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कार, बस में आने लगती है उल्टी, डॉक्टर सुनीता ने बताई असली वजह, बस ये आसान ट्रिक अपनाएं, तुरंत मिलेगी राहत

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दिल्ली: बस, कार या नाव में सफर करते समय कई लोगों को चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना, घबराहट या बेचैनी होने लगती है. इसे ही मोशन सिकनेस कहा जाता है. यह समस्या खासतौर पर लंबी यात्रा के दौरान लोगों को परेशान करती है. इस बारे में दिल्ली की फेमस डॉक्टर सुनीता चौधरी के मुताबिक यह दिक्कत शरीर और दिमाग के बीच बनने वाले सिग्नल मिसमैच की वजह से होती है. आइये जानते हैं इसकी सबसे बड़ी वजह क्या है?

शरीर और दिमाग के बीच कैसे होता है कन्फ्यूजन

डॉ. सुनीता चौधरी ने बताया कि जब हम सफर में होते हैं तो हमारा शरीर लगातार मूव करता है, लेकिन अगर हम फोन देखने लगें या किताब पढ़ें, तो आंखों को लगता है कि शरीर स्थिर है. वहीं, कान और शरीर दिमाग को मूवमेंट का संकेत देते रहते हैं. इसी कारण दिमाग भ्रमित हो जाता है और उल्टी या चक्कर जैसी परेशानी शुरू हो जाती है.

महिलाओं में ज्यादा होती है यह समस्या

डॉक्टर सुनीता के अनुसार महिलाओं में मोशन सिकनेस ज्यादा देखने को मिलती है. इसकी एक वजह हार्मोनल बदलाव भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि एक रिसर्च में पाया गया कि नाव में सफर करने वाले करीब 32 प्रतिशत लोगों को मोशन सिकनेस और 6 से 8 प्रतिशत लोगों को एंग्जायटी महसूस हुई थी.

सफर के दौरान यहां बैठना है बेहतर

डॉ. चौधरी ने बताया कि सही सीट चुनने से भी काफी राहत मिलती है. कार में आगे की सीट, नाव में बीच का हिस्सा और हवाई जहाज में विंग्स के पास बैठना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा खिड़की के पास बैठने और खुली हवा मिलने से भी परेशानी कम होती है.

फोन और किताबें बढ़ा सकती हैं परेशानी

उन्होंने सलाह दी कि यात्रा के दौरान बाहर के दृश्य देखते रहना चाहिए. लगातार फोन देखने या किताब पढ़ने से मोशन सिकनेस बढ़ सकती है. अगर नजर बाहर के स्थिर दृश्यों पर रहे तो दिमाग को कम भ्रम होता है.

खाने-पीने में रखें सावधानी

डॉक्टर ने बताया कि सफर से पहले भारी खाना नहीं खाना चाहिए, लेकिन खाली पेट यात्रा करना भी सही नहीं है. हल्का भोजन करना सबसे बेहतर रहता है. नींबू और अदरक जैसे घरेलू उपाय भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

कुछ लोग सफर से पहले उल्टी रोकने वाली दवाइयां लेते हैं. डॉ. चौधरी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा ली जा सकती है. बिना सलाह के दवा लेने से ज्यादा नींद या सुस्ती जैसी समस्या हो सकती है.

ट्रेन में कम होती है मोशन सिकनेस

डॉ. सुनीता चौधरी के मुताबिक ट्रेन में लोगों को यह परेशानी कम होती है. क्योंकि ट्रेन की गति एक समान रहती है और उसमें हवा का अच्छा इंतजाम होता है. सड़क की तरह लगातार झटके नहीं लगते हैं. इसलिए शरीर को ज्यादा परेशानी महसूस नहीं होती है.

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दिल्ली: बस, कार या नाव में सफर करते समय कई लोगों को चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना, घबराहट या बेचैनी होने लगती है. इसे ही मोशन सिकनेस कहा जाता है. यह समस्या खासतौर पर लंबी यात्रा के दौरान लोगों को परेशान करती है. इस बारे में दिल्ली की फेमस डॉक्टर सुनीता चौधरी के मुताबिक यह दिक्कत शरीर और दिमाग के बीच बनने वाले सिग्नल मिसमैच की वजह से होती है. आइये जानते हैं इसकी सबसे बड़ी वजह क्या है?

शरीर और दिमाग के बीच कैसे होता है कन्फ्यूजन

डॉ. सुनीता चौधरी ने बताया कि जब हम सफर में होते हैं तो हमारा शरीर लगातार मूव करता है, लेकिन अगर हम फोन देखने लगें या किताब पढ़ें, तो आंखों को लगता है कि शरीर स्थिर है. वहीं, कान और शरीर दिमाग को मूवमेंट का संकेत देते रहते हैं. इसी कारण दिमाग भ्रमित हो जाता है और उल्टी या चक्कर जैसी परेशानी शुरू हो जाती है.

महिलाओं में ज्यादा होती है यह समस्या

डॉक्टर सुनीता के अनुसार महिलाओं में मोशन सिकनेस ज्यादा देखने को मिलती है. इसकी एक वजह हार्मोनल बदलाव भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि एक रिसर्च में पाया गया कि नाव में सफर करने वाले करीब 32 प्रतिशत लोगों को मोशन सिकनेस और 6 से 8 प्रतिशत लोगों को एंग्जायटी महसूस हुई थी.

सफर के दौरान यहां बैठना है बेहतर

डॉ. चौधरी ने बताया कि सही सीट चुनने से भी काफी राहत मिलती है. कार में आगे की सीट, नाव में बीच का हिस्सा और हवाई जहाज में विंग्स के पास बैठना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा खिड़की के पास बैठने और खुली हवा मिलने से भी परेशानी कम होती है.

फोन और किताबें बढ़ा सकती हैं परेशानी

उन्होंने सलाह दी कि यात्रा के दौरान बाहर के दृश्य देखते रहना चाहिए. लगातार फोन देखने या किताब पढ़ने से मोशन सिकनेस बढ़ सकती है. अगर नजर बाहर के स्थिर दृश्यों पर रहे तो दिमाग को कम भ्रम होता है.

खाने-पीने में रखें सावधानी

डॉक्टर ने बताया कि सफर से पहले भारी खाना नहीं खाना चाहिए, लेकिन खाली पेट यात्रा करना भी सही नहीं है. हल्का भोजन करना सबसे बेहतर रहता है. नींबू और अदरक जैसे घरेलू उपाय भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

कुछ लोग सफर से पहले उल्टी रोकने वाली दवाइयां लेते हैं. डॉ. चौधरी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा ली जा सकती है. बिना सलाह के दवा लेने से ज्यादा नींद या सुस्ती जैसी समस्या हो सकती है.

ट्रेन में कम होती है मोशन सिकनेस

डॉ. सुनीता चौधरी के मुताबिक ट्रेन में लोगों को यह परेशानी कम होती है. क्योंकि ट्रेन की गति एक समान रहती है और उसमें हवा का अच्छा इंतजाम होता है. सड़क की तरह लगातार झटके नहीं लगते हैं. इसलिए शरीर को ज्यादा परेशानी महसूस नहीं होती है.

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