाद कुरैशी ने बताया कि सभी की हालत बहुत खराब थी। डॉक्टर के मुताबिक, परिवार ने खुद ही बताया कि सभी लोगों ने तरबूज खाया था, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई है। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से लिए गए सैंपल आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं। घर से आधा खाया हुआ तरबूज भी जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।








