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पंजाबी महिला अमेरिका की जेल में कैद:35 साल बाद अचानक गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाई; बेटा US आर्मी में अफसर

पंजाबी महिला अमेरिका की जेल में कैद:35 साल बाद अचानक गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाई; बेटा US आर्मी में अफसर

अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली पंजाबी मूल की कोर्ट इंटरप्रेटर मीनू बत्रा को 35 साल बाद अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकन इमिग्रेशन एजेंसी ने उन्हें एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाकर हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। मीनू पर इमिग्रेशन कानून का उल्लंघन कर अमेरिका में रहने का आरोप है, जिसके चलते अब उनके डिपोर्टेशन की तैयारी की जा रही है। हालांकि उनके वकीलों का दावा है कि मीनू को ‘विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल’ की कानूनी सुरक्षा मिली हुई है और कोर्ट पहले ही उन्हें भारत न भेजने की बात स्पष्ट कर चुका है। हालांकि कोर्ट ने अभी तक उनके डिपोर्टेशन को लेकर कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है। मीनू टेक्सास कोर्ट में पंजाबी, हिंदी और उर्दू की इंटरप्रेटर हैं और उनका बड़ा बेटा अमेरिकी सेना में अधिकारी है। कब क्या हुआ और क्यों फंसीं मीनू, सिलसिलेवार जानिए… सोशल मीडिया के लिए खिंचवाई फोटो
मीनू बत्रा के वकील दीपक आहलूवालिया ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्होंने जबरन मीनू के हाथ पीछे करवाकर फोटो खिंचवाई ताकि वह अपराधी लगें और कहा कि यह सोशल मीडिया के लिए है। जेल के अंदर मीनू अब अन्य महिलाओं की मदद कर रही हैं, जो अंग्रेजी नहीं जानतीं। वे बताती हैं कि वहां लोग डिप्रेशन में हैं और कई ने आत्महत्या की कोशिश भी की है। सरकार का तर्क, मीनू के पास नहीं है नागरिकता
कोर्ट में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) का कहना है कि मीनू के पास 2000 का फाइनल रिमूवल ऑर्डर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्क परमिट होने का मतलब यह नहीं है कि कोई अमेरिका में कानूनी रूप से हमेशा रह सकता है। सरकार अब प्रवासियों को सेल्फ डिपोर्ट के लिए कह रही है। कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया
दीपक आहलूवालिया का कहना है कि विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल मिलने के बाद इसे दो तरीकों से ही वापस लिया जा सकता है। यदि किसी ने अपराध किया हो तो आईसीई यह मोशन फाइल कर सकती है कि इसे वापस लिया जाए। दूसरा है ‘कंट्री कंडीशन’ फाइल किया जाना, जिसमें कहा जाता है कि हालात अब बदल गए हैं और मीनू को अपने मूल देश में कोई खतरा नहीं है। उनका कहना है कि इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई भी मोशन फाइल नहीं किया गया और न ही 26 वर्षों के दौरान आईसीई द्वारा उन्हें कोई नोटिस भेजा गया। मीनू बत्रा के पक्ष में आए ये लोग
अमेरिकन ट्रांसलेटर्स एसोसिएशन पर मौजूद मीनू बत्रा की प्रोफाइल के मुताबिक उनके पास टेक्सास स्टेट से मास्टर लेवल कोर्ट इंटरप्रेटर का लाइसेंस मौजूद है। स्थानीय राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुवादकों के संगठनों ने भी मीनू को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ आवाज उठाई है। मीनू बत्रा टेक्सास एसोसिएशन ऑफ ज्यूडिशियरी इंटरप्रेटर्स एंड ट्रांसलेटर्स’ (TAJIT) की बोर्ड मेंबर भी रह चुकी हैं।

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पंजाबी महिला अमेरिका की जेल में कैद:35 साल बाद अचानक गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाई; बेटा US आर्मी में अफसर

पंजाबी महिला अमेरिका की जेल में कैद:35 साल बाद अचानक गिरफ्तार, एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाई; बेटा US आर्मी में अफसर

अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली पंजाबी मूल की कोर्ट इंटरप्रेटर मीनू बत्रा को 35 साल बाद अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकन इमिग्रेशन एजेंसी ने उन्हें एयरपोर्ट पर हथकड़ी लगाकर हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। मीनू पर इमिग्रेशन कानून का उल्लंघन कर अमेरिका में रहने का आरोप है, जिसके चलते अब उनके डिपोर्टेशन की तैयारी की जा रही है। हालांकि उनके वकीलों का दावा है कि मीनू को ‘विदहोल्डिंग ऑफ रिमूवल’ की कानूनी सुरक्षा मिली हुई है और कोर्ट पहले ही उन्हें भारत न भेजने की बात स्पष्ट कर चुका है। हालांकि कोर्ट ने अभी तक उनके डिपोर्टेशन को लेकर कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है। मीनू टेक्सास कोर्ट में पंजाबी, हिंदी और उर्दू की इंटरप्रेटर हैं और उनका बड़ा बेटा अमेरिकी सेना में अधिकारी है। कब क्या हुआ और क्यों फंसीं मीनू, सिलसिलेवार जानिए… सोशल मीडिया के लिए खिंचवाई फोटो
मीनू बत्रा के वकील दीपक आहलूवालिया ने कहा कि अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्होंने जबरन मीनू के हाथ पीछे करवाकर फोटो खिंचवाई ताकि वह अपराधी लगें और कहा कि यह सोशल मीडिया के लिए है। जेल के अंदर मीनू अब अन्य महिलाओं की मदद कर रही हैं, जो अंग्रेजी नहीं जानतीं। वे बताती हैं कि वहां लोग डिप्रेशन में हैं और कई ने आत्महत्या की कोशिश भी की है। सरकार का तर्क, मीनू के पास नहीं है नागरिकता
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