तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, ‘टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।’ वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर ‘भाई’ लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ‘मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।’ गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में और तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी पहचान तलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी प्रेशर में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।’
तलविंदर ने पाकिस्तानी सिंगर के साथ मंच शेयर किया:टोरंटो में कॉन्सर्ट में गले मिले, हसन रहीम ने कहा- भाई

भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, ‘टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।’ वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर ‘भाई’ लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, ‘मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।’ गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज’ (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी बड़ी पहचान तलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा था। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा पाटनी के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी दबाव में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।”
विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में क्या किया, यह हर सीएम को देखना चाहिए

वह आदमी जिसने भूमिकाएँ बदल दीं: लाइट्स, कैमरा, एक्शन – यही दशकों तक विजय की दुनिया थी। आज, सेट की जगह तमिलनाडु विधानसभा ने ले ली है, संवादों की जगह नीतिगत बहस ने ले ली है, और तालियों की जगह एक राज्य अपने नए मुख्यमंत्री के हर कदम को एक थ्रिलर फिल्म की तीव्रता के साथ देख रहा है। वह क्षण जो वायरल हो गया: हाथ में कलम, सिर थोड़ा झुका हुआ, उनके सामने एक नोटबुक खुली – विधानसभा कार्यवाही के दौरान सीएम विजय की शांत, केंद्रित उपस्थिति ने इंटरनेट की कल्पना पर कब्जा कर लिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का विधानसभा सत्र के दौरान ध्यान से नोट्स लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है। अनुभवी राजनेताओं से भरे हॉल में, यह नवागंतुक ही थे जो सबसे अधिक तैयार दिखे। (X/thefederal.com) विपक्ष पर नोट्स लेना: जिस चीज़ ने छवि को और भी आकर्षक बना दिया वह था संदर्भ। रिपोर्टों से पता चलता है कि विजय विपक्ष द्वारा उनकी सरकार पर लगाए गए हर आरोप को चुपचाप चुपचाप नोट कर रहे थे। कोई रुकावट नहीं. कोई नाटकीयता नहीं. बस एक कलम, एक नोटबुक और पूरा ध्यान। नाटकीय राजनीतिक रंगमंच के आदी राज्य के लिए, यह पूरी तरह से एक अलग तरह का तमाशा था। नेटिज़ेंस प्रतिक्रिया: विपक्ष के बोलने के दौरान शांति से टिप्पणी करते हुए एक मुख्यमंत्री की छवि ने ऑनलाइन टिप्पणियों की बाढ़ ला दी। एक नेटिज़न ने लिखा, “हमने कभी किसी सीएम को इतना केंद्रित और गंभीर नहीं देखा।” दूसरे ने कहा, “राजनीति में हर किसी को इससे सीखना चाहिए।” ऐसे राजनीतिक माहौल में जिसे अक्सर वाकआउट, नारेबाजी और व्यवधान से परिभाषित किया जाता है, नोटबुक में लिखने का सरल कार्य एक बयान बन गया। स्टारडम से स्टेट्समैनशिप तक: रजनीकांत – विजय के समकालीन और तमिल सिनेमा के अन्य दिग्गज सुपरस्टार – से हाल ही में एक हवाई अड्डे पर विजय के राजनीतिक उत्थान के बारे में पूछा गया था। वह चुप रहा, हाथ जोड़े, कुछ नहीं बोला। प्रशंसकों का कहना है कि उनकी चुप्पी किसी भी टिप्पणी से ज़्यादा ज़ोर से बोलती है। वह व्यक्ति जिसने कभी विजय के साथ ब्लॉकबस्टर पोस्टर साझा किए थे, अब हर किसी की तरह देखता है कि उसका साथी तमिलनाडु की राजनीतिक कहानी को फिर से लिख रहा है। संख्याएँ झूठ नहीं बोलतीं: विधानसभा एकमात्र ऐसी जगह नहीं थी जहां विजय ने प्रभाव डाला। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनके पद संभालने के बाद आश्चर्यजनक वृद्धि देखी गई – 9 मई को 4.56 लाख फॉलोअर्स से बढ़कर 11 मई तक 1.9 मिलियन हो गए, जो कि केवल 48 घंटों में लगभग पांच गुना बढ़ गया। विजय के शपथ ग्रहण समारोह की रील को एक घंटे में 12 मिलियन बार देखा गया – यह संख्या एक सुपरस्टार की प्रशंसक संख्या और एक मुख्यमंत्री के सार्वजनिक जनादेश के बीच की रेखा को धुंधला कर देती है।
कॉप की भूमिका में सैफ अली:भक्षक' के बाद अब 'कर्तव्य' की बारी; निर्देशक ने बताया क्यों सैफ थे पहली पसंद

‘भक्षक’ के बाद निर्देशक पुलकित अब नेटफ्लिक्स फिल्म ‘कर्तव्य’ लेकर आ रहे हैं, जिसमें सैफ अली खान कॉप बने हैं। पुलकित ने फिल्म के बैकड्रॉप, सैफ की कास्टिंग आदि पर बातचीत की… पुलकित कहते हैं, ‘कर्तव्य’ किसी एक सच्ची घटना पर आधारित नहीं है। यह विचार मेरे दिमाग में बहुत सालों से चल रहा था। हम अक्सर अपने अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों पर चर्चा कम ही होती है। बतौर इंसान हमारी क्या जिम्मेदारी है? एक पिता का काम सिर्फ बच्चा पैदा करना नहीं है, बल्कि उस बच्चे की जिंदगी में क्या सही है और क्या गलत, यह सिखाना भी उसकी ड्यूटी है। मैं कहानी के जरिए उसी कर्तव्य की परिभाषा को ढूंढ रहा था। मैं एक ऐसी दुनिया बुनना चाहता था जहां कर्तव्य और इंसानियत के बीच का संघर्ष दिखे। बहुत सालों तक यह विचार मेरे अंदर बंद था, जिसे अब मैंने इस फिल्म के रूप में बाहर निकाला है। फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं पुलकित बताते हैं, ‘भक्षक’ के बाद रेड चिलीज और नेटफ्लिक्स के साथ रिश्ता और मजबूत हुआ। जब ‘कर्तव्य’ लिखी तो सबसे पहले उन्हें सुनाई और वे तुरंत तैयार हो गए। सैफ ही मेरी पहली पसंद थे। मैं यह स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं।’ फिल्म के लिए ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है फिल्म की दुनिया पर पुलकित कहते हैं…‘हमने ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है, जिसकी टोन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर जैसी रखी गई। ‘ओमकारा’ में सैफ का ‘लंगड़ा त्यागी’ वाला किरदार मेरे दिमाग में हमेशा रहा। मुझे मजा आता है जब आप बांद्रा में रहने वाले, इंग्लिश बोलने वाले एक्टर को छोटे शहर की धूल-मिट्टी में डाल देते हैं।’ ‘ओमकारा’ के बाद कम निर्देशकों ने सैफ के देसी और रॉ अंदाज में लिया पुलकित मानते हैं, ‘ओमकारा के बाद बहुत कम निर्देशकों ने सैफ के उस देसी और रॉ अंदाज को इस्तेमाल किया। ‘आरक्षण’ और ‘तांडव’ में कोशिश जरूर हुई, लेकिन मुझे वो वाला सैफ नहीं मिला जो ‘लंगड़ा त्यागी’ में दिखा था। मेरे जेहन में वही इमेज थी, इसलिए मैं उन्हें फिर से उसी दुनिया में वापस लेकर गया।’ ‘99% हिंदुस्तान छोटे शहरों में बसता है’ अपने सिनेमा की जड़ों पर बात करते हुए पुलकित कहते हैं, ‘मैं खुद छोटे शहर से आता हूं, इसलिए मुझे ऐसी कहानियों में मजा आता है। 99% हिंदुस्तान छोटे शहरों और कस्बों में बसता है। जब आप ग्रासरूट लेवल की कहानी लिखते हैं, तो एक्टर्स को भी उसमें कुछ नया नजर आता है। यही वजह है कि मैंने सैफ, रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा और मनीष चौधरी जैसे दमदार एक्टर्स को चुना। हम स्टारडम नहीं, परफॉर्मेंस पर दांव लगा रहे हैं।’
किसान मोर्चा के नए अध्यक्ष ने वाहन रैली निकाली…नियुक्ति रद्द:18 दिन में ही गया भाजपा नेता का पद; पेट्रोल बचाओ अपील के बाद देश में पहली कार्रवाई

भिंड के भाजपा नेता सज्जन सिंह यादव को 100 से अधिक लग्जरी वाहनों के साथ शहर में प्रवेश करना भारी पड़ गया। नियुक्ति के 18 दिन में ही भाजपा ने उन्हें भिंड जिला भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। वे अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बुधवार शाम को शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान शहर का ट्रैफिक बाधित हुआ तो हॉर्न बजाते और नारेबाजी के कारण शोर भी हुआ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में देश में यह पहली कार्रवाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिन में दो बार ईंधन बचाने की अपील कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अपने काफिले से वाहन कम कर दिए। देश के गृह मंत्री अमित शाह, अन्य विभागों के मंत्रियों, मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मंत्रियों ने भी काफिले से वाहन कम कर दिए। इसके बाद भी सज्जन सिंह यादव अध्यक्ष बनने के बाद शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। पार्टी ने किया था जवाब तलब मामला सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने सज्जन सिंह यादव से चर्चा की। उनसे जवाब तलब किया तो सज्जन सिंह यादव ने पार्टी नेतृत्व को सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी कार्यकर्ता या समर्थक को वाहन लेकर आने के लिए नहीं कहा था। लोग स्वेच्छा से काफिले में शामिल हुए थे और यह पार्टी के प्रति उनका उत्साह व प्रेम था। नियुक्ति रद्द होने के बाद अब कॉल रिसीव नहीं कर रहे दैनिक भास्कर ने जब इस संबंध में सज्जन सिंह यादव से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया ने कहा कि मामले में सज्जन सिंह यादव से चर्चा की। उनका कहना था कि उन्होंने किसी को काफिले के लिए आमंत्रित नहीं किया था। लोग स्वयं शामिल हुए थे। अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की जाएगी जयपाल सिंह चावड़ा ने बताया कि मंगलवार के बाद जहां-जहां से ऐसे मामले सामने आए हैं, वहां की जानकारी लेकर जिम्मेदारों से चर्चा की जा रही है। अभी भिंड का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में भिंड के जिला अध्यक्ष को दायित्व मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां भी इस तरह की अनुशासनहीनता सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त निर्णय लिए जाएंगे। इन्होंने भी की अनुशासनहीनता ………………… यह खबर भी पढ़ें सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ई-रिक्शा से बैढ़न पहुंचे: पीछे दौड़ा 200 वाहनों का काफिला सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल गुरुवार को मोरवा स्थित अपने आवास से ई-रिक्शा में सवार होकर बैढ़न जिला मुख्यालय पहुंचे। उनकी इस यात्रा के पीछे 200 से अधिक वाहनों का लंबा काफिला भी चला। पढ़ें पूरी खबर
कैसे कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केरल का मुख्यमंत्री चुनने में अपना रास्ता अपनाया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 13:51 IST कई दिनों के गहन विचार-विमर्श के बाद, केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की प्रचंड जीत के बाद कांग्रेस ने वीडी सतीसन को सीएम पद के लिए चुना। केरल के मनोनीत मुख्यमंत्री वीडी सतीसन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की फ़ाइल छवि। (स्रोत: पीटीआई) केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन को नियुक्त करने के कांग्रेस के फैसले ने कांग्रेस के निर्णय लेने में, खासकर वायनाड से सांसद बनने के बाद केरल की राजनीति में, प्रियंका गांधी के बढ़ते प्रभाव को सूक्ष्मता से रेखांकित किया है। कई दिनों के गहन विचार-विमर्श और आंतरिक पैरवी के बाद, कांग्रेस नेतृत्व ने गुरुवार को केरल विधानसभा चुनावों में यूडीएफ की व्यापक जीत के बाद सतीसन को सीएम पद के लिए चुना। यह भी पढ़ें: वीडी सतीसन को केरल का नया मुख्यमंत्री नामित किया गया, कांग्रेस ने 11 दिनों का सस्पेंस खत्म किया जबकि वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल दिल्ली में मजबूत संगठनात्मक समर्थन के साथ एक मजबूत दावेदार बने रहे, कई मीडिया रिपोर्टों ने सुझाव दिया कि प्रियंका गांधी ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कि नेतृत्व अंततः सतीसन की ओर झुका। सतीसन पर प्रियंका के दबाव के पीछे वायनाड फैक्टर? द स्टेट्समैन के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा कथित तौर पर अपने वायनाड निर्वाचन क्षेत्र में वीडी सतीसन के समर्थकों के दबाव में थीं, जिन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से उन्हें केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त करने का आग्रह करते हुए “ईमेल की बाढ़” भेजी थी। एक संगठित अभियान के हिस्से के रूप में, सतीसन के वायनाड समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाने की अपीलों के साथ उनके आधिकारिक ईमेल को भर दिया था। उन्होंने पार्टी के आलाकमान को यह दिखाने के लिए सार्वजनिक प्रदर्शन भी किए थे कि “जिस व्यक्ति ने लड़ाई का नेतृत्व किया” उसे राज्य का नेतृत्व करना चाहिए। कथित तौर पर प्रियंका गांधी केरल में राजनीतिक मूड के बारे में चिंतित थीं, खासकर वायनाड में, जो वह लोकसभा क्षेत्र है जिसका वह वर्तमान में प्रतिनिधित्व करती हैं। यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीसन: कैसे कांग्रेस ने केरल में कर्नाटक दोहराने से इनकार कर दिया? सीएम चेहरे पर सहमति बनाने से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केरल के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा की। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ऐसी ही एक चर्चा के दौरान, प्रियंका ने राहुल गांधी से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को अंतिम रूप देने से पहले केरल में “मौजूदा राजनीतिक माहौल” को ध्यान में रखने का आग्रह किया। जैसे ही सीएम चेहरे पर सस्पेंस जारी रहा, वायनाड में राहुल और प्रियंका को निशाना बनाने वाले पोस्टर सामने आए, जिसमें नेतृत्व को वेणुगोपाल के पक्ष में सतीसन को दरकिनार करने के खिलाफ चेतावनी दी गई, अन्यथा उन्हें “अमेठी जैसा” भाग्य मिलेगा। संदेश में केरल कांग्रेस के कुछ वर्गों के भीतर चिंताओं को दर्शाया गया है कि सतीसन की अनदेखी, जिसे व्यापक रूप से यूडीएफ के एलडीएफ विरोधी अभियान के चेहरे के रूप में देखा जाता है, कैडरों और समर्थकों के बीच नाराजगी पैदा कर सकता है। सतीसन को बढ़त क्यों मिली? 2026 के केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को निर्णायक जीत दिलाने के बाद सतीसन ने महत्वपूर्ण राजनीतिक गति के साथ नेतृत्व की दौड़ में प्रवेश किया। यूडीएफ ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें हासिल कीं, जबकि कांग्रेस ने 63 सीटें जीतीं, जो गठबंधन के भीतर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। यह भी पढ़ें: केरल के गेम ऑफ थ्रोन्स में वीडी सतीसन को मिला ताज लेकिन वेणुगोपाल के पास रही सत्ता विपक्ष के नेता के रूप में, सतीसन ने भ्रष्टाचार के आरोपों, शासन के मुद्दों और कानून-व्यवस्था की चिंताओं पर वाम सरकार पर आक्रामक रूप से निशाना साधा था, जिससे चुनाव से पहले कांग्रेस के राजनीतिक संदेश को तेज करने में मदद मिली। कांग्रेस में बढ़ रहा है प्रियंका का प्रभाव! केरल के मुख्यमंत्री के फैसले ने कांग्रेस के आंतरिक विचार-विमर्श में प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। वायनाड से संसद में प्रवेश करने के बाद से, प्रियंका ने केरल की राजनीति में अधिक प्रत्यक्ष हिस्सेदारी हासिल कर ली है और उन्हें राज्य के राजनीतिक मूड की गहरी समझ रखने वाले व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया कैसे कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केरल का मुख्यमंत्री चुनने में अपना रास्ता अपनाया? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रियंका गांधी केरल की राजनीति(टी)वीडी सतीसन मुख्यमंत्री(टी)केरल कांग्रेस नेतृत्व(टी)वायनाड निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति(टी)यूडीएफ की जीत केरल चुनाव(टी)राहुल गांधी प्रियंका प्रभाव(टी)केरल सीएम पद की दौड़(टी)कांग्रेस आंतरिक निर्णय लेना
कार, बस में आने लगती है उल्टी, डॉक्टर सुनीता ने बताई असली वजह, बस ये आसान ट्रिक अपनाएं, तुरंत मिलेगी राहत

दिल्ली: बस, कार या नाव में सफर करते समय कई लोगों को चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना, घबराहट या बेचैनी होने लगती है. इसे ही मोशन सिकनेस कहा जाता है. यह समस्या खासतौर पर लंबी यात्रा के दौरान लोगों को परेशान करती है. इस बारे में दिल्ली की फेमस डॉक्टर सुनीता चौधरी के मुताबिक यह दिक्कत शरीर और दिमाग के बीच बनने वाले सिग्नल मिसमैच की वजह से होती है. आइये जानते हैं इसकी सबसे बड़ी वजह क्या है? शरीर और दिमाग के बीच कैसे होता है कन्फ्यूजन डॉ. सुनीता चौधरी ने बताया कि जब हम सफर में होते हैं तो हमारा शरीर लगातार मूव करता है, लेकिन अगर हम फोन देखने लगें या किताब पढ़ें, तो आंखों को लगता है कि शरीर स्थिर है. वहीं, कान और शरीर दिमाग को मूवमेंट का संकेत देते रहते हैं. इसी कारण दिमाग भ्रमित हो जाता है और उल्टी या चक्कर जैसी परेशानी शुरू हो जाती है. महिलाओं में ज्यादा होती है यह समस्या डॉक्टर सुनीता के अनुसार महिलाओं में मोशन सिकनेस ज्यादा देखने को मिलती है. इसकी एक वजह हार्मोनल बदलाव भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि एक रिसर्च में पाया गया कि नाव में सफर करने वाले करीब 32 प्रतिशत लोगों को मोशन सिकनेस और 6 से 8 प्रतिशत लोगों को एंग्जायटी महसूस हुई थी. सफर के दौरान यहां बैठना है बेहतर डॉ. चौधरी ने बताया कि सही सीट चुनने से भी काफी राहत मिलती है. कार में आगे की सीट, नाव में बीच का हिस्सा और हवाई जहाज में विंग्स के पास बैठना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा खिड़की के पास बैठने और खुली हवा मिलने से भी परेशानी कम होती है. फोन और किताबें बढ़ा सकती हैं परेशानी उन्होंने सलाह दी कि यात्रा के दौरान बाहर के दृश्य देखते रहना चाहिए. लगातार फोन देखने या किताब पढ़ने से मोशन सिकनेस बढ़ सकती है. अगर नजर बाहर के स्थिर दृश्यों पर रहे तो दिमाग को कम भ्रम होता है. खाने-पीने में रखें सावधानी डॉक्टर ने बताया कि सफर से पहले भारी खाना नहीं खाना चाहिए, लेकिन खाली पेट यात्रा करना भी सही नहीं है. हल्का भोजन करना सबसे बेहतर रहता है. नींबू और अदरक जैसे घरेलू उपाय भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी कुछ लोग सफर से पहले उल्टी रोकने वाली दवाइयां लेते हैं. डॉ. चौधरी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा ली जा सकती है. बिना सलाह के दवा लेने से ज्यादा नींद या सुस्ती जैसी समस्या हो सकती है. ट्रेन में कम होती है मोशन सिकनेस डॉ. सुनीता चौधरी के मुताबिक ट्रेन में लोगों को यह परेशानी कम होती है. क्योंकि ट्रेन की गति एक समान रहती है और उसमें हवा का अच्छा इंतजाम होता है. सड़क की तरह लगातार झटके नहीं लगते हैं. इसलिए शरीर को ज्यादा परेशानी महसूस नहीं होती है.
पश्चिम बंगाल राजनीति: बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही कर दिया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने रखी थी रोक

पश्चिम बंगाल में सेना को जमीन पर उतारने के मामले में भाजपा ने अर्थव्यवस्था पर आधारित आधार तैयार किया है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बोर्डिंग को मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार ने इस पर रोक लगा रखी थी। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार सरकार से जमीन लेने की अपील की। अमित शाह ने 500-600 किलोमीटर पाइपलाइन लगवाने का प्रयास किया था, अब भी 300-400 किलोमीटर जमीन है। हमारी सरकार ने पहले दिन ही अपना लाइसेंस दे दिया। 45 दिन में जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. सिद्धांत से बातचीत चल रही है। जहां बाड़े का काम बंद था, कल से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने एलएलसी को जमीन नहीं दी थी, जिसकी वजह से सीमा की स्थिति बहुत खराब है। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने सबसे पहले ही दिन में भुगतान बंद के लिए मंजूरी दे दी है। अब बंदी बनने के बाद पड़ोसी देश के लिए छिपकर बंगाल नहीं आएगा और पश्चिम बंगाल में शांति बनी रहेगी। और पढ़ें: पश्चिम बंगाल: बंगाल में महिलाओं के लिए मिलेंगे 3000 रुपये, बस यात्रा भी होगी फ्री, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी दिलीप घोष ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जमीन को लेकर कई बैठकें कीं और समर्थन पहले ही दिन दे दिया था, उसके बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया। पश्चिम बंगाल सरकार उन सभी राज्यों को बंद कर देगी जो पड़ोसी देश के लोग गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहे हैं। गुणवत्ता विश्लेषण सख्त करने की मांग देश में लगातार खाने-पीने के उत्पाद सामान के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “कीमतें समय-समय पर दी जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। दूध की गुणवत्ता को लेकर कई पिज्जा मिल रही हैं और इसकी ठीक से जांच नहीं की जा रही है। इसमें कई तरह के रसायन मिलाए जा रहे हैं। यह स्वास्थ्य से जुड़ा है, गुणवत्ता और मात्रा दोनों को ही ठीक से रखा जाना चाहिए। सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।” और पढ़ें: दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, अग्निमित्रा को महिला कल्याण… शुभेंदु गर्भ में जानें किसे कौन सा मंत्रालय (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)दिलीप घोष
24 घंटे के अंदर कितनी चीनी खाना चाहिए? इस लिमिट से ज्यादा खाएं तो बन सकता है धीमा जहर, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Last Updated:May 14, 2026, 11:32 IST Sugar Consumption Limit: भारत में चीनी के बिना कोई चारा नहीं है. लोग दिन भर में कुछ न कुछ मीठा खा ही लेते हैं. लेकिन चीनी मीठा जहर है. चीनी जब तैयार हो जाता है तो यह अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड बन जाता है. यह पेट में जाकर तुरंत एनर्जी में बदल जाता है लेकिन यह एनर्जी खराब तरह की होती है जो चर्बी में बदल जाती है. ऐसे में सवाल यह है कि एक दिन में कितनी चीनी खाएं कि हमारी सेहत को नुकसान न हो. एक दिन में कितने ग्राम चीनी खानी चाहिए. Sugar limit : हर दिन हम न जाने कितनी तरह से चीनी का सेवन करते हैं. शरीर में मीठी चीज सिर्फ चीनी से ही नहीं जाती है बल्कि कई अन्य चीजों में चीनी मिली होती है जो हमारे शरीर में चली जाती है. जैसे चॉकलेट, बिस्कुट, कैचअप, चटनी, पैकेटबंद कई चीजें, जूस आदि सबमें चीनी बहुत होती है. वह भी खराब स्तर का. चीनी अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का मतलब है कि इसे बनाने में कई तरह के केमिकल मिलाए जाते हैं. इससे फूड की जो मूल गुणवत्ता होती है वह खराब होती है उपर से और खराब चीजें इसमें मिल जाती है. इसलिए चीनी का ज्यादा सेवन करने से फैटी लिवर डिजीज, हार्ट डिजीज, डायबिटीज आदि का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि एक दिन में या 24 घंटे में हम कितनी चीनी खाएं कि इससे सेहत को नुकसान न हो. एक दिन में कितनी चीनी की जरूरत क्लीवलैंड क्लीनिक की डायटीशियन बेथ चेर्वोनी कहती हैं कि एक दिन में कितनी चीनी खानी चाहिए, यह इस बात पर निर्भर है कि आपको एक दिन में कितनी कैलोरी की जरूरत है. हर इंसान को जिंदा रहने के लिए कैलोरी की जरूरत होती है जो उसे भोजन से प्राप्त होता है. जो लोग जितना ज्यादा मेहनत करते हैं, उन्हें उतनी ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है. अमूमन एक दिन में एक पुरुष को 2000 से 3000 कैलोरी की जरूरत होती है. यह कैलोरी कई चीजों से आनी चाहिए. डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक एक दिन में कुल कैलोरी का 10 प्रतिशत कार्बोहाइड्रैट से आनी चाहिए. लेकिन कार्बोहाइड्रैट आपको कई अन्य चीजों से मिल जाता है. जैसे कि चावल, रोटी आदि से भी कार्बोहाइड्रैट मिल जाता है. ऐसे में हमें चीनी कितनी खानी चाहिए. आइए इसका गणित जानते हैं. चीनी खाने का गणित एक दिन में कितनी चीनी खानी चाहिए. आइए इसका गणित समझते हैं. अगर कुल कैलोरी के 10 प्रतिशत कार्बोहाइड्रैट से हिसाब लगाए तो 3000 कैलोरी में आपको 300 कैलोरी कार्बोहाइड्रैट से लेनी होगी. तो क्या 300 कैलोरी के लिए सिर्फ चीनी ही खाएं. कतई नहीं. यह घातक हो जाएगा. चीनी अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है जो तुरंत में घुलकर एनर्जी में बदल जाती है लेकिन यह एनर्जी रिफाइंड होती है यानी कुदरती नहीं होती है. इसलिए यह जल्दी ही चर्बी में बदल जाएगी या शरीर के मुख्य अंगों को नुकसान पहुंचाएगी. अब समझिए कि चीनी में कितनी कैलोरी होती है. 5 ग्राम चीनी से 20 कैलोरी मिलती है. एक चम्मच में लगभग 4 से 5 ग्राम चीनी आ जाती है. अगर आप 10 प्रतिशत के हिसाब से चलें तो 300 कैलोरी के लिए आपको 60 चम्मच चीनी खानी होगी. क्या ऐसा संभव है. बिल्कुल नहीं. यह घातक हो जाएगा. तो फिर कितनी चीनी खानी चाहिए एक्सपर्ट के मुताबिक एक दिन में 2 से 3 चम्मच चीनी ही खाना चाहिए. लेकिन हर कोई इससे ज्यादा चीनी रोज खाते हैं. चाय में ही लोग दो-तीन चम्मच चीनी खा लेते हैं. इसके अलावा दूध, मिठाई, आइस्क्रीम आदि में कई ग्राम चीनी मिले होते हैं. इसका परिणाम बीमारियों में सामने आता है. इसलिए दो-तीन चम्मच चीनी पर्याप्त है. हालांकि डॉक्टर तो यही कहते हैं कि चीनी खानी ही नहीं चाहिए. इसकी जगह कुदरती चीनी खाएं तो उसका फायदा ज्यादा होगा. जैसे दूध, दही, अनाज, फल, आदि में कुदरती चीनी भरी पड़ी होती है. आपका शरीर इन चीजों को आसानी से ग्रहण कर लेता है. इससे कोई बीमारी नहीं होती. ज्यादा चीनी खाने से नुकसानकई अध्ययनों से यह बात साफ है चीनी कई बीमारियों की जड़ है. आमतौर पर लोग समझते हैं कि ज्यादा चीनी खाने से डायबिटीज होती है. लेकिन इसके अलावा भी कई बीमारियां हो सकती है. चीनी ज्यादा खाने से फैटी लिवर डिजीज होती है. इससे लिवर को नुकसान पहुंचता है. चीनी किडनी के लिए बहुत खराब चीज है. ज्हयादा चीनी कई तरह के मेटोबोलिक डिसफंक्शन को जन्म देता है. ज्यादा चीनी लिवर, दांतों की परेशानी, कील-मुंहासे, ब्रेन समस्या, ज्वाइंट पेन, स्किन प्रोब्लम, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन जैसी बीमारियों के खतरों को बढ़ा सकती है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
‘इसे खत्म करने के लिए मैदान में उतरे’: टीवीके विधायक ने उदयनिधि की सनातन विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया, बीजेपी ने पलटवार किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 11:18 IST मुस्तफा की यह टिप्पणी द्रमुक नेता द्वारा ‘सनातन धर्म’ को दोहराकर और विधानसभा में यह घोषणा करने के बाद कि “इसे खत्म किया जाना चाहिए” एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। टीवीके विधायक वीएमएस मुस्तफा ने उदयनिधि स्टालिन की सनातन विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया सनातन उन्मूलन पंक्ति: मुख्यमंत्री विजय के टीवीके विधायक द्वारा डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के “सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए” रुख को दोहराते हुए तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक झगड़ा शुरू हो गया, उन्होंने कहा कि पार्टी पेरियार ईवी रामासामी और बीआर अंबेडकर के आदर्शों का पालन करती है, और “सनातन को खत्म करने की लड़ाई में शामिल हो गई है”। मदुरै सेंट्रल से टीवीके विधायक वीएमएस मुस्तफा तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी का जवाब दे रहे थे और उन्होंने कहा, “हम भी पेरियार और अंबेडकर के आदर्शों को मानते हैं। हम भी सनातन को खत्म करने के लिए मैदान में उतर आए हैं।” उनकी यह टिप्पणी द्रमुक नेता द्वारा ‘सनातन धर्म’ पर सवाल उठाकर और विधानसभा में यह घोषणा करने के एक दिन बाद आई है कि “इसे खत्म किया जाना चाहिए” क्योंकि यह समाज में लोगों को विभाजित करता है। उदयनिधि ने विधानसभा में अपने भाषण के दौरान कहा, “सनातनम, जिसने लोगों को अलग किया, को खत्म किया जाना चाहिए।” उन्होंने उस बहस को पुनर्जीवित कर दिया, जिसने हाल के महीनों में बार-बार तीखी राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। उदयनिधि नई सरकार के हालिया शपथ ग्रहण समारोह पर एक विशेष शिकायत की ओर इशारा कर रहे थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राज्य गान को पारंपरिक प्रमुखता प्राप्त करने के बजाय घटनाओं के अनुक्रम में तीसरे स्थान पर रखा गया था। बीजेपी का पलटवार इन टिप्पणियों की भाजपा ने निंदा की, जिसने टीवीके और डीएमके पर विभाजनकारी बयानबाजी में शामिल होने और हिंदू मान्यताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता नारायणन तिरुपति ने मुस्तफा की आलोचना करते हुए उनके बयान को निंदनीय और धार्मिक सद्भाव के लिए हानिकारक बताया। एक्स पर एक पोस्ट में, भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या मुस्तफा इस्लाम या ईसाई धर्म के खिलाफ इसी तरह की टिप्पणी करेंगे और उन पर हिंदू मान्यताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। नेता ने यह भी कहा कि ऐसी टिप्पणियां राजनीतिक अहंकार को दर्शाती हैं। टीवी के द्वारा दिया गया बयान @TVKPartyHQ विधान सभा सदस्य मुस्तफा – “हम सनातन को मिटाने के लिए ही राजनीतिक क्षेत्र में आए हैं” – अत्यधिक निंदनीय है। एक मुस्लिम, और विशेष रूप से एक जन प्रतिनिधि, हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक बातें कर रहा है और… – नारायणन तिरुपति (@नारायणनंतबीजेपी) 14 मई 2026 भाजपा नेता ने मुस्तफा के बयान या उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई पूर्व टिप्पणियों की निंदा नहीं करने के लिए विजय की आलोचना की। “मुख्यमंत्री जोसेफ विजय @TVKVijayHQ ने अब तक विधानसभा में सनातनम पर उदयनिधि स्टालिन के भाषण या डीएमके विधायक मुस्तफा द्वारा की गई टिप्पणी की निंदा नहीं की है। एक मुख्यमंत्री के लिए जो सभी लोगों के लिए नेता होने का दावा करता है, बहुसंख्यक समुदाय के जीवन के तरीके की आलोचना करने वालों की निंदा करने में असफल होना उनके द्वारा रखे गए उच्च पद के लिए उपयुक्त नहीं है,” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म शाश्वत है और इसे किसी भी व्यक्तिगत या राजनीतिक आंदोलन द्वारा नष्ट नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म, जो शाश्वत और चिरस्थायी है, उसे अतीत में जन्मे किसी भी व्यक्ति ने कभी नष्ट या मिटाया नहीं है, न ही अब पैदा हुआ कोई ऐसा करने में सक्षम है, और भविष्य में पैदा होने वाला कोई भी व्यक्ति इसे कभी भी नष्ट नहीं कर पाएगा।” पहले का विवाद उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों से अतीत में राजनीतिक विवाद पैदा हुआ है और यह न्यायिक जांच के दायरे में भी आया है। इस साल की शुरुआत में, विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने पाया कि उनका एक भाषण “घृणास्पद भाषण” था। न्यायमूर्ति एस.श्रीमथी ने अमित मालवीय के खिलाफ एक प्राथमिकी को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिन पर उदयनिधि की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने कहा कि उदयनिधि ने तमिल वाक्यांश “सनातन ओझिप्पु” का उपयोग किया था, जिसका अर्थ “सनातन एथिरप्पु” के बजाय सनातन धर्म का उन्मूलन है, जिसका अर्थ सनातन धर्म का विरोध है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘इसे खत्म करने के लिए मैदान में उतरे’: टीवीके विधायक ने उदयनिधि की सनातन विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया, बीजेपी ने पलटवार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सनातन धर्म विवाद(टी)सनातन उन्मूलन विवाद(टी)उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी(टी)विजय टीवीके सरकार(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)पेरियार अंबेडकर के आदर्श(टी)बीजेपी की प्रतिक्रिया तमिलनाडु(टी)मद्रास उच्च न्यायालय घृणास्पद भाषण






